
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी से प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी नई उलझन में फंसते दिखाई पड़ रहे हैं। यह उलझन वड़ोदरा संसदीय सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही पैदा हुई है। विवाद है उनकी शादी का। श्री मोदी ने नामांकन पत्र के शादी वाले कॉलम में खुद को विवाहित बताते हुए पत्नी का नाम जसोदा बैन अंकित किया है। यह पहली बार है, जब उन्होंने खुद को विवाहित स्वीकार किया है।
इससे पहले लड़े सभी चुनावों में श्री मोदी ने नामांकन पत्र के इस कॉलम को खाली छोड़ दिया था। चंूकि अब सुप्रीम कोर्ट ने नामांकन पत्र के किसी भी कॉलम को खाली छोडऩे पर उम्मीदवारी निरस्त करने का प्रावधान कर दिया है, साथ ही झूठी जानकारी देने पर सजा का प्रावधान पहले से ही है; इसलिए श्री मोदी की शादी का राज उजागर हो पाया है। सारे मामले की पड़ताल करने वाले पत्रकारों का कहना है कि शादी के समय नरेेंद्र मोदी नाबालिग नहीं थे। उस समय श्रीमती जसोदा बेन की उम्र भी १९ वर्ष थी। इस प्रकार श्री मोदी ने शादी के बाद ग्रहस्थ जीवन के कर्तव्यों का निर्वाह नहीं किया और पत्नी के प्रति क्रूरता का आचरण करके उसे छोड़ दिया। बताया गया है कि उपर्युक्त आरोप के अलावा श्री मोदी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से झूठ बोलने का आरोप भी सामने आया है। यह कहा जा रहा है कि विवाहित को संघ का प्रचारक नहीं बनाया जाता है। श्री मोदी ने शादी के बाद संघ का प्रचारक बनने के लिए खुद को अविवाहित बताया। अब यह सवाल संघ से भी पूछा जा रहा है कि संघ से यह बड़ा झूठ बोलने वाले श्री मोदी के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई की जाएगी? या संघ अपने नियम कायदों में शिथिलता प्रदानकरते हुए श्री मोदी को क्षमादान देगा? इधर नरेंद्र मोदी के चुनाव आयोग को दिए एफिडेविट में पत्नी मानने के बाद जशोदाबेन गुरुवार की सुबह तीर्थयात्रा पर निकल गईं। उधर गुजरात में आम आदमी पार्टी के सदस्य निशांत वर्मा ने राज्य चुनाव आयुक्त अनिता करवाल को एक शिकायती पत्र लिखकर ‘2012 के विधानसभा चुनाव में 53- मणिनगर सीट का परिणाम और उस समय मोदी की जीत को रद्दÓ करने की मांग की है। इससे वह ‘तुरंत आधार पर गुजरात विधानसभा से अयोग्य हो जाएंगे, जिसके जरिए वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं।Ó
बीजेपी के एक सूत्र ने बताया, कि सुप्रीम कोर्ट का यह आर्डर पिछली तारीख से लागू नहीं होने की वजह से इसका पुराने हलफनामों पर कोई असर नहीं होगा। सूत्र के मुताबिक, इसे देखते हुए मोदी पर आयोग से झूठ बोलने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। बीजेपी ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमाभाई पटेल की ओर से एक बयान जारी कर विवाह से मोदी को अलग कर दिया। उनका कहना है कि नरेंद्र भाई 40-50 साल से परिवार से अलग है। इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
बयान में सोमाभाई ने कहा है कि उनका परिवार निर्धन था और परंपराओं से जुड़ा होने के साथ ही सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा था। इस मामले को उसी नजर से देखा जाना चाहिए।
बयान में आगे कहा गया है कि जशोदाबेन चिमनभाई मोदी के साथ विवाह केवल एक परंपरा के तौर पर रहा और मोदी ने लगभग उसी समय घर छोड़ दिया था। बयान में कहा गया है, ‘आज 40-50 वर्षों के बाद भी नरेंद्रभाई परिवार से अलग हैं।Ó इसमें यह अपील की गई है कि ’40-50 साल पुरानीÓ घटना को एक निर्धन और परंपरागत परिवार के नजरिए के साथ ही उस समय की हकीकत के तौर पर देखना चाहिए।
