जयपुर में गर्ल्स कोलेज की छुट्टी के बाद बस के लिए इंतजार करती लड़कियों के सामने मनचले लड़के अपनी बाइक के करतब दिखाते रहते है ।
पुलिस कुछ दिन निगरानी करती है लेकिन ये मनचले पुलिस के जाने के बाद फिर शुरू हो जाते है ।
फहत से पहले उदय

उदयपुर। स्वरूप सागर के गेट खोलने के बाद आयड़ नदी में चले तेज बहाव से फतहसागर से पहले उदयसागर छलक गया।
पिछोला और उदयसागर झील के छलकने के अब फतहसागर झील बड़ा मदार के भरोसे है। बड़ा मदार अभी 10 फीट खाली है। बारिश होती है तो बड़ा मदार में पानी का जलस्तर बढ़ेगा और ओवरफ्लो होने के बाद यह पानी फतहसागर झील में आएगा। फतहसागर का जलस्तर 11 फीट 5 इंच तक पहंुच गया है और इसकी भराव क्षमता कुल 13 फीट है। इस झील के छलकने की उम्मीद लिए लोग झील किनारे पहुंच रहे हैं। बारिश के लिए प्रार्थना करते हुए फतहसागर के ओवरफ्लो होने का इंतजार कर रहे हैं।
गैस टैंकर-कंटेनर भिड़े,जिंदा जला चालक
उदयपुर। उदयपुर-अहदाबाद फोरलेन पर काया के पास सोमवार सुबह एलपीजी गैस भरा टैंकर- कंटेनर भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों वाहन जल उठे। कंटेनर चालक द्वारकापुरा कोटपुतली (जयपुर ग्रामीण) निवासी राजकुमार उर्फ राजेन्द्र (34) पुत्र छोटेलाल जिंदा जल गया और खलासी बरामदा राजगढ़ (अलवर) निवासी महेन्द्र कुमार (22) पुत्र राजकुमार राजपूत मशक्कत बाद जान बचाकर भागा।
हादसे का नजारा देख हर आंख थम गई और छह घंटे तक भूख-प्यास, उमस से बेहाल राहगीर मौत के इस मंजर से दो-दो हाथ होते रहे। गैस-तेल के विशेषज्ञों के नहीं आने पर पुलिस अमला घंटों तक आग बुझाने और हाइवे का कई किलोमीटर तक लगा जाम बहाल करने के लिए जूझता रहा।
सांसें थमा गया भयावह मंजर
वो भयावह मंजर, तीन घंटे, हर व्यक्ति की सांस इसी में अटकी थी कि कहीं टैंकर न फट जाए। लोग आधा किलोमीटर दूर पहाड़ों पर खड़े होकर टैंकर से रिसती गैस के बाद आग की उठती लपटों और गोलों को देखकर सिहर जाते। हर किसी को एक अनजाना डर था कि कोई दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में फंसा हो सकता है, लेकिन जलते टैंकर और कंटेनर की भयावहता के कारण कोई आगे नहीं बढ़ पा रहा था। हर व्यक्ति अंदर फंसी जान के बारे में चितिंत था, चार घंटे बाद गैस का रिसाव कम हुआ और पानी की लगातार ठंडी बौछारें गिरी तो आग की आंच कम हुई। पुलिस, दमकलकर्मियों व राजमार्ग प्राधिकरण की के्रन सेवाओं से जुड़े ऑपरेटरों ने हिम्मत दिखाई। क्रेन की मदद से टैंकर हटाया तो सभी अवाक रह गए। कंटेनर का चालक जहां जलता रहा और चीख भी न सका था, वहां अब बस राख (अस्थियां) बची थीं।
उदयपुर-अहदाबाद हाई-वे पर काया से आगे महेन्द्र बावड़ी मोड़ पर एलपीजी गैस से भरा टैंकर व कंटेनर भिड़न्त में चालक राजकुमार उर्फ राजेन्द्र जिंदा जल गया था। कंटेनर मालिक ने फोन पर बताया कि कंटेनर में राजस्थान के टपुखेड़ा में होण्डा कंपनी से 65 एक्टिवा स्कूटर लादकर भेजे जा रहे थे। यह कंटेनर गुजरात में वापी जा रहा था। वहीं टैंकर भडुच से आगरा जा रहा था। गोवर्घन विलास थाना पुलिस को झुलसे खलासी महेन्द्र ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
अस्थियां दिखी तो सहम उठे
दुर्घटना के बाद टैंकर से रिसी गैस ने आग पकड़ ली। इससे चालक सीट पर बैठा-बैठा ही जिंदा जल गया। उसकी चीख पुकार आग की लपटों और धमाके के बीच दबकर रह गई। कोई भी उस बुझती जिंदगी के पास फटक तक नहीं पाया। जब हालात पास जाने के हुए तो सीट पर चालक की राख मिली, जिससे झांकती उसकी अस्थियों ने हर किसी के रोम खड़े कर दिए।
कांच फोड़कर भागा महेन्द्र
