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Hello world!!!

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हिन्दुस्तान जिंक ने भारत मोबिलिटी एक्सपो 2025 में ऑटोमोटिव इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले लार्ज मेटल पोर्टफोलियो का किया प्रदर्शन

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– हिन्दुस्तान जिंक ने प्रगति मैदान में भारत मोबिलिटी एक्सपो 2025 में स्टाल 6 – हॉल 11 में स्पेशल हाई ग्रेड जिंक, इकोजेन, जिंक एलॉय सहित नवीन उत्पादों को प्रदर्शित किया

– कंपनी ग्लोबल ऑटोमोटिव रिवोल्यूशन को आगे बढ़ाने, उद्योग के लिए इनोवेटिव और सस्टेनेबल समाधान प्रस्तुत करने पर केंद्रित है

नई दिल्ली, 21 जनवरी 2025। भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में अपनी नवीन और अभिनव जिंक डाई कास्टिंग एलाॅय उत्पाद रेंज एचजेडडीए 3 और एचजेडडीए 5 के साथ-साथ ऑटो सेगमेंट के लिए उच्च गुणवत्ता वाले जिंक उत्पादों की अपनी पूरी रेंज प्रदर्शित की। ऑटोमोटिव एवं मोबिलिटी उद्योग के लिए आयोजित इस विश्वस्तरीय कार्यक्रम में कंपनी ने दुनिया के सबसे बड़े जिंक उत्पाद पोर्टफोलियो के साथ-साथ लेड, चांदी और मूल्यवर्धित उत्पादों को भी प्रस्तुत किया, जो ऑटोमोटिव उद्योग के लिए तैयार किए गए हैं।

ऑटोमोटिव क्षेत्र में गैल्वनाइज्ड स्टील के माध्यम से जिंक का उपयोग, हल्के स्टील बॉडी बीआईडब्लयू या बाॅडी इन व्हाइट को उच्च स्तर का जंग प्रतिरोधी क्षमता प्रदान कर ईंधन और उत्सर्जन में महत्वपूर्ण बचत प्रदान करता है, जिससे जंग से लंबे समय तक एंटी-पर्फोरेशन वारंटी के साथ लंबे समय तक चलने वाले वाहन सुनिश्चित होते हैं। कंपनी के जिंक डाई कास्टिंग एलाॅय विशेष रूप से हॉट चैंबर डाई कास्टिंग प्रक्रिया के लिए विकसित किए गए हैं, जो ऑटोमोटिव क्षेत्र की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्मित हैं। बाजार में आमतौर पर जा़मक के रूप में उपलब्ध जिसे देश में आयात किया जाता है, इन मिश्र धातओं का हिन्दुस्तान जिं़क  प्राथमिक उत्पादक है। हिन्दुस्तान जिं़क के डाई कास्टिंग एलाॅय असाधारण कास्टिंग, दीर्घकालिक आयामी स्थिरता, तेज मशीनिंग और प्लेटिंग, पेंटिंग और क्रोमेट उपचार के लिए बेहतर फिनिशिंग प्रदान करते हैं। एचजेडडीए 3 और एचजेडडीए 5 दोनों ही ऑटोमोबाइल को उच्च शक्ति, विद्युत चालकता, जंग से प्रतिरोध और आयामी सहनशीलता प्रदान करते हैं। बेहतर डाई-कास्टिंग एलॉय  के क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश से ऑटो ओईएम और घटक निर्माताओं के लिए अन्य देशों से आयात कम करने और देश में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मूल्य श्रृंखला बनाने का अवसर मिलता है।

