वेदान्ता गर्ल्स कॉलेज रिंग्स कर रहा है 3000 ग्रामीण लड़कियों का सपना साकार

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उदयपुर । सुगना सालवी अपने माता-पिता एवं दो छोटे भाइयों के साथ राजसंमद के पीपावास गांव में रहती है। सुगना के पिता भगवान लाल सालवी बड़ी मुष्किल से लगभग 4000 रुपये महीने के कमाते हैं। सुगना पढ़ाई में निपुण थी उसने 12वीं कक्षा पी.सी.बी. में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा वह आगे पढ़ाई करना चाहती थी। लेकिन उसके पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण आगे पढ़ाई जारी रखना सोचनीय हो गया।
वेदान्ता की हिन्दुस्तान जिंक को सुगना के बारे में जानकारी मिली। हिन्दुस्तान जिंक के अधिकारी सुगना के परिवार वालों से मिले जो सुगना को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजना चाहते थे। लेकिन हिन्दुस्तान जिंक की टीम ने सुगना के परिवार वालों को वेदान्ता पी.जी. गर्ल्स कॉलेज रिग्स, सीकर के बारे में बताया।
वेदान्ता पी.जी. गर्ल्स कॉलेज रिग्स, सीकर, ग्रामीण व आदिवासी लड़कियों की उच्च षिक्षा के लिए बनाया गया है। साथ ही हिन्दुस्तान जिंक ने उनकों उच्च षिक्षा प्राप्त करने के लिए तथा उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी।
सुगना बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष प्रथम श्रेणी में पास कर चुकी है तथा इस वर्ष बी.एस.सी. फाइनल ईयर में अध्ययन कर रही है। वेदान्ता पी.जी. कॉलेज में सुगना के जैसी कई लड़कियां उच्च षिक्षा के लिए पढ़ाई कर रही है।
ललीता खाती भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील के खतीपुरा गांव की रहने वाली एक छोटे किसान की पु़त्री है उसके पिताजी सात सदस्यों के परिवार में अकेल कमाने वाले है। ललिता को पता है कि उसके परिवार की आय के साधन सीमित है। आय के सीमित साधन होने के कारण परिवार का गुजारा मुष्किल से चलता है। लेकिन ललिता को पता था कि वेदान्ता की कंपनी हिन्ुदस्तान जिंक गांव की लड़कियों को उच्च षिक्षा के लिए सहायता कर रही है। ललिता ने 64 प्रतिषत अंको के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और अब वेदान्ता पी.जी. गर्ल्स कॉलेज रिग्स, सीकर से बी.ए. में अध्ययन कर रही है।

इसी प्रकार रेष्मा मीना, गा्रम पंचायत सिंघटवाड़ा, जावर की अलग ही सोच थी। परिवार की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं हाने के कारणवष उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने का विचार कर लिया था क्योंकि उनको दोस्त एवं रिष्तेदारों से वित्तीय सहायता का सहयोग नहीं था। लेकिन रेष्मा का बी.ए. के लिए वेदान्ता पी.जी. स्नातक गर्ल्स कॉलेज, रिंग्स के लिए सलेक्षन हो गया। परन्तु दुर्भाग्यवष उसकी मॉं ने गांव से स्कूल दूर होने के कारण उसको भेजने से मना कर दिया। तभी हिन्दुस्तान जिं़क के अधिकारी लगातार उसकी मॉं से बातचीत करते रहे और बच्ची को आगे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहे। अंत में वह एक शर्त पर तैयार हुयी, शर्त थी कि वह अपने विष्वास के लिए वेदान्ता कॉलेज को स्वयं देखेगी। उन्होंने कॉलेज देखी और वह बच्ची को भेजने के लिए सहमत हो गयी।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि ग्रामीण लड़कियों के लिए षिक्षा बहुत ज़रूरी है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से प्राथमिक स्कूलों एवं कॉलेजों में लड़कियों की संख्या बहुत ही कम है जो एक चिंता का विषय है। जल्दी विवाह, दूर-दराज स्कूल, घर के कार्य, यातायात के साधनों का अभाव, सुरक्षा का अभाव, महिला अध्यापिकाओं की कमी, गरीबी तथा अनेकों कारण से लड़कियों की षिक्षा में रूकावट आती जा रही है। यह सत्य है कि एक षिक्षित लड़की एवं महिला पूरे परिवार को साक्षर बना सकती है।श्
षिक्षा के अतिरिक्त, यह लड़कियां चित्रकारी कलाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्षन कर रही हैं। अभी हाल ही में एक प्रदर्षनी का आयोजन किया जिसका उद्घाटन वेदान्ता फाउण्डेषन के संस्थापक श्री द्धारका प्रसाद अग्रवाल (बाबूजी) ने किया है।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि ग्रामीण बच्चों के लिए, विषेषतः बालिकाओं का षिक्षत होना बहुत ज़रूरी है। हमारा प्रयास रहा है कि हम उन विषयों पर जोर दे सकें जिनका अभाव विद्यार्थी किसी कारणवष ग्रामीण स्कूलों में अुनभव प्राप्त नहीं कर रहे हैं। हमें खुषी हैं कि हम राजस्थान सरकार के साथ मिलकर गांवों में षिक्षा को मजबूत करने की दिषा में महत्वूपर्ण कार्य कर रहे हैं।’’

