भारतीयों की जान दो कौड़ी की?

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‘दक्षिण कैरोलिना के पुलिस अधिकारी पर हत्या का आरोप तय.’ बुधवार, आठ अप्रैल को न्यूयार्क टाइम्स की यह प्रमुख ख़बर थी. इस पुलिस अधिकारी ने एक निहत्थे काले व्यक्ति को गोली मार दी थी.
पिछले कुछ महीनों से, अमूमन आपराधिक रिकॉर्ड वाले काले लोगों को गोरे पुलिसकर्मियों द्वारा गोली मारे जाने की ख़बरों ने पूरे अमरीका और अमरीकी मीडिया में आक्रोश पैदा किया है.
अब जरा भारत का रुख़ करे. इसी दिन मुंबई में टाइम्स ऑफ़ इंडिया की प्रमुख ख़बर थी- ‘मल्टीप्लेक्सों में शाम छह बजे मराठी फ़िल्में ही दिखाई जाएं.’
दिल्ली में हिंदुस्तान टाइम्स की प्रमुख ख़बर थी- ‘डीज़ल गाड़ियों के लिए 10 साल की समय सीमा.’
यह तब है जब एक दिन पहले ही आंध्र प्रदेश पुलिस ने पेड़ चुराने के लिए 20 लोगों की हत्या कर दी थी, इनमें से अधिकांश तमिल थे.
इसी दिन तेलंगाना में पुलिस ने अपनी हिरासत में पांच लोगों को मार डाला. उनके हाथ बंधे थे और उन्हें कोर्ट ले जाया जा रहा था.

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भारत को दो बड़े अंग्रेज़ी अख़बारों के संपादकों के लिए इन दोनों में से कोई भी ख़बर प्रमुख नहीं लगी.
सच्चाई यह है कि मध्यवर्ग और अंग्रेज़ीदां भारत को मज़दूरों या मुस्लिमों के साथ होने वाली गैरक़ानूनी वारदातों की कोई चिंता नहीं है.
यह हमारे सरोकारों से नहीं जुड़ता और इसीलिए अगर हम इन ख़बरों पर ऑनलाइन टिप्पणियों को पढ़ें तो अधिकांश टिप्पणियां इस पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन करती हुई दिखती हैं.
और ये टिप्पणियां पीड़ित लोगों के प्रति नफ़रत से भरी हुई हैं और इन्हें बिना मुकदमे के ही सज़ा देने के लायक समझा गया है.
जबकि यह मुठभेड़ प्रिंट मीडिया के पहले पन्ने पर एक कॉलम की भी जगह नहीं बना पाई.
यहां तक मीडिया रिपोर्टों में भी इन ख़बरों को अति पूर्वाग्रह और बेरहमी के साथ परोसा गया.
आमतौर पर ज़िम्मेदार माना जाने वाला अख़बार ‘इंडियन एक्स्प्रेस’ ने इस ख़बर को सबसे पहले ब्रेक किया और शीर्षक दिया- ‘तेलंगाना में कोर्ट ले जाते हुए पांच सिमी कार्यकर्ताओं को गोली मारी.’
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गोली मारने का तर्क

अख़बार के संवाददाता ने लिखा, “मरने वालों में विकरुद्दीन भी शामिल हैं, जिन्होंने दो पुलिसकर्मियों की हत्या की थी और हैदराबाद में उन्हें बार बार निशाना बनाकर आतंकित किया था.”
ध्यान देने की बात है कि एक राष्ट्रीय दैनिक ने इस तरह का संपादन, ढीले-ढाले दावे और निम्नस्तरीय भाषा की इजाज़त दी, लेकिन यह भारत है, यहां यह केवल संभव ही नहीं है, बल्कि यह कसौटी है.
पुलिस ने ‘इंडियन एक्स्प्रेस’ को बताया कि, “वारंगल से निकलते ही विकरुद्दीन और उनके साथियों ने हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों पर थूक कर, ताने दे दे कर और गाली गलौच कर उन्हें लगातार उकसाया था.”
पुलिस के अनुसार, “चार अन्य मरने वाले हैं- मोहम्मद ज़किर, सैयद हशमत, इज़हार ख़ान और सुलेमान. इन सबके कई और नाम हैं.”

