पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में उदयपुर ने जीते दस स्वर्ण पदक

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दिव्यांश सोनी ने स्ट्रांग मैन ऑफ राजस्थान का खिताब जीता
उदयपुर। बीकानेर में रविवार को सम्पन्न हुई ३३वीं राजस्थान राज्य जूनियर एवं मास्टर पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में उदयपुर टीम ने दस स्वर्ण व तीन रजक पदक हासिल किये। दिव्यांश सोनी ने स्ट्रांग मेन ऑफ राजस्थान का खिताब जीता।
जिला पावर लिफ्टिंग संघ के अध्यक्ष विनोद साहू ने बताया कि ५३ किलो भार वर्ग में निमित औदिच्य ने स्कवेट, बेंच प्रेस व कुल भार में तीन नये राज्य कीर्तिमान बनाते हुए कुल ३४२.५ किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ७४ किलो भार वर्ग में स्ट्रांग मेन बने दिव्यांश सोनी ने स्कवेट, डैड लिफ्ट व कुल भार के तीनये नये कीर्तिमान बनाते हुए कुल ५५० किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ९३ किलो भार में प्रेम डांगी ने कुल ५१०किलो वजन उठाकर स्वर्ण, १०५ किलो भार वर्ग में अर्जुन पालीवाल ने ५३५ किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
जबकि महिला वर्ग में मीनु मुरलीधरन ने २२२.५ किलो, मास्टर वर्ग में ६६ किलो भार वर्ग में सोहन नलवाया ने ३९५ किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ७४ किलो भार में अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी भूपेन्द्र वयास ने कुल ४७० किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ७४ किलो मास्टर टू वर्ग में अब्दुल हाफिज, ८३ किलो भार वर्ग में पेसेफिक कॉलेज में खेल प्रभारी चन्द्रेश सोनी व ७२ किलेा भार में इंदिरा भण्डारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
साहू ने बताया कि ५३ किलो भार वर्ग में अरूण प्रकाश डांगी, ६६ किलो में शेखर शर्मा व ८३ किलो भार में अर्जु मेहता ने रजत पदक प्राप्त किया। उदयपुर टीम ने कुल दस स्वर्ण सहित तीन रजत पदक प्राप्त किए। टीम के साथ प्रशिक्षक अमृत कल्याणी व मैनेजर विनोद साहू भी थे।

शिल्पग्राम महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में

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दीवारों पर बनाई जा रही कलाकृतियां
हस्त शिल्प की वस्तुएं दिखेगी बिक्री के लिए
उदयपुर। साल के आखिरी सप्ताह में लगने वाले शिल्पग्राम महोत्सव को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दस दिवसीय इस मेले में विभिन्न प्रांतों से आए कलाकार अपनी संस्कृति से शहरवासियों को रूबरू कराएंगे। इसको लेकर शिल्पग्राम में मिट्टी की बनी स्टॉलों को सजाने एवं संवारने के काम अंतिम चरण में है।
शहर के ऐतिहासिक फतहसागर की पाल के पीछे हवाला गांव के समीप स्थित शिल्पग्राम में लगने वाले इस शिल्प महोत्सव को लेकर शहरवासियों में काफी उत्सुकता रहती है। आगामी २१ दिसम्बर से ३० दिसम्बर तक आयोजित होने वाले इस शिल्प महोत्सव में शहर व देश के कई प्रांतों से आए शिल्पी अपनी बनी वस्तुओं को इस मेले में बिक्री के लिए शहरवासियों के सामने प्रस्तुत करते है। शिल्पग्राम महोत्सव को लेकर मेला संयोजक कमेटी द्वारा इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिल्पग्राम में बनी मिट्टी की सीढियों पर रंगरोगन का कार्य किया जा रहा वहीं मिट्टी की दीवारों पर कलाकृतियों को बनाकर इसे सजाया जा रहा है।
हर दिन अलग कार्यक्रम: शिल्पग्राम के इस दस दिवसीय महोत्सव में जहां शिल्पियों की विभिन्न कलाकृतियों से शहरवासी अभिभूत हो उठते है। कई शिल्पी अपने हस्त निर्मित वस्तुओं एवं अपनी कला को इस शिल्पी महोत्सव में पेश करते है। अपने शिल्प एवं कला के कारण विशेष महत्व रखने वाले इस मेले में शाम होते ही शिल्पग्राम में बने पांडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते है। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शान बढाते है विभिन्न प्रांतों से आये कलाकार। इन कलाकारों की प्रस्तुतियां ऐसी होती है जो शहरवासियों को वर्ष में सिर्फ एक बार इसी शिल्प मेले में देखने को मिलती है जिसे लेकर लोगों में उत्साह बना रहता है।

