उदयपुर। इन दिनों बाजारों में रसीले हापुस आमों की बहार आई हुई है। लेकिन इन पीले-रसीले हापुसों को चूसने से पहले जरा सोच-समझ लें। ये आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकते हैं। इन दिनों मार्केंट में मिलने वाला हापुस आम उपभोक्तोओं की सेहत पर असर डाल सकता है, क्योंकि इन रसीले हापुसों को जानलेवा केमिकल से पकाया गया है। केमिकल्स से पके इन आमों को खाते ही पेट दर्द, दस्त, लीवर और किडनी से जुड़ी शिकायतें पैदा हो सकती है।
इन दिनों Èलों के राजा हापुस आम की बाजार में काÈी डिमांड है। इस डिमांड को पूरा करने के लिए जहां व्यापारी हापुस का मनमाना दाम वसूल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे पकाने के लिए केल्शियम कार्बाइड जैसे जानलेवा केमिकल का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, जो कि सेहत के लिए प्राणघातक है। डॉक्टरों की मानें, तो ग्राहक और व्यापारियों के बीच डिमांड और सप्लाई के इस खेल में सिर्È और सिर्È उपभोक्ता को ही नुकसान पहुंचने वाला है, क्योंकि व्यापारी जिस हापुस आम को बाजारों में बेच रहे हैं। उसे पकाने के लिए वे केल्शियम का इस्तेमाल कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि केल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल विशेष कर केले और आम को पकाने के लिए किया जाता है। केल्शियम कार्बाइड एक Óवलनशील पदार्थ है और पानी के संपर्क में आने से कैल्शियम डाय आक्सइड बनता है, जो कि काÈी Óवलनशील होता है। इस पदार्थ से पके Èलों को खाने से सिरदर्द, चक्कर आना, किडनी, लीवर में शिकायत के अलावा ब्रेन में पानी की गांठ बन जाती है। इतना ही नहीं उपभोक्ता की लंबे समय के लिए मेमारी लॉस हो सकती है। बता दें कि केल्शियम कार्बाइड जब पानी के संपर्क में आता है, तो वह गैस में तब्दील हो जाता है। जिससे पानी का तापमान 305 डिग्री के ऊपर चला जाता है। यह इतना Óवलनशील होता है कि हवा के संपर्क में आने पर यह विस्Èोटक का काम करता है।
हापुस, सोच-समझकर चूस!
हाँ मेने किया अपने अधिकार का प्रयोग और डाल दिया अपना एक वोट, उदयपुर में हुआ 63.63 प्रतिशत मतदान ( PHOTO )
उदयपुर । शहर के चाहे नौजवान हो या बूढ़े महिलाएं हो या पुरुष अधिकतर लोगों ने मतदान को अपनी पहली जिम्मेदारी समझ कर मतदान किया । सरकार चाहे किसी की भी बने लेकिन लोगों ने अपने मत के अधिकार को समझा और मत का प्रयोग किया
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभा में 63.63 प्रतिशत मतदान हुआ । जिसमे सबसे अधिक झाड़ोल विधान सभा में 73.56 प्रतिशत मतदान हुआ और सबसे कम 61.58 प्रतिशत सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र का रहा । जानकारी के अनुसार बाकी विधान सभाओं में गोगुन्दा में 63.37 खेरवाड़ा में 61.95 उदयपुर ग्रामीण 69.26, धारियावाद 67.34 व् आसपुर 63.25 प्रतिशत मतदान रहा।
हम यहां शहर के कुछ जिम्मेदार नागरिकों के फोटो प्रकाशित कर रहे है । जिन्होंने अपना वोट डालने के साथ साथ सोशल साइट पर लोगों को वोट डालनी अपील भी की ।
गर्म हवाओं पर सवार मतदान का जोश




॥दोपहर १.२० तक ३४.५६ प्रतिशत मतदान
॥सुबह उमड़ी भीड़, दोपहर में धीमा हुआ उत्साह
उदयपुर। लोकसभा चुनाव का उत्साह मतदाताओं पर इस कदर हावी है कि उन्हें गर्मी और लू के थपेड़े भी नहीं रोक पा रहे हैं। प्रशासन के मतदाता जागरूकता अभियान का इस बार काफी गहरे तक असर देखा गया है। तेज और तीखी धूप के बावजूद शहर और ग्रामीण इलाकों में मतदान उत्सव अपने परवान पर है। महिलाएं, युवक-युवतियां और बुर्जर्ग, कोई भी मतदान से नहीं चूका। ऐसा मतदाताओं की भीड़ को देखकर प्रतीत हो रहा है।
उदयपुर लोकसभा सीट पर दोपहर १.२० तक ३४.५६ प्रतिशत मतदान हो चुका था। सुबह 11 बजे तक सभी जगह बंपर मतदान हुआ। इसके बाद में थोड़ा धीमा पड़ा। उम्मीद जताई जा रही है कि शाम चार बजे से छह बजे तक मतदान बढ़ेगा। उदयपुर लोकसभा की आठों विधानसभा सीटों में से धरियावाद विधानसभा में इस समय तक (39.47 प्रतिशत) सबसे अधिक मतदान हुआ है। बाकी जगह भी शाम तक 70 प्रतिशत से ऊपर तक मतदान होने की संभावना है। उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में हालांकि दिन में एक बजे तक 28.31 प्रतिशत बाकी जगह की तुलना में सब से कम मतदान हुआ है। आठों विधानसभा क्षेत्रों में दिन में एक बजे तक उदयपुर शहर में 28.31 प्रतिशत, उदयपुर ग्रामीण में 34.81 प्रतिशत, गोगुंदा में 33.75 प्रतिशत, झाड़ोल में 34.83 प्रतिशत, खेरवाड़ा 34.84 प्रतिशत, सलूंबर 30.93 प्रतिशत, धरियावद 39.47 प्रतिशत और आसपुर में 30.68 प्रतिशत मतदान हुआ है। शहर में दोपहर तक सबसे अधिक तैय्यबियाह स्कूल में 55 प्रतिशत तक मतदान हो गया था। तैय्यबियाह स्कूल में मतदान करने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा अंबामाता, मल्लातलाई, किशनपोल क्षेत्र में भी मतदान 40 से 50 प्रतिशत तक रहा।


भाजयुमो उपाध्यक्ष ने वोट करते हुए फोटो किया वायरल

चुनाव आयोग के आदेशों की अवहेलना, तीन माह तक की सजा का प्रावधान
उदयपुर। चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश के बावजूद भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष लव बागड़ी मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल ले गए और वोटिंग करते हुए स्वयं का फोटो खींचकर सोशल साइट पर अपलोड कर दिया। इस बारे में चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश है कि कोई भी मतदाता, मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल नहीं ले जा सकेगा और अंदर किसी भी प्रकार के फोटो नहीं खिंचेगा। पत्रकारों को आबंटित किए गए प्रवेश पत्र में भी उल्लेख है कि कोई भी पत्रकार या फोटो जर्नलिस्ट मतदान केंद्र के भीतर का फोटो नहीं खींच सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, १९५१ की धारा १३१ (१) (ख) के अधीन जुर्माने के साथ तीन माह तक की सजा या दोनों सजाओं का प्रावधान है।
फटाफट क्रिकेट की शुरू हुई धमाल
कई होंगे कंगाल, तो कई मालामाल
उदयपुर। जिस तरह हॉर्स रेस कोर्ट में घोड़ों को खरीदा जाता था, उसी तरह पिछले चार सालों से खिलाडियों को खरीदने का नया खेल क्रिकेट में भी शुरू हुआ है। आईपीएल के नाम से प्रसिद्धि पा चुके इस एक महीने के टूर्नामेंट में खिलाडिय़ों की खरीद-फरोख्त पर करोड़ों रुपए लगाए जाते हैं। इसमे नेता, अभिनेता, बिल्डर और बड़े उद्योगपति शामिल है, जो देश के विभिन्न राज्यों के नाम से अपनी टीम का निर्माण करते हैं। बुधवार से फिर से इस फटाफट क्रिकेट की धमाल शुरू हो गई, जो एक माह तक चलेगी।
॥ सट्टा कारोबार का रहेगा बोलबाला : कल से शुरू हुए फटाफट क्रिकेट में सट्टा कारोबार का बोलबाला रहेगा। इस मैच में थड़ी वाले से लेकर बड़े उद्योगपति तक अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। एक महीने के इस अवैध कारोबार में उदयपुर से ही अरबों रुपयों का दांव लग चुका है। इससे सटोरिए काफी खुश दिखाई पड़ रहे हैं। शहर के अंदरूनी और सुनसान इलाकों में बुकियों ने अपनी दुकानें जमा ली है, जो डायरियों, कंप्यूटर और टीवी सेट के साथ ही ढेरों मोबाइल पर लगे हुए हैं। तीन घंटे के इस खेल में एक बुकी लोगों के 20 लाख से ज्यादा लगा रुपए लगा देते हैं।
॥ दाऊद से जुड़े हैं तार : अंडर वल्र्ड डॉन दाऊद सट्टा बाजार का सबसे बड़ा किंग है। टेस्ट क्रिकेट, वन-डे क्रिकेट से शुरू हुए सट्टे और फिक्सिंग के इस गोरखधंधे के बाद आईपीएल में भी दाऊद की भागीदारी से इनकार नहीं किया जा सकता। दुबई से रोजाना सट्टा खुलता है और बाद में मुंबई, अहमदाबाद, इंदौर से नई बुकिंग खुलती है।
॥ उदयपुर में यहां से आते है भाव : उदयपुर में करीब दो दर्जन से ज्यादा बुकी इस मैच में बुक चलाते हैं, इनके पास निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ और मध्यप्रदेश से भाव आता है।
॥ सेशन या हार जीत पर लगता है सट्टा: फटाफट क्रिकेट में चार सेशन में 20 ऑवर पूरे होते हैं, जो पांच, १०, १५ और 20 ओवर पर होते हंै। इसमें रनों और विकेटों पर दांव लगता है। इसमें दांव लगाने वाला अगर पहले सेशन में हारता है, तो दूसरी बार डबल पंूजी लगाता है, ताकी उसका पिछला पैसा कवर हो जाए, लेकिन अगर दूसरा भी हारता है, तो बुकी मालामाल हो जाते हैं।
सुबह-सुबह हुआ बंपर मतदान



रंग लाया मतदाता जागरुकता अभियान, अधिकतर बूथों पर उमड़ी मतदाताओं की भीड़
उदयपुर। लोकतंत्र के उत्सव में शहर में जोश का माहौल है। प्रशासन का मतदान जागरूकता अभियान का असर शहर के अधिकतर बूथों पर सुबह से ही नजऱ आने लग गया। दोपहर की गर्मी से बचने के लिए सुबह-सुबह अधिकतर मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान के प्रति जागरूकता का यह आलम है कि हर कोई वोट डालकर अपना चित्र सोशल साइट पर अपलोड करके मित्रों से मतदान की अपील कर रहा है। शहर के आसपास गांवों में भी मतदान के प्रति खासा रूझान रहा। ग्रामीण मतदान के बाद ही अपने दैनिक कार्यों के लिए निकले।
सुबह ज्यादा हुआ मतदान
इस बार चुनाव आयोग ने सुबह और शाम को मतदान का एक-एक घंटा बढ़ा दिया, जिससे मतदान सुबह सात बजे ही शुरू हो गया, अपने मत के प्रयोग के लिए सुबह-सुबह कई बूथों पर केंद्र खुलने के पहले ही लोगों की भीड़ लग गई और लाइनें बनी रही। शहर के अधिकतर हिस्सों में यह आलम था कि 10 बजे तक खासी भीड़ उमड़ पड़ी शहर में मंडी, चमनपुरा, तैय्या बियाह स्कूल, मल्लातलाई, जगदीश चौक में सुबह-सुबह खासी भीड़ रही।
