
नाले पर बनी होटल स्ट्रीट का विवाद
उदयपुर। उदियापोल पर आईसीआईसीआई बैंक के सामने वाली होटल स्ट्रीट में स्थित होटलें व उदियापोल पर अन्य कई होटलों मे पार्किंग नहीं है। कोई भी होटल आदर्श मापदंडों पर नहीं बनी हुई है। यह सच नगर निगम आयुक्त ने स्वीकार करते हुए कहा है कि पार्किंग की इस समस्या को लेकर जल्दी ही एक विशेष अभियान चलाकर होटलों पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि होटल स्ट्रीट में जाने के लिए एक मात्र सड़क, जो कि एक नाले पर बनी हुई थी, वह भी पिछले दिनों वाहनों के भारी बोझ के कारण धंस गई थी। होटल स्ट्रीट में जाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने ही ने वैकल्पिक व्यवस्था कर महेशचंद्र शर्मा के स्वामित्व वाले भूखंड की दीवार तोड़कर रास्ता बना दिया, जिसके विरोध में महेशचंद्र शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश किया, जिसकी जांच सूरजपोल पुलिस कर रही है। सूरजपोल थानाधिकारी का कहना है परिवाद आया है, जिसकी जांच चल रही है। इधर नगर निगम आयुक्त ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामला दिखवाने की बात कही है।
होगी कार्रवाई
होटल स्ट्रीट में करीब एक दर्जन होटल है। इनमें से कोई भी होटल या गेस्ट हाउस आदर्श मापदंडों के हिसाब से नहीं बनी हुई है। एक भी होटल में पार्किंग सुविधा नहीं है और पार्किंग के नाम पर आगे की जमीन पर कब्जाकर रखा है। नगर निगम आयुक हिम्मतसिंह बारहठ का कहना है कि जिन होटलों में पार्किंग सुविधा नहीं है। उनको लेकर जल्दी ही एक अभियान चलाया जाएगा।
तो अनुमति कैसे दी?
होटल स्ट्रीट व उदियापोल पर कई होटलों कि पार्किंग नहीं है और ये होटल्स कई मापदंड पूरे नहीं करती है। Èिऱ भी बरसों से यह होटलें निर्बाध रूप से संचालित हो रही है। पूर्व के अधिकारियों ने बिना किसी अनापत्ति के इन्हें होटल संचालित की अनुमति दे रखी है।
बिना पार्किंग की होटलों के खिलाÈ होगी कार्रवाई : आयुक्त
पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह की सड़क हादसे में मौत
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा से पूर्व एमएलए रहे जितेन्द्र सिंह निनामा की रविवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। निनामा के साथ एक अन्य व्यक्ति भी हादसे का शिकार हुआ। पुलिस के अनुसार निनामा अपने रिश्तेदार अमरा के साथ पड़ोस के गांव जा रहे थे। घाटौल की सीमा के पास एक तिराहे पर उनकी बाइक ट्रैक्टर और जीप के बीच आ गई।
टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से निनामा और अमरा को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोçष्ात कर दिया। इसके विरोध में निनामा समर्थकों ने देर रात जयपुर-बांसवाड़ा हाइवे जाम कर दिया।
रिश्ता करने जा रहे थे
निनामा अपने रिश्तेदार की शादी की बात करने के लिए घाटौल के नजदीक एक गांव में जा रहे थे। रास्ते में तिराहे पर ट्रैक्टर ट्रॉली व जीप ने दोनों तरफ से उनकी बाइक को टक्कर मारी, जिससे उनकी व उनके रिश्तेदार की मौत हो गई।
लोगों ने किया रास्ता जाम
निनामा की मौत की सूचना मिलते ही उनके समर्थक घाटौल में उनके घर के पास जमा हो गए। उन्होंने ट्रैक्टर व जीप चालक को गिरफ्तार करने की मांग कर जमकर हंगामा किया और जयपुर-बांसवाड़ा हाईवे जाम कर दिया। देर रात पुलिस की समझाइश पर लोगों ने रास्ता खोला।
रोटरी क्लब कोरपोरेट ने किया सेवा सहयोगियों का सम्मान