बीएड के छात्र फ़ार्म भरने के लिए भटकते रहे – एमएलएसयू की अनदेखी

mls1उदयपुर । मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविधयालय और ईमित्र के तालमेल की कमी का खामियाजा मंगलवार को बीएड परीक्षा के आवेदन करने वाले छात्रों को भुगतना पढ़ा। बीएड परीक्षा आवेदन की आखरी तारीख पर सैकड़ों छात्र ईमित्र पर सुबह से भटकते रहे, ना फार्म जमा हुए ना ही रसीद मिली |
एमएलएसयू और ईमित्र के बीच में हुआ अनुबंध छह अप्रेल को समाप्त होगया था। यह बात सुखाड़िया विश्वविद्यायल को पता ही नहीं, इधर मंगलवार ७ अप्रेल को बीएड परीक्षा के फ़ार्म जमा करवाने और फीस जमा करवाने की आखरी तारीख थी । शहर भर भर से सैकड़ों छात्र सुबह ८ बजे से शाम तक ईमित्र पर ऑनलाइन आवेदन भरने की कोशिश करते रहे, लेकिन ईमित्र पर ना तो फ़ार्म भरे गए, ना ही फीस जमा हुई । ईमित्र कियोस्क पर सुखाड़िया की साइट ही नहीं खुली। सुखाड़िया विश्वविद्यालय इसको तकनीकी खराबी बता कर दिनांक आगे बढ़ाने की बात कर रहा है, जब कि हकीकत कुछ और ही है। जानकारी के अनुसार सुखाड़िया विश्वविद्यालय और ईमित्र के बीच का अनुबंध कल छह अप्रेल को समाप्त होगया था। इस अनुबंध को ना तो ईमित्र वालों ने आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय से कोई संपर्क किया ना ही विश्वविद्यालय प्रशासन के किसी जिम्मेदार ने ईमित्र के अधिकारियों से कोई संपर्क किया। विश्वविद्यालय प्रशासन को तो यह पता ही तब चला जब कई छात्रों द्वारा इस तरह की परेशानी की सूचना विशव विद्यालय के जिम्मेदारों को दी।
विशवविद्यालय के प्रवक्ता कुंजन आचार्य का कहना है कि तकनीकी खामी के चलते बीएड की आखरी तारीख में फ़ार्म जमा नहीं हो पारहे थे अभी सब सही हो गया है । इधर छात्र फ़ार्म जमा करवाने के लिए ई मित्र के हर केंद्र पर शाम तक चक्कर काटते रहे। उन्हें तो इस बात की जानकारी भी नहीं है कि आखिर ये समस्या क्या है, और आगे इसकी डेट बढ़ाई भी जायेगी या नहीं ।

वर्जन

तकनीकी समस्या के चलते बीएड के फ़ार्म जमा नहीं हो पारहे है । इसलिए छात्रों के हितों को देखते हुए बीएड परीक्षा आवेदन की आखरी तारीख आगे बधाई जायेगी । कुंजन आचार्य, प्रवक्ता सुखाड़िया विश्व विद्यालय

