नवास-ए-रसूल को सलाम, कर्बला के शहीदों को सलाम

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उदयपुर | कर्बला में शहीद हुए नवास-ए-रसूल इमाम हुसैन और उनके 72 साथी की शहादत को याद कर मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजियों का जुलुस निकाल इबादत कर, रोज़े रख कर तबर्रुक तकसीम कर आज योमे आशूरा मनाया जा रहा है | और शहर भर में ताजियों के जुलुस दो चरण में निकाले गए सुबह और शाम को निकलने वाली ताजियों की सवारी में अपार जन समूह उमड़ा। मस्जिदों में यौमे आशूरा की विशेष नमाज़ अदा की गयी तो कई जगह मजलिसों का दौर भी चला |
आज मुहर्रम की दस तारीख को योमे आशुरा मनाया जा रहा है ताजियों की सवारियों को पुरे जोश खरोश के साथ निकाली जा रही है1 | ताजिये दो चरण में निकले जिसमे सुबह १० बजे से शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लों के के करीब २० से अधिक ताजिये व् कई छोटी बड़ी मेह्न्दियों का जुलुस हाथीपोल हर्वेन जी के खुर्रे से रवाना हुआ सब से आगे महावत वाड़ी के ताजिये थे उसके बाद सिलावट वाड़ी, कल्ले सात , आदि कई मोहल्लों के सजे धजे ताजिये थे अबरक से बना ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा , ताजियों की सवारी पुरे जोश खरोश, और या हुसैन या हुसैन की मातमी गुंजों के साथ आगे बड़ा साथ में युवा ढोल नगाड़ों पर मातमी ताल बजाते चल रहे थे।
घंटा घर पर घेरा बना कर कई देर तक युवाओं ने या हुसैन या हुसैन कर मातम मनाया जुलुस घंटा घर से गणेशा घाटी होता हुआ पांडू वाड़ी पंहुचा जहा पर ताजियों और मेह्न्दियों को ठंडा किया गया । कई जागरूक लोगों ने ताजियों को ठंडा नहीं किया और झील बचाओ का नारा लगते हुए पानी का छिटा लगा कर वापस ले आये ।
बड़े ताजिये शाम को :
शाम को बड़े ताजियों का दुसरा चरण शुरू होगा जिसमे अकीदतमन्द भारी संख्या में मोजूद रहेंगे \ । दुसरे चरण के ताजियों के लिए तीनों बड़े ताजियों के अलघ अलग खंड जुलुस के रूप में १ बजे से तीज के चोक में लाना शुरू हो गए अलीपुरा, बड़ी पलटन, और धोली बावड़ी के बड़े ताजिये तीज के चोक में जमा होकर वही सरे खंड जमाये जायेगें और करीब ४ बाजे वहां से ताजियों का जुलुस निकला जाएगा तिन बड़े ताजियों के साथ विभिन्न मोहल्लों के छोटे ताजिये भी शामिल रहेंगे ।
युवा या हुसैन के नारों के साथ ताजियों को आगे ले कर बढ़ाते है, साथ में माइक पर नात और मर्सियाह भी पड़ा जाता है । धोली बावड़ी, पलटन और अलीपुरा के बड़े ताजिये अपने आप में एक कारीगरी और आर्ट का नमूना थे ताजियों पर बड़ी बारीकी से पेपर और रंग बिरंगे पन्नी और थर्मा कोल का खुबसूरत काम किया गया है ।
सभी ताजिये भडभुजा घटी बड़ा बाजार घंटा घर जगदीश चोक होते हुए रात ८ बजे तक लाल घाट स्थित कर्बला पहुंचेगें जहाँ ताजियों को ठंडा किया जाएगा ।
बड़ा बाजार स्थित चिल्ले की मस्जिद पर ताजियों का मुकाम रुकवा कर सभी रोजदारों का रोजा खुलवाया जाता है, और जगदीश चोक में विहंगम द्रश्य देखने को शहर भर का भारी जन सैलाब उमड़ता है, अन्धेरा होते ही सभी ताजिये आकर्षक रौशनी से जगमगा उठते है।
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मन्नतें उतारी
पहले व्दुसरे चरण की सवारी में बड़े ताजियों पर कई लोगों ने अपनी मन्नतें उतारी तो कई यों ने मन्नते ली , कोई ताजियों के आगे लोटा तो कोई अपने बच्चे को लेकर ताजियों के निचे से निकला , जगह जगह महिलाओं ने फूल के सेहरे और नारियल पेशा किये ।
हर जगह सबिले लगायी गयी थी जिसमे शरबत चाय , पानी , हलवा , आइस क्रीम , पुलाव हलिम आदि खिलाये गए , हलिम तो शाम होते होते हर मुस्लिम मोहल्ले की हर गली में बनता हुआ दिखाई दिया ।
रोज़े भी रखे गए :
इस्लाम में मोहर्रम का महीना खुदा की इबादत व इमाम हुसैन की शहादत की याद करने का है। मुस्लिम लोग इस महीने की नौ व दस तारीख को रोजे भी रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन दिनों में रोजा रखने से बीते समय के सभी गुनाहों से छुटकारा मिलता है।
इस्लाम को मानने वाले मोहर्रम माह की दस तारीख को शहीदों की याद के रूप में तथा इस्लाम के प्रति अपने समर्पण को दर्शाते हैं, और साथ ही यह दुआ भी करते हैं कि रब उन्हें भी नेकी, समर्पण व कुर्बानी के जज्बे से सराबोर रखे। जंग को हराम समझे जाने वाले इस माह को शहरूल्लाह व शहरूल अम्बिया भी कहा जाता है।
रात में हुआ छड़ी मिलन :
कल रात को चेतक सर्कल स्थित पलटन मस्जिद व धोलीबावडी के बाहर ताजियों को जियारत के लिए रखा गया है जहां अकीदतमंदो ने फूल पेश किए। मोहर्रम की ९वीं तारीख को शहर में भ$डभुजा घाटी में होने वाली ’कत्ल की रात’ में नायकवाडी एवं कुंजरवाडी मौहल्ले की छडी मिलन की रस्म हुई। शहर के खांजीपीर, कुंजरवाडी, खेरादीवाडा, धोलीबावडी व आयड में लगाई गई सबीलों पर खीर, हलीम व पुलाव आदि तबर्रूक के तौर पर बांटे गए।
पलटन के ताजिये को झील में नहीं करेंगे ठंडा:
मुहर्रम पर्व पर इस बार पलटन मस्जिद के ताजियेे को ठंडा नहीं कर पुन: पलटन मस्जिद लाया जाएगा। फैजाने हुसैन कमेटी के अब्दुल मजीद ने बताया कि झील संरक्षण की दृष्टि से कमेटी द्वारा इस बार यह निर्णय लिया गया है कि इस बार ताजियों को लालघाट ले जाया जाएगा इसके बाद पुन: पलटन मस्जिद लाया जाएगा। जहां लोहे के सामान को सुरक्षित कर ताजिये के निर्माण में उपयोग ली गई सामग्री को ठंडा करवा दिया जाएगा।
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पार्षद की दावेदारी करने वालों की अक्ल से बड़ी है भैंस