रिपोर्ट में कहा गया है कि, “विकरुद्दीन पूर्व सिमी कार्यकर्ता और एक चरमपंथी संगठन दर्सगाह जिहाद ओ शहादत (डीजेएस) का सदस्य थे. बाबरी मस्जिद और मक्का मस्जिद धमाके की वर्षगांठ पर विकरुद्दीन ने पुलिस पिकेट पर कई दुस्साहसिक हमले किए थे.”
इसमें आगे कहा गया है, “दिसम्बर 2008 में विकरुद्दीन ने संतोषीनगर के पास एक पिकेट पर गोली चला दी थी जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. 18 मई 2009 में उन्होंने एक होमगार्ड की गोली मार कर हत्या की थी, जबकि 14 मई 2010 में शाह अली बांडा के पास एक कांस्टेबिल की गोली मार कर हत्या कर दी थी.”
…तो सरकार गिर गई होती
लेकिन सवाल यह है कि क्या इन सब आरोपों के लिए किसी जज ने उन्हें दोषी पाया था? संभवतया नहीं, क्योंकि वो एक विचाराधीन क़ैदी के रूप में कोर्ट जा रहे थे.
लेकिन ये तथ्य भी अख़बार को नहीं रोक पाए और उसने नतीजा निकाला कि ये सारे काम उन्होंने ने ही अंजाम दिए थे.
आपराधिक चित्रण यहीं नहीं रुका और आगे कहा गया, “विकरुद्दीन ने तहरीक़ गल्बा ए इस्लाम नाम के एक कट्टरपंथी संगठन से भी संपर्क रखना शुरू कर दिया था, जिसके डीजेएस से संबंध थे. इन लोगों पर पुलिस ने ईनाम भी घोषित किया था.”
“जुलाई 2010 में उन्हें एक समर्थक डॉ. मोहम्मद हनीफ़ के घर से गिरफ़्तार किया गया था. हनीफ़ की सूचना पर ही विकरुद्दीन के संगठन से संबंध रखने वाले और उसकी मदद करने वाले हनीफ़ के भाई सुलेमान और अन्य तीन को गिरफ़्तार किया गया था.”
लेकिन अगर ऐसा ही अमरीका में होता कि एक ही दिन में 20 काले लोगों को गैरक़ानूनी रूप से मार दिया गया होता तो सरकार गिर गई होती और लोग पीड़ितों के पक्ष में सड़कों पर उतर जाते. भारत में, हम में से वो लोग, जिन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई को बहुत अच्छा नहीं माना, सिर्फ जम्हाई लेकर रह गए.
मीडिया की भूमिका
मीडिया एक लम्बे समय तक अपने पाठकों/दर्शकों के प्रति झुका रहा है और उसने एक हद तक पुलिस उत्पीड़न को स्वीकार कर लिया है कि अब उसे अपने पाठकों या दर्शकों की कोई चिंता भी नहीं है.
मंगलवार की रात टाइम्स नाउ पर मध्यवर्ग के हीरो अर्णव गोस्वामी के टीवी शो पर बीफ़ प्रतिबंध पर बहस हुई और यह ‘आतंकवाद’ (यानी मुस्लिम) पर चीख चिल्लाहट में तब्दील हो गई.
जब मैं 20 साल पहले मुंबई में एक अख़बार का सम्पादक था, तो एनकाउंटर संस्कृति पंजाब और पूर्वोत्तर से हमारे शहर में ताज़ा ही दाखिल ही हुई थी, जहां इस तरह की हत्याएं वास्तव में क़ानूनी हैं.
ऐसे बहुत से भारतीय हैं जो इस तरह के क़ानून का समर्थन करते हैं और इसके आलोचकों को टीवी बहसों में स्वतः ही एक देशद्रोही के रूप में देखा जाता है.
उस समय मुंबई पुलिस ने ऐसे गैंगों को ख़त्म कर दिया था, जो बिल्डरों और बॉलीवुड निर्माताओं और इसमें पैसा लगाने वालों से वसूली करते थे.
जिन अख़बारों के संपादकों ने इस गैरक़ानूनी पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए, उन्हें प्रबंधन और पाठकों की ओर से निशाना बनाया गया.
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
असल में लोगों को लगता था कि अगर न्याय प्रक्रिया को सज़ा के द्वारा लागू करने में राज्य असफल है तो उसे पूरा अधिकार है कि वो बिना किसी क़ानूनी प्रक्रिया के अपराधियों को ख़त्म कर क़ानून व्यवस्था लागू करे.
इसी सोच ने ऐसे कायर पुलिस अधिकारियों को पैदा किया जिनमें हरेक के नाम दर्जनों ‘हत्याएं’ दर्ज हैं. इन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में शोहरत दी गई और उनपर कई फ़िल्में बनाई गईं.
उनकी बहादुरी है- हाथ बंधे हुए लोगों पर गोली चलाना. उस समय मैं सोचा करता था कि यह सब कभी तो ख़त्म होगा, लेकिन मैं ग़लत था.
जनता का ध्यान कहीं और होने की वजह से सरकार आम लोगों के साथ बर्बरता करने और मारने के बाद मीडिया के मार्फ़त उन्हें अपराधी और अमानवीय दिखाने के लिए स्वतंत्र है.

