केंद्रीय विद्यालय में प्रथम सोपान एवं द्वितीय सोपान परीक्षण शिविर 2014-15

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उदयपुर | केन्द्रीय विद्यालय क्र.1 उदयपुर में स्काउट्स एवं गाइडस हेतु दो दिवसीय प्रथमसोपान एवं द्वितीयसोपान परीक्षण शिविर 2014-15 आयोजित किया गया | इस शिविर का उद्घाटन दिनांक 03.02.2015 को विद्यालय के प्राचार्य एवं शिविर निर्देशक गोविन्द सिंह मेहता ने किया | मेहता ने बालचरों एवं वीर बालाओं से अनुशासित,कर्मठ ,एवं सेवाभावी बनने का आह्वान किया | इस परीक्षण शिविर में 36 स्काउट्स एवं 44 गाइड्स ने भाग लिया | परीक्षण दल के सदस्यों में स्काउट मास्टर लालचंद राठौर,श्री आर .के .मीणा , आर.पी .मीणा एवं गाइड कैप्टन श्रीमती पूजा यादव थे | शिविर का सञ्चालन चन्द्रप्रकाश राजावत प्री.ए.एल.टी.(स्काउट) ने किया | स्काउट्स एवं गाइड्स ने विभिन्न परीक्षणों के साथ ही सर्वधर्म प्रार्थना,मानसभा ,सेवा कार्य ,मार्चपास्ट ,कैम्प फ़ायर इत्यादि में उत्साहपूर्वक भाग लिया | दिनांक 04.02.2015 को शिविर समापन के अवसर पर विद्यालय की उप-प्राचार्या श्रीमती उषा आर्य ने छात्रों से सुयोग्य नागरिक बनने एवं भारत को स्वच्छ बनाने का संकल्प करवाया | ध्वजावतरण से शिविर का समापन हुआ |

सेक्सी टीचर बन बच्चों को क्लास देंगी सनी लियोन

24062014asttUdaipur। बॉलीवुड की बेबी डॉल सनी लियोनी एक तेलगु फिल्म में सेकसी टीचर का किरदार निभाने जा रही है।

वर्ष 2012 में प्रदर्शित फिल्म जिस्म 2 से बॉलीवुड में अपने करियर की शरूआत करने वाली सनी लियोनी की हाल ही में रागिनी एमएमएस 2 प्रदर्शित हुयी जिसने टिकट खिड़की पर अच्छी सफलता हासिल की।

सनी की डिमांड बॉलीवुड के अलावा क्षेत्रीय फिल्मों में भी बढ़तीजा रही है।

वह अब .करंट थीगा. से तेलगु फिल्म में डेव्यू करने जा रही है जिसका निर्देशन जी नागेशवरा रेaी करेंगे।

इस फिल्म में सनी के साथ मंचू मनोज और रकुल प्रीत नजर आएंगे।

सनी इस फिल्म में पहले आइटम नंबर करने वाली थी लेकिन अब उनका रोल बढ़ा दिया गया है और अब वह पिकल्म में सेकसी टीचर का किरदार निभाती नजर आयेंगी।

फिल्म निर्माताओं का कहना है कि आज के दौर में सनी बहुत बडी एंटरटेनमेंट फैकटर हैं।

उनके चाहने वाले हर ओर मौजूद हैं और यही वजह है कि हम उन्हें तेलुगु सिनेमा से जोड़ रहे हैं उनका रोल सभी सिने प्रेमियों को पसंद आएगा।

रैली में मोदी देते रहे भाषण, भाजपा नेता लेते रहे “खर्राटे”

narendra-modiUdaipur दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल ने अपने वादों, दावों और नारों से भाजपा की नींद उड़ा दी है।