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खलासी महेन्द्र कंटेनर पलटने के बाद दब गया था। आग की लपटों के बीच घिर गया था और केबिन में छटपटाता रहा। जलती हालत में वो कांच तोड़कर बाहर निकल सका। कुछ देर घटनास्थल के आस-पास घूमता रहा और दूर तक भी कोई नजर नहीं आया तो बेसुध होकर हाइवे पर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों की नजर पड़ते ही उन्होंने संभाला और अस्पताल पहुंचाया।
जाम ने निकाल दी जान
टैंकर-कंटेनर भिड़न्त के बाद उदयपुर-अहमदाबाद फोरलेन पर दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लम्बी कतारें लग गई। उदयपुर भ्रमण व श्रीनाथजी आने व वापस गुजरात जाने वाले लोगों की गाडियां भी फंस गई। दोनों ओर से कई दुपहिया वाहन भी वहां आकर और फंस गए। पुलिस ने वाहनों को रोके रखा तो बीच-बीच में लोगों को सब्र टूटता रहा। वे समझाइश से माने और जाम जल्द खुलने की उम्मीद में खड़े रहे।
गर्मी व उमस के बीच लोग वाहनों से बाहर निकल आए। कई सैलानी महिलाएं व युवतियां बार-बार पुलिस अधिकारियों से पूछती रही कि जाम खुलने में कितना समय और लगेगा। कई लोग पुलिस, दमकल व क्रेनों पर ऑपरेटरों की मुस्तैदी पर उनकी हौंसलाफजाई कर रहे थे। गैस रिसाव के बीच आग के साथ ही पुलिस अधिकारियों के लिए यातायात व उसमें फंसे लोगों की चिंता सता रही थी। गिर्वा उपाधीक्षक दिव्या मित्तल, सीआई बद्रीलाल, टीडी थानाधिकारी भैयालाल और जाब्ता आमजन को रोकने के साथ ही खतरे से बार-बार आगाह करता रहा। दुर्घटनाग्रस्त वाहनो को किनारे करने के बाद राहगीर ऎसे दौड़े कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
पानी भी नहीं मिला
दुर्घटनास्थल पहाड़ों के बीच और गांव से दूर होने के कारण वहां किसी को घंटों तक पानी भी नसीब नहीं हुआ। आस-पास झोपडियो में रहने वालो लोगों को पुलिस ने बाहर निकालकर हटा दिया। उदयपुर में बैठक में शामिल होने आ रहे गुजरात के साबरकाठा कलक्टर बांछा निधि पानी भी फंस गए। पुलिस ने जैसे-तैसे उनकी गाड़ी को निकाला। कलक्टर ने मौके पर कुछ देर खड़े होकर गुजरात मे पेट्रोलियम अधिकारियों से हादसे के बारे में जानकारी देकर उससे बचाव के तरीके पूछते रहे।
पेट्रोल 3.05 रूपए सस्ता, डीजल 50 पैसे लीटर महंगा

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में आई गिरावट और डालर के मुकाबले रूपए के मजबूत होने के मद्देनजर तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में 3.05 रूपए प्रति लीटर की (वैट अतिरिक्त) कमी करने की घोषणा की है लेकिन डीजल के दामों में पचास पैसे प्रति लीटर की वृदि्ध की गई है। नई दरें सोमवार मध्यरात्रि से लागू हो गई।
पिछले पांच माह के बाद पहली बार कमी –
पिछले पांच माह के बाद पेट्रोल की कीमतों में पहली बार कमी की गई है। पेट्रोल की कीमतों में पिछले पांच साल के बाद एक बार में यह सबसे अधिक कमी की गई है। इसी वर्ष एक मई को कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में तीन रूपए प्रति लीटर की कमी थी जो पिछले पांच वर्ष के दौरान सबसे अधिक थी। मई के बाद से तेल कंपनियों ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेजी और डालर की तुलना में रूपए के गिरने के कारण पेट्रोल के दामों में कुल मिलाकर 10.80 रूपए प्रति लीटर (वैट अतिरिक्त) बढ़ाए थे।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आई कमी, रूपया भी हुआ मजबूत –
तेल विपणन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने पेट्रोल के दाम घटाते हुए कहा है कि पिछले एक पखवाड़े के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मोटर स्प्रिट के दाम 117 डालर प्रति बैरल से घटकर 113 डालर प्रति बैरल रह गए। इस दौरान डालर के मुकाबले रूपया भी मजबूत हुआ और विनिमय दर 66 रूपए से गिरकर करीब 63 रूपए रह गई। इसकी वजह से तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल के दाम घटाने की स्थिति में आई हैं। सरकार ने जून 2010 में पेट्रोल को सरकारी मूल्य नियंत्रण से अलग कर दिया था और इसके बाद से हर पखवाडे तेल कंपनियां विदेशी कीमतों के आधार पर घट-बढ़ कर रही हैं।