मस्तान बाबा का उर्स 29 से

mastan babaउदयपुर। कौमी एकता व साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक मस्तान बाबा का १६वां उर्स २९ दिसम्बर से मनाया जाएगा। उर्स १ जनवरी २०१४ को कुल की प*ातेहा के साथ सम्पन्न होगा।
मस्तान बाबा ट्रस्ट के नायब सदर मजीद खां ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस चार दिवसीय उर्स में पहले दिन परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी। इसके अलावा महपि*ले मिलाद, कव्वाली व विभिन्न मौहल्लों से चादर का जुलूस उर्स के दौरान मस्तान बाबा दरगाह पर पहुंचेगा। उर्स का समापन १ जनवरी बुधवार को दोपहर ३ बजे कुल की प*ातेहा के साथ सम्पन्न होगा।

विश्व की सबसे छोटी सोने की पतंगे इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज

IQBAL_16Decउदयपुर। जिले के प्रख्यात शिल्पकार इकबाल सक्का द्वारा बनाई गई सूक्ष्मदर्शी लेन्स की सहायता से देखी जाने ऑख की पुतली पर जमी विश्व की सबसे छोटी सोने की पतंगे इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज की गई है। 111 अद्भूत सूक्ष्म पतंगों में बकायदा मध्य लगने वाला ठड्डा व चन्द्रकार (कबानी) तथा नीचे का त्रिकोण भी लगाया है।

जनहित के कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करें – जिला कलक्टर

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उदयपुर । जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी.पेडणेकर ने सोमवार को जिले में संचालित मनरेगा योजना की क्रियान्विति और कार्यक्रम की जानकारी ली । उन्होंने सभी विकास अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र की जरूरत और जनहित के कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करें।
जिला कलक्टर सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित मनरेगा से जु$डे अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे । जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अबरार अहमद ने प्रारंभ में योजना की प्रगति की जानकारी दी । जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विकास अधिकारी ग्राम पंचायतों का दौरा कर श्रमिकों को स्वेच्छा से काम करने के लिए प्रेरित करें। लसा$िडया के विकास अधिकारी से ग्राम सेवक एवं श्रमिकों की जानकारी लेने के बाद जिला कलक्टर ने अपने स्तर पर कार्य को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में कार्य होना जरूरी है यह सभी विकास अधिकारी ध्यान में रखें एवं प्रति राजस्व ग्राम 2 कार्य होना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विकास अधिकारियों को अपने स्तर पर ग्रामवासियों से मिलकर नरेगा कार्य सुचारू रूप से करने को कहा एवं प्रति ग्राम पंचायत श्रमिकों की सूची बनाने के निर्देश भी दिये। समस्त ग्राम पंचायतों में कोई कार्य बकाया न रहे इस हेतु सभी अधिकारियों को निर्देशित किया। जिला कलक्टर ने सिंचाई एवं वन विभागों में चल रहे कार्यो पर अब तक हुए व्यय की समुचित जानकारी ली। पंचायत समितियों में अब तक दी गई राशि का नरेगा श्रमिकों को भुगतान किये जाने के संबंध में जिला कलक्टर ने जानकारी मांगी।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बैंक खातों में पूरा पैसा निश्चित समय पर दिया जाए ताकि सरकारी कार्यों में परेशानी न हो एवं कार्य समय पर सम्पन्न हो। उन्होंने सभी एईएन व बीडियों को प्रतिदिन के हिसाब से श्रमिकों को बकाया राशि का भुगतान करने के निर्देश भी दिये। श्री पेडणेकर ने मिनी बैंक की कार्यप्रणाली की जानकारी मांगी एवं चुस्त रहकर रूके हुए कार्य सम्पन्न कराने के निर्देश भी दिये । बैठक में लसा$िडया, वल्लभनगर, सरा$डा, कोट$डा, झा$डोल एवं सलुम्बर सहित सभी पंचायत समितियों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

