उदयपुर। शहर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर मरीज के परिजनों ने सनसनी ख़ेज़ आरोप लगाया की उनकी बिना अनुमति के महिला मरीज का गुर्दा निकाल लिया गया और बहाना अब ट्यूमर का बना रहे है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार परिजनों को जानकारी में लेकर ऑपरेशन किया गया है। मामले की सुखेर पुलिस जांच कर रही है।
शहर के सुखेर स्थित शर्मा हॉस्पिटल में तब हंगामा हो गया जब अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के परिजनों को पता चला की उसकी किडनी निकाल दी गयी है। इस बात को लेकर परिजनों ने जम कर हंगामा किया मोके पर पुलिस भी पहुंच गए। जानकारी के अनुसार गंगापुर निवासी रईसा बानू को सोमवार को कांकरोली के शर्मा हॉस्पिटल से उदयपुर के शर्मा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। मरीज के परिजनों का कहना है कि रईसा के ट्यूमर के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाल दी और इस बात की जानकारी हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा नही दी गयी। अगर पहले जानकारी होती तो हम आॅपेरशन ही यहां नहीं करवाते और रईसा को कहीं ओर ले जाते। परिजनों ने बताया की आॅपरेशन के बाद देर रात शर्मा हाॅस्पिटल के मालिक हमारे साथ रहे लेकिन उन्होंने हमे कोई जानकारी नहीं दी और सुबह होते ही कहा कि किडनी निकालनी पड़ी हमारे भोलभाले दामाद से कुछ भी लिखवा लिया और हस्ताक्षर करवा दिए। जो सही नहीं है। इधर अस्पताल प्रबंधन ने सारे आरोप नकारते हुए कहा है कि पहले ही हमने लिखित में परिजनों से कबुलनामा ले लिया था और उसमें यह बात भी मेंशन की गई थी कि मरीज का गुर्दा भी निकालना पड़ सकता है। अब जबरदस्ती परिजन यहां हंगामा कर रहे है। इस पूरे मामले में आॅपरेशन करने वाले डाॅक्टर हनुवंत सिंह राठौड़ ने सारे आरोपों को नकारते हुए कहा मरीज के गुर्दे से जुड़ी हुई गांठ थी और इस टूयमर को निकालने के लिए गुर्दा भी निकालना पड़ा इसकी पूरी जानकारी पहले ही मरीज के परिजन को दे दी गई थी। पति और मां के हस्ताक्षर भी इस मंजूरी पत्र पर है।
परिजनों ने मंगलवार सुबह अस्पताल में हंगामा किया बाद में पुलिस ने आकर स्थिति को सम्भाला और समझाइश की फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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