डीजल के दाम हर माह हो रहे हैं संशोधित –
डीजल पर अंडर रिकवरी को देखते हुए सरकार ने इसी वर्ष 17 जनवरी को कंपनियों को इसके दाम में 50 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी करने की छूट दी थी। इसके बाद कंपनियां हर माह डीजल के दाम संशोधित कर रही हैं। इंडियन आयल का कहना है कि डीजल पर अंडर रिकवरी अभी भी 10.52 रूपए प्रति लीटर है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए बेचे जाने वाले मिट्टी तेल पर प्रति लीटर 38.32 रूपए की अंडर रिकवरी है। रसोई गैस के 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 532.50 रूपए प्रति सिलेंडर का नुकसान है।
सार्वजनिक स्थान पर शराब पी तो लग सकता है 10 हजार जुर्माना
उदयपुर। सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने और पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस एक्ट और वाहन अधिनियम में सजा का संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे गृह विभाग को भेजा जा चुका है, कैबिनेट में प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
इसके तहत वर्तमान जुर्माना राशि को बढ़ाने और लगातार पकड़ में आने पर दस हजार रुपए तक जुर्माना करने का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके अलावा नशे में ड्राइविंग करने वालों के लाइसेंस पर कार्रवाई करने और लगातार होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव दिया गया है।
मंजूरी के बाद लागू होगा
॥मद्य संयम के लिए कानून संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें गृह विभाग कानून संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर केबिनेट में रखेगा। वहां से मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।
दिनेश कुमार, आबकारी आयुक्त
स्वरुप सागर के गेट खोलने के बाद झीलों की नगरी बनी वेनिस सीटी
उदयपुर। शनिवार को हुई दिनभर झमझम ने झीलों की नगरी की फिजां ही बदल दी । और जब सीसारमा से आने वाली बम्बर पानी की आवक के चलते आधीरात को स्वरूप सागर के गेट खोले तो सुबह सुबह शहर का नज़ारा वेनिस की तरह हो गया । आयद नदी में पानी की आवक बढ़ गयी। और सुबह स्वरूप सागर और आयद नदी को देखने के लिए शहर उमड़ पड़ा ।
यु आई टी की पुलिया के ऊपर हो कर पानी गुजर ने से यातायात रोक दिया गया ।
नाखूनों को खूबसूरत और हैल्दी रखने के लिए NICC के टिप्स
आजकल जब लडकियां किसी पार्टी के लिए तैयार होती हैं तो वह अपने नाखूनों की सजावट पर बहुत ध्यान देती हैं। ड्रेस से मैच करती हुई नेल पॉलिश लगाना तथा नेल आर्ट से नाखूनों को नया लुक देना बिल्कुल आम बात हो गई हा। पर यह जान लेना बहुत ही जरूरी है कि नाखून पर कोई भी सजावट तभी अच्छी लगती है जब वह बिल्कुल स्वस्थ्य हों। आइये nicc की डायरेक्टर स्वीटी छाबड़ा से जानते हैं नाखूनों को हैल्दी रखने के टिप्स ।
स्वीटी छाबड़ा बताती है कि सबसे अहम बात यह कि आपका खाना ही आपके नाखूनों की सही पहचान है। अच्छे नाखूनों के लिए आपकी calcium की मात्रा अधिक होनी चाहिए।
सबसे पहला कदम यह अपनाएं कि नाखूनों पर एक हफ्ते से ज्यादा देर के लिए नेल पॉलिश को न लगा रहने दें। अगर नेल पॉलिश ज्यादा समय के लिए नाखून पर रहती हैं तो वह नाखूनो की सतह को खराब बना देती है। साथ ही नाखून बदरंग और अस्वस्थ्य हो जाते हैं।
