तुलसी प्रजापति फर्जी मुठभेड़ के आरोपी मंबई की तलोजा जेल जाने को तैयार नहीं
अहमदाबाद। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से मशहूर जिन पुलिस अफसरों के नाम से खूंखार गुनाहगार कांप उठते थे, उन्हें मुंबई की तलोजा जेल के उत्पाती चूहे डरा रहे हैं। यही वजह है कि तुलसी प्रजापति एनकाउंटर केस के आरोपी पुलिस अधिकारी मुंबई जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति केस में वे मुंबई कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। उन्हें डर है कि मुंबई में हाजिर होने के बाद उन्हें तलोजा जेल जाना पड़ सकता है।
सूत्र बताते हैं कि उन्हें डर लग रहा है कि तलोजा जेल में चूहे उन्हें काट लेंगे। उल्लेखनीय है कि स्वयं डीजी वंजारा समेत अन्य अधिकारियों ने जेल में चूहे की धमाचौकड़ी के बारे में पहले भी अर्जी लगाई है। दूसरी तरफ, कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को 16 जून तक हर हाल में कोर्ट में हाजिर होने के लिए ताकीद कर दी है। सोहराब केस मुंबई ट्रांसफर होने के बाद वंजारा, पांडियन, चुडासमा, अमीन, दिनेश एमएन सहित नौ आरोपियों को मुंबई जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी थी, ‘हमें छोटी सी कोठरी में रखा गया है, जहां कॉमन टॉइलेट और बाथरूम हैं। यहां इतने ज्यादा मच्छर और चूहे हैं कि हम परेशान हो गए हैं। हमारी नींद हराम हो गई है।Ó उसके बाद एक-एक कर आरोपियों को छोड़ा गया। अभी चार ही जेल में हैं, जिनमें स्वयं डीजी वंजारा साबरमती जेल और बाकी राजस्थान के तीन अधिकारी तलोजा जेल में हैं।
तुलसी-सोहराब केस की सुनवाई एक साथ करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट से आने पर तुलसी प्रजापति केस को भी मुंबई ले जाया गया है। सोहराब केस के आरोपी अधिकारियों के चूहे से संबंधित अर्जी कोर्ट में करने से तुलसी केस के 11 आरोपी अधिकारी भी चिंतित हैं। उन्हें चूहों का खौफ सता रहा है और वे पालनपुर जेल से जाना नहीं चाहते हैं। वे चाहते हैं, मुंबई जाने से पहले चूहे से बचाव के पूरे इंतजाम हो जाएं।
गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी को गुजारत के ऐंटि टेररिजम स्क्वॉयड ने हैदराबाद से उठाया था और नवंबर 2005 में फर्जी एनकाउंटर में दोनों की हत्या हुई थी। तुलसी प्रजापति इस केस का इकलौते गवाह था, जिनका एनकाउंटर 2006 में कर दिया गया था।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट को डरा रहे हैं चूहे!
रेल के एसी कोच में छूट रहे हैं पसीने
उदयपुर। भरी गर्मी में एसी कोच में यात्रा करने वालों को राहत मिलना तो दूर, उलटे पसीने छूट रहे हैं। पिछले दिनों में ट्रेनों के एसी कोच में ठंडक नहीं होने से यात्री परेशान हो गए। इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कायदे से ट्रेन जब प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, तो उसके एसी ऑन होने चाहिए, लेकिन उदयपुर में ऐसा हो नहीं रहा। ग्वालियर एक्सप्रेस में कल भी यही हालत थी, जिससे उदयपुर से जयपुर जाने वाले कुछ यात्रिओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे पूर्व भी क्रमददगारञ्ज को बांद्रा से उदयपुर चलने वाली ट्रेन के ऐसी कोच के एसी बंद होने की शिकायत मिली थी। इधर, शिकायत पर क्षेत्रीय रेलवे अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हंै।
