
शादी को आगे बढ़ाने में बिगड़ रहा है बजट, मुहूर्त नहीं होने से मजबूरन मतदान के दिन ही करनी होगी कई शादियां
उदयपुर। चुनावी बिगुल शादी की शहनाइयों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिसके चलते सात फेरे लेने जा रही कई जोडिय़ों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल चुनाव की तारीख बाद में आई, जबकि कई परिवारों में शादियां पहले ही तय हो चुकी थीं। परमिशन, छुट्टियों का संकट जैसे तमाम झझंटों से बचने के लिए उन परिवारों में शादी की तारीखें आगे बढ़ा दी गई है या शादी की प्लानिंग को कुछ चेंज कर दिया है। चुनावी तारीख के होने से कई परिवारों को नए सिरे से व्यवस्थाएं जुटानी पड़ सकती है।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव के लिए १७ और २४ अप्रैल को मतदान होना है। ज्योतिषियों का कहना है कि इसी दिन सर्वाधिक सावे हैं, जिससे शादी वाले कई परिवारो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन परिवारों में शादी का उत्साह था और अप्रैल के महीने में होने वाली शादियों के लिए तमाम व्यवस्थाएं भी हो चुकी थी, वे परिवार अब नए सिरे से बंदोबस्त करने में लग हैं। कारण है लोकसभा चुनाव। हालांकि अप्रैल में चुनाव होना पहले से तय था, लेकिन तारीखें तय नहीं होने के कारण कई परिवारों में शादियां तय कर ली गई। परेशानियों से बचने के लिए कुछ ने शादी आगे बढ़ा दी है, जबकि कुछ कोशिश में लगे हुए हैं।
सरकारी नौकरी वालों को खास समस्या: गौरतलब है कि शादी को आगे बढ़ाने का फैसला उन परिवारों में लिया गया है, जहां अधिकतर लोग या खुद दूल्हा, दुल्हन सरकारी नौकरी में है या माता-पिता सरकारी नौकरी में सेवा दे रहे हैं। शादी को आगे बढ़ाने का मुख्य कारण चुनाव को माना जा रहा है। सरकारी नौकरी करने वालों को छुट्टियां लेना अब संभव नहीं होगा, जिसके चलते उन्हें शादी की तारीखों को बदलना पड़ रहा है। शादी समारोहों से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी की तारीख बदल जाने के कारण परिवारों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
मुहूर्त हैं पर शादियां नहीं : इवेंट मैनेजमेंट वालों का कहना है कि अप्रैल, मई में मुहूर्त तो कई है, लेकिन शादियां गिनती की ही हो रही है। हर साल अप्रैल में बड़ी संख्या में शादियों होती है, लेकिन इस बार शादियां कम है। बीते साल की अपेक्षा इस बार महज ३० प्रतिशन बुकिंग ही हो पाई है। मुहूर्त तो है, लेकिन चुनाव के कारण लोग बुकिं ग करने में डर रहे थे। अधिकतर लोग अप्रैल की जगह मई में शादी करना पंसद कर रहे हैं, ताकि चुनावी माहौल में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। (शेष पेज 5 पर)
वाहनों की भी हो सकती हैं किल्लत
॥नगर परिषद और यूआईटी को नोटिस भेज दिया गया है कि चुनाव के दौरान किसी भी सार्वजनिक स्थान, स्कूल, सामुदायिक भवन और ऐसे स्थान जहां मतदान या चुनावी कार्य होना है, वहां की बुकिंग नहीं ली जाए। जिन परिवारों ने पहले ही बुकिंग करा ली है, उनकी बुकिंग निरस्त की जाए और उन्हें अन्य स्थान बुक करने की सलाह दी जाए।
-आशुतोष पेढऩेकर, जिला कलेक्टर, उदयपुर
शहनाई पर भारी चुनावी बिगुल
होली के बाद आएगी प्रत्याशियों की सूची
