फिल्ड क्लब का चुनावी पिच तैयार कोन होगा बोल्ड – छाबड़ा या अनुज….?

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उदयपुर। फिल्ड क्लब के चुनाव में चुनावी रण सज चुका है । वोटरों को लुभाने के लिए धनबल और जन बल का जम कर प्रयोग हो रहा है । सचिव का पद अब प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है । दोनों प्रत्याशी डॉ. अनुज शर्मा और एस. पी. छाजेड़ दोनों एड़ी से छोटी तक का जोर लगा रहे है । जहाँ एस पी छाजेड़ वर्त्तमान अपना पद कायम रखने के लिए हर दाव खेल रहे है । तो पूर्व में तीन बार सचिव रह चुके डॉ अनुज शर्मा अपने कायदे और क़ानून के बल पर एक फिर मैदान में है ।
फिल्ड क्लब चुनाव में इस बार शासन और अनुशासन के लिए लड़ा जा रहा है। क्लब के वरिष्ठ सदस्यों का कहना है, कि जहां एक और डॉ. अनुज शर्मा के समर्थक क्लब में अनुशासन की मांग के चलते उन्हें सचिव पद पर देखना चाहते है तो दूसरी और दूसरे पक्ष में एसपी छाबड़ा के समर्थक अपना जमा हुआ शासन खोना नहीं चाहते और इसी लड़ाई में एड़ी से छोटी तक का जोर लगाया जा रहा है। क्लब के अधिकतर सदस्य मानते है, कि डॉ. अनुज शर्मा एक अच्छे प्रशाशक है, जो क्लब में बिगड़े अनुशासन को सही कर सकते है, इसलिए उनका क्लब में सचिव पद पर होना आवश्यक हो गया है। इधर छाबड़ा के राजनैतिक रसूखदार समर्थक अपना पूरा जोर लगा रहे है कि दो वर्ष का जमा हुआ क्लब पर उनका शासन चलता रहे। और इसीलिए चुनाव में हर दाव पेंच आजमाए जारहे है।
पिछले दो साल में एस पी छाबड़ा के कार्यकाल के दोरान बिगड़े अनुशाशन से क्लब के अधिकतर सदस्य नाराज़ है । और कयास लगाये जारहे है कि यह नाराज़गी वह एस पी छाजेड़ के खिलाफ वोटिंग कर के ज़ाहिर करेगें । इस बार होने वाले चुनाव का मुख्य मुद्दा ही यह है कि पिछले दो सालों से क्लब में कोई भी १०० रूपये की रसीद काटकर क्लब में दाखिल हो जाता है। सदस्यों ने यह भी बताया कि वर्त्तमान कार्यकाल में एक परिवार ऐसे माहोल में सुरक्षित महसूस नहीं करता क्लब का हर सदस्य क्लब को अपना दूसरा घर मानता है। जहाँ वह शाम को या हफ्ते में एक दो बार परिवार सहित आकर समय बिता सके लेकिन अब १०० रूपये की रसीद के जरिये हर कोई क्लब में प्रवेश कर जाता है, जिससे की क्लब की व्यवस्थाएं बिगड़ती है।
क्लब के चुनाव ३० मार्चा को है और इसी दिन शाम को इनका परिणाम भी आजायेगा

