
उदयपुर। शहर में क़ानून व्यवस्था की किस तरह धज्जियां उड़ रही है, अपराधियों के होसले कितने बुलंद है महिलाएं कितनी सुरक्षित है, पुलिस कर्मी कितने मुस्तेद है और जनता कितनी मरी हुई है इसका जीता जागता उदहारण कल रात देखने को मिला कि सरेआम बीच बाजार कुछ गुंडे एक महिला को गाली गलोच करते रहे और उठा कर ले जाने की धमकी देते रहे महिला चिल्लाती रही, पुलिस सिर्फ देखती रही और लोग खड़े होकर तमाशबीन बने रहे।
घटना है कल रात मल्लातलाई चौराहे की जहां स्थित सनराइज बेकरी पर एक युवा पति पत्नी मोटर साइकल पर रुके युवक बेकरी में सामान खरीदने गया और उसके साथ करीब २५ वर्षीय युवती अपने बच्चे के साथ बाहर मोटर साइकिल पर खड़ी थी, तभी सज्जन नगर रोड से तेज गती में सफ़ेद एक मारुती जेन rj -२७- ६२३८ नंबर की गाड़ी युवती के पास से उसको अड़ाते हुए निकली जिस पर युवती ने देखकर चलाने को कहा तो कार में बैठे तीन युवक में से कार चलाने वाले युवक ने कार को रिवर्स लिया और युवती से गाली गलोच करने लगा। जब युवती ने इसका विरोध किया तो युवक ने उसको धमकाते हुए कहा कि ” ज्यादा बोलेगी तो उठा कर ले जायेगे” तब तक आस पास लोग भी इकट्टा हो गए और युवती के पति भी बेकरी से बाहर अगया उसने जब विरोध किया तो उसको भी जान से मरने कि धमकी देते रहे। युवती अपने अपमान के बचाव में चिल्लाती रही लेकिन कोई भी युवती के पक्ष में आगे नहीं आया। यही नहीं मात्र १० मीटर की दुरी पर मल्लातलाई चौराहे पर दो महिला कांस्टेबल तैनात थी वह भी उस युवती को चिल्लाते हुए देखती रही।
इसी दौरान वहां चुनाव निगरानी दल की जीप पहुच गयी जिसमे दो पुलिस कास्टेबल और वीडियो ग्राफर बैठे हुए थे युवती ने उनको चिल्ला कर उन गुंडों को पकड़ने की गुहार भी लगायी । लेकिन जीप में बैठे पुलिस कर्मी एक दर्शक की तरह यह माजरा देखते रहे तब तक युवक कार लेकर ब्रह्मपोल की तरफ भाग गए और पुलिस की जीप में से कोई भी पुलिसकर्मी ना तो उतर कर युवती के पास आया ना ही उस गाडी का पीछा किया गया। इस सारे घटना क्रम में वहां इकठ्ठा हुई जनता सिर्फ एक तमाशबीन की तरह खड़ी रही।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि युवती का पति इस सारे घटना क्रम में समझाता रहा क्यों कि शायद वह जनता था कि कार में सवार तीनों युवक कोई गुंडा तत्व है और वह गुंडे उसको भी धमकाते रहे । प्रत्य्क्षदर्शी के अनुसार उन गुंडों को उस वक़्त ना तो किसी जनता ने रोका ना ही पुलिसकर्मी ने । ऐसे में शहर में एक महिला कितनी सुरक्षित है और अपराधियों के हौसले कितने बुलंद है । यह जीता जगता उदहारण है ।
गुंडों ने सरे आम महिला को उठा लेजाने की धमकी दी – पुलिस दूर खड़ी देखती रही और जनता तमाशबीन बनी रही ।
गुलाबबाग में घटिया सड़क निर्माण

उदयपुर। शहर के बीच सबसे बड़़े गुलाबबाग में नगर निगम द्वारा बनायीं गयी सड़क मात्र तीन दिन में उखड गयी। पूरे बाग़ में सड़क से हटा डामर और कंक्रीट बिखरा पड़ा है।
विभागों की लड़ाई और नगर निगम की उपेक्षा का शिकार गुलाबबाग़ पहले से ही अनाथ पड़ा हुआ है, ना तो कोई रखवाली करने वाला है ना ही कोई देख रेख करने वाला। पी डब्ल्यू डी और नगर निगम के बीच बाग़ की हालत खराब हो रही है । जनता और के दबाव में आकर जब नगर निगम ने सुध ली और बाग़ में सड़क पर और डामरीकरण का काम किया।लेकिन एक तरह से पूरा बेगार टाली गई। सड़क पर बिछाई गयी कंक्रीट और काम का निर्माण इतना घटिया था कि मात्र तीन दिन में पूरी सड़क बदहाल हो गयी। यही नहीं जहां पहले अच्छी सड़क थी, अब वहां पर जगह जगह सड़क में गड्ढे हो गए है। पूरे बाग़ में कंक्रीट उखड गयी है । सुबह शाम घूमने आने वाले शहर वासियों के लिए और अधिक मुसीबत हो गयी है। गुलाब बाग़ में बनायीं गयी सड़क शेर वाली फाटक से शुरू हो कर गांधी मूर्ति तक है ।