गॉंवों में सामाजिक बदलाव देखेंगे विद्यार्थी

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उदयपुर । शैक्षणिक भ्रमण-बदलाव के कारण जानेंगे-समस्याए पहचानेंगे-सुझाव देंगे तिलक महाविद्यालय के विद्यार्थी
लोकमान्य तिलक षिक्षक प्रषिक्षण महाविद्यालय, डबोक के 526 विद्यार्थी नजदीकी तीन गॉंवों में सामाजिक आर्थिक सर्वे करेंगे। छात्र समूल वीरवाड़ा, झाड़ौली और उंदरा गॉंव में पंहुच दिनांक तक क्षेत्रवासियों के सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव और कारणों, सफाई, स्वास्थ्य एवं षिक्षा आदि का स्तर जानेंगे। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देंगे। इससे पूर्व सोमवार सुबह 7.30 बजे कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने हरी झंडी दिखाकर छात्रों को रवाना किया। डीन डॉ. आर.पी.सनाढ्य ने बताया कि इन बच्चों के साथ 60 सदस्यीय षिक्षक दल भी गया है।
यह होगा सर्वे में-
प्रो.सारंगदेवोत ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को अलग-अलग गु्रप में विभक्त कर दिया जाएगा तथा उन्हें क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर सर्वे करवाया जाएगा। जैसे गांव के अधिकांष व्यक्ति क्या कार्य करते हैं। उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर क्या है? षिक्षा एवं स्वास्थ्य पर वे कितना खच्र करते है। लड़कियों का विवाह कब होता है। कितने बच्चे अब तक स्कूल नहीं गए आदि विभिन्न जानकारियॉं ली जाएगी।
यह जानकारी दी जाएगी-
वनषाला षिविर संयोजक डॉ. सरोज गर्ग ने बताया कि इन पॉंच दिनों में सरकारी योजना जैसे सुनवार्इ्र का अधिकार, सूचना का अधिकार निःषुल्क दवा योजना, षिक्षा का अधिकार की बारिकियॉं बताई जाएगी, नुक्कड़, नाटक तथा संगोष्ठि आदि का आयोजन किया जाएगा। साथ ही षिक्षा का अधिकार, पर्यावरण संरक्षण पर रैली निकाल कर ग्रामीणजनों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। तैयार रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार रिपोर्ट को विषेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन करवाया जाएगा। गॉंव में जिसकी कमी है उसके लिए स्थानीय प्रषासन और राज्य सरकार से मांग की जाएगी।

ऐष्वर्या कॉलेज में “सिक्योरिटी ऑफ क्लाइड-कम्प्यूटिंग” पर व्याख्यान

The-Cloud-Computing-Australia-036उदयपुर। ऐष्वर्या कॉलेज में कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में “सिक्योरिटी ऑफ क्लाइड-कम्प्यूटिंग” पर व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम के वक्ता श्री चंद्रेष कुमार चटलानी थे। जो जनार्दन राय नगर विद्यापीठ के सहायक प्रोसेसर हैं। मुख्य अतिथि का स्वागत बी.बी.एम. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुश्री अभिलाषा छाजेड़ ने किया।
उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में कम्प्यूटर के बारे में बताया तथा बाद में क्लाउड कम्प्यूटिंग के बारे में बताया। उन्होंने इंटरनेट व क्लाउड कम्प्यूटिंग में अंतर बताया तथा कम्प्यूटर में आभासीता (वर्चुअलाइजेषन) के बारे में भी बताया। उन्होंने क्लाउड के प्रकार, उदाहरण आदि भी बताए। उन्होंने क्लाउड कम्प्यूटिंग के फायदे व नुकसान के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने शेयर्ड तकनीक के बारे में बताया। व्याख्यान के अन्त में कुछ प्रष्न डॉ. अर्चना गोलवलकर द्वारा पूछे गए व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन बी.सी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा सुश्री स्वाति डोडेजा तथा प्रतीक चिन्ह बीसीए तृतीय वर्ष की छात्रा सुश्री मनीषा जीनगर ने किया।

