
उदयपुर । मेवाड क्षत्रिय महासभा उदयपुर शहर की बैठक सोमवार को बी एन स्कूल परिसर मे प्रताप जयन्ति समारोह को लेकर हुई । बैठकी अध्यक्षता पूर्व प्रबन्ध निदेशक मनोहर सिंह कृष्णावत, मुख्य अतिथि पूर्व प्रबन्धक निदेशक तेज सिंह बान्सी, विशिष्ठ अतिथि रणधीर सिंह चन्देला ने की । शहर अध्यक्ष डॉ0 राजेन्द्र सिंह जगत ने बताया कि मेवाड क्षत्रिय महासभा का मेवाड क्षत्रिय युवा मोर्चा का गठान (हरावल दस्ता) का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष जितेन्द्र पाल सिंह चुण्डावत, उपाध्यक्ष हितेन्द्र सिंह चुण्डावत, उपदेश सिंह चुण्डावत, महामंत्री देशराज सिंह चौहान, संयुक्त मंत्री धिरेन्द्र सिंह सिसोदिया, संगठन मंत्री दशरथ सिंह देवडा, शिवराज सिंह सारंगदेवोत, मिडिया प्रभारी विक्रम सिंह राणावत को मनोनित किया गया ं । नगर निगम उदयपुर तथा मेवाड क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में 20 मई को होने वाले वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की 475वी जयन्ती पर युवा मोर्चा गॉव-गॉव, ढाणी- ढाणी जाकर महाराणा प्रताप जयन्ति के लिये आम जनता को आमंत्रित करेगा । बैठक में शेर सिंह चौहान, दिलीप सिंह बान्सी, कमलेन्द्र सिंह पंवार, उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बोहेडा, चन्द्रवीर सिंह करेलिया, राजेन्द्र सिंह ताणा, भवानी प्रताप सिंह ताणा, गजेन्द्र सिंह शक्तावत, कुलदीप सिंह झाला, पुष्पेन्द्र सिंह नरूका, लोकेन्द्र सिंह चुण्डावत, नरपत सिंह चुण्डावत, योगेन्द्र सिंह शक्तावत, सहित अनेक मेवाड क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
मेवाड क्षत्रिय युवा मोर्चा का गठन
“Khushi” Lakshmi got surprise gift of her books-notebooks today..
Lakshmi’s father works as car cleaner and has been cleaning many cars, including ours. A work that he starts early morning. He is determined to educate his daughter,
Lakshmi, and wants her to study till she wants. He has a cycle and daily drops Lakshmi to school, though the school is not far from his house. He proudly says, ‘I will clean more cars and do other work sir but education of Lakshmi will not stop’.
We have been asking him about the education of his daughter since the final school result had come-out. He informed that she has passed satisfactorily and is now in class-I. After repeatedly asking, Lakshmi father informed that he has not been able to get the books for his daughter due to sudden expenditure pressure. May be he would buy after the summer vacations and till than he would save money.
Lakshmi has been asking for books from her father almost daily. Carrying empty bag to school, for a child who is keen to study, is very disappointing and discouraging, he informed.
My fear was that in all this financial crunch education of Lakshmi should not be left and the school should not remove her from the school.
This is when we decided to buy school books and other school items to Lakshmi so that she is sure of her continuation of school.
Adhering to the “Khushi” philosophy, giving cash was never considered. So I decided to
go to the school myself, call Lakshmi and accordingly buy all the books and notebooks to her.
Today perhaps was the day. Lakshmi was called by the Administration Head of the school and she came with an old water bottle and an empty school bag. Neatly dressed she was quite, wondering what is in store for her. I told her that she would get books and notebooks and all other things that she requires to get good marks right now.
Lakshmi smiled and smiled and smiled.. also wondering why I was buying for her.
I requested the Administration Head to kindly get the books-notebooks. Lakshmi constantly kept looking at the Office Assistant who was to get the books. Honestly, the books did not cost much.
The Principal of the school asked me, ‘how was I related to this matter’. I explained him the objective of Vedanta’s “Khushi” and told him that ‘I did because I could’. ‘Someone else would also do, if he could too.’
I experienced a satisfaction of doing something for a needy child who wants to study.. and for Lakshmi, it was a bright “Khushi” on her face, a priceless “Khushi”.
