उदयपुर। शहर के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को ध्यान रखना चाहिए कि शहर में हेलमेट की चेकिंग सिर्फ आम जनता के लिए है। रोकना, चालान बनाना, डंडा दिखाना, यह सारे के सारे नियम कायदे सिर्फ और सिर्फ आम जनता के लिए है। किसी भी सत्ताधारी नेता या कार्यकर्त्ता जो सत्ता पक्ष का हो उसके लिए कोई क़ानून नियम कायदे नहीं है। उनके लिए “भाईसाब” ने जो नियम बनाये है वही मान्य है। यह बात कोई हम अपनी मर्जी से नहीं कह रहे इस वीडियो में खुद सुन लीजिये खुद वार्ड ८ की पार्षद महोदया आभा आमेटा ही बोल रही है। आज हेलमेट चेकिंग के दौरान मल्ला तलाई चौराहे पर उन्हें रोका तो महोदया को एक बार फिर गुस्सा आगया और उन्होंने साफ़ तौर पर कह दिया कि “चाहो तो भाईसाब से बात कर लो मै नहीं पहनुंगी हेलमेट”। ( “भाईसाब” कोन है गृहमंत्री जी, पुलिस अधीक्षक जी या त्घाना अधिकारी जी हमे नहीं पता )
शनिवार सुबह अम्बामाता थाना क्षेत्र में मल्ला तलाई चौराहे पर पुलिस जाब्ता रोज़ की तरह हेलमेट के लिए नाका बंदी और धरपकड़ हो रही थी। थानेदार साहब ने इस दौरान वार्ड आठ की पार्षद आभा आमेटा को एक बार फिर हेलमेट नहीं लगाने पर रोका और हेलमेट नहीं लगाने के लिए चालान की बात कही तो मेडम फिर से गुस्सा हो गयी। एसपी से लेकर गृहमंत्री तक का वास्ता बिच में आगया। पुलिस कर्मियों से अपने माहतहतों की तरह बात करती रही सो अलग। आखिर थानेदार साहब ने भी सिर्फ नसीहत दे कर या सुन कर उन्हें जाने देने में भलाई समझी। क्यूँकि अभी कुछ दिन पहले भी यही पार्षद महोदया को इसी चौराहे पर रोकना थानेदार साहब को भारी पड गया था और पार्षद महोदया सत्तापक्ष के पार्टी के कई पदाधिकारियों के साथ थाने पर पहुच गयी और हेलमेट नहीं लगाने का लाइसेंस ले कर आगई। चलो कोई बात नहीं ये जनप्रतिनिधि है जो जनता द्वारा चुने जाते है ,.. यह पहले हाथ जोड़ कर वोट जनता से मांगते है जनता भरोसा कर के इन्हें जीत दिलवाती है और फिर यह आम जनता के ऊपर उठ जाते है और इन्हें अपनी ताकत का एक नशा सा हो जाता है .ये चाहे जिस पार्टी के हो .फिलहाल वार्ड पार्षद आभा आमेटा को बधाई उन्हें भाईसाहब ने हेलमेट लगाने के लिए छूट दे रखी है।

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