
उदयपुर | फिल्म स्टार सलमान खान सूरज बड़जात्या की फिल्म प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग के सिलसिले में शनिवार सुबह कुम्भलगढ़ पहुंचे | तथा फिल्म के राजस्थानी गाने की शूटिंग की |
जानकारी के अनुसार फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या की फिल्म प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग के लिए सुबह डबोक एयर पोर्ट उतरे और वहां से कुम्भल गढ़ के लिए रवाना हुआ | सूत्रों के अनुसार तीन दिन तक फिल्म की शूटिंग चलेगी जो | सलमान जो इस फिल्म में प्रेम का किरदार अदा कर रहे है उन पर एक राजस्थानी गाने का शूट किया जाएगा | फिल्म की अभिनेत्री सोनम कपूर है, तथा इस गाने के कुछ दृश्य उन पर भी फिल्माने थे लेकिन स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से वह उदयपुर नहीं पहुंची | गौरतलब है कि दो माह पहले ही निर्माता निर्देर्शक सूरज बड़जात्या अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए लोकेशंस देखने के लिए उदयपुर आये थे | सलमान के कुम्भल गढ़ में होने की खबर शहर में आग की तरह फैली और कई सलाम के फेन्स तो उदयपुर से कुम्भल गढ़ पहुंच गए |

सलमान खान कुम्भल गढ़ में करेगें तीन दिन तक शूटिंग
कॉमर्स कॉलेज के डीन ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति को सबके सामने फटकारा !
साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल शुरू पहले ही दिन सड़क पर आए मतभेद

उदयपुर। साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल के पहले ही दिन सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी के कुलपति और कॉमर्स कॉलेज के डीन के बीच मतभेद खुलकर सड़क पर आ गए। आज सुबह फतहसागर किनारे फेस्टिवल के मार्च पास्ट के दौरान कॉमर्स कॉलेज के डीन विजय श्रीमाली मामूली बात को लेकर सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी के कुलपति आईवी त्रिवेदी के साथ गर्मागर्मी से पेश आए।
मौका था सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की मेजबानी में साउथ एशियन यूथ फेस्टिवल के मार्च पास्ट का। इस दौरान सुबह दस बजे यूथ फेस्टिवल में आए छात्रों और अतिथियों का फतहसागर पर मार्च पास्ट होना था। इस दौरान सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी से संबंधित कॉलेज के सभी डीन और कुलपति आईवी त्रिवेदी भी फतहसागर पर ही मौजूद थे। साथ में पेसिफिक व अन्य निजी यूनिवरसिटीज के कुलपति व कॉलेजों के डीन आए हुए थे। मार्च पास्ट के दौरान कॉमर्स कॉलेज के डीन विजय श्रीमाली, कुलपति आईवी त्रिवेदी पर भड़क गए। श्रीमाली ने गुस्सा निकालते हुए कुलपति को सार्वजनिक तौर पर भला-बुरा कहा। श्रीमाली का गुस्सा था कि मार्च पास्ट में आई बग्घियों में पेसिफिक यूनिवरसिटी के कुलपति व डीन को बिठा दिया और उनको पूछा तक नहीं गया। श्रीमाली ने सार्वजनिक तौर पर कुलपति आइवी त्रिवेदी को लताड़ लगा दी और उनको वहां से जाने तक कह दिया। बाद में अन्य प्रोफेसर उनको समझा कर वहां से ले गए। यूथ फेस्टिवल के पहले दिन सबके सामने हुए इस घटनाक्रम की चर्चा सभी कॉलेज और समारोह में गरम रही। यूथ फेस्टिवल आज से 11 मार्च तक चलेगा। इसमें सार्क देशों की 75 यूनिवर्सिटीज के 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेने के लिए उदयपुर पहुंचे है। सभी प्रतिभागियों का फतहसागर से सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी तक शहरभर में मार्च पास्ट निकाला गया। सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राज्य सेवक कालीचरण सर्राफ महापौर चंद्रसिंह कोठारी पेसिफिक कॉलेज के रजिस्ट्रार बीपी शर्मा, चित्तौड़ एमएलए चंद्रभान आदि ने भाग लिया। आज होने वाले कार्यक्रमों में फेस पेंटिंग, फैशन शो व अन्य सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
