सरकारी स्कूलों में बच्चों को भर्ती करवाओ

0

govt
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय, ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती कराने का सरकार ने दिया लक्ष्य
उदयपुर। उदयपुर जिले में 1200 से अधिक निजी स्कूल है और इतने ही सरकारी स्कूल भी है। सरकारी स्कूलों की बजाय अभिभावक अपने बच्चों निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यह स्थिति शहर की ही नहीं, बल्कि गांवों की भी है। ऐसे में सरकारी स्कूल में नामांकन बढ़ाने के लिए अब सरकार ने जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि की यह जिम्मेदारी रहेगी कि वो अपने अधीन आने वाले क्षेत्र या गांव के अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूल में कराए।
बच्चों और अभिभावकों को सरकारी स्कूल के प्रति आकर्षित करने के लिए संस्था प्रधान, सरपंच और वार्ड पंचों की स्कूल स्तर पर बैठक होगी, जिसमें ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती कराने के लिए एजेंडा तय किया जाएगा।
इस वर्ष शिक्षा विभाग ने अपनी गाइडलाइन के मुताबिक कम से कम 20 प्रतिशत नामांकन बढ़ाना है। प्रति शिक्षक को 5-5 बच्चों की संख्या बढ़ाने की जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग ने पहले से ही दे दी है। इसको लेकर भी शिक्षक अपने स्तर पर प्रयासरत है। दरअसल 2010 में सर्व शिक्षा अभियान की ओर से ट्रेकिंग सर्वे कराया गया था। जिसमें 45 हजार से ज्यादा बच्चे ऐसे मिले थे, जो स्कूलों की दहलीज से दूर है। उन बच्चों को जोड़ते हुए यह कदम उठाने है। दरअसल शिक्षा विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से लगातार निजी शिक्षण संस्थानों को ज्यादा तवज्जो दिया है। इसके चलते नई पीढ़ी की सोच भी बदली और अभिभावक यहीं चाहते हैं कि निकट स्थान पर जो भी निजी स्कूल हो, वही बच्चे का एडमिशन कराया जाए। इसी सोच के चलते सरकारी स्कूलों में नामांकन कम हुआ है। उदयपुर जिले में ही वर्तमान में करीब 1200 से अधिक निजी स्कूलें संचालित की जा रही है। हालांकि बोर्ड परिणाम सरकारी स्कूल की तुलना में निजी स्कूलों में बेहतर रहता है। यह भी आकर्षण का कारण है।

आज सुबह से वन्यजीव गणना शुरू

0

LeopardDrinkingatnight-1900x700_c

उदयपुर। वन विभाग ने आज सुबह 10 बजे से सालभर की सबसे बड़ी गतिविधि वन्यजीव गणना शुरू कर दी है। इसके लिए उदयपुर डिवीजन के वनों में 200 वाटर हॉल में करीब 500 वन्यजीव प्रेमी और वनकर्मी 24 घंटे तक निगरानी रखेंगे। वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा की दूधिया रोशनी में उदयपुर वाइल्ड लाइफ डिविजन के फुलवाड़ी की नाल, जयसमंद, सज्जनगढ़, बागदड़ा और वन क्षेत्र के साउथ, नॉर्थ डिवीजन वन्यजीवों की गणना का रोमांच रहेगा। विभाग ने हर वाटर हॉल पर कम से कम दो और अधिकतम चार जनों को तैनात किया है। वन्यजीव प्रेमी, एनजीओ और विभाग के एक्सपर्ट की टीम जगह जगह तैनात है। वन क्षेत्रों में कई जगह मचान बनाकर भी गणना की जा रही है। सज्जनगढ़ अभ्यारण में कैमरों द्वारा गणना की जा रही है। गणना में वन विभाग के अधिकारियों, वनकर्मियों, स्कूली छात्र और शिक्षक, वन्यजीव प्रेमी सहित कई लोग शामिल है।
मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे : गणना के दौरान कोई भी कार्मिक अपने मोबाइल का उपयोग नहीं करेगा। यही नहीं किसी भी प्रकार की खुशबू वाली वस्तु का इस्तेमाल भी नहीं करेगा। कार्मिक जो जूते और चप्पल पहन कर जाएंगे, उनको मचान के ऊपर ही रखना होगा।
सांस भी रोकनी पड़ती है : मचान पर बैठे लोगों को जब दूर से जानवर आते दिखाई देते हैं तो कई बार सांस भी रोकनी होती है। कारण सांस की आवाज सुन कर भी जानवर लौट जाया करते हैं। साथ ही मचान पर बैठे लोगों को बीड़ी, सिगरेट पीने तक की मनाही होती है।
यह वन्य जीव है जिले में : पैंथर, जंगली कुत्ते, रोजड़ा, जंगली सुअर, सियार, जरख, लोमड़ी, भेडिय़ा, सियागोश, जंगली बिल्ली, कब्र बिज्जु, नेवला, वनियोर, चींटी खोर, सेही आदि।
वर्जन…
आज सुबह 10 बजे से वन्य जीव गणना शुरू हुई है, जो कल सुबह 10 बजे तक चलेगी। सज्जनगढ़ अभयारण में कमरों से ट्रेकिंग की जा रही है, बाकि जगह मचान बनाकर कार्मिक निगरानी रख रहे हैं।
-टी. मोहनराज, डीएफओ वाइल्ड लाइफ

