हिंदुस्तान ज़िंक सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग में ‘ए’ स्काॅर से प्रमाणित |

उदयपुर, 11 फरवरी। हिन्दुस्तान जिंक भारत की एकमात्र एवं विश्व की सबसे अग्रणीय जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जो सीडीपी द्वारा जारी सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग ‘ए’ स्काॅर से प्रमाणित किया गया है।

सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग जलवायु परिवर्तन पर कंपनियां अपने आपूर्तिकताओं को कैसे प्रभावित करती है उसके लिए प्रदान किया जाता है। सीडीपी सप्लायर एंगेजमेंट एक कंपनी द्वारा संचालित तीन एमीशन्स क्षेत्र के लक्ष्यों, तथा सीडीपी जलवायु परिवर्तन के आधार पर वैल्यू चैन एंगेजमेंट शासन पर चयनित सवालों के लिए कंपनी की प्रतिक्रिया का उपयोग करते हुए सप्लायर एंगेजमेंट परफोरमेंस का असेसमेंट करता है और वे कंपनियों को रेटिंग प्रदान करते है।

ज्ञातव्य रहे कि इससे पहले भी सीडीपी ने वैश्विक रूप से धातु एवं खनन क्षेत्र में कंपनियों को जलवायु परिवर्तन के लिए प्रतिष्ठित ‘ए’ स्कोर से हिन्दुस्तान जिं़क को प्रमाणित कर चुका है। हिंदुस्तान जिंक वैश्विक पर्यावरणीय नाॅन-प्रोफिट सीडीपी द्वारा कार्पोरेट सस्टेनेबिलिटी में जलवायु परिर्वतन के प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित ए लिस्ट में भी शामिल है। द डाॅउ जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स 2020 द्वारा कंपनी को एशिया पैसिफिक में नंबर वन और वैश्विक स्तर पर सातवें स्थान मिला है।

हिंदुस्तान ज़िंक द सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2021 में शामिल

सस्टेनेबिलिटी के लिए निरंतर की जा रही पहल का नतीजा, एसएंडपी ग्लोबल ने अपने वार्षिक प्रकाशन में लगातार चैथे वर्ष किया हिन्दुस्तान जिंक को शामिल।

उदयपुर, 10 फरवरी। पर्यावरण, सस्टेनेबिलिटी और कार्पोरेट गवर्नेंस के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए एसएंडपी ग्लोबल द्वारा विश्व स्तर पर प्रकाशित द सस्टेनेबिलिटी ईयर बुक में हिंदुस्तान जिंक को लगातार चैथे वर्ष के लिए शामिल किया है। कंपनी पर्यावरण के लिए सदैव अपने निरंतर प्रयास एवं संचालन की प्रमाणित को दर्शाता है।

एसएंडपी ग्लोबल द्वारा सस्टेनेबिलिटी ईयर बुक दुनिया के सबसे व्यापक प्रकाशनों में से एक है जो कार्पोरेट जगत में गहरता से विश्लेषण करता है। इस साल 2021 की रेटिंग के लिए 61 उद्योगों में 7000 से अधिक कंपनियों का आंकलन किया है। हिंदुस्तान जिंक उन 630 लीडर कंपनियों में शामिल है, जिनकी पहचान एसएंडपी ग्लोबल ईएसजी स्कोर के आधार पर मूल्यांकन और रेटिंग की एक कठोर प्रक्रिया से गुजरने के बाद तय की गई है।

इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी से संचालन का दृष्टिकोण एक जिम्मेदार होने का प्रमाण है। यह मान्यता हमारी संस्कृति को दर्शाती है। कंपनी सतत् सस्टेनेबिलिटी को अपनाते हुए व्यावसायिक दक्षता को चलाने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे है।

हिंदुस्तान जिंक वैश्विक पर्यावरणीय नाॅन-प्रोफिट सीडीपी द्वारा कार्पोरेट सस्टेनेबिलिटी में जलवायु परिर्वतन के प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित ए लिस्ट में भी शामिल है। द डाॅउ जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स 2020 द्वारा कंपनी को एशिया पैसिफिक में नंबर वन और वैश्विक स्तर पर सातवें स्थान मिला है।