Udaypur प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए भाजपा के प्रत्याशियों की सूची होली के बाद आएगी। विवादों से बचने और कांग्रेस की रणनीति पर नजर रखने के लिए यह निर्णय किया गया। भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की मंगलवार को हुई बैठक में सभी 25 सीटों को लेकर मंथन किया गया। इसके बाद प्रत्याशी चयन का फैसला मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी पर छोड़ दिया गया। अब विधानसभा चुनाव की तरह पांच वरिष्ठ नेता दावेदारों के नामों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद नामों का पैनल दिल्ली भेजा जाएगा। संभवत: 18 मार्च को पार्टी राजस्थान के प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी।
18 को होगी घोषणा
सूत्रों के मुताबिक पार्टी लोकसभा चुनाव में टिकटों को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं चाहती, इसलिए ऎनवक्त पर टिकट की घोषणा करना चाहती है। नामांकन की प्रक्रिया 19 मार्च से शुरू होगी और पार्टी 18 मार्च को संसदीय बोर्ड की बैठक में राजस्थान के प्रत्याशियों के नाम रखेगी। इसी दिन नाम घोषित होने की सम्भावना है। तब तक कांग्रेस के प्रत्याशियों की स्थिति भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।
पांच सदस्यीय समिति तय करेगी नाम
विधानसभा चुनाव में चुनाव समिति ने पांच नेताओं की समिति को प्रत्याशी चयन का अधिकार सौंपा था। कुछ ऎसा ही इस बार भी किया जा रहा है। इन पांच नेताओं में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह, राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र यादव और प्रदेश भाजपाध्यक्ष अशोक परनामी शामिल हैं। यह सभी चुनाव समिति की बैठक में आए नामों में से पैनल तैयार कर दिल्ली भेजेंगे। चुनाव समिति की बैठक भी इन्हीं नेताओं की मौजूदगी में हुई।
विधायकों को मौका नहीं
बैठक में अशोक परनामी ने विधायकों को टिकट दिए जाने का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को टिकट नहीं देने की बात पहले ही तय हो चुकी है। हालांकि, हारे हुए प्रत्याशियों के नामों की चर्चा बैठक में हुई। इसी कारण जयपुर शहर के दावेदारों के नाम पढ़ते वक्त विधायक घनश्याम तिवाड़ी का नाम नहीं बोला गया।
फिर मिलेगा टिकट
बैठक में वर्तमान सांसदों की सीटों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। इस समय झालावाड़-बारां, चूरू, जालौर-सिरोही और बीकानेर से भाजपा के सांसद हैं। कयास लगाया जा रहा है कि इनको फिर मौका मिल सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की।
जोधपुर की बैठक आज
परनामी ने बताया कि 22 सीटों के विधायकों और लोकसभा प्रभारियों की बैठक बुधवार को जयपुर में होंगी। बैठक में दावेदारों के साथ-साथ लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होगी। जोधपुर देहात अध्यक्ष के निधन के चलते बाड़मेर, जोधपुर और पाली लोकसभा क्षेत्र के विधायकों को जयपुर नहीं बुलाया गया है।
25 सीटों पर दावेदारों की सूची तैयार
चुनाव समिति की बैठक प्रदेश मुख्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक चली। इसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने बताया कि सभी 25 सीटों पर दावेदारों की सूची तैयार कर ली गई है। अब वरिष नेता इस पर चर्चा करेंगे। चुनाव समिति के जिन सदस्यों ने जिस सीट से दावेदारी की थी, उन्हें उस सीट की चर्चा से अलग रखा गया। चुनाव समिति सदस्य रामचरण बोहरा और सुमन शर्मा जयपुर शहर, सतीश पूनिया व राव राजेन्द्र सिंह जयपुर ग्रामीण सीट से दावेदारी कर रहे हैं।
मौसम के बदले मिजाज ने बिगाड़ी सेहत

