मच्छरों के साथ अब मच्छर मार घातक

अस्थमा, फिट्स और एलर्जी के बढ़ रहे कैसेज
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उदयपुर। मच्छरों के आतंक से बचने को अभी बेहतर हथियार समझे जाने वाली मॉस्किटो क्वॉयल अब उतनी पॉपुलर नहीं। वजह बाजार में आई लिक्बिड मॉस्किटो रेपलेंट ने तेजी से घरों में अपनी पहुंच बना ली है। सेफ्टी के दावों और पॉवर बच्चों तक की पंसद बन गए, लेकिन एड फिल्मों में मां के नजरिए से बेहद सुरक्षित और मच्छरों से बचाव के लिए बेहतर मानी जाने वाली यह लिक्विड असल में डाक्ॅटर्स की नजर में काफी खतरनाक है। इसके यूज करने के दौरान की जाने वाली असावधानियांं लोगों को न सिर्फ बीमार बना रही है, बल्कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर ये जान के लिए भी खतरा साबित हो रही है।

क्वॉयल जितनी खरतनाक
धुआं छोडऩे वाली मॉस्किटो क्वॉयल से बेहतर ऑपशन माने जानी वाली लिक्विड रेंपलेंट भी बेहद खतरनाक है। मॉस्किटो क्वॉयल का धुआं, जहां आंख, कान और सांस की एलर्जी की वजह बनता है, वहीं इसे गलती से खा लेने पर एसिडिटी, उल्टी, पेट दर्द, लूज मोशन और ब्लीडिंग की प्रॉब्लम्स होती है। इससे शरीर में कमजोरी, मिर्गी के दौरे और अस्थमेटिक अटैक की प्रॉबलम्स वाले रोगियों की तादाद काफी तेजी से बढ़ रही है।

कंस्ट्रेटेड लेवल में खेल
लिक्विड रेपलेंट में यूज होने वाले केमिकल्स मच्छरों के साथ इंसान के लिए भी काफी खतरनाक होते हैं।
इनमें ट्रांसफ्लुथ्रिन, ब्यूटीलेटेड हाइड्रॉक्सी, टालुइन और डिऑड्राइज्ड केरोसिन का यूज होता है। डाक्टर में माने तो रेंपलेंट को एक निश्चित कंस्ट्रेटेड लेवल तक ही बनाया जा सकता है, जो इंसानों की सेहत के लिए खरतनाक ना हो, लेकिन ज्याद रिजल्ट दिखाने के लिए कई बार कंपनीज ज्यादा कंस्ट्रेटेड लेवल का रेपलेंट बनाती है, जबकि केमिकल कंपोजीशन में इसकी क्षमता कम दिखा दी जात है। वहीं बॉक्स में दिए स्लिप पर कंपोजीशन नेम बेहद छोटे होते हैं, ताकि पता ना चल पाए।
वेपर्स बन रहा है साइलेंट किलर
लिक्विड रेपलेंट में मौजूद वेपर्स ही मच्छरों से बचाव के इस जरिए को लोगों के लिए नुकसानदेह बना रहे हैं। दरअसल इंसान के फेफड़े एक निश्चित साइज वाले वेपर्स को ही सोखने की क्षमता रखता है, जबकि लिक्विड रेपलेंट से निकलने वाला वेपर्स का साइज बड़ा होत है, जो फेफड़े में पहुंचकर वहां जम जाते हैं। इन वेपर्स से अगर सावधानी नहीं रखी जाए, तो यह एक समय के बाद साइलेंट किलर की तरह काम शुरू कर देता है।

अवेरयनेस से ही बचाव
लिक्विड रेपलेंट का सावधानी से यूज करना ही इससे होने वाली बीमारियों से बचाव का कारगर तरीका है। डॉक्टर की माने, तो लोग मॉस्किटो क्वॉयल के यूज के लिए तो बेहद अवेयर रहते हैं, लेकिन लिक्विड रेपलेंट के मामले में काफी लापरवाही बरतते हैं। लिक्विड रेपलेंट के यूज के लिए सबसे पहले कमरे में प्रॉपर वेंटिलेशन होना बेहद जरूरी है। वही बेहद बुजूर्ग और छोटे बच्चों के कमरों में यूज करने समय भी काफी सावधानी बरतनी चाहिए। कमरे में वेंटिलेशन ना होने की सिचुएशन में इससे निकले वाले वेपर्स दम घुटने की भी वजह बनते हैं। वहीं ऐसे रोगी, जिनका इलाज चल रह हो और खाने के बाद उन्हें गहरी नींद आती हो। साथ ही एल्कोहल लेने वाले लोगों को भी इसके यूज में सावधानी बरतनी चाहिए।