सो. – आकार पटेल
वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिन्दी

माेबाइल रोमिंग पर बात करने वालों के लिए खुशखबरी

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traii-55267135a4490_lUdaipur. टेलीकाॅम रेगुलेटरी आॅथोरिटी आॅफ इंडिया TRAI ने गुरुवार को नेशनल रोमिंग काॅल आैर टैक्सट मैसेज के टेरिफ घटा दिए हैं। टेलीकाॅम आॅरेटर्स को घटार्इ गर्इ नर्इ टेरिफ दरें 1 मर्इ 2015 से लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए है।

TRAI के इस निर्णय से काॅल चार्जेज में बीस प्रतिशत आैर एसएमएस चार्जेज 75 प्रतिशत कम हो जाएंगे। मोबाइल रोमिंग पर रहने वाले करोंड़ों सब्सक्राइबर्स को इस निर्णय से फायदा होगा।
अनुमान लगाया जा रहा है कि TRAI के इस निर्णय के अनुरूप अगर मोबाइल ट्रैफिक नहीं बढता है तो रेवेन्यू में 34 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। मालूम हो कि 8 हजार करोड़ के कुल रेवेन्यू में से 6% रेवेन्यू रोमिंग से ही आता है।

बताते चलें कि भारती एयरटेल, वोडाफोन अौर आइडिया वे प्रमुख कंपनियां हैं जिनके पास सबसे ज्यादा रोमिंग ग्राहक हैं।
TRAI संशोधित नर्इ मोबाइल रोमिंग दरें इस प्रकार होंगी।

लोकल आउटगोइंग काॅल
1 रुपए प्रति मिनट से घटकर 80 पैसे प्रति मिनट

लाॅन्ग डिस्टेंस या इंटर सर्कल आउटगोइंग काॅल
1.50 रुपए प्रति मिनट से घटकर 1.15 रुपए प्रति मिनट

इनकमिंग काॅल
75 पैसे प्रति मिनट से घटकर 45 पैसे प्रति मिनट

लोकल आउटगोइंग sms
1 रपए प्रति sms से घटकर 25 पैसे प्रति sms

लाॅन्ग डिस्टेंस या इंटर सर्कल आउटगोइंग sms
1.50 रपए प्रति sms से घटकर 38 पैसे प्रति sms

ट्रावेल्स एसोसिएशन व्यापारी और पुलिस आपस में उलझे

प्रतिनिधि मंडल में पांच से अधिक लोगों को कलेक्ट्री में ले जाने पर हुआ विवाद, सीआई के रोकने पर बढ़ा मामला, सीआई और पारस ने एक-दूसरे को दी देख लेने की धमकी
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उदयपुर। उदयपुर ट्रावेल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पारस सिंघवी और भूपालपुरा सीआई चांदमल सांगरिया की गुरूवार सुबह कलेक्ट्री में जोरदार हॉट-टॉक हो गई। पारस सिंघवी एसोसिएशन के बैनर तले करीब ५० व्यापारियों के साथ कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देने पहुंचे थे। कलेक्ट्री में ज्ञापन देने के लिए प्रतिनिधि मंडल में पांच लोगों को ही ले जाने की अनुमति है, लेकिन सिंघवी अपने साथ पांच से ज्यादा लोगों को ले जाना चाहते थे। इस बात को लेकर पारस सिंघवी और भूपालपुरा सीआई चांदमल सांगरिया के बीच हॉट-टॉक हो गई। दोनों ने एक दूसरे को देखने तक की धमकी दे डाली। गुस्से में पारस सिंघवी कलेक्ट्री परिसर में ही व्यापारियों साथ जमीन पर बैठ गए, जिन्हें बाद में अन्य पुुलिसकर्मियों ने समझाइश कर उठाया। इसके बाद कलेक्टर आशुतोष पेढणेंकर और एसपी अजयपाल लांबा को ज्ञापन सौंपा गया।