उदयपुर के मुकेश मनवानी, अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ मंगलवार को जयपुर थर्ड एसी में सफर कर रहे थे। उन्होंने क्रमददगारञ्ज को कॉल कर बताया की, जब वह कोच में गए, तो अंदर एसी चालू नहीं होने की वजह से घुटन हो रही थी। पसीने छूट रहे थे, जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तब एसी ओन किया गया। मावली से भी आगे निकलने के बाद करीब एक घंटे बाद कुछ राहत मिली। यही शिकायत दो दिन पूर्व मुंबई से उदयपुर आ रहे अखिलेश सक्सेना ने की। रास्ते में एसी बंद हो गया, जो करीब तीन घंटे बाद चालू किया गया। इतने टाइम में सारे यात्रियों का हाल बुरा हो गया। जानकारी के अनुसार उदयपुर से चलने वाली अधिकतर ट्रेनों का यही हाल है। ट्रेन शुरू होने के एक घंटे बाद कुछ कुलिंग का अहसास हुआ।
नियम एक घंटे पहले चलने चाहिए एसी : रेलवे बोर्ड ने ट्रेन चलने से एक घंटे पहले एसी कोच को प्री-कूल्ड करने का प्रावधान तय किया हुआ है। इस मामले में यात्रियों की बढ़ती शिकायतों पर अक्टूबर,1985 व नवंबर,1998 में यह भी तय किया गया था कि जब यात्री कोच में चढ़े, तो उसे शीतलता का अहसास होना चाहिए। दूसरी ओर जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आती है, तब एसी ऑन किया जाता है। ऐसे में जब यात्री कोच में बैठते हैं तो उन्हें घुटन का अहसास होता है। ट्रेन चलने के एक घंटे तक कोच ठंडा नहीं होता। ट्रेन के कोचिंग डिपो में जाने के बाद उसका रखरखाव व साफ-सफाई की जाती है। वहीं पर बैट्री चार्जिंग के प्वाइंट भी लगे हैं। रेलवे बोर्ड के मैन्युअल में साफ लिखा है कि ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर लाने से पहले उसे प्री-कूल्ड किया जाए। स्थिति यह है कि डिपो में बैट्री को सही ढंग से चार्ज नहीं किया जाता। यात्रियों के चढऩे के बाद सिर्फ ब्लोअर चलाया जाता है। ट्रेन 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर दौडऩे लगती है, तब एसी ऑन किया जाता है। एसी को बैट्री से चलाना चाहिए, लेकिन रेलवे कर्मचारी ट्रेन चलने के बाद उसे बैट्री से कनेक्ट करते हैं ताकि रास्ते में बैटरी खत्म होने की दिक्कत नहीं हो।
वर्जन…
ट्रेन में एसी नहीं चले, बंद हो या देर से चले इसकी जिम्मेदारी मेरी नहीं है। यह इलेक्ट्रिक विभाग की जिम्मेदारी है। आप उनसे बात कीजिए कि क्यों एसी नहीं चलता है।
-हरफूल सिंह चौधरी, क्षेत्रीय रेलवे अधिकारी
अब जेल में शूरू होगी गेंगवार!
-दोनों गेंग के कई आरोपी जेल में बंद, नरेश हरिजन के बाद अजय पूर्बिया चला रहा था गेंग,
-पुलिस अब तक कोर्ट में नहीं पेश कर पाई पूर्व में हुई दो गेंगवार की चार्जशीट
उदयपुर। हिस्ट्रीशीटर नरेश हरिजन और मृतक प्रवीण पालीवाल गिरोह के कई लोग जेल में बंद हैं, जिनके बीच अब जेल में गेंगवार हो सकती है। ऐसा अंदेशा इसलिए जताया जा रहा है कि पिछले दिनों नरेश हरिजन को मारने के लिए जेल में माउजर भिजवाई गई थी, लेकिन वह जांच के दौरान पकड़ी गई। यह मामला जेल अधिकारियों ने दबा दिया और उसकी कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई। इधर, पुलिस नरेश हरिजन पर ईसवाल में हुए हमले और प्रवीण पालीवाल की हत्या के मामले में अब तक कोर्ट में चार्जशीट भी पेश नहीं कर पाई है।
ईसवाल में नरेश हरिजन पर हुए हमले के आरोपी गोगुंदा निवासी शंभूलाल, सुनील और सुखेर निवासी लक्ष्मणसिंह राठौड़ जेल में बंद है। इसी प्रकार प्रवीण पालीवाल की हत्या के आरोपी नरेश हरिजन, चंचल महाराज, साहिल हरिजन, दलपतसिंह, भरतनाथ और करणसिंह भी जेल में बंद है। इधर, नरेश हरिजन के राइट हैंड अजय पूर्बिया की कल हुई हत्या के आरोपी प्रवीण वसीटा भी गिरफ्तारी के बाद जेल जाने वाला है। इन सभी के बीच खूनी रंजिश हैं, जो जेल में गेंगवार की शक्ल में बदल सकती है। पता चला है कि प्रवीण पालीवाल के अंतिम