ऎसे में भाजपा किरण बेदी को मैदान में लाने के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी के रैलियों से इस बार पूर्ण बहुमत का आस लगाए बैठी है लेकिन चुनाव पूर्व सर्वेक्षण उसके उम्मीदों के विपरीत ही दिख रहे हैं, जिसमें केजरीवाल को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सर्वे की संभावनाओं को खारिज करने वाले पीएम मोदी स्वयं दिल्ली के रण में पूरी ताकत झोंके हुए हैं लेकिन उनकी बातों का असर दिल्ली की जनता पर कितना हुआ ये तो 10 फरवरी को मतगणना के दिन पता चल जाएगा। लेकिन पार्टी नेताओं पर इसका असर कम ही दिख रहा है।

अंबेडकर नगर में बुधवार को हुई पीएम की रैली में मोदी लोगों से किरण बेदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा कर रहे थे तो वहीं उसी मंच पर उनके बगल में मौजूद कुछ नेता सोते नजर आए।

उनको देखकर तो ऎसा लग रहा है कि वे चुनावी सर्वे के नतीजों से संतुष्ट हो गए हों और केजरीवाल एंड कंपनी के खिलाफ मतदान से पूर्व ही मोदी के सामने हाथ खडे कर दिए हों!

गौरतलब है कि गुरूवार को प्रचार का अंतिम दिन

बंधक बने हुए है जनप्रतिनिधि

electionRPJHONL004211220148Z42Z16 AMउदयपुर । जिन जन प्रतिनिधि को जनता ने अपना वोट देकर चुना है वह पिछले चार दिनों से बंधक बने हुए दर दर भटक रहे है | बड़ी राजनैतिक पार्टियों ने पिछले चार दिनों से जन प्रतिनिधियों को एक तरह से बंधुआ मजदूर की तरह कैद कर के रखा हुआ है | पंचायती राज चुनाव के आखरी चरण के बाद से ही पंचायती समिति सदस्य और जिलापरिषद सदस्यों के प्रत्याशियों को भाजपा कांग्रेस के नेता एक तरह से बंधक बनाये हुए | सैर सपाटे के नाम पर दर दर भटका रहे है | पिछले चार दिनों से रातों रात अपने अपने घर से उठाये गए ये जन प्रतिनिधि अब अपनी मालिक मर्जी के मालिक नहीं है, इनको पार्टी के पदाधिकारियों के रहमो करम पर रहना पढ़ रहा है | गुरुवार को होने वाली मतगण्ा के बाद ही बाड़बंदी में बंद इन प्रतिनिधियों को सामने लाया जाएगा |
सूत्रों के अनुसार 17 पंचायत समिति के इन प्रत्याशियों को तीन दिन से लग्जरी गाडिय़ों में जगह-जगह घुमाया जा रहा है। दो दिन पहले भाजपा की ओर से गई दो लग्जरी बसों में ये जनसेवक अंबाजी दर्शन के बाद माउंट आबू के राजपुताना रिसोर्ट में एक दिन के लिए ठहरे लेकिन सर्दी ज्यादा होने के कारण उनको गुजरात ले जाया गया। मंगलवार को अहमदाबाद के पास सुरती रिसोर्ट में दिनभर रुकने और नजरबंद रखने के बाद उन्हें गुजरात में ही किसी भाजपा नेता के फार्महाउस में रखा हुआ है। इन जन प्रतिनिधियों के साथ शहर और देहात के कई भाजपा पदाधिकारी भी है। इनमें प्रमोद सामर, देहात जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत, युवा मोर्चा के गजपालसिंह और कई पदाधिकारी शामिल है। दूसरी और कांग्रेस ने भी अपने सभी समर्थक प्रतिनिधियों को तीन बड़ी लग्जरी गाडिय़ों और पांच छोटी लग्जरी कारों में सैर-सपाटे के लिए भेज दिया है और पिछले चार दिन से यह सैर-सपाटा चल रहा है। जानकारी के अनुसार चार दिन पहले गौरेला स्थित जगत रिसोर्ट पर सभी को जमा किया गया था। उसके बाद उन्हें बांसवाड़ा जिले में अज्ञात स्थान पर ले जाया गया
अगर सूत्रों की माने तो कई जन प्रतिनिधि के समर्थक और घर वाले एक तो उनके चार दिन से गायब होने को लेकर परेशान है, दूसरी तरफ जिन समर्थकों ने बिना किसी पार्टी के मोह के चुनाव प्रचार में सहायता की उनका कहना है कि यह बड़ी पार्टी वालों की एक तरह से दादागिरी और दबंगई है कि जिन प्रतिनिधियों को जनता चुन रही है, उन्हें खुद अपनी मर्जी का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं है। पिछले चार दिनों से किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सूत्रों की मानें तो एक पार्टी ने सभी प्रत्याशियों के मोबाइल ले लिए है और अगर कोई अर्जेंट कार्य है तो दिन में एक बार घर पर बात करवा दी जाती है। उल्लेखनीय है कि पंचायतीराज चुनाव में इस बार अधिकतर जगह कांग्रेस के सरपंच बने हैं। इससे हवा का रूख कांग्रेस की ओर दिखाई दे रहा है। और उनकी सेवा में बांसवाड़ा के कद्दावर नेता महेंद्रजीतसिंह मालवीया के कार्यकर्ता लगे रहे। कांग्रेस सूत्रों की माने तो बांसवाड़ा से उन्हें दो दिन के सैर-सपाटे और गुजरात और महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों पर भेज दिया गया है। गुरुवार को गणना के पहले सभी को लाया जाएगा।

