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कंट्रोल ब्लास्ट के जरिए अंतिम ढाई मीटर की चट्टान ढहाई

उदयपुर , 2 अगस्त । मोहन लाल सुखाडिया जल अपवर्तन परियोजना के तहत मंगलवार को प्रदेश की सबसे लम्बी 11.05 किलोमीटर लम्बी सुरंग आर पार हो गई। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो की उपस्थिति में सुरंग की खुदाई में जुटे कोस्टल इण्डिया प्रा.लि.कंपनी के तकनीकी कर्मचारियो ने कंट्रोल ब्लास्टिंग के जरिए शेष बची ढाई मीटर चट्टान को ध्वस्त कर इस सुरंग को आर पार कर दिया ।

इस तरह पिछले करीब चार सालो से चल रहा इस सुरंग की खुदाई का कार्य पूरा हो गया ।

इस सुरंग के जरिए आगामी वर्ष से गुजरात की ओर व्यर्थ बहकर जाने वाला पानी उदयपूर की झीलों में लाया जा सकेगा।

इससे झीलों की नगरी उदयपूर की झीलों को सदैव पानी से लबालब रखा जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर उदयपूर व आस पास के 104 गांवो में पिने के पानी की कमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी ।

मुख्य सुरंग के नाम से जाने जानी वाली इस 11.05 लम्बी सुरंग से आकोदडा बांध का पानी उदयपूर की झीलों तक पहुँच ने का मार्ग साफ हो गया है।

परियोजना के तहत निर्मित आकोदडा बांध की भराव क्षमता 302 फीट एम् सी ऍफ़ टी है।

लिंक टनल का काम बाकी:हे मोहन लाल सुखाडिया अपवर्तन परियोजना के तहत अब मादडी बांध से 1.21 किलोमीटर की लिंक टनल का काम अभी अधूरा पडा है। परियोजना के तहत आकोदडा बांध के अलावा मादडी बांध का निर्माण भी कराया गया था। लिंक सुरंग के जरिए मादडी बांध का पानी भी मुख्य सुरंग तक पहुचाने की योजना है। मादडी बांध की भराव क्षमता 85 एम सी ऍफ़ टी है। इस टनल का कार्य भी पचास प्रतिशत पूरा हो चुका हैं।

इस परियोजना पर अब तक करीब 237.19 करोड रूपये खर्च हो चुका है।

परियोजना का सत्तर प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। शेष बचा काम भी आगामी चार पांच माह में पूरा होने की उम्मीद ह

 

 

 

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