संस्कार के वक्त प्रवीण वसीटा ने कसम खाई थी कि वह नरेश हरिजन के गिरोह के सदस्यों को जान से मार डालेगा, जिसको उसने कल अजय पूर्बिया की हत्या करके पूरा कर लिया है। इधर, गोवर्धनविलास क्षेत्र मेें टेक्नोवा मोटर्स के पास हुई हत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में प्रवीण वसीटा सहित दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर है। इस मामले में पुलिस विभाग ने चार टीमों का गठन किया है, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि मृतक नरेश हरिजन के जेल में जाने के बाद से ही सारा कारोबार मृतक अजय पूर्बिया ही संभाल रहा था।
ठंडे प्रदेशों के पौधे झुलसे
उदयपुर। गर्मी का टेम्परेचर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान ४४ डिग्री के करीब पहुंच रहा है। इसका सबसे बड़ा असर ठंडे प्रदेशों से लाकर यूआईटी द्वारा यहां चौराहों पर लगाए गए बड़े-बड़े पौधों पर पड़ रहा है, जो इस गर्मी में बूरी तरह से झुलस गए हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ रजा तहसीन का कहना है कि ये जो पेड़-पौधे लगाए गए हैं, वो ठंडे प्रदेशों से लाए गए हैं, जबकि यूआईटी को यहां के वातावरण में जिंदा रहने वाले पेड़-पौधे लगाने चाहिए थे। इसके साथ ही प्लास्टिक के गमलों में कभी कोई प्लांटेशन नहीं होता, जबकि इन पौधों को प्लास्टिक के गमलों में लगाया गया हैं, जो गलत है।
मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही हैं बेअसर दवाएं
-अधिक टेम्परेचर में रखने से कम हो रहा है दवाओं का असर
उदयपुर। शहर के हजारों मरीज ऐसी दवाएं ले रहे हैं, जिनमें असर करने की क्षमता काफी कम हो चुकी है। कारण यह है कि इन दवाओं को अधिकतम 20-25 डिग्री सेल्सियस में ही रखा जा सकता है, लेकिन ये दवाएं 35-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रखी हुई हैं। शहर के 800 से अधिक मेडिकल स्टोर में करोड़ों रुपए की सैकड़ों दवाएं इतने ही अधिक तापमान में रखी हैं और मरीजों को दी जा रही हैं। एमबी हॉस्पीटल सहित शहरभर मेें लगी मेडिकल स्टोर्स का जायजा लिया, तो लगभग सभी जगह यही स्थिति थी। मेडिकल स्टोरों में करोड़ों रुपए की दवाएं आवश्यक तापमान से 15 से 20 डिग्री अधिक तापमान में रखी हुई हैं।
जीवनरक्षक दवाओं की भी किसी को परवाह नहीं : सिस्प्लेटिन इंजेक्शन और डोक्सोरयूबिसिन हाइड्रो-क्लोराइड कैंसर में काम आने वाले महत्वपूर्ण एंटीबायटिक इंजेक्शन हैं और इन्हें 15-25 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच ही रखा जाना चाहिए। एंडीनलिन बिट्राटेट इंजेक्शन हार्ट पेशेंट को लगाया जाता है। इसको भी 35 से 45 डिग्री के बीच रखा जा रहा है, जबकि इसको 15 से 25 डिग्री के बीच रखा जाना चाहिए।
दवा, जो पांच में से तीन मरीजों को दी जाती हैं : एमोक्सीलिन एंड पोटेशियम क्लेवनेट और सेफट्राइजोन, ये एंटीबायटिक इंजेक्शन है और लगभग हर मरीज को लगाए जाते हैं। इन इंजेक्शन को 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच ही रखा जाना होता है, लेकिन जिन आईपीडी में ये रखे गए हैं। वहां का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस था। इसी प्रकार फ्लूड को 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाना चाहिए, जबकि दुकानों में ये कार्टनों में 35 से अधिक डिग्री में रखे जाते हैं। डायबिटीज में काम आने वाली मेटफोरमिन टेबलेट को अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाना होता है। यह भी 35-42 डिग्री सेल्सियस के बीच रखी हैं।
