शराब की दुकाने बंद करवाने के लिए प्रदर्शन नहीं मतदान करो

wine shopउदयपुर। अब आबादी के बीच में शराब की दुकान खुली हो और आपको परेशानी हो रही हो तो विरोध या धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।लाेकतांत्रिक तरीके से शराब की दुकान को मतदान कर भी शांतिपूर्ण तरीके से हटाया जा सकता है। आबकारी विभाग की नीति में प्रावधान किया गया है, और नई मद्य संयम नीति के तहत प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष शराब की दुकान के विरोध में मतदान कर शराब की दुकान को हटाया जा सकता है। चाहे शराब की दुकान शहरी क्षेत्र में हो या ग्रामीण क्षेत्र में। इस नीति के तहत एकजुट होकर शराब की दुकान को हटाने में आसानी होगी। अब तक कानून को हाथ में लेकर असंवैधानिक तरीके से शराब की दुकान को हटाने के लिए क्षेत्रवासी हंगामा, धरना प्रदर्शन जैसे विरोध के गैरकानूनी तरीकों को अपनाते आए हैं। पिछले कई समय से शहर में शराब की दुकान को खोलने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके है। कई जगह शहरवासियों ने विरोध जताते हुए जबरन दुकान को बंद करा दिया। प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपे गए। लेकिन अब ये सब करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खुलने के आदेश दिए है। लेकिन गली मौहल्लों में शराब की दुकान संचालित करने और हटाने को लेकर कोई प्रावधान पूर्व में नहीं थे। गली-मोहल्ले में शराब की दुकानें हटने को लेकर शहर में कई बार विरोध प्रदर्शन होते रहे है। कानून से अनजान लोग नियम तोड़ जाने अनजाने विरोध कर अपने आपको मुसीबत में डाल लेते हैं। कई बार विरोध करने पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा भी झेलना पड़ता है। नयी आबकारी नीति के तहत यह सब करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ये है मतदान प्रक्रिया :
जिस भी वार्ड में शराब की दुकान है, और उससे क्षेत्रवासियों को दुकान हटाने के लिए मतदान करना होगा। शराब की दुकान को हटाने के लिए वार्ड के 20 प्रतिशत वोटर ही काफी है। शर्त ये है कि वार्ड के कुल मतदाताओं में से 20 प्रतिशत वोटर्स (जिनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो) को शराब की दुकान हटाने के लिए एडीएम के समक्ष आपत्ति दर्ज करानी होगी। एडीएम मतदान की तारीख मुकर्रर करेंगे। इसके बाद एडीएम के आदेशानुसार दी हुई तारीख को मतदान कराया जाएगा। मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं में से 51 प्रतिशत वोटर्स की राय मान्य होगी। इससे कम वोटिंग के आधार पर दुकान नहीं हटाई जा सकती।