उदयपुर। किसी भी अनजान व्यक्ति की सेवा तब तक नहीं की जा सकती है जब तक अपना न बन जाएं। उसे अपना बनाने के लिए उसे कुछ देने के बारें में सोचना होगा तभी वह अपना बन सकेगा। अपना बनने पर ही हम उस व्यक्ति की सेवा कर सकते है। सेवा हमेशा अपनों की होती है परायों की नहीं।
यह कहना था रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3052 के प्रांतपाल अनिल अग्रवाल का। जो आज पारस महल होटल में आयोजित क्लब की अधिकारिक यात्रा के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होनें कहा कि रोटरी नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने के अनेक अवसर देती है। जीवन में अपने आप को कभी किसी से कमतर आंक कर अपने आपको छोटा महसूस नहीं करें। ऐसा करने से स्वंय के जीवन की उन्नति रूक जाती है। हमें विश्व के उन 2 प्रतिशत एलिट क्लास के लोगों के समान बनना है जिन्होनें विश्व में अपने कार्यो के दम पर अपनी पहिचान बनायी है।

सेवा सहयोगियों का हुआ सम्मान:- प्रांतपाल अनिल अग्रवाल, क्लब की संरक्षिका मंजीत के.बंसल,क्लब अध्यक्ष ईश्ंाातसिंह, सहायक प्रांतपाल निधि सक्सेना व सचिव पराक्रमसिंह ने अरावली हॉस्पीटल के डॅा. आनन्द गुप्ता,संगीतज्ञ रियाजखान, लाल पैथ लैब के डॅा. अरविन्दरसिंह, आशाधाम की सिस्टर डेमियन, उदयपुर पोस्ट डॉट कॉम के अख्तर खान, आरजे अंकित माथुर,श्रीमती गोदावत,दैनिक भास्कर के महाप्रबंधक अजित जॉनी, सरोज शर्मा, रमेशचन्द्र गुप्ता, शरद परोहित, दिनेश गोठवाल, आकाश चावत,नारायणसिंह सिसोदिया का माल्यार्पण कर एंव प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

क्लब की ओर से प्रंातपाल ने आशाधाम की सिस्टर डेमियन को आर्थिक सहयोग राशि का चैक प्रदान किया। प्रारम्भ में क्लब अध्यक्ष ईशंातसिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। संरक्षिका मंजीत के.बंसल ने क्लब द्वारा इस सत्र में अब तक किये गये सेवा कार्यो के बारें में जानकारी दी। प्रसून भारद्वाज ने प्रांतपाल का परिचय दिया।

नये सदस्यों ने ली शपथ- क्लब में आज शािमल हुए 5 नये सदस्यों अंकित माथुर, अंकित तिवारी, गौरव खन्ना, राजेन्द्र सुयल व समवित औदिच्य को प्रंातपाल अनिल अग्रवाल ने शपथ दिलायी। इस अवसर पर तीन सदस्यों ईशंातसिंह,रक्षिता व प्रसून भारद्वाज पीएचएफ बने। अंत में सचिव पराक्रमसिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
अफसरों का पाप फूटा
कमिश्नर और अधिकारियों ने की गैर कानूनी तोडफ़ोड़, तीन लाख का नुकसान, एसपी से कार्रवाई की गुहार

उदयपुर। नगर निगम उदयपुर के कमिश्नर, राजस्व अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, कनिष्ठ लिपिक और पटवारी के खिलाफ निजी स्वामित्व के भू-भाग में जबरन प्रवेश करने और तोडफ़ोड़ करके तीन लाख रुपए का नुकसान कर देने का एक परिवाद जिला पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुआ है, जिसे लेकर वे पशोपेश में हैं। यदि कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें इन अधिकारियों की गिरफ्तारी करनी पड़ेगी और नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाया जा सकता है। वैसे पुलिस ने संपूर्ण प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कामरेड़ महेशचंद्र शर्मा (70) निवासी अशोकनगर ने जिला पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश कर बताया है कि नगर निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ, राजस्व अधिकारी नीतिश भटनागर, पुलिस उप अधीक्षक जीवनसिंह राणावत, कनिष्ठ लिपिक नासिर खां और पटवारी अंबालाल ने हमसलाह होकर उनके स्वामित्व के भूखंड में प्रवेश किया तथा लोहे के केबिन व बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। इससे उन्हें तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