रुबीना का ब्लेकमेलिंग केस, एक सोचा समझा षड्यंत्र ?

-कथित ब्लैकमेलिंग केस में आया नया मोड़
-कोर्ट में क्यों पेश नहीं कर रही पुलिस अश्लील क्लिपिंग और फोटोग्राफ्स ?
-ब्लैकमेलिंग के आरोपों से घिरी रुबीना की कहानी का एक पहलु यह भी,

women-harrassment-in-india-gang-rape-cases-in-india

उदयपुर । ब्लेकमेलिंग के आरोपों से घिरी रूबीना ने जमानत मिलने के दूसरे दिन इस ’षडयंत्र’ से जुडे कई खुलासे कर सभी को चौंका दिया है । अपने आप को पीड़ित बताने वाले परिवादी भी इस खुलासे और राज़ सामने आने से भयभीत है । । साथ ही पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई भी एक तरफ़ा और सोची समझी षड्यंत्र का हिस्सा लग रही है। रुबीना ने चुनौती देते हुए कहा कि पुलिस के पास मेरी कोई अश्लील क्लिपिंग है तो उसको सार्वजानिक करे । इधर पुलिस पहले ऑडियो का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कर रही थी अब १८ मिनट की वीडियो क्लिप होने का दावा करते हुए जाँच की बात कर रही है।
रुबीना ने उदयपुर पोस्ट को बताया कि उस पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाले परिवादी मोहम्मद शरीफ व् उसके साथियों ने पति प्रवीण कुमावत के साथ मिल कर पुलिस को रिश्वत देकर झूठा केस दर्ज करवाने का आरोप लगाया है। रुबीना ने कहा कि पुलिस ने बिना सबुत बिना जांच किये मुझपर ब्लैकमेलिंग, जिस्म फरोशी , और मसाज पार्लर चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। जब कि इनमे से एक भी आरोप के साक्ष्य पुलिस ने कोर्ट में पेश नहीं कर सकी । रुबीना ने अपने ऊपर ब्लेकमेलिंग का आरोप लगाने वाले मोहम्मद शरीफ और उसके सफ़ेदपोश साथियों को मुंबई लडकिया सप्लाई करने वाला दलाल बताया है।
रुबीना ने दावे के साथ कहा कि पुलिस या फिर उस पर आरोप लगाने वालों के पास अगर उसकी अश्लील वीडियो और फोटोग्रॉफ्स हो तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए । उसका कहना है कि ऐसी कोई क्लिपिंग न तो उसने बनाई और ना ही किसी दूसरे ने बनाई है। रुबीना ने बताया कि जो अश्लील फोटो उसके बता कर वायरल किये जारहे है वह उसके है ही नहीं। जो उसके फोटो है, वह उसके फेसबुक अकाउंट और उसके पति द्वारा वायरल किये जारहे है ।
रूबीना के इस बेबाक खुलासने के बाद पुलिस की सम्पूर्ण कार्रवाई शक के दायरे में आ गई है । गौरतलब है कि पुलिस ने अश्लील फोटो खीच कर ब्लेकमेलिंग करने के आधार पर रुबीना को आरोपी बनाया है, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस कोर्ट में भी इस केस का यह मजबूत साक्ष्य पेश नहीं किया है। रुबीना के वकील राव रतनसिंह ने अनुसंधान अधिकारी को कोर्ट में ऐसे कई सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, जिसके जवाब उनके पास नहीं है।
रुबीना का कहना है कि प्रवीण कुमावत उसका पति है, जिसने और शरीफ और उसके साथियों ने मिलकर उसके खिलाफ ये षडय़ंत्र रचा है। उसका कहना है कि शरीफ उसे रखैल बनाकर रखना चाहता था, जो उसे मंजूर नहीं था। उसी वजह से उसने शरीफ से डेढ़ साल पहले ही दूरियां बना ली और प्रवीण कुमावत के खिलाफ उसने महिला थाने में घरेलु हिंसा का मुकदमा कर रखा है। प्रवीण चाहता था कि उसके खिलाफ पीटा एक्ट की कार्रवाई हो जाए, ताकि उसे घरेलु हिंसा के मामले में मदद मिले। उसने बताया कि अप्रैल माह के पहले सप्ताह में इन लोगों के खिलाफ उसने गोवर्धनविलास थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी कि ये लोग उसके मोबाइल नंबर कई लोगों को बांट रहे हैं, जो उसे कॉल करके गंदी बाते करते हैं, जब यह बात शरीफ को पता चला तो उसने पुलिस के साथ मिलकर ये सारा षडय़ंत्र रचा है।

