उदयपुर। राजनीति और मंदिर मस्जिद का चोली दामन का साथ है लेकिन कई बार यह भोपो और देवरे पर झाड फूँक के चलते अंधविश्वास का भी रूप भी लेलेती है। ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला मेवाड़ में वल्लभनगर के पूर्व विधायक के वायरल वीडियो में जिसमे वे भोपा से झाड़ फूंक लगवा रहे है और भोपा कह रहा है पिछली बार हार की वजह है उसके देवरे पर धोक नहीं दिया इस बार धोक दे देना झीत निश्चित रूप से होगी।
कांग्रेस शासन काल में राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र व् वल्लभनगर के पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत पिछला चुनाव अपने विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर से हार गए थे। इस बार गजेंद्र सिंह शक्तावत अभी से अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। इस चुनावी अभियान के लिए गजेंद्र शक्तावत हर संभव कोशिश कर रहे है। लेकिन इस कोशिश में शक्तावत का एक अंधविश्वास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे वे आने वाले विधान सभा चुनाव की जीत के लिए एक भोपे से झाड़ फूँक करवा रहे है। शक्तावत के इस वीडियों में अंधविश्वास की झलक साफ़ नज़र आती है कि किस तरह एक भोपा झाड फूंक कर के शक्तावत को बता रहा है कि पिछले चुनाव में हार का का कारण सिर्फ यह है कि वह उसके देवरे पर मत्था टेकने नहीं आये। करीब चव्वांलिस सैंकण्ड के इस वीड़ियो में भोपाजी काफी गुस्से में दिखाई दे रहे है और नेता जी गजेन्द्र सिंह शक्तावत उन्हें मनाते हुए नजर आ रहे है। इतना ही नहीं भोपाजी ने तो यह भी कह दिया कि पचास सालों से वह साथ थे इसीलिए विजयश्री मिल रही थी, पिछले चुनाव में उन्हें भुला दिया गया इसलिए ऐसा हुआ। इस पर गजेन्द्रसिंह शक्तावत ने खुद को अपराधी भी मान लिया और आगे से इस तरह की गलती नहीं दौहराने की बात कही। फिर किया था तुरन्त भाव खाते भोपा जी ने गढ़ फतह का आषीर्वाद दे दिया। इस वीडियों को लेकर सिर्फ विपक्षी ही नहीं खुद कांग्रेसी भी गजेन्द्र शक्तावत की खिल्ली उड़ा रहे है।

जानकारी के अनुसार वल्लभनगर विधानसभा क्षेेत्र के खरसाण गांव का एक देवस्थल जहां पर रोजाना दर्जनों भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रभु की शरण में आते हैं। और यह प्रभु खुद इस देवस्थल के पुजारी, जिनके शरीर में सप्ताह में एक दिन स्वयं इस देवस्थल में विराजित प्रभु आते है जैसा कि वहां के अंधभक्त और इस हालात में न्यायधीष बने खुद पुजारी जी बताते है। जब भी इन भोपाजी के शरीर में प्रभु प्रवेश होता है मंदिर परिसर में जयकारे गुंज उठते है और वहां मौजुद जरूरत मंदों को लगता है कि हमारी समस्या का निदान तो सिर्फ यहीं हो सकता है। जाहिर सी बात है भाव खाते भोपा जी से न्याय की आस किस को नहीं होगी। भोपा जी के भाव और प्रभु के सामने मानो दरबार सज जाता है और लम्बी – लम्बी कतारों में बैठे अंधभक्त अपनी बारी का इंतजार करने में लगे रहते हैं। इसी अंधभक्ति में नेता जी गजेन्द्र सिंह शक्तावत भी आगये और भोपा जी के दरबार में अपनी जीत की मनोकामना के साथ आगये।
वैसे गौर तलब है कि वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक सियासत में कभी भी कुछ भी हो सकता है। क्योंकि इस बार गजेन्द्र सिंह शक्तावत के सामने खुद उनके भाणेज कुबेर सिंह चावड़ा पार्टी में ही ताल ठोककर बैठे हुए है। वहीं जनता सेना के रणधीर सिंह भीण्डर की जीत भी सुनिष्चित मानी जा रही है औरभारतीय जनता पार्टी भी चुनाव तो लड़ेगी ही। षायद यही वजह है कि षक्तावत जी को हार का डर उस जगह भी ले गया जिस जगह को आज के युग में सिर्फ ढोंग और अंधविष्वास ही माना जाता है।

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