शादी को उजागर करके संकट में फंसे मोदी
प्रचार सामग्री बेचने वालों का धंधा ठप

आयोग की सख्ती से नहीं दिख रहा चुनावी माहौल
उदयपुर। एक समय था, जब चुनाव आते ही गली-मोहल्लों में माहौल देखने लायक होता था। घरों की छतों पर पार्टियों के झंडे लगे हुए होते थे, दुकानों के बाहर प्रत्याशियों के पोस्टर टंगे होते थे। शोरगुल की बातें करें, तो थोड़े-थोड़े समय में ही लाउड स्पीकरों पर बजते हुए गीत और उनके बीच में प्रत्याशियों के वोट डालने की अपील करते कार्यकर्ता दिखाई पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। न तो झंड़े-पोस्टर दिखाई पड़ रहे है और ना ही चुनावी लाउड स्पीकर का शोर गुल सुनाई पड़ रहा है।
लोकसभा चुनाव के लिए मतदान दिवस में छह दिन शेष रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग की ऐसी सख्ती है कि शहर में पार्टियों के झंडे-बैनर ढूंढे से भी नहीं मिल रहे। चुनाव आयोग ने खर्च सीमा तो 70 लाख कर दी है, लेकिन प्रत्याशी इस डर से कि कही खर्च ज्यादा ना हो जाए, हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर पोस्टर दिख भी जाए, लेकिन गांवों में तो यह भी नहीं है।
धंधा ठप्प : शहर में प्रचार सामग्री बेचने वालों की मानें, तो उनका व्यापार पहले के मुकाबले दस फीसदी रह गया है। आलम यह है कि सबसे ज्यादा वोटिंग करने वाली कच्ची बस्तियां और मुस्लिम इलाकों में भी प्रचार सामग्री नजर नहीं आ रही है। कहीं कोई सभा या प्रत्याशी के जनसंपर्क का कार्यक्रम होता है, तो जरूर झंडे बैनर लग जाते हैं, लेकिन इसके अलावा कहीं कुछ नहीं दिख रहा। बापूबाजार और मंडी में प्रचार सामग्री बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि चुनाव आयोग की सख्ती ने प्रचार सामग्री का व्यापार लगभग खत्म कर दिया है। पहले माल कम पड़ता था। अब यह हालत है कि जो माल मंगवा लिया है, वही नहीं निकल रहा है। इनके साथ ही कागज़ के पोस्टर व स्टीकर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस वालों के पास भी चुनाव का काम एक चौथाई रह गया है।
कांग्रेस 25 फीसदी तो भाजपा 75 फीसदी :
यूं तो प्रचार सामग्री बेचने वालों का धंधा काम चल रहा है। लेकिन जो बिक्री हो रही है, उसमें भाजपा की प्रचार सामग्री की मांग ज्यादा है। उदयपुर शहर में प्रचार सामग्री से जुड़े लोगों की माने तो आज भाजपा की खरीद जहां 75 फीसदी है, तो कांग्रेस की 25 फीसदी के आसपास है। भाजपा की प्रचार सामग्री में वही सामान बिक रहा है, जिसमे नरेंद्र मोदी के नाम व फोटो है।
राज्यपाल ने बताई थी शोक सभा :
पिछले दिनों चुनाव आयोग के एक कार्यक्रम में चुनाव आयोग की सख्ती को लेकर राज्य की राज्यपाल मार्गेट अल्वा ने कहा था कि अब लोकतंत्र का उत्सव शोक सभा में तब्दील हो गया है।
पुरानी रंजिश के चलते टैक्सी ड्राइवर को चाकू मारा

बड़ीसादड़ी में भारी पुलिस जाब्ता तैनात, कलेक्टर-एसपी पहुंचे
बड़ीसादड़ी/उदयपुर। बड़ीसादड़ी कस्बे में पुरानी रंजिश के चलते बीती रात एक ट्रैक्सी ड्राइवर को कुछ युवकों ने चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात के बाद बदमाश भाग गए। बड़ीसादड़ी अस्पताल में उपचार के बाद आज सुबह जख्मी ट्रैक्सी ड्राइवर को उदयपुर रेफर कर दिया गया। यहां एमबी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। इस संबंध में पुलिस ने नामजद सात जनों सहित १७ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया हैं।