चुनावी चौसर में इस बार उलटे पडं़ेगे पासेे

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पिछली बार कांग्रेस और इस बार भाजपा के खाते मेें हैं ज्यादा विधानसभा सीटें
उदयपुर। चुनावी चौसर बिछने के बाद उदयपुर संसदीय क्षेत्र में अब भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी ‘चुनावी रणÓ में आमने-सामने हैं। यहां पर कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला है, लेकिन आप, माकपा, भाकपा, सपा सहित अन्य राजनैतिक दलों के प्रत्याशी भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। उदयपुर लोकसभा सीट पर इस बार राजनैतिक समीकरण और हालात बदले-बदले से है। ऐसे में दोनों ही प्रमुख उम्मीदवार कांग्रेस के रघुवीर मीणा और भाजपा के अर्जुनलाल मीणा के लिए जीत की राह आसान नहीं है। यहंा पर जहां अर्जुन मीणा को भाजपा और मोदी लहर से जीत की आस है, वहीं रघुवीर मीणा को अपने कार्यकाल में कराए गए कार्यों और वर्तमान में सांसद रहते गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक खुद की पकड़ पर भरोसा है।
कटारिया की प्रतिष्ठा दांव पर
इस लोकसभा चुनाव में उदयपुर सीट को लेकर मेवाड़ के कद्दावर नेता पंचायती राज मंत्री व उदयपुर के विधायक गुलाबचंद कटारिया की प्रतिष्ठा दांव पर है। वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के खाते में है और विधानसभा चुनाव में मेवाड़ में भाजपा का परचम लहराने का श्रेय अगर गुलाब चंद कटारिया को जाता है, तो उदयपुर लोकसभा सीट को जिताने की जिम्मेदारी भी कटारिया की बनती है।
यू बदले हैं समीकरण
2009 के लोकसभा चुनाव अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से छह पर कांग्रेस का कब्जा था और दो पर भाजपा का। अब स्थितियां अलग हंै। सात पर भाजपा है और एक पर कांग्रेस। हालांकि अगर आठ विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर भाजपा और कांग्रेस में जीत का अंतर निकालें, तो दो लाख मत विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में ज्यादा पड़े हैं, जो लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा अंतर नहीं है। इसलिए मोदी और भाजपा लहर के बावजूद भाजपा के अर्जुन मीणा को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्र
उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें उदयपुर, उदयपुर ग्रामीण, झाड़ोल, गोगुंदा, सलूंबर, आसपुर, धरियावद और खेरवाड़ा है। उदयपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्र ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य है।

किशोरियों से दुष्कर्म के मामले में अध्यापक गिरफ्तार

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घर से नाराज किशोरियों के साथ अध्यापक व उसके साथी ने किया दुष्कर्म, दूसरे आरोपी की तलाश
उदयपुर। घर से नाराज होकर निकली दो किशोरियों के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक सरकारी अध्यापक प्रकाश मेघवाल को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथी श्यामलाल मेघवाल को पुलिस तलाश रही है।
गौरतलब है कि घासा क्षेत्र के पलाना खुर्द, डांंगियों का खेड़ा निवासी जेताराम पुत्र वाला डांगी ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी पड़ोस की एक किशोरी के साथ सप्तमी पूजन के लिए गई थी, जो शाम तक वापस नहीं लौटी। इस पर परिजनों ने इन दोनों किशोरियों की खोज शुरू की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। दोनों के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों किशोरियां सांवरियाजी में है। इस पर एक टीम को वहां भेजकर दोनों को बरामद कर लिया। पूछताछ में दोनों किशोरियों ने बताया कि घर छोड़कर दोनों किशोरियां उदयपुर गई। उसी दौरान बस में ही घासा में एक सरकारी स्कूल में कार्यरत अध्यापक प्रकाश उर्फ लेहरीलाल से उनकी मुलाकात हुई। दोनों किशोरियों को अकेला देखकर अध्यापक ने उसके एक अन्य दोस्त श्यामलाल मेघवाल को भी बुला लिया। दोनों आरोपी उन्हे बहला-फुसलाकर गुलाबबाग ले गए, जहां घुमाने-फिराने के बाद दोनों किशोरियों को उदियापोल स्थित एक होटल में ले जाया गया, जहां अध्यापक व उसके साथी ने दोनों किशोरियों के साथ डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद किशोरियां रेल्वे स्टेशन पहुंची और मावली में उतरकर सांवरियाजी चली गई, जहां से पुलिस ने दोनों को मुखबिर की सूचना पर बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों की रिपोर्ट पर सरकारी अध्यापक व उसके साथी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आज सरकारी अध्यापक प्रकाश मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ चल रही है। पुलिस को इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश है।