शरीफ का झांसा :
रुबीना ने बताया कि प्रवीण से अलग होने के बाद वह सेक्टर १४ में फ्लैट लेकर रह रही है। इसी बीच उसकी शरीफ से नजदीकियां बढ़ी। नौकरी दिलाने के नाम पर उसे एक बार शरीफ मंबई लेकर गया, जहां पर किसी से नौकरी की बात नहीं कराई। बाद में अखबार में मदरसा बोर्ड की नौकरी का विज्ञापन दिखाकर बबली मामा नामक व्यक्ति के साथ उसे कार में भीलवाड़ा भेजा, लेकिन वहां पर भी नौकरी की बात नहीं हुई। बबली मामा ने कार में छेडख़ानी की, विरोध करने पर बबली मामा बाद में आगे की सीट पर बैठ गया और उदयपुर आ गए। रुबीना ने बताया कि शरीफ ने नौकरी का झांसा देकर उसे जयपुर भेजा, जहां उसे एक होटल में भेजा गया, वहां कमरे में पहले से मोहम्मदी भाई नामक व्यक्ति था, जिसे देखकर वह वापस उदयपुर लौट आई। इसके बाद से शरीफ से उसका कोई संपर्क नहीं है। उसने कहा कि शरीफ से वह पिछले डेढ़ वर्ष से नहीं मिल है, जिसका पता कॉल डिटेल निकालकर लगाया जा सकता है। रुबीना का कहना है शरीफ के भाई रफीक ने उसके खिलाफ जो पहली एफआईआर दर्ज कराई है, उसे वह जानती तक नहीं है। इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद शरीफ ने भी ऐसी ही एक और एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि अश्लील क्लिपिंग के जरिये उसने इन दोनों भाइयों को ब्लैकमेल किया है। ऐसी कोई अश्लील क्लिपिंग नहीं है। रुबीना ने बताया कि क्रमैं फ्लैट में मसाज पार्लर चलाती हूं और किताबों के पीछे मोबाइल छुपाकर अश्लील क्लिपिंग बनाती हूं, लेकिन मेरे घर में मसाज पार्लर के कोई एक्यूपमेंट्स या किताबें है ही नहीं। पुलिस को भी अभी तक ऐसे कोई फोटो या वीडियो कही से नहीं मिले जिस कि वजह से उसपर ब्लेकमेलिंग का आरोप सिद्ध हो सके, रुबीना का कहना है कि उसके वायरल किए गए फोटोग्राफ और एक डांस की क्लिपिंग उसके पति प्रवीण ने ही लिए थे। इसके अलावा कोई क्लिपिंग और फोटोग्राफ नहीं है।

