सड़क हादसे में पुत्र की मौत, पिता गंभीर

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उदयपुर। प्रतापनगर चौराहे पर रविवार शाम को एक मिनी ट्रक ने आगे जा रही एक बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार आठ वर्षीय बालक की ईलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार देवपुरा जावरमांइस निवासी डालू कालबेलिया (४५) उसके पुत्र गणेश (8) के साथ बाइक पर सवार होकर खमनोर गांव में एक शादी में जा रहा था। उसी दौरान प्रतापनगर चौराहे पर पीछे से आ रहे एक मिनी ट्रक ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे में डालू व उसका पुत्र गणेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे १०८ की मदद से शहर के एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ईलाज के दौरान गणेश के मौत हो गई। घायल डालू की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना पर पहुची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज करवा कर ब्लैकमेल करने वाली युवती गिरफ्तार

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आरोपी युवती से दो लाख रूपए भी बरामद
उदयपुर। गोगुन्दा पुलिस ने तीन दिन पूर्व एक युवती द्धारा ंयुवक के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में नया खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कराने वाली युवती को ही गिरफ्तार कर लिया है।ं आरोपी युवती के घर से दो लाख रुपए भी बरामद किए गए। वृताधिकारी गिर्वा दिव्या मित्तल ने बताया कि तीन दिन पूर्व गोगुन्दा थाने में उदयपुर के नाड़ा खाड़ा निवासी एक युवती ने मोड़ी निवासी गणेश ङ्क्षसह पुत्र देवीसिंह के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले की जांच के दौरान एक नया ही खुलास सामने आया है। युवती किसी काम से गोगुन्दा गई थी, शाम को घर लौटते समय उसकी गाड़ी खराब हो गई।
युवती ने बाइक सवार गणेशसिंह से लिफ्ट ली। रास्ते में जाते समय युवती ने गणेशङ्क्षसह के मोबाईल नंबर ले लिए। जिस पर दोनों की रोजाना बात होने लगी। कुछ समय के बाद युवती ने गणेशङ्क्षसह को उदयपुर बुलाया था, जहां युवती ने गणेश सिंह के साथ स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाए। बाद में युवती स्वयं युवक के साथ गोगुन्दा की ओर गई, जहां एक होटल में रूककर स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाए। बाद में युवती ने युवक से दो लाख रुपए की मंाग करी। पैसे नहीं देने पर युवती उसके घर जाकर उसकी पत्नी को पूरी बात कहने को लेकर ब्लेकमेल करने लगी। युवक ने दो लाख रूपए युवती को देकर मामले को खत्म करने को कहा। जिस पर युवती ने युवक से एक बार फिर तीन लाख रूपए की मांग कर दी। पैसे नहीं दिए जाने पर युवती ने युवक के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवक गणेशङ्क्षसह को गिरफ्तार कर लिया। जिस पर युवक ने पुलिस को बताया कि युवती ने स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाकर ब्लेकमेल कर 2 लाख रूपए ऐंठ लिए है। पुलिस ने युवती को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवती के घर से पैसे भी बरामद कर लिए है। इधर पुलिस युवती के पुराने रिकार्ड की भी तलाश कर रही है।