मोतीमगरी में महाराणा प्रताप की विरासतश् विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

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उदयपुर। यहां फतहसागर स्थित महाराणा प्रताप स्मारक समिति द्वारा मोती मगरी के ऐतिहासिक प्रागंण में ष्दिवेर विजय अभियानष् की स्मृति में रविवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । समिति सचिव युद्धवीर सिंह शक्तावत ने बताया कि कक्षा 8 तक बच्चों के लिए उद्घोष एवं कविता पाठ विधा, कक्षा 8 से 11 तक प्रताप की रीति एवं नीति की वर्तमान परिपेक्ष्य में उपादेयता विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं शोध संगोष्ठी के अन्तर्गत शोध पत्रों का वाचन किया गया। समारोह में कुल तीन सत्र हुये । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा. परमेन्द्र दशोरा एवं मुख्य अतिथि प्रो. कल्याण सिंह शेखावत थें। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्मारक समिति, मोती मगरी के अध्यक्ष लक्ष्यराज सिंह मेवाड ने की । स्लोगन एवं कविता विधा में 8 बच्चों ने वादविवाद में 16 बच्चों ने एवं शोधपत्र प्रस्तुति में 5 पत्रों का वाचन हुआ।
मुख्य वक्ता परमेन्द्र दशोरा ने कहा कि वेश्चिक परिदृश्य पर प्रताप की विरासत बहुआयामी हैं संचार क्रान्ति में भी इसकी उपयोगिता है। लक्ष्यराज सिंह मेंवाड ने कहा की प्रताप की विरासत के अन्तर्गत हमें सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना होगा । ये ही प्रताप की विरासत की प्रथम अनिवार्य आवश्यकता हैं ।
कार्यक्रम का संचालन डा. चन्दशेखर शर्मा ने किया और कहा कि प्रताप की भौतिक एवं अभौतिक, मूर्त और अमूर्त दानों ही तरह की विरासत को संभालना आज की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में समिति उपाध्यक्ष एस.एस. राणावत, समिति सदस्य प्रो. के.एस. गुप्ता, इकबाल सागर, प्रो. विजया लक्ष्मी चौहान, प्रो. एच.आर. त्यागी, कोषाध्यक्ष शिव प्रसाद राठौड , विद्वानों में जोधपुर के प्रो. एस.वी. व्यास ने शोध सत्र की अध्यक्षता की । वादविवाद में पूर्वी अग्रवाल -महाराणा मेवाड पब्लिक स्कूल ने प्रथम स्थान, सौम्या कपिल – रोकवुडस स्कूल ने द्वितीय स्थान एवं सौरभ चावला, द स्टडी स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । कार्यक्रम के सफल होने पर सचिव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया।

देहात जिला कांग्रेस ने मनायी पटेल कि पुण्य तिथी

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उदयपुर । प्रथम उपप्रधानमंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता हेमन्त श्रीमाली ने बताया कि जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला,जिला प्रमुख मधु मेहता, उपजिला प्रमुख श्यामलाल चौधरी, इंटक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जगदीशराज श्रीमाली, महामंत्री मथुरेश नागदा, दिलीप प्रभाकर, भीण्डर नगर पालिका अध्यक्ष देवेन्द्रसिंह शक्तावत, सचिव कमलसिंह चौधरी, किशन वाधवानी, कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मीनारायण मेघवाल, महिला कांग्रेस नेता पूर्णिमा मेनारिया, फल सब्जी मण्डी अध्यक्ष मोडसिह सिसोदिया, कृषि मण्डी अनाज अध्यक्ष मगनीबाई पटेल, अजीज खान पठान, ओमप्रकाश गमेती, व्यापार प्रकोष्ठ के धर्मसिंह सुहालका, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव शंकर चंदेल, राकेश जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगन्नाथ शर्मा, मोहम्मद युसुफ छीपा, महेन्द्र डामोर आदि ने सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए देश के एकीकरण के लिए किये गये उनके कार्यो को याद किया।
श्रीमाली ने बताया कि पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात केन्द्रीय श्रम मंत्री शीशराम ओला के निधन पर कार्यकारिणी ने शोक प्रस्ताव पारित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।
जिलाध्यक्ष झाला ने बयान जारी कर कहा कि शीशराम ओला के निधन से कांग्रेस में एक युग का अन्त हो गया। ओला ने अपने राजनैतिक जीवन में सदैव किसानों एवं श्रमिकों के हित में कार्य करते हुए युवा शक्ति को प्रेरणा देकर संगठन की मजबूती के लिए कार्य किया।