क्यूटिकल्स को साफ रखें- क्यूटिकल्स नाखूनों के दोनों ओर होते हैं जिसमें गंदगी जब जाती है। यह इतने प्रभावशाली होते हैं कि इसकी वजह से नाखून सड भी जाते हैं। अच्छा होगा की आप समय समय पर क्यूटिकल्स को काटती रहें।
अपने नाखूनों को चमकदार और स्वस्थ्य बना के लिए उसकी हमेशा नारियल और अरंडी तेल से मसाज करती रहें। नाखूनों को शेप देते समय उन्हें एक ही दिशा में लें जाएं। जगह-जगह से शेप देने की वजह से उनकी क्वालिटी खराब हो जाती है।
खराब नाखूनों का एक कारण यह भी है कि उसे समय समय पर काटा नहीं जाता। बाहर के वातावरण में सबसे पहले हमारे हाथ ही आगे आते हैं और जल्दी गंदे होते हैं इसलिए न केवल नाखून को ऊपर से ही बल्कि अंदर से भी साफ करना चाहिए। इसके लिए आपको गरम पानी और साबुन के घोल में डाथ डुबोने की जरूरत है और फिर उसे स्क्रब करने से हाथों की सफाई हो जाएगी।
मावली की रबड़ी पर कब्जा करने की कवायद
उदयपुर। मावली विधानसभा सीट को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियां बनाने पर काम शुरू कर दिया है। दोनों ही दलों में इस सीट पर चुनाव लडऩे के लिए दावेदारों की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस में एक दर्जन और भाजपा में आधा दर्जन से अधिक दावदार इस सीट का टिकट मांग रहे हैं। सभी गंभीर दावेदार है, इसलिए किसी एक को टिकट देने पर अन्य से बगावत की आशंका भरपूर है। जो बागी नहीं बनेंगे, वे भीतरघात का रास्ता अपना सकते हैं।
मावली की रबड़ी पर अपना अधिकार जताने वाले कांगे्रस उम्मीदवारों की फेहरिश्त में पुष्कर डांगी (वर्तमान विधायक), शांतिलाल चंडालिया, मीठालाल सामोता, लता चौधरी, दिलीप प्रभाकर, जगदीशराज श्रीमाली, श्यामलाल चौधरी, भीमसिंह चूण्डावत, परसराम सोनी, हुक्मीचंद डांगी, गोपालसिंह चौहान, गोवद्र्धनसिंह चौहान, जीतसिंह चूण्डावत आदि शामिल हैं।
इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी में धर्मनारायण जोशी (पिछले चुनाव में पराजित प्रत्याशी) शांतिलाल चपलोत (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), मांगीलाल जोशी, चन्द्रगुप्तसिंह, कुलदीपसिंह चूण्डावत और प्रमोद सामर टिकट के इच्छुक है। प्रमोद सामर को छोड़कर सभी नेता मावली क्षेत्र में अपनी जड़े जमाने में लम्बे समय से जुटे हुए हैं। धर्मनारायण जोशी की प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी से निकटता के कारण उनका टिकट पक्का माना जा रहा हैं, लेकिन स्थानीय वाद के नारे से श्री जोशी का अहित हो सकता है।
इस क्षेत्र में वर्तमान विधायक पुष्कर डांगी का भारी विरोध है। इन्हें पिछले चुनाव में वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी जोशी ने अपनी जिम्मेदारी पर टिकट दिलाया था। इसमें डॉ. जोशी की शिवसिंह चौहान से व्यक्तिगत नाराजगी कारण बनी बताते हैं। वैसे पुष्कर डांगी पर विधायक बनने के बाद वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा करना, विकास कार्यों में रूचि नहीं लेना, माफिया के साथ मिलकर जमीनों के धंधे करना, बिला नाम और चरनोट भूमि अपने तथा चहेतों के नाम एलोट करवाना (एक मामला तो मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा है), अपने भाजने तथा उपप्रधान उदयलाल को अधिक तरजीह देना आदि कारण उनकी राह में कांटे बिछा रहे है।
पिछले दिनों एक दिन में १७ कार्यों के उद्घाटन समारोह में आमजन की भागीदारी नगण्य रहना भी पुष्कर डांगी की लोकप्रियता में आई कमी प्रदर्शित करता है। हालांकि टिकट के लिए अपनी बुनियाद मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास का दामन थाम लिया है, और उनसे जनसभाओं में अपनी तारीफ करवा रहे है, लेकिन इससे डॉ. व्यास के प्रति भी कार्यकर्ताओं में गुस्सा उभर रहा है।
