अपना वजूद दिखाने के लिए इंसानियत को,… मासूमों के वजूद को मार दिया… तालिबान तुम कायर हो

0

peshawar taliban atteck

उदयपुर, जब पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमले की ख़बर सुनी तो सबसे पहले उन बच्चों की फिक्र हुई, जो उस स्कूल में थे और उन मां-बाप की, जिन के जिगर के टुकड़ों पर अचानक यह मुसीबत आ गई। और जब न्यूज़ में तस्वीरें देखीं तो आंखें भर आईं…”यार बस करो अब…. खुदा का वास्ता है”। “20-20 साल मां-बाप ने मेहनत कर बच्चों को पाला और उनको मारने में इन्हें 20 सेकेंड भी नहीं लगा”… ये अल्फ़ाज़ उस लाचार पिता के थे, जो सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर गया था। जैसे ही पता चला पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमला हुआ है, स्कूल पहुंचे तो जिन्हें सुबह हंसता-मुस्कुराता छोड़ गए थे… उनकी लाशें मिलीं… यूं तो आए दिन पाकिस्तान से इस तरह की ख़बरें आती रहती हैं, लेकिन इस ख़बर ने हिला दिया। लगा तालिबानी अपने वजूद को लेकर इतने डरे हुए हैं कि अपना आपा मनवाने के लिए उन्हें इन मासूम बच्चों की जान का सहारा लेना पड़ा, जो अपनी हिफ़ाज़त के लिए हर वक़्त एके 47 हाथों में लिए घूमते हैं, आज वो अपना खौफ़ पैदा करने के लिए इतनी बुज़दिली पर उतर आए हैं कि मासूमों का खून बहाने से भी नहीं चूके।

इस हमले से यह बात साफ़ हो जाती है कि आज तालिबान खुद अपने वजूद को ख़तरे में मान रहा है। बच्चों पर हुए इस हमले की हर ओर से निंदा हो रही है, लेकिन तहरीक-ए-तालिबान अपनी इस बुज़दिली का श्रेय ले रहा है कि हां, ये क़ायराना हरकत हमने की है। जो दर्द हमें दिया गया, हमने उसका बदला लिया है।

लेकिन उन मासूम बच्चों और उनके घरवालों के दर्द का क्या… वे मासूम जिनकी आंखों में अपने आने वाले कल के लिए हज़ारों सपने थे। उन सपनों का दर्द जो सारी ज़िंदगी उनके घरवालों को सताता रहेगा, जो बच्चे इस हमले में बच भी गए हैं, क्या वे इस हादसे को कभी भूल पाएगें। भूल पाएंगे कि उनके दोस्तों को सिर्फ इसलिए मार दिया गया कि कुछ लोगों का खौफ़ देश और दुनिया में बना रहे। तालिबान कह रहा है कि अपने दर्द का बदला लिया है। तो क्या यह मान लेना चाहिए कि पाकिस्तानी फ़ौज सचमुच अब आंतकवाद के सफ़ाए में लगी है। मतलब की जिस पौधे को उसने खाद पानी देकर सींचा, अब उसे काटने की कोशिश की जा रही है। क्या सचमुच तालिबानी इतने डरे हुए हैं कि स्कूल पर हमला करके दुनिया को बताना चाहते है कि वे कितने ख़तरनाक हैं।

क्या सचमुच तालिबानी इतने घबराए हुए हैं कि स्कूल को हमले के लिए चुना, जहां बंदूक देखते ही बच्चे डर गए होंगे….वहां चार आंतकियों ने खुद को उड़ा लिया, कार को आग लगा दी गई, तालिबान की यह कैसी ताक़त है, जो मासूम और कमज़ोरों पर हमला कर के तालिबान को खौफनाक बनाती है। क्या सचमुच तालिबान अपने वजूद को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है या ये तालिबान के ख़ात्मे की शुरुआत है?

