उदयपुर, मेवाड की वल्र्ड रिकॉर्डधारी पांच विभूतियों का रविवार को बठिण्डा (पंजाब) में सम्मान किया गया। युनिक वल्र्ड रिकॉर्ड्स लिमिटेड के पश्चिमी भारत के मुख्य निर्णायक विनय भाणावत ने बताया कि युनिक वल्र्ड रिकॉर्ड्स की पांचवी वर्षगांठ पर होटल बहिया फोर्ट, बठिण्डा (पंजाब) में आयोजित भव्य समारोह में प्रबन्ध निदेशक सबब्बी मंगल द्वारा वल्र्ड रिकॉर्ड् धारक मेवा$ड की पांच विभूतियों का सम्मान किया गया। लेकसिटी के विनय भाणावत को करेंसी नोटों में 786 संख्या वाले नोटों के सर्वाधिक संग्रह पर, आशा भाणवत को नृत्य,वाद्य, वाद्य यंत्र, वादक एवं थियेटर पर विश्व में जारी डाक टिकटों के संग्रह पर, परवीन बानू को लगातार 34 घंटे तक हाथों में मेहन्दी लगाने पर, ब्रिटिश-इण्डिया एवं देशी रियासतों के दुर्लभ सिक्कों के संग्रह पर गोपाललाल पालीवाल एवं मावली निवासी भंवरलाल दुग्गड को भगवान महावीर पर भारत सरकार द्वारा जारी सिक्कों के सर्वाधिक संग्रह पर प्रमाण-पत्र, स्मृति चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर प्रबन्ध निदेशक सबब्बी मंगल द्वारा सम्मानित किया गया।
पीएम मोदी स्मार्ट शहर के लिए आपकी जेब से निकालेंगे रूपए!
Udaipur. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सरकार के पहले बजट में जिन 100 स्मार्ट सिटीज को बनाने का ऎलान किया है, वह देश के आम आदमी की गाढ़ी कमाई से बनाई जाएंगी।
एक साल में करीब 35,000 करोड़ रूपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत बनने वाले मकान सस्ते नहीं होंगे।
इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए नगर विकास मंत्रालय ने जो शुरूआती खाका तैयार किया है, उसमें इसके लिए रूपयों का बंदोबस्त आम आदमी की जेब से करने के कई उपाय सुझाए गए हैं।
इस के तहत आम लोगों से निजी वाहनों और व्यावसायिक वाहनों को बेचे जाने वाले ईंधन पर ग्रीन टैक्स, सुधार टैक्स, निजी और व्यावसायिक वाहनों की खरीद पर अर्बन टैक्स वसूले जाने का सुझाव दिया गया है।
मोदी सरकार को इससे 39 हजार करोड़ रूपए राजस्व के लाभ की उम्मीद है। नगर विकास मंत्रालय ने बताया है कि इस परियोजना पर अगले 20 सालों में 6.86 लाख करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है।
ये सारा पैसा 100 स्मार्ट सिटी के लोगों को 24 घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति करने, सभी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने, मजबूत और बेहतर यातायात व्यवस्था देने के अलावा अन्य कार्यो में खर्च होगा।
मंत्रालय अपने बनाए गए शुरूआती प्लान को लोगों के सामने ऑनलाइन पेश करने और उस पर लोगों से सुझाव मांगने की योजना बना रहा है। ये भी उम्मीद है कि इस परियोजना में प्राइवेट सेक्टर को भागीदार बनाया जाए और वहीं से एक विशेषज्ञ को इसका प्रमुख बना दिया जाए।
सबसे पहले यहां बन सकती हैं स्मार्ट सिटीज
देश में किन जगहों पर इन शहरों को बनाया जाएगा, इस पर अभी निर्णय लेना शेष है। लेकिन ऎसी उम्मीद है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सबसे पहले ये शहर बने ं। पहले चरण में गुड़गांव, सोनीपत, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत 35 सेेटेलाइट शहरों को स्मार्ट सिटी में बदला जा सकता है।
इसके बाद कोलकाता की साल्ट लेक सिटी, नवी मुंबई, बेंगलुरू में येलहांका और चेन्नई में कांचीपुरम को स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जा सकता है।
मंत्रालय इस बात पर भी विचार कर रहा है कि इन शहरों की जनसंख्या 10 लाख या 40 लाख तय की जाए। पूर्वोत्तर राज्यों में भी एक-एक स्मार्ट सिटी बनेंगी। इन शहरों के निर्माण के लिए कम से कम 5000 एकड़ |