पिटाई के बाद फ्लावर शॉप के मालिक की मौत
उदयपुर। हजारेश्वर कॉलोनी स्थित फ्लावर शॉप के मालिक की कल शाम कुछ बदमाशों ने दुकान में घुसकर पिटाई कर दी। इस वारदात के कुछ समय बाद दुकान मालिक को सीने में दर्द की शिकायत हुई। उसे एमबी हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बदमाशों द्वारा की गई पिटाई के कारण उसकी मौत हुई है, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा तय हो पाएगी। हालांकि पुलिस ने परिजनों की मांग पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार हजारेश्वर कॉलोनी के बाहर पेट्रोलपंप के पास स्थित फ्लावर शॉप पर दुकान मालिक हिम्मतसिंह (४५) पुत्र धूलसिंह धुलंडी की शाम को बैठा था। इसी दौरान पुलां निवासी बाल मुकुंद, उसका भतीजा लाला, दोस्त सुनील नेपाली और शिव थापा वहां पहुंचे। हिम्मतसिंह और इन युवकों में पहले से पहचान थी। पता चला है कि बाल मुकुंद ने शराब पीने के लिए हिम्मतसिंह से रुपए की मांग की, लेकिन उसने मना कर दिया। इससे दोनों के बीच बोल-चाल हो गई। बालमुकुंद और उसके भतीजे लाला ने दुकान में घुसकर हिम्मत की पिटाई कर दी। बाद में सभी बदमाश वहां से भाग गए। इस वारदात के कुछ देर बाद हिम्मतसिंह को सीने में दर्द की शिकायत हुई। हिम्मत का भाई दीपक सिसोदिया ने उसे एमबी हॉस्पीटल में भर्ती करवाया, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि हिम्मतसिंह की पिटाई के कारण ही उसकी मौत हुई है। परिजनों की मांग पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
मौत का आईसीयू – स्वाइन फ्लू से एक साथ पांच मौतें
उदयपुर | महाराणा भूपाल चिकित्सालय का स्वाइनफ्लू वार्ड का आईसीयू मौत का आईसीयू बना हुआ है | पिछले दो महीनों में जितने स्वाइनफ्लू का मरीज आईसीयू में आये है | उनमे से अधिकतर की मौत ही हुई है | धुलंडी के दिन एक साथ पांच लोगों की मृत्यु हो गयी अभी तक 42 लोगों की मौतें आईसीयू में हो चुकी है | इन मौतों को रोक पाने में मेडिकल कॉलेज के स्वाइनफ्लू स्पेशलिस्ट डॉक्टर असमर्थ है | इस बीमारी से हो रही मौतों पर अंकुश नहीं लग पाने के कारण स्वाइन फ्लू के आईसीयू को अब “मौत का आईसीयू” कहा जाने लगा है। इस बीमारी से हो रही मौतों को लेकर डॉक्टरों के पास एक ही जवाब है कि मरीज एडवांस स्टेज पर आ रहे हैं। ऐसे में उनको बचा पाना असंभव है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी की गिरफ्त में आते ही मरीज को अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, तो उसको बचा पाना मुश्किल नहीं, बल्कि असंभव हो जाता है। स्वाइन फ्लू के कारण धुलंड़ी के दिन राज्यभर में सात मौतें हो गई है। अकेले उदयपुर में ही इस बीमारी से पांच लोगों की जानें चली गई है। धुलंडी को मरने वालों में सराड़ा निवासी देवीलाल (४०) पुत्र मोतीलाल, प्रतापगढ़ निवासी बसंती (४०) पत्नी रमेश, मंदसौर निवासी जितेंद्र (२५) पुत्र दिलीप, चित्तौड़ निवासी हरिदास (५२) पुत्र सीताराम, पाली निवासी मंजू (२०) पत्नी सोमाराम शामिल है।