:निर्माण में घटिया सामग्री इस्तमाल की गयी है। सड़क कही छोटी कही संकरी, कही लाइनिंग भी नहीं की गयी है। गुलाबबाग़ की सुंदरता बढऩे के बजाये और अधिक बिगड़ गयी है। ज्। गणपत लाल , उधान अधीक्षक।
सोनिया और राहुल का चरित्र हनन

उदयपुर शहर में बांटी जा रही दो पुस्तिकाओं में सोनिया को
कॉल गर्ल व राहुल को गैंग रेपिस्ट बताकर दिया ब्योरा
उदयपुर। आम चुनाव में मतदान की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे चरित्र हनन की अमर्यादित कोशिशें भी तेज होती जा रही हैं। शहर में कुछ लोग गुप्त रूप से दो पुस्तिकाएं वितरित कर रहे है, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा उपाध्यक्ष राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से लांछित किया जा रहा है। एक पुस्तिका का नाम है क्रसोनिया की बर्बरता व साजिशञ्ज तथा दूसरी का शीर्षक क्रराहुल की रावण लीलाञ्ज है।
ये दोनों पुस्तिकाएं क्रसंस्कृति रक्षक संघञ्ज की ओर से मुद्रित और प्रकाशित किया जाना बताया गया है। इस संगठन का मुख्यालय शास्त्री नगर दिल्ली और फोन नम्बर 011-32674126 अंकित किया गया है। ब्यौरे में जाए तो सोनिया गांधी को रूसी जासूसी संस्था केजीबी की एजेंट करार दिया गया है। इनमें बताया गया है कि सोनिया का असली नाम एंटोनिया माइनो है जबकि राहुल का राउल विन्सी है। केवल नाम ही नही शिक्षा और कॉलेज तक झूठे बताने का दावा किया गया है। इनमें राहुल गांधी को व्यभिचारी बताते हुए गेंग रेपिस्ट करार दिया गया है। जबकि श्रीमती सोनिया गांधी को किशोरावस्था में कॉल गर्ल का धंधा करने वाली बताया गया है। सोनिया के नाम वाली पुस्तिका में आसाराम बापू का बचाव भी किया गया है।
धर्मेन्द्र ने बेचा उदयपुर का बंगला

॥परसराम सुयल ने खरीदा ॥एक भी दिन नहीं रहा सांसद-अभिनेता
का परिवार ॥सार्वजनिक संपत्ति की बंदरबाट का बड़ा खुलासा
मनीष पांचाल/ भावेश जाट
उदयपुर। आखिर अभिनेता धर्मेन्द्र ने भी उदयपुर को दगा दे ही दिया। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड से उदयपुर में रहने के लिए मकान लिया लेकिन उसे क्रब्लैकञ्ज में बेच दिया। इस सौदे में उन्होंने लाखों रूपए कमा लिए। यह पता नहीं चल पाया है कि उन्हे कुल कितना मुनाफा हुआ हैं।
हाउसिंग बोर्ड ने अभिनेता धर्मेन्द्र को सांसद कोटे के अंतर्गत पानेरियों की मादड़ी आवासीय योजना में ६-ए-३३ नंबर का आवासीय बंगला आवंटित किया था। इस बंगले के भूखंड की साइज ४०&६५ वर्गफुट है, जिसकी कीमत किश्तों में करीब ३५ लाख रूपए बताई, जो सरकारी रेट है। इसके बेचान में ऊपर से कितना लेन देन हुआ, यह अनुसंधान का विषय है। वैसे माना जाता है कि इस प्रकार के सौदों में विक्रेता और खरीददार दोनों को ही अच्छा लाभ मिलता है। नुकसान तो आमजनता को होता हैै, जिसकी भू-संपदा की इस तरह बंदरबाट की जा रही है।