हीरो नहीं ये हैं जीरो – इनके मुंह पर थूकने को दिल चाहता है |

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उदयपुर। भारतीय संस्कृति और नैतिकता को जीवन का आधार मानने वालों के सामने अब तक की सर्वाधिक कठोर चुनौती बॉलीवुड से सामने आई है, जिसने न केवल पारिवारिक रिश्तों, वरन् छोटे-बड़े की मर्यादा और सहजीवन की गरीमा को ध्वस्त करके रख दिया गया है। बॉलीवुड के कलाकारों को युवा अपना युथ आइकॉन मानते है और इन कलाकारों और निर्माताओं ने अपनी बेशर्मी और जलील हरकतों से मंच पर ऐसा भोंडा प्रदर्शन किया कि देश के हर सभ्य आदमी का इनके मुह पर थूकने को दिल चाहता है |
पिछले पांच दिन से यू ट्यूब पर चल रहे एक शो ” एआईबी-रोस्ट” ने हर दर्शक को अवाक् कर दिया है। एआईबी का पूरा तर्जुमा “ऑल इंडिया बक चो …” है, यह एक टॉक शो की तरह है, जिसमें आप को मंच पर आकर हज़ारों दर्शकों के सामने मंच पर बैठे अन्य सेलिब्रिटी, गाली देनी होती है उसके बारे में जितना बुरा बोल सकते हो बोलना है । यह गाली कितनी भी अश्लील हो सकती है। सामने सैंकड़ों दर्शक मौजूद होते हैं, जिनमें हर उम्र के बच्चे, बूढ़े, जवान पुरुष-महिलाएं शामिल रहती है। ये कोई मामूली लोग नहीं है। बड़े-बड़े फिल्मी सितारे और बॉलीवुड की नामी-गिरामी हस्तियां हैं, जो हद दर्जे की गंदी व गलीज गालियां देते सुनाई और दिखाई पड़ रहे थे।
इस शो मे निर्माता निर्देशक करण जौहर ( जो साफ़ सुथरी सामाजिक फिल्मों के लिए जाने जाते है ), अभिनेता अर्जुन कपूर ( मशहूर फिल्म अभिनेता अनिल कपूर के भतीजे ) तथा फिल्म अभिनेता रणवीरसिंह ने मंच संभाला, जबकि दर्शकों में सोनाक्षी सिन्हा, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और करण जौहर की मां भी मौजूद थीं। इनके अलावाि टीवी प्रोग्रामर रघुराम ने भी सहजीवन की सीमाएं तोड़ डाली। हज़ारों दर्शक के बीच स्त्री-पुरुष के जनन अंगों को लेकर दी जाने वाली अश्लीलतम गालियां, मां-बहन के रिश्तों को तार-तार कर देने वाली टिप्पणियां तथा किसी भी सभ्य व्यक्ति को शर्मिंदा कर देने वाली सीत्कारों के समावेश वाला यह शो अकेले देखने जैसा भी नहीं लगा, जिसे सैकड़ों बालीवुडियों ने बड़े आनंद से देखा-सुना और उसमें भाग लिया। यू ट्यूब पर इसे देखने वालों के लिए यह एक नई दुनियां थी, जिसकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता है।
बड़े बड़े फिल्म निर्माता और अपने आपको युथ आइकॉन कहने वाले अभिनेताओं ने सभ्यता और संस्कृति के सारे कपडे हज़ारों दर्शकों के बीच खोले और ऐसे खोले कि जो मजाक और बाते रात दिन साथ रहने वाले दोस्त आपस में नहीं करते ऐसी बाते इन बेशर्मों ने मंच से कही |
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केस दर्ज : मुंबई पुलिस ने क्रएआईबी रोस्टञ्ज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह केस ब्राह्मण एकता संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश तिवारी ने साकीनाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र की सत्ता में नैतिकतावादी सरकार को बॉलीवुड से यह गंभीर चुनौती मिली है, जिस पर सरकार क्या एक्शन लेती है, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन मददगार न्यायपालिका से अपील करता है इस मामले में संज्ञान लेकर सार्वजनिक रूप से अश्लीलता फैलाने वाले बॉलीवुड के इन युवा कलाकारों को सीखचों के पीछे धकेलकर कड़ी सजा दे, ताकि भारतीय सभ्यता और संस्कृति के मानक मूल्यों को जीवित बचाए रखा जा सके।