r1094225_13133049उदयपुर | निगम चुनाव के लिए कई दावेदारों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है तो कई ने शोशल मिडिया पर खुद को पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया है | जब की अभी तक ना तो भाजपा ना ही कांग्रेस की तरफ से किसी को इशारा हुआ ना ही प्रत्याशियों की कोई सूचि जारी की गयी है | इन दावेदारों के ज्ञान कि बात कि जाए तो अक्ल बड़ी या भैंस जैसा प्रतीत हो रहा है | भाजपा कांग्रेस के निगम में दावेदारों को परखने के लिए मददगार ने जब कुछ सवाल किये हैरान करने वाली बाते सामने आई कि अधिकाँश दावेदार यही नहीं बता पा रहे है कि उन्हें पार्षद बन कर करना क्या है |
मुख्य बेसिक सवालों के जवाब नहीं दे पाये :
भाजपा के कई दावेदार टिकिट की आस लगा कर तो बैठे है और कई टिकिट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी भी दे रहे है, लेकिन उन्हें यही नहीं पर की उदयपुर नगर निगम कब बना उससे पहले पगार परिषद था तो उसकी स्थापना कब हुई ? अब तक कितने सभापति और महापौर आगये है ? ऐसी किसी बात का ज्ञान नहीं है, यही नहीं अपने वार्ड के मौजूदा पार्षद का नाम भी ठीक से नहीं पता | दोनों पार्टियों के दावेदारों को नगर निगम के काम, नगर पालिका एक्ट जातिगत समीकरण और जीतने का गणित के बारे में सवाल किया तो कोई जवाब नहीं दे पाये |
कांग्रेसी दावेदार को यही नहीं पता कि वे पार्टी में कितने समय से जुड़े हुए है | जीतने का आधार क्या होगा? साथ ही भाजपा शासन में कितने धरने प्रदर्शन किए और मुद्दे क्या रहे। कांग्रेस में कितने समय हो? क्या क्या जिम्मेदारियां रही? विधानसभा और लोकसभा में क्या जिम्मेदारी थी और उसका परिणाम क्या रहा? इस तरह के सवाल में से किसी सवाल का सही जवाब नहीं दिया, कई ने तो कॉल ही काट दिया कि बाद में बात करेंगे |
पार्षद दावेदार भी मोदी पर सवार :
भाजपा के दावेदार तो यह माने बैठे है कि बस टिकिट मिल जाए बाकी काम तो सिर्फ मोदी का नाम ही कर जायेगा उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं | जब भाजपा दावेदारों से पार्टी में उनकी भूमिका , टिकिट मिलाने पर जीत का आधार जैसे सवाल किये तो अधिक तर ने नरेंद्र मोदी का सहारा लेते हुए कह दिया की जीत के लिए तो मोदी का नाम ही काफी है | एक ने तो यहाँ तक कह दिया की जीत के लिए सिर्फ उनके साथ मोदी के पोस्टर वाला फार्मूला ही जीताने में काम आ जायेगा | जब की उन्हें भाजपा पार्टी के बारे में अधिक जानकारी भी नहीं |
वार्ड नंबर तक नहीं पता :
कई महिला दावेदारों को तो उनका वार्ड तक का नंबर नहीं पता है | उनका कहना है की पति पार्टी के कार्यकर्ता है जिन्होंने उनका नाम दिया है | उनका वार्ड कहाँ से कहाँ तक है कितने मतदाता है ऐसी किसी बात कि जानकारी नहीं है |

