राजपूत एवं ब्राह्मण मतदाताओं को मनाने में जुटे कटारिया

katariya rajput

राजपूतों के प्रमुख संगठनों ने कहा ’हम कटारिया के साथ’
छात्र संघर्ष समिति से विरोध बरकरार
उदयपुर, भाजपा के प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया ब्राह्मणों और राजपूतो को मनाने की जी तोड कोशिश कर रहे है। और इसमें काफी हद तक कामयाब भी होते दिख रहे है। जहाँ ब्राह्मणों के वीप्र फाउंडेशन के कुछ पदाधिकारियों से कटारिया ने अपने मतभेद भुला कर सुलह कर ली है वहीँ राजपूतो के अग्रिम संगठन राजपूत महासभा और क्षत्रिय महासभा ने कटारिया के समर्थन का आव्हान किया है। लेकिन छात्र संघर्ष समिति जेसे युवा छात्र संगठनों से मतभेद अभी भी बरकरार है ।
गौरतलब है कि टिकिट वितरण के बाद मेवाड में ब्राह्मणों की अनदेखी और वल्लभनगर विधान सभा सीट में रणधीर सिंह भींडर का कटारिया द्वारा विरोध के बाद शहर में कटारिया का विरोध शुरू हो गया था, और इस के चलते कटारिया के कई जगह पुतले भी फूंके गए थे । तब से कटारिया इन समाजों के मान मनव्वल में लगे हुए है।
आज हुई राजपूत महासभा की बैठक और पिछले दिनों चली आरही क्षत्रिय महासभा के साथ बैठक के सक्रिय परिणाम आने लगे है । गुरूवार को हुई राजपूत महासभा की बैठक में महासभा के सभी पदाधिकारियों ने कटारिया का समर्थन देने कि बात की है। कटारिया से सभी समस्याओं पर खुल कर चर्चा हुई गिले शिकवे हुए लेकिन अंत में पदाधिकारियों ने अपना समर्थन कटारिया को दे दिया महासभा के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि बैठक में सम्भागीय महामंत्री गणपत सिंह पंवार , पूर्व महामंत्री हेमराज सिंह भाटी जयसिंह पंवार, भवर सिंह राठोड , एडवोकेट करण सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ समाज जन मौजूद थे। इधर क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत ने भी कहा है कि क्षत्रिय महासभा कटारिया के साथ है, और हमेशा कटारिया के साथ ही रही है । कानावत ने कहा कि जो लोग कटारिया का वोरोध कर रहे है, वे मेवाड के राजपूत नहीं वे मारवाड और बाहर के राजपूत है, मेवाड के राजपूतों का कटारिया से कोई विरोध नहीं है ।
पिछले दिन ब्राम्हणों के अग्रिम संगठन वी प्र फाउंडेशन के पदाधिकारी व् बडगाव के पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश शर्मा से मुलाकात की जहां पुराने गिलेे शिकवे दूर किये गए। कैलाश शर्मा के निष्कासन को लेकर चल रही नाराजगी दूर करने कि कोशिश की गयी। छात्रों कि राजनीति में संगठन और पार्टी को दूर रखने का कह कर कटारिया ने कहा कि आप पार्टी का काम करो हमेशा संगठन के साथ रहे हो और अभी भी संगठन का हिस्सा हो। कटारिया ने कहा कि जो भी शिकायत है उसको दूर कि जा सकती है, उसको आप जातीगत चुनाव मत बनाओ यह आम चुनाव है जातीगत नहीं है । कटारिया ने कहा कि शहर के प्रत्याशियों में मूल्यांकन करो फिर आप समर्थन करो।
कैलाश शर्मा विप्र फाउंडेशन में भी पदाधिकारी भी है, इस आधार पर भी कैलाश शर्मा से सुलह कर कटारिया ने ब्राह्मणों को मनाने की एक और कोशिश की है। और साथ ही कटारिया के विरोध में चल रही छात्र संघर्ष समिति का विरोध भी कम हो क्यों कि छात्र संघर्ष समिति में कैलाश शर्मा के परिवार के सदस्य ही अधिकतर जुडे हुए है।
खबर भ्रामक :कटारिया की घोर विरोधी छात्र संघर्ष समिति का भाजपा में विलय की खबर आज सुबह मेल व एसएमएस के जरिये फैल गयी जब कि बाद में उसका खंडन भी आ गया इधर सीएसएस के पदाधिकारियों का कहना है, कि अभी कटारिया के विरोध में शहर में कटारिया विरोधी लहर चल रही है और इसी को कम करने के लिए यह झूठी खबर फैलाई गयी है। गौर तलब है कि पिछले दिनों छात्र संघर्ष समिति और वि प्र फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने कटारिया के कई जगह पुतले जलाये थे। और कटारिया का पुरजोर विरोध किया था।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष तनवीर सिंह कृष्णावत जिनके नाम से छात्र संघर्ष समिति का भाजपा में विलय की खबर फैलाई गयी थी उन्होंने भी इस बात का खंडन किया है कि छात्र संघर्ष समिति का भाजपा में विलय जैसी कोई बात नहीं है।

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