मोबाइल पर अनलिमिटेड विदेश बात करो, मात्र 10 पैसे प्रति मिनट!

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isdUdaipur. विदेश बात करने वालों के लिए बढिया खबर है। अब आप केवल 10 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से मोबाइल पर बात कर सकते हैं।

देश में मोबाइल सर्विस प्रोवाइड करने वाली जानी मानी कंपनी एयरसैल ने एक स्कीम निकाली है जिसके मुताबिक इसके प्रीपेड सब्सक्राइबर इसी नेटवर्क के तहत 10 पैसे प्रति मिनट का आनंद लेंगे।

यानि आपके नेटवर्क में एयरसेल का उपयोग करने वाले दोस्त और परिजन हैं तो उनसे बात करने में अब कोई टेंशन नहीं। इसके अलावा यूजर 30 दिन तक अनलिमिटेड फ्री म्यूजिक का आनंद भी ले सकते हैं।

एयरसेल के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अनुपम वासुदेव ने कहा कि हम अपने इस अनलिमिटेड एसटीडी नेट कॉल्स प्लान को लांच करते हुए काफी खुश हैं।

30 दिन की वैलिडीटी के साथ आने वाले 71 रूपये से 149 रूपए के रिचार्ज पर नए एयरसेल कस्टमर्स इस पैक को पा सकते हैं।

बांसवाड़ा शहर में नहीं थमा जुआ-सट्टा

foulplayRPJHONL009010220152Z18Z14 AMबांसवाड़ा। पुलिस के आला अधिकारियों की लाख कोशिशों के बावजूद शहर में जुआ-सट्टा बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। कोतवाली थाना क्षेत्र के कस्टम चौराहा, राजतालाब क्षेत्र, पुराना बस स्टेण्ड, पुरानी सब्जी मंडी, पृथ्वीगंज सहित अन्य कई इलाकों में बड़े स्तर पर जुए-सट्टे का कारोबार संचालित है।

इनके खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। जानकारों के अनुसार शहर में हर दिनों लाखों रूपए का जुआ-सट्टा चलता है।

