शिल्पग्राम मेले में कलाओं का संगम

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उदयपुर। कला एवं शिल्प परंपरा के प्रोत्साहन हेतु उदयपुर के शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित शिल्पग्राम उत्सव में सोमवार को हाट बाजार में कलात्मक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त का सिलसिला शुरू हुआ वहीं लोग शिल्प उत्पादों को ले कर पूछ-परछ व दामों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

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‘‘कलांगन’’ पर ब्रोजाई व घसियारी ने रंग जमाया, ताल-तरंग में गूंजे कोंकणी वाद्य
शिल्पग्राम उत्सव-2013 के तीसरे दिन शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर लोक प्रस्तुतियों ने अरूणाचल प्रदेश का ब्रा-जाई व उत्तराखण्ड का घसियारी नृत्य लुभावनी प्रस्तुति रही वहीं ‘‘ताल-तरंग’’ गोवा के वाद्य यंत्रों की टंकार अरावली पर्वतमालिका में गूंजी।
रंगमंच पर कार्यक्रम की शुरूआत गोवा के कला एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा प्रेषित ‘‘ताल तरंग से हुई। इस प्रस्तुति में गोवा का लोक वाद्य घुम्मट, समेळ, ताशा, तबला, पखावज, कसालें, वायलिन तबला तरंग आदि वाद्यों के साथ वेस्टन ड्रम का प्रयोग कलात्मक ढंग से किया गया। इस अवसर पर अरूणाचल प्रदेश का ब्रो-जाई नृत्य पूर्वांचल की माटी की मीक लेकर आया। पर्वतों पर छाई हरियाली से उन्मादित हो मिसी जाति की महिलाएं यह नृत्य करती हैं। नृत्य में मिसी जनजाति की बालाओं की भाव भंगिमाएं व अंग विन्यास दर्शकों को रास आया। कार्यक्रम में कर्नाटक का करघा कोलट्टा जहां आकर्षक व जोशपूर्ण पेशकश रही वहीं उत्तराखण्ड का घसियारी नृत्य वहां कृषि समुदाय के लोगों की संस्कृति को दर्शाने वाली प्रस्तुति रही।

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तीसरे दिन की शाम कार्यक्रम में कल्पतरू गुहा द्वारा प्रस्तुत माइम को दर्शकों ने रूचि से देखा। गुहा ने क्रिकेट के दृश्यों तथ एक्शन्स को अपनी भाव भंगिमाओं से दर्शाया। छत्तीसगढ़ की मुरिया जनजाति के गौंड माडिया नृत्य की मंथर थिरकन से दर्शकों ने पसं की। इस अवसर पर ही गोवा को गौफ नृत्य में रंगन पट्टिकाओं का लयकारी के साथ गुंथन नवाकर्षण रहा। कार्यक्रम में इसके अलावा ऑडीशा सरकार के सौजन्य से प्राप्त गोटीपुवा नर्तकों ने बंधा प्रस्तुत किया। अन्य प्रस्तुतियों में पुरूलिया छाऊ, डांग, भपंग वादन, लाम्बरा उल्लेखनीय हैं।

शिल्पग्राम मेले में कलाओं का संगम

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उदयपुर। कला एवं शिल्प परंपरा के प्रोत्साहन हेतु उदयपुर के शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित शिल्पग्राम उत्सव में सोमवार को हाट बाजार में कलात्मक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त का सिलसिला शुरू हुआ वहीं लोग शिल्प उत्पादों को ले कर पूछ-परछ व दामों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