नुक्कड़ नाटक परेड थम का मंचन

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उदयपुर | रविवार शाम नाट्यांश सोसाइटी के द्वारा गुलाबबागए पिछोला पालए एवं फतेहसागर पाल पर नुक्कड़ नाटक परेड थम का सफल मंचन हुआ जिसमे की भारत के संविधान में बताये गए कर्तव्यों की आज की दशा का वर्णन किया गया |
परेड थम नुक्कड़ नाटक आधारित है, भारत की आज़ादी के समय बनी कई महत्वपूर्ण चीजों का जिसमे सबसे महत्वपूर्ण हैए हमारा संविधान द्य जैसा की हमे पता है हमारा संविधान 2 साल 11 महीने और 18 दिन में बड़ी से बना था परन्तु आज आज़ादी के 64 साल बाद भी कितने ही लोग हमारे संविधान की अनदेखी करते आये है | जिस महान संविधान पर भारतवासियों को गर्व होना चाहिए उसी संविधान को दरकिनार करके लोग आगे चल देते है | आज का यह आलम है, कि कितने लोग जानबूझ कर नियमो की अवहेलना कर देते है, कुछ इसी प्रकार के मुद्दों एवं घटनाओ और संविधान में दिए गए कर्तव्यों को सम्मिलित करके ष्परेड थम्म नुक्कड़ का मंचन किया गया |
नाट्यांश संस्था के संयोजक अब्दुल मुबीन खान पठान ने बताया कि नाटक का लेखन एवं निर्देशन अशफ़ाक नूर खान द्वारा किया गया जिसमे अमित श्रीमाली श्लोक पिम्पलकर , मोहम्मद रिजवान मंसूरी, नेहा पुरोहित, आयुष माहेश्वरी, रेखा सिसोदिया द्वारा अभिनय किया गया | सभी कलाकारों ने नाटक के सफल मंचन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं दर्शको को अपने जीवन में इन कर्तव्यों को उतरने का निवेदन किया | नाटक के मंचन के बाद कई दर्शको ने नाटक को सराफा और आगे से अपने आप में सुधर लेन की बात भी कही |

हिन्दुस्तान जिंक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उदयपुर के 30 प्रतिशत मल का उपचार

