उदयपुर। कोरोना वायरस को लेकर पूरा देश एक तरह से जंग लड़ रहा है । जहां एक तरफ देश में केंद्र की सरकार के साथ साथ राज्य की सरकारें भी कोरोना से मुकाबला करने के लिए अपने अपने स्तर पर तैयारी कर चुके है । तो वहीं दूसरी तरफ हर विभाग, संस्था भी इस वायरस से लड़ने के लिए मुस्तैद खड़े दिखाई दे रहे है। इस सब के बिच इस सबसे बड़ी जंग में फ्रंट फुट पर जाबाजो की तरह खड़े है हमारे देश के डॉक्टर और मेडिकल कर्मी । कोरोना वायरस से लड़ाई की इस जंग में अपनी तरह से पूरी तैयारी कर खड़ा है मेवाड़ का प्रतिष्ठित मेवाड़ ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल। उदयपुर शहर के बेदला में स्थित मेवाड़ ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल कोरोना से पूरी तरह बचाव करते हुए अपने मरीजों को पूरी तरह से सुरक्षित कर उनके इलाज में उनको दर्द से राहत दिलाने में जुटा हुआ है । करोना वायरस रहित रखने के लिए मेवाड़ हॉस्पिटल का हर डॉक्टर हर मेडिकल कर्मी पूरी तरह मुस्तैदी से अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहा है। मेवाड़ के डायरेक्टर डॉ मनीष छापरवाल का कहना है कि हमारे लिए ये वक़्त दुगुनी जिम्मेदारी का वक़्त है और इसको हम पूरी मुस्तैदी से निभा रहे है। हमारे यहां मरीज़ अपने हड्डियों का मर्ज लेकर आते है दर्द से राहत पाने के लिए और हम उनका पूरा खयाल रखते है । छापरवाल कहते है कि अब जब कि एक तरफ पुरे देश में कोरोना वायरस का डर है ऐसे में हम मरीजों उनके परिजनों का और ज्यादा खयाल रख रहे है। छापरवाल कहते है कि हमारे यहाँ हड्डियों से जुडी समस्याएँ लेकर सेकड़ों मरीज़ रोज़ आते है। ऐसे वक़्त में हमे उनका कोरोना वायरस से सुरक्षित भी रखना है और उनकी हड्डियों से जुडी समस्याओं का निराकरण भी करना है।
मेवाड़ हॉस्पिटल में इंटर होते ही यहां हर व्यक्ति का पूरी तरह से ध्यान रखा जाता है सेनेटाइजर मास्क यहाँ सबके लिए अनिवार्य कर रखा है। छापरवाल बताते है कि हमारा अस्पताल एक तरह से करोना वायरस रहित है। दिन भर में लगातार पूरे अस्पताल को यहां के कर्मी परिसर को आइसोलेट करते रहते है । जगह जगह सेनेटाइजर रखे हुए है । यहां आने वाले मरीज़ और उनके परिजनों भी विशेषज्ञों की देख रेख में रहते हैं कि कहीं कोई करोना के कुछ लक्षण सर्दी खासी जैसे भी तो नहीं । यहां के ऑपरेशन थिएटर भी पूरी तरह वायरस रहित रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही है। मनीष छापरवाल का कहना है कि हमारा ध्येय है कि ज़िन्दगी दर्द रहित हो और इसके लिए हम हर हाल में हर समय प्रतिपद्ध है। यह एक ऐसी घडी है जब हम को मिल कर इस वायरस का सामना करना है अपने मरीजों का ख्याल भी रखना है। करोना से बचना भी है और लोगों को उनके मर्ज का सही इलाज भी देना है वह भी सही वक़्त में । मनीष छापरवाल का कहना है कि ऑर्थोपेडिक समस्या ऐसी होती है जिसके दर्द में कोई भी व्यक्ति चेन से नहीं बैठ सकता और ऐसे वक़्त में हम दर्द से कराहत मरीजों को छोड़ हम घर नहीं बैठ सकते इसलिए हमने तय किया है कि हम कोरोना का मुकाबला भी करेगें अपने मरीजों का बचाव भी करेगें और उनका सही वक़्त में इलाज भी करेगें।
शायद ऐसे ही मुस्तेद और अपने काम के प्रति समर्पित डॉक्टरों के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के वक़्त जनता से ताली थाली बजा कर इनका अभिवादन करने का आग्रह किया है।

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