> स्वाइन फ्लू पीडि़त अधिकतर एडवांस स्टेज पर हॉस्पीटल आते हैं और उनकी उम्र भी ज्यादा होती है। ऐसे हालात में रिकवर होने में दिक्कतें पेश आती है। अधिकतर मामलों में मरीजों की लापरवाही ही मौत का कारण बनी है। आईसीयू पूरी सुविधाएं हैं। मरीजों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-तरुण गुप्ता, अधीक्षक, एमबी हॉस्पीटल
अपनों के प्यार के साथ मना रंगों का त्यौहार
उदयपुर । शहर में होली का दो दिवसीय पर्व धूम धाम और रंगों से सराबोर होकर मनाया । शहर भर में जगह जगह होली दहन के कार्यक्रम हुए जिसमे सैकड़ों लोगों ने भाग लिया । धुलंडी के दिन मस्तानों की टोलियों ने झीलों के नगरी को रंगों से भर दिया । कई परिवारों में नवजात बच्चों के ढ़ूंढ़ोत्सव भी मनाये गए। शहर भर में होली के दोनों दिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी अप्रिय
घटना के लिए चाक चौबंद निगरानी की |
होली का दहन :
शहर में होली दहन का मुहूर्त गोधूलि वेला का था। ६.१५ के बाद शहर के हर गली मोहल्ले कॉलोनियों आदि में होली दहन के कार्यक्रम हुए । होली दहन के पूर्व पूजा अर्चना की गयी, नव विवाहितों और नव जात बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गयी । होली में नारियल का होम किया गया । बड़ी होली, जगदीश चोक, मल्लातलाई, होली के बड़े कार्यक्रम आयोजित किये गए | जगदीश चौक में होलिका दहन के पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने होली दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया । मल्ला तलाई चौराहे पर होली दहन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे मुख्य अतिथि ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, नगर निगम महापौर चन्द्र सिंह कोठारी, विशिष्ठ अतिथि लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रताप सिंह राठोड, मेवाड़ चैनल के संचालक छोगा लाल भोई थे । पूजा अर्चना और पारम्परिक अनुष्ठान के बाद होली का दहन किया गया ।
राजगोत्सव मना धूम धाम से :
रंगोत्सव का दूसरा दिन पूरी तरह रंगों में डूबा रहा फिजां में उत्साह का गुलाल है…चेहरों पर रंगों की बहार है…आज खिलने लगी फिर मुस्कान है…ऐसे ही रंगबिरंगे माहोल में रंगोत्सव का आगाज़ हुआ । दोस्तों के साथ खिलखिलाते हुए ये रंग-बिरंगे चेहरे होली की खुशियों का पैगाम लेकर आए हैं। कही गुलाल तो कही रंग भरी पिचकारी, रंगों में लिपटे हुए मस्तों की टोलिया दिन भर शहर में घुमती रही, जगदीश चोक में विदेशियों ने भी रंगों के इस त्यौहार का आनंद लिया, कोलोनियों में महिलाओं ने घर घर जाकर अपनी सखियों के गलों पे गुलाल की चमक डाली। पुरुष, महिला, बच्चे और युवा उड़ते गुलाल और म्यूजिक की धुन पर होली है…. बुरा न मानो होली है…. बोलते हुए एक दूसरे को गुलाल से रंगते हुए देखे गए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में समूह और संगठनों द्वारा मिल कर रंग खेला गया। राजगोत्सव पर हर ओर रंग और अबीर में लबरेज खुशियां दिखाई दी।
पुलिस रही चौकन्ना:
होली के हुड़दंग में कोई संदिग्ध गतिविधि न हो। ड्रिंक करके लोग सड़कों प दुर्घटनाओं को अंजाम न दे दें। लोगों में किसी तरह का विवाद न हो। इन बातों को रोकने के लिए पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नज़र आई। कई बार मनचले रंग के बहाने शहर में घूम लोगों पर रंग डालने पर पुलिस द्वारा रोका गया। मुस्लिम समाज का जुमे का दिन होने से मस्जिदों के बाहर भी खासा पुलिस का जाब्ता नज़र आया। पुलिस की सतर्कता और शहर वासियों की सद्भावना के चलते होली के दोनों दिन कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई।