हिंदुस्तान जिंक कार्बन उत्सर्जन को जीरो लेवल पर पहुंचाने के लिए अंडर ग्राउंड माइनिंग में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करेगा

एपिरोक राॅक ड्रिल एबी के साथ किया एमओयू, माइनिंग में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाली हिंदुस्तान जिं़क पहली कंपनी होगी

उदयपुर। कार्पोरेट जगत में सामाजिक व पर्यावरण क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी निभाने और स्मार्ट तकनीकों को अपनाने में अग्रणी हिंदुस्तान जिं़क लिमिटेड भूमिगत खनन यानी अंडर ग्राउंड माइनिंग में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने कार्बन उत्सर्जन को जीरो लेवल तक पहुंचाने और सस्टेनेबल माइनिंग के लिए एपिरोक के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसा करने वाली हिंदुस्तान जिंक पहली कंपनी होगी। ये बैटरी चलित वाहन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे, जिससे खदान संचालन अधिक पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा।

दुनियाभर में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से स्थायी भागीदारी बनाने की ओर बढ़ रही हैं जो व्यापार दक्षता और विशेषज्ञता लाती हैं। किसी भी साझेदारी के सफल होने के लिए समान मूल्यों को साझा करना अनिवार्य है और हिंदुस्तान जिंक के साथ साथ एपिरोक इंडिया दोनों ही संचालन में सुरक्षा और स्थिरता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के मूल्यों को साझा करने जा रहे हैं। एमओयू पर टिप्पणी करते हुए हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरूण मिश्रा ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक में हम स्मार्ट सेफ और सस्टेनेबल आॅपरेंशस के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मानते हैं कि एक लीडर के रूप में स्थिरता को अपनाने और सस्टेनेबिलिटी को हम एक दिशा देंगे जिससे और भी उद्योग पे्ररणा लेंगे। एपिरोक के साथ यह समझौता हमे और जिम्मेदार खनन के लिए प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। 2025 तक कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं।

एपिरोक इंडिया के मेनेजिंग डायरेक्टर जेरी एंडरसन ने इस मौके पर कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ एवं स्वस्थ खनन के लिए एक कदम उठाना जरूरी है। एपिरोक इस क्षेत्र में और बेहतर करना चाहता है। हिंदुस्तान जिंक के साथ सुरक्षित और सतत् खनन अभियान में हमारी यात्रा का पहला कदम है। आने वाला समय इलेक्ट्रिक का है और इस तरह तकनीक से स्मार्ट संचालन में हम सबसे आगे होंगे। यह तकनीकी कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा और दूसरी ओर विकसित डिजाइन के साथ उत्पादकता को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि कार्पोरेट लीडर के रूप में कंपनी कार्बन फुटप्रिंट पर अंकुश लगाने के लिए विज्ञान आधारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में हिन्दुस्तान जिं़क प्रतिष्ठित सीडीपी लिस्ट का हिस्सा है एवं द डाॅउ जांेस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स 2020 की लिस्ट में एशिया पेसिफिक में प्रथम और विश्व में सातवें स्थान पर है।