प्रमाण पात्र के लिए मची होड़: चुनाव आयोग ने हर मतदान केंद्र पर पहला वोट डालने वाले को प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की है। इसके चलते सुबह-सुबह कई बूथों पर पहला प्रमाण पत्र लेने की होड़ मची रही। कई जगह तो बूथ में बैठे कांग्रेस, भाजपा के कार्यकर्ताओं में भी आपस में खींचातानी हो गई। मंडी के एक बूथ पर पहले वोट डालने की बात को लेकर भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। जगदीश चौक स्कूल में अरविंदसिंह मेवाड़ को पहला वोट डालने पर प्रमाण पत्र दिया गया। अरविंदसिंह मेवाड़ पत्नी और पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के साथ वोट डालने आए थे।
एक नाम का पड़ा चक्कर: देहलीगेट स्थित तैय्या-बियाह स्कूल में एक ही नाम की दो महिलाएं होने से मतदान केंद्र में कर्मचारी भी चक्कर में पड़ गए। किसी का वोट किसी से डलवा दिया। यहां मतदान केंद्र में मेहरून्निशा नाम की दो महिलाएं थीं और कर्मचरियों ने पति के नाम को ध्यान से नहीं देखा, जब मेहरून्निशा पत्नी स्व. रमज़ान अली वोट डालने आई, तो उनका वोट मेहरून्निशा पत्नी नूर मोहम्मद डाल के चली गई। बाद में महेरून्निशा पत्नी स्व. रमज़ान अली को दूसरी मेहरून्निशा के स्थान पर वोट डलवाया गया।
कई लोगों के नाम नहीं: कई जगह सुबह-सुबह यह भी देखा गया कि जिनके विधानसभा में वोटिंग लिस्ट में नाम थे, उनका नाम अभी कही लिस्ट में नहीं मिला। सज्जन नगर ज्योति स्कूल में 71 वर्षीय हीराबाई का नाम विधानसभा में था, लेकिन इस बार उनका लिस्ट से नाम गायब हो गया। उधर बोहरवाड़ी जमात खाने के मतदान केंद्र में 102 वर्षीय सज्जाद हुसैन का भी विधानसभा चुनाव में नाम था, लेकिन इस चुनाव में लिस्ट से नाम ही गायब हो गया। ये वृद्ध सुबह-सुबह ही मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए आए, लेकिन लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से निराश हाथ लगी।
यूथ में फिर जोश: मतदान को लेकर जैसा उत्साह युवाओं ने विधानसभा में दिखाया था। इस लोकसभा चुनाव में भी वही उत्साह देखने को मिला। कई युवा तो अपना पहला मतदान करने के लिए सुबह-सुबह नाइट सूट और बरमुड़ा में ही मतदान केंद्र की तरफ आ गए। कई युवाओं ने अपने-अपने मित्रों के साथ मतदान केंद्रों पर जाकर वोट किया। लड़कियां भी इस मामले में पीछे नहीं रही, कई युवा ने तो खुद वोट डाला और अपने घर में वृद्धों को भी अपनी बाइक, स्कूटी, कार में बैठाकर मतदान केंद्र तक लेकर आए।
सोशल साइट पर बूम: हर युवा फेसबुक वॉट्सएप्प पर जुड़ा हुआ है, जैसे-जैसे वोट दाल कर आ रहे हैं। फेसबुक और व्हाट्सअप पर अपने फोटो शेयर कर रहे हैं। साथ ही मतदान करने का संदेश भी दे रहे हैं। यही नहीं ग्रुप चाहे व्हाट्सअप का हो या फेसबुक का हर जगह अपने फोटो शेयर कर मतदान करने का संदेश दिया जा रहा है।
ट्रैफिक रहा कम: मतदान के प्रति जागरूकता का असर शहर के टैफिक पर भी रहा। हालांकि सरकार की तरफ से छुट्टी घोषित की गई है, लेकिन फिर भी आम छुट्टियों की अपेक्षा आज के दिन सुबह 11 बजे तक ट्रैफिक कम रहा। कोर्ट चौराहा और चेतक सर्किल जैसे चौराहों पर तो इतना कम ट्राफिक था कि लोगों ने लाल बत्ती में भी रूकना मुनासिब नहीं समझा।


सट्टा बाजार ने खोले नेताओं के भाव

मोदी २७१ पर, तो गांधी ७३ सीटों पर ही ढेर