एक दवा जिसके सेवन से बढ़ सकती है लोगों की उम्र
जयपुर। ब्रिटेन में हुए एक नए शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि एस्प्रिन के रोजाना सेवन से पेट और आंत के कैंसर का खतरा कम होता है। हालांकि इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह को जरूरी बताया गया है।
लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्रिटेन में 50 साल से अधिक उम्र के लोग दस साल तक एस्प्रिन का इस्तेमाल करते हैं, तो अगले दो दशक के बीच लगभग सवा लाख लोगों की उम्र लंबी हो सकती है।
एस्प्रिन के सेवन से आंतरिक रक्तस्राव का खतरा भी कम होता है। शोध में एस्प्रिन के इस्तेमाल से होने वाले फायदे और नुकसान से संबंधित करीब 200 अध्ययनों का आकलन किया गया है। इस दौरान एस्प्रिन के सेवन से पेट, आंत और ग्रासनली के कैंसर से होने वाली मौतों में 30 से 40 फीसदी की कमी देखी गई।
इस बात के भी शुरूआती संकेत मिले हैं कि स्तन, प्रोस्टेट और फेफड़े के कैंसर के मरीजों को भी ऎस्प्रिन के इस्तेमाल का फायदा होता है। शोध के मुताबिक एस्प्रिन का सेवन कम से कम 5 साल तक करने के बाद ही फायदा संभव है। हालांकि एस्प्रिन का इस्तेमाल कैंसर के खतरे को किस तरह कम करता है, इसका पता नहीं चल पाया है। इस दिशा में अभी और शोध की जरूरत है।
केवल 5999 मिलेगा आपके सपनों का स्मार्टफोन….
जयपुर। अब जल्द ही आप बजट कीमत पर महंगे फोन फीचर्स का आनंद उठा पाएंगे।
शाओमी ने बजट रेडमी 1एस स्मार्टफोन बाजार में लॉन्च कर दिया है।
डयूल सिम युक्त यह फोन केवल 5999 रूपए में ही उपलब्ध करवाया गया है हालांकि पहले इसे 6999 रूपए की कीमत पर पेश किया गया था।
एक टीवी चैनल की खबर के अनुसार ग्राहक इसे मंगलवार शाम से ही फ्लिपकार्ट डॉट कॉम पर रजिस्टर करवा सकते हैं जबकि इसकी पहली सेल 2 सितंबर से चालू होगी।
शाओमी को चीन का एपल बोला जाता है। इसके एमआई-3 का जादू यूजर के सिर चढ़कर बोला था। इसके अलावा रेडमी नोट नाम से एक और जबरदस्त स्मार्टफोन भी लॉन्च करेगी। अभी तक लॉन्च की तारीख तय नहीं की गई है।
शाओमी रेडमी 1एस की कम कीमत और शानदार फीचर्स और परफॉरमेंस इसकी जान होंगे। इस कीमत के साथ यह फोन मोटोरोला मोटो ई, एस्युस जेनफोन4 और माइक्रोमैक्स केनवस फायर-2 जैसे कई सारे पॉपुलर एंट्री लेवल स्मार्टफोन्स को कड़ी टक्कर देने वाला है।
शाओमी रेडमी 1एस स्मार्टफोन के खास फीचर्स इस प्रकार होंगे:-
स्क्रीन
4.7 इंच की आईपीएस डिस्प्ले विद 720*1280 पिक्सल रिजॉल्यूशन एंड कॉर्निंग ग्लास प्रोटेक्शन
प्रोसेसर
1.6 गीगाहर्ट्ज क्वालकॉम प्रोसेसर,
मैमोरी
1जीबी रैम और 8जीबी इंटरनल मेमोरी
सॉफ्टवेयर
एंड्रॉयड 4.3 जेलीबीन आधारित एमआईयूआई ऑपरेटिंग सिस्टम
कैमरा
8 एमपी कैमरा विद एलईडी फ्लैश, ब्रस्ट मोड, ऑटो फोकस, जीरो शटर लेग, एचडीआर और रीयल टाइम फिल्टर ऑप्शंस।
वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के लिए 1.3 एमपी फ्रंट कैमरा
कनेक्टिविटी
ब्लूटुथ 4.0, वाय-फाय, जीपीएस, ए-जीपीएस, ग्लोनास सपोर्ट जैसे कनेक्टिविटी ऑप्शंस
बैटरी
कंपनी ने इसमें 2400 एमएएच की बड़ी बैटरी दी है जो काफी लंबे समय तक चलती है।
एयर इंडिया का खास ऑफर 100 रूपये में कराएगा हवाई सफर
udaypur. हजारों फीट की उंचाई पर विमान से यात्रा करने के बार में सोच रहे हैं तो आपको इससे अच्छा मौका नहीं मिलने वाला है।
सिर्फ 100 रूपये में आप हवाई यात्रा कर देश में कहीं भी पहुंच सकते हैं।
यह शानदार मौका ग्राहकों को विमानन कंपनी एयर इंडिया दे रही है।
एयर इंडिया की इस स्कीम का फायदा आप 27 अगस्त से 31 अगस्त के बीच टिकट बुक कर उठा सकते हैं।