हिन्दुस्तान जिंक मानव संसाधन क्षेत्र में पुरस्कृत

सीआईआई ने मानव संसाधन क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए
हिन्दुस्तान जिंक को किया पुरस्कृत

HR Excellence Award-1
उदयपुर | हिन्दुस्तान जिंक को मानव संसाधन उत्कृष्टता में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए सीआईआइ ने राष्ट्रीय मानव संसाधन उत्कृष्टता अवार्ड 2014 (लेवल-2) से पुरस्कृत किया। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया।
हिन्दुस्तान ज़िंक को वर्ष 2012-13 में भी ‘‘मानव संसाधन उत्कृष्टता में स्ट्रॉंग प्रतिबद्धता’’ से सम्मानित होने का गौरव हासिल हो चुका है। इस वर्ष भी हिन्दुस्तान जिंक अपने सभी सर्वश्रेष्ठ प्रयासों से अगले स्तर को पार किया है।
सीआईआई मानव संसाधन उत्कृष्टता पुरस्कार मूल्यांकन प्रक्रिया में (परिणाम, दृष्टिकोण, विकास निर्धारण और समीक्षा) रडार पर आधारित आवेदन दस्तावेज के डेटा आदान-प्रदान शामिल है। इसके लिए ऑनसाइट आंकलन में सीईओ, विभागीय प्रमुख, अनुबंध कर्मचारियों की संख्या, संघ और सदस्यों का साक्षात्कार भी शामिल है, जो चार वरिष्ठ प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं की एक पैनल द्वारा किया गया है।
यह पुरस्कार एक स्वस्थ कार्य वातावरण बनाने के लिए अपने कर्मचारियों और कंपनी के निरंतर प्रयास को सशक्त बनाने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक का पुख्ता प्रमाण है। कंपनी उत्क्ष्टता की दिषा में प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा प्राथमिक चिकित्सा कार्यशाला

IMG_8879
उदयपुर | हिन्दुस्तान जिंक की डॉ. करूणा भण्डारी ने 55 अध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों की प्राथमिक चिकित्सा क्षेत्र में एक कार्यषाला का महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल में आयोजन किया।
डॉ. करूणा भण्डारी ने प्राथमिक चिकित्सा के साथ-साथ अस्थमा, नाक से खून बहना, सांस में तकलीफ, कीडे़ काटने एवं मिर्गी का दौरा आदि परिस्थितियों में किस प्रकार रोगी का उपचार करना चाहिए, इस बारे में बताया ।
डॉ. करूणा भण्डारी ने कहा कि इस तरह की कार्यषालाएं नियमिततैार पर आयोजित करनी चाहिए ताकि आम जनता को प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी मिल सके। स्कूलों के अध्यापकों प्रधानाचार्यों को इस विषय में सम्बोधित करने से इसका प्रभाव विद्यार्थियों पर अवष्य पडे़गा तथा ऐसी परिस्थितियों में युवा शक्ति सामने आकर मदद करेगी।

देहली गेट से अतिक्रमण हटाया

IMG-20141212-WA0008

उदयपुर | नगर निगम ने अतिक्रमण अवैध निर्माण के विरुद्ध अभियान के पांचवे दिन भी कार्रवाई जारी रखी और इसके तहत शुक्रवार को देहली गेट पर मंदिर परिसर में ही अवैध रूप से लगी दुकानों को तोड़ा गया | इधर यूआईटी ने भी कार्रवाई करते हुए राज्य की हाउसिंग योजना अफोर्डेबल हाउस से स्टे हटाने के बाद कब्जे हटाये गए |
जानकारी के अनुसार आज सुबह छह बजे से नगर निगम के अधिकारी और अतिक्रमण रोधी दस्ता देहली गेट पर पहुंच गया और देहली गेट पर हनुमानजी मंदिर के पास ही दो दुकाने जिसमे एक में मोबाइल शॉप और दूसरी में चाय का केबिन लगा हुआ था उसको तोड़ा गया और सारा सामान जब्त कर मंदिर के पुजारी को पाबन्द किया | राजस्व निरीक्षक नितीश भटनागर ने बताया की पिछले कई समय से मंदिर परिसर में ही रोड की तरफ दो दुकाने निकाल कर मंदिर के पुजारी ऋषि चौबे ने बेच दी थी जब कि पुजारी को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बेचने का कोई अधिकार ही नहीं है | पूर्व में दो तीन बार इनको नगर निगम ने नोटिस दे कर अतिक्रमण हटाने के के निर्देश दिए थे लेकिन ऋषि चौबे ने दुकाने नहीं हटाई जिस पर निगम ने आज सुबह ही कार्रवाई शुरू की और दोनों दुकानों को तोड़ कर हटाया | गौर तलब है की पूर्व में भी पुजारी द्वारा ही मंदिर के पास और ऊपर अवैध निर्माण करवाया जारहा था जिसको रातों रात निगम ने कार्रवाई कर हटवाया था | इस जगह बार बार अतिक्रमण की कोशिश की जाती है जिसको हर बार पाबन्द किया जाता है |
यूआईटी की कार्रवाई : बेडवास स्थित राजयसरकार की महत्वपूर्ण हाउसिंग योजना अफोर्डेबल हाउसिंग पर कुछ लोगों के कब्जे थे तथा उन्होंने कोर्ट का स्टे लगा रखा था इस वजह से यह योजना काफी समय से अटकी पड़ी थी | कोर्ट का स्टे हटते ही आज यूआईटी दिन में माय जाब्ते के स्केरेटरी आर एन मेहता, तहसीलदार बाबुराम मीणा पटवारी व् अन्य अधिकारी पहुंचे तथा वहां अवैध कब्जों को व् करीब १५ से अधिक झोपड़ों को हटाया |
देहली गेट पर पार्किंग का अतिक्रमण :
यही देहली गेट पर पुलिस कंट्रोल रूम के सामने पार्किंग का जबरदस्त अतिक्रमण है कण्ट्रोल रूम के सामने मुख्य रूप से बावर्ची रेस्टोरेंट, होटल दया और होटल मीरा खाने के रेस्टोरेंट है जहाँ पर दिन और रात में खाने के लिए आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां आधे से अधिक रोड को घेरे रहती है | इन तीनों रेस्टोरेंटों मालिकों के बीच पार्किंग की बात को लेकर ही कई बार झगड़े तलवार बाजी और चाकूबाजी तक हो चुकी है | निगम को चाहिए की इनको पाबन्द कर यहाँ पर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए की गाड़ियां पार्किं नहीं हो और पार्किंग होने पर भारी जुर्माना हो |