पत्नी या प्रेमिका को लगाएं लाल रंग तो और बढ़ेगा प्यार

कुदरत ने इंसानों को रंगों का अनमोल तोहफा दिया है। प्रकृति का हर रंग अलग-अलग भावनाओं को व्यक्त करता है। अगर यह कहा जाए कि रंग बिना बोले भी आपकी सारी बातें कह देते हैं, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। होली रंगों और रिश्तों का त्योहार है। इस बार होली (धुरेंडी) 6 मार्च, गुरुवार को है। आप जब इस होली पर अपनों को रंगने जाएं, तो बस थोड़ा सा ध्यान रंगों के चयन पर भी रखें। एक रंग आपकी सारी बातें आपके अपनों तक पहुंचा देगा। जानिए किसे आप कौन सा रंग लगा सकते हैं-
पत्नी या प्रेमिका
पति-पत्नी व प्रेमी-प्रेमिका के लिए होली का त्योहार बहुत ही खास होता है। चूंकि इस त्योहार में प्यार के साथ-साथ थोड़ी शरारत भी छुपी होती है। इसलिए ये पर्व पति-पत्नी व प्रेमी-प्रेमिका को लुभाता रहा है। पत्नी या प्रेमिका के इस प्यार के रिश्ते को आप होली के दिन लाल और केसरिया रंग से रंगें। यह रंग आपके जीवन में प्रेम, उत्साह, खुशहाली और विश्वास लेकर आएगा।
अपने से छोटों को
छोटे बच्चे, छोटे भाई-बहन या और अपनी उम्र में छोटे रिश्तेदार को हरा रंग लगाइए। हरा सम्पन्नता का प्रतीक है और ये आपके आशीर्वाद और स्नेह के रूप में आपकी भावनाओं को अभिव्यक्त करेगा।
पति या प्रेमी को
पति या प्रेमी को आप लाल और हल्का नीला रंग लगा सकते हैं। लाल रंग प्रेम और आक्रामकता दोनों का प्रतीक है। यह रंग बताएगा कि आप के रिश्ते में पहले की तरह आज भी वैसा ही प्रेम और गर्माहट है। नीला रंग धैर्य और भरोसे का रंग है। इन दोनों भावों की रिश्तों में बहुत जरूरत है।
बड़ों को रंगना हो तो
दादा-दादी, माता-पिता, बड़े भाई-बहन या फिर अपनी उम्र से बड़े कोई और रिश्तेदार हो, तो आप उन्हें पीले रंग का गुलाल लगाइए। पीला रंग आस्था, त्याग और विश्वास का प्रतीक है। जब आप अपने बड़ों को इस रंग से रंगेंगे, तो इसका मतलब साफ होगा कि आप उन्हें सम्मान देते हैं। उनके प्रति आस्था और विश्वास भी रखते हैं। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं और हमेशा उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं।
दोस्तों के लिए
दोस्तों के लिए हरा, सफेद और नीला रंग सबसे अच्छा है। हरा सम्पन्नता का, सफेद शांति का और गहरा नीला रंग सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। अच्छे दोस्तों की खासियत है कि वो अपने दोस्तों के लिए हमेशा सम्पन्नता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा ही चाहते हैं। ये भावनाएं आपकी दोस्ती को और ज्यादा खास बनाएगी।
हर रंग कुछ कहता है…
लाल रंग- लाल रंग हमें प्रेम, उत्साह, उमंग, साहस, शक्ति और लगन से कार्य करने की सीख देता है। यही गुण हमारी सफलता को सुनिश्चित करते हैं।
नारंगी रंग- यह रंग जोश, आनंद, आकर्षण, दोस्ती का प्रतीक है। जीवन में ये गुण सफलता की ओर ले जाते हैं।
पीला रंग- पीला रंग दूरदर्शिता, कुशाग्रता से कार्य करने और दूसरों को प्रेरित करने की सीख देता है।
हरा रंग- यह रंग प्रकृति का प्रतीक है। हमें प्रकृति की तरह सहनशील, उदार और निरंतर उद्यमी बनना चाहिए, तभी धन, भाग्य, सुख-समृद्धि, उपलब्धियां मिलती हैं।