रुबीना ने मोहम्मद शरीफ उसके सफेदपोश साथी विशाल लूथरा, सैफुद्दीन तोपवाला, लोकेश पालीवाल, युनुस सलीम जिन्होंने इस ब्लेकमेलिंग मामले में झूठी गवाही दी है, पर मुंबई और जयपुर बड़े बड़े लोगों को शहर की लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप लगाया है। रुबीना ने कहा कि शरीफ ने कई बार उसको भी कई लोगों के सामने परोसने के प्रयास किये । उसको इस बात के लिए भी जिद्द करता रहा की तेरे संपर्क में और लड़कियां होतो बता। रुबीना ने बताया कि जिन्होंने गवाही दी है वे सभी इसके साथी है और सभी का यही काम है।
सवाल मांगते जवाब
-फरियादी शरीफ बरकत कॉलोनी, सवीना का रहने वाला है, जबकि उसने एफआईआर में गलत पता अंकित करवाया?
-रुबीना रिहायशी इलाके के अपार्टमेंट में मसाज पार्लर चलाती है, तो आस-पड़ोस से पुलिस ने बयान क्यों नहीं लिए और कोई एक्यूपमेंट बरामद क्यों नहीं किए?
-घटना कितने समय पूर्व की है, एफआईआर में अंकित नहीं है।
-रिपोर्ट गोवर्धनविलास थाने में दर्ज करानी चाहिए थी, जबकि डीवाईएसपी पूर्व के ऑफिस में जाकर रिपोर्ट दी गई। इसका क्या कारण है?
-रुबीना एक कार शो रूम में काम करती है, वहीं से उसकी गिरफ्तारी की गई है, तो वह मसाज पार्लर कब चलाती थी?
-रफीक ने एफआईआर दर्ज कराई थी, उसमें शरीफ गवाह है, तो सात दिन बाद अचानक ऐसा क्या हुआ, जो शरीफ ने भी रुबीना के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों कराई।
-रफीक और शरीफ की एफआईआर में चार गवाह बनाए गए हैं, जिनमें एक प्रवीण कुमावत रुबीना का पति है।

-गवाहों का कहना है कि उन्हें भी रुबीना ने ब्लैकमेल किया था, तो क्या उनकी भी क्लिपिंग बनाई गई थी। अगर बनाई गई, तो वो क्लिपिंग और शरीफ और रफीक की बनाई गई क्लिपिंग कहां है?
यही सारे सवाल रुबीना के अधिवक्ता राव रतन सिंह ने सुनवाई के दौरान डिप्टी माधुरी वर्मा से किये थे जिसमे से एक भी सवाल के जवाब माधुरी वर्मा नहीं दे पाई थी , इस पर कोर्ट ने फटकार भी लगाईं थी। पुलिस अभी भी इन सवालों के जवाब देने से बच रही है।

पति प्रवीण ने चार बार गिराया मेरा गर्भ :
रुबीना ने बताया कि उसने घर वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रवीण से शादी की थी। शादी के बाद से जब भी वह गर्भवती होती, उसे दवाइयां देकर गर्भ गिरा दिया जाता। उसने बताया कि एक दफा प्रवीण और उसकी मां वीना उसे वल्लभनगर ले गए, तब उसे सात माह का गर्भ था। वहां सरकारी अस्पताल में उसका गर्भ गिरा दिया गया। इसके बाद उसका पति उसे फतहपुरा पर एक होटल में छोडक़र चला गया। रुबीना ने बताया कि उसकी पहचान एडवोकेट रागिनी शर्मा से थे, जिन्हें उसने फोन किया। तब उसके शरीर में पोइजन फैल गया था, उसे पांच दिन तक एमबी हॉस्पीटल में भर्ती रहना पड़ा। इसी दौरान उसने प्रवीण और उसकी मां वीना के खिलाफ अंबामाता थाने में १४ जून, २०११ को मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन बाद में दोनों मां-बेटे ने उसे समझा-बुझाकर समझौता कर लिया।

उदयपुर में बनेगा “विश्वतीर्थम्”