स्कीम का लाभ उठाते हुए ग्राहक 27 अगस्त से 30 सितंब तक की टिकट बुक करा सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि इस 100 रूपये के टिकट में टैक्स को शामिल नहीं किया गया है।
दरअसल सात साल पहले 27 अगस्त 2007 को ही एयर इंडिया का इंडियन एयरलाइंस में विलय हुआ था।
विमानन कंपनी 27 अगस्त को एयर इंडिया दिवस के रूप में मना रही है। इस अवसर पर कंपनी ने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करते हुए यह स्कीम जारी की है।
ध्यान रखने वाली बात यह कि कंपनी की वेबसाइट पर इस स्कीम के तहत टिकट की बुकिंग 27 अगस्त से 31 अगस्त तक ही की जा सकेगी।
स्कीम का लाभ उठाकर यात्री 27 अगस्त से 30 सितंबर के बीच की टिकट बुक कराकर यात्रा कर सकेंगे।
इस अवसर पर कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि ऎसा पहली बार हो रहा है कि कंपनी एयर इंडिया दिवस मनाने जा रही है।
इस दिन को विशेष बनाने के लिए कंपनी ने कुछ चुनिंदा कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित भी करने वाली है।
कंपनी की वेबसाइट कर रही ग्राहकों को परेशान
यह आप भी जानते हैं कि ऎसे ऑफर कभी-कभी ही आते हैं। ऑफर की जानकारी होते ही भारी संख्या में लोग एयर इंडिया की वेबसाइट पर विजिट करने लगे।
यूजर्स का लोड वेबसाइट पर इस कदर बढ़ा कि वेबसाइट ही क्रैश हो गई। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि ज्यादा ट्रैफिक आ जाने से वेबसाइट क्रैश कर गई।
वैसे यह ऑफर का पहला दिन था इसलिए ऎसा हुआ। अगले चार दिनों तक यह ऑफर जारी रहेगा, ग्राहक सहजता से अपनी टिकट बुक करा सकेंगे।
विमानन कंपनियों में लगी होड़
बताते चलें कि इन दिनों हवाई यात्रा करने की इच्छा रखने वाले लोगों की चांदी है।
कई विमानन कंपनियों ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए सस्ते टिकट की स्कीम जारी की है। इसमें स्पाइस जेट ने पहला कदम उठाया था और उसके एयर एशिया ने 600 रूपये की स्कीम जारी की थी।
डूंगरपुर में अधेड़ ने की आत्महत्या में पार्टनर पर आरोप, पुलिस को मिले सुसाइट नोट
डूंगरपुर. शहर के चमनपुरा घाटी क्षेत्र निवासी एक वृद्ध की सोमवार सुबह मौत हो गई। परिजनों ने पैसे के लेनदेन को लेकर साझेदार को जिम्मेदार ठहराया। चमनपुरा घाटी निवासी मोहम्मद ईशाक कुरैशी (63) पुत्र फतह मोहम्मद गौरी को सोमवार सुबह उसकी पत्नी फरीदा तथा पुत्री हवरा ने कमरे में बेसुध देखा। उन्होंने उसके हाथों पैरों की नसें कटी हुई व उससे खून बहता देखा। मां-बेटी के चिल्लाने पर आसपास के लोग एकत्र हुए तथा ईशाक को लेकर सामान्य चिकित्सालय पहंुचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए और बाद में कोतवाली पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने मौका मुआयना कर शव को चिकित्सालय के मुर्दाघर पहुंचाया।
मृतक के रिश्तेदार घाटी खाडिया निवासी उस्मान पुत्र मोहम्मद इशहाक ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया कि मृतक ईशाक का कुवैत में कार्यरत उसके साझेदार अल्ताफ एहमद से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसे लेकर वह मानसिक तनाव में था।
पुलिस ने कमरे में सारे कागजात व दस्तावेजों को कब्जे में लेकर टटोला। इस दौरान बेड के नीचे एक कापी के पांच पन्नों पर लिखा सुसाइड नोट भी पुलिस ने बरामद किया। इस पर 24 अगस्त, 14 की तारीख अंकित है। इसमें मृतक ने खुदकशी करना तथा इसका जिम्मेदार अल्ताफ एहमद को बताया है। लोहे के किवाड़ लगी अलमारी से एक स्टाम्प पेपर भी मिला। इसमें मृतक व अल्ताफ के बीच खाड़ी संकट की राशि को लेकर आपसी इकरारनामा लिखा है।