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‘‘कलांगन’’ पर ब्रोजाई व घसियारी ने रंग जमाया, ताल-तरंग में गूंजे कोंकणी वाद्य
शिल्पग्राम उत्सव-2013 के तीसरे दिन शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर लोक प्रस्तुतियों ने अरूणाचल प्रदेश का ब्रा-जाई व उत्तराखण्ड का घसियारी नृत्य लुभावनी प्रस्तुति रही वहीं ‘‘ताल-तरंग’’ गोवा के वाद्य यंत्रों की टंकार अरावली पर्वतमालिका में गूंजी।
रंगमंच पर कार्यक्रम की शुरूआत गोवा के कला एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा प्रेषित ‘‘ताल तरंग से हुई। इस प्रस्तुति में गोवा का लोक वाद्य घुम्मट, समेळ, ताशा, तबला, पखावज, कसालें, वायलिन तबला तरंग आदि वाद्यों के साथ वेस्टन ड्रम का प्रयोग कलात्मक ढंग से किया गया। इस अवसर पर अरूणाचल प्रदेश का ब्रो-जाई नृत्य पूर्वांचल की माटी की मीक लेकर आया। पर्वतों पर छाई हरियाली से उन्मादित हो मिसी जाति की महिलाएं यह नृत्य करती हैं। नृत्य में मिसी जनजाति की बालाओं की भाव भंगिमाएं व अंग विन्यास दर्शकों को रास आया। कार्यक्रम में कर्नाटक का करघा कोलट्टा जहां आकर्षक व जोशपूर्ण पेशकश रही वहीं उत्तराखण्ड का घसियारी नृत्य वहां कृषि समुदाय के लोगों की संस्कृति को दर्शाने वाली प्रस्तुति रही।

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तीसरे दिन की शाम कार्यक्रम में कल्पतरू गुहा द्वारा प्रस्तुत माइम को दर्शकों ने रूचि से देखा। गुहा ने क्रिकेट के दृश्यों तथ एक्शन्स को अपनी भाव भंगिमाओं से दर्शाया। छत्तीसगढ़ की मुरिया जनजाति के गौंड माडिया नृत्य की मंथर थिरकन से दर्शकों ने पसं की। इस अवसर पर ही गोवा को गौफ नृत्य में रंगन पट्टिकाओं का लयकारी के साथ गुंथन नवाकर्षण रहा। कार्यक्रम में इसके अलावा ऑडीशा सरकार के सौजन्य से प्राप्त गोटीपुवा नर्तकों ने बंधा प्रस्तुत किया। अन्य प्रस्तुतियों में पुरूलिया छाऊ, डांग, भपंग वादन, लाम्बरा उल्लेखनीय हैं।

हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे अशफाक उल्ला खां

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ashfaq ullah khan

देश सेवा को सर्वोच्च मानने वाले अमर शहीद अशफाक उल्लाह खां हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर थे। काकोरी काण्ड के सिलसिले में 19 दिसम्बर 1927 को फैजाबाद जेल में फांसी पर चढ़ाए गए अशफाक उल्लाह खां ने समय समय पर ऎसे उदाहरण पेश किये जिनसे यह स्पष्ट होता था कि वह हिन्दू मुस्लिम एकता के न केवल प्रबल समर्थक थे बल्कि इस दिशा में रचनात्मक कार्य भी करते थे।

दिल्ली में गिरफ्तार किये जाने के बाद काकोरी काण्ड के विशेष न्यायाधीश सैय्यद एनुद्दीन ने जब उन्हें समझाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि इस मामले में वह अकेले मुस्लिम हैं इसलिए उनकी और भी जिम्मेदारी है। जेल में उनसे मिलने आये एक मित्र ने जब जेल से भागने की बात की तो उन्होंने जवाब दिया, “भाई किसी मुसलमान को भी तो फांसी पर चढ़ने दो।”

काकोरी काण्ड के नायक शहीद रामप्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा, कु छ साथी अशफाक उल्लाह के मुसलमान होने के कारण उन्हें घृणा की दृष्टि से देखते थे और हिन्दू मुस्लिम झगड़ा होने पर सजातीय लोग उन्हें गालियां देते थे और काफिर कहते थे, लेकिन अशफाक उल्लाह बिना हिचक अपने रास्ते पर बढ़ते गये। अशफाक उल्लाह खां के क्रातिकांरी आन्दोलन में दिये गये सहयोग को अपनी उपलब्धि मानते हुए बिस्मिल ने लिखा है कि लोगों के फांसी पर चढ़ने से जनता को एक संदेश मिलेगा जो भाईचारे को बढ़ाते हुए देश की आजादी और तरक्की के लिए काम करेगा। राष्ट्रीयता प्रबल समर्थक अशफाक उल्लाह एक अच्छे शायर भी थे। वह हजरत वारसी के नाम से शायरी किया करते थे। उनकी शायरी में ओज और माधुर्य के साथ राष्ट्रीय भावना थी। उनकी शायरी से झलकता था कि उनके मन में गुलामी और सामाजिक वैमनस्यता को लेकर कितनी पीड़ा थी।