0

vishvtirtham

उदयपुर। जिला कलेक्टर आशुतोष एटी पेढनेकर ने उदयपुर से विदाई के अवसर पर एक ऐसे सपने का विमोचन किया, जो आने वाले समय में इस शहर का विश्वव्यापी ख्याति में एक और सुनहरा पृष्ठ जोड़ सकता है। यह सपना है निकटवर्ती कोडिय़ात गांव में विश्वतीर्थंम् के निर्माण का, जिसे देखा है शहर के प्रसिद्ध गाइड आचार्य विक्रम देव ने । वे सन् १९७७ से एक परियोजना बनाने में जुटे हुए है, जिसे कोडिय़ात की एक पहाड़ी पर साकार किया जाना हैं। वे उक्त पहाड़ी पर दुनिया के सभी धर्मों के देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्थापित करके दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करना चाहते हैं। इनमें मिश्र के आतुम, नट, गेव, रा(सूर्य), थोथ, माट, अमान, ऑसिरिस आदि हैं। इसी प्रकार यूनान के सेऊस, रेहा, क्रोनस, युद्ध के देवता आर.एस, अपोलो, पे्रम की देवी एप्प्रोडाइट, रोम के द्विशिरा, सेटन, ज्युपिटर आदि शामिल है। इनके अलावा आयरलैण्ड व स्काटलैण्ड के काल्टिंक , लग, धागदा, मोरीगन, स्कोण्डिनेविया के अदुम्बला आदि भी शामिल है। सनातन धर्मावलाम्बियों के ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ विश्व के सभी सभ्यताओंं के पूज्य देवताओं को एक साथ लाने की यह एक अभूतपूर्व योजना है। आचार्य विक्रमदेव के अनुसार सभी पूज्य देवाधिदेव विश्वतीर्थंम् में आने के लिए आतुर है। उन्होंने बताया कि कोडिय़ात के उक्त स्थल पर सर्वप्रथम शिवमंदिर का निर्माण कर उसे सृजनेश्वरम का नाम दिया गया हैं। श्री विक्रमदेव के अनुसार पहाड़ी के शिखर को दिव्य आकृतियों से शिल्पांकित करने तथा दिव्य वनस्पतियों से अच्छादित करने के लिए देश – विदेश के अनेक विशेषज्ञ और गुणिजन तत्पर हैं। “विश्वतीर्थंम” प्रतिकृति का विमोचन करते हुए जिला कलेक्टर श्री पेढनेकर ने उक्त परियोजना की भूरि- भूरि प्रशंसा करते हुए सफलता की कामना की।

नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश निरस्त

Ah_QDYbbSRdJMHnNSdHN-2wbIZi7f4CyggZaxHjAssBG
उदयपुर। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में हेलमेट अनिवार्यता लागू करने के साथ-साथ संभागीय मुख्यालयों पर दो पहिया वाहन पर पीछे बैठने वालों के लिए भी आज से हेलमेट लागू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर 15 दिन पूर्व अधिवक्ता एसएल मांडावत द्वारा लगाई गई जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए न्यायालय ने “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” के आदेश को निरस्त कर दिया है। अधिवक्ता एसएल मांडावत ने बताया कि अब वे डबल हेलमेट पर स्टे लाने की तैयारी कर रहे हैं।
उदयपुर में पिछले तीन साल से टू-व्हीलर चालक के लिए हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन ये अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। पुलिस ने पहले समझाइश की और फिर सख्ती, दोनों ही तरीके अपनाए। पिछले एक साल में केवल हेलमेट पर ही लाखों लाख रुपए के चालान काटे जा चुका है। उदयपुर में लगभग दो लाख दो पहिया वाहन रजिस्टर्ड हैं। ट्रैफिक पुलिस के चालान आंकड़ों पर नजर डालें तो एक साल में हेलमेट नहीं पहनने वाले लगभग 20 से 25 हजार वाहनों के चालकों के चालान बनाए गए हैं। इनसे 200 रुपए चालान के हिसाब से लगभग 46 लाख रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। उसके बावजूद अभी भी शहर के मात्र पांच प्रतिशत वाहन चालक ही स्वैच्छा से हेलमेट लगाते हैं, शेष लोग केवल पुलिस अथवा चालान के डर से हेलमेट लगाते हैं। ऐसे में पीछे बैठने वाले पर हेलमेट लगाना कैसे संभव हो पाएगा। ये सोचने का विषय है।
नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश निरस्त :
जिला कलेक्टर आशतोष पेडणेकर ने लगभग २० दिन पूर्व “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” का आदेश दिया था। इसके तहत शहर व उसके आस-पास के सभी पेट्रोलपंप को आदेश दिए गए थे कि पेट्रोल पंप पर लगे कर्मचारी हेलमेट पहने वाले दो पहिया वाहन चालकों को ही पेट्रोल देंवे। आदेश आने पर अधिक्ता एसएल मांडावत ने जनहित याचिका दायर की थी, जिसकी सुनावाई करते हुए आज न्यायाधीश पंकज भंडारी ने कहा कि धारा १३३ सीआरपीसी के तहत जिला कलेक्टर इस प्रकार का आदेश नहीं दे सकते हैं, क्योंकि पेट्रोल पंप निजी संपति में आते हैं। पंप पर वाहन बंद होता है ओर बंद वाहनों पर इस हेलमेट की अनिवार्यता नहीं होती है। इस पर न्यायाधीश ने “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” के आदेश के निरस्त कर दिया।