कामरेड महेशचंद्र ने बताया कि यह वारदात गत छह अप्रैल और 10 अप्रैल को उदियापोल क्षेत्र में दिन और रात में की गई। छह अप्रैल को बाउंड्रीवॉल तोड़कर मलबा उसी भूखंड में डाल दिया गया तथा 10 अप्रैल को वहां लगा रखा लोहे का केबिन भी तोड़कर नष्ट कर दिया।
कामरेड महेशचंद्र इसे नगर निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की राजनीतिक दुर्भावना भी मानते हैं। उनका कहना है कि नगर निगम के अफसर उनके स्वामित्व वाली जमीन में से पांच फीट की पट्टी जबरन हथियाना चाहते हैं ताकि इस क्षेत्र में उनकी शह से हुए नाजायज कब्जों को जायज बनाया जा सकें।
माजरा क्या है? : स्व. देवकीनंदन शर्मा के स्वामित्व और आधिपत्य का एक भूखंड संख्या 65 उदियापोल बस स्टैंड के पास स्थित है, जो 1954 से उनके नाम पर चला आ रहा है। कामरेड महेश, स्व. देवकीनंदनजी के पुत्र है। देवकीनंदनजी ने प्रन्यास के विरूद्ध स्थायी निषेधाज्ञा का वाद प्रस्तुत किया था, जिसे अधीनस्त न्यायालय ने उनके हक में पारित किया। बाद में सेशन कोर्ट में प्रन्यास की अपील भी खारिज हो गई। अब वो हाईकोर्ट में गए है। ऐसे में प्रन्यास या नगर निगम बिना कोर्ट के आदेश के ट्रेसपास या तोडफ़ोड़ की कार्रवाई नहीं कर सकते।
मौके के हालात : उदियापोल बस स्टैंड जाने वाले मुख्य मार्ग पर आईसीआईसीआई बैंक के सामने की इस गली को होटल स्ट्रीट कहते हैं। इसमें होटल तुलसी, होटल कृष्ण मंगलम, सीता राम गेस्ट हाउस, होटल अतिथि पैलेस, होटल अंजनी पैलेस, पंडित धर्मशाला, होटल राजपाल पैलेस, होटल सवेरा, अरिहंत प्लाजा और होटल श्रीनारायण स्थित है। इनमें से केवल होटल श्रीनारायण के पास ही पार्किंग प्लेस है। इस प्रकार बिना पार्किंग के इतनी सारी होटले अवैध रूप से संचालित हो रही है।
सड़क नहीं : मजे की बात तो यह है कि इन होटलों में आने-जाने के लिए कोई सड़क ही नहीं है। एक नाले को ढककर उस पर से वाहन गुजारे जा रहे हैं, जो बार-बार धंस जाता है और रास्ता बंद हो जाता है। यही समस्या इन दिनों फिर सामने आई है।
ऐसा क्यों हुआ? : आम सड़क के किनारे बांठिया ब्रदर्स ने सीवरेज नाले को 35 फीट खिसका कर अवैध निर्माण कर दिया, जिससे आम रास्ता समाप्त हो गया और सीवरेज का पुराना नाला कामरेड महेश की नर्सरी की दीवार से सटाकर बहने लगा। बाद में इसी नाले को ढककर उसके ऊपर आने-जाने का रास्ता बना दिया, जो वाहनों के भार के कारण आए दिन टूटता रहता है। इस प्रकार असफरों की देखरेख में हुए अतिक्रमण के कारण समस्या पैचीदा हो गई है।
मार्किंग से पुलिस वालों की तरक्की
अ’छी खबर
राÓयभर में पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए नया तरीका होगा लागू, मार्किंग के आधार पर होगी तरक्की
मददगार रिपोर्टर
उदयपुर। पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने और अपराधों पर लगाम कसने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने नया तरीका खोज निकाला है। अब हर पुलिसकर्मी को उसके कार्य के हिसाब से नंबर दिए जाएंगे। यही नंबर उस पुलिसकर्मी की तरक्की का आधार भी बनेंगे। यह नंबर कांस्टेबल से लेकर थानाधिकारी तक को दिए जाएंगे।