गर्मी का प्रहार
उदयपुर। बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से किसानों का भारी नुकसान करने के बाद मौसम ने पलटा खाते हुए गर्मी का प्रहार किया है। गर्मी से जहां दिन का चैन छिना है, वहीं रात की नींदे उड़ गई है। आज का दिन और बीती रात इस मौसम में सबसे गर्म रहे हंै। आज का तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसका नतीजा है कि स्वास्थ विभाग ने अलर्ट जारी किया है, वहीं वन विभाग ने वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में घुसने की आशंका जाहिर की है। इसका कारण भीषण गर्मी के चलते पानी की कमी है। उदयपुर शहर के आसपास के गांवों में जिले के तीन चौथाई से अधिक तालाब सूख चुके हैं। शहर की झीलें में भी पानी की कमी दिखाई देने लगी है। सोमवार सुबह से मौसम साफ रहा और सुबह से ही मौसम में गर्मी का अहसास हो रहा है। तापमान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहर 12 बजे ही तापमान 40 डिग्री पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार यह तापमान दिन में तीन बजे तक 43 डिग्री से अधिक पहुंचने की संभावना है। रात का तापमान 28 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अब दिन ही नहीं रात भी तपने लगी है।
आबादी में हिंसक जानवर घुसने की आशंका : वन अधिकारियों के अनुसार तेज गर्मी से जंगल में पानी की कमी हो गई है, जब तापमान बढ़ता है तो जंगल के हिंसक जानवर आबादी में पानी की तलाश में जाते हैं। विभाग के तमाम कार्मिकों को आदेश दिए गए हैं कि जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को समझाए कि पालतू मवेशियों को सुरक्षित बांधे। जंगलों में कई जगह जानवरों के लिए पानी के इंतज़ाम भी किए जा रहे हैं, लेकिन गर्मी में एनीकट तालाब आदि सुख जाते हैं। और अभी जिस तरह से गर्मी शुरू हुई है, जानवरों का आबादी की तरफ आने की पूरी आशंका है। शनिवार को भी शहर से 30 किलोमीटर दूर खरवड़ों के गुंडे में पैंथर घुस गया था, जिसको बाद में वन विभाग के कर्मचारियों ने ट्रैकुलाइज करके निकाला।
डॉक्टर ने दी हिदायत : मानव शरीर का तापमान 37.2 डिग्री होता है। हमारे शरीर को करीब 28-30 डिग्री के तापमान में रखने की जरूरत होती है। इन दिनों शरीर के तापमान से भी अधिक तापमान हो रहा है। इस कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घटती है। विशेषकर बच्चों में पानी बहुत तेजी से कमी होती है। इससे बड़े और बच्चों, महिलाओं, बुजुर्ग में लू लगने की आशंका बन जाती है। इस कारण डॉक्टर अभी से बचाव करने की हिदायते दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में तेज धूप से बचाव और खाने-पीने में ध्यान रखना जरूरी है। सीएमएचओ डॉ. संजीव टांक ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों को अस्पताल में आने वाले हर प्रकार के रोगी को गर्मी से बचने के उपाय करने की सलाह देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पानी अधिक पीने की सलाह, हल्का खाना और खाने में पेय पदार्थ रेसे वाली सब्जी खाने की सलाह दें। खान-पान से काफी हद तक शरीर में पानी की कमी पूरा होती है।
हेलमेट के लिए पुलिस ने की जनता की घेराबंदी

उदयपुर। हेलमेट अनिवार्यता अभियान के खिलाफ शहर में जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शहर में कई जगह पुलिस और आमजन आमने-सामने हो गए, जहां अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर मामला शांत करना पड़ा। इस अभियान के तहत शहरभर में पुलिस की घेराबंदी का जमकर विरोध किया जा रहा है। उदियापोल पर तो पुलिस हाय-हाय तक के नारे लगे। दुर्गानर्सरी पर छात्र पुलिस आमने-सामने हो गए। कई जगह तो शहरवासियों ने इस अभियान के जरिये पुलिस पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया है। इधर, बिना हेलमेट पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोल नहीं भरने का आदेश देेने के खिलाफ कोर्ट में दायर वाद में न्यायालय ने कलेक्टर को कल समस्त पत्रावली के साथ तलब किया है।