उदयपुर। मौसम के दिन-रात बदलाव और तापमान के अंतर की वजह से अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हंै। अस्पताल में वायरल बुखार, जैसे खांसी, जुकाम, डायरिया के मरीज पिछले दिनों की तुलना में बढ़े हंै। ऐसे में आउटडोर के साथ इनडोर में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय के आउटडोर में सुबह इतनी भीड़ हो जाती है कि आउटडोर का टाइम समाप्त होने के बाद भी मरीजों की लाइन खत्म नहीं होती। प्राइवेट क्लीनिकों और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
एग्जाम टाइम पर बुखार
इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा स्कूल में पढऩे वाले बच्चे और उनके अभिभावक परेशान है। बच्चों में खांसी और बुखार ज्यादा हो रही है, निजी और सरकारी अस्पताल में अन्य की तुलना में स्कूल में पढऩे वाले बच्चे ज्यादा परेशान है। सालभर की पढ़ाई में की गई मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कई बच्चों को बीमारी के बावजूद भी परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। परीक्षा से पहले पढ़ाई नहीं होने से रिज़ल्ट खराब होने की आशंका से भी बच्चे दुखी है।
ठंडी व खुली खाद्य सामग्री खाने से बचे
चिकित्सकों के अनुसार दिन में गर्मी और रात में सर्दी होने से वायरल की चपेट में आने की आशंका रहती है। इसलिए ऐसे मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही बर्फ, फ्रीज का पानी, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का उपयोग अभी नहीं करना चाहिए।
:तापमान में उतार चढ़ाव की वजह से पिछले डेढ़ सप्ताह से वायरल बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज बढ़े हैं। बीमारियों से बचने के लिए इस सीजन में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ठंडी चीजों से बचे और सुबह व रात को गर्म कपड़े पहने।
-सीपी माथुर, फिजिशियन
हार्ले डेविडसन के 350 राइडर्स ने मचाई धमाल
उदयपुर – थर्ड वेस्टर्न एचओजी राइड के तहत तीन दिन तक लेकसिटी में हार्ले डेविडसन के 350 राइडर्स ने जमकर धमाल मचाई। इसमें लाइव रॉक म्यूजिक, बर्न आउट जोन, हार्ले डेविडसन की नवीनतम मर्चेंडाइज का प्रदर्शन, टैटू जोन, मोटरसाइकिल वर्कशॉप, कुश्ती प्रतियोगिता सहित कई अन्य गतिविधियां रखी गई। प्रमुख आकर्षण थी बेस्ट कस्टमाइज्ड मोटरसाइकिल की प्रतियोगिता। नाइन ब्रिजेस चैप्टर अहमदाबाद के श्रीकांत पाणिकर ने कहा कि देशभर में यात्रा का अनुभव बेहतरीन था, लेकिन राजस्थान यह जादुई हो गई क्योंकि यहां का भूगोल बिल्कुल अलग है। तीन दिन सिर्फ मोटरसाइकिल चलाना, साथी चालकों के साथ मौज-मस्ती करना और ढेर सारी उत्साहजनक गतिविधियों ने एचओजी राइड के आकर्षण को और बढ़ा दिया।
‘…अब तो चुनाव के बाद होगा कामÓ

आचार संहिता लगते ही अधिकारी रटने लगे यह जुमला
उदयपुर। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई हैं। इसके बाद विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी और अधिकारी आम जनता की जरूरतों से जुड़े काम अटका रहे हैं। दफ्तरों में इन दिनों जुमला चल पड़ा है ‘आचार संहिता लगी हुई हैं, चुनाव के बाद काम होगा।ञ्ज ऐसे में जनता से सीधे जुड़े दफ्तरों में आम आदमी परेशान है। क्रमददगारञ्ज ने जब आचार संहिता का असर किन कामों पर पड़ता है इसकी पड़ताल की, तो सामने आया कि बुनियादी जरूरत से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं रोका जा सकता। साथ ही आचार संहिता के दौरान शहर में चल रहे विकास के बड़े प्रोजेक्ट, सड़क की मरम्मत और पैचवर्क जैसे काम पर कोई फर्क नहीं पड़ता। सफाई, रोड लाइट व्यवस्था और पानी जैसी जरूरतें, तो किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होगी।
