उदयपुर। प्रदेश में नई सरकार बनने के साथ ही प्रशासनिक हल्कों में फेरबदल के चलते उदयपुर में भी पहले अधिकारी के रूप में पहली महिला कलेक्टर आनंदी ने गुरूवार को पदभार संभाला। चार दशकों में यह पहला मौका होगा जब किसी महिला कलेक्टर को उदयपुर में लगाया गया है। आनंदी के उदयपुर पहुंचने पर महकमे के अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर सहित मीडियाकर्मी मौजूद थे। आनंदी ने पदभार संभालने के बाद प्रेस से बातचीत करते हुए उनकी प्राथमिकताओं को सबके सामने रखा। उनका कहना था कि झीलों की नगरी उदयपुर की दुनिया भर में अलग ही पहचान है। इस पहचान को बनाए रखने के साथ . साथ यहां की समस्याओं से कैसे निपटा जाए और इस खूबसूरत शहर को और कैसे खूबसूरत बनाए जाए इस संदर्भ में आगे कार्य किया जाएगा। लोगों की समस्याओं को समझने के बाद उनके निस्तारण के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उदयपुर में पहली बार महिला कलेक्टर लगाए जाने के सवाल पर आनंदी ने कहा कि महिलाओं के लिए विशेषतौर पर अलग से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने इस बात को भी स्वीकारा कि कहीं ना कहीं महिलाओं में पिछड़ापन रहा है। इस मौके पर आनंदी ने यह जरूर कहा कि जहां- जहां उनकी पोस्टिंग रही है वहां पर अधिक से अधिक महिलाओं के लिए काम करने का प्रयास किया गया है लेकिन ऐसा नहीं है कि पुरुषों के लिए काम नहीं हुआ है। उदयपुर के आदिवासी अंचल को लेकर आनंदी ने यह जरूर कहा कि पहली बार उनकी पोस्टिंग इतने बड़े आदिवासी अंचल क्षेत्र में हुई है। इसलिए पहले वहां की समस्याओं को समझना पड़ेगा और उनके निस्तारण के लिए जिस तरह से जो प्रयास होंगे वह किए जाएंगे। श्रीमती आनंदी ने यह भी कहा कि वह अपने समय में से अधिक से अधिक समय आदिवासी अंचल क्षेत्र के लिए देकर उनको समझने की कोशिश करेगी उसके बाद वहां के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे।

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