हिम्मत होती तो चुनाव लड़ते फिर जीतते – हिमांशु

2 (13)2 (18) copyउदयपुर । एमएलएसयू के निवर्तमान अध्यक्ष हिमांशु चौधरी ने चुनाव कार्यालय के बाहर चुनावी प्रक्रिया पर कई सवाल उठाये और भाजपा के मंत्रियों और ऊपर के नेताओं के प्रभाव में आकर रौनक पुरोहित का पर्चा निरस्त करने का आरोप लगाया। हिमांशु चौधरी ने एबीवीपी के चुनाव प्रभारी अरुण तिवारी को ललकारते हुए कहा कि चालबाजी से नहीं और हिम्मत होती तो चुनाव लड़ के जीतते तब जानता । चौधरी की आँख में एक बार तो आंसू आगये। गौरतलब है कि हिमांशु चौधरी निवर्तमान अध्यक्ष है, और रौनक पुरोहित को टिकिट दिलवाने से लेकर चुनाव लड़वाने तक हिमांशु ने एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया था। हिमांशु चौधरी पूरी तरह आश्वस्त थे कि रौनक पुरोहित निश्चित तौर पर अध्यक्ष बनेगे।
प्रत्याशियों की सूचि शाम 7.30 बजे बाद भी नहीं लगाने से एक बार हिमांशु चौधरी गुस्से में आगये। इसी बीच एबीवीपी के प्रत्याशी सोनू आहारी उनके पास आकर हाथ मिलाने लगे और बधाई देने को कहा तो चौधरी उखड़ते हुए खड़े हो गए की किस बात की बधाई दू । चुनाव लड़ के नहीं जीते हो धोखे बाजी से ये सारी प्रक्रिया अपनाई जारही है।
हिमांशु चौधरी ने चुनाव अधिकारी पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगे कि अगर उनके पास हाईकोर्ट के आदेश १८ अगस्त को आगये थे तो उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया । संशोधित आदेशों को अखबार में विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया जाना था।
हाईकोर्ट में क्रिमनल केस को लेकर रीट लगाई गयी थी जिसमे क्रिमनल केस वालों को चुनाव की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए पर जोर दिया गया था जिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लिंगदोह कमिटी की सिफारिशों के आधार पर आदेश दिए थे की अपराधिक मामले जिस प्रत्याशी पर चल रहे हों वह चुनाव नहीं लड़ पायेगा । यह आदेश चुनाव अधिकारी के पास १८ अगस्त को आगये थे ।

 

 

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