प्रभावशाली लोगों पर यूआईटी मेहरबान

photo1-प्रभावशाली लोगों की

जमीनों को बचाने के लिए दिया जा रहा है अवैध रूप से मोड़
उदयपुर। शोभागपुरा से आरटीओ ऑÈिस तक निकाली जाने वाली रोड को अधिकारी अपनी मनमर्जी से रसूखदारों और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जहां चाहे मोड़ देकर बनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा छोटे-छोटे खातेदारों की सुनी तक नहीं जा रही है, वहीं प्रभावशाली लोगों की एक Èीट जमीन भी सड़क के बीच ना आ जाए। इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
यूआईटी द्वारा शौभागपुरा चौराहे से आरटीओ तक 100 Èीट रोड निकाली जा रही है। यूआईटी के अनुसार उनके द्वारा आवप्त की हुई जमीनों से ही कब्जे हटाए जा रहे है, जबकि मौके पर स्थिति कुछ और ही है। 100 Èीट रोड पर नियम के अनुसार कही टर्न नहीं होना चाहिए, जबकि यूआईटी ने सारे-नियम कायदे ताक पर रख कर इस रोड को तीन जगह से टर्न दे दिया है। अधिकारी कागजों में बताते है कि यह टर्न मास्टर प्लान के अनुसार दिए गए हैं, जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता।
निजी स्कूल को पंहुचा दिया Èायदा : इस निर्माणधीन सौ Èीट रोड पर नवनिर्मित निजी स्कूल डीपीएस पर यूआईटी के अधिकारी इतने मेहरबान है कि अगर सर्वे किया जाए, तो सीधे सीधे तौर पर डीपीएस स्कूल की बाउंड्री के अंदर से करीब 20 Èीट जमीन रोड के हिस्से में आती है, लेकिन अधिकारी इस स्कूल के मालिक पर इतने मेहरबान है कि एक Èीट जमीन भी उन्होंने स्कूल की नहीं ली और इसकी वजह से रोड को दो जगह से टर्न दे दिया और उसके सामने आने वाले खातेदारों की जमीनों पर खातेदारों को सुने बिना ही बुलडोजर चला दिया।
प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए यू टर्न : डीपीएस स्कूल के आगे के प्रभावशाली भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का मकान और प्लाट की जमीन रोड पर नहीं आ जाए। इसके लिए पूरी सड़क को सीधे नहीं लेते हुए लगभग यू-टर्न दे दिया। इन्हीं मकानों के सामने वाले खातेदारों के मकान और प्लाट की बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई।
मकान तोडऩे गए, लेकिन बेरंग लौटे : यूआईटी तहसीलदार और पटवारी जाब्ते के साथ 100 Èीट रोड पर शंकरसिंह के मकान पर कार्रवाई करने के लिए गए, लेकिन मौके पर आए मकान मालिक व परिजनों ने मकान गिराने के आदेश मांगे व कोर्ट के आदेश मांगे, तो अधिकारी उनको बताने में असमर्थ रहे। विरोध के चलते यूआईटी दस्ता बेरंग लौट आया, वहीं चित्रकूटनगर में शिमला पत्नी किशोर धनावत के मकान की किश्ते जमा नहीं होने पर सीज करने गए अधिकारियों को हाईकोर्ट के स्टे के आदेश के चलते बेरंग लोटना पड़ा।

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