उदयपुर . फतहनगर के लदानी गांव में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई । इसमें करीब दस सालों पहले अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मुजफ्फर उर्फ गोगा ने फिल्मी स्टाईल में दोनों हाथों में पिस्टल थामते हुए दनादन फायर कर दिए। पुलिस व बदमाशों की बीच सीधी मुठभेड़ के दौरान गोगा के दो साथी वाहन सहित डिवाईडर से टकराने पर नीचे गिर गए। इनमें इमरान उर्फ इमू गोगा की तरफ भागने लगा तभी पुलिस की एक गोली उसके कुल्हे पर लग गई। आपको बतादे कि गोगा हिस्ट्रीशीटर कुंजड़ा का खास गुर्गा है जिसकी कुख्यात बदमाश आजम और वायपर से सालों पुरानी रंजिश है और इमरान कुंजड़ा इन सब पर अपनी धाक जमान के लिए आए दिन ऐसी वारदातें करता रहता है। पुलिस की माने तो 19 सितम्बर को कीर की चोकी पर हुए झगड़े में बीच बचाव करने आए कालू खान की हत्या मामले में भी मुजफ्फर उर्फ गोगा को नामजद किया गया था और वारदात के बाद से ही पुलिस इमरान कुंजड़ा के गुर्गे गोगा पर नजर रखी तो वह साथियों के साथ अलग – अलग जगह पर घूमता रहा। गुरूवार को वह मनु मेवाती, इमू व साजिद के साथ भीलवाड़ा से कपासन पंहुचा। सूचना मिलने ही पुलिस हथियारों से लैंस होकर दबिश देने पंहुची। तभी आरोपियों से लदानी गांव में आमना – सामना हो गया। मावली थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ फायरिंग व राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया है।
आपको बता दे कि गुरूवार को एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट की टीम को सूचना मिली की गोगा अपने साथियों के साथ दो मोटर साईकल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है। इस पर यूनिट के प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी, भूपालपुरा थानाधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा, डबोक थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने मय जाब्ता मावली चैराहे पर नाकाबंदी कर दी। वहीं कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार एवं भंवरलाल चारों ही अपराधियों को देखने के लिए प्राईवेट नम्बर की कार फतहनगर की तरफ रैकी करने के लिए निकले। तभी प्रहलाद पाटीदार ने चारों ही बदमाशों को देख लिया और अधिकारियों की सूचना दे दी कि बदमाश उदयपुर की ओर बढ़ रहे है और हम इनका पीछा कर रहे है। तभी मावली नाकाबंदी में मौजुद एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट और खाकी के जवान मय जाब्ता पुलिस वाहनों के साथ फतहनगर की ओर बड़े। तभी लदानी गांव के कुछ आगे जाने पर सामने से चारों ही आरोपी आते हुए दिखाए दिए, जिनको रोकने के लिए पूरा जाब्ता वाहनों से उतरा तो सभी आरोपी वापस फतहनगर की ओर भागने लगे, इस पर पीछे से आ रहे प्रहलाद पाटीदार और भंवरलाल की टीम ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो गोगा और बड़ा मेवाती ने जान से मारने की नियत से दोनों जवानों पर चार राउण्ड फायर किए। तभी अपनी आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चार राउण्ड फायर किए, जिसमें से एक गोली इमरान उर्फ इमू को लगी और साहिद उर्फ सईद का पांव मोटर साईकिल से गिरने से टूट गया। वहीं गोगा और बड़ा मेवाती फरार होने में सफल रहे।
उदयपुर की जांबाज पुलिस ने आखिरकार बड़ी सफलता हांसिल करते हुए एक बार फिर दहशतगर्दों को बता दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। घटना के बाद से ही अपराधी किस्म के लोग या तो भूमिगत हो गए या आगे अपराध करने से भी तोबा कर रहे हैं। वहीं माफियाजगत में तो यह भी चर्चा ही कि जल्द ही गोगा खुद सरेंडर कर देगा। वैसे वारदात के बाद से ही गोगा के एनकाउंटर की सूचना आग की तरह सभी जगह फैल गई और सोशल मीडिया पर भी रात भर यही चलता रहाकि मुठभेड़ में गोगा मारा गया लेकिन यह कोरी अफवाह थी, हां मुठभेड़ के बाद पुलिस दो बदमाशांे को पकड़ने में जरूर सफल रही।

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