Udaipur . विज्ञान कितना भी तरक्की कर ले लेकिन अंधविश्वास की बेड़ियों ने आज भी हमें ऐसे ही जकड़ा हुआ है . यह अंधविश्वास कई बार मासूमों की मौत का कारण बन जाता है . यह अंधविश्वास सिर्फ गावों में ही नहीं शहरों में भी आज तक अपने पैर पसारे हुए है . एसी ही एक घटना राजस्थान के राजस्थान के भीलवाडा जिले में हुई जिसमे सिर्फ इस अंधविश्वास के चलते एक मासूम कि जान चली गयी .
भीलवाड़ा जिले में दिवाली पर पीहर आई बेटी के चार माह के नवजात बेटे बादल को निमोनिया व सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल ले जाने के बजाय नाना नंदा भील ने ही तार गरम कर मासूम के कलेजे पर तीन जगह डांव लगा दिया।

करीब 12 दिन पहले लगाए डांव से गत रात बादल की हालत बिगड़ी तो उसे काछोला अस्पताल ले जाया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे भीलवाड़ा रैफर किया गया, जहां करीब सात घंटे उपचार के बाद बालक ने दम तोड़ दिया।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के साथ ही शक्करगढ़ पुलिस ने भी अस्पताल पहुंच घटना की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि जिले में अंधविश्वास के चलते ढाई साल में करीब 20 बच्चों को डांव लगाया गया, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है।

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