मुख्यालय का आदेश : पुलिस अधीक्षक अजय लांबा ने बताया कि जयपुर पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एडीजी क्राइम ब्रांच अजीतसिंह ने सभी जिला एसपी को निर्देश दिए हैं कि बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए संपत्ति संबंधी, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी, लूट व अन्य अपराधों का खुलासा व वारंटी और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए हर केस पर अब पुलिसकर्मियों को नंबर दिए जाएंगे। इनमें 15 प्रकार के मामले शामिल किए गए हैं, जो पुलिसकर्मी सबसे अधिक खुलासे व गिरफ्तारियां कर अधिक अंक हासिल करेगा, उसे ईनाम के साथ प्रमोशन भी दिया जाएगा। इन सभी मामलों में संपत्ति से जुड़े मामलों को भी काफी तरजीह दी गई है।
माइनस मार्किंग भी होगी : जानकारी के अनुसार नंबर देने की लिस्ट पांच पेज कि बताई जाती है। किसी पुलिसकर्मी के रिश्वत या अन्य किसी गलत काम के मामले में सस्पेंड और लाइन हाजिर होने पर माइनस मार्किंग भी की जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। माइनस में 50 नंबर तक दिए जा सकते हैं। वारदात करने पर यदि थानाधिकारी उसको कंट्रोल करने में विफल रहते हंै, तो ऐसे में एसपी व आईजी को पहुंचना पड़ेगा, तो थानाधिकारी को भी माइनस मार्किंग दी जाएगी।
बीट कांस्टेबल क्षेत्र में रहेंगे : बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीट के कांस्टेबल को सप्ताह मे एक रात बीट में ही रहने के आदेश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों से संपर्क बढ़ेगा और नये आने वाले व्यक्तियों के बारे में पता भी चलेगा। हर कांस्टेबल पर एक बीट प्रभारी होगा, जो रात्रि विश्राम व अन्य कार्य की निगरानी रखेगा तथा बीट प्रभारी का रजिस्टर समय-समय पर एसपी और आईजी चैक करेंगे।
॥कल जयपुर मुख्यालय से काम के आधार पर पुलिसकर्मियों की मार्किंग करने के आदेश मिले हैं। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। काम और अधिक अ’छे ढंग से होगा। -अजय लांबा, एसपी उदयपुर
गहलोत का जन्मदिन भूले कांग्रेसी !
मददगार रिपोर्टर
उदयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आज जन्मदिन है, लेकिन स्थानीय कांग्रेसी नेता उनके जन्मदिन को भूल गए हैं। अगर आज गहलोत मुख्यमंत्री होते, तो उनका जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाया जाता। आज तीन मई को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 6& वर्ष के हो गए और पार्टी के कार्यकत्र्ता तथा शहर जिला कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी उन्हें भुलाए बैठे हैं, जहां पिछले साल तक हर कार्यालय और जगह-जगह जन्मदिन के दिन गोष्ठियां आयोजित की जाती थी। रक्तदान किया जाता था, लेकिन आज उनका यहां पर कोई नाम लेवा भी नहीं रहा। जब जन प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं से पूछा गया, तो कई लोगों को तो याद ही नहीं था कि आज गहलोत का जन्मदिन है। शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा से पूछा, तो पहले वह सोचने लगी फिऱ याद कर बोली हां है, लेकिन अभी मैं बाहर हूं। ऐसे ही कई जवाब बाकी कांग्रेसियों ने भी दिए।
॥आज गहलोत साहब का जन्मदिन है, लेकिन अभी मैं शहर में नहीं हूं। आकर बात करती हूं।
-नीलिमा सुखाडिय़ा, शहर जिलाध्यक्ष, उदयपुर
॥आज वैशाख माह की चतुर्थी है, मैं चित्तौड़ में हूं। आप ने याद दिलाया, शाम तक गहलोतजी का जन्मदिन मनाएंगे।
-हेमंत श्रीमाली, देहात प्रवक्ता।
॥मनाई मनाई ने थांको भाई साहब, अबे तो भूली ग्यो।
-जयप्रकाश नीमावत, पूर्व जिलाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस
॥मैने सुबह-सुबह ही शुुभकामना संदेश गहलोत जी को भेज दिया। हम उनके उÓÓवल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही कांग्रेस पार्टी को फिर से ऊर्जावान बनाएंगे।
-दिनेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष
॥ हां जन्मदिन तो है, लेकिन कोई कार्यक्रम तय नहीं है। फिर भी मैं पूछ कर आपको बताता हूं।
-फिरोज अहमद, कांग्रेस प्रवक्ता
॥ हां आज अशोकजी का जन्मदिन है। कहां मनाया ये तो पंकजजी बता सकते हैं। उन्होंने न्यूज भेजी होगी।
-दिनेश दवे, पूर्व प्रवक्ता, कांग्रेस
मार झपट्टा छीनते, यहां गले से चेन।
गुण्डे छुट्टे फिर रहे, महिलाएं बेचैन।।
लाड कंवर हिरण मगरी, आंसू रही बहाय।
स्वर्णिम मंगलसूत्र और चेन छिन गई हाय।।
-अलमस्त फकीरा
मार्किंग से पुलिस वालों की तरक्की

राÓयभर में पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए नया तरीका होगा लागू, मार्किंग के आधार पर होगी तरक्की
उदयपुर। पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने और अपराधों पर लगाम कसने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने नया तरीका खोज निकाला है। अब हर पुलिसकर्मी को उसके कार्य के हिसाब से नंबर दिए जाएंगे। यही नंबर उस पुलिसकर्मी की तरक्की का आधार भी बनेंगे। यह नंबर कांस्टेबल से लेकर थानाधिकारी तक को दिए जाएंगे।
मुख्यालय का आदेश : पुलिस अधीक्षक अजय लांबा ने बताया कि जयपुर पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को वीडियो कांÈ्रेंस के जरिये एडीजी क्राइम ब्रांच अजीतसिंह ने सभी जिला एसपी को निर्देश दिए हैं कि बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसकर्मियों का हौंसला बढ़ाने के लिए संपत्ति संबंधी, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी, लूट व अन्य अपराधों का खुलासा व वारंटी और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए हर केस पर अब पुलिसकर्मियों को नंबर दिए जाएंगे। इनमें 15 प्रकार के मामले शामिल किए गए हैं, जो पुलिसकर्मी सबसे अधिक खुलासे व गिरफ्तारियां कर अधिक अंक हासिल करेगा, उसे ईनाम के साथ प्रमोशन भी दिया जाएगा। इन सभी मामलों में संपत्ति से जुड़े मामलों को भी काÈी तरजीह दी गई है।
माइनस मार्किंग भी होगी : जानकारी के अनुसार नंबर देने की लिस्ट पांच पेज कि बताई जाती है। किसी पुलिसकर्मी के रिश्वत या अन्य किसी गलत काम के मामले में सस्पेंड और लाइन हाजिर होने पर माइनस मार्किंग भी की जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। माइनस में 50 नंबर तक दिए जा सकते हैं। वारदात करने पर यदि थानाधिकारी उसको कंट्रोल करने में विÈल रहते हंै, तो ऐसे में एसपी व आईजी को पहुंचना पड़ेगा, तो थानाधिकारी को भी माइनस मार्किंग दी जाएगी।
बीट कांस्टेबल क्षेत्र में रहेंगे : बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीट के कांस्टेबल को सप्ताह मे एक रात बीट में ही रहने के आदेश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों से संपर्क बढ़ेगा और नये आने वाले व्यक्तियों के बारे में पता भी चलेगा। हर कांस्टेबल पर एक बीट प्रभारी होगा, जो रात्रि विश्राम व अन्य कार्य की निगरानी रखेगा तथा बीट प्रभारी का रजिस्टर समय-समय पर एसपी और आईजी चैक करेंगे।
॥कल जयपुर मुख्यालय से काम के आधार पर पुलिसकर्मियों की मार्किंग करने के आदेश मिले हैं। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। काम और अधिक अ’छे ढंग से होगा। -अजय लांबा, एसपी उदयपुर
गहलोत का जन्मदिन भूले कांग्रेसी !
उदयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आज जन्मदिन है, लेकिन स्थानीय कांग्रेसी नेता उनके जन्मदिन को भूल गए हैं। अगर आज गहलोत मुख्यमंत्री होते, तो उनका जन्मदिन काÈी धूमधाम से मनाया जाता। आज तीन मई को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 6& वर्ष के हो गए और पार्टी के कार्यकत्र्ता तथा शहर जिला कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी उन्हें भुलाए बैठे हैं, जहां पिछले साल तक हर कार्यालय और जगह-जगह जन्मदिन के दिन गोष्ठियां आयोजित की जाती थी। रक्तदान किया जाता था, लेकिन आज उनका यहां पर कोई नाम लेवा भी नहीं रहा। जब जन प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं से पूछा गया, तो कई लोगों को तो याद ही नहीं था कि आज गहलोत का जन्मदिन है। शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा से पूछा, तो पहले वह सोचने लगी Èिऱ याद कर बोली हां है, लेकिन अभी मैं बाहर हूं। ऐसे ही कई जवाब बाकी कांग्रेसियों ने भी दिए।
॥आज गहलोत साहब का जन्मदिन है, लेकिन अभी मैं शहर में नहीं हूं। आकर बात करती हूं।
-नीलिमा सुखाडिय़ा, शहर जिलाध्यक्ष, उदयपुर
॥आज वैशाख माह की चतुर्थी है, मैं चित्तौड़ में हूं। आप ने याद दिलाया, शाम तक गहलोतजी का जन्मदिन मनाएंगे।
-हेमंत श्रीमाली, देहात प्रवक्ता।
॥मनाई मनाई ने थांको भाई साहब, अबे तो भूली ग्यो।
-जयप्रकाश नीमावत, पूर्व जिलाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस
॥मैने सुबह-सुबह ही शुुभकामना संदेश गहलोत जी को भेज दिया। हम उनके उÓÓवल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही कांग्रेस पार्टी को Èिर से ऊर्जावान बनाएंगे।
-दिनेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष
॥ हां जन्मदिन तो है, लेकिन कोई कार्यक्रम तय नहीं है। Èिर भी मैं पूछ कर आपको बताता हूं।
-Èिरोज अहमद, कांग्रेस प्रवक्ता
॥ हां आज अशोकजी का जन्मदिन है। कहां मनाया ये तो पंकजजी बता सकते हैं। उन्होंने न्यूज भेजी होगी।
-दिनेश दवे, पूर्व प्रवक्ता, कांग्रेस
मार झपट्टा छीनते, यहां गले से चेन।
गुण्डे छुट्टे Èिर रहे, महिलाएं बेचैन।।
लाड कंवर हिरण मगरी, आंसू रही बहाय।
स्वर्णिम मंगलसूत्र और चेन छिन गई हाय।।
-अलमस्त Èकीरा
सुखाडिय़ा सर्किल पर लगा अवैध केबिन हटाया

महापौर, आयुक्त और समिति अध्यक्ष की मौजूदगी में रखवाए गए अवैध केबिन का मामला
उदयपुर। नगर निगम को अपनी बपौती समझने वालों को आज उस समय गहरा आघात लगा, जब सुखाडिय़ा सर्किल पर जनप्रतिनिधियों की मौजदगी में अवैध तरीके से लगाया गया केबिन वहां से हटा दिया गया। आज सुबह नगर निगम आयुक्त के आदेश पर इस अवैध केबिन को वहां से हटवाकर निगम के पिछवाड़े रखवा दिया गया है। हालांकि इस कृत्य के लिए केबिन स्थापित करने वाले के खिलाफ अब तक कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं करवाया गया है, जो कि नियमानुसार निगम द्वारा दर्ज करवाना चाहिए।
udaipur post ने दो दिन पूर्व क्रसफाई के बहाने सुखाडिय़ा सर्किल पर भाजपा कार्यकर्ता का केबिन लगवायाञ्ज शीर्षक से समाचार प्रमुखता से post किया था। इसके बाद ही इस केबिन को लेकर निगम में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच राजनीति गरमा गई। उल्लेखनीय है कि इस केबिन को वहां पर महीने के आखिरी मंगलवार को एक सोची समझी साजिश के तहत स्थापित किया गया था, क्योंकि महीने के आखिरी मंगलवार को वहां व्यापारी दुकानें बंद रखते हैं। ऐसा इसलिए किया गया कि केबिन लगवाते वक्त उसका कोई विरोध नहीं करें।
