बहिष्कार के बाद भी वकील कर रहे है अपना काम

– जयपुर बार के समर्थन में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के बावजूद अदालतों में हो रहा है काम

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उदयपुर। जयपुर में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के टकराव के कारण न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा को उदयपुर बार एसोसिएशन द्वारा पूर्ण समर्थन देने की घोषणा के बावजूद कामकाज रोजमर्रा की तरह हो रहे हैं। कामकाज को देखकर बहिष्कार की घोषणा पूर्णत: बेअसर है।
गौरतलब है कि जयपुर में बार एसोसिएशन और न्यायिक अधिकारियों के बीच अवमानना कार्रवाई को लेकर कथित विवाद के चलते जयपुर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर रखा है। गत दिनों जयपुर में अधिवक्ताओं की हुई प्रदेशव्यापी महापंचायत में उदयपुर बार एसोसिएशन ने भी बहिष्कार को समर्थन देते हुए अनिश्चितकालीन बहिष्कार की घोषणा की थी। इसके बावजूद रोजमर्रा की तरह सभी अधिवक्ता अपना काम कर रहे हैं। कोर्ट में बयान हो रहे हैं। न्यायिक कार्य सुचारू रूप से हो रहे हैं। जयपुर बार एसोसिएशन के समर्थन में इस बार की हड़ताल सिर्फ सांकेतिक बन कर रह गई है। उदयपुर के अधिवक्ताओं का कहना है कि पिछले एक महीने से किसी न किसी मुद्दे पर न्यायिक कार्यों का बहिष्कार हो रहा है। ऐसे में लगातार न्यायिक कार्योंं का बहिष्कार कर काम को ज्यादा लम्बा नहीं खींच सकते।

तमाशा बन गई मजदूर की लाश

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उदयपुर। शहर के न्यू भूपालपुरा स्थित मदन जोधपुर डेयरी के निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर आज सुबह एक श्रमिक की लाश फांसी के फंदे से संदिग्ध हालात में लटकी मिली। सुबह चार बजे डेयरी के मालिक विक्रम बोराणा ने भूपालपुरा पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मौताणे के डर से लाश को नहीं उतारा। दोपहर बाद तक लाश यूं ही लटकी रही। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद ही लाश को उतारा जाएगा।
पुलिस के अनुसार फलासिया निवासी मांगीलाल (२५) पुत्र कालूराम खराड़ी उदयपुर में मजदूरी करता था। छह माह पूर्व उसने मदन जोधपुर डेयरी के निर्माणाधीन मकान में काम किया था। तब से मांगीलाल की डेयरी मालिक से अच्छी पहचान हो गई थी। इन दिनों मांगीलाल एक ठेकेदार के अधीन मार्बल घिसाई का काम करता था। विक्रम से अच्छी पहचान के कारण वह उसके निर्माणाधीन भवन में रात को आकर सोता था। मांगीलाल चार दिन पहले ही गांव से आया था। बीती रात वह सोने के लिए यहां आया, जहां निर्माणाधीन भवन के चौकीदार से उसकी बात हुई। मांगीलाल ने चौकीदार को बताया कि जिस ठेकेदार के अंडर वह काम करता है, वह उसका मेहनताना नहीं लौटा रहा है और मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसके बाद मांगीलाल ने खाना बनाया और खाकर सो गया।
आज सुबह चार बजे किसी राहगीर ने विक्रम बोराणा को उसके निर्माणाधीन भवन में फांसी के फंदे से लाश लटकी होने की सूचना दी। विक्रम ने वहां पहुंचकर पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मृतक के परिजनों की मौताणे की आशंकित मांग को लेकर पुलिस ने लाश को फंदे से नहीं उतारा। लाश परिजनों के इंतजार में दोपहर बाद तक लटकी रही। परिजनों के आने के बाद लाश को उतारा जाएगा। दोपहर में डिप्टी मुरलीधर किराडु, सुखेर थानाधिकारी हरेन्द्रसिंह सौदा, एएसआई कैलाशसिंह व कांस्टेबल भगवतीलाल मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया।
॥मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। उनके आने पर ही लाश को उतारा जाएगा।
जीएन पुरोहित, पुलिस महानिरीक्षक

Vedanta “Khushi” Raju Banega Gentleman

Vedanta Khushi - Raju at a tea stallRaju, a small child of about 7 years old, living in a place in district Kanpur in Uttar Pradesh, was always on lookout of some mischief. His father has a small tea-stall on the road-side. His mother also helps in tea-stall during rush hours. Raju has a sister about 4 years younger to him.