स्वतन्त्रता के लिए आशावादी रहे इन क्रांतिकारियों में सदैव स्वतंत्रता की दृढ इच्छाशक्ति। उनका मानना था मरते बिस्मिल, रोशन, लाहिणी, अशफाक अत्याचार से, होंगे सैकड़ों पैदा इनके रूधिर की धार से.. पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जिला जेल में, अशफाक उल्लाह खां को फैजाबाद जिला जेल में और ठाकुर रोशन सिंह को इलाहाबाद जिला जेल में 19 दिसम्बर 1927 को फांसी दी गयी थी। फैजाबाद जेल में अशफाक उल्लाह खां की जब अन्तिम इच्छा पूछी गयी तो उन्होंने रेशम के नये कपड़े और इत्र मांगा। जेल वालों ने उनकी इच्छा तुरन्त पूरी कर दी। फैजाबाद जेल स्थित फांसीघर अब शहीद कक्ष के नाम से जाना जाता है।

बेटी से शादी करनी है, तो 10 लाख फेसबुक लाइक्स दो

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facebook। यमन में एक शख्स ने अपने होने वाले दामाद के सामने अजीब सी शर्त रखी। सलीम अय्याश नामक शख्स ने दामाद से अपनी बेटी का हाथ सौंपने की एवज में 10 लाख फेसबुक लाइक्स मांगे हैं। तएज शहर का सलीम पेशे से कवि है और फेसबुक पर काफी चर्चित हस्ती है। सलीम ने अपने भावी दामाद ओसामा के सामने प्रस्ताव रखा कि वो उनकी बेटी से शादी करना चाहते हैं तो उन्हें बदले में 10 लाख फेसबुक लाइक्स देने होंगे। इसके लिए ओसामा को दो साल तक का समय देने को तैयार है।

बड़ी है चुनौती
इस काम में सबसे बड़ी परेशानी ये है कि यमन की पूरी जनसंख्या ही 2.4 करोड़ है। यहां इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बहुत कम है। लेकिन सलीम का कहना है कि मैं देखना चाहता हूं कि मेरी बेटी से प्यार करने वाला लड़का ओसामा शादी के लिए किस हद तक मेहनत कर सकता है।

इंटरनेट पर काफी चर्चा-
यह खबर यमन में इंटरनेट पर काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया यूजर्स और ब्लॉगर्स इसके बारे में लिख रहे हैं और लोगों से ओसामा की शादी में मदद करने की अपील कर रहे हैं। इस मुहिम के बाद अब तक सलीम को लगभग 35 हजार लाइक्स मिल चुके हैं।

अनोखे दहेज का दूसरा पहलू
अपनी बेटी की शादी के लिए अनोखा दहेज मांगने वाले अय्याश का कहना है कि मैं अपने इस कदम से यमन की सामाजिक स्थिति की तरफ लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा हूं। देश में हाल में हुई असामाजिक घटनाओं की वजह से अब कोई अपनी शादी के लिए दहेज देने में समर्थ नहीं है। यमन जैसे देश में दहेज बड़ी समस्या और राजनीतिक मुद्दा भी है। यहां पर कुछ ही लोग ज्यादा दहेज देने में सक्षम हैं, ऎसे में ऎसे दहेज की मांग को भविष्य में अच्छे कदम के रूप में भी देखा जा सकता है।

कैटरीना ने ख्वाजा के दर पर मांगी धूम-3 की सफलता

katrina in ajmer
katrinakaif in ajmerअजमेर। अपनी फिल्म धूम-3 की सफलता के लिए अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने गुरूवार को ख्वाजा साहब के दर पर मत्था टेका। कैटरीना के साथ गुंडे फिल्म के निर्देशक अली अब्बास भी अपनी फिल्म की कामयाबी के लिए मन्नत मांगने आए। इस दौरान कैटरीना काले रंग के कपड़े पहन हुए थीं।

कैटरीना ने सुबह पौने छह बजे सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर मत्था टेका। वह 16 खंभा गेट से दरगाह में गई। इसके बाद उन्होंने जन्नती दरवाजे पर मन्नत का धागा बंाधा। कैटरीना के आने की भनक जब तक लोगों तक चल पाती तब तक वह वहां से निकल गई। कैटरीना के साथ ही यशराज बैनर्स की आगामी फिल्म गुंडे के निर्देशक अली अब्बास भी दरगाह में आए।

