पत्नी के साथ अवैध संबंध के चलते की हत्या
उदयपुर। झाड़ोल थाना क्षेत्र के लाखगुड़ा गांव में एक व्यक्ति ने पत्नी के साथ छोटे भाई के अवैध संबंध होने की शंका के चलते छोटे भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने बीती देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार लाखागुड़ा निवासी कला (३०) पुत्र कल्ला गमार और उसका बड़ा भाई मीठा गमार दोनों हमेशा साथ बैठकर शराब पीते थे। मीठा गमार को शंका थी कि उसके छोटे भाई कल्ला गमार और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध है।
इस बात को लेकर दोनों भाइयों में शराब पीते समय कहासुनी हो गई। गुस्से में मीठा गमार ने फावड़ा लेकर कला पर हमला कर दिया। उसी दौरान कला की पत्नी बीच में आई, तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। आरोपी मारपीट के बाद वहां से भाग गया। कुछ देर बाद कला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कला की की पत्नी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया और मीठा गमार को घर से गिरफ्तार कर लिया, जिसे आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।
भाई की हत्या का आरोपी गिरफ्तार
आधार कार्ड ने बढाई मुश्किलें!
गैस एजेंसियों में आधार कार्ड अंकित कराने वालों को हो रही है परेशानी
उदयपुर। केंद्र सरकार की तरफ से देश में एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को बाज़ार दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने के लिए लागू की गई क्रडायरेक्ट सब्सिडी ट्रांसफर स्कीमञ्ज के तहत आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने के बाद भी यह आदेश अब तक प्रभावी नहीं हुआ है। जिन उपभोक्ताओं ने आधार नंबर अपनी गैस एजेंसियों में जमा करवा दिए है, वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उनके खाते में सब्सिडी की एक किश्त ही पंहुची है। दूसरी किश्त उनके खाते में कब जमा होगी। इसका जवाब गैस एजेंसियों के पास भी नहीं है।
आधार नंबर गैस एजेंसियों में जमा करवाने वाले उपभोक्ता को अब एक साथ १११२ रुपए देने पड़ रहे हैं। इन ग्राहकों को दो किश्तों में सब्सिडी मिलनी थी। पहली गैस बुकिंग करते समय और दूसरी सिलेंडर की डिलेवरी के बाद। पहली किश्त ४३५ रुपए अग्रिम सब्सिडी के रूप में उपभोक्ता के खाते में जमा हो गई, लेकिन ऐसे कई मामले सामने आए है कि उपभोक्ता को दूसरी किश्त नहीं मिल रही है।
इस वजह से आधार नंबर लिंक्ड कर चुके उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर ३९४ रुपए के बजाय ६७७ रुपए की लागत से पड़ रहा है, जबकि उन ग्राहकों को कोई दिक्कत नहीं हो रही, जिन्होंने अपने आधार नंबर गैस एजेंसी में नहीं जमा करवाए हैं।
> मैने अपने आधार नंबर गैस एजेंसी में लिंक्ड करवा दिए। अब मुझे सब्सिडी के रूप में एक बार ४३५ रुपए आए, लेकिन उसके बाद दूसरी किश्त और दूसरे सिलेंडर की सब्सिडी अभी तक खाते में नहीं आई।
-मनीष उपाध्याय, उपभोक्ता अंबामाता
> मेरे अभी तक साल के सात सिलेंडर खर्च हुए है। आखरी दो सिलेंडर की सब्सिडी में से सिर्फ एक सिलेंडर की एक किश्त आई है, बाकी के सिलेंडर के लिए मुझे रुपए देने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसी वाले कहते हैं कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है। अब सब कुछ सरकार के हाथ में है।
-मोहसिन छीपा, हाथीपोल