Both brother and sister go to school. Raju goes for formal school and the younger sister in the play school, rather a nearby house where the land lady has organized some toys, few playful activities and refreshment to attract children. Accordingly, she charges a nominal amount and that has become a source of livelihood for her.

Raju does not like coming to his father tea-stall and he wants to become a teacher like his maths teacher who comes in a motor-bike and wears good clothes and has a concrete house. Raju lives in a small hut shaped house that gives passage to water when it rains.

Raju father’s does not want him to study further as he feels that he should handle the tea-stall as early as possible. Thus every day he forcibly makes Raju sit in small shop and calculate the daily sales. His father also sometimes asks him to serve tea to customers which Raju just hates.

Many times Raju has told his parents that he does not want to do this work and wants to concentrate in studies and become a teacher. But his parents would not listen. One day his father slapped him and scolded him and threatened him that he would not send him to school from tomorrow if he refuses to sit on the tea-stall.

Next day Raju decided to inform his school Principal about all what happened. He even cried and told his Principal that he would run away from house if his father kept insisting this. That night he did not go home and stayed at the house of his Principal. Principal sent a message to Raju’s father that his son would stay with him tonight and he should meet him next morning. Next morning Raju’s father went to meet the Principal. Principal scolded his father and told him that he is on the side of Raju and that he should not ask Raju to sit in his tea-stall. He also informed him that if he continues to do so he would be destroying the future of Raju. The father understood that the matter was serious and is not mere a child’s ego.

He promised the Principal that from now he would only encourage his children to study and not involve them into tea-stall work. He also promised that Raju can study as much he wants and one day “Raju Banega Gentleman”.

देवास का सपना अभी भी अधूरा

0उदयपुर | भले ही बजट सात महीने का है, लेकिन मेवाड़ इसलिए उम्मीदें संजोए बैठा था कि विधानसभा में 28 में से 25 और लोकसभा में चारों सीटें भाजपा को दी थीं। ज्यादातर चेहरे भी नए थे। मेवाड़ की २५ साइट लाने का श्रेय काफी हद तक मेवाड़ के नेता एवं कैबिनेट मंत्री गुलाबचंद कटारिया को भी जाता है और कटारिया के महत्वाकांक्षी देवास प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं मिला। सिवाय दूसरे चरण के लगभग हो चुके काम को इसी साल में पूरा करवाने पर बल देने के। अभी देवाद ३ और ४ चरण मुख्य थे लेकिन उसके लिए मेवाड़ को कुछ नहीं मिला |

क्या है देवास परियोजना :
देवास प्रथम प्रोजेक्ट के तहत अलसीगढ़ की पहाडि़यों में 34 फीट पूर्ण भराव क्षमता वाला बांध बनाया गया। इसका पानी झीलों में लाने के लिए करीब सवा दो किलो मीटर लंबी टनल बनाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाडिया ने शहर में भविष्य की पेयजल व्यवस्था के लिए इस प्रोजेक्ट की कल्पना की थी। वर्ष 1974 में बने प्रोजेक्ट की कुल लागत 206 करोड़ 66 लाख आई। सिंचाई विभाग जलदाय विभाग ने मिलकर यह खर्च वहन किया।
वर्ष 2006 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 379 करोड़ है। प्रोजेक्ट में 85 एमसीएफटी भराव क्षमता वाले मादड़ी डैम, 302 एमसीएफटी भराव क्षमता वाले आकोदड़ा बांध,1.2 किमी लंबी लिंक टनल 11.05 किमी लंबी मैन टनल शामिल है।
देवास प्रोजेक्ट 3 4 के तहत गोगुंदा क्षेत्र में नाथियाथल अंबावा क्षेत्र में 500, 500 एमसीएफटी भराव क्षमता के दो बांध प्रस्तावित हैं। देवास 4 का पानी 3 तक लाने 4.3 किमी लंबी सुरंग (टनल) बनेगी। देवास 3 का पानी देवास 2 आकोदड़ा बांध तक लाने 11.04 किमी लंबी सुरंग बनेगी। इस सुरंग से पानी ग्रेविटी (प्राकृतिक प्रवाह) से देवास 2 के तहत बन रहे आकोदड़ा बांध में आएगा। यहां से पानी देवास 2 की मुख्य सुरंग से होता हुआ झीलों तक पहुंच सकेगा। प्रोजेक्ट की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम अंतिम चरण में है।