उन्होंने भी अपनी फिल्म की सफलता की दुआ मांगी। कैटरीना ने काले रंग के कपड़े पहन रखे थे। इसमें से केवल उनकी आंखें ही नजर आ रही थी। गौरतलब है कि यशराज बैनर्स के तले बनी धूम-3 में कैटरीना कैफ के अलावा, आमिर खान, अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा भी हैं।

लाल बत्ती में अटकी है अधिकारीयों की जान

अख्तर खान
सुप्रीम कोर्ट का, खूंटी दिया टंगाय। अफ सर अकड़ दिखा रहे, बत्ती कार लगाय।।
लाल सजाए है पुलिस,हरी प्रशासन कार। नहीं सुधरना चाहते, आदत से लाचार।।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी नहीं हटी लाल बत्ती, अधिकारी ही कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना।
उदयपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कलेक्टर सहित कई अधिकारी अपने वाहनों पर लाल बत्ती लगाए हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ कर दिया है कि सिर्फ संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति ही लाल बत्ती का उपयोग कर सकते हैं। यानी विधायक, कलेक्टर और एसपी जैसे पदों पर बैठे लोग लाल बत्ती नहीं लगा सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी अभी भी खुलेआम नियम विरूद्ध लाल बत्ती का उपयोग कर रहे हैं। नीली बत्ती का उपयोग पुलिस और आपात कालीन सेवाओं के लिए निर्धारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी भी लाल बत्ती का उपयोग नहीं कर सकते, लेकिन शहर में पुलिस के आला अधिकारी लाल बत्ती और प्रशासनिक अधिकारी अभी भी नियम के खिलाफ नीली बत्ती का उपयोग कर रहे हैं।
इन वाहनों पर लगी है लाल बत्ती
जिला कलेक्टर आशुतोष पढ़णेकर की स्वीफ्ट पर अभी भी लाल बत्ती लगी हुई है। आईजी अमृत कलश के वाहन पर लाल बत्ती लगी हुई है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन की बोलेरो जीप पर भी लाल बत्ती नहीं उतारी गई।
पुलिस अधीक्षक महेश गोयल के वाहन पर भी लाल बत्ती लगी है। खान विभाग के आयुक्त और स्थानीय निकाय विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के वाहन पर भी लाल बत्ती है। यूआईटी सचिव के वाहन पर भी लाल बत्ती लगी हुई है।
इन अधिकारियों के वाहनों पर नीली बत्ती
जो प्रशासनिक अधिकारी लाल बत्ती नहीं लगा रहे हैं, उनका मोह नीली बत्ती में अटका हुआ है। कलेक्ट्री और कई ऐसे विभाग हैं, जहां आरएएस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाडिय़ों पर नीली बत्ती लगी हुई है, जब कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नीली बत्ती पुलिस अधिकारियों और आपात सेवाओं के लिए हंै।
एडीएम यासीन पठान, रसद अधिकारी एमएल चौहान और रसद अधिकारी ग्रामीण के वाहन पर अभी भी नीली बत्ती लगी हुई है।
शहर में कैप लगाकर निकालते हैं वाहन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कई अधिकारी लाल बत्ती का प्रयोग करते हैं। ये अधिकारी शहर में लाल बत्ती पर कैप पहना देते हैं और जैसे ही शहर के बाहर हाइवे पर निकलते हैं। कैप हटाकर लाल बत्ती का प्रयोग करते हंै और उदयपुर से दूसरे शहर में जाते हैं, तो लाल बत्ती का रौब पूरी तरह दिखाते हैं।
परिवहन विभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद परिवहन विभाग अवैध रूप से उपयोग में लाई जा रही नीली और लाल बत्ती लगे वाहनों के खिलाफ कारवाई नहीं कर रहा है। परिवहन विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिलने और सरकार की और से नई अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हंै।
कोर्ट का आदेश
* संवैधानिक पदों के व्यक्ति ही लाल बत्ती लगा सकते हैं। राज्यों में उनके समकक्षों को यह हक होगा।
* संबंधित व्यक्ति वाहन में नहीं है, तो बत्ती को ढंका जाए।
* पुलिस, एम्बुलेंस, फायर बिग्रेड व अन्य आपात एजेंसियों के वाहनों पर नीली, सफेद, बहुरंगी बत्तियां लगाई जा सकती है।