आज सुबह से शहरभर की पुलिस ने एक बड़े अभियान के रूप में हेलमेट के लिए दुपहिया वाहनधारियों की घेराबंदी शुरू कर दी। शहर के देहलीगेट, शास्त्री सर्कल, सूरजपोल, उदियापोल, चेतक, दुर्गानर्सरी रोड, प्रतापनगर, ठोकर, सेवाश्रम, कुम्हारों का भट्टा, फतहपुरा आदि कई जगह पुलिसकर्मियों ने हेलमेट के लिए जनता को रोककर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। दस बजे तक तो यह हाल हो गए कि इन चौराहों पर बिना हेलमेट वालों का जमावड़ा लग गया।
उदियापोल पर लोगों ने भारी विरोध किया और पुलिस की हाय-हाय के नारे तक लगाए। बाद में अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर मामला शांत करना पड़ा। दुर्गानर्सरी पर भी करीब 15-20 युवाओं ने पुलिसकर्मियों का जोरदार विरोध करते हुए आमने-सामने तक हो गए। कॉलेज जा रहे कई परीक्षाथर््िायों को रोक दिया गया, जिससे कई युवा अपनी गाड़ी छोडक़र चले गए तो कई पुलिस से उलझ पड़े।
हेलमेट को लेकर पुलिस की इस तरह की कार्रवाई और जिला कलेक्टर के आदेशों से जनता में विरोध बढ़ रहा है। हेलमेट के इस अभियान से जहां एक तरह कई संगठन एक होकर विरोध की रणनीति बना रहे हैं, वहीं छात्र संगठन भी इसके विरोध में उतर आए हैं। हेलमेट के विरोध में शहरवासियों ने मेवाड़ संघर्ष समिति का गठन किया है। इस समिति ने जिला कलेक्टर के आदेश के विरोध में कल टाउनहॉल स्थित शहीद स्मारक पर बैठक की, जिसमे में अधिवक्ता सुंदरलाल मांडावत, कांग्रेस के गोपाल नागर, राजेश नागौरी, शिव सेना से ललित लोहार, मेवाड़ शिव सेना से रमेशराज सुहालका सहित कई लोगों ने भाग लिया। बैठक में अधिवक्ता सुंदरलाल मांडावत ने कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि जिला कलेक्टर के पास यह अधिकार नहीं है कि वह पेट्रोल के लिए हेलमेट को अनिवार्य कर दे। इधर, इस अभियान के तहत रविवार को १४७ चालान काटे गए, वहीं चालान काटने की आज भी कार्रवाई जारी है। कई थानों के बाहर चालान कटाने वालों की लाइनें लगी हुई है। रविवार को काटे गए चालान से २१ हजार की राशि जमा की गई है। कलेक्टर के आदेश की पालना नहीं कर पाने को लेकर जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन की तरफ से ज्ञापन भी सौंपा गया हैं।
कोर्ट में कलेक्टर तलब : आज जिला एवं सेशन न्यायालय में जिला कलेक्टर के आदेश के खिलाफ अधिवक्ता सुंदरलाल मांडावत द्वारा लगाए गए वाद की सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कल जिला कलेक्टर को इस आदेश के संबंध में दस्तावेज लेकर तलब किया है। श्री मांडावत ने बताया की कोर्ट ने जिला कलेक्टर को अपना पक्ष रखने के लिए इस आदेश की समस्त पत्रावली लेकर बुलाया है।
पति ने नॉनवेज खाया तो पत्नी ने कुल्हाड़ी से काट डाला
उदयपुर। नॉनवेज खाने पर खफा हुई पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर पति को कुल्हाड़ी से काट डाला। आरोपी पत्नी व बेटे ने एक अन्य दम्पती के साथ मिलकर शव को घटनास्थल से दूर फेंक दिया।
परसाद थाना क्षेत्र के चणावदा गांव में हुई इस घटना में पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उधर, ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक शव नहीं उठाने दिया।
काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मोतबिरों की मृतक की पत्नी से वार्ता करवाई। पत्नी द्वारा जुर्म स्वीकारने की पुष्टि होने के बाद ग्रामीण माने। पोस्टमार्टम के बाद तनावपूर्ण माहौल में मृतक की अंत्येष्टि कर दी गई।
