पोस्ट न्यूज़ . रिश्वत लेना मानो आजकल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का हक बन गया हो हर छोटे मोटे काम के लिए रिश्वत और कमीशन तो इसे मांगते है जैसे सरकार ने इन्हें इसके लिए अधिकार दे रखे हों . शुक्रवार को राजस्थान में हनुमानगढ़, डूंगरपुर बांसवाड़ा में रिश्वत के तीन मामले सामने आये .

बांसवाड़ा : सब्जी के सप्लायर से रिश्वत लेते प्राचार्य गिरफ्तार
बांसवाड़ा | गढ़ीउपखंड के खोड़न गांव में भीमराव अंबेडकर बालिका आवासीय विद्यालय के प्राचार्य हीराचंद नायक को एसीबी ने 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा। प्राचार्य यह राशि छात्रावास में सब्जी सप्लायर को धमकाकर ऑनबिल बनवाकर पास करने के बाद ले रहा था।
डूंगरपुर में ऑडिट के बदले मांगी रिश्वत, 2 हजार में से 1500 लौटाए
डूंगरपुर | सर्वशिक्षा अभियान में ऑडिट कराने के बदले में रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को डीईओ कार्यालय में शिक्षक नेताओं ने रिश्वत लेने का विरोध करते हुए यह राशि लौटाने की मांग की। लेखाधिकारी अशोक जैन का रिश्वत लेने के बाद रुपए गिनते हुए एक फोटो वायरल हुआ था। डीईओ ने जांच के आदेश दिए हैं।

रावतसर (हनुमानगढ़र) | एसीबीबीकानेर ने शुक्रवार को एएसआई जगदीश सिंह को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह राशि जमीन पर कब्जा दिलाकर बिजाई करवाने के एवज में ली जा रही थी। एएसपी रजनीश पूनिया ने बताया कि सरदारपुरा खालसा निवासी दिलीप मेघवाल ने एसीबी में 5 दिन पहले जमीन विवाद को लेकर शिकायत की थी। उसने एसडीएम के यहां इस्तगासा पेश किया था तो एसडीएम ने जांच रावतसर पुलिस को सौंप दी।
विपक्षियों ने भी उसके खिलाफ थाने में शिकायत की थी। दोनों मामलों की जांच एएसआई जगदीश सिंह कर रहे थे। दिलीप ने बताया कि एएसआई उसके खिलाफ कार्रवाई करने कब्जा दिलाने के नाम पर एक लाख रुपए रिश्वत मांग रहा था।

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