विश्व आदिवासी दिवस पर उपद्रव की आशंकाओं के बीच पुलिस ने सोमवार को पूरे शहर को छावनी में बदल दिया। चौराहों पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 400 के करीब पुलिस बल तैनात हुआ है। वज्र वाहन, गैस पार्टी, रिजर्व बल सबको किसी भी मुसीबत से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश हैं।

जुलू और हॉक वाहन उनके इलाकों में नियमित गश्त कर रहे हैं। कुल पांच लोगों की राइफल पार्टी भी बनाई गई है, जो वायरलैस के माध्यम से चौराहों पर डटी पुलिस के संपर्क में है। सुबह 9 बजे बाद पुलिस ने बाहर से शहर आने वाले वाहनों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। बाहर से आने वाले डीजे वाहनों पर विशेष नजरें रखी जा रही हैं।

बाहर से आने वाले वाहनों में लोगों के साथ धारदार हथियार और लट्‌ठ लेकर आने वाले लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। आज के दिन पुलिस लाठी और हथियारों के अलावा खुद की सुरक्षा के लिए ढाल लेकर तैयार है। संभवत: सावधानी के तौर पर पुलिस के स्तर पर पहली बार इतनी तगड़ी तैयारियां की गई हैं। ऐसी ही तैयारियां डूंगरपुर शहर में भी की गई हैं।प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत आज आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीसी के माध्यम से बांसवाड़ा और डूंगरपुर के लिए 89.28 करोड़ लागत के 185 कामों का शिलान्यास करना है, जबकि 166.90 करोड़ रुपए लागत के 43 कामों का शुभारंभ होगा। इस कड़ी में बांसवाड़ा में घाटोल, कुशलगढ़ व अरथूना में राजकीय महिला आईटीआई, टेनिस कोर्ट और खेल स्टेडियम के लोकार्प खास होंगे। इसके अलावा जनजाति भागीदारी योजना, सामुदायिक वनाधिकार विकास योजना, हॉकी अकादमी, 34 सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजनाओं के अलावा 109 मां-बाड़ी केंद्र, 20 आंगनबाड़ी केंद्र निर्मा जैसे कार्यों के शिलान्यास शामिल हैं।पुलिस की तैयारियों के तहत नगर परिषद के मुख्य द्वार पर स्थापित बांसिया भील की प्रतिमा को प्राइम जोन माना गया है। यहां पर गांधी मूर्ति, पुलिस कंट्रोल रूम और कुशलबाग मैदान के समीप की जिम्मेदारी डिप्टी एसपी रूपसिंह को सौंपी गई है। मौके पर उनके साथ 20 जवानों का जाप्ता लगाया गया है। इसी तरह मोहन कॉलोनी चौराहे पर अपराध सहायक प्रदीप बिट्‌टू के साथ 12, अंबेडकर चौराहे पर एसआई कन्हैयालाल के साथ 12, कागदी नाके पर एएसआई रघुवीरसिंह के साथ 11, कस्टम चौराहे पर सीआई राजेश पंचाल के साथ 14, लिंक रोड चौराहे पर एएसआई विवेक भान सिंह के साथ 9, प्रताप सर्कल पर सीआई नानालाल के साथ 12, लियो चौराहे पर सदर थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर के साथ 13, दाहोद नाके पर एसआई पूनमचंद्र के साथ 10, खाटूश्याम तिराहे पर एएसआई मोहम्मद शरीफ के साथ 11, किशनपोल गेट पर एएसआई चंद्रवीरसिंह के साथ 3, चंद्र पोल गेट पर एएसआई के साथ 3 जवानों का जाप्ता लगाया गया है।यहां नगर परिषद के सामने बांसिया भील की प्रतिमा स्थल पर आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सख्ती बरती गई। सुबह यहां पर तय कार्यक्रम को प्रशासन ने निरस्त कर दिया। वहीं भाजपा और निर्दलीय पार्षद की ओर से सुबह के समय बांसिया भील प्रतिमा पर माल्यार्प किया गया। इसी तरह भाजपा की ओर से 11 बजे बाद रंगारंग आयोजन होना है। पुलिस की सख्ती को देखते हुए सुबह पौने 11 बजे तक शहर के चौराहों पर सावधानी बरती गई। पुलिस के अधिकारी और जवानों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।शहर में आयोजन को लेकर बरती गई प्रशासनिक सख्ती के बीच आदिवासी नेता पैराफेरी वाले इलाकों में आयोजन को लेकर चिंतन मनन करते देखे गए। हालांकि, आदिवासी एकता के ध्वज टांगे चौपहिया वाहन शहर में घूमते हुए नजर आए। काले कांच लगे वाहनों के भीतर से कुछ लोग पुलिस की मौजूदगी और तैयारियों को भी देखते दिखे। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा की ओर से ग्राम पंचायतों के स्तर पर इस मौके पर आयोजन रखे गए हैं। इसके चलते अभी तक तो हालात सामान्य रहने के संकेत मिल रहे हैं। गढ़ी और अरथूना साइड में बीटीपी का वर्चस्व कुछ ज्यादा है। इसलिए वहां पर भी पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है।

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