वकीलों की धमाल – क्या ऐसे मिलेगा हाईकोर्ट बैंच

हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत रजिस्ट्रार ऑफिस में वकीलों ने की तोडफ़ोड़, रजिस्ट्रार की जीप का कांच फोड़ा, कुर्सियां-टेबल फेंके

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उदयपुर । हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत मंगलवार को रजिस्ट्रार ऑफिस में वकीलों ने जमकर तोडफ़ोड़ की। कुर्सियां-टेबल फेंक दिए गए। बंद कमरों के दरवाजों पर तालें मारी गई। इससे पहले वकीलों के झूंड को देखकर रजिस्ट्रार ऑफिस के मैनगेट को ताला लगा दिया गया, लेकिन समूह बनाकर आए वकीलों ने गेट को खोल दिया और अंदर घुस गए और राजकीय कार्यालय में जमकर तोडफ़ोड़ की। इस दौरान पार्किंग में खड़ी रजिस्ट्रार की जीप का कांच भी फोड़ दिया गया। इधर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल ने वकीलों द्वारा रजिस्ट्रार ऑफिस में की गई तोडफ़ोड़ का विरोध किया है।
हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के बैनर तले प्रत्येक माह की सात को किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन के तहत आज सुबह सभी वकील न्यायालय परिसर में एकत्र हुए, जिन्होंने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए कोर्ट चौराहे पर मानव शृंखला बनाकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसके बाद संघर्ष समिति का बैनर लिए भारी संख्या में वकील रजिस्ट्रार ऑफिस की तरफ आए, जिन्हें देखकर वहां मेनगेट पर ताला लगा दिया, लेकिन वकीलों ने मेनगेट खोल दिया। अंदर स्टॉफ ने सभी कमरों को अंदर से बंद कर दिया, जहां वकीलों ने दरवाजों पर तालें मारी। सरकारी कार्यालय में पड़ी राजकीय संपत्ति टेबल-कुर्सियों के उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। कार्यालय में सभी कुर्सियों और टेबलों को उलट दिया गया। इसी दौरान कुछ वकील रजिस्ट्रार ऑफिस के सैकंड ऑफिस में गए, जहां भी बाहर पड़ी कुर्सियां और टेबलों को फेंक दिया गया। इस दौरान एक वकील ने पार्किंग में खड़ी रजिस्ट्रार की जीप का कांच भी फोड़ दिया। इसके बाद कुछ सीनियर वकीलों ने समझाइश कर आक्रोशित वकीलों को शांत किया। इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर कुछ देर के लिए रास्ता भी रोका गया। वकीलों की इस तोडफ़ोड़ की सूचना मिलते ही भूपालपुरा थानाधिकारी चांदमल सांगरिया और हाथीपोल थानाधिकारी राजेश शर्मा और ट्रैफिक सीआई नरपतसिंह मौके पर पहुंचे। तहसील कार्यालय में भी जाब्ता तैनात किया गया। पुलिस इस तोडफ़ोड़ को मूकदर्शक बनकर देखती रही।

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तोडफ़ोड़ की मैं निंदा करता हूं : प्रवीण खंडेलवाल
उदयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफिस में कुछ वकीलों द्वारा की गई तोडफ़ोड़ की घटना की मैं निंदा करता हूं। इस घटना से बरसों से चले आ रहे हाईकोर्ट बैंच आंदोलन को नुकसान पहुंचा है। तोडफ़ोड़ की जानकारी मिलते ही मैं स्वयं वहां पहुंचा और साथी वकीलों को समझाइश कर वहां से बाहर लाया गया।
इनका कहना। …….
कानून सबके लिए एक हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई तोडफोड़ और राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-अजयपाल लांबा, एसपी उदयपुर

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रेव पार्टी में वेश्यावृति करते डूंगरपुर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष गिरफ्तार – रेव पार्टी में हो रहा था ग्रुप सेक्स