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उदयपुर ट्रावेल्स एसोसिएशन के बैनर तले उदियापोल के टूरिस्ट बसों, वीडिया कोच और सिटी बसों के संचालकों और ट्रावेल्स ऑफिस के मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पारस सिंघवी के नेतृत्व में कलेक्ट्री पहुंचे, जहां सिंघवी ने बताया कि उनके साथ अलग-अलग संगठनों के सदस्य है, जो इस मामले को लेकर अलग-अलग ज्ञापन कलेक्टर और एसपी को देना चाहते हैं, लेकिन वहां पर तैनात भूपालपुरा सीआई चांदमल सांगरिया ने पांच से अधिक प्रतिनिधियों को कलेक्ट्री में ले जाने से इनकार कर दिया। इससे सीआई और सिंघवी में हॉट-टॉक हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि सिंघवी अपने साथ आए अन्य व्यापारियों के साथ जमीन पर बैठ गए, जिन्हें बाद में अन्य पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर वहां से उठाया। बाद में एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा, जहां भी सिंघवी ने सीआई की शिकायत की। दोनों अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि सिटी में बिना राज्य सरकार के आदेश से बसों के आने पर ट्रैफिक पुलिस ने रोक लगा दी है, जो गलत है। ये सभी बसें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट से कर्वड है, जिसका मासिक टैक्स २७३०० रुपए अदा किया जाता है। ज्ञापन में ट्रैफिक पुलिस पर चौथ वसूली करके व्यापारियों को परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है।

हिन्दुस्तान जिंक ने 3056 आंगनवाड़ियों को लिया गोद

*1000 आंगनवाड़ियों में लाया जाएगा आधारभूत बदलाव

Vedanta Anganwadi
उदयपुर। राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक एवं वेदान्ता फाउण्डेशन ने आज एक समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर 5 जिलों उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसंमद एवं अजमेर के 3056 आगंनवाडी केन्द्रों को वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक एवं वेदान्ता फाउण्डेशन को पाचं साल के लिए गोद दे दिया है। इन केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष की आयु के 90,000 से अधिक वंचित बच्चों का समग्र विकास किया जाएगा जिसमें पोषाहार, षिक्षा एवं स्वास्थ्य शामिल है।

इन आंगनवाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए वेदान्ता फाउण्डेषन एवं हिन्दुस्तान जिंक मिलकर कार्य करेगा। 1000 आंगनवाडी केन्द्रों को आदर्ष आंगनवाड़ी केन्द्रों के रूप में परिवरतित किया जाएगा। यह परियोजना पांच वर्ष तक चलेगी जिसके तहत् प्रत्येक वर्ष 200 आंगनवाडी केन्द्रों को आदर्ष आंगनवाड़ी बनाया जाएगा। इन चुने हुए सभी आदर्ष आंगनवाड़ी केन्द्रों का हिन्दुस्तान जिं़क एवं वेदान्ता फाउण्डेषन भवनों का नवीनीकरण एवं मरम्मत, बच्चों के लिए आधुनिक शौचालयों का निर्माण, दिवारों पर चित्रकारी, स्वच्छ एवं साफ पानी, दरी-पटिट्यां एवं नामांकित सभी बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराएगा।
Vedanta Anganwadi - Khushi

हिन्दुस्तान जिंक एवं वेदान्ता फाउण्डेषन इन आंगनवाडी केन्द्रो में बच्चों कोे पीने के लिए साफ पानी, नये बर्तन एवं धुआं रहित किचन के लिए चूला उपलब्ध कराएगा। बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में पोहा, मंुगफली दाने सुबह के नाष्ते में गर्म पोषाहार के रूप मंे दिये जाएंगे।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि ‘‘हमारा ध्यान इन गा्रमीण बच्चों के सम्पूर्ण विकास एवं उन्नति पर रहेगा। कंपनी बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए नाट्य विधि से विचार-विमर्ष तथा रंग-बिरंगी पुस्तकें एवं चार्टस, खिल्लौने एवं प्राइमेरी स्कूल की शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराएगी। हिन्दुस्तान जिंक इन आंगनवाड़ी केन्द्रों के कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल में बच्चों को षिष्टाचार सिखाने एवं समझाने तथा अच्छी आदतों के लिए विषेष प्रषिक्षण भी उपलब्ध कराएगा।’’

वेदान्ता समूह के चेयरमेन श्री अनिल अग्रवाल ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि देष में कोई भी बच्चा कुपोषित ना रहे। वेदान्ता इसी लक्ष्य का अनुसरण करते हुए वर्ष 2008 से लगभग 14000 आंगनवाड़ी केन्द्रों से जुड़कर भारत में 500,000 से अधिक वंचित बच्चों को लाभान्वित कर चुका है।

