हज का फर्ज अदा करने मक्का-मदीना जाने वाले संभाग के 292 सहित प्रदेश के करीब 5700 यात्रियों के सफर का सिलसिला बुधवार रात 11.25 बजे से शुरू हो जाएगा।
पहली फ्लाइट जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट से जद्दा सउदी अरब के लिए उड़ान भरेगी, जिससे शहर के 18 सहित संभाग के 35 यात्री सउदी अरब जाएंगे। राजस्थान के हाजियों के लिए जयपुर से 19 उड़ानें 1 अगस्त से 16 अगस्त तक भरेंगी। हज का फर्ज अदा कर वतन लौटने का सिलसिला 12 सितंबर को शुरू होगा। वापसी की फ्लाइट मदीना से जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट आएगी। आखिरी फ्लाइट 25 सितंबर को आएगी। बता दें कि केंद्रीय हज कमेटी ने इस बार हज यात्रा का समय 41 से 43 दिन का तय किया है। सक्का ने बताया कि यात्रियों को ‘हेल्थ वेक्सीनेशन एंड ओपीडी बुकलेट’ साथ लेकर जाना होगा। बुकलेट में हृदयाघात, ब्लड प्रेशर, मानसिक रोग, शुगर जैसे बीमारियों की जांच और इलाज की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा है ताकि सउदी सरकार को यात्रियों की जांच-पड़ताल में आसानी होगी। आपात स्थिति में मदद भी तुरंत की जा सकेगी। इसकी गाइडलाइन हज कमेटी ऑफ इंडिया ने भी जारी कर रखी है।
हज यात्रियों को गाजे-बाजे के साथ किया रवाना
इससे पहले मंगलवार को यात्रियों का मुस्लिम मुसाफिर खाने में इस्तकबाल किया गया। गाजे-बाजे के साथ विदाई दी। हज कमेटी के उदयपुर जिला संयोजक जहीरुद्दीन सक्का ने बताया कि पहली बार हज यात्रियों को फ्लाइट की तारीख से दो दिन पहले ही हज कमेटी आॅफ राजस्थान के हज हाउस कर्बला जयपुर को ऑनलाइन या आॅफलाइन सूचना देनी होगी ताकि न जाने वाले यात्रियों की समय पर जानकारी मिल सके।
इसलिए करते हैं हज, यहां-यहां इबादत में मशगूल रहेंगे यात्री
अंजुमन तालिमुल इस्लाम के मौलाना जुलकरनैन बताते हैं कि इस्लाम धर्म के पांच स्तंभ हैं। इसमें अल्लाह को एक और निरंकार मानना, नमाज, रोजा, जकात और हज शामिल हैं। इन फर्जों का जिसके ऊपर हक पहुंचे उनको करना जरूरी है। बता दें, यात्री वहां सफा-मरवा घाटियों, पहाड़ियों, मकामे इब्राहिम, संग-ए-असवाद, हतीम, काबा शरीफ के इर्द-गिर्द सभी इबादत स्थलों पर इबादत में मशगूल रहेंगे। जिसके तौर-तरीके, आने-जाने आदि का प्रशिक्षण ले चुके हैं।

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