छुटपुट कार्रवाई और इतिश्री
गौरतलब है कि बीते महीनों में कोतवाली पुलिस कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से छापेमारी कर छुटमुट जुआ-सट्टा के खिलाफ कार्रवाई तो की, लेकिन बड़े स्तर पर जुआ-सट्टा का काम करने वालों के खिलाफ शहर में एक भी कार्रवाई नहीं हुई। इससे मामले में पुलिस की मिलीभगत का भी अंदेशा है।

एसपी ने दिए थे सख्त निर्देश
जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के लिए बीते महीनों में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने सभी थाना अधिकारियों को निर्देश दिए थे। बावजूद जुआ सट्टा बंद नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों के आदेश के बाद पुलिसकर्मी कुछ दिन कार्रवाई करते हैं इसके बाद हालात फिर पहले की तरह हो जाते हैं।

महिलाओं को “घूरना” सेहत के लिए घातक

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aaमहिलाएं खुद हो या उनकी तस्वीरें, इन्हें ज्यादा देर घूरना सेहत के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।

महिलाओं को आमतौर पर उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर आंका जाता है। इसे अक्सर कामुकता से भी जोड़ा जाता है और यहां तक कि महिलाओं के सिर्फ शारीरिक अंगों को ही देखा जाता है।

लिहाजा कई बार नकारात्मक नतीजे भी भुगतने पड़ते हैं। यह निष्कर्ष है पुरूषों व महिलाओं पर किए गए एक शोध के। यह शोध अमरीका के सिनसिनाटी विश्वविद्यालय ने किया। शोध मनोविज्ञान पत्रिका फ्रंटियर में छपा है।

दिक्कत कहां
सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान कार्यक्रम की शोधार्थी मेरी जेन अमॉन ने कहा, महिलाओं को घूरने से तुरंत नकारात्मक असर यह होगा कि आत्मविश्वास में गिरावट आ सकती है। मस्तिष्क की सक्रियता में कमी हो सकती है।

खुद के लिए भी खतरनाक
अमॉन की मानें तो असल में महिलाओं को घूरा जाना अन्य लोगों के लिए घातक है ही, खुद महिलाओं के लिए भी ज्यादा खतरनाक है। ऎसा लंबे समय तक होने पर महिलाएं खुद के फिगर के आधार पर मूल्यांकन करना शुरू कर देती हैं।

दो समूहों में बांटा
शोध में लोगों को दो समूहों में बांटा गया। पहले में कॉलेज छात्र-छात्राएं तो दूसरे में केवल छात्र शामिल थे। दोनों समूहों केसामने तस्वीरें खींची गई। इनसे दृश्य उत्तेजना से जुड़ी जांच पर मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया मांगी गई। लोगों, प्राकृतिक दृश्य, कला, जानवर और कार्टूनों की तस्वीरें दिखाई गई। फिर इनकी प्रतिक्रिया ली गई।

यह निकला निचोड़
पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की तस्वीरें ज्यादा और लंबे समय तक देखी जाती है।
पुरूष-महिला समूहों में भी महिलाओं की तस्वीरें ज्यादा बार देखी जाती है।
महिलाओं की तस्वीरों को सबसे पहले व आखिर में भी देखा गया। ऎसा करने वाले पुरूष्ा व महिलाएं बराबर थी।

जोधपुर में मिनीबस-ट्रक की जोरदार भिड़त, 11 मरे

jodhpurRPJHONL009010220155Z27Z12 PMजोधपुर। एक मिनी बस और ट्रक के बीच जोधपुर बायपास पर हुई जोरदार भिड़ंत में 11 जनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया जबकि उनके साथ सफर कर रहे 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