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उदयपुर | वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक द्वारा मनवा खेड़ा में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट उदयपुर के 30 प्रतिषत मल का उपचार कर रहा है। हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार के साथ 20 मिलियन टन प्रतिदिन क्षमता वाले इस ट्रीटमेंट प्लांट के समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। अब यह प्लांट पूरी तरह कार्यरत है तथा प्रतिदिन 20 मिलियन टन मल का उपचार कर रहा है। उदयपुर में प्रतिदिन 70 मिलियन टन मल उत्पन्न होता है तथा इस हिसाब से हिन्दुस्तान जिंक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट उदयपुर का प्रतिदिन 30 प्रतिषत मल का उपचार कर रहा है।
अतिआधुनिक प्रस्तावित तकनीक से बनाया गया यह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट राजस्थान का पहला प्लांट है तथा इसके संचालन से उदयपुर वातवरण एवं पर्यावरण में निष्चिततौर पर सुधार देखा जा रहा है।
हाल ही में घरेलू मल को छोटी पाइप लाइनों द्वारा बड़ी पाइप लाइन से जोड़ने का कार्य प्रारंभ हो गया है। यह बड़ी पाइप लाइनें सीधे हिन्दुस्तान जिं़क के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ी जा रही है। इससे मल के उपचार में और सुविधा हो जाएगी।
उदयपुर की झीलों में अब मल का प्रवाह कम हो जाने से झीलों की सुन्दरता में भी प्रभाव दिखने लगा है।
गौरतबल है कि मल के उपचार के साथ-साथ उपचार के उपरान्त उत्पन्न होने वाली खाद को भी उपयोग में लाया जाएगा जिससे उदयपुर नगर परिषद व्यस्थित रूप से बिक्री कर लगभग एक करोड़ रु. सालाना अर्जित कर पाएगा।
हिन्दुस्तान जिंक अपने पर्यावरण कार्यक्रमों द्वारा तथा अपनी इकाईयों में लगे अतिआधुनिक संयंत्रों द्वारा निरन्तर पानी की बचत करता रहा हैं।
इस संर्दभ में हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने कहा कि ‘‘उदयपुर का विष्व मानचित्र पर एक विषेष स्थान है तथा इसकी सुन्दरता एवं वास्तविकाता के लिए इस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होना अतिआवष्यक था। हमें खुषी है कि हिन्दुस्तान ज़िंक राजस्थान सरकार के साथ मिलकर इस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को स्थापित व संचालित कर पाया।‘‘

नगर निगम नहीं अब जनता ही रखेगी गली मोहल्लों में सफाई का ध्यान, और शुल्क भी देना होगा

nagar nigamउदयपुर | बदहाल सफाई व्यवस्था से त्रस्त जनता पर राज्य सरकार कचरे का बोझ डालने जा रही है | डोर टू डोर कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी नगर निगम की बजाय अब मोहल्ला विकास समिति या संस्थाओं पर थोपी जा रही है | जिसमे जनता को ही सफाई कर्मी व् कचरा संग्रहण से लेकर डिपो तक ले जाने की व्यवस्था करनी होगी | इसके लिए आवश्यक राशि की उगाही भी जनता को अपनी जेब से ही करनी होगी राज्य सरकार के स्वायत शासन विभाग की और से जारी इन आदेशों में नगर निगम पर जम कर कृपा बरसाई गयी है | और इस व्यवस्था को प्रधान मंत्री के स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए नाम दिया है स्वच्छता मित्र आपके द्वार |
क्या है योजना :
राज्य सरकार ने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वच्छता मित्र आपके द्वार योजना लागू करने जा रही है। जिसके लिए उदयपुर नगर निगम ने मोहल्ला विकास समितियों व् संस्थाओं को आमंत्रित किया है | नगर निगम डोर-टु-डोर वेस्ट कलेक्शन करने की इच्छुक संस्थाएं, व्यक्ति या मोहल्ला विकास समितियों से प्रस्ताव लेकर पंजीयन करेगी आैर सफाई के बदले जनता से सहयोग राशि वसूलने का अधिकार भी देगी। एक से ज्यादा प्रस्ताव आने पर किसी संस्था व्यक्ति का चयन निगम लॉटरी से होगा। निगम 150 से 250 घरों के एक समूह को कलस्टर बनाकर वेस्ट कलेक्शन का काम करवाएगा। नगरीय ठोस अपशिष्ठ (प्रबंधन एवं हथालन) नियम 2000 की पालना में वेस्ट कलेक्शन के बदले 100 वर्गमीटर से अधिक के मकानों के मालिकों से 50 रुपए, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 80 रुपए आैर ढाबे, होटल्स, रेस्टोरेंट बेकरी मालिकों से 100 रुपए प्रतिमाह वसूले जाने का फैसला किया गया है। यह राशि अधिकृत संस्था, एनजीआे या मोहल्ला विकास ही एकत्रित करेगी। सफाई कर्मचारी को पारिश्रमिक का भुगतान भी संस्था अपने स्वयं के स्तर पर ही करेगी।
नगर निगम पर मेहरबानी, जनता पर बोझ :
स्वच्छता मित्र आपके द्वार योजना में निगम को उसके मुख्य कार्य शहर में सफाई व्यवस्था से ही मुक्त कर दिया गया और सारा बोझ जनता पर डाल दिया गया है | इसमे यह की सफाई कर्मी, ट्रॉली, संसाधन जुटाने से लेकर कचरा संग्रहण करने व् शुल्क लेने तक की जिम्मेदारी मोहल्ला विकास समिति या संस्था पर डाली गयी है | यहाँ तक की सफाई कार्य के दौरान यदि कोई सफाई कर्मी दुर्घटना ग्रस्त होने की स्थिति में भी नगर निगम को जिम्मेदारी से मुक्त रखते हुए बोझ मोहल्ला विकास समिति पर ही डाला गया है | और तो और सफाई व्यवस्था बिगड़ने पर भी नगर निगम के अधिकारी या कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गयी है, लेकिन कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशषा की गयी है |