एक जुलाई से पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना फ्यूल नहीं

प्री पेड ऑटो के लिए पुख्ता व्यवस्था करें -जिला कलक्टर
उदयपुर लो कॉर्बन मोबिलिटी प्लान के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल
pollution controll
उदयपुर | लो कॉर्बन मोबिलिटी प्लान में देश के चुनिंदा पांच शहरों में उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना मं शामिल किया गया है। इसे लेकर जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने एक बैठक आयोजित कर परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी वाहनों की प्रदूषण मुक्त वाहनों के रूप में जांच कराते हुए इस आशय का प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। एक जुलाई से बिना ‘पॉल्यूशन अंडर कन्ट्रोल‘ सर्टिफिकेट वाले किसी भी वाहन को पेट्रोल/डीज़ल नहीं मिल सकेगा। जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में अधिकाधिक प्रदूषण जांच केन्द्र स्वीकृत करने की कार्रवाई भी करें।
जिला कलक्टर ने कहा कि शहर में पेट्रोल पम्पस् एवं ऑटोमोबाइल एजेन्सीज पर प्रदूषण जांच की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही इन सेंटर्स द्वारा सही ढंग से जांच की जा रही है अथवा नहीं इसकी परिवहन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में जिला कलक्टर ने ऑटो चालकों द्वारा मनमानी राशि वसूली रोकने के दृष्टिगत रेलवे स्टेशन्स/बस स्टेण्ड पर प्री पेड सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्री पेड सिस्टम की पालना यातायात पुलिस तत्परता से करवाएं।
बैठक में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी एम.एल.रावत ने बताया कि उदयपुर में वर्तमान में शहर में 10 पीयूसी सेन्टर हैं तथा फतहनगर में एक पीयूसी सेंटर अधिकृत तौर पर कार्यरत है। साथ ही निकाय क्षेत्र व उपखण्ड मुख्यालयों पर प्रदूषण जांच केन्द्र के लिए परिवहन विभाग को आवेदन किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण फैला रहे वाहनों पर सख्ती की जायेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन निलम्बित करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मण्डल एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आगामी कार्ययोजना के सुझाव रखे।

ये टेस्ट बताएगा क्या अगले 5 सालों में होने वाली है आपकी मौत ?

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कहते है कि इंसान की मौत कब होगी इसकी भविष्यवाणी ना तो आज तक कोई कर सका है और ना कि कर सकेगा। ना तो ज्योतिष इस बात की गणना कर पाएं है और ना ही वैज्ञानिक। कहने की अर्थ ये है कि संसार में मौत से बड़ा सत्य कुछ भी नहीं है। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसा टेस्ट आ गया है जिससे आप ये पता लगा सकते हैं कि आपकी मौत कब होगी?
सुनने में जरा अचरज भरा है, लेकिन ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने लोगों की मृत्यु के जोखिम की गणना करने के लिए 11 सवालों का एक सेट तैयार किया है। इन सवालों से भरा ये टेस्ट आपको ये बता देगा कि क्या आपकी मृत्यु अगले पांच सालों में होने वाली है या फिर नहीं।

इन 11 सवालों के इस सेट से 5 मिनट की ऑनलाइन टेस्ट से किसी व्यक्ति के अगले पांच साल जीने की संभावना का पता लगाया जा सकता। इसे बनाने का श्रेय हैस्वीडन के उपसाला यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एरिक एनगेलसन को जाता है, जिन्नेहोंने ये कैलकुलेटर को बनाया। यह कैलकुलेटर 40 से 70 साल के लोगों को उनके स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करेगा। एनगेलसन का मानना है कि इस टेस्ट की मदद से डॉक्टरों को भी मरीजों के डेथ रिस्क को पहचानने में मदद मिलेगी।

क्या है डेथ कैलकुलेटर

एनगेलसन द्वारा तैयार इस डेथ कैलकुलेटर में पीने की आदतों और बॉडी मास इंडेक्स को इस कैलकुलेटर में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि धूम्रपान की आदतों को शामिल किया गया है। वहीं दुर्घटनाओं से होने वाली मौत को भी इस कैलकुलेटर से बाहर रखा गया है। ये रिस्क कैलकुलेटर किसी व्यक्ति की 5 साल में मौत के जोखिम का तुलनात्मक गणना करेगा।

 

बहुत जल्द मार्केट में दिख सकती है फीमेल ‘वायग्रा’!

