बन गयी उदयपुर शहर की सरकार , 63.57 प्रतिशत हुआ मतदान, परिणाम 25 को

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उदयपुर| शहर की सरकार चुनने के लिए नगर निगम बनाने के बाद पहले चुनाव मतदाताओं के जोश के साथ संम्पन्न हुए | दिन भर चले मतदान उत्सव में नगर निगम बोर्ड के लिए ५४ वार्डों के १७१ प्रत्याशियों का भविष्य शाम छह बजे एवीएम मशीनों में सील IMG_0017हो गया | शहर में 63.57 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमे युवाओं और महिलाओं ने खासा उत्साह दिखाया |
नगर निगम के ५५ वार्डों में से ५४ वार्डों के लिए १७१ प्रत्याशियों के लिए शहरवासियों ने जम कर मतदान किया मतदान सुबह ७ बजे शुरू होगया था जो सुबह १० बजे तक लगभग सभी केन्द्रों पर धीमा रहा लेकिन इसके बाद ३ बजे तक मतदाताओं ने खूब मतदान किया जिसका नतीजा शाम छह बजे तक प्रतिशत मतदान होगया इससे पहले शहर के सभी ३१६ बूथों पर औसतन 9 बजे 10 फीसदी , 11 बजे 21.30 फीसदी, 1 बजे 41.20 फीसदी, अपराह्न 3 बजे 51.43 फीसदी तथा शाम 5 बजे तक 63.32 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। शुरुआत में धीमा मतदान की वजह सर्दी भी रही और दूसरा कई मतदाताओं को वोटर पर्ची नहीं मिलने की वजह से मतदान केंद्र का पता नहीं होना भी रहा | राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता दिन भर मतदाताओं को वाहनों में लाने ले जाने का कार्य बेरोक टोक करते रहे लगभग सभी वार्डों में प्रत्याशियों ने अपने अपने मतदाताओं को लाने के लिए ढेरों वाहन लगा रखे थे | बड़े ऑटो के IMG_0056तो यह हाल थे की रुट पर चलने वाले ऑटो कम पड़ गए | कही किसी रिटर्निंग अधिकारी ने रोका भी नहीं इसलिए शाम मतदान समाप्त होने तक ढले से चलते रहे |
मतदताओं में ख़ास कर युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह दिखा | वार्ड चुनाव होने की वजह से हर युवा सक्रीय नज़र आया | दूसरी और जिला कलेक्टर द्वारा छुट्टी की घोषणा की वजह से भी मतदान प्रतिशत अच्छा रहा | देर शाम तक कार्यकर्ता और घरों के लोग मतदान करवाने के लिए वृद्ध लोगों को भी उठा उठा कर लाते रहे | सवीना स्थित बरकत कॉलोनी में वार्ड २० के लिए ११२ वर्ष की वृद्धा को भी गॉड में उठा कर मतदान के लिए लाया गया |
विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने वार्डों में सुबह से ही चक्कर लगा रहे थे जिससे चुनाव का माहौल बन रहा था। मतदान केन्द्रों से निश्चित दूरी पर लगाए गए बूथों पर प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। आसपास के नाश्ता सेंटरों की चांदी हो गई। कोई 25 तो कोई 30 कचोरी, समोसे लेने आते रहे। रेस्टोरेंट पर भी बार-बार नाश्ता खत्म हो रहा था। वार्ड 14 के खांजीपीर स्थित बूथ पर महिला कांस्टेबल अपनी नन्हीं बच्ची को गोद में बिठाकर ड्यूटी करती दिखीं तो वार्ड 41 में रोशनलाल शर्मा पब्लिक स्कूल में कच्ची बस्ती के लोगों की सुबह से खासी भीड़ रही। फाइनेंस माफिया और भू-माफियाओं का इस क्षेत्र में जमावड़ा रहा।
वार्ड 43 के एक मतदाता ने दोनों प्रत्याशियों से रिश्तेदारी होने के कारण नोटा का उपयोग किया। उनका कहना था कि एक ओर भतीजा-बहू है तो दूसरी ओर भाभी। धर्म संकट है कि किसको वोट दूं, इसलिए मैंने नोटा का बटन दबाया।
व्हील चेयर नहीं : मतदान केन्द्रों पर व्हील चेयर नहीं होने के कारण चलने में बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ओसवाल भवन में पहुंची IMG_0047कलादेवी अग्रवाल के पुत्र संजय अग्रवाल ने बताया कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान अधिकारी को कहने के बावजूद इस बार भी व्हील चेयर की व्यवस्था नहीं की गई। वार्ड ४९ में ९२ वर्ष की शकीना बीबी को भी कन्धों पर उठा कर लाया गया | वार्ड ४ में डुला बाई ८७ वर्ष के दोनों पैरों से चल नहीं पारहि थी लेकिन फिर भी उनका दोहिता उन्हें गोद में उठा कर मतदान करवाने के लिए लाया | वार्ड नम्बर 18 भाग संख्या -4 में शारीरिक अक्षमता के बावजूद 90 वर्षीय सत्यदेव मलिक तथा 100 वर्षीय नानी बाई ने मतदान किया। वार्ड नम्बर 2 में 85 वर्षीय दौलत सिंह खमेसरा ने बताया कि मैंने आजादी के बाद होने वाले सभी चुनावों में मतदान किया है। तथा वार्ड नम्बर 19 में 90 वर्षीय गोकुललाल खटोड़ एवं 88 वर्षीय पत्नी श्रीमती रुकमणि बाई ने भी अपनी सक्रियता दिखाई। कही भी व्हील चेयर की व्यवस्था नहीं की गयी थी |
बाहर गए मतदाताओं को बुलाया : वार्डों में कई मतदाताओं के किसी काम से बाहर जाने के कारण प्रत्याशियों के समर्थकों की ओर से उन्हें वाहन भेजकर बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार शहर से कई मतदाता किसी काम से नजदीकी गांवों में गए थे। सूची देखकर प्रत्याशी के समर्थक मतदाता के घर पहुंचे और पूछताछ कर फोन पर बुलवाया गया।
प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा प्रत्येक मतदान केन्द्र के बाहर बूथ लगाकर मतदाताओं को पर्चियां देने की जरूरत भी महसूस की गई। प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर फोटो युक्त पर्ची पहुंचाई थी। इसके बावजूद कई मतदाता बिना पर्ची के सीधे मतदान केन्द्र पहुंच गए। फिर प्रत्याशी के बूथ पर जाकर वहां से पर्ची लेकर वापस मतदान केन्द्र पहुंचे। प्रत्याशियों का कहना था कि घर-घर जाकर पर्ची देने का कोई मतलब नहीं निकला। यहां भी पर्ची देनी ही पड़ रही है। उधर कई मतदाता पर्ची लेकर मतदान केन्द्रों पर अपना बूथ ढूंढते नजर आए। उनकी सहायता के लिए पार्टी प्रत्याशियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने मार्गदर्शन किया।