परसाद थानाधिकारी मांगीलाल ने बताया कि चणावदा निवासी मांगीलाल ब्राह्मण (42) को उसकी पत्नी कंकूबाई ने अपने बेटे हरीश केसाथ मिलकर कुल्हाड़ी से वारकर मार डाला। हत्या के बाद आरोपियों ने कचरूलाल ढोली व उसकी पत्नी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर शव को एक बोरी में भरकर घटनास्थल से दूर फेंक दिया।
नॉनवेज खाता देख हुई आग बबूला
मांगीलाल मंगलवार रात करीब 10.30 बजे घर से कचरूलाल ढोली के मकान पर चला गया। उसके साथ वह शराब पीते हुए नॉनवेज खा रहा था।
पत्नी कंकू ने मांगीलाल को मोबाइल किया, तो उसने कहा कि वह मीटिंग में हूं, थोड़ी देर से आ रहा है। कुछ देर बाद पत्नी ने वापस फोन किया तो मांगीलाल ने स्विच ऑफ कर दिया। इस पर वह पुत्र हरीश के साथ कचरूलाल के घर पहुंच गई।
वहां पति को नशे की हालत में नॉनवेज खाता देख उसे ब्राह्मण होने का हवाला देते हुए टोका। कहासुनी होने पर कंकू ने वहां रखी कुल्हाड़ी से पति के सिर पर दो-तीन वार कर दिए। पुत्र ने भी पिता पर वार किए, तो मांगीलाल वहीं ढेर हो गया।
बिग बॉस सीजन 5 की प्रतियोगी पूजा मिश्रा ने लगाया रेप का आरोप

उदयपुर। बिग बॉस-5 की प्रतियोगी पूजा मिश्रा से उदयपुर के एक होटल में रेप और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। हालाँकि बार बार अपने आरोप बदलने को लेकर खुद संदेह के घेरे में आ गयी है ।
पूजा मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि मुझे पेय पदार्थ में कुछ नशीली वस्तु मिलाकर दी गई जिससे पीडि़ता को गहरी नींद आ गई। सुबह उठने पर पीडि़ता को महसूस हुआ कि रात को उसके साथ कुछ अनैतिक काम हुआ है। पीडि़ता ने बताया कि जब से वो यहां आई है तब से उनका कई बार सामान चोरी किया गया है।
पूजा ने बताया कि वह कैंलेडर की शूटिंग के लिए पिछले चार-पांच दिन से यहां आई हुई थी और एक होटल में ठहरी थीं। अपनी शिकायत में बताया कि रात को डिनर करने के बाद उन्होंने कोई पेय पदार्थ पिया जिसके बाद उन्होंने गहरी नींद आ गई।
उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि होटल में पेय पदार्थ के अंदर कुछ नशीली वस्तु मिलाई गई थी जिसके बाद उन्हें ज्यादा गहरी नींद आ गई। उसने आरोप लगाया है कि अगले दिन वह सुबह उठी तो उसे लगा कि उसके साथ शारीरिक छेड़छाड़ हुई है।
इसके बाद पीडि़ता ने थाने में मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों को घटना से अवगत कराया।
इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पीडि़ता ने अपने साथ रेप होना बताया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसका मेडिकल करवा लिया है।
बार-बार बदल रही है बयान
वहीं दूसरी ओर पीडि़ता की ओर से बार-बार बयान बदलने के चलते पूरा मामला संदेेह के दायरे में है। इससे पुलिस भी पेशोपेश में है कि आखिर क्या किया जाए।
कई फिल्मी कलाकारों व बिजनेसमैनों पर भी लगाए आरोप
पीडि़ता ने पुलिस को दी शिकायत में कई फिल्मी और प्रसिद्ध बिजनेसमैनों पर भी आरोप लगाए हैं कि ये लोग पिछले दस सालों से पीडि़ता के खिलाफ षडय़ंत्र रच रहे हैं। पीडि़ता ने इन लोगों ने खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की हुई है। पीडि़ता ने इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
गौरतलब है कि बिग बॉस 5 में अपने बर्ताव को लेकर खासी सुर्खियों में रही थी। शो से बाहर आने के बाद इस मॉडल ने कई खुलासे भी किए थे।
अहमदाबाद के इन स्कूल में बच्चे अच्छा इंसान नहीं हिन्दू – मुस्लिम बनने आते है
उदयपुर । मां-बाप अपने बच्चों को अच्छा और काबिल इंसान बनाने के लिए स्कूल भेजते है । मासूम बच्चे अपने धर्म से अनजान अपनी मासूमियत लिए स्कूल की तरफ आते है, जिन्हे ये भी ठीक से नहीं पता होता है कि हिन्दू क्या होता है और मुसलमान कौन होता है। लेकिन फिरका परस्त लोगों को बच्चों की ये मासूमियत आखों में खटक गयी, और इन बच्चों के दिमाग में अपनी जलील और घटिया सोच का ज़हर भरना शुरू कर दिया । ये घटिया और जलील हरकत अहमदाबाद के म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसी) ने अपने द्वारा संचालित दो स्कूल में की है।