जावर माइंस सखी शक्ति फेडरेशन की वार्षिक सभा में नव कार्यकारिणी का गठन

उदयपुर | जावर सखी शक्ति फेडरेषन का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न हुआ जिसमें सखी शक्ति फेडरेशन की नयी कार्यकारणी का चुनाव रामपाल मीणा टीम लीडर मंजरी फाउण्डेषन जाॅवर के सानिध्य में ग्राम संगठन की महिलाओ ने लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से किया। अध्यक्ष के रूप में श्रीमती मंजू मीणा, सचिव – श्रीमती अरूणा सिंह व कोषाध्यक्ष श्रीमती रूकमणी को चुना गया ।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा मंजरी फाउण्डेशन के सहयोग से हिन्दुस्तान जिंक की सभी इकाईयों में महिला सशक्तिकरण हेतु सखी परियोजना एवं समूहों का गठन किया जा रहा है। शक्ति फेडरेशन के वार्षिक आमसभा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमल सक्सेना, क्षेत्रीय प्रन्धक , मरूधर ग्रामीण बैंक – उदयपुर द्वारा 15 ग्राम संगठन को मरूधर ग्रामीण बैंक शाखा टीड़ी, जाॅवर द्वारा ऋण वितरण किया गया जिसमें प्रति ग्राम संगठन को एक लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई। सक्सेना ने अपने उद्बोधन में बताया किया मरूधर ग्रामीण बैंक सदैव ग्रामीण आंचलिक परिवेशन में कार्यरत लोगों एवं स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने में अपनी वित्तिय भागीदारी निभाता आ रहा है। इसी क्रम में जाॅवर मांइस के स्वयं सहायता समूह जो हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से मंजरी फाउण्डेषन द्वारा चलाये जा रहें है उन्हें ऋण की शुरूआत की गयी है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी, एवं आव्हान किया कि यह सुनिश्चित करना होगा कि बैंक द्वारा देय राशि का उपयोग सही तरीके से हो, एवं सखी महिलाएं अपनी आय वृद्धि करें। साथ ही उपस्थित महिलाआंे को छोटी छोटी बचत कर अपने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर मंजरी फाउण्डेषन के कार्यक्रम निदेषक नरेष नैन,जाॅवर मांइस सरपंच प्रकाश मीणा, मरूधर ग्रामीण बैंक टीड़ी के शाखा प्रबन्धक कृष्ण मुरारी मीणा, हिन्दुस्तान जिंक जाॅवर मांइस के सीएसआर हेड आनन्द चक्रवृती,शुभमं गुप्ता, अंजली , डीएवी स्कूल के प्राचार्य हरबंस सिंह ठाकुर, मंजरी फाउण्डेषन उदयपुर के एनटेलर, प्रभू सालवी व करीब 200 महिलाएं उपस्थित थी।

 

‘प्रतिभा’ -ऑनलाइन टैलेंट हंट में प्रतिभागी बनने का आज अंतिम अवसर| भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य, लोक संगीत और नृत्य की प्रतिभाएं ऑनलाइन ले सकती है भाग

उदयपुर, 30 जनवरी 2021। हिंदुस्तान जिंक द्वारा सीएसआर पहल के तहत पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसाइटी की सहभागिता से ‘प्रतिभा’ – एक अद्वितीय ऑनलाइन टैलेंट हंट’ में प्रतिभागी बनने का आज अंतिम अवसर है। स्थानिय कलाकरों को इस वर्चुअल मंच के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत एवं नृत्य में अपनी प्रतिभा को पहचानने और दिखाने के साथ ही देश के ख्यातनाम संगीतज्ञों के समक्ष अपनी प्रतिभा दिखााने का मौका मिल सकेगा साथ ही ट्राॅफी भी दी जाएगाी।
राजस्थान के पांच जिलों अर्थात् उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर के कलाकार अपनी वीडियो प्रविष्टियों को भेजकर ‘प्रतिभा’ के इस मंच में भाग ले सकते हैं। इसमें भाग लेने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं है। 10 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोग इसमें आज रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन के बाद, उम्मीदवार ऑडिशन राउंड से लेकर एलिमेशन राउंड से गुजरते हुए सेमीफाइनल और फाइनल तक जाएंगे। प्रतिभागियों का मूल्यांकन प्रख्यात संगीतज्ञों के पैनल द्वारा किया जाएगा। इसमें भजन सम्राट अनुप जलोटा, पद्म श्री कत्थक गुरु शोवना नारायण, तबला वादक पंडित चरणजीत चतुरलाल और भारतीय प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार होंगे।

क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा हिन्दुस्तान जिंक की रामपुरा आगूचां माइंस प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित

उदयपुर | हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में 72वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश को आगे बढ़ाने और देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता थी जो सभी जाति, धर्म, वर्ग के लोगो को समान रूप देखे और देश को प्रगति के पथ पर ले जा सकें। हमारे देश में आम जनजीवन को कुरीतियों से दूर करने के लिए संविधान की महती भूमिका है। हमारे संविधान को बनाने वालों ने हमें सही राह पर चलने के लिए मार्गदर्शन दिया है हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम इसके प्रति अपनी सच्ची श्रृद्धा से पालना करते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होने हिन्दुस्तान जिंक द्वारा सुरक्षा को सदैव हमेशा प्राथमिकता में लेने और सुरक्षा से किसी भी तरह समझौता नही करने का आव्हान किया। हम सभी का हमेशा प्रयास होना चाहिए कि हम ’जीरो हार्म’ एवं ‘जीरो फेटलटी’ रहे। आप सभी की कठिन मेहनत, कत्र्तव्यनिष्ठ एवं सम्पूर्ण सहयोग से कंपनी ने कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं और आगे भी नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड का खतरा अभी तक टला नही है भलें ही वैक्सिन आ गया हो लेकिन बचाव के लिए मास्क और सेनेटाइजर का उपयोग जारी रखना होगा। इस अवसर पर हिन्दुस्तान ज़िंक की चीफ पीपुल आफिसर सुश्री कविता सिंह सहित कर्मचारी, अधिकारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा हिन्दुस्तान जिंक की रामपुरा आगूचां माइंस प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा माइंस को क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 45वें इंटरनेशन कन्वेंशन में प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया गया। फोर्थ वेव टीम के सदस्य सौरव देबनाथ, निधि अग्रवाल और अभिषेक सिंह ने इस कन्वेंशन में रामपुरा आगुचा माइन का प्रतिनिधित्व किया। इस टीम ने अपनी केस स्टडी अपग्रेड लाइन ऑफ टेली रिमोट प्रोडक्शन बोगिंग शीर्षक के साथ प्रस्तुत कर सर्वोच्च पुरस्कार अपने नाम किया। इसके साथ ही आगुचा की चार अन्य टीमों ने क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया 2020 की ओर से आयोजित 34वें राष्ट्रीय सम्मेलन में भी हिस्सा लिया और कई पुरस्कार जीते। कूलिंग क्रेकर्स एंड कायड़ हौलर्स को पार एक्सीलेंस अवार्ड, चेंज मूवर्स को एक्सीलेंस अवार्ड मिला। टीम रामास ने अधिवेशन में विशिष्ट पुरस्कार प्राप्त किया। कूलिंग क्रेकर्स एंड कायड़ हौलर्स व चेंज मूवर्स अक्टूबर 2021 में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल क्वालिटी कंट्रोल सर्किल के में भाग लेगीं। गौरतलब है कि हिंदुस्तान जिंक नवाचार और उत्कृष्ट प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता पर अधिक बल देता है। गुणवत्ता लक्ष्य के लिए तय मानकों को प्राप्त करने और बनाए रखने में कंपनी प्रतिबद्ध है जो व्यापारिक लक्ष्यों को भी हासिल करने में मदद करते हैं। इससे पहले हिंदुस्तान जिंक के पंतनगर मेटल प्लांट ने क्वालिटी काॅन्सेप्ट अवाड्र्स 2020 में 34वें राष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वोच्च उत्कृष्टता पुरस्कार जीता था जो अक्टूबर 2021 में आयोजित होने वाले सम्मेलन के लिए क्वालिफाई किया है।

हिन्दुस्तान जिंक की इकाई पंतनगर मेटल प्लांट ष्ष्ग्रीनको ब्रोंजष्ष् से सम्मानित

उदयपुरए 22 जनवरी। हिंदुस्तान जिंक के पंतनगर मेटल प्लांट ग्रीन कंपनी के रूप में प्रमाणित किया गया है। गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर की ओर से इस प्लांट को ब्रोंज रेटिंग मिली है जो पर्यावरणी को बचाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए है। अब पंतनगर मेटल प्लांट ग्रीन कंपनी के रूप में प्रमाणित होने वाला कंपनी का पहला संयंत्र बन गया है। हिंदुस्तान जिंक स्थायी भविष्य के लिए नवाचार करने में विश्वास करता है और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार होने के लिए लगातार नए तरीके अपनाता है। कंपनी ने अपने संचालन को और अधिक बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण के कई अनुकूल तरीकों को अपनाया है। इसके लिए पंतनगर प्लांट पर्यावरण को बचाने और आगे ले जाने के लिए एक माॅडल बन गया है। मेटल प्लांट टीम उद्योग में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक लीडर के रूप में काम कर रही है। प्रदूषण को कम करने के लिए हम लगातार काम कर रही है।

 