दूध तलाई से बरसों पुराने अवैध कब्जे को हटाया यूआईटी ने

IMG_20141211_165338

उदयपुर | अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ आज यूआईटी अधिकारियों ने दूध तलाई स्थित मुष्टिक हनुमान के आसपास किये गए बरसों पुराने कब्जे को मुक्त करवाया और वहां किये गए निर्माण को तोड़ा गया | मोके पर कुछ युवकों व् कब्जा धारी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया |
जानकारी के अनुसार दूधतलाई स्थित मुष्टिक हनुमान मंदिर के बाहर यूआईटी की बेशकीमती जमीन पर मंदिर के नाम पर और अखाड़े के नाम पर विष्णु जोशी द्वारा वर्षो कब्जा कर रखा था और जोशी कुछ बच्चों के साथ ही मंदिर के बाहर जुडो कराते की प्रेक्टिस करवाता था बाद में उसने धीरे धीरे मंदिर के बाहर की सरकारी भूमि पर कब्जा करना शुरू करदिया था | मंदिर के बाहर हॉल बना लिया साथ में दो कमरे और बना लिए गए थे तथा बीच में बॉक्सिंग रिंग बना कर उस जमीन के मालिक बन बैठा था, जिसको आज यु आईटी सेक्रेटरी आर एन मेहता ने पटवारी और तहसीलदार की मोजिदगी पुलिस और जाब्ते के प्रबंध के साथ कब्जा हटाया | दिन में यूआईटी सेक्रेटरी आरएन मेहता तहसीलदार बाबू राम मीणा व् यूआईटी के अन्य अधिकारियों सहित जाब्ता दूध तलाई पहुंचा और कार्रवाई शुरू की जिसके दौरान परिसर में बना बॉक्सिंग रिंग व् दो बने हुए कमरे तथा एक बड़ा केबिन को हटाया | आर एन मेहता ने बताया कि यूआईटी की जमीन पर पिछले कई सालों से अवैध कब्जा था जिसको नोटिस देने के बावजूद भी कब्जा नहीं हटाया | आज यूआईटी ने कब्जे को मुक्त करवाया और अब यहाँ पर मंदिर के बाहर पूरी जमीन पर गार्डन विकसित किया जाएगा |
विरोध : कार्रवाई के दौरान विष्णु जोशी व् उनके परिवार तथा कुछ युवकों द्वारा विरोध किया गया जिसको वहां मौजूद पुलिस ने शांत करवाया हालाँकि इस सारे घटना क्रम के दौरान जोशी कुछ अधिक बोल नहीं पाये युवक भी आये कुछ देर विरोध किया लेकिन यूआईटी सेक्रेटरी द्वारा कह दिया गया कि सिर्फ अवैध कब्जा तोड़ा जारहा है ना कि मंदिर इस पर युवक शांत हुए और वहां से चलते बने |
IMG_20141211_162741
गृहमंत्री के आदेश थे : तीन पहले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया दूध तलाई पर किसी कार्यक्रम में जाने के लिए निकले थे कि उन्होंने मुष्टिक हनुमान के बाहर बॉक्सिंग रिंग और इससे पहले हुए किसी निजी कार्यक्रम के बंधे टेंट देखे थे | जानकारी के अनुसार कटारिया को पहले ही किसी ने शिकायत की थी कि यहाँ पर सरकारी जमीन पर विष्णु जोशी द्वारा बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने के बहाने बरसों से कब्जा जमा रखा है और अब तो वहां पर निजी कार्यक्रम भी होने लगे है | यही नहीं शिकायर् यह भी थी कि यहाँ पर मंदिर और बॉक्सिंग की आड़ में नशेड़ियों व् असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है | गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने तीन दिन पहले मोके को देख कर जिला कलेक्टर आशुतोष पेढणेकर को निर्देश दिए थे कि इस कब्जे को जल्दी से जल्दी हटाया जाए |