जिस स्कूल में हिन्दू बच्चे ज्यादा थे उनको भगवा यूनिफार्म पहना दी और जिस स्कूल में मुस्लिम बच्चे ज्यादा थे उनको हरी यूनिफार्म पहना कर उन्हें ये अहसास दिला दिया की तुम हिन्दू और तुम मुस्लिम हो और तुम एक नहीं अलग – अलग हो।
अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसी) के शाहपुर पब्लिक स्कूल और दानी लिम्डा पब्लिक स्कूल इस मामले में खास हैं कि ये दोनों इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं। इसके बावजूद इन दोनों स्कूलों में फर्क साफ दिखता है। शाहपुर स्कूल में पढ़ने वाले लगभग स्टू़डेंट्स हिन्दू हैं और इनके यूनिफॉर्म भगवा कलर के हैं। दूसरी तरफ दानी लिम्डा स्कूल में पढ़ने वाले लगभग स्टूडेंट्स मुस्लिम हैं और इनके यूनिफॉर्म ग्रीन कलर के हैं।
एएमसी इन दोनों स्कूलों के अलावा 454 और स्कूलों को चलाता है। ये सारे स्कूल नॉन-इंग्लिश मीडियम के हैं। इन सारे स्कूलों के यूनिफॉर्म ब्लू और वाइट हैं। एएमसी स्कूल बोर्ड के चेयरमैन जगदीश भवसार ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘दानी लिम्डा स्कूल में ग्रीन यूनिफॉर्म का चयन किसी खास वजह से नहीं है। इसका किसी खास समुदाय से भी संबंध नहीं है। हमलोग के पास गुलाबी और ब्लू के भी विकल्प थे लेकिन फिर लगा कि बच्चों पर ये कलर बहुत जंचते नहीं। ऐसे में ग्रीन कलर पर अंतिम मुहर लगी।’ उन्होंने कहा कि शाहपुर स्कूल में भगवा कलर का भी चयन गैर पक्षपातपूर्ण है। भवसार ने कहा कि भगवा रंग के चयन में कोई पूर्वाग्रह या वरीयता जैसी बात नहीं है।
भवसार से पूछा गया कि क्या यूनिफॉर्म के कलर चयन में कहीं से भी मजहब का भी खयाल रखा गया? इस पर उन्होंने कहा कि यहां कलर को कम्युनिटी से जोड़कर नहीं देखें क्योंकि ऐसा सोचकर यूनिफॉर्म के कलर का चयन नहीं किया गया है। दानी लिम्डा गांव में कानुभाई नी चाली स्लम मुस्लिम बहुल है। स्कूल भी यहीं स्थित है। इस स्कूल में 98 पर्सेंट स्टूडेंट्स मुस्लिम हैं। दूसरी तरफ शापहुर पब्लिक स्कूल में 95 पर्सेंट स्टूडेंट्स हिन्दू हैं।
एएमसी ने अपने स्कूलों में घटते नामांकन को नियंत्रित करने की उम्मीद में इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किया है। शाहपुर पब्लिक स्कूल 2013 में शुरू हुआ था और दानी लिम्डा स्कूल पिछले साल शुरू किया गया। इन दोनों स्कूलों की शुरुआत क्लास वन से हुई थी लेकिन हर साल इन दोनों स्कूलों में एक-एक क्लास जुड़ रही है। इस साल शाहपुर में क्लास तीन तक पढ़ाई हो रही है और दानी लिम्डा में क्लास दो तक।
शाहपुर स्कूल का यूनिफॉर्म भगवा शर्ट और शॉर्ट्स है। इसे ‘सोशल ऑर्गेनाइजेशन’ शाहपुर सेवा संघ ने स्पॉन्सर किया है। इस संघ के मेंबर खुद एएमसी स्कूल बोर्ड के चेयरमैन जगदीश भवसार भी हैं। इसके चेयरमैन शाहपुर वॉर्ड से पूर्व बीजेपी पार्षद अतुल भवसार हैं। जगदीश भवसार ने कहा, ‘यह संगठन शिक्षा और समाज के लिए काम करता है। रोटरी क्लब और शारदा ट्रस्ट भी स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म्स उपलब्ध कराते हैं। अब हमने स्वामीनारायण पंथ से स्कूलों में बच्चों को यूनिफॉर्म दान करने का अनुरोध किया है।’
हालांकि दानी लिम्डा पब्लिक स्कूल में बच्चों के लिए यूनिफॉर्म्स का पैसा स्थानीय लोग जुटाते हैं। जब इस स्कूल को शुरू किया गया था तब 6 महीने तक बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही आए थे। दिसंबर 2014 में ग्रीन कलर का यूनिफॉर्म यहां फाइनल किया गया था।
पुलिस अधिकारी के बंगले में घुस गई सडक़!
