शॉट सर्किट से लगी श्रीनाथ मंदिर में आग

-नहीं पहुंच पाई Èायर ब्रिगेड, स्थानीय लोगों ने बुझाई आग
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उदयपुर। नाथद्वारा में श्रीनाथ मंदिर परिसर में बनी रसोई घर में कल रात शॉट सर्किट से आग लग गई, जिसे स्थानीय लोगों ने ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत करके बुझाया। घटनास्थल पर तंग गलियों के कारण Èायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई। इधर, मंदिर प्रशासन के पास भी ऐसी घटनाओं से निबटने के कोई साधन नहीं थे। आग इतनी भीषण थी कि इससे पूरे क्षेत्र में खौÈ Èैल गया। रसोईघर की छत उड़ गई।
जानकारी के अनुसार कल रात श्रीनाथजी मंदिर परिसर में स्थित रसोई घर में भीषण आग लग गई। रसोई घर में कई घी के पीपे और टोकरियां रखी हुई थी, जिससे आग देर तक भभकती रही। रह-रहकर पीपों के धमाके होते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में खौÈ Èैल गया। बताया जा रहा है कि शॉट-सर्किट से बांस की टोकरियों में आग लग गई और उसके बाद रसोई में पड़े घी के पीपों ने आग का विकराल रूप ले लिया। ढाई घंटे तक लगी आग की वजह से रसोई घर की टीन की छत भी उड़ गई।
बड़ा हादसा होने से टला : स्थानीय लोगों के हौसलें और जÓबे की वजह से भीषण आग को बुझाया गया। इस कारण बड़ा हादसा होते होते टल गया, क्योंकि जहां आग लगती रही, वहां &00 मीटर की दूरी पर ही गैस स्टोरेज का टेंक बना हुआ है, जिसमें दो टेंकरों जीतनी गैस होती है, अगर कभी वहां तक आग पहुंचती तो मंदिर ही नहीं आसपास की बस्ती में भी बड़ा नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों ने सुझ-बुझ का परिचय देते हुए गैस प्लांट की पाइप लाइन बंद कर दी तथा वहां तक आग को नहीं पहुचने दिया।
दमकल वाहन नहीं पहुंच सकें: मंदिर परिसर में लगी आग तक नाथद्वारा और राजसमंद से गई कोई भी दमकल वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि मंदिर जाने के लिए रास्ता तंग गलियों से होकर जाता है, जहां बड़ी Èायर ब्रिगेड गाड़ी क्या छोटी का आना भी मुश्किल है। घटना स्थल पर जमा सैंकड़ों लोगों ने पुलिस प्रशासन की मदद करते हुए आग पर ढाई घंटे बाद काबू पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कल लगी आग में मंदिर प्रशासन की लापरवाही सामने आई, क्योंकि मंदिर के अंदर ऐसी घटना पर काबू पाने के लिए कोई भी उपाय या साधन सुविधा नहीं है। आग वहां सिर्È लोगों की मदद से बाल्टी और डब्बों से पानी डाल कर बुझाई गई। इस बात पर मंदिर प्रशासन अभी तक चुप्पी साधे हुए है। मंदिर सीईओ ने मीटिंग में व्यस्त होते का कहकर वर्जन देने से इनकार कर दिया।
वर्जन..
आग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मय जाब्ते के वहां पहुंच गया था मंदिर के बाहर पुलिस की निगरानी रहती है। अंदर की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन की होती है। तंग गालियां होने से Èायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी। सूचना पर जिला कलेक्टर भी तुरंत पहुंच गए थे, अभी घटना की जांच करवाई जाएगी।
-श्वेता धनखड़, एसपी, उदयपुर

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