यह काम होंगे : 300 वर्ग के नीचे भवन निर्माण की इजाजत, नामांतरण, बेचान अनुमति और लीज मुक्ति प्रमाण पत्र जारी होंगे। सड़क, सीवरेज, नाली व नाला सहित अन्य तरह के विकास कार्यों के लिए, जो टेंडर आचार संहिता के पहले लग चुके हैं, उनकी प्रक्रिया जारी रहेगी और वर्कऑर्डर आचार संहिता हटने के बाद ही जारी होंगे। सभी तरह के प्रमाण पत्र भी बनेंगे, सफाई, रोड लाइट और पानी से संबंधित काम भी नहीं रुकेंगे। भवन निर्माण इजाजत, लीज डीड, लीज मुक्ति प्रमाण पत्र, बेचान स्वीकृति, नामांतरण के काम से कोई इनकार नहीं कर सकता है। शहर में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट भी रोक नहीं सकेंगे। सीवरेज, नाली, नाला, सड़क का चौड़ा करने के काम जो शुरू हो चुके हैं, उनको नहीं रोका जाएगा।
ये काम नहीं होंगे : नगर निगम की तमाम कमेटियों की बैठक, एम्पावर्ड कमेटी की बैठक व उनके द्वारा लिए गए फैसले, किसी भी प्रकार के पट्टे, शिलान्यास व उद्घाटन नहीं हो पाएंगे। 300 वर्ग गज के ऊपर के मकानों के निर्माण की इजाजत व भू-उपयोग परिवर्तन नहीं हो पाएगा। एम्पावर्ड कमेटी, नगर निगम, जिला परिषद् की बैठक महापौर, जिला प्रमुख व अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होने के कारण नहीं हो सकेगी। इसके अलावा नए विकास कार्यों की घोषणा व टेंडर जारी नहीं कर पाएंगे। नई नीलामी भी नहीं कर पाएगा। इसके अलावा वृद्धावस्था व विधवा पेंशन के नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे और न ही नए पीपीओ जारी हो सकेंगे।
सांसद रघुवीर मीणा ने नाराज कांग्रेसियों से मांगी माफी

मीणा ने कहा जीता तो सुधारूंगा गलतियां, असंतुष्टों ने कहा ये है नाकाफी
उदयपुर। लोकसभा चुनाव में अपना टिकट पक्का मान चुके उदयपुर के सांसद रघुवीर मीणा इन दिनों नाराज कांग्रेसियों को मनाने में लग गए हैं। श्री मीणा के निवास पर कांग्रेस की विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों की गुप्त बैठकों का दौर जारी है, जहां से मान मनौवल की जा रही हैं, वहीं कई नाराज कांग्रेसी पदाधिकारियों ने इन बैठकों का बहिष्कार किया है, वहीं कई ने रघुवीर मीणा के माफी मांगने की बात को स्वीकार किया है।
16वीं लोकसभा के लिए सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा करना शुरू कर दिया हैं। वहीं कुछ पार्टियों में जिताऊ उम्मीदवार की खोज भी चल रही है। कांग्रेस की तरफ से भी राजस्थान में छह उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी हैं, जिसमें चित्तौड़ से केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास को दूसरी बार मौका दिया गया है। उदयपुर सीट के लिए सांसद रघुवीर मीणा का नाम लगभग तय माना जा रहा है। इसलिए श्री मीणा के निवास पर पिछले तीन दिनों से कांगे्रसियों की गुप्त बैठकों का दौर जारी है। पता चला है कि सांसद ने अपनी गलतियों की माफी मांगते हुए सभी को साथ रहने की अपील भी की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जीत गया, तो सारी गलतियों को सुधारूंगा। रविवार सुबह सभी विधानसभा चुनाव में अपने वार्डों से हारे और जीते हुए कांग्रेस पार्षदों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा पार्षदों की अनुपस्थिति रही। बैठक में गए पार्षदों ने बाद में कहा कि सभी रघुवीर मीणा के साथ हैं और अपने वार्डों से जीताने का भरसक प्रयास करेंगे।