प्रदेश में निगम सीईओ और 16 कलेक्टर सहित 48 आईएएस के तबादले

0

जयपुर. सरकार ने बुधवार को 48 आईएएस के तबादले कर दिए। इनमें जयपुर निगम के सीईओ सहित 16 जिलों के कलक्टर भी बदले गए हैं। इनमें तीन बड़़े जिले उदयपुर, बीकानेर और कोटा कलेक्टरों के तबादले किए गए हैं।
एसीएस अशोक संपतराम के कृषि पशुपालन विभाग में केवल उद्यानिकी जोड़ा गया है। गुरजौतकौर को एसीएस महिला एवं बाल विकास विभाग से एसीएस एवं महानिदेशक एचसीएम रीपा लगाया गया है। उद्यानिकी के एसीएस बी एल मीणा को अध्यक्ष राजस्थान कर बोर्ड अजमेर के पद पर लगाया गया है।

1

1_1430347034

2_1430347037

3_1430347040

सोहराबुद्दीन मामले में एक और क्लीन चिट

0

abhay chudasama

मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने बुधवार को गुजरात के विवादित आईपीएस अधिकारी अभय चुडासमा के ख़िलाफ़ लगे सभी आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.
कुछ महीने पहले ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया गया था.
चुडासमा अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते थे और नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान विवादों में घिरे रहे.
सीबीआई ने इन्हें सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार किया और इन पर कई संगीन आरोप लगाए थे.
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा था की शाह ने सोहराबुद्दीन का फ़र्ज़ी एनकाउंटर करने के लिए डीजी वंजारा और चुडासमा को आदेश दिया था.
2005 में सोहराबुद्दीन अपनी पत्नी के साथ बस में हैदराबाद से सांगली जा रहे थे, आरोप है कि तब गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने दोनों का पहले अपहरण किया और फिर कथित तौर पर फर्ज़ी मुठभेड़ में उनकी हत्या कर दी.
आरोप
तक़रीबन साल भर बाद दिसंबर में मामले के गवाह तुलसीराम प्रजापति की भी कथित फर्ज़ी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाए थे कि वह सोहराबुद्दीन के साथ एक जबरन पैसा वसूली का रैकेट चलाते थे.
लेकिन गिरफ़्तार होकर भी किसी न किसी तरकीब से चुडासमा ज़्यादा समय अस्पताल में ही बिताते थे.
पिछले साल अप्रैल में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई. जमानत के कुछ ही महीने बाद उन्हें गुजरात पुलिस में शामिल कर लिया गया और पुलिस महानिदेशक के विजिलेंस विभाग का मुखिया बना दिया गया.
मुंबई की अदालत ने इसी सप्ताह इस केस से जुड़े बिजनेसमैन अजय पटेल पर भी लगे सभी आरोप ख़ारिज कर दिए थे.
पटेल, शाह के बेहद करीबी दोस्तों में से एक है.