फ्रीज में भी नहीं रख सकते दवा : इन दवाओं को न्यूनतम तापमान के चलते फ्रीज में भी नहीं रखा जा सकता है। इसलिए दवा स्टोर को ही कूलिंग सिस्टम से जोड़ा जाना चाहिए। अभी अधिकांश स्टोर में कूलर ही लगे हैं और दवा स्टोर्स में ये बेअसर हैं।
अधिकतर दुकानों में तापमान का कोई कंट्रोल नहीं : अस्पताल में लगी सरकारी उपभोक्ता की दुकानें हो या बाहर लगे मेडिकल स्टोर वहां पर इस भीषण गर्मी में तापमान कंट्रोल की कोई व्यवस्था नहीं है। इक्का-दुक्का दुकानों में ऐसी लगा हुआ है। बाकी स्टोर वालों का कहना है हम कूलर से तापमान मेंटेन कर लेते हैं।
क्या होता है, अधिक तापमान से : विशेषज्ञों के अनुसार जहां पर दवा रखी हुई होती है, वहां पर तापमान 25 से 30 डिग्री ही होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो 48 घंटे तक तय तापमान से अधिक में रहने पर दवाएं अपना असर करने की शक्ति को 25 फीसदी तक खो देती है। 4 से 5 दिन में 50 प्रतिशत और इंजेक्शन और 7 से 8 दिन रहने पर दवाएं अपना असर पूरी तरह खो देती है। लिक्विड वेक्सीन के खराब होने का सबसे अधिक दर रहता है। इसके लिए ऐसी जरूरी है।
वर्जन…
दवाओं को तय तापमान में रखने के निर्देश दिए हुए हैं और मेडिकल स्टोरों पर अक्सर इनकी जांच की जाती है। अभी यदि किसी स्टोरों में ऐसा है, तो ड्रग इंस्पेक्टर को बोल कर जांच कर वाली जाएगी।
-डॉ. आरएन बैरवा, सीएमएचओ
गेंगवार में दो युवकों को मारी गोली

उदयपुर। गोवर्धनविलास क्षेत्र मेें टेक्नोवा मोटर्स के पास बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने दो युवकों पर फायर किए। एक युवक के सीने और दूसरे के हाथ में गोली लगी है। दोनों को यहां अमेरिकन हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है, जहां एक युवक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। यह हमला प्रवीण पालीवाल की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। नरेश हरिजन और प्रवीण पालीवाल गु्रप के बदमाशों के बीच रंजिश के चलते यह गेंगवार चल रही है।
सूत्रों के अनुसार आज दोपहर मदार निवासी अजय पूर्बिया और उदयपुर निवासी विनोद जैन गोवर्धनविलास स्थित टेक्नोवा मोटर्स पर कार सर्विस के लिए देने गए थे, वहां से जब ये दोनों लौट रहे थे, तभी बाइक पर सवार होकर दो नकाबपोश आए। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने फायर किए। एक गोली अजय पूर्बिया के सीने में लगी, जबकि दूसरी गोली विनोद जैन के हाथ पर लगी। फायरिंग के बाद नकाबपोश युवक वहां से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अमेरिकन हॉस्पीटल पहुंचाया। प्रारंभिक पूछताछ में अजय पूर्बिया ने बताया कि उस पर फायरिंग करने वाले युवक का नाम प्रवीण वसीटा है। बताया जा रहा है कि अजय पूर्बिया और विनोद जैन, नरेश हरिजन गिरोह से ताल्लुक रखते हैं, जबकि फायरिंग करने वाले युवक प्रवीण पालीवाल गु्रप से है।
बदला लेने की नीयत से किया हमला : होली की शाम को नरेश हरिजन के गिरोह के युवकों ने प्रवीण पालीवाल की यहां शास्त्री सर्कल स्थित एक रेडिमेड गारमेंट्स के शो रूम में गोली मार कर हत्या कर दी थी। उसके बाद से ही प्रवीण पालीवाल का ग्रुप बदला लेने की फिराक में था, जिसने आज इस वारदात को अंजाम दिया है। प्रवीण पालीवाल की हत्या से पूर्व पालीवाल ग्रुप के बदमाशों ने नरेश हरिजन पर ईसवाल में जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह बच गया। नरेश हरिजन और उसके साथी प्रवीण पालीवाल की हत्या के आरोप में अभी जेल में विचाराधीन है।
॥ यह वारदात नरेश हरिजन और मृतक प्रवीण पालीवाल ग्रुप के बीच गेंगवार के चलते हुई है। अभी मामले की जांच चल रही है। फरार अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