विष्व स्वास्थ संगठन के अनुसार सभी आंगनवाड़ियों पर स्वास्थ व स्वच्छता की सुविधा होनी चाहिए। ज्ञापन के अनुसार इन बातों पर अमल किया जाएगा।

बाल कल्याण के क्षेत्र में जन जागरण को जागृत करने के लिए वेदान्ता ने ‘‘खुषी’’ अभियान की भी शुरूआत की है। इस अभियान द्वारा आम जन्ता को प्रेरित किया जाता है कि वह वंचित बच्चों के विकास, सुपोषण एवं षिक्षा के लिए स्वयं कदम उठाएं। इस अभियान से अब तक 45,000 से अधिक लोग फेषबुक पर जुड़ चुके हैं। ‘खुषी’ के भारत में अपने 75 बाल केन्द्र भी है।

आज जयपुर में इस अनुबंध पर राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से त्रिभुवन पति, अतिरिक्त निदेषक (महिला एवं बाल विकास विभाग) तथा हिन्दुस्तान जिंक की ओर से हेड-कार्पोरेट रिलेषन्स, सी.एस.आर. मेहता ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर माननीय श्रीमती अनिता भाडेल, मंत्री-महिला एवं बाल विकास तथा डॉ. गुरजोत कौर-अतिरिक्त मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास, राजस्थान सरकार उपस्थित रही।

में लव मैरिज करने वाले युवक पर फायरिंग – बांसवाड़ा में ऑनर किलिंग

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बांसवाड़ा/उदयपुर। ऑनर किलिंग से जुड़े मामले हरियाणा की खाप पंचायतों और यूपी के कुछ इलाकों में ही देखने को मिलते थे, लेकिन कल रात ऑनर किलिंग का मामला बांसवाड़ा में भी अंजाम दिया गया, जिसमें लडक़ी द्वारा अपनी मर्जी से शादी करने को लेकर और खानदान की इज़्ज़त खराब होनी से गुस्साए भाई ने बहन के पति पर गोलियां दाग दीं। घायल युवक को उदयपुर अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस ने इस मामले में लडक़ी के पिता और चाचा को हिरासत में ले रखा है, जबकि हमलावर फरार है।

जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा में कल शाम को शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले पीपली चौक में सर्राफा व्यापारी के यहां पर बैठे हुसैनी चौक निवासी 22 वर्षीय साजिद पठान पुत्र फखरू पठान को तीन गोली मारी गई। दो नकाबपोश युवक ने पहले तो साजिद की आंखों में लाल मिर्च डाल दी। इसके बाद फायरिंग शुरू की और एक-एक कर तीन फायर कर दिए। फायरिंग की इस घटना को शहर के लोग ऑनर किलिंग से जोडक़र देख रहे हैं। साजिद के भाई सलमान ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि कल शाम 6.45 जब साजिद घर से पीपली चौक स्थित महेंद्र कुमार महेश कुमार ज्वैलरी शॉप पर कांच लगाने के लिए पहुंचा। साजिद बांसवाड़ा में सैक्शन लगाने का काम करता है। साजिद वहां आकर रूका ही था और दुकान मालिक से बात कर रहा था, तभी एक गली से दुपहिया वाहन सवार दो जने आए। इनमें एक ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। आते ही दोनों युवक साजिद पर टूट पड़े। पहले तो उन्होंने साजिद की शर्ट पकडक़र दुकान से बाहर पटका फिर उसकी आंखों में लाल मिर्ची झोंकी और पिस्तौल से पांच फायर किए। इसमें एक गोली तो साजिद के सीने में लगी, दूसरी कमर पर और तीसरी गोली पेट पर लगी। इससे बुरी तरह लहूलुहान साजिद के साथ युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। फिर पास में पड़ा पत्थर उठाकर लाए और उसके सिर पर मारा। इससे साजिद बुरी तरह जख्मी होने के बाद वहीं अचेत हो गया। इस वारदात के बाद मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एकत्रित हो गए। इत्तला पर मौके पर पहुंचा साजिद का भाई सल्लू उर्फ सलमान एवं अन्य क्षेत्रवासी उसे चिकित्सालय लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल को रैफर किया।
ऑनर किलिंग का मामला : साजिद के भाई सलमान ने पुलिस को बताया कि साजिद को उसके ससुर मुख्तियार पहलवान के कहने पर उसके भांजे अकरम ने गोली मारी है। सलमान ने बताया कि साजिद ने ससुराल वालों की इच्छा के विरुद्ध जाकर यह शादी की थी। शादी के बाद साजिद की पत्नी इरमबानो ने पुलिस के समक्ष पेश होकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। साजिद ने एसपी के नाम परिवाद दिया था। 15 दिसंबर, 2014 को ईरम ने साजिद को फोन किया और शादी के लिए कहा। इसके बाद दोनों रतलाम भाग गए। इसके बाद 17 दिसंबर 2014 को जावरा के शहर काजी के समक्ष शादी की। इसके बाद 18 दिसंबर को मुख्तियार ने कुछ लोगों को भेजा। इन लोगों ने ईरम और साजिद को अलग कर दिया। आरोपियों ने दोनों को जिंदा नहीं छोडऩे की धमकी भी दी। साथ ही परिवाद में यह भी आरोप लगाया था कि मुख्तियार इस मामले में ऑनर किलिंग भी करवा सकते हैं। इसके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस ने कल हुए मामले में मुख्तियार पहलवान और उसके छोटे भाई फरयाज को हिरासत में ले लिया। पूछताछ जारी है। मुख्य हमलावर अभी फरार है। इधर, उदयपुर रेफर हुए अमेरिकन हॉस्पिटल में भर्ती साजिद की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