नायलॉन की रस्सी के टुकडे मिले
पुलिस को कमरे से नायलॉन की रस्सी के टुकडे, गठान लगी रस्सी व रस्सी का बंडल भी मिला। इससे मृतक के फंदे पर लटकने की पुष्टि भी हुई। पुलिस ने कमरे से एक चाकू, छोटी कैची, खून से सनी चादरें आदि भी कब्जे में ली। पुलिस ने मृतक की पत्नी और परिजनों से आवश्यक पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार मृतक ने पंखे के लोहे के हुक में रस्सी डाल उसका फंदा लगाया था।
तिरूपति बालाजी की तर्ज पर हो नाथद्वारा का विकास : मुख्यमंत्री
उदयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मंगलवार को उदयपुर के क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान में नाथद्वारा मंदिर विकास योजना के बारे में नाथद्वारा टेम्पल बोर्ड से संबंधित बैठक ली।
श्रीमती राजे ने कहा कि नाथद्वारा मंदिर का विकास एवं प्रबंधन तिरूपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर होना चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्घालुओं एवं पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं होने के साथ उन्हें हर प्रकार की सुविधा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण का प्रथम चरण पूरा हो गया है। उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा, लाल बाग व अन्य स्थानों पर बचे हुए विकास कार्यों को समयबद्घ तरीके से पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा में होने वाले विकास कार्य स्थानीय निवासियों को विश्वास में लेकर करें।
श्रीमती राजे ने कहा कि गोवर्धन पर्वत के सामने स्थित दूसरी पहाडी पर वन भूमि में सुन्दर वृक्षारोपण करवाया जाना चाहिए। मंदिर तक पहुंचने वाले १२० फीट चौडे रास्ते का कार्य भी मई २०१५ तक पूरा कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा शहर की जनता व यहां आने वाले पर्यटकों और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए सीवरेज योजना को शीघ्र पूरा किया जाये। इससे नदी का पानी भी साफ रहेगा और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट से निकलने वाले पानी का अन्यत्र उपयोग भी किया जा सकेगा।
बैठक के बाद बाहर निकलकर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा की पिछली बार भाजपा सरकार में जो मंदिर के काम शुरू किये थे उनकी क्या स्थिति है इस बारे में आज बैठक बुलाई गई थी और भविष्य में मंदिर के विकास के लिए क्या-क्या करना चाहिए इस बार में चर्चा की गयी।
बैठक में राजसमन्द के सांसद हरिओम सिंह राठौड, विधायक कल्याण सिंह, मुख्य सचिव राजीव महर्षि, अति. मुख्य सचिव (देवस्थान) अशोक शेखर, संभागीय आयुक्त वैभव गालरिया, राजसमन्द कलक्टर के.सी. वर्मा, आर्किटेक्ट निरंजन हीरानंदानी, टेम्पल बोर्ड के निष्पादन अधिकारी जगदीश चन्द्र पुरोहित भी मौजूद थे।
बच्चा नहीं होने पर पत्नी की हत्या
पति की पिटाई के बाद अस्पताल में हुई मौत, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
उदयुपर। झाड़ोल कस्बे में बच्चा पैदा नहीं होने पर एक व्यक्ति ने उसकी पत्नी की जोरदार पिटाई की, जिसकी मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। विवाहिता के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गोदवाड़ा (फलासिया) निवासी देवीलाल पुत्र नगाजी गमेती ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता ने लगभग ड़ेढ साल पहले उसकी बहन नकुड़ी की शादी खोरिया (झाड़ोल) निवासी नक्का गमेती पुत्र दीता गमेती के साथ की थी, लेकिन शादी के बाद उसकी बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। इससे ससुराल पक्ष काफी नाराज था। सोमवार को उसके दामाद नक्का ने उसकी बहन नकुड़ी की जोरदार पिटाई कर दी। गंभीर घायल हालत मेें उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