Lady-Prelox_Udaipur. अभी तक केवल आप पुरूषों की यौन इच्छा बढ़ाने की दवा ‘वायग्रा’ का नाम सुनते होंगे लेकिन अब मार्केट में महिलाओं की भी यौन पॉवर बढ़ाने की दवा भी मार्केट में आने वाली है। खबर है कि महिलाओं की दवा ‘वायग्रा’ को जल्द अप्रूवल मिल सकता है क्योंकि अमेरिका में फेडरल अडवाइजरी पैनल ने इस मामले में सिफारिश की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के हिसाब से क्योंकि अमेरिका में महिलाएं अपने पॉवर को बढ़ाने के लिए लगातार मांग कर रही है, इसके लिए लगातार काफी समय से देश में सेमीनार और कैंपन चलाये जा रहे हैं। जो खबर है उसके हिसाब से इस मसले पर वोटिंग भी हुई है जिसमें FDA के लिए 18 वोट पड़े हैं और 16 वोट उसके विरोध में पड़े हैं।
फेडरल अडवाइजरी पैनल ने जो प्रोजेक्ट सामने रखा है उसमें इस दवा के इफेक्ट और साइड इफेक्ट की भी बातें रखी गई हैं। अगर सब कुछ सही रहा तो मार्केट में जल्दी ही आपको ‘वायग्रा’ फॉर फीमेल देखने को मिलेगा।

नेहरू गार्डन में अब नहीं बजेगी शहनाई

nehru-park-उदयपुर.  फतहसागर झील के बीच नेहरू पार्क में अब शहनाई नहीं गूंजेगी। झील के बीच सितारा होटल की तर्ज पर राज्य सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)  के नेहरू पार्क में भी शादियां व अन्य आयोजन करवाकर राजस्व कमाने की राह पकड़ी थी। अब सरकार ने वहां आयोजनों पर रोक लगा दी है।

विभाग ने यहां तीन शादियों की बुकिंग रद्द कर आयोजकों को सूचित कर दिया है। इस निर्णय से झीलों के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों को बल मिलेगा।

राज्य सरकार को उदयपुर के वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक की ओर से पार्क में एक शादी समारोह के आयोजन का आवेदन भेजा। इस जयपुर विभागीय मुख्यालय से अधीक्षण अभियंता (भवन)  एमएल वर्मा ने आदेश जारी किए कि नेहरू पार्क में आयोजन नहीं किया जा सकेगा।

अब तक नेहरू पार्क में शादियों के लिए आयोजकों को वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय में आवेदन करना होता था। वहां से मूल आवेदन राज्य सरकार को भेजा जाता था।

तीन बुकिंग निरस्त

विभाग ने मुख्यालय से पत्र मिलते ही हाथों-हाथ तीन शादियों की एडवांस बुकिंग निरस्त करने के आदेश निकाल दिए।

अब आयोजकों को अमानत राशि लौटाई जा रही है। ये शादियां एक, दो दिसंबर तथा अन्य तारीखों में होने वाली थी।

नेहरू पार्क में कम बजट में मांगलिक आयोजन के लिए जगह तो मिल जाती थी, लेकिन मेहमानों को पार्क तक लाने-ले जाने के लिए नाव का खर्चा ज्यादा होता था।

पीडब्ल्यूडी वहां एक दिन का करीब 75 हजार रुपए किराया लेता है। कम बजट होने के बाद भी शादियां इसलिए खास हो जाती थी,  क्योंकि कम बजट में हिलोरें मारती झील के के बीच आयोजन हटकर नजर आता था।

फतहसागर को फायदा, नहीं बिखरेगी गंदगी-जूठन

झीलों के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और राज्य सरकार के आदेश, कानून की समग्र रूप से पालना के लिए उपरोक्त रोक लगाई जा रही है।

इस फैसले के बाद फतहसागर के संरक्षण में भी मदद मिलने की बड़ी सरकारी पहल नजर आई है। नेहरू पार्क में आयोजन को लेकर वैसे तो सफाई शुल्क लिया जाता रहा, लेकिन फिर भी वहां झूठन और गन्दगी झीलों में डालने की शिकायतें भी मिलती थीं।

कैद करके बनाते रहे हवस का शिकार और फिर किया घिनौना काम

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kidnape-and-rape-उदयपुर.  जिले के जोगीवड़ गांव की एक विवाहिता को बहला फुसला कर गुजरात ले जाने व सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेचने का मामला यहां कोटड़ा थाने में परिवाद के जरिए दर्ज किया गया है। जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार एक माह पहले छह  मई को  सुबह 9 बजे विवाहिता अपने घर से रिश्तेदार के यहां धागीवास जाने के लिए निकली थी।