नीला रंग- नीला रंग शांति, समर्पण, प्रेरणा, चिंतन-मनन का प्रतीक है। हमारे अंदर जब ये गुण आते हैं, तो व्यक्तित्व उभरता है।
बैंगनी रंग- ये रंग अध्यात्म और बुद्धिमानी का प्रतीक है। अध्यात्म हमें ज्ञान की ओर ले जाता है। ज्ञान से बुद्धि विकसित होती है, तब हम अच्छे-बुरे का अंतर समझ सकते हैं।
सफेद रंग- यह शांति, दयालुता, विश्वास, शुद्धता का प्रतीक है। यही गुण हमें समाज में प्रतिष्ठा दिलाते हैं।
गुलाबी रंग- यह प्रेम, दोस्ती, स्नेह, शांति, परिपूर्णता का रंग है। प्रेम, स्नेह, दोस्ती से जीवन में उत्साह-उमंग का संचार होता है।
फिरोजी रंग- सतर्कता, रचनात्मकता का प्रतीक है। सतर्कता मतलब अपने काम का विवेकपूर्वक निरीक्षण। जो भी काम करें वह सतर्कता से करें, उसमें रचनात्मकता हो।
काला रंग- यह रंग नकारात्मक विचारों को खत्म करता है। ये सिखाता है कि हमें अपने विचारों को सकारात्मक बनाना चाहिए।
खो-खो में दिखती है भारतीय संस्कृति की झलक- सामर
विद्यापीठ की मेजबानी में
ऑल इंडिया इंटर जोन पुरूष खो खो प्रतियोगिता का आगाज
खो-खो में दिखती है भारतीय संस्कृति की झलक- सामर
उदयपुर , जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय की मेजबानी में ऑल इंडिया इंटर जोन पुरूष खो खो प्रतियोगिता का आगाज बुधवार को विश्वविद्यालय केन्द्रीय परिसर में स्टेडियम पर मुख्य अतिथि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उमेश ओझा, विशिष्ट अतिथि भाजपा लोकसभा प्रभारी प्रमोद सामर, अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने किया।खो-खो संघ के डॉ. असगर अली, प्रो. सी.पी.अग्रवाल थे।विशिष्ट अतिथि प्रमोद सामर ने खिलाडियों से आव्हान किया कि खो-खो के इस खेल से हमें भारतीय संस्कृति व इसकी मिट्टी की झलक मिलती है तथा खो-खो हमें आत्म रक्षा के गुरू सिखाता है। स्पोर्ट्स बोर्ड सचिव श्री भवानी पाल सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया संचालन डॉ. धीरज जोशी व धन्यवाद डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने किया।

स्पोर्ट्स बोर्ड के निदेशक प्रो. सीपी अग्रवाल ने बताया कि उद्घाटन समारोह में केरला विश्वविद्यालय ने कुरूक्षेत्र वि.वि. को 1 पॉइन्ट, पाण्डीचेरी वि.वि. ने नोर्थ महाराष्ट्र वि.वि. को एक अंक, शिवाजी वि.वि. कोल्हापुर ने वी.बी.एस. पुर्वांचल वि.वि. जोनपुर को 14 पॉइन्ट, मुम्बई वि.वि. पण्डित रविशंकर वि.वि. रायपुर को 2 अंक से पराजित किया, नोर्थ बंगाल वि.वि. ने सी.एस.जे.एम कानपुर वि.वि. को 15 अंक व एक पारी, कालीकट वि.वि. ने पंजाब वि.वि. चंडीगढ़ को 9 अंक व पारी से, पूणे वि.वि. ने अन्ना वि.वि. चैन्नई को 1 अंक व 1 पारी से, पंडित रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर ने कुरूक्षेत्र वि.वि. को 1 अंक, पाडिचेरी वि.वि. ने सी.एस.जे.एम. कानपुर को 5 अंक व एक पारी से पराजित कर अगले दौर में पहॅंुच गई है।
इनका किया सम्मान- कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एस.एस.सारंगदेवात एवं रजिस्ट्रार प्रो. सी.पी. अग्रवाल ने उमेश ओझा तथा डॉ. प्रमोद सामर का खो-खो में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया।
PRT टीम का दौरा