पांच साल तक हमें पूछा तक नहीं तो हम अब क्यों साथ दें! : रघुवीर मीणा से नाखुश आधा दर्जन से ज्यादा पार्षदों में से कुछ का मानना है कि पांच सालों तक सांसद ने हमे पूछा तक नहीं, हमारा एक भी काम नहीं किया ना ही कभी वार्ड में आकर जनता से मिले, तो अब हम क्यों साथ दे। जनता से कैसे कांग्रेस के नाम पर वोट मांगेंगे, नाम नहीं बताने की शर्त पर तीन पार्षदों ने कहा कि अगर मीणा को टिकट मिलता है, तो वह गिरिजा व्यास के चुनाव में प्रचार करने जाएंगे।
जिलाध्यक्ष के नाम से लिए गए पैसे किसके पास? : विधानसभा चुनाव के दरमियान जिलाध्यक्ष ने चार हजार रुपए फोटो कॉपी के नाम से लिए थे। यह बात काफी दिनों से चर्चा में हैं, लेकिन शनिवार को रघुवीर मीणा के यहां हुई दिग्गजों की बैठक में इस बात पर खूब हंगामा हुआ। वरिष्ठ कांग्रेसी रामचंद्र मेनारिया की डायरी में इस राशि को जिलाध्यक्ष द्वारा लिए जाने का हवाला है, लेकिन वह पैसे किसके पास है? इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई। भूषण श्रीमाली ने कहा कि दिनेश दवे ने नीलिमा सुखाडिय़ा के घर पर उससे फोटो कॉपी के नाम से पैसे लिए बाद में क्या हुआ? उन्हें नहीं पता। जब दिनेश दवे से पूछा गया तो वह चुप्पी साधे रहे, जबकि नीलिमा ने कहा कि यह दोनों बेवजह मुझे बदनाम कर रहे हैं।
॥मैंने दिनेश दवे को चुनाव के दरमियान चार हजार रुपए दिए थे। दवे ने कहा कि वोटर लिस्टों की फोटो कॉपी के लिए चार हजार रुपए चाहिए। बाद में वह मुझे नीलिमाजी के घर लेकर गया और वहां रुपए लिए थे।
-भूषण श्रीमाली, कांग्रेस कार्यकर्ता
सचिन पायलट उदयपुर आए थे, तब भी मुझ पर लगे आरोप की बात उठाई थी। शनिवार को भी रघुजी के यहां बैठक में यह बात उठाई थी। दिनेश श्रीमाली ने कहा कि रामजी बाऊ जी की डायरी में आपको चार हजार रुपए दिए, इसका हवाला है। बाद में भूषण श्रीमाली ने दिनेश दवे को मेरे नाम से पैसे देने की बात स्वीकारी, लेकिन दवे कुछ नहीं बोला। भूषण श्रीमाली और दिनेश दवे में से किसने मेरे नाम से रुपए लिए, इसकी जांच होनी चाहिए। मुझे बेवजह बदनाम किया जा रहा है, जो काफी गलत है।
-नीलिमा सुखाडिय़ा,जिलाध्यक्ष।
मुझे इस घटना की बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं आपसे बाद में आकर मिलता हूं।
-दिनेश दवे, पूर्व प्रवक्ता शहर
होली के रंग नेताजी के संग

॥ दुकानों पर बिक्री के लिए उपलब्ध विभिन्न रंगों की नमो गुलाल
॥ बाजार में सज गई फिल्मी सितारों के चित्र वाली पिचकारियां
उदयपुर। होली का रंग-रंगीला त्योहार बस एक सप्ताह बाद है, जिसका शहर पर खुमार चढ़ चुका है। अबीर-गुलाल की दुकानें सज चुकी हैं, तो पिचकारी और रंग भी मार्केट में चारों ओर नजर आने लगे हैं। मगर इस बार की होली कुछ खास है। लोकसभा इलेक्शन की डेट डिक्लेयर हो चुकी है, तो होली के रंगों और पिचकारी पर भी नेताजी का खुमार चढ़ा हुआ है।
