बाबेल की हत्या करने का था प्लान !

डर के कारण बार-बार बयान बदल रहे हैं बाबेल, ठेकेदार माफिया ने रची हत्या की साजिश, आत्महत्या या हादसे जैसे कोई साक्ष्य नहीं लगे पुलिस के हाथ

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उदयपुर। नगर निगम के वरिष्ठ एक्सईएन समरथसिंह बाबेल ने आत्महत्या करने की कोशिश नहीं की थी, बल्कि उनकी हत्या करने के लिए कुछ बदमाशों ने उनकी कलाइयां काटकर उन्हेें वहां फेंक दिया था। पता चला है कि इस वारदात को ठेकेदार माफिया द्वारा अंजाम दिया गया है। हालांकि श्री बाबेल आज भी एमबी हॉस्पीटल के आईसीयू में उपचाराधीन है, लेकिन वहां भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि श्री बाबेल की कलाइयां काटकर आत्महत्या की कोशिश का रूप दिया गया है। प्लान तो उनका मर्डर करने का था लेकिन भाग्य से वे बच गए। पता चला है कि श्री बाबेल के पास लाखों रुपयों के भुगतान की फाइलें पड़ी हुई हैं, जिन पर उनके हस्ताक्षर आवश्यक है। श्री बाबेल ने फर्जी बिलों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, इसी वजह से ठेकेदार माफिया उनकी जान लेने पर तुला हुआ है। बताया गया है कि करीब सात लाख रुपए के भुगतान की एक फाइल विवाद का कारण बनी तो उन्हें निबटाने की योजना बनाई गई। इसके तहत ठेकेदार माफिया ने सुपारी दे दी। सुपारी लेने वाले गिरोह ने रैकी करते हुए वारदात स्थल तय किया। जब बाबेल बाइक से दूधतलाई पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें निर्जन स्थान पर दबोच लिया। उन्हीं लोगों ने बाबेल की कलाइयां काटी और उन्हें बेहोशी की हालत में वहीं छोड़ कर फरार हो गए। बताया यह भी गया है कि भय के कारण बाबेल बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। पता चला है कि निगम में हर काम पर १५ प्रतिशत कमीशन लंबे अर्से से बंधा हुआ है। इसमें से दो प्रतिशत एक्सईएन, एक-एक प्रतिशत जेईएन, दो प्रतिशत कमिश्नर और आधा प्रतिशत बाबू को मिलता है। बताया गया है कि निगम में ऐसे कई कर्मचारी है, जिन्होंने अपने परिजनों और विश्वास के लोगों के नाम पर ठेके भी ले रखे हैं। एक कर्मचारी तो ऐसा भी है, जिसने अकेले ने ३४ वार्डों में ठेके ले रखे हैं। बताया गया है कि ईमानदार कर्मचारियों पर भारी दबाव है। कुछ समय पहले एक क्लर्क महेश गोयर को एक पार्षद ने निगम के दफ्तर में ही पीट दिया लेकिन कमिश्नर ने मामला पुलिस मेें दर्ज नहीं कराया। बताया गया है कि वर्षों पहले कमिश्नर रणजीतसिंह गठाला पर कथित आठ हजार की सुपारी देकर चांदपोल क्षेत्र में हमला करवाया गया था। इसमें लिप्त लोगों को बाद में तत्कालीन कांग्रेस के गृहमंत्री ने अपने प्रभाव से बचाया। सूत्रों ने बताया कि पूर्व कमिश्नर के पीए रंगीन मिजाज रघुवीरसिंह राठौड़ को भी आधी रात में सूरजपोल चौराहे पर ट्रक से कुचल दिया गया। वह भी मर्डर था, लेकिन उसे एक्सीडेंट में निरूपित कर दिया गया। पता चला है कि पुलिस ने श्री बाबेल के नये बयान में सीढिय़ों से गिरने से घायल होना लिखा है, लेकिन जहां वे पड़े मिले वहां दूर-दूर तक सीढिय़ां है ही नहीं।

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