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उदयपुर । रविवार की रात उदयपुर गोवर्धन विलास थाना पुलिस द्वारा जिस रेव पार्टी में जिस्म से सजे बाज़ार में छापा मार कर 82 लोगों को पकड़ा उनमे डूंगरपुर के पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष शार्दूल सिंह सहित दस अन्य लोग भी शामिल है। इस रेव पार्टी में नशे के साथ साथ एक लड़की के साथ चार-चार लोग सामूहिक वैश्यावृत्ति ( ग्रुप सेक्स ) कर रहे थे।
पुलिस जानकारी के अनुसार शनिवार के रात उदयपुर बलीचा स्थित उदयपैलेस रिसोर्ट पर में रविवार की रात नशा और जिस्म का बाजार सजा हुआ था, नशे में धुत्त लोग रिसोर्ट में मस्ती में दुबे हुए थे तभी पुलिस ने दबिश देकर सबको गिरफ्तार किया जिसमे डूंगरपुर के कुछ रसूखदार लोग भी नशे और वेश्यावृत्ति की मस्ती में मद मस्त थे । डूंगरपुर के गिरफ्तार दस लोगों में शार्दुल सिंह पिता दौलतसिंह उम्र 42 वर्ष पर भाजपा नगर अध्यक्ष भी रह चुके है। शार्दूल सिंह डूंगरपुर कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में भी काम करते है। इनके अलावा डूंगरपुर के गिरफ्तार लोगों में राजेन्द्र पिता वासुदेव मीणा उम्र 30 वर्ष, राजेन्द्र कुमार कलाल पिताक्ष विजयलाल कलाल उम्र 36 वर्ष, कल्याण पिता भीमजी प्रजापत उम्र 35 वर्ष, मणीलाल पिता वेलजी पाटीदार, रमणलाल पिता गौतमजी कलाल उम्र 40 वर्ष, गेबीलाल पिता शंकरलाल कलाल उम्र 50, प्रकाश पिता नाथुजी पाटीदार उम्र 41 वर्ष, सरफराज पिता नकरुद्उीन उम्र 30 वर्ष भी गिरफ्तार हुए।
ग्रुप सेक्स हो रहा था पार्टी में :
पुलिस सूत्रों के अनुसार डूंगरपुर के दलाल द्वारा ये दस लोग रिसोर्ट में नशे और लड़कियों के साथ ऐश करने आये थे।
पुलिस ने बताया कि इस पार्टी में जब पुलिस ने छापा मारा तो हर जगह वेश्यावृत्ति का नंगा नाच हो रहा था । नशे में डूबे ये लोग एक कमरे में सामूहिक वेश्या वृत्ति ( ग्रुप सेक्स ) कर रहे थे । एक कमरे में एक लड़की के साथ चार – चार लोग थे ।

बदनाम हुई झीलों की नगरी, रेव पार्टी में सजा जिस्म का बाज़ार

रेव पार्टी के नाम पर चल रहा था गौरख धंधा
देह व्यवसायी १६ युवतियां भी गिरफ्त में

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उदयपुर । पर्यटन नगरी में दिनों दिन देह व्यापारी व्यवसाय पैर पसारने लगा है। शहर में बढते जमीनों के भाव ने जहां नव धनाढय वर्ग की उत्पत्ति की है वहीं मार्बल व्यवसायी भी व्यवसाय में धन वर्षा के चलते भोग विलासिता की ओर बढ़ने लगे है। पुलिस ने रविवार देर रात उदयपुर-अहमदाबाद राजमार्ग पर स्थित एक रिसोर्ट पर दबिश देकर होटल मालकिन, देह व्यापारी सोलह लड़कियों एवं ग्राहकों सहित 82 लोगों को गिरफ्तार कर दो लाख 19 हजार रूपये की नकदी जब्त की है। कार्यवाही के दौरान होटल मालिक एवं मैनेजर फरार हो गए। होटल गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के एक आदतन अपराधी की बताई गई है।

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जिला पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा के अनुसार रेव पार्टी की मुखबीर से सूचना मिलने पर रविवार को उदयपुर-अहमदाबाद राजमार्ग स्थित बारापाल गांव के समीप उदयपैलेस रिसोर्ट पर कांस्टेबल बसंत एवं मंगेजराम को बोगस ग्राहक बनाकर पार्टी में प्रवेश कराया गया। डील फिक्स होने पर संकेत मिलते ही पुलिस उपअधीक्षक गिर्वा रानू शर्मा के नेतृत्व में गोवर्धन विलास थानाधिकारी अब्दुल रहमान, एस.आई. जितेन्द्र सिंह सहित भारी पुलिस बल ने रिसोर्ट में प्रवेश करने का प्रयास किया किंतु मुख्य द्वार पर ताला लगा होने से पुलिस दल ने रिसोर्ट की दिवार फांद कर प्रवेश किया। पुलिस की अचानक हुई इस कार्यवाही से वहां चल रही रेव पार्टी में भगदड मच गई।
पुलिस ने रिपोर्ट के कमरों से जोधपुर निवासी दलाल अजय दाधीच, वलसाड निवासी वकील उर्फ़ संजय पांचाल, सेक्टर १४ निवासी अर्जुन एवं इसकी पत्नी आशु, होटल मालिक की पत्नी नीलिमा एवं देह व्यापारी 16 युवतियों सहित 82 लोगों को पीटा एक्ट मेें गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया। कार्यवाही की भनक लगते ही होटल मालिक पंकज बंसल एवं मैनेजर गजेन्द्र फरार हो गए जिन्हें पुलिस तलाश कर रही है।

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रिसोर्ट का मालिक सेक्टर 13 निवासी पंकज बंसल पुत्र पवन कुमार बंसल गोवर्धन विलास थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है।
सूचना देकर बुलवाया ग्राहकों को: पंकज ने धनाढय मार्बल एवं अन्य व्यवसायियों को भूपाल, मुंबई, दिल्ली, आगरा, अहमदाबाद, नीमच आदि क्षेत्रों से आई युवतियां उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए ग्राहकों को सूचना दी। पार्टी में प्रवेश के लिए छह हजार एवं चार हजार रूपये दर निर्धारित की गई। रेट के अनुसार ही कमरों में सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। पार्टी में अहमदाबाद, किशनगढ, डूंगरपुर, बलसाड, सूरत आदि क्षेत्रों से सात समूह में अस्सी लोग शामिल थे। पार्टी में लाइ गई युवतियां 4 हजार से 16 हजार की दर से तीन दलालों द्वारा मुहैया करवाई गई। चार कमरों में दबीश के दौरान एक-एक युवती के साथ चार-चार व्यक्ति पाए गए। कमरों में शराब का दौर चल रहा था। कुछ डिलक्स कमरों में निजी स्वीमिंग पुल की भी व्यवस्था थी।
पुलिस ने बताया कि पार्टी में शामिल एक समूह ने सत्यनारायण भगवान की कथा में शामिल होने का बहाना कर अपनी पारिवारिक महिलाओं को गुजरात भेज दिया तथा कुछ समूह श्रीनाथजी के दर्शन कर लौटे थे।

परीक्षा है, गोरख धंधा है या मजाक है !

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exam-551b726641a9e_lजयपुर . देश में होने वाली प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं का मजाक बनना गंभीर बात है। किसी भी राज्य पर नजर डाली जाए तो परीक्षाओं के पर्चों का लीक होना, संगठित गिरोहों द्वारा नकल कराया जाना तथा फर्जी परीक्षार्थियों को बिठाने की घटनाएं आम हो चली हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के हथकंडों का सीमित व्यवसाय में बदलना उन करोड़ों प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जो ईमानदारी और मेहनत के भरोसे कुछ बनना चाहते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाएं डॉक्टर के लिए हों, इंजीनियरिंग, सिविल सेवा के लिए अथवा शिक्षक-कर्मचारी वर्ग की, हर जगह धांधली का खुला खेल देखने को मिलता है।

उत्तर प्रदेश प्रांतीय लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा का रद्द होना इस बात की पुष्टि करता है कि उन परीक्षाओं पर भरोसा किया जाए तो कैसे और क्यों? उत्तर प्रदेश में प्रारम्भिक परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले बाजार में आ जाने के पीछे क्या वजहें रहीं, जांच के बाद सामने आएगा। लेकिन माना जा सकता है कि कहीं ना कहीं बड़ी भूल तो हुई ही है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग में परीक्षाओं के नाम पर पिछले साल हुआ गोरखधंधा किसी से छिपा नहीं। आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष की विश्वसनीयता पर तमाम सवाल खड़े हुए।