ग्रामीणों ने भू-माफिया को पकड़ कर खम्बे से बांधा

-भाजपा देहात जिलाध्यक्ष शक्तावत और पुलिस अधिकारियों पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
-दो घंटे तक बांधे रखा ग्रामीणों ने, बाद में पुलिस छुड़ाकर ले गई

IMG-20141210-WA0011
उदयपुर। पुलिस और भू-माफियाओं की सांठ-गांठ से तंग ग्रामीणों ने आज सुबह कानून को अपने हाथ में लेते हुए एक भूमिखोर को गांव के बीच लोहे के पोल से बांधकर सबक सिखाया है। ग्रामीणों ने यह बता दिया है कि अब भोले-भाले आदिवासियों की जमीन IMG-20141210-WA0006हड़पने वालों के साथ ऐसा ही होगा और वो दिन भी दूर नहीं जब भारी संख्या में लोग एकजुट होकर भ्रष्ट अधिकारियों को भी इसी तरह सरेआम बंधक बनाकर दंडित करेंगे। बलीचा के देवाली गांव में आज सुबह ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से सांठ-गांठ रखने वाले धोखाधड़ी के आरोपी भूमाफिया कमलसिंह को ग्रामीणों ने दबोचकर एक लोहे के पोल से बांध दिया। इसकी शिकायत गोवर्धनविलास थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। समझाइश करके भूमाफिया को छुड़ाया और थाने ले गए, जहां ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष पूर्व गिर्वा डिप्टी गोवर्धनविलास थानाधिकारी पर घूस लेने के आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पर भी आरोप लगाए कि वह उक्त भूमिखोर का साथी है, जो पुलिस अधिकारियों से लाइजनिंग का काम करता है।
सूत्रों के अनुसार हिरणमगरी सेक्टर १४ निवासी कमलसिंह पुत्र मदनसिंह राजपूत आज सुबह बलीचा गांव में घूम रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने उसे देखा और उसे दबोच लिया। बाद में ग्रामीण कमलसिंह को रामजी गमेती की किराणा की दुकान पर ले गए, जहां रस्सी से कमलसिंह को लोहे के पोल के बांध दिया। करीब दो घंटे तक कमलसिंह वहीं पर बंधा रहा। इसकी सूचना गोवर्धनविलास थाने पहुंची, तो पुलिस ग्रामीणों को समझाइश करके कमलसिंह को छुड़ा ले गई। आरोप है कि एक वर्ष पूर्व कमलसिंह ने नारूजी पुत्र प्रह्लाद गमेती एक बीघा जमीन ६५ लाख में खरीदी थी। उस दौरान कमलसिंह ने नारूजी को १२ लाख ८० हजार रुपए दिए थे, लेकिन बकाया रकम को लेकर मेवाड़ आंचलिक ग्रामीण बैंक के १७ चैक दिए थे। नारूजी पिछले एक साल से बकाया रकम का तकाजा कर रहा था, लेकिन कमलसिंह उसे चक्कर दे रहा था। साथ ही कमलसिंह ने एक बीघा से लगी आठ बिस्वा जमीन भी अपने नाम धोखे से करवा ली थी। इसको लेकर भी दोनों के बीच अनबन चल रही थी। इसी प्रकार गांव के देवीलाल पुत्र मिठूलाल की एक बीघा जमीन में से दो हजार स्क्वायर फीट जमीन कमल ने खरीदी थी। इसकी एवज में दो लाख रुपए तो देवीलाल को दे दिए, लेकिन तय राशि आठ लाख हुई थी और छह लाख के लिए देवीलाल को चक्कर कटवा रहा था। इससे नाराज ग्रामीणों ने कमलसिंह को बांध दिया।
पुलिस अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप : कमलसिंह को ग्रामीणों द्वारा बांधे जाने के दौरान कम्युनिस्ट नेता मेघराज तावड़ भी वहां पहुंच गए, जहां ग्रामीणों ने कमलसिंह के साथ ही पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए। पीडि़त नारूजी का कहना है कि कमलसिंह के खिलाफ उसने गोवर्धनविलास थाने में ५२ लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नारूजी का आरोप है कि इस मामले में कमलसिंह ने पुलिस को भारी घूस खिलाई थी।
ग्रामीणों की तरफ से कमल सिंह पर और कमल सिंह द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करवाई गयी है