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आपाणो ध्यान राखजो : मतदाताओं के सीधे मतदान केन्द्र में जाने के कारण बाहर लगे बूथों पर कार्यकर्ता और समर्थक सिर्फ यही कहते नजर आए कि आपाणो ध्यान राखजो। वे आने-जाने वाले मतदाताओं को स्वयं के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे थे।
मतदान का जोश, लेकिन नाम नहीं : कई मतदाता जोश के साथ मतदान केन्द्रों तक पहुंचे लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब देखकर सारा जोश ठंडा पड़ गया। काफी मशक्कत भी की लेकिन अंतत: निराश ही लौटना पड़ा। कई वर्षों से मतदान कर रहे इन लोगों का मतदाता सूची में नाम ही नहीं होने के कारण मतदाता भी हैरान हो गए। मतदान से वंचित लोगों ने अधिकारियों से पिछले कई वर्षों से इसी क्षेत्र से मतदान करने की जानकारी दी। काफी प्रयास के बाद भी छोटी सब्जी मंडी निवासी लालूराम वार्ड 43 में मतदान से वंचित रह गए। बताया गया कि कई मतदाता जो पूर्व में शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में रहते थे। उन्होंने शहर से दूर नया मकान बना लिया। ऐसे में मूल स्थान से उनका नाम काट दिया गया। इन लोगों का नाम नए स्थान पर मतदाता सूची में नहीं जोड़ा गया।

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मतदान प्रतिशत दिन चढ़ाने के साथ साथ बढ़ा : प्राप्त सूचनानुसार वार्ड नम्बर 1 के बूथ पर कुल 1127 मतों में से 378 मत पड़े जिसमें 245 महिला एवं 134 पुरूष मतदाता शामिल है। इसी प्रकार वार्ड नम्बर 55 में दोपहर 11 बजे तक कुल 882 मतों मे से 210 मतदाताओं ने मतदान किया जिसमें वृद्धजनों की उपस्थिति देखी गई। वार्ड नम्बर 45 में बूथ संख्या 1 पर दोपहर 12 बजे तक 31.83 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें कुल 1087 मतों में से 344 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया जिसमें 239 पुरूष व 105 महिला मतदाताओं ने सहभागिता निभाई। इसी वार्ड की बूथ संख्या 2 पर 217 पुरूषों एवं 138 महिलाओं ने अपने वयस्क परिजनों के साथ मतदान किया, कुल 923 मतों में से 355 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। इसी प्रकार वार्ड नम्बर 5 में दोपहर 2 बजे तक भाग संख्या- 4 में 852 में से 475 मतदाताओं ने तथा भाग संख्या 5 में 1161 में से 510 मतदाताओं ने मतदान किया।

पार्षद प्रत्याशियों पर राज्य चुनाव आयोग का कोई अंकुश नहीं – खूब उड़ाओ पार्टियां

Cocktail_at_a_Party_उदयपुर | नगर निकायों के चुनाव में राज्य चुनाव आयोग इस बार पार्षद बनाने वाले प्रत्याशियों पर मेहरबान है | और खर्च करने के अंकुश को थोड़ा ढीला किया हुआ है | जीतनी सख्ती लोकसभा विधान सभा में दिखाई दे रही थी अभी उनती सख्ती नहीं दिखाई दे रही है | बैनर और पोस्टर को छोड़ कर खूब करो पार्टियां कोई निगरानी वाला नहीं है ।
जहां लोकसभा विधान सभा के चुनाव में प्रत्याशियों के चुनावी कार्यालय में पानी की बोतलों और चाय के एक एक कप का हिसाब होता था आज वही पार्षद प्रत्याशियों के ऊपर इसका कोई अंकुश नहीं है | चुनाव आयोग मुख्य रूप से पोस्टर और बैनरों पर अधिक ध्यान लगा रहा है | अब खान पान के लिए प्रत्याशी चाहे जितना कार्यकर्ताओं पर खर्च करे मिर्ची बड़ा, कचोरी तो क्या हलवा पूड़ी से लेकर मर्जी हो वह व्यंजन खिला सकता है | राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगर निगम चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार द्वारा प्रचार सामग्री पर खर्च की जाने वाली राशि का ही हिसाब देना होगा। इसके लिए पूर्व में निर्धारित सीमा 40 हजार से बढ़ा कर इस बार 80 हजार रुपए कर कर दी गई है।
उम्मीदवार द्वारा खान-पान और सभा आदि पर खर्च के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से कोई रोक नहीं है। उम्मीदवार के कार्यालय आदि खोले जाने पर भी कोई अंकुश नहीं कोई निगरानी नहीं। नगर निगम चुनाव में प्रचार के लिए पोस्टर-बैनर, हैंडबिल, समाचार-पत्रों में विज्ञापन आदि पर खर्च के लिए आयोग ने 80 हजार रुपए की सीमा निर्धारित कर रखी है। इसका हिसाब भी मतगणना के बाद तीन दिन में पेश किया जाना है। खाने-पीने, चाय आदि पर खर्च की कोई लिमिट तय नहीं की है।

कोई विकास , कोई मोदी तो कोई सरकार की नाकामी गिना कर वोट मांग रहे है ।

उदयपुर | नगर निगम चुनाव में भाजपा कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी वार्डों के पार्षद प्रत्याशी के साथ दौरे कर रहे है, जहां भाजपा के नेता जन प्रतिनिधि और पदाधिकारी पुरे आत्मविश्वास के साथ पिछले २० साल के निगम के विकास राज्य सरकार की उपलब्धियां और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को सामने रख कर जनता के बीच में जा कर भाजपा के लिए वोट मांग रहे है, वही कांग्रेस, राज्य सरकार की नाकामी और पुछले २० सालों से शहर के विकास की धीमी गति अतिक्रमण और अवैध निर्माण व् वार्डों की बदतर हालत को लोगों के सामने रख कर इस बार कांग्रेस के बोर्ड बनाने का जनता से आग्रह कर रहे है |
एक और जहां भाजपा के नेता पदाधिकारी अपने ५५ के लक्ष्य के करीब पहुचने का दावा पुरे आत्म विशवास के साथ कर रहे है वही कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है |
क्या मुद्दे लेकर जा रहे है-
भाजपा : इस बार भाजपा जनता के बीच सबसे पहले तो नरेंद्र मोदी के नाम फिर राज्य सरकार और पूर्व नगर निगम द्वारा विकास के काम गिना कर वोट मांग रहे है |

arjun meenaपिछले चार बोर्ड ने शहर के विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है और इसीलिए आज उदयपुर का नाम दुनिया के खूबसूरत शहरों में आता है | केंद्र में पिछली सरकार कांग्रेस की थी जिसने महगाई आसमान में पहुंचा दी थी और अब भाजपा सरकार के आने के बाद मंगाई पर लगाम लगी है | जनता अब केंद्र, राज्य के साथ साथ शहर में भी भाजपा की सरकार ही चाहेगी | अर्जुन लाल मीणा, सांसद, उदयपुर