इस कार्यक्रम का अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण हिन्दुस्तान जिंक का कम कार्बन वाला ग्रीन जिंक ब्रांड इकोजेन था, जिसमें पारंपरिक रूप से उत्पादित जिंक की तुलना में 75 प्रतिशत कम कार्बन फुटप्रिंट है, जिसके परिणामस्वरूप इकोजेन के साथ एक टन स्टील को गैल्वनाइज करने में लगभग 400 किलोग्राम का कुल कार्बन उत्सर्जन रोका जा सकता है। कंपनी की उत्पाद श्रृंखला में लेड भी शामिल है, जो ऑटोमोटिव बैटरी, कंपोनेन्ट्स और रेडियेशन शिल्डिंग के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि चांदी स्विच और रिले सहित ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स में चालकता और दक्षता को बढ़ाती है। जैसे-जैसे ऑटो उद्योग स्थानीयकरण, विद्युतीकरण और उत्सर्जन नियमों के साथ बदलता है, घरेलू स्तर पर उत्पादित , जिं़क, लेड और सिल्वर भविष्य के लिए सस्टेनेबल, उच्च प्रदर्शन वाले समाधान प्रस्तुत करते हैं।

हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सस्टेनेबल भविष्य को आकार देने में सबसे आगे है, और हिंदुस्तान जिंक को इस यात्रा में भागीदार होने पर गर्व है। हम अभिनव, उच्च गुणवत्ता वाले समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो न केवल उद्योग की अपेक्षाओं को पूरा कर रहे है बल्कि हमारा प्रयास उससे भी आगे है। हमारा विशाल उत्पाद पोर्टफोलियो ऑटोमोटिव विनिर्माण में दक्षता, स्थिरता और डिजाइन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हम भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में अपनी विविध धातुओं का प्रदर्शन कर उत्साहित हैं, यह एक ऐसा मंच है जो सीमाओं से परे भविष्य के सह-निर्माण के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है।”

हाल के रुझान भारतीय कार खरीदारों की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देते हैं जो सक्रिय रूप से ऑटो निर्माताओं से जंग रोधी या छिद्रण-रोधी वारंटी, विशेष रूप से कॉस्मेटिक पेंट के फीके पड़ने और छिलने से सुरक्षा के अलावा जंग से सुरक्षा की की मांग कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर, कॉस्मेटिक वारंटी आम तौर पर पांच साल तक चलती है, और छिद्रण-रोधी वारंटी दस साल तक बढ़ जाती है, जिससे कार बॉडी में गैल्वेनाइज्ड (जिंक-कोटेड) स्टील का उपयोग करना जरूरी हो जाता है। यह बदलाव खरीद के पहले कुछ महीनों से लेकर 2 वर्षो में वाहनों पर दिखाई देने वाले जंग के कारण होता है, खासकर भारत की कठोर मौसम स्थितियों में जहां कारें बाहर खड़ी होती है एवं तत्वों के संपर्क में होती हैं। ऑटो बॉडी के लिए जिंक-कोटेड स्टील (बॉडी-इन-व्हाइट या बीआईडब्ल्यू) का उपयोग तेजी से होने वाले जंग को रोकता है इसलिए, उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं और अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए वाहनों में पर्याप्त जंग से सुरक्षा आवश्यक हो रही है। गैल्वेनाइज्ड कार बॉडी की बिक्री मूल्य में हिस्सेदारी 0.1 प्रतिशत से भी कम है, जो कि ओईएम द्वारा अनुकूलित विनिर्माण प्रक्रियाओं, ग्राहकों द्वारा कम रखरखाव खर्च और बेहतर वाहन सुरक्षा और प्रदर्शन के कारण बढ़ी हुई ब्रांड प्रतिष्ठा के द्वारा तुरंत ऑफसेट हो जाती है। अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के कारण निर्यात के लिए निर्मित लगभग 70 प्रतिशत भारतीय कार जिंक कोटेड स्टील (गैल्वेनाइज्ड या गैल्वेनील्ड स्टील) का उपयोग करती हैं। हालांकि, भारतीय उपभोग के लिए केवल 25 प्रतिशत कारों में जिं़क कोटेड स्टील का उपयोग किया जाता है। इनमें भी, इस्तेमाल की जाने वाली कोटेड स्टील की मात्रा लगभग 3 प्रतिशत से 50 प्रतिशत हो सकती है, जबकि निर्यात मॉडल के लिए बॉडी 70 से 80 प्रतिशत  जिंक से सुरक्षित हो सकती है।