ट्रावेल्स संचालकों ने किया प्रशासन के लिए सद्बुद्धि यज्ञ

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उदयपुर । निजी ट्रावेल्स बसों का प्रशासन के द्वारा नगर प्रवेश पर रोक लगाने के विरोध में ट्रावेल्स एसोसिएशन और उदियापोल व्यापार संघ का विरोध प्रदर्शन आज बुधवार को भी जारी रहा । सभी व्यवसाइयों ने चौराहे पर प्रशासन को सद्बुद्दि यज्ञ के माध्यम से चेताया।
गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा निजी ट्रावेल्स बसों की नगर प्रवेश पर रोक लगा दी है, जिससे ट्रावेल्स व्यवसाइयों और आम जनता को काफी परेशानी उठानी पढ़ रही है । प्रशासन के इस फरमान को प्रशासन और यातायात पुलिस की मनमानी बताते हुए ट्रावेल्स व्यवसाई व् उदियापोल के व्यापारी पिछले तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे है । आज भी ट्रावेल्स और टूरिस्ट व्यवसायी ने प्रशासन और यातायात पुलिस के खिलाफ अपना प्रदर्शन अध्यक्ष पारस सिंघवी के नेतृत्व में किया और उदियापोल तोप सर्कल पर प्रशासन को सदबुद्धि देने हेतु आज सदबुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया । यातायात पुलिस के इस रवैये से क्षुब्ध होकर उदियापोल के एक ठेला व्यवसायी ने अपना सर मुंडवाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया और साथ ही प्रशासन को चेताया की अगर समय रहते व्यापारियों की मांगे नहीं मांगी गयी तो आने वाले दिनों में भूख हड़ताल पे उतरने से व्यापारियों को रोक नहीं पाएंगे ,इस सदबुद्धि यज्ञ में ट्रावेल्स व्यवसाइयों व उदियापोल के सभी व्यापारियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। ट्रावेल्स एसोशिएसन के प्रवक्ता रोशन मेहता ने बताया की ऐसी क्रम में गुरूवार सुबह ११;३० बजे उदियापोल से एक विशाल व्यापारियों का समूह माननीय जिलाधीश महोदय और पुलिस अधीक्षक महोदय को पुनः ज्ञापन देने जायेंगे,फिर भी इनकी मांगो को नहीं माना गया तो आंदोलन को उग्र रूप देने में व्यापारी नहीं हिचकिचाएंगे, इस अवसर पर ट्रावेल्स के अब्दुल सलाम खान रमेश बाबेल विपिन शर्मा कादर खान मनोज शास्त्री राजेश विधानी रफीक भाई टूरिस्ट बस से नाहर सिंह ऋषभ जैन लालजी भाई श्याम जी और अनेको पदाधिकारी मौजूद थे भूरालाल नागदा मोहन माली मुरली वैष्णव आकाश खातुरिया प्रताप सिंह गोपाल डांगी सोहन बांगड़ सुरेश दलाल नूर भाई और ठेला व्यवसायी उपस्थित थे