आर्म्स एक्ट मामला: सलमान बोले, मैं निर्दोष हूं, मुझे फंसाया गया

salman khan
जोधपुर.अवधि पार हथियार का उपयोग करने के आरोप में आम्र्म एक्ट के तहत दर्ज मामले में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला कोर्ट में सलमान खान के मुलजिम बयान हुए। जिसमें सलमान ने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मुझे झूठा फंसाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों के कहने पर गवाहों ने मेरे खिलाफ गवाही दी है। मैं अपने बचाव में और साक्ष्य पेश करना चाहता हूं। कोर्ट ने उनका अनुरोध मंजूर करते हुए चार मई की तारीख तय की है।
इसके अलावा हिरण शिकार प्रकरण में गवाह ललित बोड़ा के नहीं आने के कारण मामले की सुनवाई दो मई तक टल गई। गत सुनवाई पर 23 अप्रेल को सलमान खान के हाजिरी माफी में स्वास्थ्य संबंधी कारणों पर एेतराज जताने वाले प्रार्थना-पत्र पर सलमान खान के वकीलों ने उनका पक्ष रखा। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि डॉक्टर ने उनको हवाई यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी। उन्होंने पेन किलर लेकर शूटिंग की है। उक्त मामले की बहस के लिए दो मई की तारीख रखी गई है।
अदालत में भीड़, सुरक्षा गार्ड व पुलिस में झड़प
सलमान खान बुधवार सुबह करीब दस बजे अदालत में पेश हुए। अदालत में वकीलों और मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान सलमान के सुरक्षा गार्डों और पुलिस में झड़प भी हुई। दरअसल सलमान के कोर्ट में प्रवेश करते समय हमेशा उनके साथ रहने वाले बॉडीगार्ड शेरा के अलावा कुछ अन्य बाउंसर ने भी अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। इस पर वे पुलिस से उलझ पड़े। हालांकि पुलिस के सामने उनकी नहीं चली और उन्हें बाहर ही रुकना पड़ा। सलमान के साथ सिर्फ शेरा ही अंदर जा पाया। सलमान करीब 11 बजे अदालत से रवाना हो गए।

salman-khan-5540742f019a5_l

बहन अलवीरा के साथ पहुंचे कोर्ट
सलमान खान बुधवार सुबह जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे। वे बहन अलवीरा व वकीलों के साथ कोर्ट में पहुंचे। सलमान के कोर्ट पहुंचने की सूचना पहले से मिलने के कारण परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। वहीं, सलमान को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ इक_ा रही।
यह है मामला
वर्ष 1998 में फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर जोधपुर के निकट गांवों में तीन स्थान पर हिरण का शिकार करने का आरोप है। मामले में उनका नाम आने के बाद होटल में उनके कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस ने एक रायफल व एक पिस्टल बरामद की थी। जांच करने पर पाया गया कि इन दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है। इस पर सलमान के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा हिरण शिकार के तीन मामलों में से दो में सलमान को सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि कांकाणी हिरण शिकार प्रकरण की सुनवाई अभी तक चल रही है।

एक्स गर्लफ्रेंड ने कर लिया प्रेमी सिपाही का अपहरण

0

kidnapजयपुर . एक महिला से जब उसके सिपाही मित्र ने मिलना जुलना बंद कर दिया तो महिला ने गुस्से में सिपाही का ही अपहरण कर लिया। बाद में देर रात पुलिस टीम ने नाकाबंदी की और सिपाही को छुड़ाया। सिपाही ने शहर के सुभाष चौक थाने में मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार जलमहल के सामने स्थित ग्रामीण पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सोमवार रात अपने एक साथी सिपाही के साथ सुभाष चौक थाना इलाके में स्थित प्रेम गार्डन में शादी समारोह में शामिल होने आया था।
गार्डन के बार ही सिपाही की पूर्व प्रेमिका पहुंची और उसने सिपाही को फोन कर मिलने के लिए बाहर बुलाया। सिपाही कुछ समझ पाता इससे पहले ही महिला और कार में बैठे उसके दो साथियों ने सिपाही को कार में खींच लिया और आमेर रोड की ओर फरार हो गए।
सिपाही के दूसरे साथी ने तुरंत सुभाष चौक थाना पुलिस को सूचना दी। थाने की टीम ने नाकाबंदी कराई और सिपाही को बरामद कर लिया।