 

 

 

 

 

 

dinesh bhattपिछले २० साल से भाजपा का बोर्ड है और हर बोर्ड ने शहर का विकास किया है | जनता को हम पर राज्य सरकार पर और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है, और जनता इस बार भी भाजपा के प्रतिनिधि को ही वोट देकर बोर्ड में भेजेगी | और शहर का विकास और तेज गति से होगा क्यों कि राज्य में और केंद्र में हमारी सरकार है | ५५ हमारा लक्ष्य है हम इस लक्ष्य के हम बहुत करीब है | दिनेश भट्ट , भाजपा शहर जिलाध्यक्ष

 

 

 

 

 

 

कांग्रेस : शहर में बढ़ाते अतिक्रमण, अवैध निर्माण, पार्किंग समस्या साफ़ सफाई और गिना कर वोट मांग रहे है पिछले भाजपा के बोर्ड को फेलियर बता कर इस बार कांग्रेस को मौका देने की बात कह रहे है |
nilima sukhadiya२० साल भाजपा का राज रहा और शहर का विकास धीमा रहा हमारी सरकार में पूरी सहायता मिलने के बाद भी आशा अनुरूप विकास नहीं हो पाया | शहर की साफ़ सफाई अतिक्रमण और पार्किंग मुख्य मुद्दा है जो आम शहर वासी की जरूरत भी है | हम जिस वार्ड में जा रहे है, वहां लोग सफाई और पार्किंग की समस्या से परेशान है | इस बार उम्मीद है कि कांग्रेस का बोर्ड बनेगा कितनी सीटें आएगी अभी कहना मुश्किल है | नीलिमा सुखाड़िया – कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष

 

 

 

 

 

 

dinesh shrimaliपिछले २० सालों से भाजपा के बोर्ड में भ्रष्टाचार खुल कर हुआ है | अतिक्रमियों और अवैध निर्माण करने वालों के लिए स्वर्णिम युग रहा है, जो अब कांग्रेस का बोर्ड बनाने के बाद समाप्त होगा | शहर में गन्दगी का ढेर है प्रधान मंत्री कहते है सफाई करो और यहां की नगर निगम की नींद ही नहीं उड़ती | पिछले २० सालों में शहर का जितना विकास होना चाहिए नहीं हुआ है | जनता की छोटी छोटी जरूरते भी नगर निगम ने पूर्ति नहीं की है और अब जनता परिवर्तन चाहती है | दिनेश श्रीमाली – पूर्व प्रर्तिपक्ष नेता नगर निगम उदयपुर

नामांकन वापस लेने वाले बागी – ब्लैकमेलर्स या लूजर्स ?

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उदयपुर | राजनीतिक पार्टियों में बगावत के पीछे के कारणों को जानने के लिए जब राजनीति विज्ञान और मनोविज्ञान के विशेषज्ञों से चर्चा की, तो सामने आया कि बगावत करने वाले कुछ इनोसेंट जनप्रतिनिधियों को छोड़ दिया जाए, तो ज्यादातर लोग ब्लैकमेलर्स या फिर लूजर्स होते हैं। ऐसे लोग अपने फायदे और निजी हितों की पूर्ति के लिए पॉलीटिक्स ज्वाइन करते हैं। कुछ समय की राजनीतिक सक्रियता के बाद ये लोग अपनी लालसा को पूरा करना चाहते हैं, लेकिन जब ऐसे लोगों को सफलता नहीं मिलती है तो वह ब्लैकमेलिंग पर उतर आते हैं। राजनीति विज्ञान के अनुसार तीन तरह के बागी होते हैं। इनमें पहला, जिसको अपनी जीत का पक्का भरोसा होता है। दूसरा, जो अपनी पार्टी के प्रत्याशी को कमजोर करना चाहता है और तीसरा, वह जो लाभ का पद या धन लेकर बैठ जाता है, यह प्योर ब्लैकमेलिंग की श्रेणी में आता है। नगर निगम चुनाव में बगावत करने वाले भाजपा और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भी राजनीति विज्ञान के सूत्र के अनुसार तीन श्रेणियों में चिह्नित किया जा सकता है।
कल नामांकन वापसी के आखरी दिन 31 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। इनमें भाजपा के 16 व कांग्रेस के 14 बागी शामिल हैं। इधर, चुनाव मैदान में भाजपा के चार और कांग्रेस के पांच बागी डटे हुए हैं।
बागी नंबर वन : इनमें वार्ड चार से कांग्रेस के बागी अजय पोरवाल जैसे नेता आते हैं, जिन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा है। ऐसे प्रत्याशी अत्यधिक आत्मविश्वास से भरे होते हैं। कई दफा ऐसे प्रत्याशियों को सफलता भी मिल जाती है, जैसे वल्लभनगर विधानसभा में भाजपा के बागी प्रत्याशी रणधीरसिंह भींडर निर्दलीय के रूप में उतरे और उन्हें सफलता मिली। यहां यह बताना भी जरूरी है कि श्री भींडर का चुनाव चिह्न क्रबल्लाञ्ज था और अजय पोरवाल का चुनाव चिह्न भी क्रबल्लाञ्ज है।
बागी नंबर टू : ऐसे बागी प्रत्याशी, जिन्हें यह तो पता होता है कि वह चुनाव नहीं जीतेंगे, लेकिन अपनी पार्टी के प्रत्याशी को नुकसान जरूर पहुंचा सकते हैं। राजनीति विज्ञान के अनुसार ऐसे प्रत्याशियों में भाजपा के वार्ड 33 से अशोक घरबड़ा, 42 से संतलाल अग्रवाल, 39 से मांगीलाल पूर्बिया, १९ से गिरीश वैष्णव। कांग्रेस में वार्ड 10 से गीता पालीवाल, 38 से रमा वैष्णव, 25 से चांदमल साहू, 34 से भगवतीलाल नैणावा आदि को शामिल किया जा सकता है।
बागी नंबर थ्री : ऐसे बागियों में दो तरह के लोग आते हैं, जो या तो दबाव के कारण नामांकन वापस ले लेते हैं या फिर पार्टी के बड़े नेताओं से सांठ-गांठ करके संगठन में पद या पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी से रुपया-पैसा लेकर बैठ जाते हैं। राजनीति विज्ञान के अनुसार ऐसे प्रत्याशियों में भाजपा से वार्ड दो के खूबीलाल पहाडिय़ा, चार से मदन, आठ से आभा आमेटा, 10 से दामोदर दिवाकर, 11 से विजय मेहता, दिनेश सोनी, 19 से भंवर जैन, 20 से शंभूसिंह देवड़ा, 22 से कनक जोशी, मोहन, यशवंत मेनारिया, 26 से लोकेश नागदा, 41 से विवेक सामर, 44 से सुशील देसरला, 47 से सिद्दिका, 49 से योवंतराज माहेश्वरी और कांग्रेस में वार्ड दो के किशन मेघवाल, चार के मुजीबुद्दीन, पांच से योगेश धाबाई, आठ से नूर बानो, नौ से कांता पालीवाल, 24 से आशा मालवीय, 26 से दिनेश राव, 37 से एनके जैकब, 38 से रजिया बानो, शकीला बानो, 39 से दीपक चौधरी, 46 से शाहिदा शेख, 48 से शब्बीर हुसैन और 55 से अरुण टांक आदि को शामिल किया जा सकता है।

