उदयपुर। पांच साल राज करने के बाद भाजपा जैसे ही सत्ता से दूर हुई विपक्ष के रूप में अपना पहला प्रदर्शन को अंजाम देते हुए सड़क पर आगई। राफेल मामले में तथ्य हिन् आरोप लगाने को लेकर जिला कलेक्ट्री पर भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। पदर्शन में शहर और ग्रामीण विधायक भी मोजूद थे। कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की बाद में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
राजस्थान प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपने विपक्ष की शुरुआत राफेल मुद्दे पर धरना देकर की। राफेल के मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर की गयी टिप्पणियों के विरोध में बीजेपी ने पूरे प्रदेश में धरना . प्रदर्शन कर राहुल गांधी से माफी मांगने की बात की है। इसी कड़ी में उदयपुर में भी बीजेपी के नेता इस मामले पर कांग्रेस को घेरने के लिए पूर्व गृहमंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्री कार्यालय के बाहर पंहुचे। इस दौरान बड़ी तादाद में बीजेपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्री के बाहर मोजूद रहे। धरने के दौरान बीजेपी के नेताओं ने अपने . अपने उद्बोधन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला । बीजेपी के नेताओं का कहना है की राहुल गांधी ने राफेल के मामले को लेकर झूठ और अमर्यादित टिप्पणियों का उपयोग कर मिथ्या आरोप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगाये है। यही नही इस मुद्दे पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी को क्लीनचीट दे दी है। ऐसे में बीजेपी के नेताओं ने मांग की है कि राहुल गाँधी को इस मामले पर जल्द से जल्द पीएम मोदी से माफी मांगनी चाहिए। इस मोके पर उदयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहर विधायक कटारिया ने साफ किया की एक जिम्मेदार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अमर्यादित है। बांसवाड़ा की सभा के दौरान जिस तरह से राहुल ने चोकीदार चोर कहते हुए देश के प्रधान सेवक पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है इस पर उन्हें तुरन्त माफी मांगनी चाहि वहीं कटारिया ने कहा की अगर 26 दिसम्बर तक किसानों की कर्जमाफी नहीं होती है तो वे 27 तारीख से आन्दोलन करेंगे। कटारिया ने कहा की सत्ता में आने के लिए जिस तरीके से जनता को मुर्ख बनाया है। यही नहीं कांग्रेस के लोगों द्वारा कर्जमाफी के रुपयों को लेकर किसी भी तरीके से हिसाब किताब नहीं लगाया है सिर्फ सत्ता में आने के लिए एक झूठा वादा किया है।
धरने के दौरान आमेर विधायक सतीश पुनिया, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीना, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट। परस सिंघवी, किरण जैन सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मोजूद थे।

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