प्रवीण हत्याकांड का मास्टर माइंड गिरफ्तार

धानमंडी पुलिस ने नरेश हरिजन को किया गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार
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उदयपुर। पिछले दिनों शास्त्री सर्कल स्थित एक शोरूम में हिस्ट्रीशीटर प्रवीण पालीवाल की हत्या के मास्टर माइंड नरेश हरिजन को धानमंडी पुलिस ने कीर की चौकी से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस को दो अन्य आरोपियों की तलाश है, जबकि दो अरोपी पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस के अनुसार प्रवीण पालीवाल की हत्या की योजना नाड़ाखाड़ा निवासी हिस्ट्रीशीटर नरेश हरिजन ने बनाई थी। योजना के अनुसार नरेश हरिजन का भतीजा साहिल हरिजन, करणसिंह, चंचल महाराज, दलपतसिंह ने रैकी कर प्रवीण का पीछा किया और होली की शाम शास्त्री सर्कल स्थित स्टारलाइन शोरूम में गोलियां बरसाईं। इसमें प्रवीण की मौत हो गई, जबकि उसका साथी विजेंद्रसिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस मामले में पुलिस ने साहिल हरिजन और करणसिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि चंचल महाराज और दलपतसिंह की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि दलपतसिंह ने ही प्रवीण की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार इस वारदात के बाद नरेश हरिजन चित्तौड़ जिले के कीर की चौकी में अपने रिश्तेदारों के वहां जाकर छुप गया, जहां से उसे आज सुबह गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि नरेश हरिजन सूरजपोल थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर हत्या सहित अन्य अपराधों में ३२ मुकदमें दर्ज है।
वर्चस्व की लड़ाई में मारा गया प्रवीण
प्रवीण पालीवाल और नरेश हरिजन के बीच २००५ से रंजिश चली आ रही थी। नरेश हरिजन और नाड़ाखाड़ा निवासी भपेश रावल के बीच दुश्मनी थी और प्रवीण भूपेश के साथ रहता था। इसके बाद जेल में भी प्रवीण और नरेश के बीच किसी बात को लेकर मारपीट और कहासुनी हुई थी। प्रवीण ने साइफन से लेकर गोगुंदा तक के क्षेत्र में जमीनों का काम शुरू किया था। नरेश ने भी इसी क्षेत्र में जमीनों का काम शुरू किया। दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई शुरू हो गई। इसी बीच ११ फरवरी को नरेश हरिजन पर ईसवाल के पास हमला हुआ। इस हमले में प्रवीण शामिल नहीं था, लेकिन उस दौरान नरेश ने प्रवीण को वहां देखा था, तभी उसने प्रवीण की हत्या की साजिश रच डाली।

चित्तौडग़ढ़ में आज भाजपा की सभा

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जौहर श्रद्धांजलि समारोह के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी सीएम
चित्तौडग़ढ़। सीएम वसुंधराराजे आज दोपहर बाद चित्तौडग़ढ़ में आयोजित जौहर श्रद्घांजलि समारोह और इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगी। सीएम के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथसिंह के आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
सीएम वसुंधराराजे दोपहर करीब सवा दो बजे पुलिस लाइन मैदान पर हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद संभवतया सीधे दुर्ग पर पहुंचेगी और जौहर श्रद्घांजलि समारोह में भाग लेंगी। इसके बाद दोपहर दो बजे द्वारिकाधाम में लोकसभा चुनाव प्रत्याशी सीपी जोशी के समर्थन में संसदीय क्षेत्र के बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करेंगी। पार्टी की विज्ञप्ति में राजनाथसिंह के भी सीएम के साथ ही आने का दावा किया गया, पर प्रशासन व पुलिस के पास बुधवार शाम तक भी राजनाथ सिंह के आगमन की कोई अधिकृत जानकारी नहीं पहुंची थी, जबकि सीएम का कार्यक्रम आ गया। अलबत्ता दुर्ग स्थित फतह प्रकाश महल प्रांगण में आयोजित होने वाले जौहर श्रद्घांजलि समारोह की तैयारियों में जौहर स्मृति संस्थान तथा द्वारिकाधाम में भाजपा पदाधिकारी तैयारियों में जुटे रहे। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी दोनों कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने की तैयारी में रहे। भाजपा के लोकसभा प्रभारी श्रीचंद कृपलानी ने बताया कि कार्यकर्ता सम्मेलन स्थल पर महिलाओं के बैठने की अलग व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग पर पार्किंग व्यवस्थाएं की गई है। संसदीय क्षेत्र के सभी विधायक और पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं।