-हनुमान प्रसाद, कार्यवाहक एसपी
सदर असरार अहमद खान का अजमेर दौरा
दरगाह विकास कार्यो पर हुई चर्चा
दरगाह कमेटी कर्मचारियों, सराए चिश्ती चमन व्यापारी और मीडिया से हुए रूबरू
उदयपुर । नवनिर्वाचित सदर असरार अहमद खान दरगाह कमेटी दरगाह ख्वाजा साहब अजमेर के वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास पर अजमेर रहे।
इस प्रवास के दौरान श्री खान ने दरगाह कमेटी के कर्मचारियों से मुलाकात की, जायरीन के सुविधाए व दरगाह के विकास को अपनी प्रथम प्राथमिकता से अंजाम देने के निर्देष दिए, साथ ही इस अवसर पर दरगाह कर्मचारियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष का स्वागत किया और फूलों की मालाओं से श्री खान का इस्तकबाल किया।
सराए चिश्ती चमन व्यापारीगण ने किया श्री असरार अहमद का स्वागत
दरगाह कमेटी सदर असरार अहमद खान का सराय चिश्ती चमन के व्यापारीगण ने स्वागत किया। इस अवसर पर व्यापारियों ने सदर खान की गुलपोशी की और शाल भेंट की। स्वागत के बाद चर्चा के दौरान व्यापारीयों ने अपनी परेशानियों के बारे में सदर श्री खान को अवगत कराया। खान ने व्यापारीयों को भरोसा दिलाया की कमेटी पूरी तरह उनकी हमदर्द है और बारिश के मद्देनजर जो परेशानियां व्यापारियों की दुकानों और गोदामोें होती है उसे जल्द सही करवाने की इजाजत कमेटी द्वारा दी जाएगी। व्यापारीगण ने भी सदर श्री खान को भरोसा दिलाया की वे पूरी तरह से उनके साथ ही और वे कमेटी का सम्मान करते है। इस अवसर पर सरदार जोगेन्द्र सिंह, पदम् चंद जैन, पुनम चंद मारोठिया, श्याम सुंदर नागरानी, भगवान दास, तौला राम इत्यादी व्यापारी शामिल रहे।
सदर श्री असरार अहमद हुए मीडिया से रूबरू
मीडिया से रूबरू होते हुए सदर श्री असरार अहमद खान ने दरगाह के आगामी विकास कार्यो की जानकारी दी। श्री खान ने मीडिया को बताया की दरगाह कमेटी का उद्देश्य जायरीनों को अधिक से अधिक सुविधा मुहय्या करवाना है। कमेटी की कोशिश रहेगी की वह पहली प्राथमिकता पर दरगाह विकास के छोटे-छोटे कार्यो को अंजाम दे। इसी के साथ श्री खान ने निम्न लिखित विकास कार्यो के बारे में अवगत करायाः-
1. दालान सैयद हमीद, दालान मोतीवाला पर का दरगाह कमेटी ओर से वॉटर प्रुफिंग करवाई जाएगी। वॉटर पु्रुफिंग के लिए 4 लाख 82 हजार रूप्ये की एनआईटी जारी की जा चुकी है।
2. माननीय मंत्री महोदया श्रीमती नजम हेपतुल्लाह को पत्र लिखकर उनके केंद्रीय मंत्री बनने पर मुबारकबाद दी गई है व उनसे कमेटी ने मुलाकात करने के लिए समय मांगा है।
3. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी 100 दिवसीय कार्य योजना में अजमेर में मौलाना आजाद एज्यूकेशनल फाउंडेशन द्वारा ख्वाजा गरीब नवाज सीनीयर सैकंडरी स्कूल शुरू करने का प्रस्ताव शामिल किया है। जिसे दरगाह कमेटी द्वारा पूर्ण किया जाएगा।
4. कायड़ विश्रामस्थली पर जल्द ही क्रिकेट और फुटबाल का मैदान तैयार किया जायगा। इसके साथ ही ख्वाजा मॉडल स्कूल में बास्केटबाल का अंतराष्ट्रीय स्तर का मैदान तैयार है।
5. इस सत्र से ख्वाजा मॉडल स्कूल को दो पारियों में किया जाएगा साथ ही प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन को बढाया जाएगा।
6. ख्वाजा मॉडल स्कूल की शैक्षणीक व्यवस्था को बढाने के लिए ख्वाजा मॉडल स्कूल पर एक मंजिल का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
7. सराए चिश्ती चमन में खाली, 4 गोदामों को जल्द वर्तमान डीएलसी दर पर दिये जाने हेतू टेंडर जारी किए जाएगे।
समाज की पंचायत में कबूली भाई की हत्या!