यह केबिन तब स्थापित करवाया गया, जब महापौर, आयुक्त, समिति अध्यक्ष वहां पर सफाई अभियान की शुरुआत कर रहे थे। इससे यह संदेह पुख्ता हो गया कि उक्त केबिन को रखवाने में इन लोगों की मौन स्वीकृति है और इस मौन स्वीकृति के पीछे अंडर द टेबल लेन-देन भी हुआ है। इधर, इस केबिन को स्थापित करने का समाचार जब उजागर हुआ, तो विपक्ष के साथ ही पक्ष के पार्षदों ने भी महापौर, आयुक्त और समिति अध्यक्ष पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस दबाव के चलते आज सुबह आखिरकार आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ ने उक्त केबिन को हटाने के निर्देश दिए, जिसके बाद केबिन को वहां से हटाकर नगर निगम के पिछवाड़े रखवाया गया। गौरतलब है कि यह केबिन मंडी निवासी भाजपा कार्यकर्ता रामलाल साहू को स्थापित कर ने दिया गया था।
॥सुखाडिय़ा सर्किल पर लगाया गया केबिन हटा दिया गया है। अवैध केबिन लगवाने वाले के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज करवाना है या नहीं। इस बारे में अभी तय नहीं किया गया है। -हिम्मतसिंह बारहठ, आयुक्त, नगर निगम
अब उदयपुर में उगाए जाएंगे मानव अंग!

उदयपुर। अब वह दिन दूर नहीं जब इस ऐतिहासिक शहर में कई मानव अंगों को प्रयोगशाला में उगाकर प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। यह कार्य भीलों का बेदला में स्थापित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में होगा।
पिछले दिनों क्रमददगारञ्ज ने पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल के संचालक राहुल अग्रवाल से क्रकार्ड ब्लड बैंकञ्ज स्थापित कर उदयपुर को चिकित्सा क्षेत्र में विश्व स्तरीय पहचान दिलाने का अनुरोध किया था, जो उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इसके तहत आर्गन डोनेट करने वालों के ऑर्गन भी सुरक्षित रखे जा सकेंगे। साथ ही क्रकार्ड ब्लडञ्ज भी जमा किया जाएगा। क्रकार्ड ब्लडञ्ज शिशु के जन्म के बाद नाभिनाल में रहता है, जिसे प्रसव के बाद फेंक दिया जाता रहा है। नई तकनीक ने अब गर्भनाल में पाए जाने वाले क्रकार्ड ब्लडञ्ज को २० साल तक सुरक्षित रखा जाना संभव कर दिया है। इसमें शिशु के क्रस्टेम सेलञ्ज होते हैं, जिनसे टूटे-फू टे अथवा खराब हो जाने वाले अंगों को नये सिरे से उगाकर प्रत्यारोपित किया जाता है। यह मेडिकल इंजीनियरिंग की एक आधुनिक शाखा है।
इस क्षेत्र में काम करने वाले चिकित्सा इंजीनियरों ने क्रएसोसिएशन ऑफ सेल बैंक्स ऑफ इंडियाञ्ज का गठन भी कर लिया है। इस संस्था से देश के विभिन्न भागों में १५ प्राइवेट क्रसेल बैंक्सञ्ज जुड़ गए हैं, जिनमें १६ लाख यूनिट क्रकार्ड ब्लडञ्ज स्टोर हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि क्रकार्ड ब्लडञ्ज से प्राप्त स्टेम सेल्स का उपयोग ल्युकेमिया, लिम्फोमा, थेलेसीमिया समेत ८० से अधिक बीमारियों के उपचार में भी होता है।
आखातीज पर अबूझ सावों की धूम
उदयपुर। आज आखातीज अबूझ सावों पर जहां शहरभर में शादियों की धूम मची हुई है, वहीं मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शहर और ग्रामीण अंचलों में भी जगह-जगह सावों की धूम है।