उदयपुर। नामांकन का दौर खत्म होते ही सट्टा बाजार में नेताओं के भाव खोल दिए हंै, लेकिन चुनाव के पास आते ही इन भावों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। हर रोज नेताओं का एक नया भाव आ जाता है। स्पष्ट है कि चुनाव कोई भी जीते पर बुकीज मालामाल होंगे ही। शहर में यह काराबार खुलेआम हो रहे हैं। सट्टों का बाजार तेज होते ही सट्टोरियों ने देश के पीएम के दावेदार मोदी को २७१-२७३ सीटें व राहुल गांधी को ७१-७३ सीटों पर बताते हुए भाव शुरू कर दिए हैं। लोकसभा चुनाव के नामांकन के बाद प्रत्याशी Èाइनल हो गए हंै। हर तरÈ चुनावी चर्चाओं का माहौल है। चाय की दुकान से लेकर मल्टीप्लैक्स तक प्रत्याशियों की जीत-हार को लेकर बातें हो रही है। किस प्रत्याशी को कितने वोट मिलेंगे, कौन डमी है और कौन लड़ाई में है? चुनाव के इस गरमा-गरम माहौल के तवे में अपने नोटों की रोटी सेंकने के लिए सटोरियों ने भी अपनी दुकानें सजा ली है। वे चुनाव के बहाने मोटी कमाई की Èिराक में लग गए हैं, जिसके लिए तहत सट्टा लगवाया जा रहा है। क्रमददगारञ्ज ने एक बुकी से बात की, तो सामने आया कि इलेक्शन सट्टा को क्रिके्रट सट्टे से कुछ अलग होता है। इस में नेताओं के भाव के साथ ही सीटों पर दांव लगाए जाते हैं।
मैच से ज्यादा इलेक्शन में बरस रहे नोट
वैसे तो सटोरियों की नजर मैच पर ही होती है, लेकिन एक बुकी ने बताया की मैच से ज्याद कमाई इलेक्शन में होती है। इलेक्शन के सट्टे में बुकियों की चांदी ही चांदी है, लेकिन इस बार आईपीएल से पहले ही इलेक्शन ने सट्टा का बाजार को गर्म कर दिया है। शहर के कई बुकियों ने मैच की तरह ही इलेक्शन पर भी सट्टा लगाना शुरू कर दिया है। सट्टे के बाजार में कौन प्रत्याशी जीतेगा?, कौन-सा प्रत्याशी किस नंबर पर होगा?, जीत का अंतर कितना होगा?, प्रत्याशियों को मिलने वाले वोटों के आखिर के दो नंबर पर भाव दिया जाता है।
वोटिंग पर भी लग रहे हैं सट्टा
जिला प्रशासन ने वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई तरह के जागरूक अभियान चला रखे हंै। ऐसे में इन अभियानों को नजर में रखते हुए सटोरियों ने भी मोटी कमाई के लिए भाव खोल दिए हैं। इसमें Èाइनल वोटिंग के आखिरी दो नंबर, प्रत्याशी को मिलने वाले वोट के आखिरी दो नंबर और जीत के अंतर के भी आखिरी दो नंबर पर सट्टा लगाया जा रहा है। इससे सटोरियों को मोटी कमाई हो रही है। इलेक्शन में कोई भी जीतें या हारें सटोरियों ने नोट कमाना शुरू कर दिया है।
जुबान पर चलता है सारा खेल
सट्टा कारोबार पूर्ण रूप से बेईमानी है, लेकिन इसे खेलने वालों पूरी ईमानदारी बरतते हैं। सट्टों का यह बाजार जुबान पर चलता है।
इस धंधे में न कोई लिखता है न ही कोई रिकार्ड रखता है। सारा खेल मोबाइल पर ही चलता है। अगर खिलाड़ी ने बुकी को मोबाइल पर गेम बुक करा दिया है, तो इसके बाद वह पीछे नहीं हट सकता है। सारे गेम में पारदर्शिता लाने के लिए सटोरिए सारी बात रिकार्ड करते हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी नहीं हो।
हवाला से होता है लेन-देन