युवाओं को चढ़ रहा है ऑनलाइन ‘तीन पत्ती का नशा

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लत में डूबे बच्चे गंवा रहे हैं मां-बाप की गाढ़ी पूंजी
भावेश जाट
उदयपुर। आजकल के युवाओं को ऑनलाइन जुआं खेलने की लत लग गई है। यह लत आज के युवाओं एवं बच्चों में इस हद तक पड़ गई है कि कई युवा एवं बच्चे अपने भविष्य को अंधकार में डालकर घंटों इस गेम को खेलने में जुटे रहते हैं। एंड्रोड मोबाइल की दुनिया में लोकप्रिय हुए इस गेम का नाम है क्रतीन पत्तीÓ। दरअसल, गली मोहल्लों में सटोरियो पर तो पुलिस की नजर रहती है, मगर ऑनलाइन सट्टा पुलिस के लिए भी चुनौती साबित हो रहा है। क्रमददगारञ्ज रिपोर्टर ने जब इस संबंध में शहर की स्थिति को जाना, तो यहां कई जगहों पर उन्हें यह गेम खेलते युवा दिखाई दिए। पिछले कुछ दिनों में इस गेम का प्रचलन काफी बढ़ गया है। पिछले छह माह से इस गेम को काफी ख्याति मिल गई है। अधिकतर युवा दिन-रात इसी गेम से जुड़े दिखाई देते हंै। कई रेस्टोरेंट एवं चाय की थड़ी पर आने वाले युवा चाय की चुस्कियों के साथ इस गेम का आनंद लेते हुए नजर आते हैं। युवाओं में इसकी फैलती लत उनके भविष्य को अंधकार एवं गर्त में ले जा रही है। वहीं इन दिनों इस गेम में जीती जाने वाली चिप्स भी बाजार में आठ सौ से १५०० रुपए तक बिकने लगी है।
ऐसा खेला जाता है ऑनलाइन क्रतीन पत्तीÓ
क्रतीन पत्तीÓ एक लाइव ऑनलाइन काड्र्स गेम एप्लीकेशन है। इसके माध्यम से युवा सोशल साइट पर जुडे दोस्तों से ऑनलाइन गेम खेल सकता है। इस एप्स को डाउनलोड करने के बाद यूजर इसमें अपने नाम से रजिस्ट्रेशन करता है। इसके बाद वह गेम खेलना शुरू कर देता है। एप्लीकेशन में गेम खेलने के दो रूम होते हैं। एक प्राइवेट व दूसरा पब्लिक। पब्लिक रूम का ऑप्शन यूज करने पर यूजर के ऑनलाइन दोस्त आनंद के लिए गेम खेलते हैं। इसमें एक साथ पांच यूजर खेल सकते हैं। मगर प्राइवेट रूम के माध्यम से यूजर का दोस्त उसे खेलने के लिए आमंत्रित करता है। इसके बाद उस गेम में किसी अन्य यूजर का कोई हस्तक्षेप नहीं होता और यूजर चाहे, तो यहां शर्त लगाकर भी गेम खेल सकता है। फेसबुक, जीमेल या अन्य चेटिंग साइट काड्र्स गेम खेल सकता है। क्रतीन पत्तीÓ गेम के यूजर्स को प्रतिदिन १०,००० चिप्स खेलने के लिए दी जाती है।
कहीं बच्चा ऑनलाइन सट्टा, तो नहीं खेल रहा
आपका बच्चा देर रात तक इंटरनेट पर समय व्यतीत कर रहा है, तो उस पर नजर रखें। कहीं वह क्रतीन पत्तीÓ मोबाइल एप्स के माध्यम से सट्टा, तो नहीं खेल रहा। दरअसल, युवाओं में क्रतीन पत्तीÓ नामक एप्लीकेशन से सट्टा खेलने का प्रचलन सा हो गया है। इस क्रतीन पत्तीÓ के माध्यम से आज के युवा आपस में एक प्राइवेट टेबल बनाकर इस एप्लीकेशन को उपयोग ऑनलाइन सट्टा खेलने में कर रहे हैं। वहीं कहीं यूजर्स इस तीन पत्ती पर Óप्ले नाउÓ पर दूसरे लोगों से जुड़कर ऑनलाइन इस क्रतीन पत्तीÓ गेम को खेल रहे हैं।
अन्य देशों में भी मशहूर
तीन पत्ती एप्लीकेशन भारत सहित अन्य देशों में फ्लैश व फ्लश के नाम से भी मशहूर है। दक्षिण भारत के लोग इस एप्स को क्रतीन पत्तीÓ के नाम से जानते हैं। साथ ही इसे मल्टी प्लेयर कार्ड गेम के नाम से जाना जाता है। इसमें यूजर को प्वाइंटस में हिस्सा बांटते हैं। क्रतीन पत्तीÓ एप्स को अभी तक दस लाख से ज्यादा यूजर डाउनलोड कर चुके हैं।