इनका कहना …
राज्य सरकार द्वारा शुरू होने वाली योजना स्वच्छता मित्र आपके द्वार के आदेश आचुके है इसके लिए उदयपुर नगर निगम ने शहर की मोहल्ला विकास समितियों व् संस्थाओं को आमंत्रित किया है | देवेन्द्र सनी , स्वस्थ अधिकारी नगर निगम उदयपुर |

अंजुमन को दरकार एक शिक्षा विद्द की

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उदयपुर | “अंजुमन तालीमुल इस्लाम” की स्थापना करीब सौ साल पहले मुसलामानों में तालीम (शिक्षा) के बढ़ावे के लिए की गयी थी | इसके लिए ऐसे लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी जो खुद भी शिक्षित थे और शिक्षा के लिय उन्होंने पहला कदम भी उठाया | लेकिन आज हालात उलटे है | यह अंजुमन (संगठन ) एक शिक्षित सदर ( अध्यक्ष ) के लिए आँखे फैलाये खड़ा है | लेकिन कही कोई रोशनी की किरण नज़र नहीं आरही | १०० साल पहले शुरू की गयी स्कूल आज भी उसी स्थिति में है |
९ नवम्बर को अंजुमन तालीम के विभिन्न पदों के लिए चुनाव होने वाले है | जो संगठन शिक्षा के लिए बनाया गया था आज उससे जुड़ने वाले विभिन्न पदों के उम्मीदवारों में आधे से अधिक उम्मेदवार सेकेंडरी तक भी नहीं पढ़े हुए है, तो फिर कैसे शिक्षा के महत्त्व को समझेगे और और इस संगठन और समाज में शिक्षा की अलख जगायेगें |
सदर के पद के लिए एक भी ग्रेजुएट नहीं : अंजुमन के इस चुनाव के लिए इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में है | जिसमे मोहम्मद खलील, हाजी मोहम्मद युसूफ, एवं मोहम्मद इलियास मुल्तानी ताज्जुब की बात है की शिक्षा के संगठन में अध्यक्ष पद के दावेदारों में एक भी ग्रेजुएट नहीं है | सबसे अधिक शिक्षा है तो वह हायर सेकेंडरी पास किये हुआ प्रत्याशी है | मोहम्मद युसूफ की शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी है, जब की इलियास मुल्तानी की शिक्षा सेकेंडरी तक और मोहम्मद खलील आठवी पास है | जब कि अन्य कुछ समाजों की इसी तरह के शिक्षा के लिए बने संगठन है उनमे बनने वाला अध्यक्ष एक शिक्षा विद्द ही होता है | इस सगठनों और कुछ ही सालों में प्राइमरी से शुरू कर आज बड़े बड़े उच्चा शिक्षण संस्था खोल दिए है |
१०० सालों में शिक्षा का स्तर वही : मुसलामानों शिक्षा के बढ़ावे के लिए बना संगठन अंजुमन में संचालित स्कूल की स्थिति आज कोई बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है | आठवी तक बीसियों सालों तक चलती रही अलबत्ता मौजूदा कार्यकारणी ने इसको सेकेंडरी तक बढ़े और जहाँ ५० से ६० बच्चों कि संख्या थी उसमे भी कुछ इजाफा किया लेकिन १०० सालों में जहाँ यह नामी शिक्षा का मरकज बनाना चाहिए था जहाँ हायर एजुकेशन की तालीम होनी चाहिए थी उसकी जगह यहाँ सिर्फ दंस्वी तक का स्कूल संचालित हो रहा है |
इस्लाम में शिक्षा का महत्त्व : इस्लाम में शिक्षा को बहुत अधिक महत्त्व दिया है, शिक्षा के लिए कुरआन और हदीस में भी कई बार आया है | इस्लाम में कहा गया है कि शिक्षा के लिए अगर हजारों मील तक चलते हुए भी जाना पड़े तो जाना चाहिए | यही नहीं इस्लाम में महिलाओं की शिक्षा पर भी खासा जोर दिया है | कहा गया है कि एक पुरुष पड़ा लिखा होगा और शिक्षित होगा तो एक इंसान ही शिक्षित होगा लेकिन अगर एक महिला शिक्षित होगी तो आने वाली सात पीढ़ियां भी शिक्षित हो जाएगी | और इस्लाम में शिक्षा के इसी महत्त्व के चलते उदयपुर के मुस्लिम बुजुर्गों ने अंजुमन तालीमुल इस्लाम की शुरुआत की थी |
शिक्षा विद्द आते नहीं और जो आये उन्होंने भी कुछ ख़ास नहीं किया : इस संगठन को चलाने के लिए मुस्लिम समाज के शिक्षा विदों को आगे आना चाहिए अव्वल तो वह आते नहीं जो आते है वह या तो कुछ करते नहीं या राजनीति का अखाड़ा बन रहे दंगल की भेंट चढ़ जाते है | मौजूदा कार्यकारणी से पहले सदर इकबाल सागर और सेक्रेटरी मुश्ताक चंचल का कार्यकाल था पढ़े लिखे होने के बावजूद कुछ ख़ास काम शिक्षा के क्षेत्र में नहीं हुआ |