वकील की पत्नी की हत्या

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चित्तौडग़ढ़ के हनुमान दरवाजे के पास मिली लाश
उदयपुर/चित्तौडग़ढ़। यहां किला रोड पर हनुमान दरवाजे के पास आज सुबह एक वकील की पत्नी की लाश मिली है। हत्या के बाद लाश को वहां फेंका गया था। मृतका के शरीर पर पहने गहने मौजूद है, जिससे लूट की आशंका भी नहीं जताई जा रही है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चला है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस के अनुसार आज सुबह हनुमान दरवाजे के पास शास्त्री नगर निवासी वकील शंकरलाल सिंघवी की पत्नी कुमुद (४८) की लाश मिली है। मृतका के गले पर चाकू से वार किया गया है। घटनास्थल पर खून के निशान नहीं है। इससे पता चलता है कि हत्या करने के बाद लाश वहां फेेंकी गई थी। मृतका के शरीर पर पहने हुए सभी गहने मौजूद है, जिससे लूट की आशंका भी नहीं जताई जा रही है। हत्या के कारणों का पुलिस अभी पता लगा रही है। वकील शंकरलाल ने कल शाम को छह बजे कोतवाली थाने में उसकी पत्नी कुमुद की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुमुद कल सुबह 11 बजे एलआईसी की किश्त जमा कराने के लिए घर से निकली थी। उसने किश्त भी जमा करवा दी, लेकिन बाद में उसका अपहरण कर लिया गया, जिसकी रात को हत्या के बाद शव हनुमान दरवाजे के पास फेंक दिया गया था। शंकरलाल पहले वकालात करते थे, लेकिन अभी उन्होंने प्रेक्ट्सि छोड़ दी है।
॥प्रथम दृष्ट्या लूट जैसा कोई मामला प्रतीत नहीं हो रहा है। अज्ञात के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
-प्रसन्न कुमार खमेसरा, एसपी चित्तौडग़ढ़