यूआईटी ठेकेदार से सांठ-गांठ करके किया महिला पुलिस अधिकारी ने अपने बंगले में घुसवाई सडक़, यूआईटी अधिकारियों को नहीं है मामले की जानकारी
उदयपुर। शहर की आधी से ज्यादा सडक़ें खुदी पड़ी है, जिन पर न तो यूआईटी न ही नगर निगम और ना ही पीडब्ल्यूडी ध्यान दे रही है, लेकिन फतहपुरा पर स्थित एक महिला पुलिस अधिकारी और यूआईटी ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी बंगले के भीतर सडक़ बनाई जा रही है। इस मामले की यूआईटी अधिकारियों और इंजीनियरों को जानकारी नहीं थी, लेकिन जब क्रमददगारञ्ज ने पड़ताल की, तो यूआईटी अधिकारियों ने जानकारी जुटाकर बताया कि सरकारी बंगले में बनाई जा रही सडक़ का भुगतान यूआईट नहीं करेगी।
फतहपुरा स्थित जीआरपी की डिप्टी दिव्या मित्तल के बंगले में सडक़ बनाने के लिए आज सुबह पूरे तामजाम के साथ यूआईटी ठेकेदार व उसके कर्मचारी पहुंचे, जिन्होंने सरकारी सडक़ को बंगले में घुसाने की कवायद शुरू कर दी, जहां गिट्टी बिछाकर रोड रोलर से समतलीकरण का कार्य किया गया और बाद में मशीनों द्वारा डामरीकरण किया गया। चार घंटे में ताबड़तोड़ बंगले के अंदर तक सडक़ का काम पूरा कर दिया गया। सडक़ बनाने का यह काम यूआईटी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन बंगले के अंदर तक सडक़ बनाने के आदेश यूआईटी के किसी अधिकारी और इंजीनियर ने नहीं दिए थे। क्रमददगारञ्ज ने जब यूआईटी अधिकारियों और इंजीनियर से बात की और मौके पर इंजीनियर पहुंचा, तब तक ये काम पूरा हो चुका था। यूआईटी अधिकारियों का कहना है कि बंगले के भीतर सडक़ बनाने के आदेश उनके द्वारा नहीं दिए गए, जबकि मौके पर काम कर रहा ठेकेदार जवाब देने से बचता रहा।
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। किसके कहने पर पुलिस अधिकारी के बंगले में सडक़ बनाई जा रही है। मैं मामले का पता लगाकर आपको बताती हूं।
-कीर्ति राठौड़, ओएसडी, यूआईटी
मैं अभी मौके पर पहुंचा हूं। बंगले में सडक़ का काम पूरा कर लिया गया है। यूआईटी ने मुख्य मार्ग पर पेच वर्क निकालने के लिए ऑर्डर निकाले थे। अधिकारियों के बंगले में सडक़ बनाने के आर्डर नहीं दिए गए थे। ये सडक़ शायद पुलिस अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से बनी है। बंगले में बनाई गई सडक़ का भुगतान यूआईटी नहीं करेगी।
-निर्मल शर्मा, यूआईटी इंजीनियर
हत्या के बाद पैर काटकर चांदी के कड़े लूट ले गए हत्यारे
उदयपुर। डबोक थाना क्षेत्र के भैंसड़ाकला गांव में बीती रात एक वृद्धा की नृशंस हत्या कर दी गई। वारदात के बाद हत्यारों ने चांदी के कड़े निकालने के लिए वृद्धा के दोनों पैर काट दिए। हत्यारे वृद्धा के शरीर पर पहनी बजंटी, कंदौरा और चांदी के कड़े ले गए। आज सुबह वृद्धा के पौते ने जब वद्धा का कमरे का दरवाजा खोला, तो वहां वृद्धा की पैर कटी लाश पड़ी थी, जिसे देखकर वह चिल्लाया, जिस पर पूरा गांव