प्रोजेक्ट पूरा होने पर आकोदड़ा मादड़ी बांध का पानी एक साथ शहर की झीलों की आेर डायवर्ट किया जा सकेगा। दूसरी तरफ देवास प्रथम बांध का पानी भी साथ-साथ आएगा। पहले पीछोला भरेगा,उसके बाद फतहसागर और इन दोनों के ओवरफ्लो होने पर पानी उदयसागर होता हुआ वल्लभनगर बड़गांव बांध तक भी पहुंचेगा। अतिरिक्त आवक होने से यह पानी बीसलपुर बांध तक भी पहुंचाया जा सकेगा। तीनों बांध नदी पर बने हुए हैं एेसे में इनमें एक सीमा तक पानी का स्टोरेज भी रहेगा, जो झीलों की ओर डायवर्ट किया जा सकेगा।

कॉमर्स कॉलेज में जमकर हंगामा, बढ़ाई 100 सीटें

rpkgonl011150720144Z49Z02 AMउदयपुर.प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए सबसे अधिक मारमारी वाले कॉमर्स कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को खूब हंगामा किया। छात्र नेता प्रशासनिक भवन के अन्दर घुस गए, जहां प्रशासनिक अधिकारियों से उनकी जमकर तकरार हुई। इसके बाद बीकॉम में 100 व एमकॉम के सभी विषयों में 20-20 सीटें बढ़ा दी गई। अब प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को मंगलवार सुबह 9 बजे काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है, जिन्हें मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।

सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र नेता हिमांशु चौधरी, सुविवि के पूर्व अध्यक्ष परमवीर सिंह चूण्डावत आदि के नेतृत्व में छात्र प्रशासनिक भवन में घुस गए। वहां लगभग घंटेभर वार्ता चली। वाणिज्य महाविद्यालय के डीन प्रो. विजय श्रीमाली ने बताया कि कॉलेज में पहले ही 800 से बढ़ाकर 1100 सीटें की जा चुकी हैं। विवि प्रशासन ने भी सीटें बढ़ाने में असमर्थता जताई लेकिन छात्र नेता अडे रहे। आखिरकार कॉमर्स कॉलेज प्रशासन ने विवि से लाइब्रेरी की सुविधा के लिए अतिरिक्त संसाधन देने पर सीटें बढ़ाने पर सहमति जताई। वहीं एमकॉम में 20 सेल्फ फाइनेंस की सीटें बढ़ाना भी तय हुआ।

साक्षात्कार 16 को
कॉमर्स कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी के सभी अभ्यर्थियों को 16 जुलाई को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। इसके बाद कॉलेज में गुरूवार से कुछ विषयों में विधिवत सेशन शुरू कर दिया जाएगा।

त्रुटियां दूर करने की मांग
साइंस कॉलेज में छात्र नेता नरेन्द्र पाल सिंह अहाड़ा के नेतृत्व में परिणामों की त्रुटियां दूर करने की मांग की गई। छात्रों ने बाद में कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा।

आट्र्स में सेशन शुरू
कला महाविद्यालय में सोमवार को विधिवत सेशन शुरू हो गया। पहले दिन छात्र नेता मोहित नायक के नेतृत्व में विद्यार्थियों का स्वागत किया गया व टाइम टेबल के बारे में बताया गया। – See more at: http://rajasthanpatrika.patrika.com/news/fiercely-commotion-extendable-to-100-seats/1166314.html#sthash.ORFm3BRU.dpuf

उदयपुर के एम बी हॉस्पिटल में बनेगी सुपर स्पेिशएलिटी विंग

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उदयपुर. राज्य बजट में संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल राजकीय अस्पताल (एमबी) में सुपर स्पेशिएलिटी विंग के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ है। इससे यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व रेडियोलॉजी सहित कार्डियो थोरोसिक, गेस्ट्रोंएंट्रो व प्लास्टिक सर्जरी विभाग में आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इसके चलते अहमदाबाद और जयपुर तक उपचार के लिए निर्भरता कम होगी।

एक छत के नीचे होगी सारी सुविधा

सुपर स्पेिशएलिटी चिकित्सा सेवाओं में एक ही छत के नीचे सभी विभाग होंगे। रोगी व उसके परिजनों को बेवजह दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विंग में आने के बाद मरीज को बिना समय गवाएं संबंधित विभाग से उपचार मुहैया होगा। आधुनिक मशीनें और स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे | बजट घोषणा के बाद एमबी अस्पताल में स्पेशिएलिटी विंग में उच्च स्तरीय ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू व वार्ड बनेंगे। इसमें मरीजों का आधुनिक चिकित्सा पद्धति से उपचार होगा। वहीं इमरजेंसी व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी।