डीसीपी पूर्व राहुल जैन के मुताबिक चंदन गांव के 25 लोग मिनी बस में सवार होकर जोधपुर-जयपुर बायपास पर स्थित पाली जिले के बोलुंदा गांव में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान करने जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि बनाड़ पुलिस थाने के नजदीक जोधपुर बायपास पर तेज गति से आ रहे एक ट्रक के साथ यह मिनी बस टकरा गई।

बस में सवार 11 जनों ने तो घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया जबकि बाकी घायलों को इलाज हेतु तत्काल जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रवाना किया गया। घायलों लोगों में से सात जनों की हालत गंभीर बताई जाती है।

हादसे का शिकार बने सभी लोग चंदन गांव के मजदूर बताए जाते हैं।

जिला कलेक्टर पाली रोहित गुप्ता ने मृतकों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 हजार की सहायता राशि की घोषणा की है।

15 लाख बेरोजगारों से वसूले 76 करोड़, नौकरी एक को भी नहीं

rtetजयपुर। राज्य सरकार बीते चार साल में 15 लाख से अधिक प्रशिक्षित बेरोजगारों से शिक्षक योग्यता परीक्षा के नाम पर 76 करोड़ रूपए से अधिक वसूल चुकी है, लेकिन अब तक नौकरी एक को भी नहीं दी।

शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से 2011 और 2012 में दो बार राजस्थान टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (आरटेट) आयोजित करवाया। वर्ष 2013 में फिर परीक्षा के लिए आवेदन भरवा लिए, लेकिन परीक्षा करवाई नहीं।

इन तीनों ही परीक्षाओं में 15 लाख से अधिक बीएड और बीएसटीसी योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने आवेदन किए, लेकिन पहली दो परीक्षाएं सरकारी ढिलाई और अधिकारियों की लापरवाही के कारण विवादित हो चुकी हैं और तीसरी आयोजित ही नहीं हुई है।

सूचना के अधिकार के तहत राजस्थान उच्च न्यायालय के एडवोकेट संदीप कलवानिया ने हाल में बोर्ड से ये जानकारी मांगी। उन्होंने बोर्ड से पूछा कि आखिर तीन परीक्षाओं के नाम पर कितना पैसा वसूला गया। कलवानिया का कहना है कि तीनों ही परीक्षाओं का मकसद आज तक पूरा नहीं हुआ। ऎसे में सरकार को तुरंत सभी अभ्यर्थियों को उनकी ओर से भरी गई आवेदन की राशि लौटा देनी चाहिए।

रीट के नियम स्पष्ट नहीं
राज्य सरकार ने आरटेट को बंद कर अब रिक्रूटमेंट कम एलिजिबलिटी टेस्ट (रीट) का प्रावधान कर दिया है। इस व्यवस्था की घोष्ाणा को करीब आठ माह बीत चुके हैं। अब तक इसके नियम स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

पीड़ा ऎसी: पैसा गया और समय भी
दौसा जिले के भंडारेज की रहने वाली प्रेमलता कुमावत ने बताया कि वर्ष 2010 में बीए किया। वर्ष 2011 में बीएड। इसके बाद टेट की तैयारी के लिए जयपुर आकर कोचिंग की। पहले टेट के दोनों चरणों के लिए परीक्षा ली गई, शुल्क भी वसूला गया और सफल होने पर प्रमाणपत्र भी दिया गया, जिसकी वैधता 7 साल थी।

कुछ ही माह में सरकार ने स्पष्ट किया कि बीएड किए हुए अभ्यर्थी टेट के प्रथम लेवल के योग्य नहीं होंगे। इससे पूरी फीस बेकार गई और प्रमाण-पत्र धूल खा रहा है।

दोबारा टेट दी तो आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया और 55 प्रतिशत अंक आने पर पास कर दिया गया। फिर नया नियम बताया गया कि आरक्षण पर असमंजस रहेगा। मामला कोर्ट में गया। इसके बाद फिर से तीसरी बार टेट का आवेदन भर दिया। अब परीक्षा रद्द कर रीट का प्रावधान कर दिया गया है। अब इसका भी क्या भरोसा?