पुलिस के अनुसार बड़ीसादड़ी निवासी रूस्तम (२९) पुत्र हकीम खान को बीती रात साढ़े 12 बजे बड़ीसादड़ी कस्बे में कुछ युवकों ने घेर लिया। इनमें से दुर्गाशंकर पुत्र सत्यनारायण ने चाकू निकालकर रूस्तम के पेट में मार दिया। इससे वह जख्मी होकर वहीं गिर पड़ा। रूस्तम ट्रैक्सी ड्राइवर बताया जाता है। वारदात के बाद सभी बदमाश वहां से भाग गए। यह हमला पुरानी रंजिश के चलते हुआ है। पुलिस ने दुर्गाशंकर सहित १७ जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें सात नामजद है। इस वारदात के बाद कस्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सौ से ज्यादा पुलिस कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। चित्तौडग़ढ़ कलेक्टर वेद प्रकाश और एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा आज सुबह स्वयं बड़ीसादड़ी पहुंचे, जो वहां पर निगरानी रखे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि छह माह पूर्व दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। उस दौरान एक युवक गंभीर घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हमला उसी रंजिश को लेकर किया गया है।
राहुल को राखी नहीं बांध सकी सपना

उदयपुर। उदयपुर में राहुल गांधी की सभा के दौरान युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। सभा में शहरी और ग्रामीण महिलाओं की खासी भीड़ रही। महिलाओं की भीड़ में से एक महिला को राहुल गांधी से ऐसा लगाव हुआ कि वह राहुल गांधी को राखी बांधकर भाई बनाने की जिद्द कर बैठी, जिसको बाद में बड़ी मुश्किल से सुरक्षा कर्मियों ने समझाइश कर मनाया। सभा के दौरान जब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का भाषण चल रहा था, तब सबसे आगे बने महिलाओं के ब्लॉक में बैठी धानमंडी निवासी सपना उदासी ने अपने बैग से राखी निकालकर राहुल गांधी की तरफ हाथ बढ़ा दिया। उसको जैसे ही सुरक्षा कर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों ने देखा, तो रोका लेकिन वह मंच पर जाकर राखी बांधने की जिद्द करने लगी। महिला पुलिस कर्मियों ने उसको समझाया कि ऐसा नहीं हो सकता। सुरक्षा घेरे को नहीं तोड़ा जा सकता, लेकिन वह अपनी जिद्द पर अड़ी रही और रोने लगी। बाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता आए और उसको स्थानीय नेताओं के ब्लॉक में लेकर गए, जहां स्थानीय महिला नेता भी बैठी हुई थी। उन्होंने भी उसको समझाया कि सुरक्षा के चलते ऐसा नहीं किया जा सकता, लेकिन वह नहीं मानी। आखिरकार कोई अनहोनी ना हो जाए या सुरक्षा व्यवस्था नहीं बिगड़े इसको ध्यान में रखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उसके आसपास दो महिला पुलिसकर्मी को तैनात कर दिया, जो अंत तक खड़ी रही। जब राहुल गांधी सभा के बाद नीचे उतर कर हाथ मिलाने आए, तब भी महिला ने अपनी बात राहुल गांधी तक पहुंचाने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
चुनाव आयोग ने तैयार की एएसडी वोटर लिस्ट

इन ११ दस्तावेज से भी कर सकते हैं मतदान
उदयपुर। अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है या किसी वजह से डिलीट हो गया है तो टेंशन मत लीजिए। चुनाव आयोग ने पहली बार ‘एएसडी वोटर लिस्टÓ तैयार की है। इसमें ऐसे वोटर्स के नाम शामिल हैं, जिनका नाम तीन प्रमुख वजहों से मेन वोटर लिस्ट से डिलीट किया जा चुका है। मतदान वाले दिन एएसडी वोटर्स पोलिंग बूथ जाकर इस लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। लिस्ट में नाम दर्ज होने पर भी मतदान कर सकते हैं। नामों को डिलीट करने वजहों में पहली, वोटर की गैरमौजूदगी पर। दूसरा, वोटर या उसके परिवार का दूसरे पते पर शिफ्ट हो जाना। तीसरा, वोटर की डेथ होने पर। इन तीनों बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने ‘एब्सेंट-शिफ्टेड-डेथÓ यानि एएसडी वोटर लिस्ट तैयार की है।
अगर एएसडी वोटर मतदान वाले दिन पोलिंग बूथ पर पहुंचता है, तो पोलिंग पार्टी पहले उस वोटर का नाम एएसडी वोटर लिस्ट में चेक करेंगी। फिर मौके पर ही संबंधित वोटर से ‘एएसडी फॉर्मÓ भी फिलअप करवाया जाएगा। एडीएम सिटी यासिन पठान ने बताया कि एएसडी वोटर्स को भी तीन कैटेगरी में डिवाइड किया गया है। पहला, ऐसे लोग जिनका घर सालों से उसी विधानसभा क्षेत्र में है, लेकिन वो कहीं बाहर नौकरी या बिजनेस कर रहे हैं। दूसरा, ऐसे वोटर जो खुद जिले में नहीं रहते, लेकिन उनका कोई न कोई फैमिली मेम्बर यहां रहता है। लास्ट कैटेगरी में ऐसे वोटर्स हैं, जिनका कोई भी परिजन यहां न रहता हो।
इन दस्तावेजों से कर सकते हैं वोट
अगर आप वोट करने से सिर्फ इसलिए परहेज कर रहे हैं कि आपके पास वोटिंग आईडी कार्ड नहीं है, तो आपके लिए यह जरूरी जानकारी है। वोटरों को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र के साथ ही 11 अन्य वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों को भी निर्वाचन आयोग ने मान्यता दी है। वोटिंग के लिए वोटर के पास मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए, लेकिन मतदाता किसी कारणवश अगर यह पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है, तो उसे वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य 11 दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाना होगा।
ये दस्तावेज हैं
> पासपोर्ट
> ड्राइविंग लाइसेंस
> राज्य या केंद्र सरकार, पब्लिक सेक्टर कंपनियों के फोटो आईडी कार्ड
> बैकों या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक
> आयकर पहचान पत्र पैन कार्ड
> आधार कार्ड
> राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर एनपीआर
> मनरेगा जॉब कार्ड
> श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
> फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
> निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी प्रमाणिक फोटो मतदाता पर्ची
:वोटर्स की सहूलियत के लिए चुनाव आयोग ने यह विशेष व्यवस्था की है। एएसडी वोटर्स लिस्ट के जरिए वोटर्स को आसानी से पहचाना जा सकता है।।
-यासीन पठान, एडीएम सिटी
देश को एक आदिवासी प्रधानमंत्री चाहिए: राहुल
उदयपुर में राहुल की सभा में ५० हजार से अधिक की भी$ड जुटी
२७ मिनट के भाषण में बंधी रही जनता
भाजपा और मोदी पर जमकर किए कटाक्ष
उदयपुर। उदयपुर संभाग में कांग्रेस से चुनाव लड रहे प्रत्याशियों के समर्थन में गुरूवार को यहां महाराणा भूपाल स्टेडियम में आयोजित कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सभा सप*ल रही। चिलमिलाती धूप में राहुल ने अपने २७ मिनट के भाषण में स्टेडियम में बैठी ५० हजार से अधिक जनता को अपन धारा प्रवाह सम्बोधन से बांधे रखा।
प्रधानमंत्री बने आदिवासी :
आदिवासी संभाग की नब्ज को भांपते हुए राहुल ने कहा कि मुझे बताया कगया कि यहां के आदिवासी युवाओं का शिक्षा के प्रति रूझान है लेकिन सुविधाएं नहीं है। आदिवासी युवा आई.ए.एस., आई.पी.एस. बनना चाहते है लेकिन मार्गनिर्देशन का अभाव है। उन्होंने कहा कि मेरी सोच है कि यहां का युवा अपनी सोच में अपने लक्ष्य में परिवर्तन लाए और बजाए प्रशासनिक पदों के वे राजनीति में आकर मंत्री, मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन हो। इस देश को एक आदिवासी प्रधानमंत्री चाहिए। तालियों की ग$डग$डाहट के बीच राहुल का यह बयान राजनीति के विशेषज्ञों के लिए एक नये मुद्दे का सूत्रपात कर गया और राहुल के इस बयान के पीछे के मनसूबों की तलाश आरंभ हो गई।
आक्रामक रहे राहुल :
अपने भाषण के आरंभ से ही आक्रामक रहे राहुल ने अपनी राजनीति परिपक्वता का परिचय देते हुए कहा कि भाजपा के लिए उनके युग पुरूष जिन्होंने पार्टी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया अडवाणी और जसवंत सिंह आज बेमानी हो गए और उन्हें हाशिए पर पैं*क दिया गया और अब अब अडानी और अम्बानी भाजपा के युगपुरूषों की सूची में शामिल हो गए है। उन्होंने कहा कि भाजपा उद्योगपतियों के इशारों पर चलने वाली पार्टी बन गई है। उद्योगपतियों के निर्देश पर देश चलाने के मनसूबे बनाए जा रहे है।
भाजपा धूम ३ की तरह फ्लॉप रहेगी :
राहुल ने कहा कि कांग्रेस की सोच विकास में सभी को साथ लेकर चलने की है। देश का गरीब, दलित, किसान एवं महिला शत्ति* एकजुट होकर देश चलाए और देश की नीतियां-रीतियां निर्धरण का अधिकार देश के आमजन के पास हो न कि किसी अडानी-अडवाणी के हाथ हो।
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले दो चुनावों में भाजपा का ’’शाइनिंग इण्डिया’’ शगुफा एक गुब्बारे की तरह फूट गया और इस बार भी वहीं होना है जो पिछले दो चुनावों में हुआ है। राहुल ने कहा कि धूम-3 फिल्म की भांति भाजपा भी एक फ्लॉप शो साबित होगा यह सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मॉडल में एक व्यक्ति को ही सब अधिकार चाहिए। मोदी का नाम लिए बगैर राहुल ने कटाक्ष किया कि वे कहते है मुझे (मोदी को) हिन्दुस्तान का चौक्ीदार बना दो सब ठीक हो जायेगा। लेकिन हम कहते है कि हम सब हिन्दुस्तान के चौकीदार है तो पि*र एक व्यत्ति* को ही चौकीदार क्यों बनाएं। वे भ्रष्टाचार हटाने की बात करते है दूसरी ओर उद्योगपतियों के सहारे देश चलाने की तैयारी करते है यह भाजपा का दोहरा चरित्र है।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले दस सालों के शासन में देश की १५ करोड जनता को गरीबी रेखा से ऊपर उठने का अवसर दिया है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा देश के विकास के लिए चलाई गई योजनाओं को उदृत करते हुए कहा कि यूपीए के शासनकाल में देश ने विकास के शिखर को छुआ है। जो योजनाएं हम क्रियान्वित कर चुके है उन्हें अब वे चलाने की बात करते है। राहुल ने इण्डस्ट्रीयल कोरिडोर की जानकारी देते हुए कहा कि इसके बन जाने से राजस्थान के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे लेकिन भाजपा की सोच मजदूर को मजदूर बना रहने दो किसान किसान ही रहे और बिजनेसमेन अपने व्यापार को ब$ढाते रहे।
रंगोली बनाकर दिया मतदान जागरूकता का संदेश

उदयपुर । लायनेस क्लब लेकसिटी की महिला सदस्याओं ने आज सुखाडिया सर्किल के चारों ओर सुन्दर एंव आकर्षक रंगोली बनाकर मतदान के प्रति मतदाताओं को जागरूक किया।
क्लब अध्यक्ष देवबाला भण्डारी ने बताया कि इसके साथ ही मतदाताओं को संदेश लिखे बैनर्स, स्टीकर्स आदि के माध्यम से भी जागरूक करने का प्रयास किया गया इस अवसर पर देवबाला भण्डारी, सकीना रंगवाला, कल्पना भण्डारी, माना पानगडिया, रमा हिरण, निरूपमा पूनमिया, माया सिरोया, कान्ता भदादा, पुष्पा मेहता एवं रेणु बांठिया ने सहयेाग दिया।
वह राहुल को राखी बांधने की जिद्द कर बैठी….