मिलीभगत का खेल

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चेटक सर्किल पर भू-डाके में संदेह के घेरे में नेता और अफसर, जांच के नाम पर खानापूर्ति
उदयपुर। शहर के सबसे महत्वपूर्ण चौराहे चेटक सर्किल की आम सड़क पर बनाए जा रहे कॉमर्सियल काम्पलैक्स में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं की भागीदारी होने का संदेह पुख्ता हो रहा है। समझा जाता है कि इसी वजह से सरेआम हो रहे इस अवैध निर्माण को नहीं रोका जा रहा है। यह भी पता चला है कि कुछ अफसरों ने भी इस क्रप्रोजेक्टञ्ज में बेनानी निवेश किया है।
उल्लेखनीय है कि udaipurpost चेटक सर्किल पर सरेआम भू-डाकाञ्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित करके करोड़ों रुपए के इस भ्रष्टाचार को उजागर किया था, लेकिन उस पर प्रशासन द्वारा फौरी जांच करके लीपापोती कर दी।
पता चला है कि इस गैर कानूनी काम्पलैक्स की एक-एक दुकान एक-एक करोड़ रुपए में जा रही है और अब तक कई मंजिले बेच दी गई है। फिलहाल कुल १४ मंजिलों के निर्माण की योजना है, जो इस शहर में अब तक बनी इमारतों में सबसे ऊंची होगी। वैसे इस संपूर्ण प्रकरण की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में चल रही है, लेकिन निर्माण नहीं रोके जाने से सरकार में बैठे क्रबड़े लोगोंञ्ज पर क्रशक की सुईञ्ज घूम रही है।
इस सारे घपले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि सिनेमा मालिक सैफुद्दीन बोहरा ने नगर निगम से स्वीकृति प्राप्त किए बिना ही निर्माण शुरू करवा दिया। जब अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई, तो स्वीकृति के लिए लगी फाइल पर धड़ाधड़ फैसले करवाए गए। बाद में प्रशासन शहरों की ओर शिविर में महापौर रजनी डांगी, तत्कालीन कमिश्नर सत्यनारायण आचार्य आदि अफसरों ने इसे हाथों हाथ स्वीकृति प्रदान कर दी।
इस मामले में सबसे आश्चर्यजनक तो यह रहा कि स्वीकृति के लिए मूल दस्तावेज ही पेश नहीं किए गए। आम सड़क को हड़पने के लिए आवेदन में बताया गया कि क्रक्रमूल नक्शा खो गया है; बहुत ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा है। इसलिए नया नक्शा पेश किया जा रहा है।ञ्जञ्ज इस नये नक्शे में बाउंड्रीवॉल को आगे बढ़ाकर आम सड़क को चेटक सिनेमा की जमीन बता दिया गया और इसी जाली दस्तावेज को आधार मानते हुए निर्माण स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
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फील्ड क्लब के तीनों बड़े पदों पर सीधा मुकाबला

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उदयपुर। फील्ड क्लब चुनाव में अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। क्लब के उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला है, वहीं सात कार्यकारिणी सदस्यों के लिए दस उम्मीदवार मैदान में हैं।
कल शाम को नाम वापसी के बाद तीनों बड़े पदों पर सीधी टक्कर देखी जा रही है। उपाध्यक्ष पद के लिए पहली बार एक महिला मैदान में है, वहीं सचिव पद के लिए निवर्तमान और पूर्व सचिवों में मुकाबला है।
उपाध्यक्ष पद के लिए तीन आवेदकों में से एक आवेदक ने नाम वापस ले लिया, जिससे अब यशवंत आंचलिया और श्रीमती सूरज शर्मा में सीधी टक्कर है। सचिव पद के लिए सात आवेदन भरे गए थे, जिसमे से पांच लोगों ने नाम वापस ले लिए हैं। अब डॉ. अनुज शर्मा और एसपी छाबड़ा में सीधी टक्कर है। ऐसे ही कोषाध्यक्ष पद के लिए चार लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें से दो लोगों ने नाम वापस ले लिए और अब मुकाबला ललित चोरडिय़ा और दिनेश भंडारी के बीच है। इसके साथ ही सात कार्यकारिणी सदस्यों के लिए 15 आवेदन आए थे, जिसमें से पांच ने नाम वापस ले लिए हैं। अब 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें गौरव भंडारी, राकेश चोरडिय़ा, अब्बास अली, शरद माथुर, पवन दलाल, अजय जैन, जिम्मी छाबड़ा, संजय खमेसरा, नरेश राजानी, डॉ. ललित शर्मा है।
सचिव पद के लिए कड़ा मुकाबला : सचिव पद के लिए इस बार कड़ा मुकाबला है। डॉ. अनुज शर्मा और एसपी छाबड़ा के बीच जहां डॉ. अनुज शर्मा की साफ-सुथरी छवि और पूर्व में उनके द्वारा क्लब में विस्तार के कामों के बूते उनके जितने की उम्मीद है, वहीं एसपी छाबड़ा का प्रभाव भी कम नहीं है। हालांकि छाबड़ा के कई विरोधी भी हैं, जो क्लब में संचालित रेस्टोरेंट और 31 दिसंबर के प्रोग्राम की खराब व्यवस्थाओं को गिनाते हुए डॉ. अनुज की मदद कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार डॉ. अनुज शर्मा के कार्यकाल में ही क्लब में गेस्ट हाऊस का निर्माण किया गया था, जिसकी वजह से आज क्लब में अच्छी आय हो रही है।