हिन्दुस्तान जिं़क लंबे समय से ऑटो उद्योग का अपस्ट्रीम पार्टनर रहा है, जो कार बॉडी से लेकर बैटरी, चिप्स, एक्सेसरीज और सबसे महत्वपूर्ण जंग-रोधी घटकों तक विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए विविध धातु पोर्टफोलियो प्रदान करता है। कंपनी के मूल्यवर्धित जिंक उत्पादों का व्यापक पोर्टफोलियो भारतीय ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है, जो प्रदर्शन, गुणवत्ता और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले लागत प्रभावी समाधान प्रदान करता है। हिन्दुस्तान जिं़क उत्पाद नवाचार के लिए ग्राहक-प्रथम दृष्टिकोण पर केंद्रित है। कंपनी की ग्राहक तकनीकी सेवा टीम ग्राहकों के साथ मिलकर कार्य करती है ताकि उन्हें सहज अनुभव प्रदान किया जा सके। सर्वोच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध, कंपनी के जिंक और लेड उत्पाद देश में पहले ऐसे हैं जिन्हें पर्यावरण उत्पाद घोषणा (ईपीडी) के साथ-साथ गुणवत्ता के लिए आईएसओ और बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणपत्रों द्वारा सत्यापित किया गया है।

हिन्दुस्तान जिंक के स्वास्थ्य अभियान के तहत विश्व स्तनपान सप्ताह आयोजित

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हिंदुस्तान जिंक, द्वारा स्वास्थ्य अभियान के तहत् विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान अपनी विभिन्न इकाईयों में जागरूकता सत्र आयोजि दीपक फाउंडेशन के सहयोग से हिंदुस्तान जिंक द्वारा मोबाइल स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत जावर, चंदेरिया और आगुचा आयोजित किये गये। यह अभियान हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा देश भर में स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के भीतर स्तनपान की सुरक्षा, प्रचार और समर्थन पर मुख्य ध्यान देने के उद्धेश्य से आयोजित किया गया।

1992 में शुरू किए गए, विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य महिलाओं, स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों, सामुदायिक सहायता, पारिस्थितिकी और मानवाधिकारों के बीच स्तनपान को बढ़ावा देना है। हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा वर्ष 2016 से पहल कर धात्री महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए विशेष रूप से स्तनपान है और इसके बाद 2 साल और उससे अधिक उम्र तक उचित पोषण वाले भोजन के साथ स्तनपान जारी रखने े प्रति कारी प्रदान कर रहा है। सप्ताह के दौरान महिलाओं को कुपोषण कम करने में मां के दूध की महत्वपूर्ण भूमिका, नवजात जिसे जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाया जाता है, वह स्वतः ही पुरानी और संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित होने, स्तनपान मां और शिशु के बीच साझा किए गए बंधन को मजबूत करने जैसी जानकारियां दी गयी। जागरूकता सत्र में 550 माताएं लाभान्वित हुई।

हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से ग्रामीण सखी महिलाएं बनी सशक्तिकरण की मिसाल

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अजमेर जिले के कायड गांव की रहने वाली गुड़िया कंवर महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं। वह ढाई साल पहले हिन्दुस्तान जिं़क की सखी परियो तहत् संचालित उड़ान स्वयं सहायता समूह में शामिल हुई थी, जिसके बाद से वह अचार की यूनिट से जुड़कर कार्य कर रही है।गुडिया कंवर अपने परिवार के सहयोग से स्वयं सहायता समूह में शामिल हुईं जिसने उसे  कार्य करने का अवसर देने और प्रभावी ढंग से बातचीत करने का अवसर प्रदान किया, जिससे समुदाय में उनकी पहचान और व्यक्तित्व विकास हुआ। वह अपने परिवार की आर्थिक और सामाजिक सशक्तिरण का आधार है। गुडियां कंवर की र ह कायड की अनिशा बानू भी हिन्दुस्तान जिंक के सखी परियोजना से जुड़कर अचार यूनिट में कार्यरत है जिसने उसे आत्मविश्वास देकर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है अनिशा अब आगे पढ़ाई कर अपने परिवार और समाज में सशक्तिरण की मिसाल बनना चाहती है जिसमें अब उसका परिवार भी उसके साथ है।