एक्सपर्ट व्यू —–
पार्टी के लिए काम करने वाले नेता अपने काम का रिवार्ड चाहते हैं। उस रिवार्ड में उनकी चाहत होती है कि उन्हें चुनावों में टिकट मिले। जब मौका आता है तो ये स्वयं को एक्सपोज कर टिकट की मांग करते हैं और नहीं मिलने पर बागी खड़े हो जाते हैं। बागी तीन तरह के होते हैं। इनमें से एक वो, जिनको जीत का पक्का भरोसा होता है। दूसरे वो, जो अपनी पार्टी के प्रत्याशी को डेमेज करना चाहते हैं। तीसरे वो, जो लाभ का पद या रुपया लेकर संतुष्ट हो जाते हैं।
– संजय लोढ़ा, विभागाध्यक्ष, राजनीतिक विज्ञान विभाग, सुखाडिय़ा यूनिवरसिटी
बागी होना मानव स्वभाव है, जिसे अटेंशन सिकिंग बिहेवियर (ध्यान आकर्षण व्यवहार) कहा जाता है। चुनाव पूर्व राजनीतिक पार्टियों द्वारा जो पैनल बनाया जाता है। उसमें ये अपना नाम चलाते हैं। नाम चलने के साथ प्रचार शुरू कर देते हैं। अपने-आपको चुनाव लडऩे के अनुकूल मानना शुरू कर देते हैं, लेकिन जब ऐसे लोगों को टिकट नहीं मिलता तो हताश हो जाते हैं। हताशा, दो तरह की होती है, जो आक्रामकता और निराशा को जन्म देती है। आक्रामक लोग बागी होकर मैदान में उतर जाते हैं वहीं निराश लोग पद और धन लेकर बैठ जाते हैं।

निर्दलीय मारेगें बैट से चौके, उड़ायेगें पतंग और बिछायेगें अपनी चारपाई !

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उदयपुर। नगर निगम चुनाव में सुबह रिटर्निंग अधिकारी ने चुनाव मैदान में शेष रहे निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए।
शुक्रवार को ३१ निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लेने के बाद अब ५४ वार्डों के लिए १७३ प्रत्याशी शेष रहे है जिसमे ६३ प्रत्याशी निर्दलीय है | ५५ वार्डों में से वार्ड ३ के भजपा प्रत्याशी केसर सिंह पहले ही निर्दलीय विजेता घोषित होचुके है | निर्वाचन अधिकारी जिला कलेक्टर आशुतोष पेढणेकर ने बताया की भाजपा कांग्रेस के अलावा ६३ निर्दलीय पार्षद प्रत्याशियों को शनिवार को चुनाव चिन्ह आवंटित किये जाचुके है | कई निर्दलीय चुनाव चिन्ह को लेकर चर्चा में है | किसी को अपने बेट से चोका उड़ाने पर गर्व हो रहा है तो कोई निर्दलीय को अपने चुनाव चिन्ह पतंग के उड़ने का इंतज़ार है | कोई गरीब का निशान चारपाई को लेकर चर्चा में है | इनमें प्रमुख रूप से वार्ड 4 से कांग्रेस के बागी अजय पोरवाल को बैट चुनाव चिह्न दिया गया है। वे इसलिए भी हर्षित हैं कि गत विधानसभा चुनाव में वल्लभनगर सीट से भाजपा के बागी रणधीरसिंह भींडर को भी बैट मिला था और वे विजयी घोषित हुए थे। जिन निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह घोषित हुए है उनमे, वार्ड 1 में महेन्द्र कुमार कुमावत को बाल्टी, वार्ड 4 में अजय पोरवाल को बैट, आसिफ हुसैन को व्हिसल, वार्ड 5 में अशोक सोनी को बैट, मुकेश धायभाई को पतंग, यशवंत वैष्णव को हारमोनियम, वार्ड 6 में मोहम्मद फारूख को सिलाई मशीन, सुनील राठौड़ को चारपाई, वार्ड 8 में डाली बाई को पतंग, वार्ड 10 में गीतादेवी पालीवाल को पतंग, राजेश वैष्णव को मोमबत्ती, वार्ड 11 में भरत रामानुज को बैट, वार्ड 12 में रमा जसवाल को बैट, वार्ड 14 में राशिद को मोमबत्ती, वार्ड 16 में कस्तूरचंद सिंगारिया को चारपाई, वार्ड 19 में गिरीश वैष्णव को नारियल, वार्ड 20 में आसिफ मोहम्मद को बैट, वार्ड 23 में मांगीलाल सालवी को अलमारी, विमलेश छापरवाल को चारपाई, वार्ड 25 में चांदमल साहू को डीजल पम्प, वार्ड 26 में किशन कण्डारा को चारपाई, संतोष शर्मा को अलमारी, वार्ड 27 में विमलेश कण्डारा को चारपाई, वार्ड 32 में जगदीश सालवी को अलमारी, वार्ड 33 में दीपक गांधी को गैस का चूल्हा, दीपक शर्मा को टेलीफोन, रमेश बोराणा को गैस सिलेण्डर, विनोद को सिलाई मशीन, शिवशंकर कोि ऑटो रिक्शा, वार्ड 34 में भगवतीलाल नैणाव को टीवी, वार्ड 35 में हर्षित नागदा को नारियल, वार्ड 37 में रमेशचंद्र जोशी को कैमरा, वार्ड 38 में रमा वैष्णव को बैट, वार्ड 39 में मांगीलाल पूर्बिया को टेम्पो, जमनालाल सुथार को सिलाई मशीन, वार्ड ४क 0 में हेमराज लोहार को टॉर्च, वार्ड 41 में अर्जुन गोरण को चारपाई, वार्ड 42 में राजेश चौहान को टॉर्च, संतलाल अग्रवाल को टेलीफोन, वार्ड 44 में नजमा मेवाफरोश को सिलाई मशीन, प्रदीप कुमार को नारियल, वार्ड 50 में पूनम खोखर को चारपाई, वार्ड 52 में कैलाशदेवी को टेलीफोन, वार्ड 48 में अनिल कुमार माली को टीवी का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