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लोकतंत्र की जीत : भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए देश को मिला लोकपाल

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udaypur. लोकपाल बिल को लोकसभा में भी पास कर दिया गया है। वैसे, लोकसभा इसे पहले ही पास कर चुकी थी, लेकिन नए संशोधनों की वजह से बिल पर अब लोकसभा की दोबारा मंजूरी ली गई। दिलचस्प है कि लोकसभा ने बिल को पास करने के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय लिया। इससे पहले मंगलवार को इसे राज्यसभा में पास कर दिया गया था।

उधर, लोकसभा में लोकपाल बिल पास होते ही अन्ना ने अनशन तोड़ दिया। बुधवार को अनशन का नौंवा दिन था। अन्ना ने स्कूली बçच्चयों के हाथों ज्यूस पीकर अपना अनशन तोड़ा।

लोकसभा में बहस के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि “हम मजबूत लोकपाल बिल का समर्थन करते हैं। यह ऎतिहासिक फैसला है।”

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास इतिहास रचने का मौका है। मैं सभी पार्टियों से अपील करता हूं कि वह साथ में इस बिल को पास कराएं। उन्होंने कहा कि 45 साल से इस दिन का इंतजार था।

वहीं, मुलायम सिंह यादव ने अपने पुराने रूख पर कायम रहते हुए कहा कि यह बिल देश को डुबो देगा। लोकपाल बिल के कारण देश में काम नहीं हो पाएगा। कोई क्लर्क डर की वजह से फाइल पर साइन नहीं करेगा। यह बिल खतरनाक है। इसे वापस लेना चाहिए। सपा ने इस बिल के विरोध में वॉक आउट किया।

वहीं, जेडीयू सांसद ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन पीएम को इसके दायरे में रखना गलत है।

संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद अब बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद लोकपाल कानून बन जाएगा। बिल के पास होते ही अन्ना के गांव रालेगण सिद्धि में जश्न का माहौल बन गया है।

अन्ना की प्रतिक्रिया: आचार संहिता लागू होने से पहले कानून बने

लोकपाल बिल पास होने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना ने कहा कि ये बिल जनता की उम्मीदों के मुताबिक है। जिसे राज्य सभा के बाद लोकसभा ने भी पास कर दिया।

अन्ना ने कहा, “समाजवादी पार्टी को छोड़कर बाकी सभी पार्टी के सांसदों को हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं। आजादी के इतने सालों के बाद पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सशक्त पहल हुई है। सौ प्रतिशत भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, लेकिन 50-60 प्रतिशत भ्रष्टाचार खत्म होगा, इसकी उम्मीद है।

जनता चाहती थी कि ये बिल पास हो। कांग्रेस और बीजेपी ने नेतृत्व करते हुए समाज और देश की भलाई के लिए लोकपाल बिल को पास कराने में अहम भूमिका निभाई।

अन्ना ने मांग करते हुए कहा कि आचार संहिता लगने से पहले कानून बना दिया जाए। ताकि देश की जनता को पता चले कि बिल के अंदर क्या क्या प्रावधान है। रालेगण सिद्धि के लोगों को धन्यवाद देते हुए अन्ना ने देश के सभी आंदोलनकारियों का भी धन्यवाद किया। लेकिन

अन्ना ने पूरे संबोधन के दौरान अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लिया। आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ टीवी केसामने बोलने से देश नहीं बदलेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून बनने के बाद इसका बेहतर उपयोग हो। अगर ऎसा नहीं हो पाता तो कानून का कोई लाभ नहीं मिलेगा।

वहीं, आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास ने लोकपाल बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकपाल आंदोलन के लिए यह दुखद दिन है। यह लोकपाल बिल प्रभावी नहीं है, और मजबूत लोकपाल बिल के लिए लड़ाई जारी रहेगी।

