मोहम्मद इलियास ( वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान पत्रिका )

उदयपुर . क्या आपके बच्चे मोबाइल पर हिंसक वीडियो गेम खोलते हैं। अगर हां तो आप उन पर नजर रखिये। ये गेम न केवल उन्हें तनाव में ला सकते हैं बल्कि बर्बाद कर सकते हैं। हिंसक pubg वीडियो गेम से शहर के सुखेर क्षेत्र में एक 14 वर्षीय छात्र की जान संकट में आ गई। गेम का लेवल पूरा नहीं होने पर वह इतना तनाव में आ गया कि उसने स्कुल जाना छोड़ दिया। रोका-टोकी से झुंझलाकर उसने घर में तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब उसने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। परिजन जब दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वह बाथरूम में बंद हो गया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, उसकी हालत देख परिजनों व अन्य की रूलाई फूट पड़ी पुलिस ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से छात्र से बातचीत की तो वह पहले कुछ नहीं बोल पाया। बाद में उसने pubg गेम व उसका लेवल पूरा नहीं होने के बारे में बताया तब सब चोंक पड़े बाद में पुलिस व अन्य सभी ने मिल कर उसकी काउंसलिंग की तब जा कर बच्चा सामान्य हो पाया। निजी स्कूल में पढ़ने वाला सांतवी क्लास का यह बालक पढ़े लिखे सभी परिवार का है।

एक माह से खेल रहा था रात में गेम
परिजनों ने बताया कि दो बच्चों में वह छोटा है। वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी हैं। डेढ़ माह पहले किसी रिश्तेदार ने उसे हिंसक pubg वीडियो गेम के बारे में बताया तो वह उसे लगातार खेलने लगा। एक माह से वह मोबाइल पर पूरी-पूरी त । यह गेम को खेल रहा था। विक्की का अलग कमरा होने से परिजनों को पहले इसका पता नहीं चला लेकिन जब वह स्कूल के लिए बहानेबाजी करने लगा तो परिजनों को शक हुआ।उन्होंने उसे गेम खेलते हुए पकड़ लिया। घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। बातचीत करने पर वह झगड़े के साथ ही तोड़फोड़ करने लगा। उसने घर पर वाशिंग मशीन गिरा दी, कूलर तोड़ दिया। कई सामान को क्षतिग्रस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया।

एक्सपर्ट व्यू

1 इंटरनेट एक नशा है। परिवार की ओर से बच्चों पर ध्यान नहीं देने ५ से धीरे-धीरे आदत पड़ जाती हैं। इंटरनेट सुविधा नहीं मिलने पर बराहट व बेचैनी होती है। नुकसान के बारे में जानकार भी इसे छोड़ नहीं पता। कई बार तो वह मानसिक रोगी हो जाता है। उसे काउंसलिंग की सख्त जरूरत होती है। इस केस में भी सही काउसलिंग से छात्र स्वस्थ हो सकता है। डॉ.सुशील खेराड़ा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग

हिंसक पबजी “PUBG” (Player Unknown’s Battle Ground) :

पबजी (प्लयेर अननोज बैटल ग्राउंड) एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। दक्षिण कोरिया से आए इस वीडियो गेम में एक द्वीप पर सौ से अधिक खिलाड़ी पैराट से उतरते हैं। इस गेम में बचने के लिए दूसरों को मारने के लिए हथियारों व उपकरणों उपयोग किया जाता है। खेल एक सर्कल में होता है जो गेम खेलने के साथ बचे
जीवित खिलाड़ियों के साथ छोटा होता जाता है,ताकि मुठभेड़ों के लिए मजबूर किया जा सके। इसमें अंतिम खिलाड़ी या टीम राउंड जीतती है। यह गेम मार्च 2017 में पहली बार रिलीज किया गया था। गेम में मनोरंजन के लिए इस पर कई फनी वीडियो भी बने। इस गेम में टीम प्लेयर आपस में बात करते रहते हैं।

कमरे में बंद कर लिया

शुक्रवार को तो छात्र ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। बाहर से आवाज लगाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया तो घर में रुलाई फूट पड़ी। पास-पड़ोसी इकट्ठा हो गए। परिजनों ने बाद में कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उसने स्वयं को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तड़कर उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

मन मस्तिष्क पर असर

चिकित्सकों के अनुसार हिंसक वीडियो गेम्स खेलने वालों के मन मस्तिष्क पर असर पड़त है। वर्ष 2013 में गेमिंग लत को एक मानसिक स्वास्थ्य विकार के रूप में भी घोषित किया गया है। इस खेल से इमोशनल डिसऑर्डर, व्यवहार में परिवर्तन, मौखिक मेमोरी का कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, पारिवारिक बातचीत में समस्याएं उग्न व्यवहार एवं झगड़ालू प्रवृत्ति आदि बढ़ती है।

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