उदयपुरए ,महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ऐक्रीडेशन हेतु आईसीऐआरए नई दिल्ली से आई पीआरटी टीम के सदस्यों पीआरटी चेयरमेन ड़ॉ. के नारायण गोड़ा व मेेम्बर ड़ॉ. हिम्मत सिंह नैनावटी ने अपने तीन दिवसीय दौरे मे बुधवार को सुबह आरसीऐ के लाइव स्टॉक फॉर्मए पोल्ट्रीए खरगोश पालनए मत्स्य बीज उत्पादन व एक्वाकल्चर इकाईयों का अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि ऐक्रीडेशन टीम ने मंगलवार को अनुसंधान निदेशालय मे विश्वविद्यालय की गतिविधियों का जायजा लिया जहां विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. ओ. पी. गिल ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। यहां विश्वविद्यालय ऐक्रीडेशन के संयोजक ड़ॉ. एस आर मालू अधिष्ठाता राजस्थान कृषि महाविद्यालयए अनुसंधान निदेशक ड़ॉ. पी. एल. मालीवाल प्रसार शिक्षा निदेशक ड़ॉ. आई. जे. माथुर व छात्र कल्याण अधिकारी ड़ॉ. वाई. सी. भट्ट ने ने विश्वविद्यालय की ओर से अपना प्रजेंटेशन दिया।
लंच से पूर्व के दौरे मे टीम ने मात्स्यकी महाविद्यालय के विभिन्न विभागो एक्वाफार्मए संग्रहालयए लाइब्रेरी व एक्वागेलेरी इत्यादि का अवलोकन किया एवं विश्वविद्यालय की नवीनतम शैक्षणिक इकाई होते हुऐ भी यहां की सुविधाओं व विद्यार्थियों से प्रभावित हुए। टीम ने जनजाती क्षेत्र मे महाविद्यालय द्वारा किये गऐ कार्यों की प्रशंसा भी की। तत्पश्चातए अनुसंधान निदेशालय मे प्रदशर््िात विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड इत्यादि का गहन निरीक्षण किया एवं वहां उपस्थित विभिन्न इकाईयों के ऐक्रीडेशन संयोजकों से आवश्यक सवाल जवाब भी किए। प्रसार शिक्षा निदेशक ड़ॉण् आईण् जे माथुर की अगुवाइ्र मे प्रसार शिक्षा निदेशालय एवं वहां स्थित संग्रहालय व साथ ही आरसीऐ के पीजी छात्रावास का अवलोकन किया। अपरान्ह मे पीआरटी टीम ने गृह विज्ञान महाविद्यालय तथा खाद्य व डेयरी विज्ञान महाविद्यालय के अवलोकन के बाद होम साईंस व आरसीऐ के कन्या छात्रावास का निरीक्षण भी किया। पीआरटी टीम ने सभी जगह प्रभारियों से मुलाकात के बाद फैकल्टी व विद्यार्थियों से व्यक्तिशः बात की एवं आवश्यक प्रश्न पूछे व फीडबैक लिया । टीम के दौरे से पूर्व माननीय कुलपति प्रोण् ओण् पीण् गिल ने विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाईयों का स्वयं निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किये। टीम के साथ विश्वविद्यालय ऐक्रीडेशन के संयोजक ड़ॉण् एसण् आर मालू व ओएसड़ी ड़ॉण् केण्ऐण् वर्गीस उपस्थित रहे।
आईसीऐआर ऐक्रीडेशन टीम 26 फरवरी को विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय खेल कॉम्पलैक्सए अभियांत्रिकी महाविद्यालयए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवनए प्लानिंग.मॉनीटरिंग निदेशालयए भूसम्पति अधिकारी कार्यालय इत्यादि का निरीक्षण भी करेगी।
Hindustan Zinc honoured with Social Awareness Communication Award
“Success of Communication is directly related to understanding the target audience”
![20150222_130218-1[1]](https://www.udaipurpost.com/wp-content/uploads/2015/02/20150222_130218-11.jpg)
For building highly successful social awareness campaign, that has reached millions of people across the country and abroad, Hindustan Zinc has been awarded the “Social Awareness Communication Award”. The campaigns “Khushi” on child care, “Sakhi” on empowerment of rural and tribal women, and “Maryadaa” on awareness about sanitation and construction of toilets, have been highly successful in creating required impacts.