मोदी चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ काम करने को तैयार

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नमो ने कहा – सरकार की आर्थिक नीतियां जारी रहेंगी
लोगों ने पूछा – फिर क्यों हो अबकी बार मोदी सरकार
– डी भट्टाचार्य/पार्था घोष –
गांधीनगर/नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए को बहुमत मिलने को लेकर आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं। मोदी का कहना है कि कांग्रेस का सफाया होना ‘लगभग तयÓ है। हालांकि, चुनाव, नीतियों और गवर्नेंस के बारे में इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में मोदी ने कहा कि अभी जो जंग चल रही है, वह चुनाव के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच सहयोग के आड़े नहीं आएगी। बीजेपी के पीएम कैंडिडेट ने क्रईटीञ्ज की ओर से ईमेल के जरिए भेजे गए तमाम सवालों के जवाब दिए और इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ‘इन्वेस्टर सेंटिमेंटÓ की रक्षा करना उनकी टॉप प्रायॉरिटी है। उन्होंने यहां तक अगर रोजगार पैदा होंगे तो मल्टि-ब्रैंड रीटेल में भी एफडीआई का स्वागत है। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ भी की और कहा कि पीएम के रूप में उनके नॉन-परफॉर्मेंस की वजह ‘अधिकार और स्वतंत्रताÓ की कमी थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह सरकार में आए तो इकनॉमिक पॉलिसी की निरंतरता जारी रखेंगे।
जीत का भरोसा : चुनाव में जीत का भरोसा जताते हुए मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस की हार तो तय है ही, वह अब तक की सबसे कम सीटों पर सिमटने जा रही है। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर कांग्रेस किसी भी राज्य में 10 सीटें भी न जीत पाए। यह लगभग तय है कि राष्ट्रीय स्तर पर वह 100 के आंकड़े तक नहीं पहुंचेगी। बीजेपी और एनडीए, दोनों ही अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ करने जा रहे हैं। एनडीए के प्री-पोल अलायंस को साफ बहुमत मिलना निश्चित है।Ó
इकॉनमी में सुधार पहली प्राथमिकता : मोदी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि नई सरकार के सामने इकॉनमी की बुरी हालत से निपटने की चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं कि क्या यूपीए सरकार ने जान-बूझकर इकॉनमी को ऐसे हालत में छोड़ा है। हो सकता है कि यह कांग्रेस का तरीका हो कि आने वाली सरकार के लिए हालात मुश्किल करके जाएं।
कांग्रेस के साथ काम करने को तैयार : मोदी ने चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ सहयोग का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा, ‘मैच्योर नेता मिलकर काम करने की अहमियत समझते हैं।Ó मोदी ने कहा कि चुनाव के दौरान तो हमले तेज होते ही हैं। हमने यूपीए के 10 साल के दौरान फूड सिक्यॉरिटी बिल, भूमि अधिग्रहण बिल, लोकपाल बिल जैसे कई मुद्दों पर सरकार का साथ दिया। हमारे रिश्ते इतने भी नहीं खराब हुए हैं।
अच्छे वित्त मंत्री थे मनमोहन : मोदी ने ईटी से कहा, ‘मनमोहन सिंह ने नरसिंह राव सरकार में फाइनैंस मिनिस्टर के रूप में जो काम किए, उनके लिए मैं उन्हें निश्चित तौर पर श्रेय दूंगा। अगर उन्हें अधिकार और काम करने की स्वतंत्रता दी गई होती तो वह प्रधानमंत्री के रूप में भी अच्छा काम कर सकते थे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक व्यक्ति के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं।Ó
एफडीआई पर सारे विकल्प खुले : मोदी ने कहा कि हमने मल्टि-ब्रैंड रीटेल में एफडीआई को लेकर आपत्ति जताई है, लेकिन हमारे मैनिफेस्टो में साफ तौर पर कहा गया है कि हम सभी सेक्टर्स में एफडीआई का स्वागत करेंगे। जहां भी हमें लगेगा कि एफडीआई से युवाओं के लिए रोजगार पैदा होगा, वहां हम इसे बढ़ावा देंगे।
इन्वेस्टर सेंटिमेंट सबसे अहम : मोदी ने कहा कि अगर वह सरकार में आए तो यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्णय करने के मोर्चे पर निरंतरता रहे और ऐसा कोई मेसेज न दिया जाए जिससे फॉरेन इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर ‘बुरा असरÓ पड़े। मोदी ने कहा, ‘हम इन्वेस्टर सेंटिमेंट्स का ध्यान रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा कोई मेसेज न जाए जिससे लगे कि अनिश्चितता और फैसले लेने की प्रक्रिया प्रॉसेस में निरंतरता की कमी है, जिनसे फॉरेन इन्वेस्टर्स सहित सभी निवेशकों के भरोसे पर बुरा असर पड़ता हो।Ó (साभार : एनबीटी)
गिरिराज और तोगडिय़ा के बयान से परेशानी
नई दिल्ली। हाल ही में बिहार बीजेपी नेता गिरिराज सिंह और फिर विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगडिय़ा के विवादास्पद बयानों की वजह से विरोधियों के निशाने पर आए नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ी है। मोदी ने बिना किसी का नाम लिए सख्त लहजे में कहा है कि मैं इस तरह के किसी भी गैरजिम्मेदाराना बयान की निंदा करता हूं। उन्होंने तोगडिय़ा का नाम लिए बिना कहा कि बीजेपी के शुभचिंतक होने का दावा करने वाले लोगों के उल्टे-सीधे बयान पार्टी की चुनावी कैंपेन को डिवेलपमेंट और गुड गवर्नेंस के मुद्दे से भटका रहे हैं।
गौरतलब है कि वीएचपी के नेता प्रवीण तोगडिय़ा ने हिंदू बहुल इलाकों में घर खरीदने वाले मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हुए बहुसंख्यकों को उकसाने वाला बयान दिया था। भावनगर में हिन्दू बहुल इलाके में घर खरीदने वाले मुस्लिम व्यापारी के विरोध में उनके घर के बाहर जमा वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से तोगडिय़ा ने कहा कि अगर वह 48 घंटे में घर खाली नहीं करते हैं तो इस पर कब्जा कर लें। इस बयान के लेकर काफी बवाल मचा। बाद में तोगडिय़ा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई।
इसके पहले एक चुनावी सभा में बिहार बीजेपी के नेता और नरेंद्र मोदी के बड़े समर्थक गिरिराज सिंह ने कहा था, ‘जो लोग नरेंद्र मोदी को रोकना चाहते हैं, वे पाकिस्तान की ओर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके लिए भारत में कोई जगह नहीं होगी। उनके लिए बस पाकिस्तान में जगह बचेगी।Ó उस रैली में गिरिराज सिंह के साथ बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी मौजूद थे। इस मामले में गिरिराज के खिलाफ भी कई एफआईआर दर्ज किए गए हैं। इन दोनों के अलावा भी संघ परिवार से जुड़े कई लोगों ने विवादास्पद बयान दिए हैं। खासकर अल्पसंख्यकों के बारे में।
जब चुनावी प्रचार अपने चरम पर हैं ऐसे में ये विवादास्पद बयान नरेंद्र मोदी के लिए परेशानी पैदा करने लगे हैं। अब तक नरेंद्र मोदी ने खुद इस तरह की बयानों की निंदा नहीं की थी। लेकिन, जब इन बयानों को लेकर मीडिया का दबाव बढऩे लगा तो खुद सफाई देने सामने आए।
मंगलवार की सुबह उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी के शुभचिंतक होने का दावा करने वाले लोगों के उल्टे-सीधे बयान पार्टी की चुनावी कैंपेन को डिवेलपमेंट और गुड गवर्नेंस के मुद्दे से भटका रहे हैं।Ó इसके बाद अपने अगले ट्वीट में मोदी ने लिखा, ‘मैं इस तरह के किसी भी गैरजिम्मेदाराना बयान की निंदा करता हूं और उन लोगों से अपील करता हूं कि कृपया इस तरह के बयानों से परहेज करें।Ó