कोटड़ा में अस्पताल चौराहे पर उसे गांव का मिरीया मिल गया। मिरीया ने  बताया कि वह धागीवास जा रहा है। यह कहते हुए उसे बाइक पर बैठा लिया।

लेकिन वह पीडि़ता को गांधीसरणा होता हुआ गुजरात के वाकल गांव में मकना के घर ले गया। पीडि़ता के  विरोध करने पर मकना व मिरीया  ने मिलकर  उसके हाथ -पैर बांधे व मकान में बंद कर दिया। देर रात  दोनों ने अपने दोस्त सिरोही के जीतू उर्फ  जितेन्द्र सिंह को भी बुलवा लिया। बाद में तीनों ने उसके मुंह में कपड़ा ठंूसा व दुष्कर्म किया।

अगले दिन  एक अन्य युवक खेरोज निवासी अमृत ठाकोर  गाड़ी लेकर वाकल स्थित मकना के घर आया । पीडि़ता को जबरन गाड़ी में बैठाया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की पीडि़ता के चेहरे व पैर पर  चोटें आई।

आरोपित उसे अम्बाजी लेकर पहुंचे।  वहां इनका एक और साथी लक्ष्मण मिल गया। यहां से गुजरात के ऊंझा गांव ले गए ।

जहां पहले से तैयार बैठे लालू भाई  ठाकोर को 1 लाख 15 हजार रुपए में पीडि़ता को बेच दिया। ऊंझा  में लालू भाई रोजाना जान से मारने की धमकी दे कर दुष्कर्म करता।

लगभग 11 दिनों  तक यह पीड़ा झेलने के बाद  17 मई को पीडि़ता को वहां से निकलने का मौका मिल गया । जैसे -तैसे वह अंबाजी तक आ गई ।

यहां उसकी तलाश कर रहे पति व भाई  मिल गए।  उसने दोनों को आपबीती सुनाई। कोटड़ा पंहुचने पर पीडि़ता ने 26 मई को कोर्ट में इस्तगासा पेश किया।

थानाधिकारी भोपाल सिंह ने बताया कि मामला अनुसूचित जाति जनजाति का होने के कारण जांच कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक शैतान सिंह कर रहे हैं।

पुलिया पर लटकी तो ठहर गई सांसें

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उदयपुर. जिले के कोटड़ा कस्बे में एक जीप अनियंत्रित होकर पामरी नदी के पुलिया पर लटक गई। उसमें सवार युवक उछलकर नदी में जा गिरा।

जीप का एक पहिया पुलिया से नीचे चला गया पर चालक के नियंत्रण पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान  जीप में बैठे यात्रियों की जान पर बन आई।

हालांकि राजपुर निवासी  नरेश (32) पुत्र मेहता जीप से उछल कर करीब 15 फीट नीचे नदी में जा गिरा।

नदी की तलहटी में घास -फूस , पानी व  गीली मिट्टी होने के कारण नरेश को कोई गंभीर चोट नहीं लगी।

घटना के तत्काल बाद चालक जीप को मौके पर ही यथास्थिति में छोड़ कर भाग गया। बाद में सभी सवारियां भी उतरकर चलती बनी।

जश्न – ए – परवाज़ का जादू में देर रात तक छाया रहा

indian-mushaira-5573f1514e165_l (1)उदयपुर. गुलाब, ख्वाब, दवा, जहर, जाम क्या-क्या है, उदयपुर वालों मैं आ गया हूं बताओ इंतजाम क्या है, चलते फिरते हुए महताब दिखाएंगे तुम्हें, हमसे मिलना कभी पंजाब दिखाएंगे तुम्हे, चांद हर छत पर है, सूरज हर एक आंगन में, नींद से जागो तो कुछ ख्वाब दिखाएंगे तुम्हें। ख्यात शायर डॉ. राहत इंदौरी ने कुछ इसी अंदाज में जश्न-ए-परवाज शाम को रंग दिया तो।
मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली ने “अबके खफा हुआ है इतना खफा भी हो,
तू भी हो और तुझ में कोई दूसरा भी हो,