उदयपुर। कुराबड़ क्षेत्र के कियावतों का फलां में एक माह पूर्व एक व्यक्ति के आत्महत्या के मामले ने कल नया मोड़ ले लिया, जब उसके भाई ने समाज की पंचायत के सामने उसकी हत्या करना कबूल लिया। इस एवज में पंचायत ने 12 लाख का मौताणा तय किया है, जो 15 जून को देने की सहमति हुई है। वहीं दूसरी ओर पुलिस अब तक इस मामले को सुसाइड ही मान रही है।
सूत्रों के अनुसार कियावतों का फलां निवासी दल्ला (45) पुत्र भैरा रावत की लाश पिछले माह की सात तारीख को उसके मकान में फांसी के फंदे में लटकी मिली। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी मामला सुसाइड का बताया गया, लेकिन कल गांव में ही बैठी समाज की पंचायत के सामने मृतक दल्ला के भाई ऊंकार ने उसकी हत्या का सच कबूलकर पंचों से अपने लिए दंड मांग लिया। पंचायत के मौतबिरों ने 12 लाख का मौताणा तय किया है, जो 15 जून को मृतक के बेटे को देना तय हुआ है। बताया जाता है कि समाज की इस बैठक में करीब 18 गांवों के पंच शामिल हुए थे।
इधर, पुलिस इस मामले को अब भी सुसाइड केस ही मान रही है, जबकि हत्यारे ने स्वयं सार्वजनिक रूप से हत्या करना कबूल लिया है। इस संबंध में मृतक के बेटे दिनेश ने पिछले दिनों एसपी उदयपुर के यहां पर परिवाद पेश करके उसके काका ऊंकार, चचेरे भाई रामा, कांतिलाल, भीमा, काकी उदी और भाभी वेली के खिलाफ उसके पिता की हत्या करने की शंका जताई थी।
यह था विवाद: मृतक दल्ला, उसके भाई ऊंकार को समाज से बहिष्कृत कर रखा था, लेकिन दो माह पूर्व समाज की पंचायत से मिलकर वह फिर से समाज में शामिल हो गया, जो ऊंकार को नागवार गुजरा। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इस संबंध में दल्ला ने कुराबड़ थाने में रिपोर्ट भी दी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच सात मई को दल्ला ने उसके बेटे दिनेश को फोन करके बताया कि उसके काका ऊंकार व उसके परिजन उसे मारने के लिए पीछे पड़े हैं। उसके बाद उसकी लाश उसी के मकान में फंदे में लटकी मिली।
वर्जन…
यह सुसाइड का मामला है, जो मेडिकल रिपोर्ट में भी प्रकट हुआ है। समाज की बैठक को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
-शैतानसिंह नाथावत, थानाधिकारी, कुराबड़
ऐसी सूचना मेरे पास भी आई थी। इस पर कुराबड़ एसएचओ को मौके पर भेजा गया था। मामला सुसाइड का ही है। समाज की पंचायत बैठी थी, जिसमें मृतक के भाई ऊंकार द्वारा हत्या करना स्वीकार किया गया। पंचों ने 12 लाख का मौताणा तय करवाया। यह सबकुछ अफवाह मात्र है। मृतक पर काफी कर्जा था। इस कारण उसने सुसाइड किया।
-दिव्या मित्तल, डिप्टी, गिर्वा
जोशी की पत्नी पंचतत्व में विलीन
अंतिम यात्रा में माथुर सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए
उदयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्म नारायण जोशी की पत्नी के शव का आज अशोकनगर स्थित मोक्ष धाम में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें भाजपा के गुजरात प्रभारी ओम प्रकाश माथुर सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। कल श्री जोशी की धर्मपत्नी श्रीमती राजकुमारी जोशी (57) घर पर ही गिर पड़ी थी, जिससे सिर में गंभीर चोट आई और ब्रेन हेमरेज से उनका निधन हो गया।