अहमदाबाद और जयपुर जाने से मिलेगी मरीजों को निजात

यूरोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रो सर्जरी जैसे विभाग एमबी अस्पताल में नहीं हैं। इसके चलते शहर और संभागभर के संबंधित रोगियों को अहमदाबाद व जयपुर जाना पड़ता है। इसमें काफी खर्च आता है और समय भी ज्यादा लगता है।

वर्तमान में यूरोलॉजी- यह विभाग करीब पांच सालों से बंद पड़ा है। संभाग और अन्य राज्य से आने वाले रोगी भी यहां आते हैं।

कार्डियो थोरोसिक सर्जरी- विभाग में महज एक ही विशेषज्ञ हैं। वहीं एक रेजिडेंट के भरोसे संभाग के मरीजों का उपचार होता है।

नेफ्रोलॉजी- विभाग में एक विशेषज्ञ होने से निशुल्क डायलिसिस नहीं मिलने से मरीजों को निजी अस्पताल तक जाना पड़ता है।

गेस्ट्रोएंट्रो सर्जरी – वर्तमान में यह विभाग ही नहीं है। औपचारिकता के बाद मरीजों को जयपुर रेफर किया जाता है।

 

दाढ़ी कटवाओ तब ही मिलेगा इस स्कूल में प्रवेश क्यों कि यहां इबादत है गुनाह

मुस्लिम छात्र को नियत (मन्नत) रखने पर स्कूल से निकाला, तीन साल से पढ़ रहे होनहार छात्र को किया बाहर, धार्मिक भावनाओं को प्रिंसीपल ने पहुंचाई ठेस

unnamedउदयपुर। इबादत के माह रमजान में दाढ़ी रखने की नियत (मन्नत) एक होनहार मुस्लिम छात्र को उस समय भारी पड़ गई, जब प्रिंसीपल ने उसे स्कूल से बाहर निकाल दिया। प्रिंसीपल ने फरमान जारी कर दिया कि इस छात्र को आगे की क्लास में तभी एडमिशन दिया जाएगा, जब वह दाढ़ी कटवाकर आएगा, लेकिन मुस्लिम धर्म के अनुसार एक बार नियत रखने के ४० के भीतर दाढ़ी नहीं कटवाई जा सकती। इस वजह से मुस्लिम छात्र और उसके परिजन मुश्किल में आ गए हैं। मामले को लेकर स्कूल की प्रिंसीपल के खिलाफ जिला कलेक्टर को भी शिकायत की गई है।
मामला सेक्टर तीन स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल का है, जहां छात्र मोहम्मद सलीम तीन साल से पढ़ाई कर रहा है। सत्र 2013-14 में सलीम ने दसवीं क्लास फस्र्ट डिवीजन से पास की थी, लेकिन स्कूल की प्रिंसीपल हेमा छाबड़ा ने उसको आगे की क्लास में एडमिशन देने से मना कर दिया।
छात्र सलीम ने बताया कि उसने प्रिंसीपल से निवेदन भी किया कि अब वह दाढ़ी नहीं कटवा सकता, क्योंकि मुस्लिम धर्म के अनुसार एक बार नियत रखने के बाद फिर उसे वापस नहीं लिया जा सकता, लेकिन प्रिंसीपल ने सलीम की बात नहीं मानी और अपनी जिद पर अड़ी रहीं। छात्र के परिजन भी प्रिंसीपल को समझाने गए, तो प्रिंसीपल ने पहले तो प्रतिशत का हवाला देकर कहा कि कम प्रतिशत में साइंस में एडमिशन नहीं हो सकता। जब परिजनों ने बताया कि सलीम ने दसवीं कक्षा में ७० प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं, तो प्रिंसीपल ने अपना पैंतरा बदल कर छात्र की दाढ़ी कटवाने की शर्त रख दी। उसने परिजनों को भी कह दिया कि जब तक सलीम दाढ़ी कटवाकर नहीं आएगा, तब तक एडमिशन नहीं होगा।
पढ़ाई में होनहार : सलीम तीन साल से हिरणमगरी सेक्टर तीन स्थित सेंट्रल एकेडमी में पढ़ाई कर रहा है। हर साल फस्र्ट डिवीजन पास होता रहा है। सलीम के टीचर भी मानते हैं कि वह पढ़ाई में होनहार है। यही नहीं पिछले वर्ष मैथ्स ओलंपियाड में पूरे स्कूल में सलीम ने पहला स्थान पाया था।
नियत कर दाढ़ी कटवाना गुनाह : दाढ़ी रखना सुन्नते रसूल है। आलिमों के अनुसार एक बार दाढ़ी रखने की नियत कर ली और 40 दिन गुजर जाए, तो उसके बाद दाढ़ी नहीं कटवा सकते है। अक्सर मुस्लिम सुन्नते रसूल पर अमल करते हुए दाढ़ी रखते हैं और ताउम्र नहीं कटवाते हैं, सिर्फ ट्रिम करवाते हैं।
भावनाओं को ठेस पहुंची : प्रिंसीपल के इस फरमान को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए जग नागरिक सेवा समिति के संभागीय अध्यक्ष केआर सिद्दीकी ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर और जिला शिक्षाधिकारी को भी की है तथा छात्र को न्याय दिलाने की मांग की है।