नमो चाय के बाद बाजार में अब नमो गुलाल भी आ गई है। होली पर्व आते ही बाजार में गुलाल व फिल्मी सितारों के चित्रों वाली पिचकारियों की बिक्री शुरू हो गई है। दुकानदारों को इस बार नमो गुलाल की डिमांड ज्यादा रहने की उम्मीद है। रंग विक्रेता ने बताया कि नमो गुलाल सात रंगों में आई है। इस बार यह लोगों को आकर्षित करेगी। लाल, गुलाबी व केसरिया हर्बल गुलाल की डिमांड अधिक है। बुजुर्ग गुलाल-अबीर तथा युवा गुलाल व कलर से होली खेलते हैं। बाजार में कलाकारों के चित्र वाली पिचकारियों की भी डिमांड है। बाजारों में फिल्म अभिनेत्री करीना कपूर व अभिनेता सलमान खान, आमिर खान के साथ ही सिंघम, दबंग टू एवं धूम थ्री की पिचकारियां काफी पसंद की जा रही है। पिचकारी विक्रेता ने बताया कि यह पिचकारियां दिल्ली, मेरठ व गुजरात के कई शहरों से मंगवाई जाती हैं। पिचकारियों में विशेष रूप से छोटा भीम, प्रेशर गन, टॉम एंड जैरी, जेम्स, डोरेमन ब्रांड, एलिफेंट, फिश, मोटर गन, बाइक गन, डॉग, कछुआ व मोबाइल के आकार की पिचकारियां भी बच्चों को लुभा रही है। बाजार में तीन रुपए से लेकर 125 रुपए तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं।
दूर तक जाती है पानी के फुंवार : पंप वाली पिचकारी दो से पांच फीट लंबी होती है। सबसे लंबी पिचकारी करीब 30 फीट दूर खड़े व्यक्ति को रंग से भिगो सकती है।
रेट भी बजट में : ऐसा नहीं है कि चुनाव के तहत मार्केट में आई मोदी की पिचकारी और राहुल के रंग की डिमांड ज्यादा है। मोदी की पिचकारी जहां २० से ४० रुपए में बिक रहीं है, वहीं राहुल का रंग भी बहुत मंहगा नहीं हैं। गुलाल विक्रेता ने बताया कि क्वालिटी के अनुसार बाजार में छह से 150 रुपए किलो तक की गुलाल उपलब्ध है। अच्छी क्वालिटी की गुलाल चेहरे को नुकसान नहीं पहुंचाती है।
खरीददारों की भीड़ : होली नजदीक आने के साथ ही मार्केट में खरीददारों की भीड़ भी उमडऩे लगी है। यही वजह है कि कंपनीज ने चुनावी माहौल को भुनाने के लिए पॉलीटिकल पिचकारी मार्के ट में उतार दी है। वैसे मार्केट में आई राजनेताओं के नाम व चित्र की पिचकारी और रंगों की डिमांड अच्छी खासी हैं।
ज्योतिषियों में मोदी पर विवाद

उदयपुर। देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? यह सवाल हर भारतवासी के दिमाग में चल रहा है। कोई कहता है इस बार तो मोदी ही पीएम बनेंगे, तो कोई मोदी के नकारात्मक पक्ष को गिनाता है। चुनावों में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व रहता है। बडे़-बड़े नेता इस दरमियान ज्योतिषाचार्यों की शरण में जाते है और आंकड़ों की गणित बिठाने के प्रयास करते हैं। इस बार के चुनावों को लेकर भी ज्योतिषियों की अलग-अलग राय है। पिछले दो दिनों में उदयपुर के जवाहर नगर में हुए ज्योतिषियों के महासंगम में मोदी के नक्षत्रों के हिसाब से उनके प्रधानमंत्री नहीं बनने की घोषणा करके एक ज्योतिषी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया, वहीं दूसरे ज्योतिषी ने किसी भी हाल में मोदी के ही प्रधानमंत्री बनने की बात पर मुहर लगा दी। दुबई के अशोक भाटिया ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं, नक्षत्र उनका साथ नहीं दे रहे हैं। हालाकि श्री भाटिया ने एनडीए की ही सरकार बनने का दावा किया है, लेकिन ताजपोशी किसी बुजुर्ग या महिला के सर होने की बात कही है। एेसे में माना जा रहा है कि अगर एनडीए सत्ता में आती है, तो लालकृष्ण आडवाणी या फिर सुषमा स्वराज को यह मौका मिल सकता है। वहीं ब्यावर के दिलीप नाहटा ने कुंडली के अनुसार मोदी को प्रधानमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार बताया है। उन्होंने कहा कि कुण्डली के हिसाब से मोदी ही प्रधानमंत्री बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य दिलीप ने कहा कि अभी तक उनकी ज्यादातर भविष्यवाणियां सही साबित हुई है।
अप्रैल में टीसी चाहिए, तो जून तक देनी होगी फीस!