> आधार कार्ड वाले उपभोक्ता को सब्सिडी देने का कार्य सर्वर से जुड़ा हुआ है। सरकार यह सीधे उपभोक्ता को देती है। इसमें गैस एजेंसी की कोई भूमिका नहीं है
-मोहम्मद फारूख, मैनेजर,
अरावली गैस एजेंसी
ग्राफिक्स से होती है शादियों में सजावट


उदयपुर। शादियों में फूलों से सजावट करना अब पुरानी बात हो चली है। अब वेन्यू से लेकर वेडिंग कार व बग्घी को डेकोरेट करने का तरीका काफी स्टाइलिश हो गया है। जहां वेन्यू को डेकोरेट करने के लिए ग्राफिक्स का सहारा लिया जाने लगा है, वहीं वेडिंग कार व बग्घी को खूबसूरत लुक देने के लिए ऑयस्टर, हार्ट, रॉयल, पेंटिंग्स व ज्वैलरी थीम को अपनाया जाने लगा है। उदयपुर के कपल्स अपनी शादी को यादगार बनाना चाहते हैं, उसी के मद्देनजर वेडिंग प्लानर्स ब्राइड व ग्रूम की डिमांड को ध्यान में रखते हुए कपल्स की फोटो या कोलाज वेडिंग कार पर लगाने लगे हैं। थ्री डी लुक के लिए थर्माकोल से स्कल्प्चर बनाकर कारों पर सजाए जा रहे हैं। फैंटास्टिक फोर इवेंट के डायरेक्टर संजीव रंजन झा ने बताया, शादियों में जिस कार में डोली जाती है, उसे भी ऑफ बीट कॉन्सेप्ट पर कस्टमाइज किया जा रहा है।
रॉयल व थ्रीडी थीम: जब शादी रॉयल तरीके से हो सकती है, तो वेडिंग कार शाही अंदाज में क्यों नहीं डेकोरेट की जा सकती? इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए आजकल वेडिंग प्लानर्स वेडिंग कार को डेकोरेट करने लगे हैं। वहीं इसमें थ्रीडी लुक देने के लिए थर्मोकॉल से मोर, हाथी और हंसों के जोड़े का आकर्षक ढांचा तैयार किया जाता है। उसके बाद ब्राइड व ग्रूम की पसंद अनुसार फूलों से सजावट की जाती है। इसमें लगभग ५० हजार रुपए खर्च आता है।
कपल्स की फोटो कार पर प्रिंट: कपल्स अपनी वेडिंग कार को रोचक अंदाज में डेकोरेट करवा रहे हैं। इसमें वे अपनी कार पर प्रिंट करवा रहे हैं। इसमें लगभग ३० हजार का खर्च आता है।
विवाहिता के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म
उदयपुर। एक विवाहिता ने गांव के ही एक युवक के खिलाफ उसका अपहरण करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला गोगुंदा थाने में दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार बेड़ादिया निवासी एक विवाहिता ने रिपोर्ट में बताया कि तीन माह पूर्व जाम्बुडिय़ा गांव में स्थित क्रेशर गिट्टी प्लांट पर वह मजदूरी करने गई थी। वहां पर आरोपी शंकर गमेती भी काम करता था। आरोपी ने विवाहिता को अन्य स्थान पर मजदूरी के लिए चलने के लिए कहा। इस पर विवाहिता आरोपी के साथ बाइक पर सवार होकर चली गई। उसी दौरान आरोपी उसे एकांत में ले गया, जहां बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। मौका मिलने पर वह वहां से भाग गई और परिजनों को आपबीती सुनाई। विवाहिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
झीलों की नगरी को भिखारियों से मुक्त कराएगा जिला प्रशासन

उदयपुर। शहर में भिखारियों और भीख मांगने के लिए प्रेरित करने वालों पर जिला प्रसाशन और पुलिस प्रसाशन ने कमर कास ली है। अगर भीख मांगने के लिए प्रेरित करने वालों पर पुलिस सख्त कारवाई करेगी वही भिखारियों को पाबंद कर उन्हें काम काज के लिए प्रेरित करेगी।
जिला कलेक्टर आशुतोष पढ़नेकार ने बताया कि उदयपुर शहर झीलों और पर्यटकन की सुन्दर नगरी है जहाँ भिखारीयों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है । पिछले कई समय से भिखारियों की बढ़ती संक्या और पर्यटकों व् शहर वासियों के भिखारियों से परेशां होने की शिकायते आरही थी जिसपर अंकुश लगाने के लिए एक अभियान चलाया जारहा है जिसमे भीख का रेकेट चलने वालों के लिए पुलिस को निर्देशित किया है कि कड़ी से कड़ी कारवाई करे और भिखारियों को व्यवसायिक कार्य सिखा कर उन्हें शिक्षित किया जाएगा और दुबारा भीख नहीं मांगने के लिए पाबंद किया जाएगा। उन्होंने बताया की भीख मांगने के लिए बढ़ावा देने वाले तिन ऐसे लोगों को चिन्हित किया है जो बच्चों और बढ़ो को भीख के लिए प्रेरित करते है, और शनिवार व् अन्य दिनों में शनि महाराज व् अन्य देवी देवताओं की मूर्ति को पांच रुपया किराय पर देते है। उनके खिलाफ पुलिस को निर्देशित किया कि कड़ी से कड़ी कारवाई करे ।
१६१ भिखारियों को किया चिन्हित :
शहर में शनिवार के दिन शनि महाराज की मूर्ति किराय पर लेकर बच्चों और महिला भिखारियों की एक बाढ़ सी आ जाती है। जिनकी वजह से पर्यटकों और शहर वासियों को परेशानी होती है। जिला कलेक्टर ने बताया कि बच्चे और बड़े मिलाकर शहर में १६१ भिखारियों को चिन्हित किया है । जिनके खिलाफ कारवाई की जायेगी । जिला कलेक्टर ने बताया कि भीख मांगने वालों पर सख्त कारवाई नहीं कर उन्हें पाबंद किया जाएगा तथा उन्हें काम सिखा कर नोकरी पर लगाया जाएगा । मोबाईल रिपेरिन , बागवानी , ड्राइविंग सहित और भी कई काम है जो भिखारियों को सिखाये जायेगे । इसके लिए बाल विकास और महिला विकास समिति का सहयोग लिया जारहा है। जिला कलेक्टर ने बताया कि अभी तक ९ भिखारियों ने भीख का काम छोड़ कर काम सिख कर कमाने का मन बनाते हुए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।
कांग्रेस इसी माह घोषित करेगी प्रत्याशी
उदयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस इसी माह लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर देगी। लोकसभा चुनावों के लिए उदयपुर संभाग के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक लेने एक दिवसीय उदयपुर दौरे पर आए पायलट ने बुधवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकसभा चुनावों में दुगुनी ताकत से चुनावी मैदान में उतरेगी तथा पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को दोहराएगी। कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों की घोषणा जल्द से जल्द हो ताकि प्रत्याशी चुनाव का प्रचार प्रसार कर सके ।
भाजपा के मिशन 272 या 25 पर पायलट बोले कि प्रजातंत्र में किसी को भी यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि मतदाता उसकी जेब में है। राजग ने जब के न्द्र में सरकार बनाई तो 22 दल उनके साथ थे, लेकिन अब केवल दो दल बचे हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि केन्द्र में तीसरी बार संप्रग की सरकार बनेगी। राजस्थान में पार्टी संगठन में बदलाव के सवाल पर पायलट ने कहा कि इसमें निश्चित समय पर बदलाव किए जाएंगे।
देवहुति की शादी में हुआ 250 करोड़ का खर्च
फिल्म, राजनीति और उद्योग जगत की हस्तियों ने की शिरकत
उदयपुर। मिराज उद्योग समूह के सीएमडी मदन पालीवाल की पुत्री देवहुति की शादी में ढाई सौ करोड़ से अधिक का खर्चा किया गया है। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी है। उदयपुर संभाग में किसी स्थानीय हस्ती की ये अब तक की सबसे महंगी शादी मानी जा रही है। इस शादी में हुए खर्च के बाद आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है।
मिराज उद्योग समूह के सीएमडी मदन पालीवाल की पुत्री देवहुति की शादी के रिसेप्शन में मंगलवार रात २५ हजार से अधिक अतिथियों ने भाग लिया, जिनके लिए सुस्वादु भोजन की करीब पांच सौ स्टॉल्स लगाई गई थी। मिराज क्रिकेट ग्राउंड का विस्तृत क्षेत्र भी इस महाभोज के लिए छोटा पड़ रहा था। समारोह में फिल्म जगत, राजनीति, वाणिज्य, शिक्षा, धर्म, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों की नामी हस्तियां मौजूद थी। अतिथियों के मनोरंजन के लिए दो दर्जन से अधिक सुंदरियां शालीन वेशभूषा में प्रसिद्ध गीतों पर आधी रात तक नृत्य करती रही। मुख्य मंच पर श्री मदन पालीवाल के निवास क्रतत किम्ञ्ज का विशाल मॉडल निर्मित किया गया था, जिसके एक कौने पर रामकथा के प्रसिद्ध व्याख्याता मुरारी बापू विराजमान थे। सभी विशिष्ट अतिथि सर्वप्रथम बापू का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद नव दंपती को आशीर्वाद दे रहे थे। आमंत्रित अतिथियों को सोने-चांदी से मढ़े हुए निमंत्रण पत्र भेजे गए थे। गाडिय़ों की पाॄकग के लिए दो किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र भी कम पड़ रहा था। भोजन व्यवस्था में लगे एक अधिकारी ने बताया कि देश के सभी भागों में बनाए जाने वाले शाकाहारी व्यंजन यहां मौजूद है। मांसाहार के शौकीन लोगों के लिए कटहल, सूरण आदि की सब्जियां विशेष रूप से से तैयार की गई है, जिनका स्वाद उन्हें शाकाहारी बनने की प्रेरणा देगा।
इस भव्य शादी समारोह में बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमामालिनी, अनू कपूर, रणधीर कपूर, राजीव कपूर, सना खान, सुनील सेट्ठी, मकरंद देशपांडे, गायक जोली मुखर्जी, गजेंद्र चौहान, अरुण गोविल, मोहित रेना, महिमा चौधरी के अलावा राजनीतिक क्षेत्र से राजीव शुक्ला, अमरसिंह, डॉ. सीपी जोशी, किरण माहेश्वरी, कल्याणसिंह सहित कई हस्तियों ने शिरकत की। विशिष्ठ अतिथियों का सत्कार स्वयं श्री पालीवाल ने किया, जबकि आम आमंत्रित मेहमानों का स्वागत सजी-धजी सुंदरियां कर रही थी। इस रिसेप्शन में केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।
सचिन पायलट का भव्य स्वागत
उदयपुर। केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का आज उदयपुर पहुंचने पर कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। श्री पायलट यहां लोकसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने आए हैं। पायलट ने सर्किट हाउस में संभाग के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक ली।
प्रदेशाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार उदयपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट का पहाड़ी बस स्टैंड पर जोरदार स्वागत किया गया। कांग्रेसी नेता परसराम मदेरणा की अंत्येष्ठि में शामिल होकर पायलेट सड़क मार्ग से सिरोही, गोगुंदा होते हुए उदयपुर पहुंचे। गोगुंदा में सचिन पायलट का जगह-जगह स्वागत हुआ। उन्होंने गोगुंदा में आमसभा को संबोधित भी किया तथा कार्यकर्ताओं की बात सुनी। श्री पायलेट का इससे पूर्व उदयपुर जिले की सीमा क्षेत्र में आते ही देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला और पूर्व विधायक मांगीलाल गरासिया द्वारा क्यारी गांव में स्वागत किया गया। गोगुंदा से उदयपुर तक पायलट का करीब दो दर्जन जगह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल-नगाड़े बजाकर तो कहीं फूल-मालाओं से लाद कर स्वागत किया गया। उदयपुर शहर में आते ही, फतहपुरा पर शहर जिला कांग्रेस द्वारा स्वागत किया गया, जहां पहुंचने पर पायलट की अगुवाई में सांसद रघुवीर मीणा, शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, प्रतिपक्ष नेता दिनेश श्रीमाली, पार्षद अजय पोरवाल, संजय पगारिया सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल हेमनानी ने भी भारी भीड़ के साथ आकर पायलट का स्वागत किया। पहाड़ी बस स्टैंड पर देहात कांग्रेस द्वारा स्वागत किया गया, जहां देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, पूर्व मंत्री और विधायक मांगीलाल गरासिया, दयाराम परमार, गजेंद्रसिंह शक्तावत, गणेश परमार, केवलचंद लबाना ने स्वागत किया।
सर्किट हाउस में जारी है मुलाक़ात : प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्होंने संभाग के जिलेवार पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों, जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायकों व विधानसभा चुनाव में विधायक के प्रत्याशी रहे जनप्रतिनिधियों से मुलाकात शुरू कर दी है। आगामी लोकसभा के चुनाव के लिए भी तैयारियों को लेकर रणनीति के बारे में चर्चा की। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही सभी जिलों में कांग्रेस की स्थिति पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि लोकसभा के उम्मीदवार का चयन भी काफी हद तक आज की इस मीटिंग पर निर्भर करेगा। सर्किट हाउस में संभागभर से आए कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। शाम छह बजे उदयपुर शहर के बारे में चर्चा की जाएगी।
संजय दत्त को फिर मिली पैरोल, घर में मनाएंगे होली
मुंबई ब्लास्ट मामले में सजा काट रहे अभिनेता संजय दत्त फिर 1 महीने की पैरोल मिल गई है। संजय को लगातार यह तीसरी बार पैरोल मिली है। अब दत्त 21 मार्च जेल से बाहर रहेंगे। दरसअल, दत्त की पैरोल 21 फरवरी को खत्म होने जा रही है। जबकि हाल ही उनकी पत्नी मान्यता की सर्जरी हुई है। ऎसे में पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए संजय ने 1 महीने पैरोल बढ़ाने की अर्जी दी थी। जेल नियमानुसार एक अपराधी को अधिक से अधिक 90 दिन की पैरोल मिल सकती है।
गौरतलब है कि पिछले साल 21 दिसंबर को संजय दत्त पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। मान्यता की बीमारी के चलते 21 जनवरी को दत्त ने फिर से पैरोल बढ़ाने की अर्जी लगाई थी। इस पर प्रशासन ने 20 फरवरी को तक पैरोल दी थी। 21 फरवरी को अभिनेता की पैरोल खत्म हो रही है जो अब 21 मार्च तक बढ़ा दी गई है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई ब्लास्ट मामले में संजय दत्त को 5 साल की सजा हुई है जिसमे वह करीब डेढ़ साल की सजा काट चुके है जबकि साढ़े 3 साल की सजा के लिए जेल में है। इन दिनों वे पैरोल पर जेल से बाहर है। पिछले साल मई में दत्त ने टाडा जेल में सरेंडर किया था।
ऑटो चालकों की लूट

बिना मीटर के चल रहे हैं ऑटो रिक्शा, पुलिस और परिवहन विभाग ने मूंदी आंखें
॥ १९९२ में आखिरी बार मीटर के अनुसार चले थे ऑटो
उदयपुर। पर्यटन के लिए मशहूर झीलों की नगरी क्रलेकसिटीञ्ज में ऑटो रिक्शा चालकों ने खूली लूट मचा रखी है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते यहां मीटर के बगैर ही ऑटो रिक्शा चल रहे हैं, जो शहरवासियों के साथ ही मनमाना किराया वसूल रहे हैं। दोनों ही विभागों ने ऑटो चालकों को मनमाना किराया वसूलने की छूट दे रखी है। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि शहर में एक भी ऑटो पर मीटर नहीं लगा हुआ है।
यात्रियों को किराये की कोई जानकारी नहीं : ऑटो रिक्शा ने कितनी दूरी तय की और कितना किराया बना। यह जानकारी यात्री को मीटर से ही मिलती है, लेकिन यहां पर ऑटो रिक्शा पर मीटर ही नहीं है। इस कारण यात्रियों को किराये का पता ही नहीं चल पाता है। ऐसी स्थिति में ऑटो चालकों द्वारा मांगा जाने वाला किराया यात्रियों को देना पड़ता है। एक जानकारी के अनुसार उदयपुर में अंतिम बार 1992 में ऑटो रिक्शा में मीटर के अनुसार किराया वसूल किया गया था। इसके बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस सुस्त पड़ गई, तब से ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। परिवहन विभाग के अनुसार उन्होंने किराया सूची जारी कर रखी है, लेकिन यह किराया सूची कहां और किसके पास है? इसकी पालना कौन कराएगा? इन सवालों का जवाब परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। सिर्फ रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर ही प्री पेड किराया सूची लगी हुई है। उसकी पालना भी कभी होती है, तो कभी नहीं होती है।
शहर में मची है लूट
शहर में ऑटो रिक्शा चालकों ने मनमर्जी से लूट मचा रखी है। उदियापोल बस स्टैंड से देहली गेट की दूरी मात्र एक किलोमीटर है, जिसका किराया नियम के हिसाब से 15 रुपए होता है, लेकिन ऑटो वाले 40-50 रुपए वसूलते हंै। हाथीपोल की दूरी डेढ़ किलोमीटर है, जिसका किराया 50 -60 रुपए। अगर हिरनमगरी, मल्लातलाई या प्रतापनगर जैसे एरिया में जाना है, तो वहां के लिए सौ रुपए से डेढ़ सौ रुपए किराया वसूल लेते हैं। जबकि इन सभी इलाकों का किराया नियमानुसार 50 से 70 रुपए तक ही होता है।
किराया सूची कही भी नहीं : शहर में किसी भी पर्यटन केंद्र या पर्यटक पुलिस केंद्र या किसी ऑटों चालक के पास परिवहन विभाग की जारी की हुई किराया सूची उपलब्ध नहीं है। परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना है कि हमने किराया सूची जारी कर दी है। पूछने पर कि कहां मिलेगी, तो जवाब आया कि हमारी वेबसाइट पर देख लीजिए। यात्रियों के लिए कहां उपलब्ध होगी ये उनको खुद भी पता नहीं। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने कभी किराया को लेकर कोई कारवाई नहीं की। उनका कहना है कि हमारे पास शिकायत आएगी, तो जरूर कारवाई करेंगे।
परिवहन विभाग के नियम : मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 67 के अंतर्गत राज्य सरकार ने किराया भाड़ा में दरें संशोधित करते हुए जुलाई, 2013 को नई दरें घोषित की थी, जो पूरे राज्य में मीटर के हिसाब से तय थी, जिसमें। प्रथम एक किलोमीटर के लिए न्यूनतम दर 15 रुपए और बाद के प्रत्येक किलोमीटर की दर नौ रुपए प्रति के हिसाब से तय है। परिवहन विभाग भी अपनी वेबसाइट पर किराया सूची डाल कर भूल गया है, लेकिन इस किराये के हिसाब से उदयपुर शहर में कभी किराया नहीं वसूला गया।
॥मीटर की कभी सख्ती से पालना नहीं करवाई, लेकिन हमने सभी जगह और दूरी के हिसाब से किराया सूची जारी कर रखी है, जो पुलिस व अन्य जगह दे रखी है। हमारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। अगर आप बता रहे हैं कि ज्यादा किराया वसूलते हैं, तो हम जरूर कारवाई करेंगे।
-मन्नालाल,
अतिरिक्त यातायात अधिकारी

