उदयपुर। उदयपुर विधानसभा की सीटों को लेकर भाजपा में जम कर कोहराम मचा हुआ है। हर समाज के प्रतिनिधि अपने अपने जाती के प्रत्याशी की मांग कर रहा है। ऐसे में भाजपा की नेता अर्चना शर्मा ने गुलाबचंद कटारिया धर्म नारायण जोशी और मांगीलाल जोशी पर ब्राहमणों की पेरवी नहीं करने पर जो बयान दिए उससे भाजपा में जबर्दस्त उबाल आगया है। भाजपा से जुड़े ब्राहमण नेता खुल कर सामने आगये है।
भारतीय जनता पार्टी के षीर्श नेतृत्व ने रणकपुर में गहन बैठककर अपने – अपने क्षेत्र के प्रत्याषियों के नाम कार्यकर्ताओं से मांगे, थे जहां हर समाज का भाजपाई पंहुचा लेकिन ब्राह्मणों का नेतृत्व करने वालों के नहीं पंहुचने से समाज में काफी रोष उभर कर सामने आया है। ब्राह्मण समाज से जुड़े भाजपा के लोगों में यही चर्चा रही कि आखिर कहां है हमारा नेतृत्व करता। जाहिर से बात है प्रदेश की दौ सो विधान सभा सीटों में से कहीं ने कहीं से तो दावेदारी करने के लिए ब्राह्मणों की ओर से नाम देना ही चाहिए था, लेकिन वहां पर किसी न किसी की पैरवी नही की। यह अलग बात है कि राजपूत, जैन, एसटीएसी आदि सभी समाजों के दिग्गज रणकपुर पंहुचे और अपनी अपनी जाति की पैरवी की। इस पूरे मामले में ब्राहम्णों की नेता अर्चना शर्मा ने बताया कि अब ब्राहम्णों के पास बरगद की छांव नहीं रही। आज भानुजी या विजयजी श्रीमाली होते तो हमारे को यह दिन नहीं देखने को मिलता है। धर्मनारायण जी अपने टिकिट से आश्वत है इसलिए वह पैरवी नहीं करना चाहते। मांगलाल जी जोषी भी ब्राह्मणों की जाजम पर तो पैरवी करते है लेकिन यहां क्यूं नहीं आए हम तो इनके पीछे ही है ना अगर फिर भी यह लोग अपने ही लोगों की पैरवी नहीं करेंगे तो फिर कटारिया जी से क्यूं दुष्मनी रखे। हमारी मर्जी होगी जिसके साथ रहेंगे और चलेंगे। अर्चना शर्मा की माने तो जब कोई ब्राह्मण नेता उन्हें नहीं दिखा तो उन्होंने उदयपुर शहर से खुद की दावेदारी के दस्तावेज जिम्मेदारों के सामने पेश किए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रजनी डांगी हो किरण जैन हो या कोई और महिला भाजपा नेता हो वह सभी से सीनीयर है और अब तक चार चुनाव भी जीत चुकी है। इस पूरे मामले पर जब मांगीलाल जोशी से बात की तो उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि ब्राह्मणों के नेता और विप्र फाउण्डेषन के राश्ट्रीयध्यक्ष धर्मनारायण जोषी को नहीं बुलाया गया। मैंने पहले भी कहा था कि मेरा बीजेपी से मोहभंग हो चुका है । धर्मनारायण जी का क्या है यह मे नहीं कह सकता, लेकिन ब्राह्मण नेता का अपमान पूरे समाज का अपमान है। मैने कभी भी ब्राह्मण समाज की राजनीति नहीं की है। विप्र फाउण्डेषन के राश्ट्रीयध्यक्ष धर्मनारायण जोषी ने कहा कि उनके परिवार में दामाद जी की मौत हो जाने की वजह से वह रणकपुर नहीं जा पाए और इसलिए उनको तत्काल गांव जाना पड़ा। कुछ दिनों में ही ब्राह्मण समाज के उम्मीदवारों की पैरवी की जाएगी जो आप भी देख लेना।
वैसे यह बात भी काफी चर्चा में हैकि धर्मनारायण जोषी का टिकिट फाइनल है इसलिए वह कुछ बोलना भी नहीं चाह रहे है कभी कटारिया के धूर विरोधी रहे धर्मनारायण जी इन दिनों उनके साथ भी देख जा रहे है। हो सकता है खिलाफत नहीं करना ही उन्हें टिकिट दिला जाए, वरना खिलाफत करने वाले तो हाषिए में चले गए है यह तो सभी जानते है।
इधर संभागभर के ब्राह्मण नेताओं में खलबली मच गई हैं। शनिवार शाम को विप्र फाउण्डेषन की आपात बैठक निम्बार्क परिसर में आहूत की गई जिसमें दोनो ही पार्टियों में ब्राह्मण नेताओं के पैरवी करने के लिए रणनीति बनाई गई, वहीं वल्लभनगर में पूर्व विधानसभा चुनावों में भाजपा से प्रत्याषी रहे गणपत मेनारिया ने अर्चना शर्मा का खुलकर समर्थन करते हुए धर्मनारायण जिशी और मांगीलाल जोशी को जमकर विरोध किया। उन्होंने साफ किया कि वल्लभनगर क्षेत्र ही नहीं समाज के सत्तर संगठनों का नेतृव्त वह कर रहे हैं। पिछली बार जो मुझे टिकिट दिया लेकिन धर्मनारायण जोशी ने मेरा विरोध किया, वहीं मांगीलाल जोशी भी खुद के एक बार अंदर झांककर देखे। इन दोनो ही नेताओं ने कभी भी ब्राह्मणों का भला नहीं किया है सिर्फ अपनी कुर्सी पाने के लिए ही राजनीति की है। मैं ऐसे नेताओं का बहिश्कार करता हूं। अर्चना षर्मा ने मेरे साथ पूरे समाज की आंखे खोली है।

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