ललित लक्ष्मी विलास पैलेस में कबाब फेस्टिवल की धूम

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उदयपुर | ललित लक्ष्मी विलास पैलेस होटल में कबाब फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जो शहर वासियों और पर्यटकों द्वारा काफी पसंद किया जारहा है | कबाब फेस्टिवल १४ नवम्बर से २३ नवम्बर तक चलेगा जिसमे वेज और नॉन वेज दोनों तरह के कबाब मेहमानों को परोसे जायेगे | कबाब के स्पेशलिस्ट शेफ विजेंद्र के अनुसार कबाब फेस्टिवल में परोसे जाने वाले हर कबाब में उसका वास्तविक जायका लिए हुए है | जिनमे अनारदाना मुर्ग अंगारा,सुर्ख़िला काकोरी कबाब, सोफिया मुर्ग शामी , जाफरानी पनीर , आदि कई तरह के विभिन्न कबाब परोसे जायेगें |
Kebab Konnectionकबाब के जायके का स्वाद शाम ७ से रात १०.३० बजे तक होटल परिसर के आँगन रेस्टोरेंट में लिया जासकेगा | ताजा उसी वक़्त तैयार कबाब के लिए होटल द्वारा विशेष भट्टियों के इंतज़ाम भी किये है |
एक्जीक्यूटिव शेफ स्वप्निल शेखादर ने बताया कि वेज और नॉन वेज के लिए अलग मेन्यू है जिसमे नॉनवेज के लिए १२०० रूपये तथा वेज के लिए १००० रूपये शुल्क है | गौर तालाब है कि ललित लक्ष्मी विलास पैलेस द्वारा हर महीने विभिन्न प्रकार के फ़ूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है जिसमे शहर वासियों को हिन्दुस्तानी और विदेशी जायकों का मजा मिलता है | शहर वासियों की बेहद मांग पर होटल मैनेजमेंट ने इस बार वेज और नॉनवेज कबाब फेस्टिवल का आयोजन किया है |

३१ रण-छोड़ों ने लड़ाई के पहले ही रण छोड़ा

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उदयपुर । निकाय चुनाव के तहत शुक्रवार सुबह से कलेक्ट्रेट में रणछोड़ों को रण छुड़वाने के हरसंभव भरसक प्रयास किए जा रहे थे, और दिन में तीन बजे से तक ३१ बागियों ने अपने नाम वापस लेलिये । इनमें भाजपा के ११ और कांग्र्रेस के १४ बागियों को समझा बुझाकर नामांकन वापस लिए। नाम वापस लेने की आज अंतिम तिथि थी |
रिटर्निंग अधिकारी छोगाराम देवासी ने बताया कि आज दोपहर तीन बजे तक नाम वापस लेने की टाइम लाइन थी, जिसके पहले ३१ निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए | इसमे भाजपा के बागी वार्ड २ से खुबीलाल पहाड़िया, वार्ड 8 से आभा आमेटा, वार्ड ९ से कांता पालीवाल,११ से दिनेश सोनी १९ से भंवर लाल , २० से शम्भू सिंह देवड़ा, २२ से कनक कुमार जोशी, यशवंत मेनारिया, व् मोहन लाल मेनारिया , ४१ से विवेक सामर , ४४ सुनील देसरला |

कांग्रेस के बागियों में वार्ड २ से किशन मेघवाल , ४ से मुजीबुद्दीन खान , व् मदन लाल हरिजन ५ से योगेश धाबाई , आठ से नूर बारो, २४ से आशा मालवीया, २६ से दिनेश राव, ३७ से इनके जेकब, ३८ से रजिया बानो व् शकीला बानो, ४६ से साहिबा शेख, ४७ सिद्दीका, व् वार्ड ५५ से अरुण टांक ने अपना नाम वापस लिया |

आज सुबह से ही पार्टी के पदाधिकारी नाम वापसी के हरसंभव प्रयास करते दिख रहे दोनों दलों के नेता कलेक्ट्री में जोर-आजमाइश कर रहे थे। निरंतर मोबाइल पर चिपके नेताओं के चेहरों के हाव-भाव देखते ही बन रहे थे। कभी गुस्सा तो कभी प्यार से बातें करते मोबाइल बंद करते ही वापस वही सदाबहार मुस्कराहट उनके चेहरे पर बिखर रही थी। जानकारी के अनुसार कई बागी शहर में मौजूद नहीं होने के बावजूद नेताओं को बस आ रहे हैं, आ रहे हैं की गोली दे रहे थे। दोनों पार्टियों की ओर से डेमेज कंट्रोल के लिए बनाई गई समितियों के पदाधिकारी भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, रजनी डांगी, गजपालसिंह राठौड़, कांग्रेस के कांग्रेस के वीरेन्द्र वैष्णव, गोपाल शर्मा (गोपजी) आदि मौजूद थे।
वार्ड ४ से अजय पोरवाल कांग्रेस के बागी वार्ड २५ से सीपी साहू व् वार्ड ३३ से भाजपा के बागी अशोक गरबारड़ा , व् ४२ से संत राम अग्रवाल मजबूत बागी के रूप में जमे हुए है, और इन बागियों की इनके क्षेत्र में पहुंच भी अच्छी है | यह सभी पार्टी के पुराने कार्यकर्ता है और पार्टी द्वारा टिकिट नहीं दिए जाने से नाराज है | वार्ड चार से अजय पोरवाल भाजपा के महापौर के मजबूत उम्मीदवार चन्द्र सिंह कोठारी के लिए चुनौती बन सकते है | वही भाजपा के दूसरे महापौर के एक और दावेदार लोकेश द्विवेदी के लिए वार्ड ४२ में संत राम अग्रवाल परेशानी का सबब बन सकते है |
शहर भर के वार्डों में हर गली गली में चुनावी कार्यालय खुलना शुरू होगये है और पार्षद प्रत्याशी अपने चुनावी कार्यालयों के उद्घाटन के साथ साथ प्रचार में जुट गए है |

उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए 222 प्रत्याशियों ने भरे नामांकन