बीमारी से परेशान युवती ने की आत्महत्या

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_020314_21rajधुएं से पड़ोसियों को पता चला
पड़ौसी दरवाजा तोड़कर घुसे तब तक हो चुकी थी मौत
राजसमंद। राजनगर में पठानों का डेरा निवासी महिला ने रविवार सुबह घर में खुद पर केरोसिन छिड़ककर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त वह घर में अकेली थी। पति तथा दोनों बेटे मार्बल माइंस पर काम करने गए हुए थे। घर से धुआं उठता देख पड़ोसी मौके पर पहुंचे व दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तब तक महिला की जान जा चुकी थी। महिला एक साल से बीमारी से इस कदर परेशान हो चुकी थी कि खुदकुशी कर ली। जबकि शनिवार को ही उसे उदयपुर में डॉक्टर को दिखाकर लाए थे। द्वितीय थानाधिकारी दिलीपसिंह ने बताया कि रहीसा बानू (40) पत्नी अशफाक खान ने सुबह केरोसिन छिड़कर आत्महत्या कर ली। 19 व 20 साल के दोनों बेटों को नाश्ता दिया था। इसके बाद दोनों बेटे मार्बल की गाडिय़ां भरने के काम पर चले गए थे। इस बीच सुबह करीब 9 बजे महिला मकान के ऊपर बने कमरे में पहुंची व कमरा अंदर से बंद कर खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। आग से कुछ ही देर में घर के उपकरण भी जलने लगे। धुआं देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। पड़ोसियों ने पत्थर से दरवाजा तोडऩे की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ देर की मशक्कत के बाद गेट तोड़ दिया गया। लेकिन लोगों के मदद के लिए कमरे में पहुंचने तक आग से महिला पूरी तरह जल चुकी थी। राजसमंद पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम शर्मा व थानाधिकारी गोपीचंद मीणा मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में पति व बेटे भी पहुंच गए।
मामले को लेकर पुलिस ने पड़ोसियों व पति से पूछताछ की। थानाधिकारी ने बताया कि महिला एक साल से बीमार थी। वह खाना नहीं पचने की बीमारी से पीडि़त बताई गई है। इसे लेकर उसका एक साल से उदयपुर में उपचार चल रहा है। बीमारी से रहीसा अक्सर निराश भी रहती थी। पुलिस आत्महत्या का कारण बीमारी को ही बता रही है। खुद को आग लगाने के बाद महिला लपटों से बचने के लिए कमरे में इधर-उधर दौड़ीं होगी, इस कारण कमरे में रखे बिस्तर, टीवी अन्य उपकरण व बिजली की लाइन जल गई। पड़ोसी कमरे में पहुंचे तब चारों तरफ से धुंआ उठ रहा था।

बालक पर पैंथर का हमला, ग्रामीणों ने बचाई जान

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राजसमंद। भीम क्षेत्र के गांव शेखावास की सरहद के बाहर बकरी चरा रहे एक किशोर पर पैंथर ने हमला कर दिया। किशोर की छाती पर चढ़ा पैंथर उसके गले पर दांत गड़ाता, उससे पहले ही आसपास बकरी चरा रहे अन्य ग्रामीणों ने पथराव कर किशोर को उसके चंगुल से छुड़ाया। ग्रामीणों के चिल्लाने व अचानक पथराव से पैंथर झाडिय़ों में ओझल हो गया। शेखावास निवासी पप्पू काठात (13) पुत्र राजू काठात राजकीय माध्यमिक विद्यालय शेखावास की छठी कक्षा का छात्र है। रविवार को अवकाश के दिन परिजन के कहने पर वह बकरियां चराने जंगल में गया। दोपहर करीब तीन बजे गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर पहाड़ी की तलहटी में बकरियां चराते झाडिय़ों में घात लगाकर बैठे पैंथर ने उस पर हमला कर दिया। पप्पू के संभलने से पहले ही पैंथर उसे नीचे गिराकर उसके गले को दबोचने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास बकरी चरा रहे अन्य ग्रामीणों ने हो-हल्ला व पत्थर फेंककर पैंथर को दूर भगाया। ग्रामीणों की सूचना पर एंबुलेंस 108 के चालक सत्यनारायण तुरंत वाहन लेकर मौके पर पहुंचे और बालक को अस्पताल पहुंचाया। पैंथर के हमले में पप्पू की छाती, पीठ और पेट के निचले हिस्से पर घाव हो गए। गांव के सेवानिवृत्त हवलदार बाबूसिंह ने बताया कि एक रात पहले भी पैंथर गांव में दिखाई दिया था। रविवार दोपहर बकरियां चरा रहे पप्पू पर पैंथर ने अचानक हमला कर दिया। वन विभाग के अधिकारी अब तक मौके पर नहीं पहुंचे हैं। भीम क्षेत्र के शेखावास गांव में बकरियां चरा रहा था

गिरिजा ने कहा, चित्तौड़ से ही लड़ूंगी

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चित्तौडगढ़़। क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने साफ कर दिया है कि वह अगला लोकसभा चुनाव चित्तौडगढ़़ से ही लड़ेगी। इस बारे में उनकी ओर से कोई संशय नहीं है। रविवार को यहां अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में डॉ. गिरिजा ने आगे चलकर इसकी घोषणा की। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की घोर पराजय के बाद उनके लोस चुनाव लडऩे में दिलचस्पी नहीं जताने या सीट बदलने की अटकलों पर विराम लगाते हुए गिरिजा ने कहा कि वैसे तो पार्टी प्रत्याशी का चयन निर्धारित प्रक्रिया व आलाकमान पर निर्भर है, पर वह दोबारा चित्तौड़ से ही चुनाव लडऩे को तैयार है। इसका कारण संसदीय क्षेत्र के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ आम लोगों की भावना है। वह कभी भी कोई चुनाव कार्यकर्ताओं या जनता की इच्छा के विरूद्ध नहीं लडऩा चाहती। कांग्रेस के विस चुनाव पराजय की निराशा से नहीं उबरने तथा भाजपा के मुकाबले संगठन स्तर पर खास तैयारी नहीं दिखने के सवाल पर गिरिजा व्यास ने कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता तैयार है। कोई गुटबाजी नहीं है। चुनावी मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए हमेशा विकास और जन कल्याण ही अहम मुद्दा रहता है। इस बार भी इन दोनों मोर्चों पर हम कहीं पीछे नहीं है। यूपीए सरकार ने दस साल में जनता को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए। वैश्विक मंदी के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से नीचे नहीं उतरने दिया। यही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। सिवाय यह कि नरेंद्र मोदी को पीएम बनाना है। केवल एक व्यक्ति के नाम पर सरकार नहीं बनती। डॉ. गिरिजा ने कहा कि राज्य की पिछली अशोक गहलोत सरकार व केंद्र की यूपीए सरकार ने विकास व जन कल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए। नई राज्य सरकार उन योजनाओं को बंद करना चाह रही है।

सूचना केन्द्र में डाक टिकिट प्रदर्शनी

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उदयपुर । भारतीय डाक विभाग के उदयपुर मण्डल के तत्वाधान में सूचना केन्द्र में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय फिलेटली (डाक टिकिट प्रदर्शनी) के दूसरे दिन जिला कलक्टर आशुतोष पेडणेकर एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी अवलोकन किया । प्रदर्शनी में पुराने डाक टिकिट के अलावा विदेशी मुद्रा, सिक्के एवं भारतीय आकर्षण का केन्द्र रही है ।
प्रवर अधीक्षक डाकघर मेजर एस.एन.दवे के अनुसार प्रदर्शनी में स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय कला, संस्कृति एवं विज्ञान संबंधी विभिन्न स्मृति डाक टिकिट, ऐतिहासिक स्थलों, विशेष क्षणों एवं महान विभूतियों के नाम पर समय-समय पर जारी डाक टिकिट भी प्रदर्शित किये गये है ।
प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज पोस्ट मास्टर जनरल जितेन्द्र गुप्ता द्वारा मोती मगरी (महाराणा प्रताप स्मारक) पर प्रथम दिवस आवरण जारी किया। इसके साथ उदयपुर शहर के सभी फिलाटेलिस्ट द्वारा कार्यशाला का आयोजन एवं स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विद्यालयें के सैंक$डों बच्चों ने भाग लिया।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी का समापन एवं पारितोषिक वितरण तीन मार्च को अपरान्ह 3.00 बजे होगा। यह प्रदर्शनी आज भी आमजन के लिए सुबह 10 से शाम 5 बजे तक नि:शुल्क अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

डूंगरपुर में मुस्लिम समाज का तीसरे सामूहिक विवाह में 18 जोड़ों का निकाह होगा

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9 मार्च को डूंगरपुर के निसार ए हाली स्कूल में होगा सामूहिक विवाह

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डूंगरपुर। सेहरी वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में मुस्लिम समाज का तीसरा सामूहिक निकाह 9 मार्च को डूंगरपुर के निसार ए हाली स्कूल में होगा। सामूहिक विवाह में 18 जोड़े निकाह करेंगे। मुस्लिम समाज के सामूहिक निकाह को लेकर लेकर रविवार सोसायटी के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में सलाहकार मोहम्मद युसूफ मलीक, सेहरी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अकिल खान, उपाध्यक्ष मोहम्मद फजले रब्बी, कोषाध्यक्ष आसिफ कुरैशी, प्रवक्ता शाहिद खान, ताहिर कुरैशी,इरफान पठान,वसीम मलीक, अब्दुल रउफ,नाजीफ, जाकीर खान,मंसूर चौहान,ने विचार रखे। प्रवक्ता शाहिद खान ने बताया की।

आम चुनावों में किसे वोट देंगे मुसलमान?