परिवार और समुदाय के सर्वागिंण विकास सुनिश्चित करने का दृष्टिकोण महिला सशक्तिकरण को प्रोतसहत कना है।स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित करना हिंदुस्तान जिंक की प्रतिबद्धताओं में से एक है।

सखी कार्यक्रम के तहत् वर्ष 2020 में कायड में अचार इकाई के रूप में लघु उद्यम स्थापित किया गया, जो स्थानीय महिलाओं को आय और आजीविका बनाने का अवसर ्रान रत है।वर्तमान में 12 से 15 सखी महिलाएं कच्चे माल के प्रसंस्करण से लेकर तैयार उत्पादों की पैकेजिंग तक व्यवसाय के सभी क्षेत्रों में जुडी हैं। अचार इकाई में प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण सुविधा और तैयार उत्पाद हेतु स्थान है। अपने उत्पाद को बाजार से जोड़ने के अधिक से अधिक अवसरों ने महिलाओं को अधिक स्वतंत्र और समाज में अधिक मान्यता के लिए प्रेरित किया है।

कायड में स्थित अचा यूनट में आम ा अचार, लिसोडा अचार, लेमन स्वीट, लेमन सॉर, हल्दी अचार, लहसुन का अचार, सिंघाडा अचार, मिक्स अचार और हरी मिर्च अचार सहित दस अलग-अलग प्रकार के अचार वर्तमान में बनाएं जाते हैं।12 सखी इन अचारों के विक्रय और विपणन से जुडी हैं।  ये सखी अचार इकाई में कार्य कर 4,500 से 6,000 रुपये प्रति माह अर्जित कर रही हैं। अब तक कुल 20,710 किलोग्राम अचार का उत्पादन किया जा चुका है। इसके अलावा, उनके पास एक मार्केटिग टीम है ज अजमेर, दि्ली, य, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजस्थान के अन्य स्थानों में अचार बेचने के लिए थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के साथ संबंध स्थापित करने के लिए कार्यरत है।

अचार की इकाई पूर्व में महिलाआंे द्वारा घर में ही द्वारा चलाई जाती थी, जिसने उनके सशक्तिकरण और उत्पादता को सीमित कर दिा।हिदुस्तन जिंक और मंजरी फाउंडेशन की दृढ़ पहल से ग्रामीण महिलाएं प्रेरित हुईं और परिणामस्वरूप, उन्हें व्यवसाय चलाने में विश्वास हुआ।

अचार इकाई में सखियों ने इस व्यवसाय में महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए अन्य महिलाओं के जीवन और कल्याण में सुधार करने की अपनी उल्लेखनीय क्षमता साबित की है।इ महिला वयवसा उद्यमियों े सहयोगत्म सामाजिक और सामुदायिक पहल को प्रोत्साहित किया है।

हिन्दुस्तान जिंक ग्रामीण महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड कर उन्हें उद्यमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक सरोकार के तहत महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए विगत 14 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का स्वंय सहायता समूह बनाकर उनक रचि एवं आवश्यकता आधारि प्रशि्षण देकर समा मे अपनी अलग ही पहचान दिलाने का अनुठा प्रयास कर रहा है। फलस्वरूप इस अभियान से जुडी महिलाओं में अदम्य विश्वास मुखरित हुआ है।

हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा अपने संचालन में ना सिर्फ अपने सयंत्रों और खानों के विभिन्न विभागों में महिलाओं को पुरूषों के बराबर दर्जा है बल्कि आस पास के गांवों में संचालित की जा रही सखी परियोजना से जुडी मिलाएं समाज ें कंधे से कंा मिला र परिवार के उतथान े लिए कार्यरत है।अजमेंर जिलें में सखी परियोजना आज न सिर्फ स्वयं आत्मनिर्भर बन महिला सशक्तिकरण की मिसाल है बल्कि अपने आस पास की महिलाओं को समूहों से जोड़ कर उन्हें स्वावलंबन हेतु प्रोत्साहन देकर प्रेरित भी कर रही है।

अजमेंर जिलें में सखी प्रयास समिति में 5 ग्राम पंचायतों के  6 गावों से 144 स्वयं सहायता समूह संचालित है जससे 1708 महिलाएं जुडी ुई है। नकी कुल बचत 1 करोड 23 जार ह, इन्ोंन 3 करोड 87 लाख 66 हजार का ऋण प्रदान किया जिसमें से 2 करोड 63 लाख 93 हजार पुर्नभुगतान कर दिया गया है।सखी प्रयास समिति से 392 सदस्यों को आजिविका संवर्धन से जोड़ा गया। वित्तिय सहयोग से 78 सखी माट विकसित किये गये। महिलाओं को आवश्यकतानुसार सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।

हिंदुस्तान जिंक द्वारा खनन कार्यों में आंतरिक प्रतिभा के कौशल एवं अवसर वृद्धि हेतु जावर में ‘हिंदुस्तान जिंक माइनिंग अकादमी’ का शुभारंभ

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इस अनूठी पहल से भूमिगत खदानों में जंबो हेल्पर्स प्रमाणित ऑपरेटर बन सकेंगे

– पांच महीने तक चलनेवाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 16 सप्ताह का क्लासरूम इंस्ट्रक्शन शामिल होगा

उदयपुर, 30 जुलाई, 2022: देश की एकमात्र और विश्व की अग्रणी एकीकृत जस्ता-सीसा-चांदी उत्पादक, कंपनी हिंदुस्तान ज़िंक द्वारा खनन कार्यों में व्यापारिक भागीदारों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के उद्येश्य से अनूठी पहल कर जावर में  ‘हिंदुस्तान जिंक माईनिंग अकादमी’ की स्थापना की है।  देश मे  खनन क ं कुशल कर्मचारियों की महती आवश्यकता है, इस समस्या को हल करने के उद्देश्य से इस हेतु सहायता के लिए, कंपनी ने अनुसंधान किया जिसने जंबो ड्रिल ऑपरेटरों की पहचान करने में मदद की। इस क्षेत्र में अक्सर एक्सपैट्स द्वारा रूचि ली जाती है। खनन  व्यवसाय में आंतरिक प्रतिभाएं अधिक और बेहतर कुशल कर्मचारी विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकते है। उदघाटन समारोह में हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य करयाी अधिकारी अरूण मिश्रा, सीएचआरओ अजय सिंगरोहा, जावर के आईबीयू सीईओ विनोद कुमार एवं जावर मजदूर संघ के जनरल सेक्रेट्री लल्लू राम मीणा उपस्थित थे।

खनन अकादमी को जीएचएच इंडिया माइनिंग एंड टनलिंग इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया या ै।िसा उ्दशय जंबो ड्रिल संचालन के लिए विशेषज्ञ कौशल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कंपनी में कार्यरत प्रतिभा विकसित करना है। हिंदुस्तान जिंक ने इस कार्यक्रम को 3डी सिम्युलेटर जैसे विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से मजबूत किया है, जो एक वर्चुअल रियलिटी हाई-टेक डिवाइस है जिसका उपयोग ऑपरेटरों को भारी मशीनरी में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाता है। सिमुलेटर नियंत्रण परिचित, प्रक्रिया अनुपालन दि सित अवधारणाओं के साथ-साथ कौशल के बारे में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक लागत प्रभावी, सुरक्षित और कुशल तरीका साबित हुआ है। इसके अलावा, इस तरह के सिमुलेशन प्रशिक्षण उत्पादकता को अनुकूलित करने और दक्षता बढ़ाने में भी मदद करता है। कार्यक्रम कक्षा तथा सिम्युलेटर प्रशिक्षण और जाॅब पर प्रशिक्षण का एक एकीकरण है जो आॅन द जाॅब प्रशिक्षण के प्रमुख तत्वों में से एक आॅपरेटर शडोइंग ह जिसें उम्मीदवार रतमान जंबो आॅपरेटरों को बारीकी से शैडोइंग करेंगे जो उन्हें प्रशिक्षको के रूप में दायित्व सौंपे गए हैं और वे इस प्रकार व्यापक व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