ब्लैकमेलिंग के धंधे में फंसी रूबीना मामले का सच

rubinaउदयपुर। जिस्म नुमाइश कर नामी व्यावसायियों की अश्लील क्लीपिंग बनाने और मुंहमांगी रकम एेंठने के मामले में नया मोड़ आ गया है।
पुलिस की अब तक की जांच-पड़ताल में गिरफ्तार आरोपित रुबीना के जहां घिनौने कृत्य उजागर हुए हैं वहीं कई सफेदपोश लोगों के तार भी उससे जुड़े होने की पुष्टि हुई है और रुबीना को अपराध के दलदल में धकेलने का काम भी उन्हीं सफेदपोश लोगों ने किया है, जो शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे थे।
पुलिस जांच में एेसे कई व्यावसायियों के नाम उजागर हुए जो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रूबीना के सम्पर्क में रहे हैं। रुबिना के गिरफ्त में आते ही वे परिवादियों के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने अपने बयानों में धमकाकर वसूली की बात तो स्वीकारी लेकिन यह नहीं बताया कि वे उसके सम्पर्क में कैसे आए? क्यों पुलिस को इतने समय से शिकायत दर्ज नहीं कराई?
जवाब तक नहीं दे पाई पुलिस
इधर, अदालत में प्रकरण पर हुई सुनवाई में जमानत पर उठे कई प्रश्नों के जवाब पुलिस नहीं दे पाई। इसके बाद अदालत ने एक मामले में रुबिना को जमानत दे दी। गोवर्धन विलास थाने में गत 16 अपे्रल को रफीक मोहम्मद की रिपोर्ट पर रूबीना के खिलाफ धोखाधड़ी व ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया गया था।
इसमें रफीक के दर्ज करवाए गए मामले में आरोपित को जमानत मिल गई। व्यवसायी रफीक मोहम्मद ने रिपोर्ट में बताया था कि उसका चालक महमूद उसे रुबिना के पास ले गया। वहां उसे जो शराब पिलाई गई उससे वह अचेत हो गया।
इस दौरान उसके अश्लील फोटो खींचे गए और इसको आधार बनाकर धमकाया। पांच लाख रुपए की मांग की गई। इसी प्रकरण में रफीक का भाई शरीफ भी गवाह बना। उसने भी रुबिना के खिलाफ ब्लैकमेल करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
नाम उजागर होने का डर
रूबीना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे कई व्यवसायी अपनी पोल खुलती देख मुंह छिपाते फिर रहे हैं। इन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि उनके नाम किसी को नहीं बताए जाएं। जांच में यह भी सामने आया है कि रूबीना एक दशक से इन व्यवसायियों से सम्पर्क में थी।
वे इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते रहे। हेण्डीक्राफ्ट, मार्बल व होटल जैसे बड़े व्यवसायों से जुड़े यह प्रतिष्ठित लोग ऊंचे ओहदों पर कार्यरत हैं। वहीं रुबीना भी अपने महंगे शौक, एेशो आराम की जिंदगी और रोजमर्रा की जरुरतों के चलते इनसे जुड़ी रही। अब उसके बाहर आने से इन सफेदपोशों को भय सताने लगा है।
सात साल पहले रूबीना को ले गए थे मुम्बई
पुलिस जांच में सामने आया कि रुबीना को कई व्यवसायी सात वर्ष पहले मुंबई ले गए थे। वहां उसे एक माफिया के साथ काम करने का प्रलोभन दिया गया। इसके बाद वे उसे कई लोगों से मिलाने लेकर गए। तफ्तीश में एेसे कई तथ्य सामने आए जिनके बारे में पूछताछ करने पर ये व्यवसायी कुछ नहीं बोल पाए।
अधिवक्ता ने खड़े किए पुलिस पर सवाल
परिवादी रफीक व शरीफ बरकत कॉलोनी, सविना के रहने वाले हैं तो उन्होंने एफआईआर में मल्लातलाई का गलत पता अंकित क्यों किया?
रुबिना जिस रिहायशी अपार्टमेंट में रहती थी वहां किसी तरह का मसाज पॉर्लर नहीं है।
अपार्टमेंट में एेसा चल रहा था तो पड़ोसियों के बयान क्यों नहीं लिए गए?
फ्लेट में मसाज से जुड़ा कोई सामान क्यों बरामद नहीं हुआ?
धमकाकर वसूली की तो उसके खाते में जमा राशि शून्य कैसे मिली? फिर फ्लेट का किराया कहां से और कैसे चुकाती थी?
एक परिवादी ने बयान में ब्लैकमेल कर दुपहिया वाहन लेने की बात कही। वाहन का रजिस्ट्रेशन आरोपित के पिता के नाम है, जबकि, प्रेम विवाह के बाद परिजनों ने संबंध तोड़ दिया था?
तफ्तीश व फाइल में वे लोग गवाह हैं जो प्रत्यक्ष रूप से कहीं न कहीं आरोपित से जुड़े हैं। उन्हें ब्लैकमेल किया गया तो पुलिस से नाम छुपाने की गुहार क्यों लगा रहे हैं?
परिवादी रफीक की ओर से दर्ज एफआईआर में घटना की तारीख व समय का उल्लेख नहीं किया गया।

Source – Rajasthan patrika