सूचना तकनीक के इस दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालित होना बड़ी समस्या जरूर हो सकती है लेकिन असंभव नहीं। पेपर लीक होने के अनेक तरीके हैं। प्रिंटिंग प्रेस से लीक हो सकते हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में लगे कर्मचारी लीक कर सकते हैं अथवा परीक्षा केन्द्रों से भी लीक हो सकते हैं।

सवाल यही अहम है कि आए दिन पेपर लीक होने के बावजूद ऐसा तंत्र क्यों नहीं बन पा रहा जो इसे रोक सके। पेपर लीक का पता चल जाता है तो परीक्षा रद्द हो जाती है लेकिन कारण पता ही नहीं चले तो क्या माना जाए? प्रतिभाशाली लोग बगलें झांकते रह जाएं और पैसे देकर पेपर खरीदने वाले डॉक्टर, इंजीनियर और अफसरों के पदों पर तैनात हो जाएं।

कौन जानता है कि पेपर खरीदने वाले कितने लोग परीक्षाएं पास करके देश की ‘सेवाÓ कर रहे हों। ऐसे नाकाबिल लोगों से देश के उत्थान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

केन्द्र सरकार तमाम मुद्दों पर राज्यों के साथ मिल-बैठकर चर्चा करती है और समाधान निकालने के प्रयास करती है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक होना अथवा संगठित गिरोहों द्वारा नकल कराने की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार को विभिन्न भर्ती परीक्षा बोर्ड के अधिकारियों और पुलिस के साथ मिलकर विचार करना चाहिए।

पेपर लीक करने और नकल कराने जैसे मामलों में पकड़े गए लोगों के खिलाफ कानून और कड़े करने होंगे। यदि नई तकनीक में कोई समाधान नहीं तो आजमाई हुई पुरानी व्यवस्था फिर लागू की जा सकती है लेकिन परीक्षाओं पर लगने वाले कलंक को तो रोकना ही पड़ेगा।

हिट एंड रनः सलमान के ड्राइवर ने कबूला जुर्म

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salman-khan-मुंबई. हिट एंड रन मामले में एक नाटकीय मोड़ आ गया है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की कार के चालक अशोक सिंह ने कहा कि हादसे के वक्त गाड़ी सलमान नहीं, बल्कि वह चला रहा था।
सरकारी वकील प्रदीप घारत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चालक अशोक सिंह ने कहा है कि जिस वक्त दुर्घटना हुई, गाड़ी वह चला रहा था।

इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हो गए थे। घारत ने कहा कि अशोक सिंह के बयान से केवल सलमान खान ने सहमति जताई है।

उन्होंने कहा, ‘मैंने अशोक सिंह (एक चालक के रूप में) के खिलाफ न तो कोई शिकायत और न ही कोई रिकॉर्ड देखा है और किसी अन्य गवाह ने भी उसकी चर्चा नहीं की है।’

चालक ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.डब्ल्यू.देशपांडे से कहा कि जिस समय कार का टायर फटा, उस वक्त कार वह चला रहा था। टायर फटने से गाड़ी अनियंत्रित हो गई, नतीजतन फुटपाथ पर सो रहा एक व्यक्ति मारा गया।

उल्लेखनीय है कि मुंबई के बांद्रा स्थित अमरीकन एक्सप्रेस बेकरी के बाहर 28 सितंबर, 2002 को हुए इस हादसे में चार अन्य लोग घायल हो गए थे। बांद्रा में ही सलमान का आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट है।

मुंबई सत्र अदालत में हिट एंड रन मामले की पुनः सुनवाई चल रही है। सलमान पर गैर इरादतन हत्या सहित कई मामले चल रहे हैं। उन्हें 10 वर्षों तक जेल की सजा हो सकती है।

दुर्घटना के तुरंत बाद सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया था और खतरनाक तथा लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में बांद्रा स्थित दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया था। इस मामले में दो साल की सजा का प्रावधान है।