सर्दी के कारण सक्रिय हुए चोर, परेशान पुलिस

thife in udaipurउदयपुर। जिलेभर में चोरियों की वारदातें सर्दी आते ही बढ़ गई है। इनसे पुलिस भी परेशान हो गई है। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में चोरों ने सुने मकान की खिड़की तोड़कर लाखों के जेवर चोरी कर लिए और झाड़ोल में स्थित सरकारी दफ्तरों के ताले तोड़कर सामन चोरी कर लिया।
शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र के पूजानगर निवासी अशोक पुत्र सोहनलाल जैन ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने परिवार सहित १३ दिसम्बर को भोपाल में हो रहे समाज के परिचय सम्मेलन में भाग लेने गया था। वहां से वापस लौटा, तो देखा कि मकान की खिड़की टूटी हुई थी। अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा हुआ था। अलमारी से सोने का मंगलसूत्र, चेन, टॉप्स जोड़ी, एरिंग, आधा किलो चांदी के जेवरात, जिसमें पुराने सिक्के, पायल शामिल थे, जो चोरी हो गए। चोर लेपटॉप भी चुरा ले गए। सूचना पर हिरणमगरी थानाधिकारी गजेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। अशोक जैन की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। इस तरह झाड़ोल थाने से कुछ ही दूरी पर चोरों ने रात में चार सरकारी दफ्तरों के ताले तोड़ दिए। ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षाधिकारी प्रभुलाल मेघवाल ने रिपोर्ट में बताया कि रात को थाने के सामने पंचायत समिति परिसर में स्थित ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीनस्थ सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय, महात्मा गांधी नरेगा कार्यालय, बीईईओ ऑफिस के पास पेंशन शाखा व साक्षरता मिशन कार्यालय के चैनल गेट व कमरों सहित करीब सात ताले तोड़े, जबकि तीन ताले तोडऩे का प्रयास किया। इस तरह मावली निवासी सत्यनारायाण पुत्र कन्हैया लाल ने उसके मकान में चोरी का मामला दर्ज कराया। सत्यनारायाण ने रिपोर्ट में बताया कि वह उसके परिवार के साथ किसी काम से गया था।
उसी दौरान किसी चोरों ने उसके मकान का ताला तोड़ कर वहां से घरेलु सामान, नकदी, जेवर, गैस की टंकी चोरी कर ली। शहर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र स्थित होटल कजरी पैलेस के मैनेजर ने गिरधारीलाल ने अज्ञात के खिलाफ चोरी को मामला जर्द कराया। होटल के मैनेजर ने रिपोर्ट में बताया कि किसी अज्ञात ने उसके होटल के एक कमरे का ताला तोड़कर वहां से एक लेपटॉप व अन्स कई सामन चोरी कर लिए। पुसिल ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।

हत्या के मामले में फंसाने का आरोप

murderउदयपुर। सुखेर थाना क्षेत्र के चित्रकूटनगर स्थित श्मशान में भुवाणा निवासी खेमराज (55) पुत्र मेघा डांगी की हत्या के मामले में पुलिस ने डागलियों की मगरी निवासी प्रकाश उर्फ पकरिया पुत्र माणकलाल डांगी और कुमावतपुरा निवासी प्रदीप पुत्र मन्नालाल सेन को गिरफ्तार कर लिया हैं। पूछातछ में आरापियों ने हत्या की सुपारी देने वालों में मनोहरसिंह राव का नाम बताया है। इस मामले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंच ने आरोप लगाया है कि मनोहरसिंह को गलत फंसाया जा रहा है। मंच ने इस मामले में जांच अधिकारी बदलने की मांग की है, जिस पर एसपी ने मंच पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है।
इस मामले में सुपारी देने वाले आरोपी को लेकर सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंच के नेताओं ने पुलिस पर उसे जबरन फंसाने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच एएसपी स्तर के अधिकारी से कराए जाने की मांग की है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंच के महेश साहू के नेतृत्व में मंच के कार्यकर्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया कि भुवाणा निवासी खेमराज (55) पुत्र मेघा डांगी का डांगलियों की मंगरी में श्मशान घाट के समीप हत्या कर लाश फेंक दी थी। इस मामले में उसके भतीजे डागलियों की मगरी निवासी प्रकाश उर्फ पकरिया पुत्र माणकलाल डांगी और कुमावत पुरा निवासी प्रदीप पुत्र मन्नालाल सेन को गिरफ्तार किया। इन्होंने हत्या की सुपारी देने वालों में मनोहरसिंह राव का नाम बताया, जो गलत है। पुलिस जानबूझकर उसे फंसा रही हैं। इस मामले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