पार्षद प्रत्याशी ढोल नगाडे व नारेबाजी करते समर्थकों के साथ पहुंचे जिला कलेक्ट्री
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उदयपुर । निकाय चुनाव के नामांकन का अंतिम दिन, कडकडाती धूप और रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे के बाहर प्रत्याशियों की लगी लम्बी लाइन मानों किसी राशन की दुकान के बाहर लगी लाइनों का आभास करा रही थी। नामांकन के आखरी दिन मंगलवार पर पार्षद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से जिला कलेक्ट्री सुबह से शाम तक आबाद रही दिन में १० से ४ बजे तक कलेक्ट्री के बाहर का रोड पार्षद प्रत्याशियों से जाम रहा। मंगलवार को आखरी दिन तक 55 वार्डों के लिए 222 प्रत्याशियों ने 329 फार्म दाखिल किये
जिला कलेक्ट्री पर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन भरने के आखरी दिन पार्षद प्रत्याशी सुबह 10 बजे बाद से ही शुभ मुहूर्त में ढोल नगाडों बाजे गाजों के साथ नारबाजी करते अपने समर्थकों के साथ जिला कलेक्ट्री आ पहुुंचे। पंडितों के अनुसार 11 से 12 बजे तक शुभ मुहूर्त होने के कारण पसीने से लथपथ, फूलमालाएं पहनेे प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्री पहुंचे, जहां उन्हें उनके वार्ड के रिटर्निंग अधिकारी के यहां लाइन में लगना पडा।
दोनों पार्टियों द्वारा युवाओं को अच्छी भागीदारी देने के कारण भी कलेक्ट्री में युवाओं की खासी संख्या रही। महिला प्रत्याशियों के साथ खासी संख्या में उनके समर्थक उम$डे तो कुछ प्रत्याशियों के साथ कलेक्ट्री तक पांच समर्थक भी नहीं पहुंचे। प्रत्याशियों ने कलेक्ट्री पहुंचकर वहां ख$डे नेताओं के चरण छू कर आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान महापौर रजनी डांगी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडि$या, कमल मित्र मंडल, दिलीप सुखाडि$या, केके शर्मा, उपमहापौर महेन्द्रसिंह शेखावत, रवीन्द्र श्रीमाली, विजय प्रकाश विप्लवी सहित कई नेता मौजूद रहे।
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मंगलवार को १८८ पार्षद प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किये। चुनाव अधिकारी के अनुसार आज तक ५५ वार्डों के लिए २२२ प्रत्याशियों ने नामांकन भरे है। आज नामांकन दाखिल करने वालों में वार्ड नं.१ महेन्द्र कुमावत (निर्दलीय), अतुल चण्डालिया (भाजपा), हर्षवर्धन ङ्क्षसह (कांग्रेस), वार्ड २ रमेश चंदेल (भाजपा), सुनिल नकवाल (कांग्रेस) किशन मेघवाल (निर्दलीय), खुबीलाल पहाडिया (निर्दली) वार्ड ३ केसर ङ्क्षसह सिसोदिया (भाजपा) प्रशान्त श्रीमाली (कांग्रेस), वार्ड ४ चन्द्र ङ्क्षसह कोङ्गारी (भाजपा), अजय पोरवाल (निर्दलीय), अब्बास अली भालमवाला (कांग्रेस), मदन लाल हरिजन (निर्दलीय), वार्ड ५ गणपत लाल सोनी भाजपा, प्रदीप सेन (कांग्रेस), यशवन्त वैष्णव (निर्दलीय), योगेश धाबाई (निर्दलीय) अशोक सोनी (निर्दलीय), वार्ड ६ कमलेश जावरिया (भाजपा), मोहसीन खान (कांग्रेस), मो.प*ारूख (निर्दलीय) वार्ड ७ कमला मीणा (कांग्रेस), बाबु लाल कटारा (भाजपा), वार्ड ८ सरिता शर्मा (कांग्रेस), चांदनी गौड (भाजपा, नूर बानो निर्दलीय, आभा आमेटा (निर्दलीय), डालीबाई (निर्दलीय), वार्ड ९ रेखा पालीवाल (भाजपा), सुमनलता (कांग्रेस), कांता पालीवाल (निर्दलीय), वार्ड १० दामोदार दिवाकर निर्दलीय, गीता देवी पालीवाल (निर्दलीय), देवेन्द्र जावलिया भाजपा, राजेश वैष्णव (निर्दलीय), पंकज पालीवाल (कांग्रेस), वार्ड ११ सुनिल सनाढय (कांग्रेस), विजय मेहता (निर्दलीय), पंकज कुमार भण्डारी भाजपा, भरत रामानुज (निर्दलीय), वार्ड १२ राधा सालवी (भाजपा), आरती वसीटा (भाजपा बागी), विमला सालवी (कांग्रेस), रमा जेसवार (निर्दलीय), वार्ड १३ रेखा कुंवर चौहान (भाजपा), पूनम कंवर राङ्गौड (कांग्रेस),वार्ड १४ मो.कलीम (कांग्रेस), मो.खलील (भाजपा),राशीद मोहम्मद (एनसीपी), वार्ड १५ राजेश वैरागी (भाजपा) वार्ड १६ संदीप वागडी (भाजपा) कस्तूर चंद सिंगारिया (निर्दलीय), चन्द्र प्रकाश सालवी (कांग्रेस) जगदीश मेघवाल (कांग्रेस), वार्ड १७ मनोहर लाल गुर्जर (कांग्रेस),जगदीश सुहालका (भाजपा), वार्ड १८ चंदनपुरी गोस्वामी (कांग्रेस) विजय प्रजापत (भाजपा), वार्ड १९ गिरीश कुमार वैष्णव (निर्दलीय), भंवर लाल जैन (निर्दलीय), महेश द्विवेदी (भाजपा) वार्ड २० आसीप* मोहम्मद (निर्दलीय), शंभु ङ्क्षसह देवडा (निर्दलीय) सुरेश ङ्क्षसह (भाजपा), शाहीद हुसैन (कांग्रेस), वार्ड २१ मीरा कुमारी मीणा (भाजपा), प्रतापी बाई (कांग्रेस) वार्ड २२ शंभू लाल जैन (भाजपा), नंद लाल (कांग्रेस), वार्ड २३ मांगी लाल सालवी (निर्दलीय), सत्यनाराण मोची (भाजपा), लक्ष्मी नारायण मेघवाल (कांग्रेस) विमलेश छापरवाल (निर्दलीय),वार्ड २४ कामिनी (कांग्रेस), आशा (निर्दलीय), सीमा साहू (भाजपा) वार्ड २५ गजेश शर्मा (भाजपा), बाबु लाल खारोल (निर्दलीय), चांद मल साहू (निर्दलीय), भगवती लाल तेली (कांग्रेस) वार्ड २६ दिनेश राव (निर्दलीय), ललित मेनारिया (कांग्रेस), किशन कंडारा (निर्दलीय) लोकेश नागदा (निर्दलीय),
वार्ड २८ सुनिता पालीवाल (भाजपा) अनिता गौड (कांग्रेस) वार्ड २९ आशा बोर्दिया (भाजपा), मीरा (कांग्रेस), वार्ड ३० गोपीचंद माथुर (कांग्रेस), प्रवीण मारवाडी (भाजपा) वार्ड ३१ ज्योति बाजवा (भाजपा), प्रमीला चौधरी (कांग्रेस), वार्ड ३२ विजय राजपाल (कांग्रेस), जगदीश सालवी (निर्दलीय), खानचंद मंगवानी (भाजपा), वार्ड ३३ वेणीराम सालवी (भाजपा), विक्रम खटीक (कांग्रेस), अशोक कुमार (निर्दलीय), राजीव शर्मा (निर्दलीय), दीपक शर्मा (निर्दलीय) दीपक गांधी (निर्दलीय), विनोद (निर्दलीय) वार्ड ३४ हंसा माली (भाजपा), मुकेश गुर्जर (कांग्रेस), वार्ड ३५ हर्षित नागदा (निर्दलीय) गोपाल मुंदडा (निर्दलीय), जगत नागदा (भाजपा), वार्ड ३६ ताहीर खान (निर्दलीय), शोएब हुसैन (कांग्रेस), ओम प्रकाश चित्तौ$डा (निर्दलीय), वार्ड ३७ नाना लाल वया (भाजपा), एन के जैकप (निर्दलीय), सूर्य प्रकाश (कांग्रेस),रमेश दोशी (निर्दलीय), नोहर लाल पालीवाल (निर्दलीय), वार्ड ३८ शकीला बानू (निर्दलीय), हेमा भावसार (भाजपा), शाहीना छीपा (कांग्रेस), रमा वैष्णव (निर्दलीय), राबिया बी मुल्तानी (निर्दलीय), रजिया बानो (निर्दलीय), वार्ड ३९ लोकेश चौधरी (कांग्रेस), दीपक चौधरी (निर्दलीय), गब्बर ङ्क्षसह रावत (निर्दलीय), वार्ड ४० राकेश पोरवाल (भाजपा), पूरण मेनारिया (कांग्रेस), हेमराज लौहार (निर्दलीय), वार्ड ४१ विवेक सामर (निर्दलीय), प्रशान्त भण्डारी (कांग्रेस),वार्ड ४२ संत लाल अग्रवाल (निर्दलीय), दिनेश कुमार (कांग्रेस), लोकेश द्विवेदी (भाजपा), वार्ड ४३ चंदा देवी अग्रवाल (कांग्रेस), टीनू जैन (भाजपा), संगीता अरो$डा (कांग्रेस), वार्ड ४४ जय भण्डारी (भाजपा), पारस मल चित्तौ$डा भाजपा), झमक लाल जैन (भाजपा),नजमा मेवाप*रोश (निर्दलीय), रंजन साहू (कांग्रेस), सुशील (निर्दलीय), नारायण लाल माली (निर्दलीय) वार्ड ४५ अनिता पोरवाल (कांग्रेस), रेखा जैन (भाजपा), वार्ड ४६ जुबैदा बैगम (निर्दलीय), साहिबा शेख (निर्दलीय), गरीमा पङ्गान (भाजपा),रेहाना बानू (कांग्रेस), वार्ड ४७ समीना सिद्दिकी (कांग्रेस), रेश्मा सौलंकी (निर्दलीय),रेहाना जर्मनवाला (भाजपा), सिद्दिका (निर्दलीय), रजिया (निर्दलीय), वार्ड ४८ अनिल कुमार माली (निर्दलीय), कपिश भल्ला (निर्दलीय) दिनेश भोई (कांग्रेस), नरेन्द्र टांक (भाजपा),शब्बीर हुसैन (निर्दलीय) वार्ड ४९ बाबू लाल माली (निर्दलीय), सिद्घार्थ शर्मा (भाजपा), जावैद खान (निर्दलीय), हर्षद बानू (निर्दलीय), शाहीद खान (निर्दलीय), राकेश जोशी (कांग्रेस), मोहम्मद इम्तियाज (निर्दलीय), वार्ड ५० पूनम खोखर (निर्दलीय), सपना पूर्बिया (भाजपा),दूर्गा नवल (कांग्रेस), वार्ड ५१ नमिता टांक (भाजपा), पूर्णिमा सुहालका (कांग्रेस), वार्ड ५२ शोभा मेहता (भाजपा), चन्द्र कला सोनी (कांग्रेस), कैलाशी देवी (निर्दलीय), वार्ड ५३ लाला राम गमेती (निर्दलीय), लक्ष्मण गमेती (भाजपा), सुरेश मीणा (कांग्रेस) भंवर गमेती (निर्दलीय), वार्ड ५४ कुसुम कुमावत (कांग्रेस), मंदाकिनी धाबाई (भाजपा), वार्ड ५५ भगवान खारोल (भाजपा), अजीत ङ्क्षसह (कांग्रेस), अरूण टांक (निर्दलीय) उम्मीदवार हे।
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अंजुमन में खलील सदर और रिज़वान सेक्रेटरी