बाद में, आरोपों की संख्या बढ़ाकर मामले को सत्र अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 313 के मुताबिक, शुक्रवार को दर्ज किए गए बयान में सलमान ने कहा कि दुर्घटना के वक्त न तो उन्होंने शराब पी रखी थी, न ही वह गाड़ी चला रहे थे और न ही घटनास्थल से फरार हुए थे।

अब ATM देगा दूध

BL21_MILKATM_1727393fउदयपुर। झीलों की नगरी अब एटीएम से दूध उगलेगी। एटीएम मशीन से दूध देने वाला राज्य का पहला शहर होगा। पांच अप्रेल को सरस डेयरी परिसर में पहला एटीएम लगेगा उसके बाद शहर के अन्य हिस्सों और कॉपरेटिव स्टोरों पर बाकी के एटीएम लगाये जायेगें।
सरस दूध अब एटीएम बूथ मशीन से मिलेगा। राजस्थान का पहला ऐसा शहर होगा जहां पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। यहां पर प्रयास सफल होने के बाद अन्य शहरों में भी सरस एटीएम बूथ लगाए जाएंगे। बूथ का उद्घाटन गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया पांच अप्रेल को सुबह 11 बजे करेंगे। बूथ उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की ओर से लगाया जा रहा है। संघ की अध्यक्ष गीता पटेल ने बताया कि प्रदेश में पहला सरस एटीएम बूथ होगा। मिल्क पाउच वेडिंग मशीन से दूध एटीएम की तरह मिलेगा। जैसे ही रुपए डालेंगे दूध की थैलियां निकलकर जाएंगी। सबसे पहले एटीएम गोवर्धन विलास स्थित सरस डेयरी परिसर में लगाया जाएगा। बाद में शहर के अन्य विभिन्न स्थानों पर व् सहकारी उपभोक्ता भण्डार पर भी लगाया जाएगा। इस एटीएम मशीन में एक समय में १८० लीटर दूध डाला जा सकेगा। एटीएम मशीन के माध्यम से उपभोक्ता अपनी मनचाही क्वालिटी का दूध का पाउच निकाल सकेगा। डबल टोन्ड, टोन्ड और गोल्ड दूध के पाउच उपलब्ध होंगे।
देश में अभी तक ऐसी एटीएम मशीन बेंगलूर और गुजरात में लगी हुई है ।
२४ घंटे मिलेगा ताज़ा दूध :
एटीएम बूथ में उपभोक्ता को ताज़ा और ठंडा दूध मिलेगा। इसके लिए नियुक्त नोडल अधिकारी दिन में चार से पांच बार एटीएम की जांच करेगा। दूध ख़त्म होने पर तुरंत इसमे और दूध डाला जाएगा और यदि दूध बच जाता है, तो इसको अगले दिन बदल दिया जाएगा। एटीएम मशीन के साथ रेफ़िज़रेटर भी लगा हुआ रहेगा जिससे दूध हमेशा ठंडा और ताज़ा रहेगा।

वर्जन। ………
राज्य का पहला दूध एटीएम उदयपुर में पांच अप्रेल से शुरू होगा । इसका उद्घाटन गृहमंत्री गुलाब चाँद कटारिया करेगें । अभी डेयरी परिसर में लगाया जारहा है , बाद में शहर के अन्य हिस्सों में भी लगाये जायेगें । गीता पटेल , अध्यक्ष सहकारी संघ, दुग्ध उत्पादक