The award “Social Awareness Communication Award” was presented to Hindustan Zinc by The Times of India as part of Achievers of Mewar in a glittering event in Udaipur on 22nd February 2015.
Communication has always been the essence of creating not just awareness but also generating perception. Right communication and right strategy play an important part in changing the mind-set of society. When it is a matter of rural poor, the strategy has to be of the ground level, involving more of rural masses and communicating in their own language. Pavan Kaushik, the Head of Corporate Communication who designed these campaigns said, “when the focus is rural the voice of the campaign also has to be rural. The campaign must reach out to rural masses. In our campaigns the focus was rural as well as government policy. The government is doing a lot of work and corporates like Hindustan Zinc are working very closely with the government towards effective implementation of these rural development programs. Both the messages need to reach and this is where the communication strategy and messages come together.”
Kaushik also informed that Hindustan Zinc, has been driving the vision of Shri Anil Agarwal, Chairman Vedanta Group, who has said that what we take from the society, a portion of the same should go back to the society. The essence of giving is very necessary.
Hindustan Zinc has been very strong in developing communication plans and implementing them at the most satisfying level. The impact is also evident as over 100,000 followers are associated on social media with Hindustan Zinc’s “Khushi”, “Sakhi” and “Maryadaa” campaigns.
Ask Pavan Kaushik and he says, “I have never been afraid of failures as I know it comes after success. And I will never be afraid of failures as I know success will always be a step away. We only need to keep working hard”, Pavan Kaushik. .
लेकसिटी में ब्लू मार्केट के खिलाफ कार्रवाई शुरू
साइबर सेल की जानकारी पर हिरणमगरी पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज
उदयपुर। इंटरनेट के जरिये फैलाए जा रहे सेक्स कारोबार को लेकर पुलिस विभाग सतर्क हो गया है और साइबर सेल इस कारोबार के पीछे छिपे काले चेहरों को बेनकाब करने में जुट गई है। हाल ही में साइबर सेल द्वारा इस कारोबार से जुड़े कुछ तथ्य हिरणमगरी पुलिस को उपलब्ध करवाए गए हैं, जिस पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्रमददगारञ्ज ने १९ फरवरी के अंक में क्रलेकसिटी का ब्लू मार्केटञ्ज समाचार मुख्य पृष्ठ पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस संबंध में एसपी अजयपाल लांबा ने साइबर सेल को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। साइबर सेल की रिपोर्ट में पता चला है कि इंटरनेट पर उदयपुर एस्कार्ट नामक वेबसाइट के साथ जो मोबाइल नंबर दिए गए हैं, वो हिरणमगरी क्षेत्र में एक्टिव है। साइबर सेल द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर हिरणमगरी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिरणमगरी थानाधिकारी छगन पुरोहित ने बताया कि साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर में ऑनलाइन सेक्स का कारोबार चल रहा है, जिसमें उदयपुर के हिरणमगरी क्षेत्र के किसी अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल नंबर डाले हुए हंै। साथ ही इस वेबसाइट में महिलाओं के अश्लील फोटो और अन्य सामग्री भी है। इसके माध्यम से शहर में वैश्यावृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।