महाकाल ट्रस्ट पर फतहसागर में भराव डालने का आरोप

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पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के बीच जुबानी जंग

उदयपुर। महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा मंदिर के पीछे की जमीन का प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़कर भराव फतहसागर झील में डाला जा रहा है। पिछवाड़े में जो निर्माण करवाया जा रहा है। उसकी कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सहित कई लोगों ने वर्तमान अध्यक्ष व पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है।
जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया की मौजूदा ट्रस्ट द्वारा सारे नियमों को ताक में रखकर महाकाल के भक्तों की सहयोग राशि में दिए रुपयों का दुरूपयोग किया जा रहा है। मंदिर में बिना आवश्यकता के निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं। झील संरक्षण क्षेत्र होने के बावजूद भी निर्माण करवाया जा रहा है। मंदिर के पीछे जेसीबी से खुदाई कर भराव झील में डाला जा रहा है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मौजूदा ट्रस्ट ने मंदिर में कई निर्माण ऐसे करवा दिए हैं जिनकी आवश्यता नहीं थी। वाहनों के आने पर रोक लगा दी है। निर्माण कार्य के लिए भक्तों से जो सहयोग राशि ली जाती है, उसका आज तक मौजूदा ट्रस्ट ने हिसाब-किताब नहीं दिया है।
पूर्व ट्रस्ट के अध्यक्ष दयाशंकर कुमावत ने कहा कि जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त से मांग की गई है कि ट्रस्ट द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच की जाए। ट्रस्ट द्वारा किए गए खर्च को सार्वजनिक किया जाए तथा महाकाल मंदिर के आसपास की जमीन का जो प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है, उस पर रोक लगाई जाए। साथ ही झील में डाले जा रहे भराव को रोका जाए।

> सारे आरोप निराधार है। आज महाकाल मंदिर का विस्तार हो रहा है और बहुत अच्छा काम हो रहा है। ये विस्तार और कार्य कुछ गिने चुने लोगों को अच्छा नहीं लग रहा, जो ऐसे आरोप लगा रहे हैं। उनमें पूर्व अध्यक्ष दयाशंकर कुमावत भी शामिल है, जो अपने कार्यकाल के दौरान महाकाल की संपत्ति को निजी कामों में उपयोग में लिया करते थे। आने वाले समय में मंदिर के पीछे वाली जगह पर घाट बनाया जाएगा, जहां से बोटें संचालित की जाएगी। भक्त बोटिंग का आनंद लेते हुए महाकाल के दर्शन करने आ सकेंगे।
-तेजसिंह सरुपरिया, अध्यक्ष, महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट

बारूद से उड़ाई जा रही है पहाडिय़ां!