ढाबे पर छात्रों ने की मारपीट एक की मौत

RPKGONL011031120144Z47Z47 AMउदयपुर। अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर सुरफला में एक होटल पर शनिवार रात खाने के बिल को लेकर होटलकर्मियों व छात्रों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच लात-घंूसे चले। इससे अंदरूनी चोट लगने के कारण एक होटलकर्मी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर 5 आरोपित छात्रों को गिरफ्तार
किया है।

पुलिस के अनुसार छात्र खांजीपीर निवासी मोहसिन पुत्र मोहम्मद अली, गोवर्द्धनविलास के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नतांश पुत्र ओमप्रकाश जोशी, भूपालपुरा निवासी राहुल पुत्र नारायण भाटी, केशवनगर निवासी चन्द्रवीरसिंह पुत्र गोवर्द्धनसिंह पंवार व साइफन चौराहा निवासी लवनीत पुत्र दिनेश भाटी रात 12.30 बजे सुरफला में होटल ग्रीन पर खाना खाने गए थे। बिल को लेकर हुए झगड़े में उन्होंने लात-घंूसे चलाए, जिससे राजसमन्द जिले के धर्मतलाई-नाथद्वारा निवासी रमेश पुत्र लालूराम गमेती गंभीर घायल हो गया। एएसपी हनुमान प्रसाद मीणा, उपाधीक्षक रानू शर्मा, थानाधिकारी गणेशाराम ने मौके पर पहंुचकर घायल को एमबी अस्पताल पहुंचाया। रात को ही उसके बयान भी लिए। सुबह रमेश ने दम तोड़ दिया, जिसका शव पोस्मार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया।