गली-मोहल्लों मे शादियों की धूम: आज आखातीज पर शादियों की धूम मची हुई है, कहीं बिनौली में बजते बैंड की धुन, तो घरों और गार्डनों में डीजे के स्वर कल रात से ही बज रहे हंै। महिलाएं, युवा, बच्चे सब अपने परिचितों की शादी में जाने के लिए सजे-धजे नजर आ रहे हैं। शादियों का शहर में यह हाल है कि कोई भी गार्डन और मैरिज हॉल खाली नहीं है। हर गली में कोई न कोई शादी है, सडकों पर शादियों के टेंट लगे हुए हैं। बाजारों में ग्रामीण अंचल से आए दूल्हा-दुल्हन और उनकी परिजनों की भीड़ है।
मंदिरों में अनुष्ठान : आखातीज पर शहर के जगदीश मंदिर, अस्थल मंदिर, बाईजी राज कुंड, सत्यनारायण मंदिर सहित कई मंदिरों मे ठाकुरजी कि प्रतिमाओं का विशेष शृंगार किया गया है। कई मंदिरों में रूद्राभिषेक और हवन किए जा रहे हंै।
बाज़ारों में दिखे उमर से कम दूल्हा-दुल्हन : बाल विवाह को रोकने की लाख कोशिशों के बावजूद भी आज आखतीज पर ग्रामीण अंचलों से आए कम उम्र के दूल्हा-दुल्हन अपने परिचितों के साथ दिखाई दिए।
प्रतापनगर चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल किसी काम के नही है

भावेश जाट
उदयपुर। प्रतापनगर चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल किसी काम के नहीं हैं। इनकी लाइट्स नहीं जलती है, जिससे सही लेन में अथवा सही तरीके से चलने वाले वाहनधारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह भी एक कारण है कि यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं देखने को मिलती है। इन दुर्घटनाओं में नियमों की पालना करने वालों को भी अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पड़ा है। चौराहे पर जिसे जहां से समझ में आता है, वह वहां से निकलने का प्रयास करता है, जिससे यहां पर जाम लग जाता है या दुर्घटना हो जाती है।
पीली बत्ती तो जलती ही रहती है: प्रतापनगर चौराहे पर लगी सिग्नल लाइट्स लंबे समय से खराब पड़ी हुई है, जिसको ठीक करवाने की जहमत विभाग नहीं उठा रहा है, यही कारण है कि यहां से गुजरने वाले वाहनधारी भ्रमित हो जाते हैं और सिग्नल के चक्कर मेें हादसे को न्यौता दे बैठते हैं। इस सिग्लन पर सारी बत्तियां लगी हुई है, लेकिन उसमें से सिर्फ रास्ता खुला होने का संकेत देने वाली पीली बत्ती ही जलती हुई पाई जाती है। इससे चारों तरफ से आने वाले वाहनों को खुले रास्ते का संकेत मिलता है और वेे तेज गति से आ जाते हैं, जिससे हादसा हो जाता है।

> जिम्मेदारों को परवाह नहीं: सिग्नल के बंद होने या चालू होने की विभाग को बिल्कुल परवाह नहीं। हादसा होता, तब इसे ठीक कराने की बाते चलती है, फिर सभी हाथ पर हाथ धरे बैठ जाते हैं। इससे लगता है यहां पर लगे सिग्नल का कोई औचित्य नहीं है। ये केवल दिखावा मात्र है।
> ट्रैफिक पुलिस को परेशानी: चौराहे पर सिग्नल्स के नहीं चलने से यहां पर ड्यूटी निभा रहे ट्रैफिक पुलिस वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। फिर भी तेज गति से आते वाहनों की वजह से कई बार हादसा हो जाता है।
> यात्रायात विभाग पड़ा हेै सुस्त : यह कार्य यात्रायात विभाग के अधीन आता है लेकिन यहां पर सिग्नल लाइट्स ठीक कराने का किसी के पास समय नहीं है कई बार हादसे हो जाने के बाद भी यात्रायात विभाग इन्हे सहीं करवाने की जहमत नहीं उठा रहा।
॥ नगर निगम द्वारा नये बूथ तैयार किए जाएंगे, जिसके तहत प्रतापनगर के सिग्नल भी ठीक हो जाएंगे।
-राजेंद्र त्रिपाठी, ट्रैफिक डिप्टी