 

कल मेरे पास इस सन्दर्भ में शिकायत आई है | सम्बंधित स्कूल को निर्देशित किया जाएगा कि वह इस तरह से किसी छात्र को प्रवेश से वंचित नहीं रखे और प्रवेश देने के लिओए निर्देशित किया जाएगा – कृष्णा चौहान , जिला शिक्षा अधिकारी

में आपको नहीं जानती और जो हमे सही लगा वो हमने किया जो स्कूल के नियमों के तहत अगर उसका एडमिशन नहीं हो सकता होगा तो नहीं किया में आपको नहीं जानती इसलिए आपको ज्यादा बताना जरूरी नहीं समझती – हेमा छाबड़ा , प्रिंसिपल , से. ३ सेन्ट्रल अकेडमी

बच्चों से करवाई जाती हैं चोरियां

IMG_0582उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के लियो का गुड़ा स्थित क्रअपना घरञ्ज मंदबुद्धि विद्यालय के दो अपचारी छात्रों को बीती रात हाथीधरा गांव में ग्रामीणों ने पकड़ लिया। पूछताछ में इन अपचारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मंदबुद्धि विद्यालय में ५०-६० बच्चों का गिरोह है, जो चोरियों मेंं सक्रिय है और उनका सरगना संस्थान का एम्बुलेंस ड्राइवर लक्ष्मण है। ग्रामीणों ने रात को एक बजे इन बच्चों को पकड़कर एक विद्युत पोल से बांध दिया और पिटाई की। रातभर दोनों बच्चों को बांधे रखा। आज सुबह बच्चों को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि नारायण सेवा संस्थान के कई कर्मचारी कई प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है, जिससे आसपास के गांवों का माहौल बिगड़ा हुआ है। ग्रामीणों और पुलिस के सामने इन अपचारियों ने दस दिन पूर्व हाथीधरा स्थित विश्वकर्मा मंदिर में चोरी करने की वारदात कबूली है। पुलिस ने दोनों अपचारियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एम्बुलेंस ड्राइवर लक्ष्मण सहित तीन अपचारी बालकों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों की तरफ से रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार बीती रात एक बजे हींता (भींडर) निवासी अपचारी बालक और बांदीकुईं (कोटा) निवासी एक मंदबुद्धि अपचारी को ग्रामीणों ने हाथीधरा गांव में संदिग्ध हालत में घूमते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में ग्रामीणों को इन अपचारियों ने बताया कि वह चोरी करने के लिए गांव में घुसे थे और दस दिन पूर्व विश्वकर्मा मंदिर में हुई चोरी को भी इन अपचारियों ने कबूल लिया। इन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ तीन और भी अपचारी थे, जो भाग गए।

ग्रामीणों ने रात एक बजे इन अपचारी बालकों को पकड़कर हाथीधरा गांव में चौराहे पर स्थित विद्युत पोल से बांध दिया और रातभर पिटाई की। सुबह नारायण सेवा संस्थान के लियो का गुड़ा स्थित वल्डर वल्र्ड का सिक्यूरिटी इंचार्ज इंद्रसिंह हाथीधरा गांव में पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उसके साथ भी हाथापाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने इंद्रसिंह को ग्रामीणों से बचाया। इस दौरान पुलिस जब अपचारियों को हिरासत में ले रही थी, तो ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीण इस बात को लेकर अड़ गए कि संस्थान के संस्थापक कैलाश मानव या निदेशक प्रशांत अग्रवाल मौके पर आएंगे, तभी बच्चों को छोड़ा जाएगा। इस दौरान पुलिस ने सख्ती बरत कर बच्चों को हिरासत में ले लिया। इस संबंध में सस्थान के जनक कैलाश मानव और निदेशक प्रशांत अग्रवाल से संपर्क किया गया, लेकिन दोनों के मोबाइल नो रिप्लाई आए। इससे पूर्व कैलाश मानव और प्रशांत अग्रवाल के खिलाफ ग्रामीणों ने हॉय-हॉय के नारे भी लगाए।