IMG-20141210-WA0012

निर्दयी मां ने जिस मासूम को त्यागा उसको नोंच डाला जानवरों ने

final_bstSnapshot_61546
उदयपुर । मासूमों के साथ जिम्मेदारों की निर्दयिता बढती जारही है | मासूम अपनी आँख खोलने के पहले ही दुनिया के सबसे घिनोने रूप से रूबरू हो रहे है | ऐसी सर्दी में पतले कपडे में लपेट कर किसी मां ने फिर अपने कलेजे के टुकड़े को जानवरों के बीच मरने के लिए छोड़ दिया जिसको जानवरों ने नोचा खसोटा और सर्दी ने जिस्म को ठंडा कर के आखरी सांसों तक पहुंचा दिया लेकिन समय रहते बच्चे की चीख निकली जो किसी के कानों तक पहुंची और उसको उपचार मिला लेकिन अभी भी जिंदगी और मौत के बीच मासूम जान झूल रही है | ये घटना हे बुधवार दोपहर की गुलाबबाग़ करीब साढ़े बारह बजे एक नवजात गंभीर अवस्था घायल लावारिस पड़ा हुआ मिला जिसको किसी जानवर ने नोच लिया था। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल पहुंचा कर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की |
जानकारी के अनुसार गुलाबबाग रोड पर होटल में चौकीदारी करने वाला युवक रामरतन गुलाबबाग में खाली बोतलें और प्लास्टिक उठा रहा था कि उसको जलदाय विभाग के पास स्थित हनुमानजी मंदिर के समीप बच्चे के रोने की आवाज़ सुनाई दी। रामरतन ने वहां जाकर देखा तो लाल कपड़े में लिपटा बच्चा रो रहा था। उसके हाथ से खून निकल रहा था। राम रतन ने तुरंत घंटाघर थाने जाकर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्चे को एमबी चिकित्सालय की नर्सरी में भर्ती करवाया। डॉक्टर आर एल सुमन ने बतया की बच्चे को जब अस्पताल में लाया गया तब बच्चे की हालत काफी गंभीर थी बच्चा नवजात ही था जिसकी नाल भी नहीं सुखी थी बच्चे के एक हाथ पर किसी जानवर के कटाने से खून भी बाह रहा था और बच्चा खुले में आधे घंटे से ज्यादा रहने के कारण बिलकुल ठंडा पड़ा हुआ था | बच्चे का तुरंत उपचार करवाया गया सर्जन से बच्चे के हाथ की भी ड्रेसिंग करवाई गयी अभी बच्चे की हालत नाजुक बानी ही है । पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग

02
उदयपुर। अन्जुमन तालीमुल इस्लाम द्वारा राज्य सरकार से जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मोके पर उदयपुर सहित राजस्थान में शराब बिक्री पर रोक लगाते हुए सुखा दिवस घोषित करने की मांग की है | इस सम्बन्ध में सोमवार को अंजुमन तालीमुल इस्लाम के पदाधिकारियों ने मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन दिया |
आज दिन में अंजुमन तालीमुल इस्लाम उदयपुर के पदाधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन अधिकारी ए. एम. अत्री को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के नाम ज्ञापन दिया गया। जिसमें उदयपुर सहित राजस्थान के मुस्लिम समुदाय की तरफ से मांग की गई कि मोहम्मद साहब के जन्मदिन को पूरे विश्व में बड़े धूमधाम से जश्ने ईदमीलादुन्नबी के रूप में मनाते है इसलिए उस दिन को राजस्थान में शराब बिक्री पर रोक लगाते हुए सूखा दिवस घोषित किया जावें। साथ ही मांग पत्र में यह भी कहा गया गया कि पिछली सरकार ने इस पर्व पर अस्थायी रूप से सूखा दिवस घोषित करने का आदेश निकाला था मगर वह दो वर्ष तक ही यथावत रहा।
माननीया मुख्यमंत्री महोदया से मांग की गई है कि जश्ने ईदमीलादुन्नबी के उपलक्ष में इस दिवस को स्थाई रूप से सूखा दिवस घोषित किया जावे।
इस अवसर पर अन्जुमन सेक्रेट्री रिजवान हुसैन, नायब सदर मुनव्वर अशरफ खान, कोषाध्यक्ष मन्जुर अहमद, काबिना मेम्बर जहीरूद्धीन सक्का, नजर मोहम्मद, अकीलुद्दीन, अन्जुमन मेम्बर शाहिद हुसैन, शफी मोहम्मद, नजर खान, हाजी शौकत हुसैन आदि मौजूद थे।