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कहां से आ रहा है भारी मात्रा में प्रतिबंधित विस्फोटक ?
-अख्तर खान-
उदयपुर। हाईकोर्ट के आदेशों, मास्टर प्लान में शहर के आसपास की पहाडिय़ों को संरक्षित करने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से प्रतिबंधित विस्फोटकों के जरिये पहाडिय़ों को उड़ाया जा रहा है। निजी कॉलोनाइजर्स और भूमाफियाओं ने सैकड़ों पहाडिय़ों को प्लाटिंग, रिसोर्ट और होटल्स बनाने के लिए समतल कर दिया है। दूसरी तरफ, इनके संरक्षण के लिए प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार वन क्षेत्र और निजी खातेदारी की पहाडिय़ों को सिर्फ विकास के लिए एक निश्चित ऊंचाई तक ही समतल किया जा सकता है।
चारों दिशाओं में समतल हो रही है पहाडिय़ां : पिछले कुछ सालों में जमीनों की दरें आसमान छूने लगी, तो भूमाफियाओं की नजर निजी खातेदारी और गैर खातेदारी की पहाडिय़ों पर पड़ी। चित्रकूटनगर के पास रघुनाथपुरा की कई पहाडिय़ां, ईसवाल हाइवे के आस-पास की पहाडिय़ां, उमरड़ा और नाई के आगे खेड़ा गांव तक पहाडिय़ों में बारूद भरकर उन्हें उड़ाकर समतल कर दिया गया है। इन पर प्लाटिंग काटी जा रही है, रिसोर्ट और होटल्स विकसित किए जा रहे हैं। रघुनाथपुरा में तो इन पहाडिय़ों को समतल करने के लिए पिछले कई दिनों से रोज शाम को ब्लास्ट किए जा रहे हैं। ना तो इन भू-माफियाओं को कोई रोकने वाला है और ना ही इनसे कोई पूछने वाला। हर शाम बारूद से ब्लास्ट करने के बाद दिन-रात जेसीबी और डंपरों से भराव हटाया जा रहा है।
कहां से आता है बारूद ? : इन पहाडिय़ों के लिए निजी कॉलोनाइजर्स भारी मात्रा में प्रतिबंधित विस्फोटक सामग्री ला रहे हैं। इन विस्फोटकों में सैन्य विस्फोटक भी शामिल है, जो बाजार में आ रहा है, यह एक गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और कार्रवाई नहीं होने के कारण इनका बेखौफ इस्तेमाल किया जा रहा है। पता चला है कि इन पहाड़ों को उड़ाने के लिए डायनामाइट, जिलेटिन की छड़े, बारूद उपयोग में लाए जा रहे हैं। कई विस्फोटक तो ऐसे हैं, जिन्हेें केवल मिलिट्री ही उपयोग में ले सकती है। ऐसे विस्फोटक भी इनके पास आ रहे है, जिसमे मर्करी फल्मिनेट और टीएनटी जैसे घातक तत्व शामिल है।
सुनने को तैयार नहीं यूआईटी सचिव : यूआईटी सचिव को जब यूआईटी के क्षेत्राधिकार में आने वाली रघुनाथपुरा की पहाडिय़ां पर विस्फोट होने की जानकारी दी गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ये हमारा मामला नहीं है। यह तो माइनिंग विभाग का मामला है, जबकि पिछले दिनों इन पहाडिय़ों के आसपास कब्जे होने पर यूआईटी ने ही पुलिस बुलाकर वहां से कब्जे हटाए थे।
यह है नियम : हाईकोर्ट के सख्त आदेश हैं कि शहर की पहाडिय़ों का स्वरूप नहीं बिगाड़ा जाए, यदि विकास के लिए आवश्यक है, तो सिर्फ एक निश्चित ऊंचाई तक ही पहाडिय़ों को काटा जा सकता है, जिसमेें भी यह देखना जरूरी है कि इससे पहाडिय़ों का वास्तविक रूप नहीं बिगड़ेगा। झील संरक्षण समिति के अनिल मेहता ने बताया कि उदयपुर का सौंदर्य इन पहाडिय़ों की वजह से ही बना हुआ है। यह पहाडिय़ां ही शहर में झीलों को भरने का मुख्य स्रोत है। इनको अगर ढहने से नहीं बचाया गया, तो संकट की स्थिति पैदा हो जाएगी।
मास्टर प्लान में भी पहाडिय़ों को किया गया संरक्षित : यूआईटी सचिव पहाडिय़ों को विस्फोटकों से उड़ाने की बात सुनने तक तैयार नहीं है, जबकि यूआईटी द्वारा तैयार मास्टर प्लान 2011-31 में इस बात का मुख्य रूप से ध्यान रखा गया है कि विकास के लिए भी उदयपुर की पहाडिय़ों का वास्तविक रूप नहीं बिगड़े। उदयपुर शहर का धरातल तस्तरीनुमा है, जहां सघन पौधरोपण की जरूरत है, क्योंकि इन्हीं पहाडिय़ों से बरसाती पानी शहर की झीलों को भरने में बहुत हद तक मदद करता है।