बीकानेर से भाजपा के सांसद रहे अभिनेता धर्मेन्द्र ने उदयपुर में रहने की इच्छा जताते हुए पानेरियों की मादड़ी की वीआईपी स्कीम में आवास बुक कराया। किश्तों में ३५ लाख रूपये जमा कराए गए। यह कार्रवाई जून २०१२ से शुरू हुई। मार्च २०१३ में कब्जा प्राप्त किया गया। बाद में यह बंगला परसराम सूयल के नाम पर ट्रांसफर करवा दिया गया। परसराम सूयल क्र पारस ञ्ज होटल के मालिक है, जिन्होंने देबारी में हिन्दुस्तान एग्रो नाम से एक केमिकल कारखाना खोला था और वहां भारी प्रदूषण फैला कर बंद कर दिया था। सलूम्बर चौराहे पर खड़ी पारस होटल और उसके पास पारस सिनेमा की जमीन हथियाने में भी भारी फ्राड किया बताते हैं। बताया गया है कि अभिनेता धर्मेन्द्र को हाउसिंग बोर्ड से यह फ्राड करने के लिए परसराम सूयल ने ही उकसाया। सारी कागजी खानापूर्ति भी सुयल ने ही पूरी करवाई तथा सांसद कोटे से मिलने वाले लाभ का आपस में बंटवारा कर लिया।
बहरहाल गरीबों के लिए सस्ते आवास बनाने और किश्तों में आवंटित करने के जनहितकारी उद्देश्य को लेकर स्थापित किए गए हाउसिंग बोर्ड में विधायकों, सांसदों और अफसरों ने मिलकर अरबों रूपये की सार्वजनिक संपत्ति की बंदरबांट कर ली है, जिसका यह एक उदाहरण है। इसका खुलासा निष्पक्ष जांच से सामने आ सकता है।
बेलगाम सोशल साइट से परेशानी

उदयपुर। लोकसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है। चुनाव का प्रचार तेज होने लगा है। पार्टियां और प्रत्याशी सोशल साइट का सहारा धड़ल्ले से ले रही है। ऐसे में इन सोशल साइट पर भड़काऊ भाषण और भड़काऊ मैसेज बल्क में एक मोबाईल से दूसरे मोबाइल में शेअर हो रहे है । जिनमें कई नेताओं के भड़काऊ भाषण और कई फेक विडियों अपलोड किये जारहे है। आज के दौर में हर हाथ में एंड्रॉयड मोबाइल फोन है । और व्हाट्स- एप और बीबीएम् ( ब्लेक बैरी मेसेंजर ) का चलन बढ़ा है । इन चुनावों में ये एप्स सबसे बड़े हथियार के रूप में काम आ रहे है । चुनाव आयोग और पुलिस ने इनसे निपटने के लिए एक सेल तो बना लिया है, लेकिन तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं।
कैसे मैसेज हो रहे है अपलोड
अमित शाह का दिया गया भड़काऊ भाषण , सहारनपुर के कांग्रेस उम्मीदवार मसूद का क्रमोदी की बोटी बोटी कर देने वाला विडियो , उप्र सरकार में नगर विकास मंत्री आजम खां का मोदी को लेकर वह बयान जिसमें उन्होंने मोदी को संघ का गुंडा और कुत्ते के बच्चे का बड़ा भाई बताया, खूब अपलोड किया जा रहा है। इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी जिन्हें पिछले दिनों जयपुर, जोधपुर और सीकर से पकड़ा गया था, उनकी हिमायत में कई मैसेज इन दिनों फ्लो हो रहे हैं। इसके अलावा भड़काऊ टेक्स्ट मेसेज की तो एक बाढ़ सी आ गयी है । यही नहीं कई जनसभाओं के विडियो के साथ वक्ता की आवाज में अलग से भड़काऊ बाते रिकॉर्ड कर उसको एडिट करके अपलोड किया जा रहा है ।
त्वरित कार्रवाई में ये तकनीकी पेच
वाट्स-एप पर आने वाले मैसेज को टैप करना या फ्लो होने से रोकना नामुमकिन। वाट्स-एप के जरिए आने वाला मैसेज कॉम्पैक्ट डिस्क रिकॉर्डेबल (सीडीआर) नहीं होता। वाट्स-एप सिम बेस सर्विस नहीं है। नेट बेस सर्विस होने के कारण मेन सर्वर से ही रिकॉर्ड मिल सकता है। वाट्स-एप का मेन सर्वर यूएस में होने के कारण आपत्तिजनक वीडियो या मैसेज का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया काफी पेचीदा है।
इन पर रखी जा सकती है निगाह
॥ फेसबुक (इसका सर्वर भारत में जयपुर में है)
॥ गूगल अकाउंट (इसका सर्वर भारत में हैदराबाद, मुंबई और नागपुर में है)