देबारी में वृद्ध किसान की हत्या

जमीन विवाद बताया जा रहा है हत्या का कारण, परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव उठाने से किया इनकार, पुलिस कर रही है समझाइश
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उदयपुर। देबारी के सिनावतों का बाड़ा में सोमवार की रात एक वृद्ध किसान की पत्थरों से हमला कर हत्या कर दी गई। वृद्ध का चेहरा पत्थर मार-मारकर बिगाड़ दिया गया। मृतक के बेटे २२ अप्रैल को शादी होने वाली थी। मृतक के बेटे ने जमीन विवाद को लेकर पिता की हत्या के पीछे बड़े पिता पर शंका जाहिर की है। आज सुबह घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस समझाइश के प्रयास कर रही है। पुलिस की डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंचकर पड़ताल में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार सिनावतों का बाड़ा (देबारी) निवासी माधवसिंह (६०) पुत्र मोड़सिंह बीती शाम छह बजे खेत पर गया था। रात को सवा नौ बजे उसे एक दुकानदार ने गांव में ही देखा था। रात दस बजे तक जब माधवसिंह घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। आज सुबह माधवसिंह का शव उसके मकान से पांच सौ मीटर की दूरी पर एक खेत में पड़ा हुआ था। खेत में पड़ी लाश को देखकर गांव में सनसनी फैल गई। काफी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। पत्थरों से चेहरा बुरी तरह बिगाड़ दिया गया। हत्या की सूचना मिलते ही एएसपी सिटी डॉ. राजेंद्र भारद्वाज, डिप्टी माधुरी वर्मा, प्रतापनगर थानाधिकारी चंद्र पुरोहित, हिरणमगरी थानाधिकारी छगन पुरोहित, सूरजपोल थानाधिकारी रमेश शर्मा और भूपालपुरा थानाधिकारी चांदमल सांगरिया मौके पर पहुंचे। पुलिस पूछताछ में मृतक के बेटे सोहनसिंह ने बताया कि उसके बड़े पिताजी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो सालभर से न्यायालय में विचाराधीन है। सोहनसिंह ने पिता माधवसिंह की हत्या को लेकर बड़े पिता और उसके परिवार पर शंका जताई है।
डॉग स्क्वायड व एफएसएल पहुंची : ग्रामीणों और परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव को उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों की मांग पर मौके पर डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को बुलाया। पुलिस का डॉग और एफएसएल टीम घटनास्थल पर जांच में जुटी है।
खुशियों का इंतजार था, पर मातम आया : मृतक माधवसिंह के बेटे सोहनसिंह की २२ अप्रैल को शादी होने वाली थी। पुरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन बीती रात माधवसिंह की हत्या के बाद घर मे मातम छा गया। परिवार में रोना-धोना मचा हुआ है।

रोडवेज का चक्का जाम

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उदयपुर । राजस्थान सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बस अड्डा प्राधीकरण विधेयक बिल के विरोध में बुधवार दोपहर एक से दो बजे तक राजस्थान परिवहन संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एक घंटे तक चक्का जाम किया गया। इस दौरान बसों का संचालन नहीं हुआ और ना ही रिजर्वेशन या अन्य कोई काम हुआ।
संघर्ष समिति के महेश उपाध्याय ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बस अड्डा प्राधीकरण विधेयक बिल पेश किया गया, जो दर्शाता है कि सरकार का रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है। उन्होंने बताया कि इस बिल के तहत राज्य के सभी १७८ बस अड्डों की संपत्ति रोडवेज के अधीन नहीं रहेगी। इससे रोडवेज बस अड्डों से प्राइवेट बसों का भी संचालन हो सकेगा। संघर्ष समिति ने मांग की है कि रोडवेज की प्रोपर्टी और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए बिल बनाया जाए । इस दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने जमकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। रोडवेज के कर्मचारी उदियापोल बस स्टेण्ड के अंदर से रैली निकाल कर चौराहे तक आये और चौराहा जाम कर प्रदर्शन किया। चीफ मेनेजर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया गया, राजस्थान परिवहन संयुक्त संघर्ष समिति में सभी संगठन के कर्मचारी शामिल थे जिसमे इंटक से लाभचंद, एटक से अनीस मोहम्मद, बीएमएसएस विजेंद्र, सीटू से भभूतलाल सहित सैंकड़ों रोडवेज कर्मचारी मौजूद थे।

