उदयपुर। शहर में पिछले कई दिनों से 25 दिसंबर को उदयपुर बंद व संगठनों द्वारा रैली के आयोजन की अफवाह चल रही है। जबकि उदयपुर बंद व् किसी भी तरह की रैली के आयोजन के लिए किसी भी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली। संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार यह सिर्फ कुछ शरारती तत्वों की शरारत है जो व्हाट्सअप पर इस तरह का मेसेज वायरल कर रहे है। पुलिस अधीक्षक ने भी बताया की ना तो किसी संगठन द्वारा बंद का आव्हान किया गया ना ही किसी संगठन द्वारा रैली निकालने की जिम्मेदारी ली है।
राजसमंद में हुए हत्याकाण्ड के बाद से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है। अफवाहों के चलते शहर में तनाव की लकीरें हर एक आम आदमी के चेहरे पर नज़र आती है। . पहले 8 दिसम्बर को मुस्लिम समाज द्वारा राजसमन्द ह्त्या काण्ड के विरोध में जुलुस जिसमे आपत्तिजनक नारे लगाए जाना उसके बाद 14 को 144 धारा और हिन्दु संगठनों द्वारा निकाली गयी रैली के बाद हुए उपद्रव की घटना में इन्ही अफवाहों की मुख्य भूमिका रही है। शरारती तत्वों द्वारा व्हात्सप ग्रुप में भड़काऊ मेसेज चलाना रैली और बंद का आव्हान करना इसमें शामिल है। पिछले कई दिनों से 25 दिसंबर को रैली निकाल आपत्तिजनक नारों का विरोध प्रदर्शन का मेसेज वायरल होने से हर आम शहरवासी के मन में बस एक ही बात छाई हुई है आखिर 25 को कोन बंद करवा रहा है ? कोन रैली निकाल रहा है ? शहर में हर कोई एक दुसरे से ये बात पूछ रहा है। इधर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि शहर में ना तो किसी संगठन द्वारा कोई रैली निकाली जा रही है ना ही किसी संगठन द्वारा बंद का आव्हान किया गया है। बजरंग सेना के कमलेन्द्र सिंह पंवार ने भी बताया कि शहर में शांति है, 25 को किसी भी संगठन द्वारा रैली नहीं निकाली जायेगी इसकी जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। कमलेन्द्र सिंह पंवार ने कहा कि यह सिर्फ कुछ शरारती तत्वों की शरारत है जो किसी ना किसी तरह शहर में तनाव की स्थिति पैदा करना चाहते है। मुस्लिम महासंघ के प्रदेश संयोजक के आर सिद्दीकी ने भी बताया कि 25 दिसंबर को कोई भी किसी तरह का बंद नहीं है बस कुछ लोगों की शरारत है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को ऐसे अफवाह फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कारवाई करनी चाहिए।

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