इस अवसर पर, हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी,  अरुण मिश्रा ने कहा, कि”जावर में ‘हिंदुस्तान जिंक माइनिंग अकादमी’ की स्थापना का उद्देश्य देश के युवाओं के लिए नन उदयोगमें ौशल को बढ़नाहै य अकादमी जंबो ड्रिल ऑपरेटरों, लोड हॉल डम्पर (एलएचडी) ऑपरेटरों और लो-प्रोफाइल डम्पर ट्रक (एलपीडीटी) ऑपरेटरों को प्रशिक्षित करने में मदद करेगी और उन्हें भारतीय खनन उद्योग में कौशल बढ़ाने और प्रवासियों पर निर्भरता को कम करने में सक्षम बनाएगी। हम 20 खनन अनुभवी जंबो हेल्पर्स के साथ जावर मं माइनंग एकेडमी का पहल बैच शुरू करेंगे और अन्य खनन स्थानों से बैचों को आमंत्रित करना जारी रखेंगे।

यहअनूठी पहल जंबो हेल्पर्स और संबद्ध क्रू सदस्यों को प्रमाणित जंबो ड्रिल ऑपरेटरों में महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करती है।कार्यक्रम पांच महीने की अवधि में होगा जिसमें 16 सप्ताह का कक्षा निर्देश, अनुकरण प्रशिक्षण और सात सप्ताह का ऑन-द-जॉब निर्देश शामिल होगा। इस ्यापक प्रशिक्षण का्यक्रम में जबो डरिल ऑपेशन के सभी पहलुओं के साथ-साथ रखरखाव की कुछ बुनियादी बातें शामिल होंगी।

हिन्दुस्तान जिंक की आरडी माइन को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु सिल्वर अवार्ड

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हिन्दुस्तान जिंक के दरीबा स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स के राजपुरा दरीबा माइन के प्रोजेक्ट आरडी पेस्ट फिल एंड ड्राई टेलिंग प्रोजेक्ट को स्वास्थ्य और ्रदर्शन के लिए राॅयल सोसायटी फोर द प्रिवेन्शन आफ एक्सीडेन्ट्स द्वारा सिल्वर अवार्ड- 2022 से पुरस्कृत किया गया है। आरडी माइन में प्रोजेक्ट के दौरान 2 मिलियन सुरक्षित कार्य कर शून्य रिकॉर्ड करने योग्य दूर्घटना दर्ज की गयी। कामगारों की प्रेरणा के लिए पुरस्कार और मान्यता कार्यक्रम चलाया गया। साइट पर असुरक्षित परिस्थितियों से बचाव के लिये कार्यबल  को सकारात्मक व्यवहार हेतु  सेफ्टी ्ाा व नुक्कड़ नाटक के आयोजन किये गये।  सजीव प्रदर्शन विशेषज्ञ और प्रमाणित तृतीय पक्ष द्वारा शुरू और संचालित सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए विशेष जागरूकता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया गया। सुरक्षा जानकर जैसी पहल द्वारा असुरक्षित कार्य की पहचान में कामगारों की भागीदारी। आंतरिक सीएससी ऑडिट, श्रमिकों की जागरूकता में सुधार के लिए हिन्दुस्तान जिं़क प्रशिक्षकों द्वार आयजि प्रशिक्षण और निरीक्षण। आठ कर्मियों के साथ समर्पित बचाव दल को सक्षम तृतीय पक्ष द्वारा प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है जो कि आपातकालीन स्थितियों को संभालने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।

ज़िंक द्वारा स्वास्थ्य सेवा के तहतविश्व हेपेटाइटिस दिवस पर ग्रामीणों को किया जागरूक

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विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दीपक फाउंडेशन के सहयोग से संचालित मोबाइल स्वास्थ्य ईकाई के माध्यम से हेपेटाइटिस की रोकथाम के लिए प्रयासरत है। इस सम्बन्ध में उदयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के जावर माइंस, अगुचा माइंस और चंदेरिया के समीपस्थ गणेशपुरा, बोधियाना, आनंदीपुरा, लक्ष्मीपुरा, नेवतलाई और भलदिया गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये। 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ बारूक ब्लमबर्ग का जन्मदिन है, जिन्होंने स बी वायरस की खोज की और वायरस का परीक्षण कर टीका विकसित किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित दुनिया भर के संगठन वायरल हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाते हैं, जो दुनिया भर में 354 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करता है।

Beat The Heat With Homoeopathy (Part 2) – Kajal Verma

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Sunstroke, commonly known as heat stroke, refers to an acute illness in which the body temperature of a person rises above 104 degrees Fahrenheit or 40 degrees Celsius.
Prolonged exposure to the sun can cause Sunstroke.

Signs and symptoms of heat stroke include

-high body temperature

-the absence of sweating with hot red or flushed dry skin
-nausea
-vomiting
-fatigue
-weakness
-headache
-muscle cramps and aches
-dizziness

Treatment of heat stroke
-iimmediate cooling of the body by
placing the person in shade or an air-conditioned room

– by covering the person with cool evaporative mists or wet sheets with fans next to the person to increase evaporative cooling

-placing ice packs to the groin, armpits, neck, and head have also been recommended.

Heat stroke can be prevented

– by drinking fluids
-limiting exposure to heat
-wearing clothing that allows evaporative cooling
-recognizing the early warning signs of heat cramps and heat exhaustion and responding to those symptoms with treatment (cooling)

Warning signs or When to immediately see the physician

-feeling unwell after 30 minutes of resting in a cool place and drinking plenty of water
-not sweating even while feeling too hot
-a high temperature of 40C or above
-fast breathing or shortness of breath
-feeling confused
-a fit (seizure)
-loss of consciousness/
not responsive

Heatstroke can be very serious if not treated on time.

Homoeopathic Approch

Homeopathy for heatst is helpful for people who tend to get frequent episodes. In such cases, a detailed case taking and case analysis helps in the selection of the most suitable medicine. These medicines reduce the intensity as well as the frequency of episodes.

They are safe for all the age groups, have no side-effects, and are prepared using natural substances.

Remedies like Nat carb reduces the suseptibility of sunstroke caused by changing temperature ,Glonoinum , Gelsemium , Belladonna are another few remedies of great help.

Homeopathy offers support in restoring our body’s balance, health, and vitality. You must

Dr. Kajal Verma

seek professional advice from a fully qualified registered homeopath to ensure you are receiving the best possible treatment to help support you, make sure you visit a homeopath for guidance.

Beat the heat with nice cool treat & Homoeopathy (Part 1) – Dr. Kajal Verma

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Food poisoning is one of the most common summer problems patients are coming with these days .

Rates of food poisoning increase in summer months because bacteria grow faster in warmer weather. Eating food left in the Danger Zone (40°F to 140°F) for too long can make people sick.

Food poisoning which is caused by the consumption of contaminated food or water.

The warm and humid weather provides a fertile environment for bacterial growth leading to food contamination.

It spreads by bacteria, viruses, toxins, and chemicals which post entering the human body cause the onset of

-stomach pain/ cramps
-nausea
-diarrhoea and
-vomiting

Food sold in the open by roadside vendors and contaminated water are common carriers of disease-causing microbes.