आँख न छीन मेरी नकाब बदलता चल,
यूँ हो की तू करीब भी हो और जुड़ा भी हो,
गाजर के अशआरों ने समा को जवान करदिया। निदा फ़ाज़ली ने आमिर खुशरों की लिखी ग़ज़लें और दोहे भी पढ़े। आखिर में बड़े शायर वसीम बरेलवी ने अपने अलग अंदाज़ में तरन्नुम के साथ जब नज़म पड़ी तो श्रोता झूम उठे और हर तरफ से वाह वाह की दाद आती रही। बरेलवी के
” अपने हर एक लफ्ज़ का खुद एक आइना हो जाऊगां,
उसको छोटा कह के में कैसे बड़ा होजाउगां ,
तुम गिरने में लगे थे तुमने सोचा ही नहीं,
में गिरा तो मसाला बन कर खड़ा होजऊगां । जैसी कई ग़ज़लों पर खूब दाद मिली ।
रात दो बजे तक चले मुशायरे का संचालन अनवर जलालपुरी ने किया। उनकी सुनाई नज्म ‘तुम्हारे घर में दरवाजा है लेकिन तुम्हें खतरे का अंदाजा नहीं, हमें खतरे का अंदाजा लेकिन हमारे घर में दरवाजा नहीं….. ने श्रोताओं को चौकन्ना रहने का संदेश दिया।
सृजन द स्पार्क एवं हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के साझे में लोककला मण्डल के मुक्ताकाशी रंगमंच पर भारतीय मुशायरा में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए गए।
इंदौरी ने युवाओं के लिए ‘तूफानों से आंख मिलाओ सैलाबों पर वार करो, मल्हाओं का चक्कर छोड़ो, तैर कर दरिया पार करो…… सुना श्रोताओं से खूब तालियां बंटोरी।
उन्होंने जनाजे पर मेरे लिख देना यारों, मोहब्बत करने वाला जा रहा है … नज्म सुनाई तो श्रोता जमकर दाद देने से नहीं चूके। खूब तालियां बजा उनका अभिनंदन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी थे।अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (उदयपुर रेंज) आनन्द श्रीवास्तव ने की।
इस अवसर पर चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक प्रसन्नकुमार खमेसरा, सृजन द स्पार्क के अध्यक्ष श्याम एस.सिंघवी, सचिव राजेश शर्मा, राजेश खमेसरा, दिनेश कटारिया, जिंक के सीओओ (स्मेल्टिंग) विकास शर्मा, सुनील दुग्गल, नवीन सिंघल सहित कई अतिथि मौजूद थे।
कार्यक्रम समन्वयक जयपुर के मोअज्जम थे। मुशायरे की निज़ामत लखनऊ के अनवर जलालपुरी की।
हाथ में हाथ रह जाए…
शायर हसन कमाल ने सूरज लहूलुहान समन्दर में गिर पड़ा, दिन का गुरुर टूट गया शाम हो गई, सबकी बिगड़ी को बनाने निकले यार हम तुम भी दिवाने निकले, धूल है रेत है सेहरा है यहां, हम कहां प्यास बुझाने निकले हैं जैसी रचनाएं सुनाईं तो श्रोता आनंदित हो गए।
शकील आजमी ने ‘कुछ इस तरह से मिले हम की बात रह जाए, बिछड़ भी जाएं तो हाथ में हाथ रह जाए…..Ó नज्म सुनाई तो श्रोता भी उनके साथ शब्दो को दोहराने लगे।
मदनमोहन दानिश ने ‘कभी मायूस न होना किसी बीमार के आगे, भला लाचार क्या होना किसी लाचार के आगे… सुना सभी में जोश भरने का काम किया।
निदा से निजाम तक सब शायर छाए
सितारों से सजी शायरों की इस शाम में देश के 12 ख्यातनाम शायर मुबंई से प्रख्यात शायर निदा फाज़ली, हसन कमाल, इन्दौर से राहत इन्दौरी, बरेली के वासिम बरेलवी, जोधपुर के शीन काफ निज़ाम, मुबंई के शकील आजमी, ग्वालियर के मदन मोहन दानिश, कानपुर से प्रमोद तिवारी, जोधपुर के अरुणसिंह मखमूर, जयपुर की मलिका नसीम और उदयपुर से प्रकाश नागौरी ने शिरकत की।
निदा से निजाम तक सभी शायरों ने श्रोताओं के दिल पर छाप छोड़ी। नागौरी ने जुगनुओं को मशाल जलाते नहीं देखा, दरख्तों को छांव लगाते नहीं देखा, बैखोफ सोते पसर कर जो रोज, रेत पर उन्हें नींद की गोली खाते कभी नहीं देखा जैसी बेहतरीन नज्म सुनाई।