ग्रीन रेटिंग का मूल्यांकन जैसे ऊर्जा दक्षताए जल संरक्षणए नवीकरणीय ऊर्जाए जीएचजी शमन व अपशिष्ट प्रबंधन आदि के मानकों पर किया जाता है। इसके आधार पर ही रेटिंग की पेशकश की जाती है। पंतनगर मेटल प्लांट ने ग्रीनको रेटिंग सिस्टम ेक अनुसार सभी आवश्यकताओं को पूरा किया है। ग्रीनको दिशा निर्देशों के तीसरे चरण के तहत ग्रीनको ब्रोंज का का मूल्यांकन किया गया। पंतनगर टीम ने एक प्रतिबद्ध और उत्साह के साथ कई पहल की है और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

भारत के आर्थिक सुधारों के लिए चांदी उत्पादन एक उम्मीद की किरण

उदयपुर, 18 जनवरी, 2021 चांदी एक बहुमूल्य धातु है और मानव जाति के लिए सबसे अनुकूलनीय और संसाधन-संपन्न धातुओं में से एक है। इसका उपयोग सोलर सेल से नैनो तकनीक के लिए किया जाता है। भारत दुनिया में चांदी के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है और हम चाहिए तो चांदी के सबसे बड़े उत्पादक भी बन सकते हैं। वेदान्ता में हम दो दशकों से भी अधिक समय से खनिजों एवं धातुओं की वास्तविक क्षमता का दोहन कर भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा के भागीदार है।

इसी प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी ने चांदी सहित धातुओं और खनिजों को उजागर करने वाले एक केंद्रित अभियान की शुरुआत की है, जो राष्ट्र के लिए आर्थिक सुधार प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अभियान वेदांता नंद घर पर भी केंद्रित है जो आधुनिक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी इकोसिस्टम तंत्र को बदल रहा है और बाल कुपोषण के उन्मूलन, इंटरैक्टिव शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास प्रदान करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। समाज को वापस देना वेदांता के आधारभूत मूल्य का हिस्सा है और नंद घर का उद्देश्य जमीनी स्तर पर 8 करोड़ महिलाओं और 2 करोड़ बच्चों के जीवन को बदलना है।

चांदी अपने सांस्कृतिक और आर्थिक उपयोगों के मामले में मूल्यवान है और देश के व्यवसायों और शिल्पकारों को इसकी सामथ्र्य, अपील और प्रतिभा के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। हर साल, भारत 6000 मीट्रिक टन चांदी का आयात करता है (्कुल मांग का 85ः -90ः:), जो वित्तीय वर्ष 2020 में लगभग 17,022 करोड़ रुपये था, जबकि देश में 30,000 मीट्रिक टन चांदी के भंडार मौजूद है, जो मांग से 5 गुना ज्यादा है। राजस्थान एक खनिज समृद्ध राज्य है और जहां देश के सम्पूर्ण चांदी का लगभग 98 प्रतिशत है। खनन राज्य के लिए इस बड़े अवसर को बनाने, राजस्व में कई गुना वृद्धि और रोजगार सृजन करने में कदद कर सकता है। इसका एक महत्वपूर्ण जरिया है सरकार एवं उद्योग साझेदारी के माध्यम से एक्सप्लोरेशन को खोलकर विदेशी मुद्रा व्यय को कम करना।

सिल्वर की क्षमता पर बात करते हुए, श्री अरुण मिश्रा, सीईओ हिंदुस्तान जिं़क ने कहा, “विश्वभर में उत्पादित चांदी का लगभग 80 प्रतिशत उद्योगों में उपयोग किया जाता है जबकि भारत में यह 20-25 प्रतिशत से भी कम है। समय की जरूरत है कि चांदी के भंडारों का दोहन किया जाए और आपूर्ति में नियमितता और निरंतरता लाई जाए और सभी एमएसएमई और एसएमई उद्योगों और चांदी का उपयोग करने वाले स्थानीय कारीगरों को मजबूत किया जाए। हमारे जैसे भारतीय उत्पादकों ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय चांदी वैश्विक मानकों के अनुरूप शुद्धता और समापन बराबर रहे। वेदान्ता इस उद्योग में अग्रणी लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए अग्रसर है और चांदी चांदी देश के 5 ट्रिलियन डाॅलर सपने को पूरा करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।’’