राजस्थान साहित्य अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा

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Rajasthan Sahitya Academy Udaipur Recruitment 2013_thumb[1]उदयपुर । राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2013-14 के लिए वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा आज कर दी गई है। यह जानकारी देते हुए अकादमी अध्यक्ष वेदव्यास ने बताया कि इस वर्ष का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार कांकरोली के कमर मेवाड़ी को उनके कहानी संग्रह ‘जिजीविषा’ और अन्य कहानियों पर दिया जाएगा।
इसी प्रकार इस वर्ष का सुधीन्द्र पुरस्कार अजमेर के डॉ. अनुराग शर्मा को उनके कविता संग्रह ‘तेरे जाने के बाद तेरे आने से पहले’ पर दिया जा रहा है जबकि रांगेय राघव पुरस्कार जयपुर के रामकुमार सिंह को उनके कहानी संग्रह ‘भोभर तथा अन्य कहानियां’ पर मिलेगा।
अकादमी अध्यक्ष ने आगे बताया कि वर्ष 2013-14 की पुरस्कार योजना के अन्तर्गत देवीलाल सांभर पुरस्कार जयपुर के सुनील खन्ना को उनकी नाट्य पुस्तक ‘नव्य लघु नाटक’ पर दिया जाएगा वहां आलोचना का देवराज उपाध्याय पुरस्कार कोटा के डॉ. नरेन्द्र चतुर्वेदी को उनकी पुस्तक ‘हाड़ौती अंचल की हिन्दी काव्य परम्परा और विकास पर’ मिलेगा।
वेदव्यास ने बताया कि इस बार कन्हैयालाल सहल पुरस्कार सवाई माधोपुर के प्रभाशंकर उपाध्याय को उनके व्यंग्य संग्रह ‘काग के भाग बड़े’ पर मिलेगा वहीं डॉ. आलमशाह खान अनुवाद पुरस्कार बीकानेर के जेठमल मारू को उनकी पुस्तक ‘ईप्सितायन’ दिया जा रहा है। इसी प्रकार मरूधर मृदुल युवा लेखन पुरस्कार उदयपुर की रीना मेनारिया को उनकी पुस्तक ‘उधार के कौर’ (कहानी) पर दिया गया है वहीं प्रभाखेतान प्रवासी रचनाकार पुरस्कार हरियाणा से कमल कपूर को उनकी पुस्तक ‘कदम्ब की छांव’ पर दिया गया है। अकादमी पुरस्कार योजना में इस बार शंभूदयाल सक्सेना बाल साहित्य पुरस्कार भीलवाड़ा के सत्यनारायण को उनकी पुस्तक ‘अनोखा फैसला’ के लिए दिया जाएगा वहीं सुमनेश जोशी प्रथम प्रकाशित कृति पुरस्कार कोटा के रामनारायण हलधर को उनकी कविता पुस्तक ‘शिखरों के हकदार’ पर मिलेगा।
अकादमी अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मीरा पुरस्कार में विजेता को जहां 75,000 रु. की राशि दी जाती है वहां अन्य सभी पुरस्कारों में 31,000 रुपए की राशि दी जाती है तथा प्रथम प्रकाशित कृति के सुमनेश जोशी पुरस्कार में विजेता को 15,000 रुपए की राशि सम्मान-पत्र आदि भेंट किए जाते हैं।