एक अप्रेल से कुछ घटेगा तो कुछ बढ़ेगा

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उदयपुर। नया वित्तीय वर्ष नए समय, नयी सुविधाओं, और नए नियमों के साथ शुरू होगा । रेलवे में जहां एक अप्रेल से नए नियम लागू होंगे व् नियमों का विस्तार होगा, वहीं प्लेटफार्म टिकिट के लिए ज्यादा दाम भी चुकाने होंगे। स्कूलों में और अस्पतालों में नई समय सारणी के अनुसार काम होगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिलाने वाला गेंहूं और केरोसिन नए राशन कार्ड पर ही मिलेगा। घरेलु गैस सिलेंडर पर अगर डीबीटीएल नहीं करवाई तो सब्सिडी नहीं मिलेगी ।
दस रुपये का होगा प्लेटफार्म टिकिट :
एक अप्रेल से रेलवे प्लेटफार्म का टिकिट पांच रुपये प्रति टिकिट के बजाय दस रुपये का हो जायेगा। नए टिकिट जब तक छप कर आयेगें तब तक पुराने टिकिट पर स्टेम्प लगाकर संशोधित टिकिट बेचे जायेगें।
एक लोगइन पर एक ही टिकिट :
रेलवे के नए निर्देशों के अनुसार अब यूजर्स सुबह आठ बजे से दोपहर १२ बजे के दौरान, ऑनलाइन टिकिट बनाते समय वेब साइट पर एक बार लोगिन कर एक ही टिकिट बना सकेगें। इसके बाद सिस्टम यूजर्स को लॉगआउट कर देगा। अतिरिक्त टिकिट बनाने के लिए यूजर्स को वेबसाइट पर दोबारा लोगिन करना पडेगा।
अग्रिम आरक्षण १२० दिन पहले :
आरक्षित ट्रेन टिकटों की बुकिंग के लिए अग्रिम आरक्षण अवधी ६० दिन से बढ़ा कर १२० दिन हो जायेगी। इसमे यात्रा की तिथि शामिल नहीं है। विदेशी पर्यटकों के लिए ३६० दिनों की समय सीमा में कोई परिवर्तन नहीं होगा ।
डीबीटीएल नहीं तो सुनसीडी नहीं :
घरेलु गैस सिलेंडर एक अप्रेल से सब्सिडी सहित एक ही मूल्य पर उपलब्ध होगा। वर्त्तमान में इसकी कीमत ६१२ रुपये है । जिसमे एक अप्रेल से मामूली बदलाव हो सकता है। सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिड़ी सीधे उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में जायेगी। उपभोक्ता ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांफफर स्कीम (डीबीटीएल) के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है तो उनको सब्सिडी नहीं मिलेगी।
स्कूलों का समय बदलेगा :
एक अप्रेल से स्कूलों का समय बदल जाएगा । एक पारी में चलने वाले स्कूल सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक हो जायेगे। दो पारी में चलने वाले स्कूल सुबह ७ बजे से शाम छह बजे तक संचालित होंगे।
अस्पतालों का समय बदलेगा :
एक अप्रेल से आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत चलने वाले अस्पतालों ऑउटडोर का समय सुबह आठ बजे से २ बजे तक हो जाएगा। जो तीस सितम्बर तक रहेगा। शहर की डिस्पेंसरियों और सेटेलाइट अस्पताल के ऑउटडोर का समय भी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक रहेगा ।
नए राशन कार्ड से मिलेगा गेंहू तेल :
एक अप्रेल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाला गेहूं केरोसिन नए राशन कार्ड पर ही मिलेगा। जिसके पास नए राशन कार्ड नहीं है उनके लिए वैकल्पिक इंतज़ाम किये जायेगें। नए राशन कार्ड में घर में घरेलु गैस सिलेंडर रखने वालों को केरोसिन नहीं दिया जाएगा।
ट्रेनों में महिला कोच :
लम्बी दूरी की मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के शयनान श्रेणी कोच में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों व् गर्भवती महिलाओं के लिए छह बर्थ के आरक्षण कोटा की सुविधा मिलेगी। स्लीपर, थर्ड ऐसी सेकेण्ड ऐसी में यदि महिला वरिष्ठ नागरी, गर्भ वटी महिला सफर कर रहे है तो उन्हें निचली बर्थ का कोटा भी उपलब्ध हो सकेगा।

राजस्थान दिवस पर 981 विद्यार्थियों ने देखा सिटी पैलेस म्यूजियम

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उदयपुर । राजस्थान दिवस के उपलक्ष में सोमवार को महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा विद्यार्थियों के लिए सिटी पैलेस में नि:शुल्क प्रवेश रखा गया।
सिटी पैलेस म्यूजियम की ऐतिहासिक धरोहर, वास्तुकला, गौरवमयी इतिहास आदि अनेक विषयों की जानकारी विद्यार्थियों को मिले, इसलिए राजस्थान दिवस के उपलक्ष में उन्हें म्यूजियम नि:शुल्क दिखाया गया। इस अवसर पर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूल-कॉलेजों के 981 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सिटी पैलेस का भ्रमण किया।