सट्टो का कारोबार देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी होता है। मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलूरू समेत कई मेट्रो सिटी से यह कारोबार शुरू होता है। इस कारोबार में मुख्य रूप से रुपयों का लेन-देन लोकल स्थान पर बैठे हवाला करने वालो कारोबारी करते हंै। रुपयों का लेन-देन हवाला से होता हुआ देश की मेट्रो सिटी में जाता है। हर रोज करोड़ों का यह कारोबार देश के बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि गांव में भी शुरू हो गया है। यह सारा खेल इंटरनेट, मोबाइल और हवाला पर टिका है।
अब पर्दे के पीछे का प्रचार शुरू

उदयपुर। इलेक्शन कमीशन की तरÈ से भले ही चुनाव खत्म होने से ४८ घंटे पहले प्रचार पर ब्रेक लगा दिए गए हों, लेकिन इसके बावजूद वोट मंागने की कवायद जारी है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद सड़कों पर दिखने वाला कैंडीडेट्स का सारा जोर अब पर्दे के पीछे बखूबी आजमाया जा रहा है। प्रचार थमने ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। इसके साथ ही वोटर्स को आखिरी मौके पर अपने पाले में लाने की जी तोड़ कोशिशें भी हो रही है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए वोटर्स को प्रभावित करने की कवायद भी जारी है।
शुरू वोटों की सेंधमारी
चुनाव से एक दिन पहले विरोधी कैडीडेट्स की वोटों में सेधमारी का खेल भी शुरू हो गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और छोटे दलों को अपने धड़े में शामिल करने के लिए सभी पार्टियों की गुपचुप मीटिंग हो रही है। अपने किसी समर्थक या कार्यकर्ता के घर पर की जा रही इन मीटिंग्स में सभी पार्टियां विरोधी खेमे के वोटर्स को जोडऩे-तोडऩे में जुट गई हैं, जिससे वोट बैंक की सेंधमारी कर जीत की राह बनाई जाए।
खमोश जनसंपर्क
चुनाव प्रचार थमते ही भले ही खुले तौर कैपेनिंग खत्म हो गई हो, लेकिन जनता के बीच खामोशी से जनसंपर्क अभियान जारी है। आज वोट पक्का करने के लिए प्रत्याशी एक-दो कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर खामोशी से जनसंपर्क में जुट गए हैं। वही कैडिडेट्स की ओर से उनके कार्यकर्ता और समर्थक भी डोर-टू-डोर कैपेनिंग कर वोटर्स को अपने पक्ष में रिझाने के लिए हर जतन करने में लगे हैं। कोई भी पार्टी सरेआम मीटिंग नहीं कर सकती है, जिसके चलते कैडिडेट्स व हर कार्यकर्ता एक-एक मतदाता के घर जाकर मिला रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जारी प्रचार
डोर-टू-डोर जनता से जनसंपर्क करने के अलावा सोशल मीडिया भी चुनावी प्रचार का खामोश जरिया बना हुआ है। विभिन्न पार्टियां अपने प्रत्याशी के प्रोÈाइल से यह प्रचार ना कर समर्थकों व कार्यकर्ताओं के सोशल नेटवर्किंग अकांउट से ऐसा कर रही है। इसमें Èेसबुक ट्विटर और सबसे ज्यादा व्हाट्सएप बड़ा हथियार बना हुआ है, जो इलेक्शन कमीशन की गाइडलाइंस से भी बचा है।
अब किया प्रचार तो होगी एÈआईआर
सिटी में पोलिंग शुरू होने में २४ घंटे भी नहीं रह गए हैं। ऐसे में प्रत्याशी बिना भीड़ लिए सिर्È डोर-टू-डोर जाकर ही जनता से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान कोई भी प्रत्याशी ना तो रोड शो और न ही रैली कर कार्यकर्ताओं के साथ घूम सकता है। इसके अलावा ना तो किसी को पैम्Èलट्स पोस्टर या कोई भी प्रचार सामग्री बांटी जा सकेगी। अगर कोई भी आचार संहिता का उल्लघन करता हुआ पाया गया, तो पुलिस सीधे एÈआईआर दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
मुंबई इंडियंस और केकेआर की जंग से होगा आइपीएल का आगाज

नई दिल्ली। अबूधाबी में 16 अप्रैल से शुरू हो रहे आइपीएल के पहले मुकाबले मे मौजूदा चैम्पियन मुंबई इंडियंस और साल 2012 में आइपीएल का खिताब जीत चुकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। शेख जाएद स्टेडियम में बुधवार को खेले जाने वाले इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा की अगुआई में जबकि केकेआर गौतम गंभीर की कप्तानी में एक-दूसरे को आजमाएंगी।
दोनों टीम के खिलाड़ियों की बात की जाए तो मुंबई इंडियंस में रोहित शर्मा, कोरी एंडरसन, माइकल हसी, अंबाती रायडू, लासिथ मालिंगा और पोलार्ड जैसे धुरंधर मौजूद हैं जबकि केकेआर ने अपने पुराने धुरंधरों पर ही भरोसा जताया है। केकेआर टीम में गौतम गंभीर, जैक कैलिस, यूसुफ पठान, राबिन उथप्पा, सुनील नरेन और मोर्ने मोर्कल मौजूद हैं। वैसे तो दोनों टीमें फिलहाल बराबर ही नजर आती है मगर मुंबई इंडियंस टीम में मौजूद कोरी एंडरसन केकेआर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। एंडरसन फिलहाल अच्छे फार्म में हैं। उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में खेले गए टी 20 वर्ल्ड कप में शानदार खेल का प्रदर्शन किया था। वहीं रोहित शर्मा भी फिलहाल फार्म में हैं और केकेआर को उनसे भी निपटना होगा। दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस को कप्तान गौतम की गंभीरता से भी जूझना होगा। वो पिछले कुछ समय से गंभीर घरेलू मैचों में अच्छा खेल रहे थे और उनका फार्म भी इस वक्त अच्छा है। दूसरी तरफ ‘मैजिक बालर’ के नाम से मशहूर सुनील नरेन मुंबई इंडियंस के लिए मुसीबत बन सकते हैं। यानी कुल मिलाकर दोनों टीमों के बीच का ये मुकाबला बेहद शानदार होने वाला है।
वोट डालते हुए खुद की फोटो ली तो सीधे 3 महीने की जेल
udaypur.वोटिंग बूथ में मोबाइल फोन से अपने वोट देते हुए फोटो लेना महंगा पड़ सकता है। अगर ऎसा किया तो तीन महीने की जेल हो सकती है।
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि अगर कोई वोटर वोटिंग बूथ में अपनी फोटो मोबाइल फोन से लेता है और इसे सोशयल साइट्स पर पोस्ट करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन होगा और तीन महीने की जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल कुमार झा ने बताया कि, “आयोग ने पोलिंग बूथ में मोबाइल फोन ले जाना मना है। अगर मतदाता अपना मोबाइल बूथ पर ले भी जाते हैं, तो उन्हें फोन को बूथ अधिकारियों को सौंपना होगा।”
हालांकि पोलिंग बूथ के बाहर वोटिंग स्याही से रंगी उंगली को दिखाते हुए फोटो लेना और पोस्ट करने में कोई नियम आड़े नहीं आता है। पर चुनाव आयोग का साफ निर्देश है कि पोलिंग बूथ में ऎसी हिमाकत नहीं करें।
गौरतलब है कि वोटिंग बूथ में मोबाइल फोन ले जाना निषेध है। देखने मे आया है कि चुनाव प्रचार के दौरान लोग अपने-अपने हिसाब से वोट डालने के लिए अपनी फोटो (सेलफाई) फेसबुक और टि्वटर पर पोस्ट कर रहें हैं।


