 

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उदयपुर में भी ई-रिक्शा से कर सकेंगे सस्ता सफर

e-  riksha उदयपुर. दिल्ली की तर्ज पर लेकसिटी में भी ई-रिक्शा आमजन की सवारी होगी। प्रदूषण से मुक्त और कम दर पर सफर से यह लोगों को जोड़ेगी वहीं ध्वनि मुक्त रिक्शा का उपयोग सवारी और लोडिंग के लिए किया जा सकेगा। शहर के ग्रीन वेव ऑटो प्राइवेट लिमिटेड ने रविवार को ई-रिक्शा लांच किया। संजय डेविड ने बताया कि ई-रिक्शा ईको फ्रेंडली होने के साथ यह संचालक के लिए किफायती साबित होगा। चार सवारी के साथ 25 से 50 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है। 7 से 8 घंटे में 12 वाट की चार बैटरी चार्ज की जा सकेगी जिसके लिए बिजली 3 से 4 यूनिट खर्च होगी। ऐसे में 33 से 35 पैसा प्रति किमी खर्च ही आएगा।

खासियत यह रहेगी कि आरटीओ में पंजीयन से मुक्ति, चालक को ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। इस ई-रिक्शा की लांचिंग रविवार को नगर निगम की महापौर रजनी डांगी ने की। इस मौके पर उन्होंने ई-रिक्शा की सवारी का लुत्फ भी उठाया। महापौर ने कहा कि ई-रिक्शा की सवारी पर्यटन नगरी में क्षेत्रवासी ही नहीं, पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। निगम में इसका पंजीयन होगा।

“दिल का दरवाजा खोल दो, तीन करोड़ दूंगा”

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???????????????????????????????????????? Udaipur. राजधानी जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉलेज में यौन शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरमैन के खिलाफ महिला स्टाफर ने ही आरोप लगाया है। मामले की जांच थाना इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि रविवार सुबह अजमेर रोड टैगोर नगर निवासी 28 वर्षीया महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि वह पिछले काफी समय से सीतापुरा स्थित एक कॉलेज में कार्य कर रही थी।

आरोप है कि पिछले दो साल से चेयरमैन उसका यौन शेषण कर रहा था। वह अपने चैम्बर में बुलाता और शरीरिक संबंध बनाने के लिए प्रलोभन देता था। महिला का कहना है कि वह इस कारण काफी तनाव में रहने लगी।

पीडिता ने एफआईआर में लिखाया है कि आरोपी चेयरमैन उसे कहता कि, “तुम तुम्हारे दिल का दरवाजा खोल दो, मैं तुम्हें तीन करोड़ रूपए दे दूंगा”। इतना ही नहीं आरोपी ने उसे मकान देने की बात भी कही। आरोपी ने प्रलोभनों के द्वारा महिला को बहलाने में लगा रहता, लेकिन वह उसकी एक भी बात को नहीं मानी।

आरोपों की जांच शुरू
मनोज गुप्ता ने बताया कि रविवार को ही पीडिता का बयान ले लिए गए थे, उसने बताया कि पिछले चार साल से मैनेजमेंट में कार्य कर रही थी और दो साल से लगातार आरोपी उसके साथ यौन शेषण करने में लगा हुआ है। पीडिता गत 3 जुलाई से कॉलेज नहीं जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।

वाइस चांसलर का भी प्रलोभन
पीडिता का आरोप है कि जब भी आरोपी उसे चैंबर में बुलाता तो वह उससे कोई और बात नहीं सिर्फ इसी संबंध में बात करता था। रूपयों व फ्लैट से वही नहीं बहकी तो उसे सवाईमाधोपुर स्थित अपनी प्राइवेट कॉलेज में वाइस चांसलर पद पर लगाने का लालच भी दिया। हमेशा बातचीत के दौरान वह यौन शोषण से संबंधित इशारे ही करता था।