वकीलों को फिर मिला ठेंगा। हाईकोर्ट बैंच दूर की कोडी …
हाईकोर्ट बैंच आंदोलन का दबाव खत्म होते ही बदले सरकार के सुर
उदयपुर। उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना को लेकर कैबिनेट ब्रीफिंग के बाद सरकार के सुर बदल गए हैं। कल वकीलों के आंदोलन को देखते हुए दबाव में आई मुख्य सेवक वसुंधरा राजे ने वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाया और विधि मंत्री को कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, लेकिन जब शाम को चिकित्सा सेवक राजेंद्र राठौड़ पत्रकारों को कैबिनेट ब्रीफिंग कर रहे थे, तब एक सवाल के जवाब में श्री राठौड़ ने कहा कि मामला राज्य सरकार के दायरे में नहीं है। इसका निर्णय उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय और केंद्र सरकार के हाथ में है। जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को प्रस्ताव भेजेगी तो वे बात को टालते हुए निकल गए।
उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना को लेकर पिछले ३० सालों से आंदोलन चल रहा है। मेवाड़ के नेता जब सत्ता में होते हैं तो आंदोलन को लेकर उनका रूख नरम हो जाता है, जबकि विपक्ष में होते हैं, तो मेवाड़ की आदिवासी जनता और वकीलों का समर्थन पाने के लिए आंदोलन के साथ हो जाते हैं। ऐसे नेताओं में जहां कांग्रेस में डॉ. गिरिजा व्यास और डॉ. सीपी जोशी का नाम आता हैं तो भाजपा में गुलाबचंद कटारिया, कैलाश मेघवाल और शांतिलाल चपलोत का नाम लिया जाता है।
इन नेताओं ने सत्ता में रहते हुए कभी भी आंदोलन को समर्थन नहीं दिया जबकि विपक्ष में होने पर तुरंत समर्थन के लिए आगे आते हैं। अगर ये प्रबल इच्छा शक्ति के साथ सरकार के सामने मेवाड़ की इस मांग को पुरजोर तरीके से रखते तो शायद मांग कब की पूरी हो चुकी होती। ऐसा मेवाड़ की आदिवासी जनता और वकीलों का मानना है।
॥मुख्य सेवक व चिकित्सा सेवक अगर अलग-अलग बात कर रहे हैं तो यह लोग धोखा दे रहे हैं। यह मेवाड़ की जनता के साथ विश्वासघात होगा। सर्किट बैंच देना राज्य सरकार के हाथ में है। इस सारे मामले में स्थानीय विधायक और काबीना सेवक गुलाबचंद कटारिया का कोई रोल नहीं रहा है।
– भरत जोशी, अध्यक्ष उदयपुर बार एसोसिएशन
॥कल हमने मुख्य सेवक से बात की थी। उन्होंने बात ध्यान से सुनी। विधि सेवक से बात करके आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अगर शाम को चिकित्सा सेवक राजेंद्र राठौड़ बात को टाल रहे हैं तो मुख्य सेवक की बात को टाला जा रहा है। सर्किट बैंच राजस्थान सरकार जब चाहे, तब स्थापित कर सकती है। मेवाड़ के नेता विपक्ष में होते हैं तो हाईकोर्ट बेंच के पक्ष में होते है और सरकार में होते हैं तो इन्हें सांप सूंघ जाता है। कोई नहीं बोलता। चाहे वह गुलाबचंद कटारिया हो या डॉ. सीपी जोशी।
– रमेश नंदवाना, संयोजक, मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति
॥राजस्थान सरकार की सहमति से यहां पर सॢकट बैंच आ सकती है। इसके लिए हमने कल मुख्य सेवक को पूरी विधि सहित जानकारी दी। इस पर उन्होंने कल विधि सेवक से चर्चा करके जयपुर बुलाया है। हां ये जरूर है कि इस मांग को लेकर मेवाड़ के नेताओं में इच्छाशक्ति का अभाव है, लेकिन गुलाबचंद कटारिया हमारे साथ है। वे इस मामले में लगातार सरकार से बात कर रहे थे।
-शांतिलाल पामेचा, वरिष्ठ अधिवक्ता
भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में मुख्यमंत्री के प्रति आक्रोश …