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उदयपुर | साड़े सात साल बाद रविवार को उदयपुर का अग्रिम मुस्लिम संगठन अंजुमन तालीमुल इस्लाम के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए, चुनाव में सदर पद पर मोहम्मद खालील और सेक्रेटरी के पद पर रिजवान विजयी रहे | सुबह १० बजे से सुरु हुई चुनाव प्रक्रिया शाम ६ बजे तक चलती रही जिसके दौरान पुख्ता पुलिस का इंतजाम रहा |
अंजुमन के आज हुए चुनाव में कुल १२५ सदस्य मतदाता थे जिसमे १२४ सदस्यों ने वोट किया जिसमे से सदर पद के लिए मोहम्मद खलील ६६ वोट, हाजी मोहम्मद युसूफ खान ३६ वोट, व् इलियास मुल्तानी को १९ वोट हासिल हुए मोहम्मद खलील हाजी युसूफ खान से ३० वोटों से विजयी रहे | सेक्रेटरी पद के लिए कांटे की टक्कर में रिजवान खान ६४ वोट प्राप्त कर पूर्व सेक्रेटरी फारुख हुसैन से ४ वोटों से विजयी रहे | नायब सादर के लिए भी कांटे के टक्कर रही जिसमे मुनव्वर अशरफ उर्फ़ मनु अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अशरफ जिलानी से मात्र दो वोट से जीत हासिल की वही जॉइंट सेक्रेटरी के लिए वकार अहमद ने ५२ वोट प्राप्त कर मोह्सिल को १० वोट से हराया |
कार्यकारणी सदस्यों में आबिद खान , हाजी जंगदाद खान , मोहसिन सिद्दीकी , najar मोहम्मद, सय्यद मुर्तुजा, जहीरुद्दीन सक्का, व् मोहम्मद अकीलुद्दीन विजयी रहे मोहम्मद अकीलुद्दीन और उस्मान खान में ४१ – ४१ वोट से परिणाम बराबर था जिसके बाद उस्मान खान अपनी मर्जी से हैट गए और अकीलुद्दीन को बनाने को कह दिया |
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शांति और सौहार्द में हुए चुनाव :
अंजुमन के चुनाव इस बार भंडारी दर्शक मंडप में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पुरे वैधानिक तरीके अपनाते हुए संम्पुर करवाये गए | सुबह से मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ लगी हुई थी | उम्मीदवारों के समर्थक परिणाम आने तक वहां जमे हुए थे | पुलिस का बंदोबस्त भी शाम तक रहा जिसमे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित और भी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे | मुखर्जी चौक स्थित अंजुमन की बिल्डिंग में पार्किंग और जगह की कमी के कारण चुनाव भंडारी दर्शक मंडप में संम्पन्न करवाये गए |

उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की पार्षद प्रत्याशियों की लिस्ट

IMG-20141109-WA0019उदयपुर | नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करदी वार्ड १४ और ३९ को छोड़कर बाकी ५३ वार्डों की लिस्ट एक साथ जारी कर दी जहाँ महापौर के कई दावेदारों का नंबर कटा है, तो ओ कुछ प्रबल दावेदारों को टिकिट मिल गया है | हालाँकि अभी यह तय नहीं है कि महापौर का दावेदार कौन होगा |
आज दोपहर बाद जारी हुई भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट में गृहमंत्री गुलाबचंद का प्रभाव भी देखा गया जहाँ उन्होंने विरोधियों के टिकिट पर कैंची चलाई वही अपने ख़ास माने जाने वाले जो महापौर की उम्मीद लिए बैठे थे उनका नाम भी लिस्ट में नहीं आया | वही वार्ड ४७ से निवर्तमान कांग्रेसी पार्षद रेहाना जर्मन वाला को टिकिट देकर सनसनी फैला दी |
आज हुई जारी लिस्ट में वार्ड १ से अतुल चंडालिया, २ रमेश चंदेल, ३ केसर सिंह , ४ चन्द्र सिंह कोठारी, ५ गणपत लाल , ६ कमलेश, ७ बाबूलाल कटारा, ८ चाँदनी गौड़ , ९ रेखा पालीवाल, १० देवेन्द्र झाँवरिया, ११ पंकज भंडारी, 12 राधा साल्वी, १३ रेखा चौहान , १५ राजेश वैरागी, १६ संदीप बागरी, १७ जगदीश सुहालका , १८ विजय प्रताप, १९ महेश द्विवेदी, २० सुरेश सिंह यादव, २१ मीरा कुमारी मीना, २२ जगदीश मेनारिया, २३ सत्यनारायण मोची, २४ सीमा साहू, २५ गजेश शर्मा , २६ रामेश्वर भट्ट , २७ लव देव बागड़ी, २८ सुनीता पालीवाल, २९ आशा बोर्दिया, ३० प्रवीण मारवाड़ी , ३१ ज्योति बाजवा, ३२ खान चंद सिंधी , ३३ वेणी राम साल्वी, ३४ हंसा माली, ३५ जगत नागदा, ३६ ओमप्रकाश चित्तौड़ा, ३७ नानालाल वाया, ३८ हेमा भावसार , ४० राकेश पोरवाल, ४१ पारस सिंघवी, ४२ लोकेश द्विवेदी, ४३ सरोज अग्रवाल , ४४ पारस चित्तोड़, ४५ रेखा जैन, ४६ गरिमा पठान, ४७ रेहाना जर्मन वाला, ४८ नरेंद्र टांक, ४९ सिद्धार्थ शर्मा, ५० सपना मुर्डिया, ५१ मनीता टांक , ५२ शोभा मेहता, ५३ लक्षमण गमेती, ५४ मन्दाकिनी धाबाई , और वार्ड ५५ भगवान खारोल को टिकिट मिला है | वार्ड १४ और ३९ को छोड़ा गया है वार्ड ३९ ओबीसी वार्ड है जबकि १४ सामान्य जहाँ से मोहम्मद खलील भाजपा के पार्षद थे जो आज ही अंजुमन के सदर भी चुने गए है |
महापौर के लिए घमासान :
महापौर के दावेदारों में अभी तक असमंजस की स्थिति बानी हुई है की पार्टी और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया किसको महापौर की कुर्सी पर बैठाएगें, प्रमुख दावेदारों में पारस सिंघवी, पार्टी के शहर जिला भाजपा के उपाध्यक्ष लोकेश द्विवेदी, महामंत्री चन्द्र सिंह कोठारी एवं कटारिया के सम्बन्धी अतुल चंडालिया प्रमुख दावेदार है जिनको टिकिट मिला है | जिसमे पारस सिंघवी और लोकेश द्विवेदी में टक्कर संभव है | चन्द्र सिंह कोठारी के सामने अगर कांग्रेस मौजूदा पार्षद अजय पोरवाल को टिकिट देती है तो कोठारी की मुश्किलें बढ़ जाए क्यों की इस वार्ड में मौजूदा पार्षद अजय पोरवाल का खासा होल्ड है | और पांच साल तक वार्ड में सक्रीय रहने का रिवार्ड उन्हें जनता फिर दे सकती हा | अतुल चंडालिया गुलाबचंद कटारिया के समधी के चोट भाई है | सम्बन्ध होने के नाते कयास लगाये जारहे है की महापौर की गेंद उन्ह भी मिल सकतीहै | इधर प्रमोद सामर मांगीलाल जोशी, जयेश चम्पावत , चंचल अग्रवाल जैसे कटारिया के नजदीकी लोगों का टिकिट काट कर अचंभित भी किया है |
कांगेसी पार्षद को टिकिट :
रेहाना जर्मन वाला निवर्तमान बोर्ड में वार्ड ४७ से कांग्रेस की पार्षद रही और पिछले पांच साल में कई बार बोर्ड की मीटिंग में अपने वार्ड में काम नहीं होने का कह कर रोइ भी है | उनके यही आंसू भाजपा को पसंद आगये या रेहाना जर्मन वाला को भाजपा पसंद आगयी की उन्हें उसी वार्ड से भाजपा का टिकिट मिल गया | हालाँकि इससे बोहरा समुदाय उनसे नाराज होसकता है और यहाँ उन्हें हार का खामिया भुगतना पद सकता है |