उदयपुर, । जिला व ब्लाॅक स्तर पर बुधवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ द्वारा डाटर्स आर प्रीसियस अभियान के अंतर्गत डेप संवाद -2 का महा-आयोजन कर जागरुकता उत्सव के रूप में मनाया गया। इस दिन जिले की लगभग 180 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में उदयपुर जिले के इतिहास में पहली बार प्रशिक्षित डेप रक्षकों द्वारा एक दिन-एक साथ-एक समय में लगभग 80 हजार से अधिक युवाओं को बेटी बचाओ का संदेश वृहद्व स्तर पर दिया गया। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 11ः30 बजे एक साथ-एक समय सभी प्रतिभागियों द्वारा राष्ट्रगान जन-गण मन गाया गया। कार्यक्रम में बच्चों को कन्या भू्रण हत्या पर बनाई गई कई मार्मिक चलचित्रा दिखाए गए, जिसे देखकर कई छात्राओं की आंखें छलक उठी।
जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निदेषक बैरवा ने कहा कि बेटियां इस जहा की जहान है बेटियों का महत्व तो ऐतिहासिक है जिसे हमें भुलना नहीं चाहिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संजीव टांक ने ने कहा कि बेटियों के बिना इस सृष्टि की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसलिए हम सब की जिम्मेदारी बनती हैं कि हमें बेटियों को हर हाल में बचाना हैं तथा जितनी खुशी लडके होने पर करते हैं उतनी ही खुशी बेटी होने पर भी करे। एडिषिनल सीएमएुचओ डा रागिनि अग्रवाल, आरसीएचओ डा अषोक आदित्य ने स्कूलों में बेटियों के महत्व व भ्रण हत्या निशेद है के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बेटियां दो परिवारों का मान बढाती हैं तथा जिस घर की महिलाऐं शिक्षित होगीं वह परिवार स्वतः ही शिक्षित हो जाएगा। यदि हमारी बेटियों को आगे बढने का मौका मिले, तो बेटियांें ने भी अपने गांव, राज्य, देश और माता पिता का नाम हर क्षेत्र में रोशन किया है। भारत में हजारों-लाखों ऐसी बेटियां है, जिनकी पहचान किसी की मोहताज नहीं है। उन्होंने बताया कि अब बेटियां माता पिता, समाज पर बोझ नहीं है। लोगों की इस सोच में बदलावा आया है, लेकिन फिर भी बेटियों का कोख में कत्ल किया जा रहा हैं। कन्या भू्रण हत्या व अवैध लिंग परीक्षण पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक होना पडेगा। उन्होंने बताया कि गर्भ में कन्या भू्रण की हत्याएं होते रहने से भविष्य में इसका दुष्प्रभाव समाज के हर वर्ग को को भुगतना पड़ेगा। हमें लोगों की सोच को बदलना होगा, जो बेटों की चाह में बेटियों का तिरस्कार करते हैं। हमें लोगों को बताना होगा कि बेटियां एक नहीं, दो परिवारों को रोशन करती हैं। इसके लिए कार्यक्रम के तहत संचालित मुखबिर की सूचना के आधार पर किये जा रहे डिकाॅय आॅपरेशन में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समारोह के अंत में सभी डेप रक्षकों ने जिले के हजारों विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी भू्रण लिंग परीक्षण नहीं कराने की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि भू्रण लिंग जांच जैसे घिनौने कार्य में लिप्त चिकित्सक व दलालों की सूचना टोल फ्री नंबर 104 अथवा 108 टोल फ्री नम्बरों पर देनी चाहिए। उन्होंने मुखबिर योजना के तहत दी जाने वाले 2.5 लाख रुपए की राशि के बारे में जानकारी दी।
जिले के डेप रक्षकों ने निभाई जिम्मेदारी- जिले में बेटियां अनमोल है कार्यक्रम के दौरान जिले से बनाए गए डेप रक्षकों में जिला स्तर से डा अलका, डा षैलेन्द्रा, डा आकांषा, वैभव सरोहा, गोवर्धनसिंह राव, नीतीषा सैडिक, मनीषा भटनागर, अनुप साहनी समेत अरबन पीएचएम, ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कार्मिक आदि ने बेटी बचाओं और भू्रण लिंग जांच नही कराने के संदेश को छात्रा-छात्राओं तक पहुंचाया।

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