कल्पना पैथलैब में होंगी रियायती दरों पर 369 तरह की जांचे

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उदयपुर । गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय परिसर में पीपीपी मोड आधारित पैथॉलॉजी लेब का उद्घाटन किया। जहां आम जन को किफायती दर पर 369 तरह की जांचों का लाभ आधुनिक मशीनों से मिल सकेगा।
श्री कटारिया ने कहा कि महराणा भूपाल चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलियटी सेवाओं के लिये हर जरूरत को प्राथमिकता से पूरा किया जायेगा। उन्होने कहा कि उदयपुर में ही अहमदाबाद के समकक्ष आधुनिक एवं गुणवत्ता आधारित चिकित्या सेवाओं के लिये सभी जनप्रतिनिधि एवं भामाशाहों को एकजुटता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने बहुत कम दरों पर जांच सेवाओं के लिये आगे आने के लिये कल्पना पैथलेब की सराहना की और कहा कि गरीब को सस्ता इलाज सुलभ हो सके इससे बेहतर और कुछ नहीं है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि चिकित्सालय में प्रतिदिन होने वाली 5 हजार जांचों का कार्य पैथलेब में लगी अत्याधुनिक मशीनों से गुणवत्ता एवं त्वरित गति से हो सकेगा। एमबी हॉस्पीटल के अधीक्षक डॉ. तरुण गुप्ता ने भी चिकित्सालय सेवाओं के विस्तार के लिये प्रतिबद्धता जतायी।

हिन्दुस्तान जिंक को ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्ड

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हिन्दुस्तान जिंक की चन्देरिया ईकाई को फ्रॅास्ट सुलिवन-ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्डहिन्दुस्तान जिंक की ईकाई चन्देरिया लेड-जिंक स्मेल्टर को फ्रॅास्ट सुलिवन-ग्रीन मैन्यूफैक्रिंग एक्सीलेन्स अवार्ड-2015 से पुरस्कृत किया। हिन्दुस्तान जिंक को यह प्रतिष्ठत पुरस्कार हाल ही में होटल हयात मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में धातु क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। ज्ञातव्य रहे कि हिन्दुस्तान जिंक धातु क्षेत्र में देष की अग्रणीय कंपनी है।

यह पुरस्कार कंपनी की ओर से ईकाई के लोकेषन हेड राजेष कुण्डू, निकिता भक्त, एसोसिएट मैनेजर (एच.आर.) एवं आर.एस. राव-एग्जीक्यूटिव (प्रोसस) ने ग्रहण किया।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेषन श्री पवन कौषिक ने कहा कि यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के चन्देरिया लेड जिंक स्मेल्टर ईकाई द्वारा धातु क्षेत्र में उत्कृष्टकता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की मान्यता है।