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Muslim-Politics-in-India-Misconceptions-and-Reality
भारत के मुस्लिम हलकों में, संगठनों, अख़बारों और घरों में इन दिनों बस एक ही चर्चा है. क्या मोदी वाक़ई प्रधानमंत्री बन जाएंगे. और अगर मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो मुसलमानों के प्रति उनका रवैया क्या होगा?
भारत में इस वक्त मुसलमानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह चुनाव में किसे वोट दें. संभवतः यह पहला मौक़ा है जब भारत के मुसलमानों के सामने चुनाव में कोई स्पष्ट तस्वीर नहीं है.
एक तरफ़ कांग्रेस है, जिससे देश की बाकी जनता की तरह मुसलमान भी ज़्यादा ख़ुश नज़र नहीं आते हैं. और लोग यह मानने लगे हैं कि कांग्रेस को अपने इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है.
क्षेत्रीय दलों में एक लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे, जो अपने बीजेपी विरोधी बयानों से मुसलमानों के करीब रहने की कोशिश करते थे. इस वक्त वह अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ने में व्यस्त हैं.

भाजपा से दूरी
रही बात नीतीश कुमार की तो लगता है कि वह पहले से ही हार मान बैठे हैं. उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की पार्टी के सत्ता में आने के बाद पिछले डेढ़ साल में छोटे-बड़े 50 से ज़्यादा सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं. मुज़फ़्फ़रनगर के दंगों के बाद मुसलमान मुलायम से पूरी तरह नाराज़ india-election-ayodhyaदिखते हैं.

बहुजन समाज पार्टी की मायावती की भूमिका बहुत सीमित रही है. दूसरी तरफ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता देश भर में बढ़ रही है जबकि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी बेअसर साबित हो रहे हैं. इससे मोदी का रास्ता और ज़्यादा साफ़ होता दिख रहा है.

मुसलमान भारतीय जनता पार्टी से हमेशा दूर रहे हैं. उनके दिमाग़ में बीजेपी की छवि मुसलमान विरोधी पार्टी की रही है. बीजेपी ने कभी अपनी इस छवि को दूर करने के लिए बहुत ज़्यादा कोशिश नहीं की है.

एक दौर में बीजेपी की यह नीति होती थी कि उसे मुसलमानों के वोटों की ज़रूरत नहीं है. राम जन्मभूमि के आंदोलन के बाद बीजेपी ने यह महसूस किया कि अकेले सरकार बनाना मुश्किल है और उसने पहली बार मुसलमानों को अपनी तरफ़ आकर्षित करने की कोशिश की. लेकिन आपसी अविश्वास की बुनियाद बहुत गहरी थी.

गुजरात के दंगों ने बीजेपी और मुसलमानों के बीच संबंध बनाने की इन शुरुआती कोशिशों को इतना तगड़ा धक्का पहुंचाया कि यह कड़ियां पहले से ज़्यादा बिखर
हाल के सालों में मुसलमानों ने बड़ी शिद्दत से यह महसूस करना शुरू किया है कि कांग्रेस, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे नेता और उनकी पार्टियां उन्हें अपने चुनावी फ़ायदे के लिए महज़ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं. जबकि इनकी तरक्की और ख़ुशहाली में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं रही है.

विकल्प की समस्या

मुसलमानों के सामने सबसे बड़ी समस्या विकल्प की रही है कि वह अपना पारंपरिक जुड़ाव ख़त्म करके किसे वोट दें. बीजेपी ने भी इनकी तरफ़ जो हाथ बढ़ाने की कोशिश की तो वह भी बड़ी बेदिली से की.

बीजेपी की तरफ़ से मुसलमानों का समर्थन हासिल करने का कभी कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया. कभी मुसलमानों से संवाद करने का कोई रास्ता नहीं अपनाया गया. साथ ही बीजेपी चुनावी राजनीति और सरकारों में मुसलमानों को उचित प्रतिनिधित्व भी नहीं देती.

खुद मोदी व्यक्तिगत तौर पर एक मुसलमान विरोधी नेता माने जाते हैं.

मुसलमानों की नई नस्ल शिद्दत से यह महसूस कर रही है कि एक ऐसे वक्त में जब मोबाइल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया की वजह से चुनाव और चुनावी विषय भी एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं तो मुसलमानों को अपने असुरक्षा वाले अहसास से निकलना होगा.

वह आम चुनावों को एक चुनौती नहीं बल्कि बेहतर तब्दीली के एक सुनहरे मौके के तौर पर देख रहे हैं. उन्हें पता है कि हिंदुओं के बाद भारत के 17 करोड़ मुसलमान इस मुल्क की दूसरी सबसे बड़ी बहुसंख्यक आबादी हैं.