स्व. राजकुमारी जोशी की अंतिम यात्रा आज उनकी पुत्री के विदेश से आने के बाद सुबह 8.45 बजे उनके सेक्टर 1& स्थित उनके निवास स्थान से अशोक नगर मोक्षधाम ले जाई गई। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए भाजपा नेता और गुजरात के प्रभारी ओम माथुर, स्थानीय सांसद अर्जुन मीणा, वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भींडर व उनकी पत्नी दीपेंद्र कुंवर, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मांगीलाल जोशी, सुंदरलाल भाणावत, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, चंद्रसिंह कोठारी, चुन्नीलाल गरासिया, लोकेश द्विवेदी, ताराचंद जैन, पारस सिंघवी आदि कई नेता मौजूद थे। शहर जिला कांग्रेस के पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, दिनेश श्रीमाली, केके शर्मा आदि कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे। प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राजमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए दूरभाष पर संवेदना व्यक्त की।
युवक की हत्या कर लाश फेंकी
उदयपुर। देबारी के निकट तुलसीरामजी की सराय के पास बीती रात एक युवक की हत्या कर लाश फेंक दी गई। लाश के ऊपर पत्थर पड़े थे। उक्त युवक स्मैक पीने का आदी बताया जाता है। युवक ने पिछले 15 दिन में घर का सारा सामान बेच दिया। इससे नाराज होकर उसकी मां भी मौसी के घर चली गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार देबारी के निकट तुलसीरामजी की सराय के सामने स्थित मिशनरी स्कूल के पास आज सुबह एक युवक की लाश पत्थरों के नीचे दबी मिली। इसकी सूचना पर डबोक पुलिस मौके पर पहुंची। लाश की जेब से मिली पर्ची के आधार पर मृतक की शिनाख्त सेक्टर 11 रामसिंहजी की बाड़ी निवासी कुलदीप (30) पुत्र स्व. दिलीपसिंह बाबेल के रूप में हुई। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे, जिन्होंने बताया कि कुलदीप स्मैक पीने का आदी था। 15 दिन पूर्व स्मैक पीने की लत के कारण उसकी मां से उसका झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसकी मां मौसी के यहां चली गई। पिछले 15 दिनों में कुलदीप ने उसके घर का सारा सामान कृषि मंडी के सामने स्थित एक कबाड़ी के यहां बेच दिया था।
कल रात कपासन के लिए निकला था: कुलदीप कल रात उसकी बहन के यहां खाना खाने के बाद कपासन से स्मैक लाने की बात कहकर निकला था। इस दौरान कुलदीप ने महेंद्र जैन नामक युवक से मोबाइल पर रुपए मांगे थे, लेकिन उसने रुपए देने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि कुलदीप ने महेंद्र जैन से उसके मकान को बेचने की लिखापढ़ी कर रखी है। इस एवज में कुछ दिनों पूर्व कुलदीप उससे करीब 25 हजार रुपए ले भी चुका है। इसके बाद कुलदीप की कोई खबर परिजनों के पास नहीं है।
हत्या के बाद फेंकी लाश: प्रशिक्षु आईपीएस राशि डागोर जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची। मौका ए हालात देखने के बाद पता चला कि कुलदीप की हत्या वहां पर नहीं की गई है। उसकी गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी। गर्दन पर रस्सी के निशान भी है और एक हाथ और पैर की हड्डी भी टूटी हुई है। मौके पर मृतक का सिर पत्थरों में दबा मिला था। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि लाश का चेहरा बिगाडऩे के लिए हत्यारों ने पत्थर से चेहरे पर वार किए। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।