॥ याहू अकाउंट (इसका सर्वर भारत में बेंगलुरू में है)
॥ फोन कॉल्स (कंपनियों से कॉल डिटेल के आधार पर कर सकते हैं इंटरसेप्ट)
॥ लॉ एंड ऑर्डर बिगडऩे का हवाला देकर मांगते हैं रिकॉर्ड।
॥फेसबुक, ट्वीटर आदि सोशल साइट पर पार्टियों व प्रत्याशियों के आधिकारिक एकाउंट से यदि कोई आपत्तिजनक मैसेज या विडियो पोस्ट होता है तो उस पर चुनाव आयोग के कार्रवाई करने के निर्देश है और उनपर हम निगाह भी रखे हुए है। व्हाट्स- एप या बीबीएम् पर कोई भड़काऊ भाषण या विडियो शेअर करता है तो उसके खिलाफ पुलिस मुकदमा बन सकता है, और शिकायत आने पर कारवाई की जा सकती है।
-आशुतोष पेढऩेकर,
जिला निर्वाचन अधिकारी, उदयपुर
हिस्ट्रीशीटर दानिश गिरफ्तार
तीन दिन पहले घर से उठाया था धानमण्ड़ी पुलिस ने, पुलिस हिरासत में होने के बावजूद भी टीडी में मारपीट का मामला दर्ज
उदयपुर। शहर में इन दिनों तेजी से माफिया राज हो जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पुलिस भी आदतन अपराधियों को पकडऩे के लिए उसके परिजनों पर दबाव बना रही है। यही नहीं बल्कि पुलिस अपराधियों के परिजनों से ही अवैध हथियार मंगवा कर आम्र्स एक्ट का मामला दर्ज करने के लिए विवश कर रही है। तीन दिन पूर्व धानमण्ड़ी थाना पुलिस ने आदतन अपराधी दानिश के घर दबिश देकर उसे डिटेन किया और अब टीडी पुलिस ने मारपीट के मामले में उसे गिरफ्तार बताया है। दानिश की मां ने बताया कि दानिश को धानमण्डी थाने का हेड कांस्टेबल फारूख तीन दिन पहले ले गया और कहा कि पूछताछ कर छोड़ देंगे, लेकिन उसे नहीं छोड़ा गया। तीन दिन से पुलिस हिरासत में होने के बाद भी पुलिस ने दानिश को टीडी थाने में एक शराब की दुकान पर मारपीट करने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार बताया। जो आरोपी तीन दिन से पुलिस की हिरासत में है वह शहर के लगभग २० किलोमीटर दूर किसी शराब की दुकान पर कैसे मारपीट कर सकता है।
॥सोमवार शाम को थाना क्षेत्र में स्थित एक शराब की दुकान के पास मारपीट करने के मामले में दानिश को गिरफ्तार किया है।
जितेन्द्र सिंह – टीड़ी थानाधिकारी
॥कोर्ट ने दानिश के पिता व भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकाला था। जिस के लिए पुलिस ने उसके घर दबिश दी। पुलिस से बचने के लिए उसकी मां गलत आरोप लगा रही है।
राजेंद्र सिंह – धानमंडी थानाधिकारी
॥तीन दिन पहले धानमंडी से हेड कांस्टेबल फारूख आकर मेरे बेटे दानिश को ले गए, जबरन मुझसे पिस्टल लाने की मंाग करते हुए धमकी देना शुरू कर दिया।
खूशनूर – दानिश की मां
हमारी पुलिस कोने में, बूथ वीरान


शहर में ट्रेफिक बूथों की अनदेखी, सिग्नल लाइट के भरोसे यातायात, बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था बनती है हादसे का सबसे बड़ा कारण
उदयुपर। शहर में ट्रेफिक चल रहा है, चलाया नहीं जा रहा है। चौराहों पर यातायात व्यवस्था संचालन के लिए लगे ट्रेफिक बूथ वीरान पड़े रहते है। वहीं व्यवस्था संभालने वाले ट्रेफिक पुलिसकर्मी इन बूथों के बजाय कोने में खड़े रहते है। चौराहें पर ज्यादातर पुलिस कर्मी फोन पर किसी से बतियाते दिखाई देते हैं। ऐसी हालत में ट्रैफिक व्यवस्था केवल सिग्नल लाइट के भरोसे पर ही टिकी होती है।