प्रो. भटनागर बनीं डायरेक्टर वीमन्स स्टडीज

untitledउदयपुर | प्रो. दिग्विजय भटनागर, अध्यक्ष, इतिहास विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय को सुखाड़िया विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक बनाया गया।
गौरतलब है कि प्रो. भटनागर पूर्व में विश्वविद्यालय के कई महत्त्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। आपने विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की सदस्य के रूप में भी कार्य किया है। साथ ही आप राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं सहायक अधिष्ठाता, छात्र कल्याण के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
प्रो. भटनागर ने बताया कि विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक के पद पर रहते हुए महिला अध्ययन से संबंधित कार्य को सुचारू रूप से संपादित किया जाएगा। साथ ही साथ अनुसंधान एवं विस्तार कार्यक्रमों के आयोजन एवं विश्वविद्यालय के संघटक एवं संबद्ध महाविद्यालयों के साथ जुड़कर कौशल विकास के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

युवती को महंगा पड़ा लिफ्ट देना

-प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार एक ही कार ने दो बार मारी टक्कर
DSC02982उदयपुर। फतहसागर किनारे रानी रोड पर आज सुबह स्कूटी सवार युवती द्वारा घायल युवक को लिफ्ट देना महंगा पड़ गया और सामने से आ रही एक कार ने दोनों को टक्कर मार दी। युवती गंभीर है जिसे अमेरिकन हॉस्पीटल से अहमदाबाद रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार पुराना आरटीओ (प्रतापनगर) निवासी राहुल पुत्र नंदलाल शुक्ला अपने दोस्त की शादी में जाने की बात कहकर घर से निकला था, जो बाद में रानी रोड पर टहल रहा था। राहुल घर से बिना व्हीकल से निकला था। राहुल इतनी सुबह रानी रोड पर अकेले कैसे पहुंचा इसका जवाब उसके परिजन भी नहीं दे पाए? बताया जा रहा है कि राहुल को रानी रोड पर एक कार ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इसी बीच घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली प्रतापनगर निवासी वीणा (22) ने राहुल को रानी रोड पर लिफ्ट दी। वीणा स्कूटी लेकर पहुंची थी। दोनों स्कूटी पर रवाना हुए तभी सामने से आई उसी कार ने दोनों को चपेट में ले लिया। देवाली निवासी विकास शर्मा ने बताया कि वह रोजाना फतहसागर घूमने जाता है। आज सुबह भी वह घूमने गया, तो उसे पता चला कि राहुल को टक्कर मारने वाली और बाद में स्कूटी सवार वीणा और राहुल को टक्कर मारने वाली कार एक ही थी। हादसे मेें दोनों युवक-युवती गंभीर घायल हो गए।
मॉर्निंग वॉक करते हुए वहां से गुजर रहे डॉ. अनिल ने दोनों युवक-युवतियों को घायल देखकर जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल में सूचना दी। हॉस्पीटल की एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचा कर परिजनों को सूचना दी। हादसे में गंभीर घायल वीणा को अहमदाबाद रैफर कर दिया गया। दोनों के परिजन हॉस्पीटल पहुंचे, जहां राहुल के पिता नंदलाल ने बताया कि राहुल दोस्त की शादी में जाने के लिए कहकर घर से निकला था। उन्होंने बताया कि राहुल ने डबोक स्थित निजी कॉलेज से सिक्योरिटी का प्रशिक्षण लिया था और यहीं उसकी जॉब भी लग गई थी।