उदयपुर। राज्य सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। निजी स्कूलों के इस लालची और सख्त रवैये से कई अभिभावक परेशान है। ऐसा ही मामला सामने आया है यूनिवर्सिटी रोड पर स्टेनवर्ड स्कूल का, जहां स्कूल से टीसी निकलवाने पर अभिभावकों से दो महीने की अतिरिक्त फीस मांगी जा रही है।
जानकारी के अनुसार कालका माता रोड निवासी किशन सिंह के पुत्र नव्यसिंह और प्राची सिंह स्टेनवर्ड स्कूल में नर्सरी व प्रथम कक्षा में अध्ययनरत है। किशन सिंह ने बताया कि वे अपने बच्चों को इस स्कूल से निकाल कर अन्य स्कूल में दाखिला करवाना चाहते हैं। जबकि स्कूल प्रशासन मई और जून माह की फीस अनुचित तरीके से मांग रहा है और फीस नहीं देने पर टीसी नहीं देने और बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने के लिए दबाव बना रहा है। किशनसिंह ने बताया कि स्कूल में जब दाखिला करवाया था, तब वह मई, जून 2013 की फीस जमा करा चुका है।
अब जब उसको अपने बच्चों को यहां नहीं पढ़ाना है और मार्च में ही अपने बच्चों को टीसी दिलाना चाहता है, तो फिर से मई, जून 2014 की फीस का अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। किशन सिंह ने अपनी शिकायत जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी लिखकर दी है।
:नियम के अनुसार स्कूल को 12 महीने की फीस लेने का अधिकार है। यह बात जिला कलेक्टर से मीटिंग में भी साफ कर ली गई है। हमने उनसे कोई अतिरिक्त फीस नहीं मांगी है। 12 महीने की फीस मांग रहे हैं।
-सत्य प्रकाश मूंदड़ा, डायरेक्टर स्टेनवर्ड स्कूल
:स्कूल प्रशासन अनुचित तरीके से मई-जून माह की फीस की मांग कर रहा है। जबकि मैं अपने बच्चों को मार्च एग्जाम के बाद स्कूल से निकालना चाहता हूं। तो फिर यह फीस क्यों दंू, जबकि मेरे बच्चे अध्ययनरत थे। उस वर्ष की मई और जून की फीस में दे चुका हूं।
-किशन सिंह, अभिभावक
पत्थर बाजी में छह गिरफ्तार, दो मामले दर्ज

उदयपुर। अंबामाता क्षेत्र में गत रात को हुए पत्थरबाजी में पुलिस ने दो मामले दर्ज करके दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्हें आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जांच अधिकारी नारायणसिंह ने बताया कि बीती रात गांधीनगर क्षेत्र में एक ऑटो में सवार तीन बदमाशों ने समाज विशेष को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया, वहां से जा रहे एक व्यक्ति ने इसका विरोध किया। इस पर तीनों बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी। इस पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से १५ से २० लोग वहां जमा हो गए। आपस में गाली-गलौज और पत्थरबाजी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से लोगों को खदेडऩा शुरू कर दिया। पुलिस ने आज सुबह फारूख आजम कॉलोनी निवासी चंदा पत्नी श्यामजी व वहीं के रहने वाले मोहम्मद अजहर उर्फ मोगली की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों ही पक्षों के पृथ्वी पुत्र राकेश हरिजन, श्रवण हरिजन, बाबूलाल, मोहम्मद एजाज, वसीम, फारूख को गिरफ्तार किया है। इन सभी को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।


















