नगर के चोक-चौराहों पर दिनभर यातायात नियमों के टूटने का सिलसिला चलता रहता है। यातायात को नियंत्रित करने और हादसों को टालने के लिए शहर में चौराहे पर ट्रैफिक बूथ खड़े किए गए है। विभाग खुट इन गुमटियों की वर्षों से अनदेखी कर रहा है। यातायात पुलिस कर्मियों को तो जैसे याद ही नहीं कि बूथ उन्हीं के लिए खड़े किए गए है। चौराहे पर पुलिस कर्मी ड्यूटी तो देते है, लेकिन पूरी तरह से नहीं। बूथों में खड़े रहने के बजाय सड़क किनारे दुकान या किसी अन्य स्थान पर खड़े रहते है। इस दौरान यातायात व्यवस्था वाहन चालकों के ही हवाले होती है। किसी को जल्दी हो और लगे कि निकल जाना चाहिए, तो वह ग्रीन लाइट का इंतजार नहीं करता। बल्की रेड लाइट में भी एक्सीलेटर घुमाकर सरपट निकल जाता है। पीछे वालों को लगे कि आगे वाला निकल गया और उन्हें भी निकल जाना चाहिए, तो पूरी की पूरी लाइन चल पड़ती है। फिर एक साइड से नियम टूटता देख दूसरी साइड वाले भी यातायात नियम तोड़कर निकल जाते है। नियम टूटते देख कुछ देर के लिए यातायात पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाने बीच में आकर खड़े हो जाते है।
बूथों का हाल बेहाल
ट्रेफिक पुलिस के जवानों के लिए हजारों रूपए खर्च कर लगाई गई गुमटियां वीरान पड़ी रहती है। इनका बुरा हाल देखकर लगता है कि यह मोटा खर्च बेकार में ही गया। कोई बूथ जर्जर है, तो किसी का हालत खस्ता है। वहीं कुछ चौराहोंं पर तो बूथ गायब ही हो गए हैं। ऐसे में यातायात पुलिस इनमें अब खड़ा भी होना चाहे, तो पहले इन्हें दुरुस्त करना होगा।
खास चौराहे खाली
शहर के सूरजपोल, दुर्गानर्सरी रोड की गुमटियां तो हमेशा ही खाली पड़ी रहती है। व्यवस्था बिगडऩे पर पर पुलिसकर्मी ड्यूटी संभालने पहुंचते है, लेकिन तब भी बूथ में खड़े नहीं होते।
व्यवास्था बनाकर वे वहां से निकल जाते है। शहर के कई मुख्य चौराहों पर तो पुलिस के जवानों के खड़े रहने के लिए भी बूथ की व्यवस्था नहीं है।
युवाओं की दादागीरी
शहर के युवा और अन्य वाहन चालक अच्छी तरह से जानते है कि ट्रेफिक बूथों में वीरानी रहती है। ट्रैफिक पुलिस के जवान कोने में खड़े रहते है।
चौराहों पर पंहुचते ही वाहन चालक सीधा कोने की तरफ देखता है और यातायात पुलिस को मोबाइल व अन्य किसी से बतियाते देख नियम तोड़कर निकल जाता है। वाहन चालक रेड सिग्नल होने के बादजुद फर्राटे भरता है। तीन सवारी भी बिना रोक-टोक बाइक पर निकल जाते है। ऐसे दृश्य शहर में आम हो चले है।

टवेरा व ट्रक की टक्कर, दो की मौत एक घायल
उदयपुर। सलूंबर थाना क्षेत्र के बैजनाथ की घाटी में गत रात्रि लगभग साढ़े १२ बजे एक ट्रक ने सामने से आ रही एक टवेरा को टक्कर मार दी। हादसे में टवेरा में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक घायल को सलूंबर अस्पताल में भर्ती कराया गया। आज सुबह मृतकों के परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम कराया गया।
पुलिस ने अनुसार बांसवाड़ा की खांदू कॉलोनी निवासी प्रीतम यादव पुत्र मंागीलाल यादव, जितेंद्र यादव व उसका साथी जगदीश यादव पुत्र शंकर यादव तीनों एक टवेरा में सवार होकर उदयपुर किसी काम से गए थे। जो कि काम खत्म कर पुन: गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सलूंबर के बैजनाथ की घाटी में रात साढ़े 1२ बजे सामने से आ रही एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में जितेंद्र व प्रीतम की मौके पर ही मौत हो गई, तथा जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सलूंबर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों के शव को सलूंबर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा कर परिजनों को सूचना दी। आज सवेरे परिजनों के आने पर दोनों के शव का पोस्टमार्टम करवा कर उन्हे सौंप दिया। पुलिस ने परिजनों के रिपोर्ट पर ट्रक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अधेड़ की हत्या में एक गिरफ्तार
