झीलों में डीजल-पेट्रोल चालित मोटरबोट का संचालन बेधडक

boat-ride in fateh sagar
पानी पर तेल की सतह बनने से झील में हवा व प्रकाश नहीं पहुंच पाता
उदयपुर। झीलो में चल रही डीजल,पेट्रोल चलित मोटरबोट से झीलो में फैल रहे प्रदूषण पर डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट , झील संरक्षण समिति, चांदपोल नागरिक समिति ने गहरा आक्रोश व चिंता व्यक्त की है। झीलो को स्वच्छ व सुन्दर बनाने की राष्ट्र्रीय झील संरक्षण योजना के तहत कार्य चल रहा है दूसरी तरफ झीलो के पानी को सीवर, तेलीय पदार्थ और कचरा फैक दूषित किया जा रहा है तथा मोटरबोट से प्रवासी पक्षिओ पर भी विपरित प्रभाव डाला जा रहा है।
झील संरक्षण समिति के अनिल मेहता ने कहा कि जब तेल की सतह पानी के ऊपर बन जाती है ऐसी अवस्था में झील के पानी में हवा व प्रकाश नहीं पहुंच पाता परिणाम स्वरुप पूरी झील का पर्यावण दूषित हो जाता है। झील तंत्र को बचाने के लिए प्रशासन को इस पर तुरंत कठोरता से रोक लगानी चाहिए।
चांदपोल नागरिक समिति के तेजशंकर पालीवाल ने कहा कि विगत छ: वर्षो से झीलो में डीजल पेट्रोल चालित मोटरबोट पर प्रतिबन्ध होने के बावजूद इनका संचालन होना प्रशानिक शिथिलता का परिणाम है। पालीवाल ने इसके साथ ही झीलो में समां रहे सीवर को रोकने कि जरुरत भी बतलायी।
ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि शहर कि झीले पेय जल के प्रमुख स्त्रोत है, झीलो में रिस रहा ईंधन सीवर झील के साथ साथ इंसानी स्वास्थ्य को भी प्रभावित करेगा। झीलो की वास्तविक सुंदरता इनके गुणवत्ता युक्त जल से ही आंकी जानी चाहिए ना कि बाह्य कृत्रिम बनावट साज सज्जा से।

Previous articleगुरू गोविंद सिंह जयंती पर नगर कीर्तन
Next articleनौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधडी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here