उदयपुर,। उदयपुर में राहुल गांधी की सभा के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया।
सभा के दौरान एक उत्साहित महिला कांग्रेस कार्यकर्ता पर राहुल गांधी को राखी बांधने का जुनून सवार हो गया। महिलाओं के लिए अलग बने बॉक्स में बैठी धानमण्डी निवासी सपना उदासी ज्यों ही मंच पर राहुल आए तो सुरक्षाकर्मियों से राहुल तक पहुंचाने की गुहार करते हुए राखी बांधने की इच्छा जताई। ब्लॉक में तैनात महिला सुरक्षाकर्मी ने उसे समझाते हुए सुरक्षा कारणों से ऐसा करना असंभव बताया। इस पर सपना ने रोना आरंभ कर दिया तथा जिद्द पर अ$ड गई। तभी कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे तथा महिला को समझा कर उसको बैठा दिया तथा जब तक राहुल की सभा चलती रही दो महिला पुलिसकर्मी सपना के समीप निगरानी के लिए तैनात रही।
स्कूली छात्रा का अपहरण
उदयपुर। परसाद थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ स्कूली छात्रा का अपहरण कर ले जाने का मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार परसाद थाना क्षेत्र नालअलंकार निवासी व्यक्ति ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। कि बुधवार को राजकीमय बालिका मा. विद्यालय परसाद में अध्ययनरत पुत्री स्कूल गई थी। वापस नहीं लौटी। इसका पता चलने पर संपर्क करने पर पता चला कि पुत्री विद्यालय भी नहीं गई। इस पर इधर उधर उसकी तलाश की लेकिन पुत्री का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया।
हिन्दुस्तान जिंक टॉप 100 सीआईएसओ-2014 से पुरस्कृत
उदयपुर । वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान ज़िंक को इन्फोरमेशन सिक्यूरिटी टेक्नोलोजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट निष्पादन एवं नवाचार के लिए ‘ टॉप 100 सीआईएसओ अवार्ड’ से पुरस्कृत किया गया। टॉप 100 सीआईएसओ अवार्ड सूचना सुरक्षा तकनोलॉजी प्रणाली में उत्कृष्टता एवं विषिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उद्योग में सूचना सुरक्षा तकनोलॉजी में नवाचार के लिए तथा उत्कृष्ट कार्य प्रणाली के लिए दिया जाता है। यह सम्मान भारत, अमेरिका, यूरोप एवं एषिया पेसिफिक क्षेत्रों में भी समान कार्य प्रणाली के लिए प्रदान किया जाता है। हिन्दुस्तान जिंक में वित्तीय लेखा-जोखा, प्रोडक्षन डेटा, एच.आर. एक्टीविटिज तथा अन्य सभी कार्यालय कार्य सेप प्रणाली के माध्यम से संचालित तथा सम्पन्न किये जाते हैं।
घोषित पुरस्कार डॉन ली, प्रबन्ध निदेषक एन. रन्स, जर्मनी ने आगरा में होटल रेडिसन बल्यू में 9 अप्रेल, 2014 कोे आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया। हिन्दुस्तान जिंक की ओर से यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के श्री पी.के. निजावन, वाईस प्रेसीडेन्ट -आईटी ने ग्रहण किया ।