वहां एकत्र हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए शव को एमबी हॉस्पीटल के मुर्दाघर में पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार भैंसड़ाकला निवासी ८० वर्षीय नानीबाई पत्नी लक्ष्मण मेघवाल बीती रात घर में अकेली सो रही थी। इस दौरान परिजन खेत पर थ्रेसर से गेंहू निकलवा रहे थे। नानीबाई बेऔलाद है, लेकिन उसके देवर का पौता पुष्कर उसके मकान पर रात को सोने के लिए जाता था। बीती रात वह भी खेत पर गेंहू निकल रहे थे। इसलिए वहां नानीबाई के घर नहीं गया। आज सुबह पुष्कर और उसका भाई हीरालाल नानी बाई के घर पहुंचे, जहां ये दोनों दूसरे कमरे में जाकर सो गए। सुबह सात बजे हीरालाल लघुशंका के लिए निकला और उसने नानीबाई को आवाज लगाई, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। इस पर उसने दरवाजा खोलकर देखा, तो नानीबाई की पैर कटी लाश पड़ी थी। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंची डबोक पुलिस ने बताया कि कमरे के हालात देखते हुए लगता है कि हत्यारों से वृद्धा ने काफी संघर्ष किया। हत्यारों ने कमरे में पड़ी कुल्हाड़ी और कूंट से ही वृद्धा की हत्या की और बाद में उसके पैर काट दिए। हत्यारे वृद्धा के शरीर पर पहने जेवर भी ले गए, जिनमें बजंटी, कंदौरा और पांव के कड़े शामिल है। पुलिस ने शव को एमबी हॉस्पीटल पहुंचा दिया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने टीम गठित करके हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है।
फिल्मी स्टाइल में थानेदार को गोली मार भागे तस्कर
राजसमंद के दिवेर थाने की सातपालिया घाटी में हुई पुलिस और तस्करों के बीच फायरिंग, दोनों तरफ से हुए १७ राउंड फायर
-अमेरिकन हॉस्पीटल में आज सुबह दो घंटे चला ऑपरेशन, थानेदार रमेश कविया अब खतरे से बाहर
उदयपुर । दिवेर थाना क्षेत्र की सात पालिया घाटी में बीती रात पुलिस से हुई मुठभेड़ में डोडा-चूरा तस्कर फिल्मी स्टाइल में थानेदार रमेश कविया को गोली मारकर भाग छूटे। पुलिस और तस्करों के बीच करीब १७ राउंड फायर हुए, जिनमें १२ फायर तस्करों की तरफ से
किए गए, जबकि पांच फायर पुलिस ने किए। इनमें से चार फायर घायल होने से पहले थानेदार रमेश कविया ने किए। थानेदार कविया की दायीं आंख के ऊपर गोली लगी, जिसे अमेरिकन हॉस्पीटल में आज सुबह हुए ऑपरेशन में निकाल दिया गया। डॉक्टरों ने कविया की हालत खतरे से बाहर बताई है।
पुलिस के अनुसार बोलेरो जीप से डोडा-चूरा तस्करी कर ले जाए जाने की सूचना पर बीती रात दिवेर थाने के सातपालिया घाटी में थानाधिकारी रमेश कविया मय जाब्ते ने नाकाबंदी की। इस दौरान पुलिस ने सडक़ पर पत्थर डाल दिए, ताकि वाहन को रोका जा सके। इसी बीच रात सवा दो बजे घाटी में एक बोलेरो जीप आती दिखी। तस्करों ने आगे पड़े पत्थर देखकर नाकाबंदी से २५ फीट दूर ही वाहन रोक दिया। इसी बीच रमेश कविया पुलिस जीप को