सरेआम लूटा जा रहा है मोबाइल बैलेंस

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udaypur . इन दिनों शहर के कई मोबाइल यूजर्स को फ्री रिचार्ज का झांसा देकर मोबाइल बैलेंस उड़ाया जा रहा है या फिर मोबाइल फॉर्मेट किया जा रहा है। आईटी एक्सपर्ट रजा राहील की मानें, तो हैकर्स अननोन साइट्स लिंक के जरिये मोबाइल यूजर्स को फ्री रिचार्ज का लालच देकर उनके मोबाइल से डेटा और बैलेंस को इन डायरेक्टली हथिया रहे हैं। ओपन सोर्स होने के कारण ऐसे मामले एंड्रॉयड फोन में ज्यादा सामने आ रहे हैं। हैकर्स लिंक के जरिये प्री-पेड के साथ-साथ पोस्ट पेड यूजर्स का बैलेंस भी हथिया रहे हैं, जिन्होंने अपने मोबाइल पर एम् पैसा और मनी जैसे वैल्यू एडेड सर्विस एक्टिवेट करवा रखी है।
ऐसे होता हैं बैलेंस निल : हैकर्स की तरफ से भेजे गए मैसेज के बाद यूजर्स उस फ्री रिचार्ज से संबंधित साइट पर अपना नंबर डालते हैं। उसी दौरान बैक ग्राउंड में अनस्ट्रक्चर सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा (यूएसएसडी) प्रोटोकॉल कोड रन होता है। आईटी एक्सपर्ट रजा बताते हैं कि इस प्रोटोकॉल रन से मोबाइल यूजर्स अनजान रहते हंै। जैसे ही रिचार्ज या सबमिट बटन प्रेस करते हैं। यूएसएसडी कोड के जरिये बैलेंस हैकर्स के मोबाइल पर ट्रांसफर हो जाता है और यूजर को पता भी नहीं चलता।
यूएसएसडी प्रोटोकोल का यूज : यूएसएसडी प्रोटोकोल का इस्तमाल मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनिया सर्वर का जीएसएम् फोन से कंयूनिकेशन के लिए करती है। इसका इस्तमाल वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकॉल (वेप) प्रीपेड कॉल बैक सर्विस, मोबाइल मनी सर्विस और फोन के नेटवर्क को कांफिग़र करने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल हैकर्स भी कर रहे हैं।
जरूरत अलर्ट रहने की : किसी भी तरह के अननॉन मैसेज को पूरी तरह से जांच परख लेना चाहिए। अगर काम का ना हो तो इनबॉक्स में से हटा कर दो। फ्री रिचार्ज के प्रलोभन वाले मैसेज के निर्देश का पालन नहीं करें, बल्कि अपने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की वेब साइट से ऑनलाइन रिचार्ज या शॉप से ईजी रिचार्ज ही करवाएं। ओपन सोर्स होने के कारण एंड्रॉयड फोन यूजर्स हैकर्स का निशाना ज्यादा बन रहे हैं। ऐसे में गूगल प्ले स्टोर से एंटी यूएसएसडी एप डाउन लोड करें। यह एप यूएसएसडी बेस्ड लिंक कोड से मोबाइल को सुरक्षित रखता है।
केस 1 :
पंचवटी निवासी राज्य सरकार में सेवारत रजनीश भारद्वाज के मोबाइल पर एक एसएमएस आया, जिसमे एक फ्री रिचार्ज साइट का लिंक था और लिखा था कि इस साइट पर जाकर अपना मोबाइल रिचार्ज करे और पाएं फ्री बैलेंस। रजनीश ने तुरंत एसएमएस में लिखे निर्देश के अनुसार अपना मोबाइल नंबर और अमाउंट फीड कर सबमिट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल में फ्री बैलेंस आने के बजाय आउट स्टेंडिंग बैलेंस जीरो हो गया।
केस 2 :
हिरणमगरी गायत्री नगर में रहने वाले अखिलेश सक्सेना के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनके पास भी फ्री रिचार्ज के लिए ऐसा ही मैसेज आया, जिसमे लिंक दिया हुआ था। अखिलेश ने जैसे ही लिंक को क्लिक किया बैलेंस तो आया नहीं उनका सैमसंग का गैलेक्सी एस थ्री मोबाइल फॉर्मेट हो गया, जिसमें उनका सारा निजी डेटा चला गया।