हाइवे लूट के आरोपी दस दिन की रिमांड पर

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अन्य आरोपियों की तलाश जारी
उदयपुर। हिरणमगरी पुलिस ने कुछ समय पूर्व दर्ज हुई एक व्यक्ति की रिपोर्ट के आधार पर बिलखफला मीठा बिल ऋ षभदेव निवासी राजू उर्फ राजिया उर्फ राजकुमार डॉन पुत्र कमलेश उर्फ कमलाशंकर मीणा को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने उसे दस दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस को राजिया के तीन अन्य साथियों की तलाश है। पुलिस ने आरोपी से लूट की गाड़ी बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपी ने एक दर्जन से ज्यादा वारदातों को अंजाम देना कबूला है। गौरतलब है कि अहमदाबाद (गुजरात) निवासी महेश भाई पुत्र पोपट भाई ठाकुर ने गत २३ मार्च को हिरणमगरी थाने में चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दी कि वह उसके रिश्तेदार के साथ नाथद्वारा दर्शन करके वापस लौट रहा था। यह घटना २३ मार्च को केवड़ा की नाल में हुई। रिपोर्ट में उसने बताया कि जब वह लौट रहा था, तब एकलिंगपुरा क्षेत्र में चार युवकों ने उसकी टवेरा रुकवाई और लिफ्ट मांगी। चारों उसमें सवार हो गए। कुछ दूरी पर जाने के बाद बदमाशों ने महेश की गर्दन पर चाकू लगा दिया और उसे ड्राइवर सीट से हटा दिया। इसके बाद बदमाशों ने दोनों को टवेरा में ही डाल दिया और टवेरा को इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद बदमाशों ने दोनों को रस्सी से बांध दिया और केवड़ा की नाल में सड़क किनारे फेंक कर चले गए। बदमाश टवेरा के साथ छह हजार रुपए और मोबाइल भी ले गए। पुलिस ने महेश के बताए हुलिये के आधार चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ की, तो जांच में पता चला कि इस वारदात में राजू उर्फ राजिया का हाथ है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, तो उसे दस दिन के रिमांड पर सौंपा गया। राजू ने इस वारदात में बिलख सोमावत निवासी संजय पुत्र नाना मीणा, बिलख पीपली निवासी अशोक पुत्र उदयलाल मीणा, बिलख कीकावत निवासी दिनेश पुत्र कमजी मीणा साथ होना बताया। पुसिल ने तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

घर से किया अपहरण और किया गंदा काम

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राजस्थान की राजधानी जयपुर के कालवाड़ थाना क्षेत्र में 15 वर्षीया किशोरी के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि मामला जोरपुरा गांव में सोमवार रात का है। पीडित के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।

पुलिस ने बताया कि जोरपुरा सुंदरियावास निवासी 15 वर्षीया पीडिता के पिता ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीडित का कहना है कि सोमवार रात को करीब 10 बजे उनकी पुत्री टॉयलेट करने उठी थी। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे किशोरी की मां ने देखा तो वह नहीं मिली। काफी देर तक किशोरी की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। करीब 12 बजे किशोरी घर पर आई तो उसने आपबीती बताई।

उसके अनुसार गांव के ही रहने वाले आरोपी शंकर, महेश और रामजीलाल उसे घर से अपहरण करके ले गए। आरोपियों ने उसके साथ सुनसान जगह पर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। मंगलवार को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस ने बताया कि पीडिता का मेडिकल करवा गया है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पीडिता के 164 के बयान दर्ज करवाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस मामले को प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देख रही है, लेकिन जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा।