उदयपुर। पांच सितारा होटल में नृत्य प्रस्तुत करने जा रही नृत्यांगना पर एकतरफा प्यार के चलते युवक ने चाकू से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। जिसने एम बी चिकित्सालय में उपचार के दौरान दम तोड दिया। घटना को मौजूद लोगों ने पिटाई कर दी। इसकी सूचना मिलने पर मोके पर पहुची पुलिस ने घायल को चिकित्सालय पहुचाया तथा आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के बडीपाल मैन गेट के समीप गुरूवार सांय नोसर ओसिया जोधपुर हॉल 80 फिट रोड निवासी रेखा(२२) पुत्री बीखनाथ कालबेलिया पर नाईजर जोधपुर निवासी दिलिपनाथ पुत्र पारसनाथ कालबेलिया ने चाकू से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। जिसे उपचार के लिए एम बी चिकित्सालय पहुचाया। जहां रेखा की उपचार के दोरान मौत हो गई। रेखा १० वर्ष से परिजनों के साथ उदयपुर में रह रही थी तथा ३ वर्ष पूर्व उसका विवाह छगननाथ के साथ हुआ था। हमलावर दिलिप उससे एक तरफा प्यार करता था इससे परिजन नाराज थे। दो वर्ष पूर्व उदयपुर रेखा के घर पहुचने पर मृतका के परिजनों ने दिलिप को बंधक बना दिया था। जिसके परिजनों के आने के बाद लिखापडी कर समझौता होने के बाद उसे छोडने पर अपने साथ ले गए थे। रेखा देश एवं विदेशों में नृत्य प्रस्तुती का काम करती है। वह अब तक १० बार अमेरिका में प्रस्तुती देने के अलावा १५ बाहर विदेशों में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी है तथा ८ मार्च १४ को ईटली के निलोन शहर में अपनी प्रस्तुती देने वाली थी। गुरूवार सांय रेखा पांच सितारा होटल लेकपेलेस में अपनी प्रस्तुती देने के लिए ऑटों में बैठ कर बडीपाल मैन गेट तक पहुची थी वहां से जेठी की तरफ जाते समय वहां मौजूद दिलिप ने चाकू से धनाधन हमला कर दिया जिसके सीने, पीठ, गुप्तांग सहित शरीर पर ७ घाव लगे। जिससे वह मौके पर गिर पडी ।घटना को देख मोके पर मौजूद लोगों ने दिलिप की धुनाई कर दी। इधर इसकी सूचना मिलने पर घंटाघर थानाधिकारी नाथूसिंह मय जाप्ता ने मौके पर पहुच कर आरोपी को धरदबोच घायल रेखा को उपचार के लिए एमबीी चिकित्सालय पहुचाया जहां रेखा की उपचार के दौरान मौत हो गई। रेखा के दो बहने एवं एक भाई है। मौत का पता चलने पर चिकित्सालय में परिजनों ने रोनाधोना शुरू कर दिया जिससे माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के अनुसार ३ वर्ष पूर्व रेखा का छगन के साथ विवाह हुआ था तथा अक्षय तृतिया पर सामाजिक परम्परा के अनुसार गोना होना था। पुलिस ने मृतका का शव एम बी चिकित्सालय मोर्चरी में रखवा दिया है जिसका शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने इस मामले में हमलावर दिलिप को गिरफ्तार कर लिया है। जिससे की गई प्रारंभिक पूछताछ में एकतरफा प्यार करने से हमला करने की जानकारी सामने आई है।
एक तरफा प्यार के चलते अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना की हत्या ।
आबरू बचाने के लिए तीन घंटे तक बहादुरी से लड़ती रही किशोरी।
उदयपुर। एक किशोरी अपनी लाज बचाने की खातिर तीन बदमाशों से जूझती रही। काफी देर तक संघर्ष किया। इस दौरान वह चिल्लाई, बदमाशों से हाथापाई की और आखिर में अपने नाखूनों को ही हथियार बनाते हुए स्वयं को बचाने का प्रयास किया। बदमाशों को नाखून से खरोचा तो कभी हाथ और पैर चलाते हुए अपना बचाव किया। किशोरी ने तीनों बदमाशों से हाथापाई किया। इस दौरान बदमाशों ने उसके गाल पर थघ्पड़ भी लगाए। बांसवाड़ा से करीब 15 किमी दूर सेनावासा गांव में एक किशोरी को अकेले देखकर तीन बदमाशों ने सामूहिक ज्यादती करने का प्रयास किया। इस घटना में करीब पौने घंटे तक किशोरी ने बदमाशों से खुद को बचाने का प्रयास किया। आखिर में वह जोर जोर से चिल्लाई, जिसके बाद कुछ लोग दौड़कर आए, तब जाकर बदमाश भाग गए। इस दौरान वह साहसी बनी रही। यह घटना सेनावासा गांव में 26 जनवरी की है। इस वारदात से आक्रोशित हुए लोगों ने नेशनल हाइवे 113 को जाम कर दिया। आखिर में विधायक और पुलिस अफसरों द्वारा समझाइश करने के बाद मार्ग को खोला गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया है। सेनावासा निवासी गटा बामनिया को गिरफ्तार किया है।
जबकि बाकी आरोपियों के गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। इस संबंध में पीडि़त के बड़े पापा की ओर से सदर थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
ऐसे हुआ घटनाक्रम
गणतंत्र दिवस के दिन किशोरी दोपहर में अपने खेत से घास लेने के लिए गई थी। इसी दरमियान तीन युवक आए और पीछे से उसका गले में पड़ी चुंदी निकालकर उसके मुंह पर बांध दिया। लड़की के तीनों से काफी देरी तक जूझ कर मुंह से कपड़े को हटाकर चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े। जिसे देखकर तीनों मौके से फरार हो गए।
इसके पहले किशोरी खेत से घास को एकत्रित कर रही थी। इसी बीच तीन युवक वहां से आए और बातचीत करना शुरू कर दिया। उनमें से एक युवक किशोरी के पीछे गया और उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। दूसरे युवक ने गले की चुंदी निकाली और उसके मुंह को बांध दिया। तीनों मिलकर उसके पास के मक्के की फसल में ले जाकर गैंगरेप का प्रयास किया। किशोरी ने संघर्ष करते हुए किसी तरह से मुंह की चुंदी निकाल ली और जोर जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग भागे। यह देखकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मिला सम्मान ।
मोहम्मद फारुख सिंधी को निर्वाचन का उत्कृष्ठ कार्य करने पर मिला सम्मान
उदयपुर, भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस पर प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मनाये जाने वाला राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम जिला स्तर पर सुखाडिया रंगमंच, नगर निगम, उदयपुर में समारोहपूर्वक मनाया गया।
जिला निर्वाचन अनुभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सभी उपस्थित मतदाताओं को शपथ दिलवाई। जिला कलक्टर ने लोकतन्त्र में युवाओं की भागीदारी एवं निर्वाचन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
जिला कलक्टर ने समारोह के दौरान निर्वाचन अनुभाग से मोहम्मद फारूख सिन्धी, राकेश कुमार जादू, कार्मिक प्रकोष्ठ में चन्द्रवीर सिंह, विनय गहलोत, स्वीप प्रकोष्ठ में प्रदीप कुमार शर्मा व महेन्द्र समदानी, मतपत्र प्रकोष्ठ में रमेश कालरा, निर्वाचन स्टोर अनुभाग में मन्जुर अहमद, डाक मतपत्र प्रकोष्ठ से प्रदीप साहीवाल, व्यय नियन्त्रण प्रकोष्ठ में यशपाल गट्टानी, विधानसभा 152-उदयपुर ग्रामीण में अजीज खंा पठान, शैलेन्द्र पाटीदार, दीपक जैन, सलीम अख्तर, जय शंकर शर्मा, विधानसभा 153-उदयपुर में कमलेश कुमार शर्मा, मनीश मोबारसा, श्रीमती विद्या चौहान, श्रीमती सरोज जैन, दिलीप सिंह मेहता को समानित किया गया।
इस दौरान महाविद्यालय स्तर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सुश्री भव्यता चौहान, मीरां कन्या महाविद्यालय व द्वितीय पुरस्कार अर्शीखान, कला महाविद्यालय, को दिया गया तथा चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सुश्री राजकुमारी आमेटा, मीरा ंकन्या महाविद्यालय व द्वितीय पुरस्कार सुश्री मुक्ता शर्मा मीरां कन्या महाविद्यालय को प्रदान किया गया।
इसी प्रकार विद्यालय (सीनि. सैकण्डरी) स्तर- भाषण प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार सुश्री चारूल मेहता गुरूनानक पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 तथा द्वितीय पुरस्कार सुश्री प्रियन्का कलाल, राबाउमावि रेजीडेन्सी तथा चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सुश्री नीलम चौहान राबाउमावि रेजीडेन्सी व द्वितीय पुरस्कार सुश्री मनीषा टांक गुरूनानक पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 को दिया गया।
निवृति कुमारी को ब्याह लाए लक्ष्यराज
उदयपुर। मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराजसिंह निवृति कुमारी को ब्याह कर उदयपुर ले आए हैं। डबोक एयरपोर्ट पर नव विवाहित जोड़े का शहर के विभिन्न संगठनों और ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। दूल्हा-दुल्हन पूरे लवाजमे के साथ राजसी ठाठ-बाट से होटल लीला पहुंचे, जहां विश्राम कर शाम को राजमहल में प्रवेश की रस्म अदा की जाएगी।
गौरतलब है कि 21 जनवरी को बॉलिंगर में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की शादी राजकुमारी निवृति सिंह से हुई। ब्याह करने के बाद आज डबोक एयरपोर्ट पर दिन में 12 बजे लक्ष्यराज अपनी नववधू निवृति कुमारी को लेकर आए, जहां लाल जोड़े में घूंघट निकाले निवृत्ति कुमारी का स्वागत किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता लालसिंह झाला, जिला प्रमुख मधु मेहता व अन्य कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे। लक्ष्यराज अपनी दुल्हन के साथ जहां तक लोग स्वागत के लिए खड़े थे, वहां तक चलकर गए और सबका अभिवादन स्वीकार किया। बाद में रोल्स रॉयल कार में वे होटल लीला के लिए रवाना हो गए, उनके पीछे कारों का लम्बा काफिला भी रवाना हुआ। कल शहर के गणमान्य लोग और सभी परिचितों को शिकारबाड़ी में आयोजित शादी की गोठ में आमंत्रित किया गया है।
25 को होगा ख़ास रिसेप्शन
25 जनवरी को जगमंदिर में ख़ास रिसेप्शन होगा, जिसमें देश-विदेश के ख़ास मेहमान आएंगे। देश के बड़े-बड़े उद्योग पति, कई बड़े राज नेता और फिल्मी दुनिया से जुड़ी बड़ी-बड़ी हस्तियां आएगी। जिनके मनोरंजन के लिए भी ख़ास महफि़ल का आयोजन किया गया है, जहां देश के नामी-गिरामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
नर्सिंग छात्रा ने छत की रेलिंग से लटक कर की खुदकुशी

उदयपुर। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में एक नर्सिंग कॉलेज की छात्रा ने अपने ही किराए के कमरे के उपर रेलिंग पर फंदा लगाकर दूसरी तरफ कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार टीना (१९) पुत्र हरिराम रोत निवासी गजपुरा धम्बोला डूंगरपुर हाल पानेरियों की मादडी में रहकर हिरणमगरी स्थित ही एक निजी नर्सिंग कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। इस छात्रा के साथ उसका भाई, भाभी, बहन रहती थी और विभिन्न परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे थे। चारों ने पानेरियों की मादडी में दो कमरे किराए पर ले रखे थे। रात्रि को दोनों बहनें अपने कमरे में सोई थी। सुबह यह छात्रा चुपचाप उठाी और अपनी चुन्नी लेकर छत पर चली गई। जहां पर चुन्नी के एक सिरे को रेलिंग से बांध दिया और दूसरे सिरे को गले में बांधकर कूद गई। जिससे गर्दन की हड्डी टूटने से इस छात्रा की मौत हो गई। क्षेत्र के ही अन्य लोगों ने यह घटनाक्रम देखकर तत्काल परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने उपर जाकर इस छात्रा के गले से फंदा खोलकर एम.बी. चिकित्सालय में लेकर गए। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थाने से जाब्ता गया और मृतका का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। हालांकि परिजनों ने आत्महत्या के कारणों के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लंबे समय तक रहें जवां
अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां बनी रहे, तो वैज्ञानिकों की यह नई खोज आपके लिए मददगार हो सकती है। टायरॉन नामक एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अल्ट्रावॉयलेट किरणों के नुकसान से बचाता है और लंबे समय तक जवां दिखने मेंमददगार है। एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने एक ऎसे तत्व की खोज करने का दावा किया है, जो आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवां रखने मेंसहायक हो सकता है।
ताउम्र जवां दिखने की चाहत तो हर किसी की होती है और इसके लिए लोग तरह-तरह के जतन भी करते हैं। भले ही ताउम्र जवां दिखना संभव न हो। लेकिन हाल में वैज्ञानिकों ने त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने का एक फार्मूला खोज निकालने का दावा किया है। न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने टायरॉन नामक एंटीऑक्सीडेंट की खोज की है, जो त्वचा को अल्ट्रावॉयलेट किरणों के नुकसान से बचाता है और लंबे समय तक जवां दिखने में मददगार है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यूवी रेडिएशन से त्वचा की कोशिकाएं नष्ट होती हैं।
इस तत्व से कोशिकाओं को न सिर्फ नष्ट होने से रोका जा सकता है, बल्कि यह त्वचा में कोलाजन को बचाता है, जो त्वचा को लचीला बनाता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि सब्जियों और कॉस्मेटिक में इसकी मौजूदगी से अल्ट्रावॉयलेट किरणों से100 प्रतिशत बचाव संभव है। यह शोध द फैसब जर्नल में प्रकाशित किया गया
जब बाप ने ठोंका बेटे पर एक करोड़ का मुकदमा
बिहार में एक पिता ने अपने बेटे पर मानहानि का मुकदमा इसलिए दायर कर दिया है क्योंकि बेटे ने अपने से ‘नीची’ जाति की लड़की से विवाह कर लिया था. अदालत ने इस मामले की सुनवाई शुरू कर दी है.
सिद्ध नाथ शर्मा पेशे से वकील हैं और उन्होंने अपने बेटे सुशांत जासु पर एक करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उन्होंने अपने बेटे से यह भी कहा है कि वह उनके ‘सरनेम’ का इस्तेमाल न करे. सरनेम से किसी की जाति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
इस मामले से पता चलता है कि भारतीय समाज में जाति की जड़े कितनी गहरी हैं. वे लोग जो अपनी जाति के बाहर शादी करते हैं, अक्सर अपने परिवार और समुदाय से बाहर कर दिए जाते हैं. सिद्ध नाथ शर्मा ने अपने बेटे सुशांत जासु के खिलाफ इस महीने की शुरुआत में मुकदमा दायर किया था. सुशांत आयकर मामलों का काम देखते हैं और उन्होंने एक बैंक अधिकारी से विवाह किया है.
हफ्ते के आखिर में हुई सुनवाई के दौरान पटना के दानापुर कोर्ट ने एडवोकेट शर्मा की दलीलें सुनी. सुनवाई की अगली तारीख 25 जनवरी की तय की गई है. सिद्ध नाथ शर्मा ने अदालत से कहा कि उनके बेटे ने इस महिला के साथ प्यार में पड़कर उससे विवाह करने का फैसला ठीक नहीं किया है.
उन्होंने जज त्रिभुवन नाथ से कहा, “जब कोई व्यक्ति पूरी नींद नहीं सोता है, वह बेचैन हो जाता है और फिर वह सही फैसला ले ही नहीं सकता. जैसा कि मेरा बेटा किसी के प्यार में पड़कर बेचैन हो गया और सही फैसला नहीं ले सका.” मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील मौजूद नहीं थे और सुशांत जासु ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
सामंती समाज
सुशांत जासु ने बीबीसी से कहा, “यह एक पारिवारिक मामला है और मैं इस बारे में बात नहीं करूंगा.” इस दंपत्ति ने बीते साल नवंबर में विवाह कर लिया था और वे गुजरात में रह रहे हैं.
इससे पहले सिद्ध नाथ शर्मा ने बीबीसी से कहा, “अपनी जाति से बाहर की लड़की से विवाह करके मेरे बेटे ने न केवल मेरी प्रतिष्ठा धूमिल की है बल्कि 400 सालों से चले आ रहे हमारे खानदान की परंपरा को भी ध्वस्त कर दिया है. अब उसे अपनी गलतियों का हरजाना मुझे चुकाना होगा. उसे बाप के नाम के तौर पर मेरे नाम का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए.”
सिद्ध नाथ शर्मा अपने बेटे के बर्ताव से बेहद दुखी थे. उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि प्यार अंधा होता है लेकिन प्यार किसी को पहले से चले आ रहे प्रेम को खत्म करने की इजाजत नहीं देता है, वो प्यार जो कि उसका हमारे परिवार के अन्य सदस्यों से था.” हालांकि शर्मा जी की पत्नी, तीनों बहनें और परिवार के अन्य सदस्य सुशांत के प्रेम विवाह में शरीक हुए.
इस पर वे कहते हैं कि परिवार के लोगों ने ‘भावनात्मक दबाव में आकर’ इस विवाह को स्वीकार किया. उनका कहना है कि मेरे बेटे को अपनी पत्नी को ‘उसकी सहमति से’ तलाक दे देना चाहिए और ‘अपनी ही जाति की किसी अन्य लड़की के साथ विवाह करने के लिए तैयार’ हो जाना चाहिए.
इस मसले पर समाज विज्ञानी श्रीकांत कहते हैं कि बिहार जैसे सामंती ढाँचे वाले समाज में जाति एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है.
एक और दिलचस्प बात ये भी है कि बिहार सरकार ने अंतरजातीय विवाहों को बढ़ावा देने के लिए 50 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का एलान कर रखा है.
कड़ाके की सर्दी में बारिश की झड़ी

उदयपुर। कड़ाके की सर्दी से पीछा नहीं छूटा, वहीं आधी रात के बाद ओलो के साथ आई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। देर रात साढ़े तीन बजे से ओले गिरने के साथ शुरू हुई बारिश रुक-रुककर दिन तक जारी रही। एक बारगी, तो ऐसा लग रहा है कि मानो सर्दी में सावन आ गया हो। रात साढ़े तीन बजे गरज के साथ ओले गिरे और बारिश शुरू हुई। ओले एक बार गिर कर बंद हो गए लेकिन बारिश दिन में भी रुक-रुककर चलती रही। सुबह होते-होते तो शहर की सड़कों का हाल सावन में बारिश गिरने जैसा हो गया। शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया, लोग छातें और बरसाती लेकर निकल गए। चारों ओर कोहरा छाया हुआ है। सुबह 11 बजे तक आठ मिमी बारिश गिर चुकी थी। बारिश के साथ ही ठण्ड ने और ज्यादा जोर जमा लिया और दिन का टेम्प्रेचर गिर कर 14.4 हो गया, जबकि रात का बारिश गिरने के बाद तापमान 5 डिग्री से भी नीचे चला गया। जहां मावठ की इस लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई, वहीं सावों की शादियों पर भी पानी फिर गया है।
कोहरे में कैद हुआ शहर : बारिश के साथ-साथ कोहरा भी बढ़ गया है। सुबह 11 बजे तो यह हाल थे कि आस-पास की पहाडिय़ां ही नजऱ नहीं आ रही थी। फतहसागर पर झील के बीच नेहरू गार्डन भी गायब हो गया और सड़क से देखने पर मोतीमगरी भी नहीं दिखाई दे रही थी। हाइवे पर सफर करने वालों के लिए कोहरा और बारिश दोनों मुसीबत बनी हुई है।
स्कूलों और ऑफिस में अनुपस्थिति कम : सरकारी ऑफिस और स्कूलों में रोज की तरफ आज उपस्थिति कम रही। नन्हें-मुन्नों को माता पिता ने बारिश को देखते हुए स्कूल नहीं भेजा। सुबह स्कूल जाने वाले ऑटो काफी खाली गए । स्कूल बसों के इंतज़ार में भी इक्का-दुक्का बच्चे खड़े दिखाई दिए। वही बड़ों ने भी बारिश को देखते हुए अपने ऑफिस से छुट्टी मार ली। कलेक्ट्री, युआईटी, तहसील कार्यालय और कई सरकारी विभागों में तो 11 बजे तक अपनी सीट पर इक्का दुक्का कर्मचारी ही नजऱ आ रहे थे। अधिकतर कर्मचारी ने आकस्मिक छुट्टी लेकर घर पर ही दुबके रहे।
सैयदना का जिस्म सुपूर्द-ए-खाक़
उदयपुर। दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु डॉक्टर सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन का शुक्रवार को निधन हो गया. आज उनको मुंम्बई स्थित रोजा ताहेर में दफनाया गया ,वह बोहरा समुदाय के 52वें धर्मगुरु थे और उन्होंने पांच दशकों तक समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख के बतौर मार्गदर्शन किया.
शुक्रवार को उनके मौत कि खबर सुन कर सम्भाग भर के बोहरा समुदाय में शोक और मातम छा गया। बोहरा समुदाय के सभी लोगों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद कर मस्जिदों में तिलावत की जो आज तक जारी रही। सम्भाग भर से बोहरा समुदाय के लोग शनिवार को उनके जनाजे में शामिल होने के लिए रवाना हुए। कल शाम तक यह हाल थे कि मुंम्बई जाने वाली किसी विडियो कोच ट्रैन और प्लेन में कोई सीट नहीं थी यही हाल डूंगरपुर, सागवाड़ा, बांसवाड़ा, के थे यहाँ से भारी संख्या में सैयदना के अनुयायी जनाजे में शामिल होने के लिए मुंम्बई पहुचे। और यहाँ सम्भाग भर की बोहरा मस्जिदों में दिन भर तिलावत और मातम चलता रहा । जानकारी के अनुसार सुबह १० बजे सैयदना का जनाजा उनके निवास सैफी महल से रवाना हुआ जो लाखों अनुयाइयों के बिच दोपहर भिन्डी बाज़ार स्थित रोज़ा ताहेर लाया गया । सैयदना को राष्ट्रिय सम्मान के साथ तिरंगे में लपेट कर लेजाया गया और बंदूकों की सलामी के साथ दफनाया गया।
केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध हालात में मौत

केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत हो गई है.
दिल्ली के होटल लीला के कमरा नंबर 345 में उनका शव मिला है.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बीबीसी के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की है.
पुलिस ने होटल के इस कमरे को सील कर दिया है और मजिस्ट्रेट भी मौक़े पर पहुँच गए हैं.
शशि थरूर के प्राइवेट सेक्रेटरी ने पत्रकारों को बताया कि गुरुवार से ही शशि थरूर और सुनंदा होटल में रुके हुए थे.
उन्होंने बताया, “शशि थरूर कांग्रेस की बैठक के बाद एक कार्यक्रम में गए थे और उसके बाद रात 830 बजे होटल पहुँचे. कुछ देर बाद जब वे सुइट के एक कमरे में गए थे, तो सुनंदा मृत पाई गईं.”
शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर की शादी 2010 में हुई थी.
तकरार
एक दिन पहले ही पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से ट्विटर पर उनकी काफ़ी तकरार हुई थी.
जिसके बाद शशि थरूर और पत्नी सुनंदा पुष्कर ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा था कि वे सुखी वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक रहे शशि थरूर को 2010 भारत सरकार के मंत्रिपद से एक विवाद के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा था जिसमें आईपीएल क्रिकेट टीम की निविदा में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए थे.
लेकिन कुछ समय बाद उन्हें मंत्री परिषद में दोबारा शामिल किया गया.
सुनंदा पुष्कर की मौत पर लोगों ने आश्चर्य व्यक्त किया है. विवादों में आई पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने ट्विटर पर लिखा है कि वे इस घटना से सदमे में हैं. उन्होंने लिखा है- मैं काफ़ी सदमे में हूँ. ये काफ़ी दुखद है. मैं नहीं जानती कि मुझे क्या कहना चाहिए. आरआईपी (रेस्ट इन पीस) सुनंदा.




