घर बैठे हो सकेगा बेरोजगारों का पंजीयन, ऑनलाइन व्यवस्था लागू
उदयपुर. बेरोजगार अभ्यर्थियों को अब पंजीयन करवाने के लिए रोजगार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बेरोजगार घर बैठे ही इंटरनेट के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकेंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश में शुक्रवार से ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था लागू कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत अब अभ्यर्थियों का पंजीयन रोजगार कार्यालय के जरिए नहीं होगा। अभ्यर्थी इंटरनेट के माध्यम से अपने घर से या ई. मित्र कियोस्क के जरिए ही पंजीयन करवा सकेंगे।
रोजगार विभाग के निदेशक हंसा सिंह देव के अनुसार रोजगार पंजीकरण की नई व्यवस्था के तहत इंटरनेट के जरिए विभागीय वेबसाइट पर जाकर अभ्यर्थी अपना पंजीयन तुरंत करवा सकेंगे। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से पंजीयन करवा सकेंगे। वहीं, रोजगार कार्यालय में भी अब पंजीयन ऑन लाइन ही होंगे।
जिला रोजगार अधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि बेरोजगार अभ्यर्थी ऑन लाइन पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन की नई व्यवस्था के तहत कियोस्क के जरिए पंजीयन करवाने पर अभ्यर्थियों को 30 रुपए का शुल्क देना होगा।
वहीं, आवेदक की ओर से कियोस्क के जरिए हुई आवेदन की कार्रवाई की वस्तु स्थिति जानने की एवज में पांच रुपए का शुल्क तय किया गया है। जिसे आवेदक को देना होगा। नई व्यवस्था के तहत आगामी छह माह तक यह शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। इस अवधि के बाद प्रत्येक पंजीयन पर बेरोजगारों को 35 रुपए का भुगतान करना होगा।
उदयपुर में लगातार झमाझम

उदयपुर। पिछले कई दिनों से चल रहा बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है । बारिश की वजह से घंटों तक लोग रास्तों में बारिश से बचते हुए अटके रहे शनिवार सुबह से कभी रिमझिम, तो कभी झमाझम बारिश हो रही है। इससे शहर और आसपास का मौसम खुशनुमा हो गया है, जिसका शहरवासी और पर्यटक लुत्फ ले रहे हैं। यहां का मौसम किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लग रहा है। फतहसागर और सज्जनगढ़ की पहाडिय़ां बादलों में छुप गई है। इधर, पानी की आवक झीलों में बनी हुई है, जिससे फतहसागर और उदयसागर का जल स्तर बढ़ता जा रहा है।
विदेशी सैलानी तो इस मौसम में अपने ग्रुप के साथ पर्यटन स्थल पर छाते लेकर बारिश का आनंद ले रहे हंै। बारिश में भीगते विदेशी सैलानियों ने फतहसागर की खूबसूरती और आसपास की पहाडिय़ों को बादलों से ढंका देखा, तो उनके मुंह से यही निकला कि क्रओह इट्स लाइक स्वीजऱ लैंड।ञ्ज, पिछले कुछ दिनों से रिमझिम बरसात और धुंध छाई हुई है, जिसका मजा शहरवासी भी लेने में पीछे नहीं है। शनिवार सुबह से देर रात तक रिमझिम के साथ तेज बारिश भी होति रही। विशेसग्यों का कहना है की अरब सागर से उठा मानसून गुजरात होता हुआ मेवाड़ में प्रवेश कर गया है। हालांकि यह मानसून का अंतिम चक्र है। इसके बाद बरसात बंद हो जाएगी। शहर में गत सात दिनों से चल रहा बरसात अंतिम दौर में है। । कहते हैं कि शहर में हो रही यह बरसात फिलहाल फसल के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है। सिंचाई विभाग के अधिकारी अशोक बाबेल ने बताया की उम्मीद की जा रही है कि फतहसागर भी छलकेगा। अगर गोगुंदा की तरफ कैचमेंट एरिया में दो घंटा अच्छी बारिश हो जाए, तो बड़ा मदार छलक जाएगा और फिर फतहसागर में पानी की तेज आवक शुरू हो जाएगी। अभी छोटा मदार छलक रहा है, लेकिन उससे पानी कम आ रहा है।