प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से खत्म होता जा रहा है झीलों का
लालच : कैचमेंट निजी कॉलोनाइजर और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से निजी खातेदारी तथा गैर खातेदारी की पहाड़ी जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीदकर सेना के बारूद से उड़ाया जा रहा है। इससे निजी कॉलोनाइजर्स को वहां पर प्लाटिंग करके लाखों-करोड़ों का लाभ हो रहा है, जिसका एक निश्चित हिस्सा अधिकारियों तक भी पहुुंचाया जा रहा है। इन लोगों के लालच के कारण संरक्षित पहाडिय़ां खत्म होती जा रही है, इतना ही नहीं यह कार्य पर्यावरण के लिए खतरनाक होने के साथ ही झीलों के कैचमेंट को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
लाचारी : हाईकोर्ट के सख्त आदेश है कि शहर की पहाडिय़ों का स्वरूप नहीं बिगाड़ा जाए। यदि विकास के लिए आवश्यक है, तो सिर्फ एक निश्चित ऊंचाई तक ही पहाडिय़ों को काटा जा सकता है, जिसमें भी यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि पहाडिय़ों का मूल स्वरूप नहीं बिगड़े। लेकिन निजी कॉलोनाइजर्स द्वारा दिए जा रहे लालच के कारण अधिकारी भी माननीय हाईकोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रहे हैं और भूमाफिया धड़ल्ले से शहर के आसपास की पहाडिय़ों को विस्फोटकों से उड़ा रहे हैं। अधिकारियों को यह तक परवाह नहीं है कि पहाडिय़ों को उड़ाने के लिए सेना के विस्फोटक को काम में लिया जा रहा है, जो कहां से आ रहा है? इसकी कौन खरीद-फरोख्त कर रहा है? अपने फायदे के लिए अधिकारियों ने इन सवालों पर भी पर्दा डाल दिया है।
॥पहाडिय़ों को विस्फोटकों से हटाया जा रहा है, तो चिंता का विषय है। मैं आज ही इस मामले में दिखवाता हूं और रघुनाथपुरा में भी संबंधित अधिकारियों को भिजवाकर कार्रवाई करवाता हूं।
-आशुतोष पेढणेकर, जिला कलेक्टर
॥बिना परमिशन अगर पहाडिय़ों को विस्फोटकों से ढहाया जा रहा है, तो गलत है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। सैन्य और दूसरी तरह का विस्फोटक कहां से आ रहा है। इसकी तुरंत जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
-अजयपाल लांबा, एसपी उदयपुर
॥इस बारे में आप माइनिंग विभाग से जानकारी लो, हमारे अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। रघुनाथपुरा में अगर कोई विस्फोट कर रहा है, तो उसकी निजी खातेदारी होगी।
-आरएन मेहता, यूआईटी सचिव
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पुलिस ने घेरा डालकर चंदन तस्कर को पकड़ा

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मंंंंत्री डॉ. व्यास के घर के बाहर से चंदन चोरी का प्रयास, कटा चंदन का पेड़ और कार जब्त
उदयपुर। केंद्रीयमं त्री और चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर आज तड़के तस्कारों ने परिपक्व चंदन का पेड़ काट दिया। इस बीच पुलिस के गश्ती दल ने तस्करों को देख लिया, जिससे एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज के नेतृृत्व में पुलिस अधिकारियों और जाब्ते ने घेरा डाला। करीब डेढ़ किलोमीटर पीछा करने के बाद एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीन तस्कर भागने में सफल हो गए। पुुलिस ने मौके से कार और कटा हुआ चंदन का पेड़ बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार रात दो बजे सफेद कार में चार चंदन तस्कर डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे, जिन्होंने इलेक्ट्री आरी से चंदन के पेड़ के तने को काट डाला। इसी बीच पुलिस के गश्ती दल ने डॉ. व्यास के घर के बाहर सफेद कार व चार जनों को खड़ा देखा। इसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दी गई। इस पर एएसपी सिटी डॉ. राजेश भारद्वाज के नेतृत्व में भूपालपुरा थानाधिकारी रतन चावला और हाथीपोल थानाधिकारी बोराजसिंह ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। पुलिस जाब्ते को देखकर तस्कर वहां से दौड़कर भागे, जिनका करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया गया। पुलिस ने इनमें से एक तस्कर को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वीरापुरा (सराड़ा) निवासी मोहन पुत्र नाथू मीणा बताया। उसने बताया कि इस वारदात में उसके साथ गोवर्धनविलास निवासी हीरालाल और निकुंभ निवासी दिनेश और रामलाल शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि शहर में गुलाबबाग व अन्य इलाकों से कई दफा चंदन पेड़ चोरी होने की घटनाएं सामने आई है। इससे पहले तस्करों ने एसीबी में करीब पांच साल पहले तत्कालीन डीआईजी रहे वीके गोदीका के बंगले से भी चंदन के पेड़ चोरी हुए थे।रात दो बजे : सफेद रंग की कार में चार चंदन तस्कर केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे और चंदन पेड़ को इलेक्ट्रिक आरी से काटना शुरू किया।
रात ढाई बजे : गश्ती पुलिस दल ने तस्करों को पेड़ काटते देखा। सूचना पर आला अधिकारी ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। कार व कटा पेड़ छोड़कर तस्कर भागे।
रात तीन बजे : पुलिस की टीमों ने पैदल भागे तस्करों को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन तीन तस्कर भागने में सफल हो गए, जबकि एक तस्कर पकड़ा गया।
रात दो बजे : सफेद रंग की कार में चार चंदन तस्कर केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के मकान के बाहर पहुंचे और चंदन पेड़ को इलेक्ट्रिक आरी से काटना शुरू किया।
रात ढाई बजे : गश्ती पुलिस दल ने तस्करों को पेड़ काटते देखा। सूचना पर आला अधिकारी ने जाब्ते के साथ घेरा डाला। कार व कटा पेड़ छोड़कर तस्कर भागे।
रात तीन बजे : पुलिस की टीमों ने पैदल भागे तस्करों को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन तीन तस्कर भागने में सफल हो गए, जबकि एक तस्कर पकड़ा गया।