उदयपुर | उदयपुर संभाग में सरकार आपके द्वार आकर चली गयी लेकिन सरकार कि मुखिया से उसी की पार्टी के लोग नाराज़ हो चले है और उनमे खुद को उपेक्षित रखने का आक्रोश भी है | सरकार दस दिन यहां रही लेकिन मुख्यमंत्री एक भी दिन समय निकाल कर अपने ही पाट्री के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नहीं मिली इस बात का भाजपा के शहर के पदाधिकारियों और उनके साथ काम करने वाले आम कार्यकर्ताओं में भारी रोष है|
मुख्य मंत्री के जाने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नहीं मिलना कार्यकर्ताओं में रोष का विषय बनता जा रहा है | पार्टी के पदाधिकारी तो यहां तक कह रहे है कि चुनाव के पहले कार्यकर्ताओं से और हमसे मतलब था तो हमारे बीच में आगयी लेकिन अब कार्यकर्ता तो दूर स्थानीय पदाधिकारियों से एक मीटिंग तक रखना मेडम को गवारा ना हुआ | शहर के एक बड़े पदाधिकारी ने तो मुख्य मंत्री के सरकार आपके द्वार दौरे पर ही सवालिया निशान लगा दिया और कहा कि महलों में रहने की आदि महारानी को समझना चाहिए कि मीडिया को दिखाते हुए एक टुकड़ा रोटी का चटनी के साथ खा लेने से गरीब का दर्द दूर नहीं होता जो मुख्य मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ जाजम पर बैठ कर उनके दुःख दर्द नहीं सुन सकती उनकी जन सुनवाई नहीं कर सकती तो जनता के लिए क्या करेगी | उन्हें सिर्फ लोगों को और मिडिया में दिखाना है इसलिए दस दिन तक नौटंकी की |
कार्यकर्ताओं में इस बात का आक्रोश भी था कि उदयपुर शहर मेवाड़ का और पुरे संभाग का केंद्र है | और कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभाग की सारी सीटें लोकसभा में भाजपा के खाते में आई है | और विधान सभा में भी भारी जीत हुई | आज उन्ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दरकिनार कर दिया गया | एक पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकते वर्ना ऐसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमे काम ही नहीं करना है | और इसका परिणाम कही ऐसा नहीं हो आने वाले नगर निगम के चुनाव में देखना पड़ जाय |
मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे १४ अगस्त को उदयपुर आई थी और राज्य स्तरीय स्वतन्त्रता समारोह का कार्यक्रम कर १६ से सरकार आपके द्वार के अंतर्गत यही रही | इस बीच एक भी स्थानीय पार्टी के पदाधिकारियों य कार्यकर्ताओं की बैठक नहीं रखी गयी | यही नहीं कई मंडल अध्यक्ष व् अन्य कई पदाधिकारियों के पास तो राज्य स्तरीय स्वतन्त्रता समारोह के कार्ड तक नहीं पहुंचे | जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट भी १५ अगस्त की पूर्व संध्या पर सहेलियों की बाड़ी में होने वाले एट होम कार्यक्रम में कार्ड होते हुए भाग नहीं लिया क्यों कि उनका मानना था कि मेरे किसी पदाधिकारी के पास आमंतण पत्र नहीं है में अकेला कैसे जा सकता हु | सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के पूर्व एक राज्य स्तरीय बैठक रखी गयी वह भी चुंण्डा पैलेस में जहां आम कार्यकर्ताओं या अन्य कोई भी जिले के पदाधिकारियों को जाने की अनुमति नहीं थी | उसके बाद पुरे जिले में दस दिनों तक कोई भी ऐसी बैठक नहीं रखी गयी जिसमे आम कार्यकर्ता या पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर सकें | मुख्यमंत्री का महलों में रुकना भी चर्चा का विषय बना रहा | यहाँ जितने दिन रुकी या तो देवी गढ़ पैलेस में या फिर होटल लीला में जहां सिर्फ वीआईपी लोग ही पहुंच सकते है | आखरी दिन २४ अगस्त को शहर जिलाध्यक्ष और देहात जिलाध्यक्ष को जरूर देवीगढ़ में औपचारिक मुलाकात के लिय बुलाया था |