तस्करों की बोलेरे के पीछे ले गए, ताकि तस्कर वहां से भाग न सके । इसी बीच ड्राइवर के पास बैठे तस्कर ने रिवाल्वर से फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में रमेश कविया ने भी फायर किए। तस्करों की तरफ से १२ फायर किए गए, जबकि रमेश कविया ने चार और एक कांस्टेबल ने एक फायर किया। इसी बीच एक गोली पुलिस जीप के कांच को तोड़ते हुए रमेश कविया की दायीं आंख के ऊपर गोली लगी।
पुलिसकर्मी घबराए, तस्कर भागे : थानेदार रमेश कविया के सिर में गोली लगते ही पुलिसकर्मी घबरा गए और जवाबी फायरिंग नहीं कर सके। ऐसे में फायर करते हुए तस्कर पुलिस जीप को टक्कर मारकर वहां से भाग छूटे। पुलिसकर्मी रमेश कविया को राजसमंद अस्पताल लाए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कविया को उदयपुर के अमेरिकन हॉस्पीटल पहुंचा गया, जहां आज सुबह साढ़े छह बजे से साढ़ आठ बजे तक उनका ऑपरेशन चला। रमेश कविया का ऑपरेशन अमेरिकन हॉस्पीटल के डॉ. नरेंद्रमल, डॉ. रमाकांत सहित छह के मेडिकल स्टॉफ ने किया। डॉ. नरेंद्रमल ने बताया कि गोली आंखे के ऊपर दस सेंटीमीटर का छेद करते हुए सिर में लगी। यहीं गोली अगर आंख के नजदीक लगती, तो उनकी हालत चिंताजनक हो सकती थी।
रेलमगरा में पुलिस जीप को मारी टक्कर : इस मुठभेड़ से पहले चित्तौड़ से तस्कर बोलेरो जीप लेकर राजसमंद में रेलमगरा होकर जा रहे थे। इसी दौरान रेलमगरा में भी नाकाबंदी के दौरान ये तस्कर पुलिस जीप को टक्कर मारते हुए भाग निकले थे। बाद में इन तस्करों की दिवेर के सात पालिया घाटी में पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
चित्तौड़ से चली सूचना पर हुई नाकाबंदी : बीती रात चित्तौड़ जिले के राशमी थाने से सूचना चली कि बोलेरो मेें कुछ तस्कर डोडा-चूरा लेकर जा रहे हैं। इस पर पूरे चित्तौड़ जिले में नाकाबंदी कराई गई। बाद में सूचना मिली कि तस्कर भीलवाड़ा होते हुए राजसमंद की तरफ जा रहे हैं। इस पर राजसमंद में भी नाकाबंदी कराई गई। इस सूचना पर दिवेर थानाधिकारी रमेश कविया भी स्टॉफ के साथ सात पालिया घाटी में नाकाबंदी कर रहे थे, तब तस्करों से उनकी मुठभेड़ हुई, जिसमें वे जख्मी हो गए। कविया के साथ नाकाबंदी में एएसआई जगदीशंद्र, हेड कांस्टेबल लाभूराम, कांस्टेबल शिवराज, अनिलकुमार, जगदीश राम, विजेंद्र और मुकेश कुमार शामिल थे। रमेश कविया के अमेरिकन हॉस्पीटल में भर्ती होने के बाद उनके साथ देवगढ़ एसएचओ कृष्णासिंह हैं। कविया के परिजन भी हॉस्पीटल में मौजूद है।
“पुलिस मुठभेड़ में दिवेर थानाधिकारी को गोली लगने के बाद पूरे संभाग में नाकाबंदी करवा दी गई है। संदिग्धों की तलाश की जा रही हैं। ऑपरेशन के बाद थानाधिकारी की हालत में सुधार है। सूचना चित्तौड़ जिले के राशमी थाने से मिली थी। इसके चलते चित्तौड़ जिले के पुराने तस्करों को राउंडअप किया जा रहा है” ।
-आनंद श्रीवास्तव, आईजी, उदयपुर रेंज