समझाने लगा तो मारी लात
मृतक रमेश के साथ काम करने वाले उसकी बुआ के लड़के सुरेश ने पुलिस को बताया कि मध्यरात्रि होटल पर आए उक्त छात्र नशे में थे। होटल मालिक गुरविंदर सिंह को दिए ऑर्डर के अनुसार उसने और रमेश ने छात्रों को खाना खिलाया। इसके बाद छात्र बिल को लेकर होटल मालिक से झगड़ने, मारपीट करने लगे। काउंटर के पास खड़ा रमेश समझाने लगा तो लवनीत ने उसे लात मार दी। मारपीट के बीच होटल मालिक व ट्रक चालकों ने उसे छुड़वाया। अंदरूनी चोट से गम्भीर घायल हुए रमेश को एम्बुलेंस से एमबी अस्पताल पहंुचाया गया। झगड़े में आरोपित छात्रों के भी सिर में चोटें आई। पुलिस ने सभी की मेडिकल जांच कराई।

नगर निगम चुनाव को लेकर गंभीर नहीं शहर कांग्रेस, पर्यवेक्षक भी गुट बाजी को हवा देकर चले गये

imagesउदयपुर | पुछले २० सालों में नगर निगम में एक भी बार कांग्रेस का बोर्ड नहीं बना है | अगले माह होने वाले नगर निगम के चुनाव को लेकर भी कांग्रेस गंभीर नहीं दिख रही है | विधान सभा लोक सभा में करारी हार के बाद भी कांग्रेस की गुट बाजी यथावत है |
पिछले दो दिन से पर्यवेक्षक आकर दावेदारों के फीड बेक ले रहे है | कल भी मुख्य पर्वेक्षक प्रमोद भाया आये एक घंटे वार्ता की तथा गुट बजी को और अधिक बढ़ावा देकर चले गए | तय समय से तीन घंटे देरी से पहुंचे मुख्य पर्यवेक्षक प्रमोद भाया एक घंटे में तुरत फुरत फोरी तोर पर नामों पर चर्चा की और फतहपुरा स्थित अपने नानिया ससुराल चले गए | इस बीच सज्जन कटारा वीरेंद्र वैषणव ब्लॉक अध्यक्ष पुरण मेनारिया और मुजीब सिद्दीकी उनसे मिलने पहुंचे और शहर जिलाध्यक्ष की शिकायत करते हुए बोले की उन्हें दावेदारों की लिस्ट नहीं दी गयी | तो प्रमोद भाया ने उनसे कहा की कोई बात नहीं अगर नहीं दी तो तुम भी अपने दावेदारों की सूचि अगले दो दिन में हम तक पहुंचा दो उसमे से भी निर्णय कर दिया जाएगा | ऐसे में जिन दावेदारों ने जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया के समक्ष अपने दावे रखे थे फ़ार्म भरे थे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है, उनका आक्रोश बढ़ रहा है, की जब इन लोगों से भी अलग से सूचि मांगनी थी तो तो इतने दिन तक कांग्रेस कार्यालय में फ़ार्म भरवाने के नाटक क्यों किये गए |
गौर तलब है कि जब इन पर्यवेक्षकों ने पहली बार विज्ञान समिति भवन में शहर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पहली बैठक की थी तब जोर शोर से गुट बाजी खत्म कर एक छत के निचे चुनाव लढने का आव्हान किया था लेकिन कल की इस घटना के बाद खुद ही गुट बाजी को और अधिक हवा देर कर चले गए |
शहर जिलाधयक्ष नीलिमा सुखाड़िया का कहना है की यदि सचिव वीरेंद्र वैषणव, ब्लॉक अध्यक्ष मुजीब सिद्दीकी और पुरण मेनारिया पार्षद के चुनाव लढने के इच्छुक है, तो उन्हें भी दावा लगना चाहिए यह अच्छी बात होगी और कांग्रेस को महापौर का दावेदार का विकल्प भी मिल जाएगा |
कांग्रेसियों की निर्दलीय चुनाव लढने की चेतावनी:
वार्ड ३५ के दावेदारों ने अन्य वार्ड के रहने वाले कांग्रेसी नेताओं का अपने वार्ड में दावा करने से नाराज़ होकर पार्टी के आला नेताओं और जिलाध्यक्ष को लिख कर दिया है कि यदि बाहर के प्रत्याशियों को टिकिट दिया तो उनके खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा जाएगा | जानकारी के अनुसार वार्ड ३५ के पांच दावेदार दिनेश पालीवाल, कैलाश आचार्य , के सी पुरोहित, श्रीकांत श्रीवास्तव, और विकास कच्छारा ने अपने वार्ड में अन्य वार्ड के निवासी केजी मूंदड़ा व् केके शर्मा के दावेदारी रखने से नाराज होकर दोनों जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया लाल सिंह झाला, पर्यवेक्षक प्रमोद भाया और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा को पत्र लिख कर चेताया की वार्ड ३५ में हम पांच दावेदारों में से किसी एक को टिकिट दिया जाए किसी अन्य नेता को इस वार्ड में पैराशूट बना कर नहीं उतारा जाए ऐसा अगर हुआ तो इन पांच दावेदारों में से कोई एक निर्दलीय चुनाव लड़ेगा पांचों दावेदारों का कहना है कि हम पार्टी के खिलाफ नहीं होंगे लेकिन अगर बाहर से कोई प्रत्याशी थोपा गया तो उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे |

उदयपुर में नीलोफर के लिए अलर्ट

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उदयपुर | अरब सागर से उठे नीलोफर तूफ़ान का असर उदयपुर में आने लगा है | गुरुवार सुबह से तापमान में गिरावट आते हुए आसमान में बादल छाए रहे | इधर राज्य सरकार ने भी उदयपुर सहित आठ राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया है | जिसको लेकर उदयपुर प्रशासन ने विभागों व्को अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है |
राजस्थान मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात कि दिशा उत्तर पूर्व होने से मेवाड़ में इसका प्रभाव हो सकता है | हालाँकि तब तक हवाओं कि रफ़्तार काफी कम हो जायेगी १० से १५ किलोमीटर प्रतिघंटे कि रफ़्तार से हवाएं चल सकती है और माध्यम दर्जे कि बारिश हो सकती है | नीलोफर का ही असर और दिशा को देखते हुए राज्य सरकार कि तरफ से भी उदयपुर सहित जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर श्रीगंगानगर, पाली व् सिरोही में अलर्ट जारी किया है | जयपुर मौसम विभाग के अनुसार अगले २४ घंटों में हवाएं चलना शुरू हो जायेगी और बारिश भी हो सकती है | आसमान अगले तीन दिनों तक बादलों से ढंका रहेगा | मेवाड़ में नीलोफर का अधिक असर ३१ अक्टूबर व् एक नवम्बर को देखा जा सकता है | इस सम्बन्ध में जिला कलेक्टर आशुतोष पेढणेकर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी अलर्ट के बाद उदयपुर जिले के सभी विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करदिये गए है तथा मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है | नगर निगम व् अन्य निकायों को भी अलर्ट करदिया गया है | जिला प्रशासन व् निकायों कि टीम सभी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है |

’’नई रोशनी’’ शिविर में अल्पसंख्यक महिलाओं ने जानी ज्ञान की रोशनी

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उदयपुर । अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के तत्वावधान एवं पायनियर एकेडमी शिक्षण संस्था उदयपुर द्वारा अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए आयोजित छह दिवसीय ’’ नई रोशनी शिविर ’’ का समापन समारोह बुधवार को पायनियर सीनियर सैकण्डरी स्कूल आजाद नगर में हुआ।
समापन समारोह की अध्यक्षता श्रीमती कृष्णा चौहान- जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक (प्रथम) ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भरत मेहता, उपनिदेशक माध्यमिक (शिक्षा) शिविर संरक्षक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रफीक अहमद खान, विशिष्ट अतिथि सहायक निदेशक माध्यमिक शिक्षा नरेश चन्द्र डांगी, श्रीमती शकीला अंसारी जिलाध्यक्ष राजस्थान अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी महासंघ अति.जिला परियोजना समन्वयक आरएमएसए इकबाल मोहम्मद शेख, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी इसरार मोहम्मद शेख, डा.कुसूम लता सहायक कृषि अधिकारी लियाकत हुसैन निजी सहायक (मा.शि.) मांगीलाल मेनारिया थे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने शिविरार्थियों को कुछ रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा दी। समारोह के दौरान शिविरार्थी शबनम बेगम, शबाना बानू एवं सविया खान आदि ने छह दिवसीय शिविर से प्राप्त नवीन ज्ञान व नवचेतना के बारे में जानकारी प्रदान की। शिविर प्रतिवेदन संस्था सलाहकार आरिप* बेग मिर्जा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान शिविरार्थियों को मानदेय चेक भी वितरित किये गये। समारोह के अन्त में अतिथियों एवं शिविरार्थियों का आभार प्रदर्शन सना मिर्जा ने किया।प् ा*ार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी अल्पसंख्यक मामलात विभाग मोहम्मद सलीम शेख ने किया।
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