कपासन थानाधिकारी सहित दो जवानों को हटाया

डोडा-चूरा बरामदगी के झूठे मामले के विरोध के बाद एसपी ने कार्रवाई
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कपासन। एसपी प्रसन्नकुमार खमेसरा ने डोडा-चूरा बरामदगी के कथित झूठे मामले में उपजे आक्रोश के बाद मामले की जांच बेंगू डीएंसपी राजेश चौधरी को सांैपी है। जांच होने तक कपासन सीआई मानाराम गर्ग को यहां से हटाकर Èिलहाल जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके साथ कांस्टेबल रोशनलाल को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि दूसरे कांस्टेबल सुभाष को उसके मूल नियुक्ति वाले थाने में भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय पुलिस ने 16 अप्रैल की रात को रंडिसारड़ी-संडिसारड़ी मार्ग एक ट्रैक्टर से ले जाए जा रहे डोडा-चूरा को जब्त कर दो जनों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की सूचना मिलते ही क्षेत्र के किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया, क्योंकि उक्त डोडा-चूरा पट्टे की अÈीम का था। शुक्रवार सुबह जाट छात्रावास में सैकडों की संख्या में किसान एकत्र हुए। इधर, प्रशासन को भी आंदोलन की भनक लगने पर भारी तादाद में पुलिस बल बुला लिया। आरोप है कि मौसम खराब होने से डोडा-चूरा व पोस्त दाने खेत से घर लाते समय दो किसानों को Èर्जी मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है, जबकि उक्त माल पट्टे की अÈीम का था। किसानों के बढ़ते विरोध को देखते हुए एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा ने आज सुबह थानाधिकारी मानाराम गर्ग को कपासन थाने से हटाकर एसपी ऑÈिस में लगा दिया, जबकि एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर करते हुए एक अन्य कांस्टेबल को उसके मूल नियुक्ति थाने में भेज दिया गया। इसके बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ।

हिरण को मारकर 25 फीट ऊंचे पेड़ पर ले गई मादा तेंदुआ

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सेवेन्ना. इंसान हो या जानवर, हर मां के जेहन में बच्चों की भूख जलती है। इसी कारण जब इस मादा तेंदुए ने हिरण का शिकार किया, तो उसे खाया नहीं, बल्कि अपने बच्चे के लिए उसे लेकर 25 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गई। वो लम्हा नजरिए को एक शिकार और शिकारी की दास्तां बयां नहीं कर रहा था, बल्कि एक मां की अपने बच्चे के लिए की जाने वाली जद्दोजहद को बता रहा था।1680_tanjania10
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चुनाव प्रचार के बाजार ने नेताओं के उतारे कपड़े