Food poisoning symptoms may range from mild to severe and may differ depending on the germ you swallowed.

It may take hours or days before you develop symptoms. If you experience symptoms of food poisoning, such as diarrhea or vomiting, drink plenty of fluids to prevent dehydration. Call your Physician if you have severe symptoms, including:
• Bloody stools
• High fever (temperature over 102°F, measured orally)
• Frequent vomiting that prevents keeping liquids down (which can lead to dehydration)
• Signs of dehydration, including little or no urination, a parched mouth, and throat, or feeling dizzy when standing up
• Diarrhea that lasts more than three days.

Homeopathy approch

Homoeopathy being holistic medicine, is very effective when it comes to not only chronic conditions but also acute conditions like GI infections.
Once the symptoms are noted after a thorough diagnosis, treatments are prescribed accordingly.

Medicines like Arsenic Album, Nux Vomica and Merc Sol are recommended to alleviate symptoms like nausea, fever, stomach cramps and diarrhea – common to all GI infections.

Preventive measures

Do not eat undercooked and street food and avoid eating outside.

Dr. Kajal Verma

Try to eat fresh fruits and vegetables like watermelon, cucumber, sugarcane and mangoes.

Now, let’s raise a glass of iced tea & buttermilk to well-cooked food, rinsed veggies, and chilled fruit salad and enjoy summer’s sunshine outside and inside you.

bikaner express train हादसा की आखिर क्या है वजह, आखिर क्यूँ हुआ ये हादसा

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इन तस्वीरों को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है की ये हादसा कितना भयानक होगा।  हर जगह चीख पुकार , एक के ऊपर एक भिड़े हुए रेल गाडी के डिब्बे , घायलों को बाते लोग। जो बच गए वो खुशकिस्मत थे।  लेकिन कइयों के घरों के चराग बुझ गए।  कोई डिब्बे के निचे फंसा हुआ है तो कोई डिब्बों के बिच में फंसा हुआ है चारों तरफ बस चीख पुकार मची हुई थी।
बीकानेर से गुवाहटी ( Bikaner to Guwahti) जाने वाली बीकानेर एक्सप्रेस (Bikaner Express) पश्चिम बंगाल के पास हादसे का शिकार हो गयी। अचानक मानगुडी के डोमोहानी के पास बीकानेर  एक्सप्रेस ट्रेन की १२ बोगियां पटरी से उतर गयी और सवारियों से चार डिब्े प तरह से पलट गए। इनमे से एक डिब्बा पटरी के नज़दीक पानी में भी उतर गया।
बताया ये जा रहा है की ट्रेन में करीब 700 यात्री थे जो अलग अलग स्टेशनों से चढ़े  थे।  जैसे ही ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे तो पहले शोर हुआ और उसके बाद वही शोर चीखों में तब्दील हो गया चरों तरफ अफरा तफरी मच गयी।  रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आगयी और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया।  एम्बुलेंस भी पहुंची और घायलों को हस्पट लज का काम शुरू हो गया।  जहाँ ट्रेन का एक्सीडेंट हुआ वहां आसपास के किसी भी स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं था।  इसलिए फ़ौरन बचाव दल भी नहीं आसका।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख और कम गंभीर लोगों को 25 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
रेलमंत्री ने हादसे के बारे में प्रधानमंत्री से बात की है वही प्रधानमंत्री  ने हादस पर दुख जात हुए शचिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीं से बात की है।

बीकानेर एक्सप्रेस बीकानेर से चलती है जहाँ पर रास्ते में कुल 34 स्टेशन पड़ते है। करीब 48 घंटे का सफर होता है जिसमे राजस्थान , यूपी, बिहार पश्चिम बंगाल और असम के कई बड़े स्टेशन पड़ते है।
बहरहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है हालाँकि रेस्क्यू ऑपरेशन करने वालों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

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