एशिया कप लाइव: भारत ने पाकिस्तान को दिया 246 रन का टारगेट

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Udaipur. एशिया कप के महत्वपूर्ण मैच में भारत ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 246 रन का लक्ष्य रखा है। टीम इण्डिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 245 रन बनाए।

पाकिस्तान के गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी का कारण टीम इण्डिया 250 रन भी नहीं बना पाई। भारत की ओर से रोहित शर्मा,अंबाति रायडू और रविन्द्र जडेजा ने अच्छी बल्लेबाजी का मुजायरा पेश किया। रोहित शर्मा ने 58 गेंदों में सात चौके और दो छक्के की मदद से 58 रन बनाए। अंबाति रायडू ने 62 गेंदों में चार चौके और एक छक्के की मदद से 58 रन बनाए।

रविन्द्र जडेजा 49 गेंदों में चार चौके और दो छक्के की मदद से 52 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान की ओर से सईद अजमल ने अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने 10 ओवर में 40 रन देकर तीन विकेट लिए। मोहम्मद हाफिज और मोहम्मद तलहा ने दो-दो और उमर गुल ने एक विकेट लिया। मोहम्मद तलहा ने 7 ओवर में सिर्फ 22 रन दिए। उन्होंने एक ओवर मेडन भी फेंका।

पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की शुरूआत काफी खराब रही। टीम इण्डिया का पहले विकेट सिर्फ 18 रन पर गिर गया। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन सिर्फ 10 रन बनाकर पवैलियन लौट गए। तीसरे ओवर में ही शिखर धवन का विकेट गिर गया। इसके बाद रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली ने पारी को आगे बढ़ाया लेकिन नौवें ओवर में कोहली भी आउट हो गए। उस वक्त टीम इण्डिया का स्कोर 56 रन था। उमर गुल ने 5 के व्यक्तिगत स्कोर पर कोहली को आउट किया।

पिछले 10 मैचों में भारत का पलड़ा भारी

पिछले 10 मैचों को देखें तो भारत का पलड़ा भारी रहा था। भारत ने इनमें से 6 मैच जीते हैंजबकि पाकिस्तान के नाम केवल चार जीत रही। पिछले साल जून में भारत ने पाकिस्तान को चैम्पियंस ट्रॉफी में डकवर्थ लुइस मैथड के तहत 8 विकेट से हराया था। हालांकि भारत अपनी जमीन पर तीन मैचों की श्रंखला 2-1 से हार गया था।

टीमें –

भारत – शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली (कप्तान), अंबाति रायुडू, अजिंक्या रहाणे, दिनेश कार्तिक, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी

पाकिस्तान – शरजील खान, अहमद शेहजाद, मोहम्मद हफीज, शोएब मकसूद, मिसबाह उल हक (कप्तान), उमर अकमल, शाहिद अफ्रीदी, मोहम्मद ताला, उमर गुल, सईद अजमल, जुनैद खान

Vedanta Khushi : “The Missing Milk”

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This is a real life incident forwarded by Anu Sharma from Bhilwara, Rajasthan,
By Anu Sharma

Vedanta Khushi - Anu SharmaIt was the time of winters when I with my children was waiting at the platform for a train to Jaipur which got delayed for an hour or two due to adverse weather conditions. While we were sitting on the bench, a beggar holding her son 1-2 years of age in her arms came to me for the money.
Her son was crying at the loudest pitch and without paying much heed to him, the beggar was busy in collecting sympathy money from us. I got very upset seeing the whole scenario and asked her “he is hungry, why are you not feeding him?”
She said the child has not eaten anything since morning, give me the money, I will buy something for him and then he will be quiet.”
Her reluctant attitude frustrated me. I ignored her, went to the tea stall on the platform, and bought some milk. I gave it to the beggar and asked her to feed him with the milk. She took the milk, kept it in her rugged bag and moved away from my bench while ignoring what I said. Attitude of her infuriated me and before she could go and beg to other people, I stopped her and asked her firmly to give the milk to little child.
With no option left, she handed over the milk to her son. I could see the small child drank it at one go without leaving a single drop. I was happy and satisfied; at least I could fill the empty stomach of one innocent child who does not know what fate has in store for him. Will he do the same work that his mother is doing or would go to school, study and do a respectable job?
I know it’s a small beginning and I would have done some more. May be I would have convinced the beggar to work or would have probably asked her to send her child to government Anganwadis. But for now I know I am moving in the right direction, money would have spoiled her even more and perhaps giving the milk would have inspired other passengers to do the same.
Being part of Vedanta’s Khushi campaign, I feel I am contributing to the society at large. My contribution may be small in this mammoth problem, but I could make a small difference…