उदयपुर। माण्डवा थाना क्षेत्र के जोगीवाड़ा गांव में आपसी विवाद के चलते एक अधेड़ की हत्या के मामले में पुलिस ने गत रात्रि को हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को इस मामले में चार आरोपियों के तलाश जारी है।
गौरतलब है कि माण्डवा थाना क्षेत्र के जोगीवाड़ा गांव निवासी परथा पुत्र देवा गरासिया का गांव के ही रतना पुत्र हरा गमेती के साथ आपसी विवाद चल रहा था। उसी के चलते परथा ने एक माह पूर्व गांव में पंचायती का आयोजन किया। जोगीवाड़ा गांव के पंचों ने रतना गरासिया की गलती मानते हुए परथा को मुआवजा देने के लिए कहा। जिस पर आरोपी रतना ने मुआवजा देने के लिए एक माह का समय लिया। दो दिन पूर्व समय पूरा हो जाने पर परथा आरोपी रतना के घर गया। जहां रतना पुत्र हरा गमेती, उसका पुत्र साहिबा व साखिया, अम्बालाल पुत्र लाला गरासिया, हमीरा पुत्र नाथूलाल गरासिया ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान रतना ने परथा के सिर पर ल_ से वारकर परथा को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना पर पंहुचे परथा के परिजनों ने उसे तत्काल ही अस्पताल ले जाया गया, जहंा डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को रतना को गत रात्री को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी रतना के दो पुत्र सहित चार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस कई जगह दबिश दे रही है।
द ललित लक्ष्मी विलास होटल के “आंगन” और “पद्मिनी” में नए ज़ायकों का मैन्यू लांच
उदयपुर । शहर की सबसे पुरानी हेरिटेज मानीजाने वाली पांच सितारा होटल दी ललित लक्ष्मी विलास ने अपने दो रेस्टोरेंट “पद्मिनी” और “आँगन” के लिए ख़ास और स्पेशल मैन्यू लांच किया।
दी ललित लक्ष्मी विलास के एक्सिक्यूटिव शेफ स्वप्निल सेखेदर ने बताया कि ललित लक्ष्मी विलास के “पद्मिनी” और आउट डोर रेस्टोरेंट “आँगन” में ट्यूरिस्ट और रेग्युलर कस्टमरों की बेहद मांग पर एक नया और स्पेशल मैन्यू लांच किया है। जिसमे विदेशी पर्यटकों को उनकी पसंद का और देसी मेहमानों को हिन्दुस्तानी खाने का लज़ीज़ स्वाद मिलेगा । नए मैन्यू में होटल में आने वाले विदेशी मेहमानों का जहां ख़ास ध्यान रखा गया है। तो शहर के नियमित मेहमानों और देशी मेहमानों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है । जहाँ पद्मिनी रेस्टोरेंट में इंडियन और कॉन्टिनेंटल स्वाद मिलेगा वही शाम को ठंडी फ़िज़ां में आबाद होने वाले “आँगन” रेस्टोरेंट में ठेठ भारत के हर कोने कोने के ज़ायके चखने को मिलेगे ।
गौर तलब है कि शहर वासियों के लिए दी ललित लक्ष्मी विलास समय समय पर फ़ूड फेस्टिवल आयोजित कर भारत के कोने कोने के जायकों से रूबरू करवाता है। और फ़ूड फेस्टिवल के लिए ग्रुप के बेस्ट शेफ आकर खानों के ज़ायके बढ़ाते है । ललित लक्ष्मी विलास के मेनेजर ने बताया कि आगामी अगस्त सितम्बर तक फिर से फ़ूड फेस्टिवल शुरू करेगें । अभी नए मैन्यू के साथ शाम को हैप्पी आवर्स भी शुरू किये गए है । जिसमे आने वाले मेहमानों को विशेष छूट दी जायेगी।