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सोनिया हो या मोदी, सबके साथ वाट्सएप पर भद्दा मजाक, प्रशासन बेबस
उदयपुर। वाट्सएप पर चुनाव से जुड़े प्रचार के बाजार ने अपने कपड़े उतार दिए हैं। यहां नंगे शब्द ही नहीं, बल्कि ऐसी-ऐसी तस्वीरें डाली जा रही है कि कोई भी व्यक्ति घर में मोबाइल को स्विच ऑÈ या लॉक किए बिना नहीं रख सकता। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को वाट्सएप पर पोर्न उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। वाट्सएप पर हो रही हरकत को आप जो भी नाम दे। ये अश्लीलता की हद से गुजर गया है।
अश्लीलता के साथ भड़काऊ बातें
वाट्सएप पर अश्लीलता के बड़े बाजार के साथ-साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का भी पूरा मसाला है। बाबरी मस्जिद का विध्वंस कैसे किया गया?, उसे अजीब तरीके से दिखाया गया है। अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी से जुड़ी कई आपत्तिजनक बातें भी है। लड़कियों की नंगी तस्वीरों पर अनाप-शनाप स्लोगन लिखे हुए हैं। एक तरÈ चुनाव आयोग इलेक्शन से जुड़ी हर गड़बड़ी पर नजर टिकाए रहा, लेकिन दूसरी तरÈ वाट्सएप पर दिख रहे गंदे शब्द और अश्लील तस्वीरें लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को पोर्न उत्सव में तब्दील कर रही है। अति उत्साही लोगों की करामात ने न सोनिया गांधी को बक्शा है न ही प्रियंका, न नरेंद्र मोदी और न ही केजरीवाल को।
वॉट्सएप पर नहीं पहरा
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भले ही इलेक्शन कमीशन अपनी नजर गड़ाए हुए रहा, लेकिन वाट्सएप पर कोई पहरा नहीं था। अबकी बार मोदी सरकार नारे पर डेली वाट्सएप पर सैंकड़ों मैसेज व Èोटो लगातार शेयर किए गए। हालांकि यह पर्सनल मैसेजिंग का अड्डा है, जिस पर कमीशन कुछ भी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। आलम यह हो गया है कि ऐसे-ऐसे अश्लील मैसेज आ रहे हैं, जिन्हें आपको बिना पढ़े ही डिलिट करना पड़ता है।
Èैल रहा है जहर
ऐसे मैसेजेज पिक्स, टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो सभी Èॉर्म में सर्कुलेट हो रहे हैं। वेबसाइट एक्सपटर््स कहते हैं कि सोशल साइट्स पर तो धीरे-धीरे गवर्नमेंट अपना कंट्रोल कर रही है पर वाट्सएप पर कोई कंट्रोलिंग नहीं है। शायद इसी कारण घोर आपत्तिजनक मैसेजेज सर्कुलेट हो रहे हैं, जिनके जरिये लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर जहर Èैलाया जा रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर फॉयरिंग

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photo3उदयपुर। प्रतापगढ़ में बीती रात नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर अज्ञात बदमाशों ने गोलियां बरसाईं, जो उनके मकान के दरवाजे में धंस गई। हमलावर बाइक पर आए थे। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाÈ रिपोर्ट दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बीती रात करीब साढ़े 11 से 12 बजे के बीच नगर पालिका अध्यक्ष सालनपुरा निवासी कमलेश दोशी के घर पर बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। चार Èायर किए। गोलियां दोशी के मकान के दरवाजे में धंसी मिली। गोलियां बरसा कर बदमाश चले गए। घर की महिलाओं और पड़ोसियों ने रात में हुई Èायरिंग की घटना के बारे में बताया कि उन्हें लगा कि शादी-ब्याह का सीजन है। इस कारण वे पटाखों की आवाज सुनकर सो गए। इस दौरान दुपहिया वाहन की भी आवाज आई थी। इस कारण माना जा रहा है कि हमलावर बाइक पर सवार थे।
आज सुबह जब घर की महिलाओं ने दरवोज में धंसे कारतूस देखे, तो रात को हुई Èायरिंग का पता चला। नगरपालिका अध्यक्ष कमलेश दोषी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके से चार खाली कारतूस के खोल बरामद किए, जो बंद दरवाजे पर किये गए थे।
दरवाजे पर चार Èायर के निशान भी थे। सुबह घटना की जानकारी जैसे-जैसे लोगों को मिलती गई, वैसे-वैसे पालिका अध्यक्ष के घर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं की भीड़ जुटने लगी। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। अध्यक्ष कमलेश दोषी ने पुलिस को बताया कि उनकी किसी से ना तो कोई रंजिश है, ना ही उनका कोई जमीन संबंधी या किसी अन्य मामले में किसी से विवाद है, जिसकी वजह से किसी पर शक किया जा सके। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाÈ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है, कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी जारी है।