चित्तौड़ में शुरू हुई प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग

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salman khan
उदयपुर। राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही फिल्म प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग बुधवार से चित्तौड़ दुर्ग पर शुरू हो गई है। दो दिन चित्तौडग़ढ़ में शूटिंग चलेगी। अभिनेता सलमान खान, सोनम कपूर समेत अन्य कलाकार आज वहां पहुंच गए हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए यूनिट के कई सदस्य आज चित्तौड़ पहुंचे और कुंभा महल में सेट लगा दिया गया है। निर्देशक सूरज बडज़ात्या कल शाम को ही चित्तौडग़ढ़ पहुंच गए थे।
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प्रेम रतन धन पायो की दो दिवसीय शूटिंग आज सुबह नौ बजे से शुरू हो गई है। आज शूटिंग कुंभा महल में चल रही है। इससे पहले तकनीकी यूनिट के सदस्य मंगलवार दोपहर ही यहां पहुंच गए हैं, जिन्होंने शूटिंग की पूर्व तैयारियां कर ली थी। इससे पूर्व फिल्म के प्रोडक्शन मैनेजर मोहन दुर्ग पर पहुंचे, जिन्होंने शहर कोतवाल आरपीएस दलपतसिंह भाटी के साथ शूटिंग स्थल कुंभा महल पद्मिनी महल का भ्रमण कर यहां की लोकेशन देखी। शूटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस जाब्ता लगवाने संबंधी चर्चा की गई। इस दौरान स्थानीय कलाकार केके शर्मा पं. अरविंद भट्ट मौजूद रहे। बताया गया कि फिल्म के मुख्य किरदार सलमान खान व सोनम कपूर दोनों दिन की शूटिंग में भाग ले रहे हैं। संभवतया कुंभा महल व रतनसिंह महल में फिल्म के गाने की शूटिंग होगी। बताया गया कि फिल्म की शूटिंग का लगभग 70 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है तथा चित्तौडग़ढ़ में होने वाली शूटिंग राजस्थान में अंतिम चरण में है।
prem ratan dhan payo
sonam kapoor

वीडियो कोच-जीप भिड़ंत में डूंगरपुर ( बांकड़ा ) के पांच की मौत

राजसमंद में भीषण सडक़ हादसा, जीप में सवार १० घायल एमबी हॉस्पीटल में भर्ती, हरिद्वार में परिजन की अस्थियां विसर्जित करके लौट रहा था लबाना परिवार, मरने वालों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल

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उदयपुर। राजसमंद के नेशनल हाइवे आठ पर आज सुबह साढ़े पांच बजे वीडियो कोच-बोलेरो जीप में आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में तीन महिलाओं और जीप चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल की उदयपुर के एमबी हॉस्पीटल में उपचार के दौरान मौत हुई। इस हादसे में घायल दस जनों को उदयपुर के एमबी हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही एसपी श्वेता धनखड़, एएसपी सुधीर जोशी, राजनगर थानाधिकारी विवेकसिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाशों और घायलों को आरके हॉस्पीटल पहुंचाया गया।
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पुलिस के अनुसार बांसड़ा (डूंगरपुर) निवासी लबाना परिवार के १५ सदस्य हरिद्वार में अपने मृत परिजन की अस्थियां विसर्जित करके बोलेरो जीप से लौट रहे थे। राजसमंद के नेशनल हाइवे आठ पर आज सुबह साढ़े पांच बजे बोलेरो जीप की नाथद्वारा की तरफ से आ रही वीडियो कोच से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि जीप के परखच्चे उड़ गए। जीप की पूरी बॉडी बिखर गई। इस हादसे में बांसड़ा, डूंगरपुर निवासी धूली (४५) पत्नी पोपट लबाना, गीता (५५) पत्नी सज्जनसिंह लबाना, मंगला (५०) पत्नी धनस्वरूप और जीप चालक मुकेश (३०) पुत्र भग्गा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल धूलसिंह (४०) पुत्र धनपाल लबाना की उदयपुर के एमबी हॉस्पीटल में मौत हो गई।
इस हादसे में घायल गौतम (६५) पुत्र धनरूप, अरविंद (११) पुत्र राकेश, दीपक (१२) पुत्र अरविंद, रामनारायण (६५), लीला (४५) पत्नी मगनलाल, कंचन (५०) पत्नी गौतम, करण (२१) पुत्र पोपटलाल, शैलू (४०) पुत्र रामनारायण, शारदा (६०) पत्नी धनपाल, सज्जन बाई (६५) पत्नी धनरूप पुलिस ने आरके हॉस्पीटल में प्राथमिक उपचार दिलाया, जहां से इन सभी को उदयपुर के एमबी हॉस्पीटल में रैफर कर दिया गया है। इनमें चार जनों की हालत चिंताजनक बताई गई है। बताया जा रहा है कि एनएच आठ के निर्माणाधीन होने के कारण यहां पर आए दिन हादसे होते हैं।
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